ढालवाला में रिलायंस पेट्रोल पंप दो दिन के लिए बंद

10 के सिक्के नहीं लेने पर पेट्रोल पंप पर कार्रवाई

ऋषिकेश।
ढालवाला स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर शनिवार को दोपहर पांच सौ के नोट और 10 रुपये के सिक्के नहीं लेने पर ऋषिकेश निवासी हिमांशु संगतानी ने मुनिकीरेती थाने में तहरीर दी। उनका आरोप था कि पंप के कर्मचारियों ने पेट्रोल के लिए 500 रुपये लेने से इनकार कर दिया। जबकि सरकार की ओर से 14 नवंबर तक 500 और 1000 के नोट पंप पर चलने के आदेश हैं। उधर, पंप संचालक का तर्क था कि जीओ के अनुसार प्राइवेट पंपों को 500 और 1000 रुपये के नोट लेने के लिए न तो बाध्य किया गया है, न ही लेने की अनुमति है। शिकायत पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार शक्ति प्रसाद उनियाल ने जांच की। उन्होंने माना कि जीओ के मुताबिक पंप संचालक अपनी जगह सही है, लेकिन पेट्रोल पंप संचालक ने शिकायतकर्ता से 10 रुपये के सिक्के लेने से भी इनकार कर दिया। भारतीय मुद्रा नहीं लेने और कानून व्यवस्था के मद्देनजर तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए पंप को दो दिनों के लिए बंद करवा दिया। मौके पर पूर्ति निरीक्षक संतोष भट्ट, थाना प्रभारी मुनिकीरेती रवि कुमार, राजस्व निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, राजस्व उपनिरीक्षक दयानाथ मौजूद रहे।
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एक ग्राहक की शिकायत थी कि रिलायंस पंप पेट्रोल के बदले 500 रुपये का नोट लेने से इनकार कर रहा है। जबकि मौके पर पंप संचालक ने जीओ प्रस्तुत किया। इसमें प्राइवेट पंपों को 500 और 1000 रुपये के नोट लेने के लिए बाध्य नहीं किया गया है।, लेकिन पंप ने शिकायतकर्ता से 10 रुपये के सिक्के लेने से भी इनकार किया। कानून व्यवस्था बनाने के लिए पंप का दो दिनों के लिए बंद किया गया है।
शक्ति प्रसाद उनियाल, तहसीलदार नरेन्द्रनगर

जीएमवीएन के जीएम से वार्ता विफल, अनशन रखेंगे जारी

ऋषिकेश।
जीएमवीएन से सेवानिवृत्त कर्मचारी विक्रम सिंह पंवार नटराज चौक स्थित यात्रा कार्यालय में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। उनके समर्थन में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं अधिकारी संघ चार सूत्रीय मांग को लेकर धरना दे रहा है। अध्यक्ष नरदेव कोठारी ने बताया कि तीन सालों से निगम प्रबंधन सेवानिवृत कर्मचारियों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। कर्मचारी छठे वेतनमान के एरियर का भुगतान, एसीपी एरियर का भुगतान, विक्रम सिंह पंवार के अवकाश नकदीकरण आदि का भुगतान और डीए एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं। 105
शुक्रवार को निगम के महाप्रबंधक पर्यटन बीएन राणा और कंपनी सेकेट्री कृष्णानंद शर्मा दोपहर के समय धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सभी मांगों पर सहमति जताई। बात अवशेष एरियर को लेकर बिगड़ गई। कर्मचारी बजट के अनुरूप 24 नवंबर और एक दिसंबर तक एरियर देने की मांग कर रहे थे। सहमति पत्र में इस बात का जिक्र नहीं होने पर वार्ता विफल हो गई। धरने पर बैठने वालों में गजेन्द्र सिंह राणा, सोबन सिंह राणा, बीडी पेटवाल, जीतराम बिजल्वाण, बलवंत पंवार, मदन सिंह नेगी आदि शामिल रहे।

देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री लगाने का विरोध

सीएम को संबोधित ज्ञापन में आंदोलन को चेताया

ऋषिकेश।
मैती स्वयं सेवी संस्था से जुड़े सदस्य गुरुवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी ने आरोप लगाया कि देवप्रयाग के ग्राम डडुवा और भंडाली में दिल्ली की एक प्राइवेट फर्म शराब की फैक्ट्री लगवाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि संस्था सरकार की इस योजना का विरोध करती है। कुसुम जोशी ने बताया कि प्रदेश के गांवों में वैसे ही शराब को लेकर हालात अच्छे नहीं हैं।
शराब के कारण कई घरों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी है। आज गांव के लोगों को रोजगार की जरूरत है। ऐसे में सरकार की योजना से गांव में शराब की फैक्ट्री लगने से गांव के हालात और भयावह हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से सरकार के निर्णय को बदलने की मांग की।
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चेताया कि सरकार योजना को वापस नहीं लेती है तो पूरे प्रदेश मे आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में बीना बिष्ट, सुषमा राणा, बैजंती नेगी, वंदना, विमला, कमला नेगी, शोभा चौहान, लक्ष्मण सिंह धर्मशक्तु, शुभम जोशी, राम रतन रतूड़ी आदि शामिल रहे।

डोईवाला-ऋषिकेश रेल लाइन की फिर उठी मांग

ऋषिकेश।
डोईवाला-ऋषिकेश रेल लाइन की मांग फिर तेज हो गई है। राष्ट्रीय दलित जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा। रेल मंत्री से ऋषिकेश से डोईवाला के बीच रेल लाइन और स्टेशन पर रेल सुविधाएं बढ़ाने की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय दलित जागरण मंच के कार्यकर्ता गुरुवार को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पहुंचे। अध्यक्ष डॉ. कदम सिंह बालियान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक को पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन में ऋषिकेश से डोईवाला के बीच रेल लाइन निर्माण की मांग प्रमुख है। इसके अलावा राप्ती गंगा एक्सप्रेस ऋषिकेश से चलाने, ऋषिकेश स्टेशन में कैंटीन की सुविधा बहाल करने, हरिद्वार तक आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को ऋषिकेश से चलाने और लक्सर से ऋषिकेश तक डबल रेल लाइन की मांग भी शामिल हैं।
कार्यकर्ताओं ने मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने से आंदोलन को चेतावनी दी।
106ज्ञापन में अजय मनिहारिया, अमित मोहन, सागर राणा, बबलू लाल, तेजपाल सिंह फौजी, रजनीश सैनी, ऋषिपाल, राजेश कुमार, माया देवी, निकिता देवी, सुमित चौरसिया, मनोज थापा, कमलेश देवी, पप्पू जाटव, अनिल कुमार, आकाश, स्वर्ण सिंह, बलराम, नीटू, किरनपाल, रविन्द्र कुमार, अनिल जाटव आदि के हस्ताक्षर हैं।

आठ महीने बाद भी नहीं मिला जनगणना का मानदेय

ऋषिकेश।
आठ महीने बाद भी जनगणना अद्यतन कार्य का मानदेय नहीं मिलने से यमकेश्वर ब्लॉक के शिक्षकों और राजस्व कर्मचारी नाराज हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी पौड़ी को ज्ञापन सौंपकर मानदेय का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई।
अप्रैल में यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत जूनियर और माध्यमिक के शिक्षकों व राजस्व कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से जनगणना अद्यतन का कार्य किया था, लेकिन आठ माह बाद भी कर्मचारियों को उनका मानदेय नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है। गुरुवार को राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की बैठक में महामंत्री गिरीश बडोला ने कहा कि जनगणना अद्यतन का कार्य बड़ी मेहनत और सावधानी का कार्य है। सभी कर्मचारियों ने अपना शतप्रतिशत समय देकर कार्य को संपन्न कराया, लेकिन आठ महीने के बाद भी मानदेय नहीं मिल पाया है।
01_05_2013-11censusसंघ के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र लिखकर मानदेय भुगतान की मांग की है। इस अवसर पर मेहरबान बिष्ट, ओमप्रकाश लखेड़ा, देवेन्द्र नेगी, दिनेश रावत, रेनू भण्डारी, सुमनलता शाह, सविता नौटियाल, चन्द्रपाल असवाल, सुधीर अमोली आदि उपस्थित थे।

