गढ़वाल और कुमांऊ के बीच एक और रेल सेवा शुरू

उत्तराखंड की जनता के लिये एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार व रेल मंत्री की पहल राज्य को एक और रेला सेवा मिल गयी है। शनिवार को काठगोदाम से देहरादून रूट पर एक और रेल सेवा का शुभारंभ किया गया। नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस नाम से रेल सेवा शुरू की गयी। मुख्यमंत्री ने इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व रेल मंत्री पीयूष गोयल का राज्य की जनता की ओर से धन्यवाद जताया है।

मुख्यमंत्री ने नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस रेल सेवा पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि ‘‘अटल जी ने बनाया-मोदी जी संवारेंगे’’ के वादे को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री ने हमेशा उत्तराखण्ड को प्राथमिकता दी। प्रदेश में शुरू किए गए प्लास्टिक इंजीनियरिंग संस्थान ‘सीपैट’ में कोर्स कर हमारे युवाओं को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट मिलेगा।

ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर व साईबर सिक्योरिटी सेंटर की स्थापना से हमारे युवा ड्रोन एप्लीकेशन व साईबर सिक्योरिटी के कोर्स कर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई 1500 करोड़ की जैविक खेती की योजना, किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

उड़ान योजना के तहत हेलीकाप्टर सेवाओं से कनेक्टीवीटी बढ़ेगी। जिससे निवेश के लिए उद्यमी आकर्षित होंगे। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जनसामान्य को सस्ती दवाईयां उपलब्ध हो रही हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के लिए देहरादून का चयन किए जाने से पूरे विश्व का ध्यान देवभूमि उत्तराखण्ड की योग परम्परा की ओर गया।

आंतकियों से दो-दो हाथ कर ऋषिकेश के हमीर सिंह हुये शहीद

जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों से मुकाबला करते उत्तराखंड के दो वीर शहीद हो गए। इनमें एक जवान ऋषिकेश, जबकि दूसरे पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार से हैं।

ऋषिकेश स्थित कुंजापुरी कालोनी, गुमानीवाला निवासी 27 वर्षीय राइफलमैन हमीर सिंह पोखरियाल मंगलवार सुबह आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। वह वर्ष 2013 में 12वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए और वर्तमान में 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। उनका परिवार मूल रूप से पोखरियाल गांव उत्तरकाशी के लम्बगांव का रहने वाला है।

शहीद के पिता जयेंद्र सिंह पोखरियाल एसएसबी में सब इंस्पेक्टर हैं और अमरनाथ यात्रा के चलते जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। हमीर की शहादत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घर में हमीर की पत्नी, एक ढाई वर्ष की बेटी, मां और एक छोटा भाई हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।

इस मुठभेड़ में ग्राम शिवपुर, कोटद्वार निवासी 28 वर्षीय मनदीप सिंह रावत भी शहीद हुए हैं। उनके पिता बुथी सिंह भी फौज से रिटायर हैं। मनदीप 2012 में 15 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे और छह माह पूर्व ही उनकी तैनाती 36 राष्ट्रीय राइफल में हुई थी। मनदीप की शहादत की सूचना के बाद से ही उनके घर मातम छाया हुआ है। तमाम लोग उनके घर पहुंचकर माता-पिता को ढांढस बंधा रहे हैं। मनदीप के छोटे भाई हाल ही में सेना में भर्ती हुए हैं और जम्मू-कश्मीर में ही तैनात हैं।

भीड़ के आगे हमलावर गुलदार ने टेके घुटने

पौड़ी जिले में कपड़े धो रही एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमला होते ही महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुला लिया। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने गुलदार को मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान गुलदान ने भी दो ग्रामीणों को घायल कर दिया। जिन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना श्रीनगर से नौ किलोमीटर दूर ग्रामसभा गहड़ के बसोल्यूं तोक में मंगलवार सुबह लगभग दस बजे हुई। फतेह सिंह की 40 वर्षीय पत्नी ममता गांव के समीप गदेरे (बरसाती नाला) में कपड़े धो रही थी, तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर नजदीकी ग्रामीण लाठी-डंडे के साथ वहां पहुंचे। भीड़ से घिरा देख गुलदार और आक्रामक हो गया। तभी उसने दो अन्य लोगों 52 वर्षीय राजेंद्र सिंह और 35 वर्षीय लल्लन सिंह पर भी झपट्टा मार दिया। यह देख ग्रामीणों ने बचाव में उस पर पत्थर और डंडों से प्रहार किया।

