सीमांत गांव मलारी में हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर दिखा उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत गांव मलारी में भारतीय सेना, आईटीबीपी (हिमवीर), सीमांत सड़क संगठन (शिवालिक) के जवानों और द्वितीय रक्षा पंक्ति के रूप में सीमांत गांव के निवासियों के साथ हर घर तिरंगा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और सभी का हौसला बढ़ाते हुए आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई दी। हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर सेना के जवानों और सीमांत गांवों के निवासियों में जबरदस्त उत्साह और उमंग दिखा। सीमांत गांव मलारी में आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम में सेना के जवानों के साथ ही सीमांत गांव कैलाश पुर, महरगांव, कोषा, द्रोणागिरी, नीति, बांम्पा, गमशाली, फरकिया, झेलम, जुम्मा, कागा, गरपक, मलारी के लोगों ने हर्षाेल्लास से प्रतिभाग लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव जन-जन का अभियान बन चुका है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि इसके साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली और गौरवशाली भारत के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान, शान और अभिमान है। आज देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों का स्मरण पूरा देश कर रहा है। पूरे देश में हर घर तिरंगा कार्यक्रम चल रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 25 साल देश का अमृत काल होगा। उत्तराखंड राज्य आज विकास की ओर अग्रसर है और आने वाले 2025 तक उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। पर्वतीय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से विकास योजनाएं तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर प्रहरी के रूप में काम करने वाले क्षेत्रवासी और सीमा पर डटे जांबाजों की वजह से ही हम सब सुरक्षित है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए सभी को आजादी के अमृत महोत्सव एवं पवित्र रक्षाबंधन त्योहार की बधाई दी। क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने मलारी में इद्रामणि मंदिर का जीर्णाेद्वार, शिवालय मंदिर मार्ग और कागा से गरपक तक मोटर मार्ग सुधारीकरण का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम के दौरान सीमांत गांव की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की। सीमांत क्षेत्र मलारी में पहली बार मुख्यमंत्री के आगमन पर क्षेत्रवासियों ने अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए पारम्परिक पौणा नृत्य के साथ स्वागत किया।

इस अवसर पर जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष पुष्कर सिंह राणा, जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, जिला महामंत्री नवल भट्ट, नीति घाटी नंदादेवी समिति के अध्यक्ष डा.मान सिंह राणा, मलारी के प्रधान मंगल सिंह राणा, एसडीएम कुमकुम जोशी, एपीडी आनंद सिंह आदि सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी एवं जवान मौजूद थे।

गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर युवती डूबी

मुनिकीरेती स्थित योग निकेतन के पास गंगा घाट पर टिहरी की युवती का अचानक पैर फिसल गया। गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर वह डूब गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने युवती की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया।
एसडीआरएफ के मुताबिक, सोमवार को चार युवतियां और एक युवक मुनिकीरेती स्थित योग निकेतन के पास गंगा घाट पर पहुंचे। इस दौरान ग्राम पाटा, टिहरी गढ़वाल निवासी आयुषी (18) पुत्री दीपक चमोली का पैर अचानक फिसल गया। गंगा के तेज बहाव की चपेट में आने वह डूबने लगी। इस दौरान उसके साथ आई युवतियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने आयुषी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि ये लोग परीक्षा देने के लिए टिहरी से आए थे। युवती की तलाश को मंगलवार को फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जायेगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद की पुण्यतिथि पर स्मारक बनाने की घोषणा की

वीर अमर शहीद हमीर पोखरियाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने शहीद हमीर पोखरियाल के उत्तरकाशी स्थित पैतृक गांव पोखरियाल में स्मारक बनाने की घोषणा की।
रविवार को गुमानीवाला भट्टोवाला में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस घर, परिवार से सैनिक निकलते हैं, वह घर और परिवार पूजनीय होता है। उस परिवार पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है। कहा कि हमीर ने देश सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, ऐसे सच्चे देशभक्त समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते है। कहा कि हमीर आज हमारे दिलों और दिमाग में आज भी जिंदा हैं।
इस मौके पर शहीद की माता राजकुमारी, पिता जयेंद्र पोखरियाल, पत्नी पूजा, बेटी अन्वी, बेटा शौर्यवीर, चाचा शैलेन्द्र, आलेंद्र, समाजसेवी मानवेन्द्र कण्डारी, प्रधान दीपिका व्यास, नत्थीलाल सेमवाल, रवि शर्मा, शहीद प्रदीप रावत के पिता कुँवर सिंह रावत, पार्षद वीरेंद्र रमोला, संजीव कुडियाल, आशीष रांगड़, प्रभाकर पैन्यूली सहित कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर के लिए 50 लाख की धनराशि स्वीकृत

