बद्री प्रसाद भट्ट ने संभाला मोर्चा, स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर दिये निर्देश

नियमित कूड़ा कलेक्शन, वार्ड में साफ-सफाई नहीं होने आदि से जुड़ी जन शिकायतें अब टोल फ्री नंबर 0135-2973460 पर दर्ज करा सकते हैं। नगर निगम प्रशासन ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। साथ ही शहर को प्रतिबंधित पॉलीथिन से मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान शुरू होगा।
ऋषिकेश नगर निगम में एक दिन पहले सहायक नगर आयुक्त का पदभार संभालने वाले बद्री प्रसाद भट्ट ने शहर की सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए निगम के सफाई निरीक्षक, यूएनडीपी अधिकारी, जीआईजेड अधिकारी और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी के प्रतिनिधियों की बुधवार को बैठक ली। ऋषिकेश वेस्ट मेनेजमेंट के प्रबंधक शशांक सिंह से कूड़ा प्रबंधन की जानकारी ली। साथ ही प्रत्येक कूड़ा कलेक्शन वाहन में 20 किलो के बैग सूखा कूड़ा एकत्रीकरण के लिए अलग से लगाए जाने के निर्देश दिए।
सहायक नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों के रूटों की दैनिक निगरानी के लिए वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम को पोर्टल कंप्यूटर से जोड़ने की बात कही। साथ ही अधीनस्थों को उनके क्षेत्रों में सोर्स सेग्रीगेशन, प्रतिबंधित पॉलीथिन की रोकथाम के लिए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। सहायक नगर आयुक्त भट्ट ने सफाई निरीक्षकों को निर्देशित किया कि शहर में दैनिक सफाई व्यवस्था की जीपीएस लोकेशन कैमरे सहित फोटोग्राफ व्हाट्सअप ग्रुप में डालें, ताकि नियमित तौर पर सफाई व्यवस्था की समीक्षा की जा सके। मौके पर सफाई निरीक्षक संतोष गुसाईं, प्रोजेक्ट ऑफिसर यूएनडीपी आयान चक्रवती, जीआईजेड प्रतिनिधि राहुल, गुरमीत सिंह आदि मौजूद रहे।

परिवहन मंत्री चन्दनराम दास मैक्स में भर्ती

परिवहन मंत्री चन्दनराम दास की विधानसभा सत्र के दौरान अचानक बिगड़ी तबियत के बाद कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर उनका स्वास्थ्य का हाल जाना।
बुधवार को विधानसभा में सत्र के दूसरे दिन दोपहर बाद परिवहन मंत्री चन्दन रामदास के स्वास्थ्य में अचानक गिरावट देखने को मिली। उन्हें पहले विधानसभा में ही बने चिकित्सको की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। हालात बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
सत्र की समाप्ति के बाद वित्तमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सहित स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत उनके स्वास्थ्य का हाल जानने अस्पताल पहुंचे और चिकित्सको से जानकारी ली। वहीं, उन्होंने ईश्वर से उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

प्रसिद्ध समाजसेवी जयदत्त शर्मा के कार्यो को आगे बढ़ा रहे प्रतीक शर्मा-अग्रवाल

प्रसिद्ध समाजसेवी जयदत्त शर्मा फाउंडेशन की ओर से निशुल्क रक्त जांच, दांत जांच, महिलाओं के लिये फिजियोथेरेपी शिविर का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की।
रविवार को सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर पर आयोजित शिविर का शुभारंभ मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि स्व. जयदत्त शर्मा आज भी हमारे दिलों में हैं, उन्होंने समाज में जब भी किसी भी वर्ग को दिक्कतें आई, हमेशा आगे बढ़चढ़कर उनका न सिर्फ नेतृत्व किया बल्कि उसका समाधान भी करवाया। उन्होंने सामाजिक कार्याे के साथ ही राजनीति में भी सराहनीय कार्य किये।
अग्रवाल ने कहा कि स्व. शर्मा जी जैसे लोग बहुत कम पैदा होते हैं। उन्होंने रामलीलाओं में भी भगवान लक्ष्मण का किरदार निभाकर समाज को प्रेरणा देने का कार्य किया। अग्रवाल ने फाउंडेशन के संस्थापक प्रतीक कालिया को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर 2800 लोगों के रक्तदान की जांच की गई। जबकि 35 लोगों ने दांत की जांच की गई। साथ ही 50 से अधिक महिलाओं की फिजियोथेरेपी की।
इस अवसर पर सोमेश्वर मंदिर महंत रामेश्वर गिरी महाराज, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, इंद्र कुमार गोदवानी, गोपाल सती, सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, पार्षद अनिता रैना, सुजाता कुकरेजा, रेखा चौबे, भावना सिंधी, सिमरन गाबा, नविता अग्रवाल, डॉ गगन शर्मा, डॉ शशांक प्रतीक, डॉ कल्पना रस्तोगी, सुरेंद्र कैंतुरा, वीरेंद्र भारद्वाज सहित स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न बीमारियों के एक्सपर्ट चिकित्सकों ने रोगियों को दिया परामर्श

