वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ कर सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लच्छीवाला नेचर पार्क में राज्य वन्यजीव सप्ताह 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजाजी नेशनल पार्क की ऑफिशियल वेबसाइट लॉच की एवं राजाजी नेशनल पार्क के लिए 2 रैपिड रिस्पांस वाहन का लोकार्पण भी किया। वन्यजीवों से हुई मवेशी एवं फसल क्षति के लिए 16 लोगों को मुआवजा चेक भी मुख्यमंत्री ने प्रदान किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव सप्ताह 2022 के शुभारंभ के अवसर पर घोषणा की कि वन्यजीवों द्वारा वयस्क एवं अवयस्क की मृत्यु पर देय अनुग्रह राशि की दर को 4 लाख रूपये से बढ़ाकर 5 लाख रूपये किया जायेगा। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को देय अनुग्रह राशि को 50 हजार रूपये से बढ़ाकर 1 लाख रूपये किया जायेगा। प्रदेश में राजकीय ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले वन कर्मियों के परिजनों को सम्मान स्वरूप 15 लाख रूपये अनुग्रह राशि के रूप में भुगतान किया जायेगा। प्रदेश में जिम कॉर्बेट हैरिटेज ट्रेल की स्थापना की जायेगी। जिसमें कॉर्बेट के जीवन से जुड़े स्थानों को चिन्हित कर वहां पर ईको पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जायेगा। इसमें चम्पावत, तल्लादेश, मंच, बूम, कालाढूंगा, चूका, दूर्गा पीपल, देवीधूरा, चौगढ़, कालाढूंगी, नैनीताल, मोहान, काठ की नाव, कांडा, मुक्तेश्वर एवं रूद्रप्रयाग जैसे स्थानो पर विशेष पट्टिका का निर्माण किया जायेगा, इसके साथ ही ट्रैक मार्गों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा और होम स्टे को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वन विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से प्रदेश के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच मानव-वन्यजीव संघर्ष के निवारण की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण में सकारात्मक सहयोग एवं त्वरित कार्यवाही के लिए 10 संवेदनशील वन प्रभागों में त्वरित कार्यवाही दल का गठन किया जायेगा, 5 स्थानों पर त्वरित कार्यवाही दल का गठन पहले ही किया जा चुका है। भारत सरकार से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में गर्जिया पर्यटन जोन को प्रारम्भ करने के लिए अनुमति प्रदान हो चुकी है, इसे शीघ्र ही प्रारंभ किया जायेगा। शिवालिक एलीफेंट रिजर्व की पुनर्स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एक-एक नए पर्यटन स्थल को विकसित किए जाएं। नये पर्यटन स्थलों का निर्माण में विशेष ध्यान रखा जाए कि उनके प्राकृतिक स्वरूप से अधिक छेड़छाड न हो। उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था और संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। हमारी संस्कृति में देवताओं के साथ वन्यजीवों को भी पूजनीय माना गया है। वन्यजीवों के संवर्धन एवं संरक्षण की जिम्मेदारी सबकी है। मानव एवं वन्य जीव संघर्ष को कम करने की दिशा में तेजी से कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य में इकोनॉमी और ईकोलॉजी में सामंजस्य स्थापित करने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। आज संपूर्ण विश्व का वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील मुद्दे पर ध्यान गया। उन्होंने कहा क्लाइमेट चेंज जैसे गंभीर मुद्दों पर आज विश्व चिंता कर रहा है एवं इन मुद्दों पर दूरदर्शी सोच के साथ कठोर नीति बनाए जाने की आवश्यकता है। पर्यावरण एवं विकास में संतुलन बनाना बहुत जरूरी है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की परंपराओं में वनों एवं वन्यजीवों का महत्वपूर्ण स्थान है। हमारी आर्थिकी को बढ़ावा देने में भी वनों का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे राज्य के लोग जंगलों वन्य जीव के संरक्षण हेतु बेहद संवेदनशील एवं जागरूक हैं। आर्थिक मजबूती के साथ पर्यावरण की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। वनों एवं वन्यजीव को संरक्षित करने का संदेश हमारी संस्कृति में गानों के माध्यम से भी दिया गया है।
इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. समीर सिन्हा, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व डॉ. साकेत बडोला एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