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने ऋषिकेश परिसर में जरूरी व्यवस्थाओं के लिए 50 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक विभाग में एक-एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जल्द तैनाती की जाएगी। दो दिनों से विश्वविद्यालय के कुलपति डा. पीपी ध्यानी और कुलसचिप केआर भटट परिसर में कैंप कर रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सत्र 2022-23 से क्रियान्वयन हेतु परिसर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन के बाद कुलपति डॉ. ध्यानी ने परिसर में स्थित प्रत्येक विभाग में एक-एक कार्मिक को श्रम विभाग उत्तराखण्ड शासन की प्रचलित दरों पर नितान्त अस्थायी व्यवस्था के तहत रखने का निर्णय ले लिया है। आने वाले समय में और भी व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगी। परिसर के रख-रखाव व सुदढीकरण एवं छात्र-छात्राओं व प्राध्यापकों की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए प्रथम किश्त के रूप में कुलपति द्वारा रू0 50.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति ऋषिकेश परिसर को दी गयी है। यह धनराशि विश्वविद्यालय से अविलम्ब प्राचार्य ऋषिकेश परिसर को अवमुक्त हो जायेगी। ऋषिकेश परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु सुरक्षाकर्मियों को रखने का निर्णय भी कुलपति द्वारा ले लिया गया है तथा अधियाचन उपनल को प्रेषित कर दिया गया है। बहुत ही जल्दी परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं हेतु पूर्व सैनिकों की तैनाती हो जायेगी।