ग्रामीण क्षेत्र खदरी में श्री गुरो मंगल सर्वंजना अस्पताल के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर क्षेत्रवासियों के लिए राहत लेकर आया। मंहगे उपचार एवं विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त सैकड़ों लोग स्वास्थ्य कैम्प में पहुंचे। जहां विभिन्न बीमारियों के एक्सपर्ट चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थय परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया गया।
रविवार की सुबह स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ अस्पताल के संचालक डॉ विजय कुमार एवं अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में सैकड़ों की संख्या में उपचार हेतु पहुंचे मरीजो ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रणीति दास, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ अंकिता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ योगेश, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ विजय कुमार, यूरोलॉजिस्ट डॉ कौशल कुमार, नेत्र दृष्टि विशेषज्ञ डॉ राजे नेगी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विभा मंगल जैन, जनरल फिजिशियन डॉ जेव सिंह से निःशुल्क परामर्श लिया। साथ ही निःशुल्क रक्त एवं यूरीन जांच का लाभ उठाया। अस्पताल के संचालक डॉ विजय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर उनके अस्पताल में विशेषज्ञों की टीम बुलाकर निरूशुल्क शिविर का आयोजन किया जाता रहा है जिससे की समय रहते लोगों अपने स्वास्थ संबंधी रोगों की जानकारी मिल सके एवं सही समय पर उपचार भी करा सकें। शिविर को सफल बनाने में जन सम्पर्क अधिकारी विनोद सिंह पंवार, रविन्द्र कुकरेती, शिवम भट्ट, अंकित सैनी, मनोज नेगी, सौरभ, सुषमा शर्मा ने सहयोग किया।

उत्तराखंड को मिलेगा पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

राज्य में महामारी एवं आपदा जनित रोगों पर निगरानी, त्वरित रोकथाम व नियंत्रण हेतु इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आई.डी.एस.पी.) द्वारा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, दिल्ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार सेण्टर फॉर डिजीज कण्ट्रोल (सी.डी.सी.) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 2 से 4 जून तक देहरादून में किया जा रहा है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड राज्य भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूस्खलन, बाढ़, भूकंप आदि विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से ग्रसित रहता है जिससे संक्रामक, जलजनित व वेक्टर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया के महामारी के रूप में प्रसारित होने की संभावना रहती है। साथ ही जलवायु परिवर्तन के कारण भी विभिन्न रोगों के प्रसारित होने की संभावनाएं होती है।
डॉ. भट्ट द्वारा जानकारी दी गयी कि उक्त चुनौतियों से निपटने एवं संक्रामक व आपदा जनित रोगों पर निगरानी, त्वरित रोकथाम व नियंत्रण हेतु राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र दिल्ली, भारत सरकार व सेण्टर फॉर डिजीज कण्ट्रोल एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।
डॉ. सरोज नैथानी, निदेशक, राष्ट्रीय कार्यक्रम, स्वास्थ्य निदेशालय, उत्तराखंड ने कार्यशाला के दौरान बताया कि गत दो वर्षों में कोविड महामारी के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम में राज्य एवं जनपद स्तरीय आई.डी.एस.पी. टीम का अहम योगदान रहा है। कोविड जैसी महामारियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए आई.डी.एस.पी. टीम को प्रशिक्षण देना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। जिसके लिए इस तरह की कार्यशाला एक मील का पत्थर साबित होगी।
डॉ. नैथानी द्वारा बताया गया कि राज्य में अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आम जनसमुदाय को भी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी मैनेजमेंट में प्रशिक्षित किया जायेगा।
उक्त बैठक में डॉ. हिमांशु चौहान, संयुक्त निदेशक एवं प्रभारी- आई.डी.एस.पी., राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र दिल्ली, भारत सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 तथा आपदा जनहित रोगों के प्रभावी प्रबंधन हेतु पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर शीघ्र ही उत्तराखंड में स्थापित होने जा रहा है जिसके लिए भारत सरकार के एन.सी.डी.सी तथा सी.डी.सी. द्वारा तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।
कार्यशाला में आई.डी.एस.पी के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह, भारत सरकार के सी.डी.सी. प्रतिनिधि डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, डॉ. अमृता गुप्ताएवं इमरजेंसी मैनेजमेंट टीम तथा गढ़वाल मंडल के सभी जनपदों के आई.डी.एस.पी. यूनिट से जिला सर्विलांस अधिकारी, एपिडेमियोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यू.एस.डी.एम.ए.), पंचायती राज संस्थान, महिला सशक्तीकरण और बाल विकास विभाग, रेडक्रॉस आदि विभागों के अधिकारी एवं मेंटर्स के रूप में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग फैकल्टी, मेडिकल कॉलेज एवं यू.एस.डी.एम.ए. के अधिकारियों ने भाग लिया।