शहरी विकास मंत्री ने कहा-अंकिता के हत्यारों को कड़ी सजा दिलायेगी सरकार

यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित रिसॉर्ट में कार्यरत युवती के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए भाजपा ऋषिकेश मंडल की ओर से आमजन के साथ कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की आत्मीय शांति की कामना ईश्वर से की गई। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजलि अर्पित की गई।
शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला पर भाजपा ऋषिकेश मंडल और आमजन एकत्रित हुए। यहां से सभी लोग क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के साथ कैंडल मार्च निकालते हुए त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ पर पहुंचे। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया और अंकिता भंडारी की आत्म शांति की कामना की गई। इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि अंकिता एकमात्र पौड़ी जनपद की ही नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड के हर समाज, वर्ग की बेटी है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि अंकिता के परिवार के प्रति आज पूरा राज्य अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है, यह हमारे राज्य की एकता का सूचक भी है। डा. अग्रवाल ने अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी निंदा की। कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे उत्तराखंड ही नहीं बल्कि किसी भी राज्य व समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिजनों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रतिदिन कदम उठा रही है। एसआईटी जांच के साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये अंकिता के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक मदद के जरिए भी अपनी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के प्रति जताई हैं। इसके अलावा पुलिस को हर नजरिये से छानबीन को कहा गया है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि रिसॉर्ट की सच्चाई सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी अवैध रिसॉर्ट पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध का किसी भी व्यक्ति व समाज के लिए कोई क्षमा नहीं है और न ही स्वीकार योग्य है।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, श्रवण जैन, पंकज गुप्ता, महामंत्री सुमित पंवार, जयंत किशोर शर्मा, बृजेश शर्मा, नितिन सक्सेना, नवल कपूर, कपिल गुप्ता, रूपेश गुप्ता, राजपाल ठाकुर, पार्षद विकास तेवतिया, शिव कुमार गौतम, वीरेंद्र रमोला, विजेंद्र मोंगा, रीना शर्मा, सुन्दरी कंडवाल, जयेश राणा, रंजन अंथवाल, किशन मण्डल, अरविंद चौधरी, आशुतोष शर्मा, प्रदीप धस्माना, कविता शाह, देवदत्त शर्मा, राजू नरसिम्हा, संजीव सिलस्वाल, शिवम शर्मा, राकेश कुमार, सीमा रानी, प्रदीप कोहली, संजय व्यास, उषा जोशी, विमला देवी, अंजना, सुनीता, राधा देवी सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक अपनी श्रद्धांजलि देने उपस्थित रहे।

बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत निर्माण कर संचालित किये जा रहे रिजॉर्ट

प्रशासन ने तहसील ऋषिकेश क्षेत्र में चल रहे रिजॉर्ट की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने रायवाला स्थित रिजॉर्ट का निरीक्षण किया। बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाये गये रिजॉर्ट को पहले ही नोटिस दिये जा चुके हैं। उनसे दो सप्ताह के भीतर जबाव देने को कहा गया है।
शुक्रवार को एसडीएम एसएस नेगी ने तहसील ऋषिकेश के अंतर्गत संचालित किए जा रहे रिजॉर्ट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिन रिजॉर्ट्स में बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत निर्माण कर रिजॉर्ट संचालित पाया गया। उन्हें पहले ही एमडीडीए ने नोटिस भेज रखे हैं।
एसडीएम ने बताया कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कार्य पाया जाने पर उन्हें सहायक अभियंता मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र ऋषिकेश सेक्टर की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि के अंतर्गत संतोषजनक जवाब न दिए जाने या मानचित्र स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्यवाही न किए जाने की स्थिति में नियमानुसार सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को रायवाला स्थित पॉम रिजॉर्ट, मिडवे रिजॉर्ट समेत अन्य रिजॉर्ट का निरीक्षण किया गया।