जख्मी गुलदार वहां से भागने को मजबूर हुआ। वह कुछ ही दूरी पर पहुंचा था कि उसने दम तोड़ दिया। हमले में ममता के सिर और हाथ-पैर जख्मी हुए हैं, जबकि बीच बचाव को आए राजेंद्र और लल्लन सिंह के हाथ में खरोचें आई हैं। लल्लन को छोड़ बाकी दो को उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर में ले जाया गया है।

इस बीच, सूचना पर रेंजर अनिल भट्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुलदार के शरीर पर गनशॉट जैसा कोई निशान नहीं पाया गया। अंदरूनी चोट की वजह से उसकी मौत होने का अनुमान है। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गहड़ के प्रधान राकेश भंडारी ने बताया कि इलाके में दो अन्य गुलदार देखे गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि मारा गया गुलदार भी इसी परिवार का सदस्य था। उसकी उम्र एक से डेढ़ साल है। रेंजर ने बताया कि इन गुलदारों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजड़ा लगा दिया गया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विभोर बहुगुणा ने बताया कि मारे गए गुलदार ने घटना से कुछ पहले घास लेने जा रही पांच महिलाओं पर भी झपटने की कोशिश की थी। उनके शोर मचाने से गुलदार गदेरे की ओर चला गया था।

दून अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को आईसीसी ने उपयुक्त पाया

आईसीसी के विशेषज्ञों ने देहरादून के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के लिये उपयुक्त पाया है। जिसके बाद यहां तीन जून से अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन किया जायेगा। यह मुकाबला बांग्लादेश व अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के बीच खेला जायेगा। अफगानिस्तान की टीम पूर्व में यहां पहुंच चुकी हैं और दून के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास मैच में हिस्सा भी ले चुकी है। मगर, बांग्लादेश की टीम मंगलवार को यहां पहुंच गयी है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल ही में विशेषज्ञों के दल के साथ स्टेडियम का दौरा किया था। इस दल में आइसीसी के विशेषज्ञ भी शामिल थे जिन्होंने स्टेडियम का जायजा लिया था। विशेषज्ञों ने सभी सुविधाओं का जायजा लेने के बाद खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं के स्तर, मीडिया और प्रसारण जरूरतों को अंतरराष्ट्रीय मैचों के तीनों प्रारूपों के आयोजन के लिए उपयुक्त पाया था और इसे हाल के समय में सर्वश्रेष्ठ स्थलों में से एक करार दिया गया। उत्तराखंड की राजधानी में स्थित यह स्टेडियम पहाड़ियों के बीच स्थित है और इसके आस-पास की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस स्टेडियम में 25 हजार दर्शकों की क्षमता है।

विदित हो कि आइसीसी की ओर से राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का मुआयना करने के लिये टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ 21 मई को दून आए थे। 21 मई की शाम को ही उन्होंने फ्लड लाइट में स्टेडियम का निरीक्षण किया था जबकि उसके अगले दिन वे दोपहर में एक बार फिर स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं की बरीकी से जांच करने के बाद श्रीनाथ ने बकायदा फोटो खींचकर भी आइसीसी के अधिकारियों को भेजी थी। वे स्टेडियम में उपलब्ध सभी उपकरणों और खूबसूरती के कायल हुए थे। उसी दिन यह तय हो चुका था कि स्टेडियम को जल्द ही आइसीसी की हरी झंडी मिल जाएगी। 237 करोड़ रुपऐ की लागत से बने इस स्टेडियम में अब शहरवासियों को हर प्रारूप की क्रिकेट देखने को मिलेगी।

राज्य के चहुंमुखी विकास के लिये सरकार कृत संकल्पः त्रिवेन्द्र

त्रिवेन्द्र ने सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में जन सहयोग से अच्छी सुविधायें लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए ’’रूपान्तरण अभियान’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 06 से 12 तक के गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिये गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डलों में एक-एक विशेष विद्यालय खोले जायेंगे। कुमाऊं मण्डल में यह विद्यालय अल्मोडा में खोला जायेगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि विद्यालय के लिये भूमि चयनित कर शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को उपलब्ध करायें।