चारधाम के पौराणिक पैदल मार्ग पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के पैदल मार्ग पर आधारित डॉक्यमेंट्री फिल्म व पुस्तक वॉकिंग टू द गॉड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास परिषद् द्वारा आयोजित स्वच्छता पखवाड़े के अन्तर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वालो को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् (यूटीडीबी) ने ट्रैक द हिमालया के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। इसके तहत विशेषज्ञों के 25 सदस्यीय दल ने चारधाम ट्रैक पर पुराने मार्गों को खोजने के लिए 1170 किलोमीटर का सफर तय किया। अभियान के तहत 25 सदस्यों की विशिष्ट टीम ने 51 दिनों तक पुराने चार धाम और शीतकालीन चार धाम मार्ग को खोजने का काम किया। इस पूरे अभियान पर बनी डॉक्यमेंट्री फिल्म के साथ यात्रा मार्ग पर आधारित पुस्तक वॉकिंग टू द गॉड का प्रकाशन संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस दल को 25 अक्टूबर, 2021 को उनके द्वारा रवाना किया गया था। दल का यह प्रयास निश्चित रूप से उत्तराखण्ड के पर्यटन के लिये सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राचीन चारधाम यात्रा पर बनी डाक्यूमेंट्री तथा पुस्तक हमारी सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे हमारी चारधाम यात्रा को भी बढ़ावा मिलेगा और उत्तराखंड को एक नई पहचान मिलेगी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता फैलाने, होमस्टे, ट्रैकिंग, स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और मूल रोजगार को बढ़ावा देने के साथ मूल्यवान इतिहास, परंपराओं और समृद्ध संस्कृति को मजबूत करना था। इस अभियान के जरिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी संग्रहित हुआ है, जो भविष्य में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने व पलायन रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना की मूल अवधारणा में पर्यटन क्षेत्र को राज्य की आर्थिकी का मुख्य आधार माना गया था। इस सम्बन्ध में पूर्व आईएएस अधिकारी आराधना जौहरी द्वारा लिखित पुस्तक वियोंड द मिस्टी वेल, टैम्पल टेल्स ऑफ उत्तराखण्ड का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पुस्तक भी देश विदेश में उत्तराखण्ड के पौराणिक दिव्य मंदिरो मनोरम दुर्लभ स्थलों का प्रमाणिक परिचय देने में मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम इस वर्ष हमारे लिये किसी चुनौती से कम नही थी, दो साल बाद शुरू हुई इस यात्रा में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर आये। कपाट खुलने के समय तो यह संख्या एक दिन में 20 से 25 हजार तक रही। यह हमारे पर्यटन के लिये शुभ संकेत है। चारधाम यात्रा मार्गों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये हमारे प्रयास निरन्तर जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। 5 नवम्बर 2021 को केदारनाथ यात्रा के समय प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। केदारनाथ पुनर्निर्माण के साथ ही बद्रीनाथ धाम के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके लिये 265 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये गये हैं। केदारनाथ हेतु केबल कार की योजना कार्य चल रहा है। भारत माला योजना की भांति पर्वतमाला योजना के अन्तर्गत सर्वाधिक लाभ राज्य को मिल रहा है। कुमायू क्षेत्र के प्राचीन मन्दिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन की शुरूआत की जायेगी, चार धाम सड़क परियोजना, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना, डोईवाला-यमुनोत्री रेल परियोजना के साथ दिल्ली देहरादून एलेवेटेड रोड राज्य के पर्यटन को नई दिशा देने का भी कार्य करेंगे, इसमें हवाई यात्रा से भी कम समय दिल्ली जाने में लगेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष कांवड यात्रा में भी लाखों श्रद्धालु आये। कांवड यात्रा की व्यवस्थाओं के हरिद्वार के साथ ही इससे जुड़े जनपदों के लिये बजट की व्यवस्था की गई है। इससे इस यात्रा को बेहतर ढ़ंग से संचालित किये जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य के ऊपर ईश्वर की बड़ी कृपा है। हमारे चार धाम पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थायें सुविधाजनक होगी तो लोग यहां बार बार आने का मन बनायेंगे। इस दिशा में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगो को भी राज्य के पर्यटन की बेहतरी के लिये अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता पखवाडे में सराहनीय योगदान देने वालों के साथ ही पुस्तक की लेखक पलोमा दत्ता तथा ट्रेक द हिमालया के सदस्यों को भी शुभकामनाये दी। मुख्यमंत्री ने जिन्हें सम्मानित किया उनमें नगर पालिका परिषद् अगस्तयमुनि, रामनगर व शिवालिक नगर हरिद्वार, होटल रेस्टोरेंट ऐशोशियेशन, बेस्ट बेरियर सोसाइटी आदि के सदस्य शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने उन्हें हर घर झंडा योजना के तहत राष्ट्रीय ध्वज भी प्रदान किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महराज ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए हमें स्वच्छता को संस्कार बनाना होगा। इसे अपने मनोभाव से जोड़ना होगा। यह मनोभाव अपने घर के साथ ही वार्ड, शहर और प्रदेश तक की स्वच्छता के प्रति होना चाहिए। यदि हम स्वच्छता के प्रति जागरूक रहेंगे तो बीमारियां दूर रहेंगी और बीमारियों पर होने वाला खर्च भी बचेगा। जिस तरह कोरोना काल में पर्यावरण मित्रों ने बेहतर काम किया, उसी प्रकार स्थानीय व वार्ड स्तर पर स्वच्छता समितियां बनाकर हर नागरिक को स्वच्छता अभियान से जुड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) ने ट्रैक द हिमालया के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को पुराने समय की यात्रा के रोमांच के साथ ठहराव स्थलों के इतिहास से रूबरू कराना है। पुराने समय के रूट पर चलने वाली पैदल चारधाम यात्रा से स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यात्रा मार्ग को पुनर्जीवित करने के बाद इनके आसपास पड़ने वाले गांवों में होमस्टे खोलने, पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल खोलने आदि कार्यों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश के बारह ज्योर्तिलिंगों की यात्रा की सुगमता के सम्बन्ध में कार्य योजना तैयार की जारी है।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग द्वारा चारधाम के पौराणिक पैदल ट्रैक की खोज के लिए एक अभियान शुरू किया था। पूरे अभियान की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी से तैयार डॉक्यमेंट्री फिल्म व यात्रा मार्ग पर आधारित पुस्तक वॉकिंग टू द गॉड के विमोचन से पर्यटन क्षेत्रों को पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री व पर्यटन मंत्री के निर्देशानुसार हम उत्तराखण्ड पर्यटन को बढ़ावा देने व अंतरराष्ट्रीय मानचित्र में पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। यूटीडीबी की ओर से चलाए गए स्वच्छता पखवाड़े का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड में स्वच्छ और सुंदर वातावरण उपलब्ध कराना था। विभाग की ओर से चलाए स्वच्छता पखवाड़े में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट निपटान से संबंधित सर्वाेत्तम तकनीकों के बारे में राज्य भर में होमस्टे मालिकों, होटल व्यवसायियों और स्थानी समुदायों को जागरूक किया गया। इसके अलावा प्रदेश के धार्मिक स्थलों को भी स्वच्छ बनाए रखने के लिए पर्यटन विभाग निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर अपर सचिव पर्यटन सी रविशंकर, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी साहसिक पर्यटन कर्नल अश्विनी पुंडीर, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पूजा गब्रयाल, निदेशक इंफ्रास्ट्रक्चर ले. कमांडर दीपक खंडूरी, निदेशक वित्त जगत सिंह चौहान, अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद, अपर निदेशक विवेक सिंह चौहान, उप निदेशक योगेंद्र सिंह गंगवार, वरिष्ठ शोध अधिकारी एस एस सामंत सहित पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंडः चार गरम पानी के प्याऊ को वित्त मंत्री ने किया रवाना

