चीन से उत्तराखंड को कोई खतरा नहीं: सीएम

अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर देहरादून के एमकेपी गर्ल्स पीजी कॉलेज में स्वाधिनता समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने छात्राओं को देशभक्ती का पाठ पढ़ाया। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में भारत की चीन सीमा पर किसी भी तरह का खतरा नहीं है।
अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि अगस्त क्रांति में उत्तराखंड का भी अहम योगदान रहा है। राज्य अभिलेखागार में प्रदेश के लोगों के त्याग, कुर्बानी, समर्पण और संघर्ष की कहानी संजोयी हुई है। उन्होंने कहा कि अगस्त क्रांति की 75वीं वर्षगांठ पर सभी को एक मजबूत एवं समृद्ध उत्तराखंड तथा भारत निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। कहा कि चीन से उत्तराखंड को कोई खतरा नहीं है। भारतीय सेना मजबूत है और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने में सक्षम है। केंद्र सरकार से लगातार चीन सीमा को लेकर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सीएम ने कॉलेज में शौर्य दीवार का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक खजान दास आदि मौजूद रहे।

रोते हुए लड़की ने गंगा में छलांग लगाई

ऋषिकेश गंगा बिहार साईं घाट के समीप एक युवती ने गंगा में छलांग लगा दी। जल पुलिस ने युवती की तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। यह घटना रक्षाबंधन के दिन दोपहर करीब 11.30 बजे की है। लड़की का नाम पता नहीं हो पाया है। एसएसआई हेमंत खंडूरी ने बताया कि युवती की उम्र करीब 21 वर्ष है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती काफी रो रही थी। पहले उसने साईं घाट मंदिर के पास गंगा में कूदने का प्रयास किया। एक महात्मा ने उसे रोका तो वह वहां से चली गई। बाद में साईं घाट से आगे जाकर उसने गंगा में छलांग लगा दी। वह पीली टी-शर्ट और सफेद लोअर पहने हुए थी। गंगा नदी काफी उफान में होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन ज्यादा लंबा नहीं चलाया जा सका। पुलिस युवती की तलाश गंगा नदी के किनारे बैराज तक कर रही है।

किचन में जाते साथ ही चोटी से हाथ गवां बैठी पत्नी

परिवार के सारे लोग आंगन में बैठे थे। इस बीच महिला कमरे में गई और जोरदार चीख मारकर बेहोश हो गई। चीख सुनकर परिजन जब वहां पहुंचे तो महिला की चोटी कटी मिली। इस घटना से रुड़की में भी भय का माहौल पैदा हो गया है।
उत्तराखंड में सहसपुर के बाद अब रुड़की में भी चोटी काटने का मामला सामने आया। यह ताजा मामला गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के तेलीवाला गांव का है। बताया जा रहा है कि जावेद का के घर के सभी लोग रात करीब नौ बजे आंगन में बैठे टेलीविजन देख रहे थे। घर का मेनगेट बंद था। इस बीच जावेद की पत्नी खुशनुमा (21) किसी काम से कमरे में गई। कमरे में जाते ही उसकी चीख सुनाई दी। इस पर परिवार के लोग जब वहां पहुंचे तो खुशनुमा बेहोश मिली। उसकी चोटी कटी हुई थी।
होश में आने के बाद महिला ने परिजनों को बताया कि उसे एक साया नजर आया। इसके बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं चला। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं पुलिस भी मौके पर गई और मामले की जानकारी ली। वहीं, गांव में एक ओर महिला की चोटी काटे जाने की अफवाह उड़ी। गंगनहर कोतवाली प्रभारी अमर चंद शर्मा ने बताया कि मामले कि जांच की जा रही है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।