मुख्यमंत्री ने परिवार से मिलकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी के श्रीकोट में अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई कराते हुए अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जनपद अंतर्गत श्रीनगर के डोभ श्रीकोट गांव पहुँचे और अंकिता के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मामले की जांच को डीआईजी पी.रेणुका देवी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई है जिसने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड के तीनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच में जिन भी लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है उन पर भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की धनराशि भी प्रदान की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, एसडीएम आकाश जोशी आदि भी उपस्थित रहे।

सेवा, समर्पण और सुशासन की नीति से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है अपना उत्तराखंड

धामी राज में तेजी से उत्तराखंड विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली का ही कमाल है कि महज 6 माह में रानीपोखरी पुल का निर्माण हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रानीपोखरी, देहरादून में अयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विकासखण्ड डोईवाला के अन्तर्गत भानियावाला ऋषिकेश मोटर मार्ग के कि०मी०15 में 280 मीटर लंबे रानीपोखरी सेतु एवं विधानसभा विकासनगर के अन्तर्गत लम्बरपुर लांघा मोटर मार्ग के कि0मी0 2 में शीतला नदी के उपर 180 मीटर लंबे सेतु के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पुल का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि (₹ 1618.55 लाख ) के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विकासखण्ड डोईवाला के अन्तर्गत भानियावाला ऋषिकेश मोटर मार्ग के कि०मी०15 में 280 मीटर स्पान के पी०एस०सी० गर्डर रानीपोखरी सेतु का निर्माण कार्य व राज्य योजना (₹342.56 लाख ) के अंतर्गत उक्त सेतु हेतु पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत ₹1318.63 लाख की लागत से विधानसभा विकासनगर के में लम्बरपुर लांघा मोटर मार्ग के कि0मी0 2 में शीतला नदी के उपर 180 मीटर स्पान के आर.सी.सी बॉक्स, कलवर्ट के निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया। इस अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत सनगांव पुल से कंडोली खर्क मोटर मार्ग के निर्माण कार्य, लच्छीवाला रेंज कार्यालय से दुधली (वन विभाग मार्ग) की मरम्मत के कार्य किए जाने, श्री कालू सिद्ध मंदिर से धन्याड़ी तक वन विभाग मोटर मार्ग का निर्मााण कार्य, हर्रावाला में राजकीय कन्या हाईस्कूल के लिये तीन कक्ष व शौचालय निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुल के उद्घाटन पर क्षेत्र वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजधानी एवं ऋषिकेश के साथ ही गढ़वाल को जोड़ने वाला यह पुल अत्यधिक महत्वपूर्ण है, इसके पुनर्निर्माण से क्षेत्रीय जनता के साथ ही उत्तराखंड आने वाले सैलानियों को भी सुगमता होगी। उन्होंने लम्बरपुर लांघा मोटर मार्ग एवं रानीपोखिर में बने दोनों पुलों के निर्माण में शामिल रहे लोक निर्माण के सभी अधिकारियों, केंद्रीय एजेंसियों और हमारे मेहनतकश कामगारों का आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है और हम निरंतर इस दिशा में आगे बढ़ रहे है, हमारी सरकार सड़कें के विकास हेतु प्रतिबद्ध है, आज प्रदेश में जिस स्तर पर सड़को का निर्माण कार्य किया जा रहा है वह अभूतपूर्व है। हमने चार धाम सड़क परियोजना की ही तरह मानसखंड कॉरिडोर को भी राज्य का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट तय कर इस पर कार्य करना शुरू कर दिया है, हम प्रदेश में केवल नए मार्गों का निर्माण ही नहीं कर रहे बल्कि इन पर आवाजाही को सुरक्षित करने का भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार जिस भी कार्य का शिलान्यास करती है उसका लोकार्पण भी करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का नेटवर्क बन रहा है, चार धाम हेतु बनी ऑल वेदर रोड से अब यात्रा सुगम सुरक्षित हो गई है, वही पहाड़ों में रेल पहुंचाने का सपना भी अब पूरा होता दिखाई दे रहा है, उन्होंने कहा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेज गति के साथ आगे बढ़ रहा है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके पूरा होने पर यह दूरी मात्र दो घंटे की हो जाएगी, उसके बाद और अधिक संख्या में तीर्थयात्री, पर्यटन उत्तराखंड राज्य में आएंगे, हम जनसेवा को ध्येय मान कर कार्य कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य उत्तराखंड का सर्वांगीण विकास है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरुप हम वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं और हम जन-जन की आशा को सफलता में परिवर्तित करेंगे। उन्होंने कहा हमने यह सभी विभागों एवं अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि कोई भी कार्य योजना को तय समय में पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि समय एवं संसाधनों की बचत हो सके। इस दौरान सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला आदि उपस्थित रहे।