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा देवभूमि उत्तरांचल विकास समिति की ओर से चार गरम पानी के प्याऊ को रवाना किया।

विधानसभा स्थित कार्यालय से रवाना करते हुए मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि सुगम्य चार धाम मिशन के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा देवभूमि उत्तरांचल विकास समिति का संयुक्त प्रयास सराहनीय है। कहा कि यह चार गर्म पानी के प्याऊ उत्तराखंड में आने वाले देव तुल्य श्रद्धालुओ खासकर ज्यादा उम्र के एवं बच्चों के लिए मददगार होगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि माँ पूर्णागिरी मंदिर चंपावत, माँ दुनागिरी मंदिर द्वाराहाट, भगवान बद्रीनाथ धाम चमोली और माता गंगोत्री धाम उत्तरकाशी में यह गर्म पानी के प्याऊ लगाए जाएंगे। बताया कि इन सभी स्थानों पर ज्यादा ऊंचाई होने से मौसम साल के अधिक समय अत्यंत ठंडा रहता है।

बताया कि यहाँ श्रद्धालुओं को ऊंचाई के चलते सांस लेने में मुश्किल आती है। यह गर्म पानी के प्याऊ मददगार बनेंगे। इससे श्रद्धालुओं को अत्यंत आराम मिलेगा।

इस मौके पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम लोक नाथ साहू, देव भूमि उत्तरांचल विकास समिति के अध्यक्ष आशीष गिरी, विपिन यादव तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

नाबालिग जच्चा बच्चा की मौत मामले में जांच बैठाई

रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में एक नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और कुछ ही समय में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर उसकी मां जिला अस्पताल लाई थी। जहां दोनों की मौत हो गई। हैरानी बात है कि न तो नाबालिग की मां ने अस्पताल को पूरा मामला बताया और न ही चिकित्सालय प्रशासन नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी ले सका।
जानकारी के अनुसार मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र की एक नाबालिग को पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे जिला चिकित्सालय लाई। यहां डॉक्टरों को दिखाने पर हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई। डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा। जब हीमोग्लोबिन काफी कम पाया गया तो डॉक्टर ने अन्यत्र रेफर करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि मां ने अस्पताल में ही इलाज करने को कहा, किंतु रात में जब नाबालिग को प्रसव का दर्द हुआ तो वह जिला अस्पताल के शौचालय में गई और यहां बच्चे को जन्म देकर वापस वार्ड में आ गई।
इस बीच उन्हें काफी खून बहने लगा। नाबालिग की स्थिति सुबह आने तक बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। वहीं जब सुबह सफाईकर्मी शौचालय में गए तो उन्हें यहां मृत नवजात मिला। इसके बाद अस्पताल में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि यदि नाबालिग की मां पूरी सच्चाई डॉक्टरों को बता देती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
इधर, मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जिला चिकित्सालय में तैनात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव सिंह पाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के समय एक नाबालिग लकड़ी को लेकर उसकी मां जिला चिकित्सालय पहुंची थी। जांच करने पर पता चला कि उसमें हिमोग्लोबिन की कमी है। चिकित्सक उसे आगे के लिए रेफर कर रहे थे, किंतु नाबालिग की मां ने मना कर दिया और लिखित रूप में यह कहकर दिया कि उसका उपचार यहीं किया जाए।
रात के समय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और प्रसव के बाद उपचार न मिलने के कारण नाबालिग की भी मौत हो गई। पूरी घटना में नाबालिग के परिजनों की गलती सामने आ रही है। पूरे मामले की पुलिस और अस्पताल प्रबंधन जांच कर रहा है। कोतवाली निरीक्षक जयपाल नेगी ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम करा दिया गया है।