’’रूपान्तरण अभियान’’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को भौतिक संसाधनों से युक्त बनाना तथा फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, पंखा, हीटर, क्रीड़ा सामग्री व्यवस्था, कम्प्यूटर प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन, सुरक्षित व सुसज्जित भवन, विद्यार्थियों की अन्य मूलभूत आवश्यकताएं, शिक्षकों अभिप्रेरण जिससे वे अपना अधिकतम योगदान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में दे सकें, छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता, सृजनशीलता एवं मानवता की भावनाओं का विकास, समाज को सरकारी विद्यालयों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोग हेतु प्रेरित करना मुख्य हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व विद्यालयी शिक्षा द्वारा अल्मोड़ा में चलाये गये इस अभियान की प्रशंसा की। संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना व उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा किये गये इस रूपान्तरण कार्यक्रम के लिए उन्होंने अधिकारियों की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुॅमुखी विकास के लिए सरकार कृत संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के चार धामों को टेल-मेडिसन सुविधा से शीघ्र जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं एचपी कम्प्यूटर कम्पनी द्वारा भी राज्य के चिकित्सालयों में अपनी सुविधाएं देने की बात की गयी है ताकि चिकित्सालय भी तकनीक के क्षेत्र में समृद्ध हो सकें।

बजट सत्र की तैयारियों को लेकर विस अध्यक्ष ने अधिकारियों की ली क्लास

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भराड़ीसैण (गैरसैण) में 20 मार्च से शुरू होने जा रहे बजट सत्र हेतु व्यवस्थायें को लेकर उच्च अधिकारियों संग बैठक की। विधान सभा अध्यक्ष द्वारा सुरक्षा बैठक में विभिन्न विषयों पर गहनता से चर्चा की गयी।

इस वर्ष राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल का अभिभाषण भी भराड़ीसैंण में होना है, जिस कारण अभिभाषण हेतु राज्यपाल के आगमन व प्रस्थान के समय हैलिपैड से सम्बन्धित एवं सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गयी। राज्यपाल के आगमन के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा राज्यपाल का स्वागत किया जाना प्रस्तावित किया गया। इस बार ड्रोन कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जायेगी।

सुरक्षा बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने शान्ति व्यवस्था, अग्नि शमन दल एवं उससे सम्बन्धित व्यवस्था, बिजली की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ, वाटर सप्लाई के लिए सम्बन्धित अधिकारयों को निर्देश दिया कि व्यवस्थायें चौक-चौबन्ध होनी चाहिए। बैठक में सत्र के दौरान भराडीसैंण में उपस्थित सभी मंत्री, विधायक, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खाने की उचित व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

अग्रवाल ने बीएसएनएल के अधिकारयों को पिछले सत्र में नेटवर्क एवं इण्टरनेट की भारी समस्या को लेकर जमकर फटकार भी लगायी। विधानसभा अध्यक्ष ने बीएसएनएल के अधिकारयों को साफ शब्दों में कहा कि इस बार ऐसी कोई भी कमी न रहे, जिससे मीडिया एवं शासकीय कार्यवाही में कोई दिक्कत हो। अग्रवाल ने कहा कि यदि नेटवर्क एवं वाई-फाई की व्यवस्था अच्छी होगी तो सदन के कार्यो मे विभाग एवं शासन जिलों एवं सचिवालय से वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिये तुरन्त सम्पर्क साध कर सदन की कार्यवाही में तीव्रता ला सकते है।

विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि विधायकों एवं मंत्रियों के रहने के लिए विधानसभा भवन भराणीसैण में 60 कमरे एवं 14 ऑफिसर रूम पूर्ण रूप से तैयार है। अधिकारी, स्टाफ तथा मीडिया के लिए गैरसैण, कर्णप्रयाग, आदिबद्री, गौचर तथा कालेश्वर के गढ़वाल मण्डल विकास के गैस्ट हाउस एवं लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के गैस्ट हाउस को जिलाधिकारी स्तर से रोक दिया गया है।

विधान सभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा डाक्टर की विधिवत व्यवस्था, सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो को अलर्ट रखने पर जोर दिया गया। साथ ही इमरजेन्सी के लिए स्वास्थ्य मोबाइल बैन 108 की उचित व्यवस्था तथा हैलीकाप्टर सेवा की बात कही गयी। अस्थायी एवं मोबाइल टोयलेट की व्यवस्था को गम्भीरता से लिया गया।

विस अध्यक्ष ने कहा कि इस बार का सत्र चुनौती भरा है, क्योंकि इस बार राज्यपाल प्रथम बार भराडीसैंण आ रहे है और इस बार सत्र भी सबसे लम्बा चलने वाला है। अग्रवाल ने सभी अधिकारियों से सहयोग की बात कही तथा बैठक में जिन भी विषयों पर विर्मश किया गया। उन्हें जमीन स्तर पर सार्थक बनाने के लिए कहा।