88 दिन बाद खुली जीएमवीएन गेस्ट हाउस की सील

डीएम देहरादून के निर्देश पर एसडीएम ऋषिकेश ने खुलवायी सील
एनजीटी ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने व नया विद्युत कनेक्शन लेने के दिए है आदेश

51 कमरों का है जीएमवीएन का भारत भूमि टूरिस्ट कांप्लैक्स
40 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत थे जीएमवीएन गेस्ट हाउस को सील करते समय

ऋषिकेश।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर आखिरकार 88 दिनों के बाद ऋषिकेश में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के नटराज चौक स्थित भारत भूमि गेस्ट हाउस की सील प्रशासन ने खोल दी है। डीएम देहरादून के निर्देश पर एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी ने सील खोलने की कार्रवाई की। मौके पर गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की है।
शनिवार को एसडीएम ऋषिकेश वृजेश कुमार तिवारी की अगुवाई में सुबह 10.30 बजे नटराज चौक बाइपास मार्ग पर स्थित जीएमवीएन के भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स की सील खोल दी गयी। एसडीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि डीएम देहरादून के निर्देश पर गेस्ट हाउस की सील खोली गई है। बताया कि एनजीटी में गेस्ट हाउस का वाद चल रहा है, जिस पर कोर्ट ने गेस्ट हाउस की सील खोलने के आदेश दिए है। जीएमवीएन को गेस्ट हाउस में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने और इसके लिए नए विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था करने के आदेश दिए गये है।
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एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी का कहना है कि अभी गेस्ट हाउस में कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित नही हो सकेगी। कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के बाद प्रशासन वस्तुस्थिति से एनजीटी को अवगत करायेगा। गौरतलब है कि 2 अगस्त को एनजीटी के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम कुश्म चौहान ने जीएमवीएन गेस्ट हाउस को सील कर दिया था। 88 दिनों के बाद गेस्ट हाउस की सील खुलने से कर्मचारियों में खुशी की लहर है। इस मौके पर जीएमवीएन के एमएस रांगड, दिनेश पंवार सहित कई कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।

3 प्रतिशत तक राज्य सरकार देगी ब्याज सब्सिडी

देहरादून।
सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परेड़ ग्राउन्ड में आयोजित हिमान्या सरस मेला में ‘‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को सीड केपिटल व सामुदायिक निवेश निधि के तहत सहायता राशि के चैक वितरित किए। विभिन्न जिलों के महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 हजार रूपए की सीड केपिटल व 20 हजार रूपए की सामुदायिक निवेश निधि के चैक प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों की बढ़ती भागीदारी से राज्य सरकार बहुत उत्साहित है। चमोली व देहरादून में महिला हाट स्थापित करने के लिए बजट जारी किया जा चुका है। ऐसे हाट प्रत्येक जिले में स्थापित किए जाने हैं। इंदिरा अम्मा कैंटीन फूड सेक्टर में महिलाओं को प्रोत्साहित करने का एक कन्सेप्ट है। प्रदेश में 100 इंदिरा अम्मा कैंटीन स्थापित की जाएंगी। अभी तक 20 से अधिक कैंटीन स्थापित की जा चुकी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई पहलों से धीरेधीरे हमारी बहनें सभी जगह काम करती हुई दिखाई देंगी।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के आर्थिक विकास का नया सोपान महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला मंगल दलों, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकत्रियों व भोजनमाताओं की सहभागिता से तय किया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनके लिए वेकअप मनी के तौर पर 5 हजार रूपए की राशि दी जा रही है। काम प्रारम्भ करने पर 20 हजार रूपए की सामुदायिक निवेश निधि भी दी जा रही है। जो महिला स्वयं सहायता समूह क्लस्टर आधार पर सामूहिक रूप से खेती, बागवानी, दुग्ध उत्पादन या हस्तकला का काम करते हैं उन्हें 1 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को पुराने ऋण से मुक्ति मिल सके। राज्य ब्याज उपादान योजना के तहत जिन महिला स्वयं सहायता समूहों के बैंक ऋण 31 दिसम्बर 2013 तक एनपीए हो गए थे, यदि ऐसे समूह काम करना चाहते हैं और मूलधन की राशि देते हैं तो एनपीए होने से वर्तमान समय तक का ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। अच्छा काम करने वाले व समय पर ऋण की वापसी करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को 3 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी राज्य सरकार देगी।
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मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके वार्षिक टर्नओवर पर 5 प्रतिशत बोनस जबकि आपदाग्रस्त जिलों में 10 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा। अपने खेतों में काम करने वाली महिलाएं मनरेगा श्रमिक के रूप में पंजीकरण करवा सकती है। महिलाओं में एनिमिया व ल्यूकेरिया की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर अभियान प्रारम्भ किया गया है। महिला उद्यमिता पार्क के लिए सिडकुल में 200 एकड़ भूमि की व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा की गई छोटीछोटी पहलों से आने वाले समय में उत्तराखण्ड में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। इस अवसर पर विधायक गणेश गोदियाल, राजकुमार, ममता राकेश, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, अपर सचिव युगल किशोर पंत सहित विभिन्न जिलों से आए महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।