शहरी विकास मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिये निर्देश

प्रदेश के शहरी विकास व आवास, वित्त, संसदीय कार्य, पुनर्गठन, जनगणना मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उच्चाधिकारियों के साथ कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य उपभोक्ता को सहूलियत प्रदान करना है, ऐसे में उपभोक्ता के कार्यों को लंबित न रखा जाए। उन्होंने अनावश्यक उपभोक्ता को परेशान न करने के निर्देश दिए।
डा. अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि प्राधिकरण अपनी कार्यशैली सुधारे। अवैध बिल्डिंग बनने से पूर्व कार्यवाही करें। कहा कि यदि कोई आपत्ति न हो तो आवासीय नक्शा 15 दिन के भीतर पास किए जाए। इसी तरह व्यवसायिक नक्शा 30 दिन के भीतर पास किए जाएं।
डा. अग्रवाल ने उच्चाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही टाउनशिप विकसित की जाए। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने एमडीडीए द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा करते हुए जानकारी ली।
इस मौके पर एमडीडीए उपाध्यक्ष व जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, सचिव मोहन सिंह बर्निया, अधीक्षण अभियंता हरीश राणा मौजूद रहे।

स्थानीय कलाकारों के द्वारा किया जा रहा बेहतरीन मंचन

1955 से स्थापित सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के छठे दिन केवट लीला, दशरथ मरण, भरत विलाप और चित्रकूट की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
केवट लीला में दिखाया गया कि जब प्रभु राम सरयू नदी को पार करने के लिए केवट से मदद मांगते हैं तो केवट उनसे कहता है कि मैं जिस तरह आज आपको नदी पार कर आ रहा हूं हे प्रभु आप भी मुझे भवसागर पार कराना। केवट और श्री राम के द्वारा मार्मिक व बहुत सुंदर लीला का मंचन किया गया। वही अयोध्या में राजा दशरथ को जब मंत्री सुमंत के द्वारा पता चलता है कि श्रीराम वन से नहीं लौटे तो दशरथ उनके वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। इस दुखद दृश्य को देखकर कई श्रद्धालुओ की आंखें भर आई और पूरा पंडाल भावुक हो गया।
भरत विलाप की लीला में दिखाया गया कि पिता की मृत्यु के बाद जब भरत को महल बुलाया जाता है तो उनके द्वारा अपनी मां से नाराजगी जताई जाती है और मंथरा को धक्के मार कर बाहर निकाल दिया जाता है। इसके बाद भरत श्री राम से मिलने के लिए वन जाते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि आप वापिस आ जाइए लेकिन श्रीराम अपने पिता के वचन को निभाने के लिए भरत को मना लेते हैं। जिस पर भरत भी उनकी तरह वनवासी जीवन बिताने की बात कहकर उनकी खड़ाऊ लेकर वापस लौट जाते हैं। चित्रकूट लीला में दिखाया गया कि श्री राम चित्रकूट में कुटिया बनाकर माता सीता और अपने भाई लक्ष्मण के साथ वनवासी जीवन बिताने लगते है।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