निशुल्क कोचिंग से युवाओं को मिल रहा आगे बढ़ने का मौका

रूद्रप्रयाग के एसडीएम सदर पद पर तैनात मुक्ता मिश्र ने गरीब युवाओं के लिए उम्मीद कायम की है। वे प्रतिदिन 50 से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दे रही हैं, बल्कि उन्हें प्रतिष्ठित विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा के लिए भी तैयार कर रही हैं। उनकी इस पहल से गरीब बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।

मूलरूप से चमोली जिले के ग्राम देवाल की रहने वाली मुक्ता मिश्र 2014 बैच की पीएसीएस अधिकारी हैं। बचपन साधारण पहाड़ी परिवार में बीता, संसाधन भी सीमित ही रहे। बावजूद इसके मेहनत और लगन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
कहती हैं, रुद्रप्रयाग में एसडीएम सदर के पद पर तैनात होने के बाद डीएम मंगेश घिल्डियाल की प्रेरणा से मैंने गरीब बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का मन बनाया। इंटर पास करने के बाद छात्रों के लिए जिले में कोई भी ऐसा संस्थान नहीं है, जहां वे सिविल सर्विस, इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। खासकर गरीब छात्र तो तैयारी के बारे में सोच भी नहीं सकते।
एसडीएम मुक्ता के अनुसार पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत बस! उन्हें प्रेरित करने की है। कोचिंग के माध्यम से वह यही कर रही हैं। हालांकि, अभी यह शुरुआत है। नतीजा आने में एक से दो वर्ष लग जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि एसडीएम सदर जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भी समय कैसे निकाल लेती हैं, मुक्ता कहती हैं कि सुबह आठ से दस बजे के बीच का समय मेरा अपना होता है। क्यों न इसे समाज के हित में लगाया जाए।

स्थानीय छात्रों का कहना है कि बीते तीन माह से नियमित कोचिंग ले रहा हूं। मुक्ता मैडम जिस तरह से कोचिंग दे रही हैं, उससे काफी फायदा मिल रही है। उन्होंने अच्छी किताबें भी उपलब्ध कराई हैं। इससे तैयारी में आसानी हो रही है।

गत पेराई सत्र का भुगतान किसानों को देने वाली यह पहली सरकारः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला शूगर मिल के वर्ष 2017-18 के पेराई सत्र का विधिवत पूजाअर्चना के साथ शुभारम्भ किया। उन्होंने किसानों, गन्ना समिति सदस्यों व चीनी मिल के पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे गन्ने की उन्नत किस्म एवं अधिकतम चीनी परता वाली प्रजाति को उगाने तथा बीज बदलाव कार्यक्रमों के प्रति विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गत पेराई सत्र के गन्ना मूल्य का लगभग पूर्ण भुगतान किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चीनी मिल द्वारा पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जायेगा। उन्होंने सभी को पेराई सत्र की शुभारम्भ की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का जो कुछ बकाया अवशेष होगा उसका भुगतान दिसम्बर तक कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली सरकार है जिसके द्वारा नये पेराई सत्र से पूर्व ही किसानों को उनके पुराने देयो का भुगतान कर दिया गया है। इस अवसर पर डोईवाला शूगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि डोईवाला शुगर कम्पनी द्वारा गत पेराई सत्र के आपूर्तित कुल 26.32 लाख कुन्टल गन्ने का 92 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है। वर्तमान पेराई सत्र हेतु चीनी मिल के समस्त सुरक्षित क्षेत्र से लगभग 28 लाख कुन्टल गन्ना उपलब्ध होने का अनुमान है। चीनी मिल का सम्पूर्ण सुरक्षित क्षेत्र में शीघ्र प्रजाति का गन्ना क्षेत्रफल विगत तीन वर्षों में लगभग 43 प्रतिशत से अधिक हो गया है जिसे आगामी वर्षों में 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। इस वर्ष शरदकालीन गन्ना बुवाई में गन्ना शोध केन्द्रों प्रजनक गन्ना बीज लाकर लगभग 12 हेक्टेयर पौधशालाएं कृषकों के खेतों पर स्थापित करायी गयी, जो विगत वर्ष 3 हेक्टेयर की तुलना में चार गुना है। प्रति हेक्टेयेर गन्ना उत्पादन में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषकों को खेतों की गहरी जुताई हेतु एमवीप्लाऊ एवं टैंªच विधि से गन्ना बुवाई हेतु टैंªचओपनर निःशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे है। गन्ने में लगने वाले कीटों की रोकथाम हेतु कीटनाशकों का स्प्रे कराये जाने के लिए दो पावर स्प्रेयर निःशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। चीनी मिल में मृदा परीक्षण लैब स्थापित की गयी है। संतुलित उर्वरक प्रयोग करने से गन्ने में चीनी का प्रतिशत की मात्रा को बढ़ाया जाता है।