एम्स के चिकित्सकों ने जटिल कार्डियक का किया सफल ऑपरेशन

एम्स ऋषिकेश के सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों ने बिजनौर निवासी एक 16 वर्षीय किशोर र्की एओटिक वाल्व एन्डोकार्डाइटिस एवं सैम की जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। बताया गया है कि उक्त किशोर बचपन से ही जल्दी थकान, सांस फूलने और घबराहट आदि लक्षणों से परेशान था। निदेशक एम्स प्रो. अरविंद राजवंशी ने जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए चिकित्सकीय टीम की सराहना की है।

बिजनौर, उत्तरप्रदेश निवासी 16 वर्षीय किशोर जो ​कि बचपन से ही सांस फूलने, घबराहट और जल्दी थकान लगने जैसी समस्याओं से ग्रसित था। उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश आने पर यहां कार्डियक थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग सीटीवीएस विभाग में जांच करने पर पता चला कि उसके दिल में छेद है। मगर आसपास हृदय शल्य चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण वह अब तक अपना इलाज नहीं करा पाया। जिसके चलते बीमारी बढ़ने पर उसे पिछले तीन महीने से लगातार बुखार की शिकायत होने लगी थी,जिसके बाद वह अपने संपूर्ण उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचा। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में विभागाध्यक्ष डा. भानु दुग्गल एवं डा. यश श्रीवास्तव ने किशोर की जांच कर पता लगाया कि उसके दिल में वाल्व में इन्फैक्शन हो गया है एवं उसका वाल्व खराब हो गया है। यही नहीं उसके वाल्व और छेद के बीच में एक झिल्ली बन गई है जिससे उसके शरीर में खून पंप नहीं हो पा रहा था।
जिसके बाद चिकित्सकों ने उसे लगभग एक माह अस्पताल में भर्ती रखा और एंटीबायोटिक दवा दी गई। इसके बाद मरीज को बेहद जटिल ओपन हार्ट सर्जरी के लिए सीटीवीएस विभाग के पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जन डा. अनीश गुप्ता के पास भेजा गया। इसके बाद करीब 6 घंटे चली अत्यंत जोखिमपूर्ण सर्जरी को डा. अनीश गुप्ता एवं उनकी टीम ने बखूबी अंजाम दिया और किशोर को नया जीवन प्रदान किया। किशोर के उपचार में एनिस्थिसिया विभाग के डा. अजेय मिश्रा ने बेहोशी एवं आईसीयू में मरीज की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डा. अंशुमन दरबारी ने बताया कि हमारा विभाग वक्त रहते सभी मरीजों को संपूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए सततरूप से प्रयासरत है।
एम्स निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने व किशोर को नवजीवन प्रदान करने के लिए डा. अनीश गुप्ता व उनकी टीम की सराहना की। चिकित्सक ने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से फिट है,जिसे डिस्चार्ज जल्द करने की तैयारी है।
क्या है इन्फैक्टिव एन्फैक्टिव एंडोकार्डाइटिस और सैम चिकित्सक ने बताया कि जिन बच्चों का समय रहते दिल के छेद का आपरेशन नहीं हो पाता है, उनको हार्ट के वाल्व में लीकेज और इन्फैक्शनका रिस्क रहता है। जिसे इन्फैक्टिव एंडोकार्डाइटिस कहा जाता है। यह एक जानलेवा स्थिति होती है, यही नहीं छेद से खून के बहाव से एक झिल्ली बन जाती है जिसे सैम अथवा सब एरोटिक मैम्ब्रोन कहते हैं। यह शरीर में रक्त के बहाव में रुकावट उत्पन्न करती है।