जंगलो में मडुआ, झंगोरा गहत के बीजो का छिडकाव करे जलागम प्रबन्ध: हरीश रावत

देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में जलागम प्रबंध के अन्तर्गत केन्द्र पोषित, बाह्य सहायतित एवं राज्य सेक्टर के अधीन वित्त पोषित, समेकित जलागम प्रबन्ध, परियोजना विकेन्द्रीकृत विकास परिययोजना समेकित आजीविका सहयोग परियोजना एवं जलागम प्रबन्ध कार्यक्रमो के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिये जनपद, मण्डल एवं राज्य स्तर पर अविलम्ब पर्यवेक्षण समिति गठित करने के निर्देश दिये है। उन्होने इस समिति में स्थानीय व्यक्तियों, स्टेक होल्डर एवं तकनीकि दक्षता वाले व्यक्ति को सदस्य नामित करने के भी निर्देश दिये। उन्होने कहा कि ग्रामीण एवं क्षेत्रीय विकास से जुडी इन योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई दे तथा योजनाओ एवं संसाधनो का लाभ स्थानीय जनता को उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किया जाय।
सचिवालय में गुरूवार को देर सांय जलागम प्रबन्ध के अन्तर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने संचालित किये जा रहे कार्यक्रमों से सम्बंधित योजनाओं का केटलॉग तैयार कर विधायकों को भी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होने कहा कि यदि हम 20 प्रतिशत वर्षा जल का भी संचय कर सके तो यह प्रदेश के लिए बड़ी बात होगी। जल संवर्धन एवं भूमि संरक्षण के प्रति विशेष ध्यान देने पर बल देते हुए इन क्षेत्रों की इमेंजिंग बनाने की भी बात उन्होने कही। विभिन्न जल धाराओं व ढलान वाले क्षेत्रो को भी चिन्हित करने तथा इन क्षेत्रों में तालाब व ट्रेंचेज बनाये जाय। उन्होने योजना आधारित गांवो का डाटाबेस भी तैयार करने को कहा। वृक्षारोपण के लिये भी क्षेत्रों का चिन्हिकरण किया जाय, बछुवाबाण से चौखुटिया तक तुन रोपण क्षेत्र विकसित किया जाय, जंगल से जुडे क्षेत्रो में किनगौड़ा, भीमल, घिंघारू, हिसोल, मेहल, बेडू, अखरोट आदि के पेड लगाये जाय।
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मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जंगलो में मडुआ, झंगोरा गहत आदि के बीजो का छिडकाव किया जाय ताकि जंगली जानवरो को जंगलो में ही खाने की व्यवस्था हो। उन्होने 10 काफल व 10 बुरांश के पार्क भी विकसित करने को कहा। उन्होने कहा कि प्राकृतिक वस्तुओं का इन्ही क्षेत्रो में उत्पादन पर ध्यान देना होगा। वनाधिकारियो को गांव वालो से सम्पर्क कर स्थानीय उत्पादों के संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए। ढलान वाले क्षेत्रो में रामबांस का रोपण किया जाय इससे चीड को फैलने से भी रोका जा सकेगा।
मुख्यमंत्री रावत ने पर्वतीय कृषि को बढ़ावा देने के लिए आजीविका के तहत कृषकों को छोटे हैंड ट्रेक्टर, पावर ट्रिलर, मंडुआ थ्रेसर आदि उपलब्ध कराने को कहा। पशुपालन एवं दुग्ध विकास को बढ़ावा देने के लिए जानवरो के हेल्थ कैम्प के आयोजन सघन, दुग्ध उत्पादन क्षेत्रो में महिलाओं को चीज बनाने की मशीन उपलब्ध कराने के भी निर्देश उन्होने दिए। उन्होने इन योजनाओं से जुडे फेडरेशनो का सम्मेलन भी आयोजित कराने को कहा। इस सम्मेलन में स्वंय मुख्यमंत्री रावत भी उपस्थित होकर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त करेंगे।