राज्य के दोनों मंडलों पर सरकार खोलेगी सैन्य प्रशिक्षण केंद्र

राज्य के युवाओं को सैन्य बलों की भर्ती परीक्षाओं हेतु प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये राज्य सरकार कुमाऊं और गढ़वाल में दो प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करेगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और सेना के बैंगलोर सिलेक्शन सेंटर के कमाण्डेंट मे.ज. वी.पी.एस. भाकुनी की मुलाकात के दौरान लिया गया।
मे.ज. भाकुनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष एक प्रस्तुतिकरण दिया जिसमें बताया गया कि वर्तमान में एनडीए और सीडीएस परीक्षाओं की सफलता दर आईएएस परीक्षा से भी कम है। सिविल सेवाओं के मुकाबले लगभग डेढ़ गुना अधिक अभ्यर्थी एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं में आवेदन करते हैं, लेकिन सेना में भर्ती हेतु समग्र व्यक्तित्व परीक्षण के कड़े मानको के कारण उनकी सफलता दर कम होती है। सेना और अर्द्वसैनिक बलों में राज्य के युवाओं का अधिकारी पद पर चयन प्रतिशत बढ़ाने के लिये उनको पहले से तैयार किया जाना जरूरी है। इसके लिये युवाओं का स्तरीय मानको के अनुरूप पर्सनालिटी डेवलपमेंट कार्यक्रम तथा साक्षात्कार प्रशिक्षण आयोजित किया जाना लाभप्रद होगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वीरभूमि उत्तराखण्ड एक सैनिक बाहुल्य राज्य है और यहां के युवाओं में सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान कर एनडीए और सीडीएस परीक्षाओं में उनकी सफलता का प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही इस प्रकार की व्यक्तित्व विकास की कार्यशालाएं सिर्फ सैन्य सेवाएं ही नहीं वरन अन्य सरकारी सेवाओं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भी युवाओं के लिये लाभप्रद होगी। बैठक में तय हुआ कि प्रथम चरण में कुमाऊं और गढ़वाल में प्रशिक्षण कार्याशालाएं (ट्रेनिंग वर्कशॉप) ऐसे स्कूल व कॉलेज के भवनों में संचालित होगी, जहां पर्याप्त अवस्थापना सुविधाएं हो। ये कार्यशालाएं 02 से 03 सप्ताह की होगी जहां युवाओं को एनडीए और सीडीएस की चयन प्रक्रिया के अनुरूप व्यक्तित्व विकास, साक्षात्कार एवं अन्य शारीरिक परीक्षणों के लिये प्रशिक्षण दिया जायेगा। सैनिक कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग से समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यशालाओं हेतु स्थायी केन्द्र के रूप में स्कूल या कॉलेज के भवन चयनित करेंगे। जहां नियमित पठनपाठन के साथ-साथ कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा सके। मे.ज.भाकुनी के अनुसार पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने पर प्रति वर्ष दस हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सकता है। द्वितीय चरण में 11वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिये राज्य सरकार द्वारा स्थायी सैनिक स्कूल खोलने पर भी विचार किया जा सकता है।