प्रदेश में शराब को बंद नही किया जा सकताः खजान दास

भाजपा विधायक खजान दास ने मसूरी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश के किसान क्यों आत्मा हत्या कर रहे है, इसको लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत द्वारा जांच बैठा दी गई है। वही प्रदेश का किसान स्वाभिमानी है और उनको नही लगता है कि किसान ऋण से परेशान होकर आत्माहत्या कर रहा है। उन्होने कहा कि किसानोे के ऋण को माफ करने कि स्थिति में प्रदेश सरकार नही है क्योकि प्रदेश पर पहले ही 45 हजार करोड का कर्ज है। जिसमें 11 हजार करोड रूपये का ऋण किसानो पर है। वही प्रदेश में आय के सोत्र सीमित है ऐसे में किसानो के ऋण का माफ किया जाना मुश्किल है। उन्होने कहा कि प्रदेश में शराब को बंद नही किया जा सकता क्योकि अबकारी और खनन से राजस्व आता है। परन्तु खनन पर भी हाईकोर्ट के द्वारा रोक लगी हुई है। वही अगर नदीयों से चुगान और शराब के आने वाला राजस्व ही बद हो जायेगा तो प्रदेश को भारी परेशानियों का सामना करना पडेगा। उन्होने बताया कि इन्ही दिक्कतो को समाप्त करने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत लगातार प्रयास कर रहे है। जिसको लेकर वह प्रधानमंत्री से सम्पर्क कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की मांग कर रहे है।

लायंस क्लब से जुड़ी महिलाओं ने आईटीबीपी जवानों की राखी बांधी

रक्षाबन्धन भाई-बहिन के प्यार का त्यौहार है जिसमें भाई बहिन की हर परिस्थिति में रक्षा करने का वचन देता है। सीमा पर तैनात जवान पूरे देश की रक्षा करते है लेकिन रक्षाबन्धन समेत तमाम त्यौहारों में अपनी बहिनों से उन्हे दूर रहना पड़ता है। ऐसे में लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल की महिला इकाई द्वारा आईटीबीपी के जवानों के साथ रक्षा बंधन का त्योहार मनाया गया। लायंस क्लब रॉयल की महिलाओ ने राखियॉ लेकर आईटीबीपी कैम्प में फौजी भाइयो को हाथों से बनाई राखी बांधी। लायंस क्लब रॉयल की महिला इकाई की क्लब कॉर्डिनेटर लायन कोमल मखीजा का कहना है कि राखी के त्योहार में बहन अपने भाई को राखी बांधती है। बदले में उनसे यह उम्मीद करती है कि वह उसकी हर बुराई से रक्षा करे और हमारे देश के सैनिक ही सही मायनों में हमारे रक्षक है। जो कि हमारी व भारत माता की रक्षा सीमा पर रह कर कर रहे है। वह अधिकतर त्योहार में अपने घर परिवार से दूर होते है। इस लिए उनके क्लब के द्वारा इस वर्ष रक्षा बंधन का त्योहार उनके साथ मनाया।

हत्या के बाद सीसीटीवी की डीबीआर भी ले उड़े बदमाश

रुड़की कोतवाली सिविल लाइंस इलाके बेलड़ी गांव मे बदमाशों ने एक पाइप फैक्ट्री के गोदाम में दो चौकीदारों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। दोनों चाचा-भतीजे थे। गोदाम का सामान सलामत होने का कारण हत्या का कारण उलझ गया। वहीं, हत्यारे सीसीटीवी की डीबीआर साथ ले गए।
रुड़की निवासी रमेश का बेलड़ी गांव में उत्तराखंड पाईप के नाम से गोदाम है। इस गोदाम की सुरक्षा के लिए चौकीदार मेघराज (40) और इंद्र सिंह (70) रात को गोदाम में ही सो रहे थे। मेघराज इंद्र सिंह का भतीजा था। दोनों रुड़की कोतवाली के अंतर्गत शेरपुर गांव के रहने वाले थे। 
बताया जा रहा है कि सुबह एक ट्रक चालक सामान लेकर गोदाम पहुंचा तो मुख्य गेट खुला मिला। इस पर वह भीतर गया तो वहां बिस्तर पर इंद्र सिंह और मेघराज के शव मिले। दोनों के शरीर पर कई स्थानों पर घाव के निशान थे।
इस पर चालक ने गोदाम स्वामी को सूचना दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक गोदाम का सामान सुरक्षित है। हालांकि बदमाश सीसीटीवी की डीबीआर साथ ले गए। ऐसे में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। मेघराज दिव्यांग था। दोनों करीब दो साल से गोदाम में चोकीदारी कर रहे थे। 