नाबालिक छात्राओं को पुलिस ने दिल्ली से किया सकुशल बरामद

28 सितंबर को वादी के द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर के माध्यम से सूचना दी गई कि उनकी दो नाबालिक पुत्रियां उम्र क्रमशः 17 वर्ष एवं 15 वर्ष दिनांक 27 सितंबर की रात लगभग 10.30 बजे से घर से गायब हैं, अभी तक घर नहीं आई है। लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के द्वारा स्वयं नेतृत्व करते हुए गुमशुदा दोनों नाबालिग बहनों की तलाश हेतु दो टीमें गठित की गई।
एक टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों के घर से आने जाने वाले रास्तों पर दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक करते हुए, परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर मुखबिर तंत्र के माध्यम से तलाश शुरू की गई।
दूसरी टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों की तलाश हेतु ऋषिकेश-हरिद्वार-देहरादून के बस अड्डा एवं रेलवे स्टेशनों तथा अन्य संभावित स्थानों पर पर सर्च अभियान चलाया गया। गठित टीमों के द्वारा किए गए कार्यों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त आपसी सामंजस्य स्थापित कर ज्ञात हुआ कि उपरोक्त गुमशुदा दोनों नाबालिग बहने सोशल मीडिया के माध्यम से फरीदाबाद हरियाणा निवासी दो लड़कों के संपर्क में आई जिनके द्वारा दोनों बहनों को अच्छी सैलरी वाली जॉब लगाने का प्रलोभन दिया गया। जिसके पश्चात दोनों नाबालिग बहने अपने परिजनों को बिना बताए अपने घर से 27 सितंबर की रात्रि बस के माध्यम से हरिद्वार होते हुए दिल्ली पहुंच गई।
दोनों नाबालिग बहनों के दिल्ली में होने की जानकारी प्राप्त होने पर दोनों गठित टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल दिल्ली रवाना होकर 29 सितंबर को मात्र 24 घंटे के अंदर कश्मीरी गेट दिल्ली के पास से सकुशल बरामद किया गया। दोनों फरार व्यक्तियों के संबंध में अन्य जानकारियां प्राप्त कर उनकी तलाश जारी है। अभियोग उपरोक्त से संबंधित अग्रिम आवश्यक कार्यवाही जारी है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक चिंतामणि मैठाणी चौकी प्रभारी आईडीपीएल, कांस्टेबल सचिन सैनी, कांस्टेबल युवराज सिंह, कांस्टेबल दुष्यंत, कांस्टेबल रोमिल, कांस्टेबल नवनीत नेगी, एसओजी देहात, कांस्टेबल मनोज, एसओजी देहात शामिल रहे।

सुबोध उनियाल ने विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी

सरकारी संस्थानों में उच्च तकनीकी शिक्षा के इच्छुक छात्र-छात्राओं को अब दूर-दराज क्षेत्रों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। नरेंद्रनगर स्थित पॉलिटेक्निक में छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा, डिग्री और एमटेक तीनों की सुविधाएं मुहैया होगी।
नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक का औचक निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बात कही, इस दौरान उन्होंने यहां विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी प्रदान की। नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक में निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पुराने और नए एडमिशन हेतु आए छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से यहां की शिक्षण व्यवस्थाओं के बारे में जाना। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने यहां बने कक्षों का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने संस्थान के प्राचार्य आलोक कुमार को यहां कक्षों की स्थिति सुधारने एवं कमियों को दूर करने हेतु निर्देशित किया।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आज के दौर में युवा वर्ग आईटी सेक्टर की ओर अधिक भाग रहा है, इस हेतु युवाओं को दूरदराज बाहरी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ती है। नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक में एनीमेशन, रूलर इन्वायरमेंट और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के कोर्स संचालित हो रहे हैं। जल्द ही यहां छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा, डिग्री और एमटेक की सुविधा मिलेगी, जिससे छात्र-छात्राओं को कोर्स हेतु दूरदराज बाहरी क्षेत्रों में नहीं जाना होगा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक के विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की। जिस पर संस्थान के प्राचार्य ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया।