शहीद के परिजनों से मिले सीएम, हर संभव मदद का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अमर शहीद प्रवीण सिंह गुसांईं के पैतृक आवास ग्राम पुंडोली (हडियाणा) टिहरी गढ़वाल पहुँचकर शहीद के परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना प्रदान की। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता प्रताप सिंह गुसाईं एवं माता दीपा देवी से भेंटकर संवेदना व्यक्त की तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वीर सैनिक प्रवीण सिंह देश सेवा के लिए शहीद हुए हैं, उनका नाम इतिहास के पन्नो पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। राज्य सरकार इस संकट के समय पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी टिहरी गढ़वाल से शहीद प्रवीण सिंह के सर्विस देयकों के भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने उच्च प्राथमिक विद्यालय पुंडोली का उच्चीकरण करने, खेल मैदान एवं अस्पताल का सौंदर्यीकरण कर इसका नामकरण शहीद के नाम से करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सौरभ गहरवार, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी टिहरी गढ़वाल ले.क. जीएस चन्द (अ.प्रा.), ग्राम प्रधान किशन वेदपाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
ज्ञातव्य है कि 2 जून, 2022 को जम्मू कश्मीर के शोपिया जिले में पतिलुहलान और छोटीपुरा के बीच सेंधाऊ बाजार में आतंकियों की धर पकड़ के लिए चलाए जा रहे सर्च आपरेशन के दौरान 15वीं गढ़वाल राइफल के वीर सैनिक प्रवीण सिंह शहीद हुए थे।

ऑनलाइन टैक्सी सर्विस के संचालन को लाइसेंस दिए जाने का विरोध जताया

टैक्सी चालकों एवं मालिकों ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। टैक्सी संचालकों ने उत्तराखंड में ऑनलाइन टैक्सी सर्विस के संचालन को लाइसेंस दिए जाने पर आक्रोश जताया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इसे जल्द निरस्त करने की मांग की है।
सोमवार को गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन ने ऋषिकेश में हरिद्वार मार्ग स्थित कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में रोजगार के सीमित संसाधन होने के कारण टैक्सी व्यवसाय ही एकमात्र रोजगार का माध्यम है। ऐसे में धामी सरकार ऑनलाइन टैक्सी सर्विस को उत्तराखंड में संचालित कर स्थानीय टैक्सी संचालकों के हितों पर कुठाराघात करने का काम कर रही है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा कि प्रदेश सरकार को उक्त तुगलकी फरमान तुरंत वापस लेना चाहिए। एसोसिएशन सदस्यों ने एआरटीओ अरविंद पांडेय के जरिए सीएम को ज्ञापन भी भेजा। मौके पर एसोसिएशन सचिव विजेंद्र कंडारी, सह सचिव रमेश सिंह रावत, कोषाध्यक्ष उमेश चौहान, कार्यकारिणी सदस्य अनुपम भाटिया, अमर सिंह, वीरेंद्र कुमार मिश्रा, छोटेलाल दीक्षित, गोपाल दत्त, महावीर सिंह, राधेश्याम, पूरण सिंह रावत, टीकम सिंह रावत, नरेंद्र सिंह चौहान, राम कुमार चौहान, राजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।

कांवड़ मेला को लेकर पुलिस उच्चाधिकारियों ने ली पुलिसकर्मियों की बैठक

कांवड़ मेला को देखते हुए आज पुलिस पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और पुलिस अधीक्षक यातायात ने पुलिस बल को ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले में नियुक्त ऋषिकेश सर्किल के पुलिस बल 36 उप निरीक्षक एवं 150 कांस्टेबल रहेंगे।

कहा कि कांवड़ मेले में ड्यूटी के दौरान साफ-सुथरी एवं नियमानुसार वर्दी पहन ड्यूटी स्थल पर समय से पहुंचे। कहा कि बारिश होने पर अपने साथ रेन कोट या छाता रखें। इसके साथ ही मृदुल व्यवहार रखते हुए कांवड़ियों का मार्गदर्शन किया जाए। बताया कि कांवड़ मेले के रूट प्लान के अनुसार यातायात व्यवस्था बनाएं।

ब्रीफिंग में बताया कि कांवड़ मेले के दृष्टिगत चिन्हित किए गए पार्किंग स्थलों की जानकारी देकर पार्किंग व्यवस्था को सुचारू रूप से चलायमान रखा जाए।