बेटी की चींख सुनकर आयें परिजनों के उड़े होश

देशभर से आ रही चोटी कटने की तमाम खबरों के बीच अब बिहार और उत्तराखंड से भी चोटी काटे जाने की खबरें आ रही हैं। बिहार में पिछले 24 घंटे के अंदर चोटी कटने के दो मामले और उत्तराखंड से भी एक मामला सामने आया है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, एमपी और यूपी के बाद अब बिहार और उत्तराखंड का नाम भी इन घटनाओं से जुड़े राज्यों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है।
पहली घटना बिहार के मोतिहारी जिले की है। जहां राधिका नाम की लड़की बीती रात घर के बाहर सो रही थी। उसी बीच रहस्यमय तरीके से उसकी चोटी कट गई। सुबह राधिका ने अपनी चोटी कटी हुई देखी और शोर मचाना शुरू किया। इस घटना के बाद राधिका का परिवार और पूरा गांव दहशत में है।
उत्तराखंड के सहसपुर में भी फरजाना नाम की एक लड़की की चोटी कटने का मामला सामने आया है। बीती रात लगभग 12 बजे फरजाना की चीख सुनकर घर वालों की आंख खुल गई। परिजन फरजाना के पास पहुंचे तो देखा कि उसकी कटी हुई चोटी बिस्तर पर ही पड़ी थी। इस घटना से फरजाना काफी डरी हुई है।
शनिवार को एक बार फिर दिल्ली से चोटी काटे जाने की दो खबरें आईं हैं। चंदर विहार में बीती रात नीरज नामक महिला तेज सिरदर्द के बाद बेहोश हो गई। सुबह जब उसे होश आया तो उसकी चोटी कटी हुई थी। वहीं जामिया नगर इलाके में एक 13 साल की बच्ची की भी बीती रात चोटी कट गई।

लगातार बारिश से बीन नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से बीन नदी उफान पर है। ऐसे में बीन नदी में वाहन चालक जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यहां उफनती नदी में कई बार वाहन फंसने से यात्रियों की जान मुसीबत में फंस चुकी है। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गंगा भोगपुर से आगे बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग के बीच में पड़ने वाली बीन नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर हरिद्वार से ऋषिकेश आ रहे वाहन बमुश्किल पार हो सके।
खतरे की आशंका को देखते हुए लक्ष्मणझूला थाना पुलिस ने हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों को रोक दिया। यातायात बाधित होने पर नदी के इस पार और उस पार वाहन खड़े गए और जलस्तर कम होने का इंतजार करने लगे। करीब 11 बजे नदी का जलस्तर घटा तब जाकर मार्ग पर बाधित यातायात सुचारू होने पर रास्ते में फंसे यात्रियों ने राहत महसूस की। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि बीन नदी के उफनाने से बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब दो घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। जलस्तर कम होने पर वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात की गई है।