देश के दूसरे सीडीएस का भी उत्तराखंड से है नाता

केंद्र सरकार सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) को इंडियन डिफेंस फोर्सेज का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि देश का दूसरा सीडीएस भी उत्तराखंड से ही नाता रखता है। मालूम हो कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी पौड़ी जिले के ही रहने वाले थे।
पिछले साल हेलिकॉप्टर हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसके बाद से करीब 10 महीने तक सीडीएस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी। अगले सीडीएस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल चौहान के नाम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्तराखंडवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। ले.ज. चौहान मूलतः रामपुर ग्राम सभा ग्वाणा गांव, खिर्सु ब्लॉक, पौड़ी के रहने वाले हैं।
आशा जताई कि ले.ज. चौहान के नेतृत्व में भारतीय सेना हमेशा की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। ले.ज. चौहान उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले में राजपूत परिवार से ताल्लुख रखते हैं। पूर्व प्रधानपति अरिवंद रावत का कहना है कि चौहान की तैनाती से पूरे खिर्सु ब्लाक में खुशी की लहर है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पास-आउट होने के बाद ले.ज. चौहान को भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में 1981 में कमीशन प्राप्त हुआ था।
सीडीएस जैसे अहम पद पर नियुक्ति से पहले ले.ज. चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में आतंक विरोधी अभियानों का खासा अनुभव है। ले. जनरल चौहान की संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत अंगोला में भी तैनाती हो चुकी है। 40 साल की सेना में सेवा के बाद ले. जनरल चौहान पिछले साल 31 मई को सेवानिवृत हुए थे।

गांव के लोगों ने जतायी खुशी
लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) अनिल चौहान के देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनने पर उनके मूल गाँव खिर्सू ब्लॉक के रामपुर ग्राम सभा के गवाणा गांव में खुशी की लहर है। ग्राम वासियों का कहना है कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। ग्राम प्रधान ज्योति देवी का कहना है कि अनिल चौहान जी के सीडीएस बनने की खबर उन्हें देर शाम 8 बजे के करीब पता चली।
उन्होंने कहा कि इससे ग्राम सभा का नाम तो रोशन हुआ ही है साथ ही पूरे प्रदेश का नाम भी रोशन हुआ है। गांव के पूर्व प्रधान अनूप, वार्ड सदस्य सुमन देवी ने कहा कि पौड़ी जिले से देश को लगातार दो सीडीएस मिल चके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का सेना के रूप में विशेष पहचान रही है।
जिसका परिणाम है कि देश दुनिया मे उत्तराखंड का नाम गूंज रहा है। गांव के ही दर्शन सिंह, मीना देवी का कहना है कि इससे खिर्सू का देश दुनिया के नक्शे में अलग स्थान बना है। देवलगढ़ राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी केपी उनियाल व भाजपा के जिला अध्यक्ष सम्पत सिंह रावत व जिला मंत्री जितेंद्र रावत ने भी भी हर्ष जताते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात कही है।

पौड़ी जिले के रहने वाले थे देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले के रहने वाले थे। उनका पैतृक गांव विरमोली दवारीखाल ब्लॉक में स्थित है। पिछले साल 08 दिसंबर को तमिलनाडू में जनरल रावत उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की चॉपर क्रैश में मृत्यु हो गई थी। खराब मौसम को सेना ने हेलीकॉप्टर हादसे की वजह बताई थी। सीडीएस बनने के बाद जनरल रावत अपने पैतृक गांव कई बार आ चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने उत्तराखंड में ही बसने की इच्छा जताई थी।