केदारनाथ निर्माण में मोदी का देश के उद्यमियों को निमंत्रण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को केदारनाथ धाम में केदारपुरी के पुनर्निर्माण से संबंधित पांच परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर राज्यपाल डॉ कृष्ण कान्त पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी ने केदार मंदिर परिसर पहुंचने के मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य, सरस्वती और मंदाकिनी नदियों के बाढ़ सुरक्षा और घाट निर्माण कार्य, तीर्थ पुरोहितों के लिए आवासीय भवनों के निर्माण कार्य तथा आदि शंकराचार्य के समाधि स्थल के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ में प्रकृति और पर्यावरण के अनुकूल भव्य पुनर्निर्माण कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुनर्निर्माण कार्य एक निश्चित समयसीमा में तीर्थ क्षेत्र की गरिमा के अनुकूल, पुरोहितों और पंडितों की व्यवस्था और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने पुनर्निर्माण कार्य के लिए देश की राज्य सरकारों को भी अपना योगदान देने के लिए कहा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि औद्योगिक घराने सीएसआर के अंतर्गत पुर्ननिर्माण कार्य में योगदान देंगे। प्रधानमंत्री ने पर्यावरण के सभी नियमों का पालन करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि केदारपुरी में आधुनिक पुनर्निर्माण किया जाएगा, परंतु तीर्थ क्षेत्र की आत्मा और हिमालय की आध्यात्मिकता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 6 महीने के अल्प समय में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ने हिमालयी राज्यों की विशिष्टता की सराहना करते हुए उत्तराखंड को 2022 तक ऑर्गेनिक स्टेट बनने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि अभी दुनिया होलिस्टिक हेल्थ केयर की ओर चल रही है। ऐसे में केमिकल फर्टिलाइजर को अस्वीकार कर ऑर्गेनिक उत्पादों की दुनिया में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की स्वच्छता अभियान की भी सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश में ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच से मुक्त करने वाला चौथा राज्य बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में लगभग चार करोड़ परिवार ऐसे हैं जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। ऐसे लोगों के लिए प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना लागू की गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना को अपने राज्य में शीघ्र से शीघ्र पूरा करने का बीड़ा उठाएगी। उन्होंने कहा कि सभी हिमालयन राज्यों, सभी राज्यों के बीच विकास की दौड़ की एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों यह कार्य कर रहे हैं कि पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी पहाड़ के काम आए। बाबा केदार के जयजयकारो के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गढ़वाली भाषा में अपना भाषण आरम्भ करते हुए बाबा केदारनाथ से देश, दुनिया व राज्य के लोगो के लिए खुशहाली की कामना की।

प्रधानमंत्री ने भव्य व आधुनिक केदारपुरी पुनर्निर्माण व विकास हेतु 5 प्रमुख योजनाओं का शिलान्यास किया। इनके अंतर्गत मंदिर परिसर की मुख्य सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इन कार्य में आरसीसी तथा आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। पुरोहितों हेतु थ्री इन वन आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा। जिसमें पुरोहितों की रहने की व्यवस्था के अतिरिक्त निचली मंजिल पर श्रद्धालुओं व यात्रियों तथा ऊपरी मंजिल पर उनके यजमानों व मेहमानों की व्यवस्था की जाएगी। आवासीय परिसरों में चौबीस घण्टे बिजली, पानी व स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। मंदिर परिसर में पोस्ट ऑफिस, टेलीफोन सुविधाओं तथा कम्युनिकेशन सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। मन्दाकिनी और सरस्वती नदियों पर रिटेनिंग वॉल व घाटों का निर्माण किया जाएगा। आदि शंकराचार्य के समाधिस्थल का पुनर्निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अन्य राज्य सरकारों, सीएसआर के माध्यम से व्यापार जगत के उद्यमियों को निर्माण कार्य में सहयोग का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का बाबा केदार जी के आंगन में आने पर उत्तराखण्ड की ओर से हार्दिक अभिनन्दन व स्वागत है। प्रधानमंत्री द्वारा केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने तथा कपाट बन्द होने से पूर्व समाधि पूजा के समय लगभग 6 माह के भीतर दो बार दर्शन करने से पूरे विश्व में सुरक्षित व सुखमय केदारनाथ यात्रा का संदेश गया है। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष दीपावली का पर्व सीमा पर तैनात हमारे वीर सैनिकों के साथ मनाया। सैनिकों की वीरभूमि उत्तराखण्ड के लिए यह सम्मान की बात है।

इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने केदारनाथ मंदिर पहुंचकर गर्भगृह में सम्पूर्ण विधिविधान व मंत्रोचारण के साथ भगवान केदार का रूद्राभिषेक किया तथा मंदिर की परिक्रमा की। प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ मंदिर परिसर में लगभग डेढ़ घण्टे से अधिक समय व्यतीत किया। प्रधानमंत्री के समक्ष उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार किया केदारपुरी के पुनर्निर्माण पर एक 3डी प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी को राज्यपाल डॉ. कृष्णकान्त पाल तथा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अंगवस्त्र तथा केदारनाथ मंदिर की अनुकृति भेंट की।