भारी बारिश से कोटद्वार में तबाही, 6 की मौत

कोटद्वार में बारह घंटे की भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई है। जबकि दुकानों से लेकर घरों तक को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के कारण सुबह 9 बजे तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग कोटद्वार-दुगड्डा के बीच में अवरूद्ध रहा। जिसके चलते कोटद्वार का अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से संपर्क कट गया।
आपदा परिचालन केन्द्र कोटद्वार से मिल रही जानकारी के अनुसार, रिफ्यूजी कालोनी में पनियाली नाले का पानी आने से रिफ्यूजी कालोनी निवासी सीपी अरोड़ा के बेटे लक्ष्य और दर्शन अरोड़ा की पत्नी ज्योति अरोडा की मौत हो गयी। जबकि मानपुर में सुरक्षा दीवार ढहने से राम सिंह रावत की पत्नी शान्ति देवी की मौत हुई है। मानपुर में ही बालक राम के पुत्र अजय की घर में पानी घुसने से मौत हुई है। कोटद्वार तहसील के अन्तर्गत भारी बारिश से रामागांव निवासी मौ0 इदरीश का मकान ढह गया है। जिसमें दबकर उसकी 16 वर्षीय पुत्री मुस्कान बानो की मौत हो गयी, जबकि पत्नी और बेटा घायल हो गये है।
बलभद्रपुर निवासी हरेन्द्र सैनी ने बताया की उसके 65 वर्षीय पिता राजे सिंह खेती करने के लिए दिल्ली फार्म के पास गये थे, जहां नाला पार करते हुए उनकी मौत हो गयी है। वहीं, भारी बारिश के कारण रिफ्यूजी कालोनी में जलभराव के दौरान हुए शॉट सर्किट से एक मकान में आग लग गयी। जिसके कारण रसोई में रखा गैस सिलेण्डर फटने से हरेन्द्र भाटिया पुत्र ओम प्रकाश, हरेन्द्र भाटिया का 19 वर्षीय पुत्र राहुल तथा सुरेन्द्र भाटिया की 42 वर्षीय पत्नी रेनू भाटिया झुलस गये जिनका उपचार स्थानीय राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में किया जा रहा है।
भारी बारिश और बादल फटने की घटना से लोग डरे हुए है। जिसके चलते कोटद्वार के कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल है। ओएफसी केबिल के कार्य नही करने से इंटरनेट सेवा भी सुचारु नही हो पाई है। प्रशासन और सामाजिक संस्थायें क्षेत्र में राहत कार्य कर रही है। लोगों में बारिश को लेकर डर बना हुआ है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिल रहा युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को न्यू कैंट रोड स्थित जनता दर्शन हॉल में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवा पीढ़ी स्वरोजगार की ओर तेजी से अग्रसर हो रही है। युवा पीढ़ी समझ चुकी है कि रोजगार का सबसे अच्छा साधन स्वरोजगार है। उन्होंने कहा कि विभिन्न लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्यमों के विकास से जहां अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा साथ ही इससे स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आधुनिक तकनीकि युग में मशीनीकरण तेजी से हो रहा है, इसके साथ ही घरेलू उत्पादों की ओर लोगों को रूझान भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में घरेलू उत्पादों के विकास हेतु अपार सम्भावनाए हैं। राज्य में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग के लिए स्किल डेवलपमेंट की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को विभिन्न उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया, जिससे अन्य लोग भी इन उद्यमों में कार्य कर सके और उन्हें भी रोजगार के अवसर प्रदान हो सके। किसी भी उद्यम, राज्य या देश के विकास के लिए सभी का समन्वय एवं सहयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों द्वारा लगाये गये विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया। पी.एम.ई.जी.पी कार्यक्रम के तहत सराहनीय कार्य करने पर उद्योग विभाग एवं बैकों के अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया।
प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में 9487 इकाईयां स्थापित की गई है तथा 138.41 करोड़ रूपये की मार्जिन मनी वितरित की गई तथा 63,791 लोगों को रोजगार मिला है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने के लिए 1 जुलाई 2016 से ऑनलाइन डीबीटी सिस्टम को अनिवार्य रुप से लागू किया गया, जिसके अंतर्गत जो भी आवेदन पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत प्राप्त होंगे, उनका निस्तारण मार्जिन मनी समायोजन तक ऑनलाइन किया जाएगा। कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पिछले वर्ष उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।