बेघर प्रकोष्ठ ने दो सीटों पर मांगा टिकट

ऋषिकेश।
कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि कांग्रेस ही गरीब वर्ग की सच्ची हितैषी है। इस दौरान प्रकोष्ठ ने विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर टिकट की मांग उठाई।
नगर पालिका के स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी सभागार में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा निम्न वर्ग को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई हैं। गरीब की समस्याओं का निराकरण करना ही कांग्रेस की प्राथमिकता में शामिल रहा है। दायित्वधारी विजय सारस्वत ने कहा कि गरीब-बेघरों को आवास उपलब्ध कराने को सरकार प्रतिबद्धता है। दायित्वधारी राजेन्द्र शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी दोबारा राज्य में सरकार बनाएगी।
106संयोजक विजयपाल सिंह रावत ने प्रकोष्ठ के लिए विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर टिकट आरक्षित करने की मांग उठाई। कार्यक्रम में जयेन्द्र रमोला, सुनीता रावत, अंजलि सैनी, मधु सेमवाल, कृपाल सिंह रावत, सरोज, ऋषि कश्यप, देवी प्रसाद व्यास, सुमित चौधरी, किरन नेगी, मोनिका, कुसुमनाथ आदि मौजूद रहे।

नरकंकालों पर राजनीति कर रहे सीएम : हरक सिंह

मुख्यमंत्री पर हवा-हवाई घोषणाएं करने का लगाया आरोप

ऋषिकेश।
भाजपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि केदारनाथ में मिले नरकंकालों पर सीएम राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कैलाश खेर के कार्यक्रम को सरकारी धन की बर्बादी बताया। उन्होंने बहुगुणा का बचाव किया और सीएम हरीश रावत पर निशाना साधा। उन्होंने सीएम पर हवा-हवाई घोषणाएं करने का आरोप भी लगाया।
ऋषिकेश में मंगलवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे हरक सिंह रावत ने कहा कि केदारनाथ में मिल रहे नरकंकालों पर राजनीतिक नहीं होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का बचाव करते हुए कहा कि हरीश रावत तीन सालों से सीएम की कुर्सी पर बैठे हैं। उन्होंने केदारनाथ आपदा में लापता हुए लोगों की खोज के लिए क्या किया। हरक सिंह रावत ने कहा कि बर्फीले इलाके में आगे और नरकंकाल मिल सकते, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
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कहा कि कांग्रेस में संगठन नाम की कोई चीज नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, यह हाईकमान को तय करना है। हमें सिर्फ हरीश रावत सरकार की विदाई के बारे में सोचना है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में सूफी गायक कैलाश खेर के कार्यक्रम पर करोड़ों रुपये खर्च करने पर नाराजगी जताई। कहा कि सरकार केदारनाथ आपदा पीड़ितों पर यह पैसा खर्च कर सकती थी।