स्वास्थ्य को लेकर श्रद्धालुओं को जारी किये गये दिशा-निर्देश

चारधाम यात्रा-2022 के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के स्वास्थ्य के लिये हेल्थ एडवाईजरी जारी की गई है।
चारधाम यात्रा में समस्त तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मी0 से भी अधिक है। उन स्थानों में यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आद्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। अतः सभी तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं।
श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत ही यात्रा के लिए प्रस्थान करें। पूर्व से बीमार व्यक्ति अपने चिकित्सक का परामर्श पर्चा एवं चिकित्सक का संपर्क नम्बर एवं चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवाईयां अपने साथ रखें।
अति वृद्ध एवं बीमार व्यक्तियों एवं पूर्व में कोविड से ग्रसित व्यक्तियों के लिए यात्रा पर न जाना या कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित होगा।
तीर्थस्थल पर पहुँचने से पूर्व मार्ग में एक दिन का विश्राम करना उचित होगा।
गर्म एवं ऊनी वस्त्र साथ में अवश्य रखें। हृदय रोग, श्वांस रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रोगी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें।
लक्षण जैसे-सिर दर्द होना, चक्कर आना, घबराहट का होना, दिल की धड़कन तेज होना, उल्टी आना, हाथ-पांव व होठों का नीला पड़ना, थकान होना, सांस फूलना, खाँसी होना अथवा अन्य लक्षण होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचें एवं 104 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करें।
धूम्रपान व अन्य मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
सनस्क्रीन एसपीएफ 50 का उपयोग अपनी त्वचा को तेज धूप से बचाने के लिए करें । यूवी किरणों से अपनी आंखों के बचाव हेतु सन ग्लासेस का उपयोग करें।
यात्रा के दौरान पानी पीते रहें और भूखे पेट ना रहें। लम्बी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यायाम से बचें। किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी हेतु 104 एवं एम्बुलैंस हेतु 108 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करेंगे।

सिक्स सिग्मा के साथ दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ श्रद्धालुओं को देंगे सेवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर द्वारा चारधाम यात्रा मार्गों पर उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर द्वारा चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से जनसेवा का सराहनीय कार्य किया जाता रहा है। उनके द्वारा आगामी 06 माह तक सेवाएं दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य में चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड आयेंगे। सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे इंतेजाम किये गये हैं। हमें चुनौतियों को अवसर में बदलना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विकास के लिए हर क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। समाज के योगदान से कार्यों में और अधिक आसानी होती है। मुख्यमंत्री ने सिक्स सिग्मा टीम द्वारा हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों की सराहना की।

सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर के डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड में फ्री मेडिकल सर्विस देती है। इस बार सिक्स सिग्मा के साथ एम्स, दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर भी श्रद्धालुओं को सेवा देंगे। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा में मेडिकल सेवाएं देने के लिए सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर की ओर से 130 से अधिक मेडिकल स्टाफ को लगाया जायेगा। इस अवसर पर सिक्स सिग्मा टीम के डॉक्टर भी उपस्थित थे।

मास्क पहनना देहरादून में आवश्यक, जुर्माने का भी प्रावधान

उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।

आदेश में कहा है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए पूर्व की भांति सार्वजनिक स्थानों एवं घर के बाहर मास्क, गमछा, रुमाल, दुपट्टा, स्कार्फ पहनना अनिवार्य कर दिया है।

साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकना एव॔ उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर उत्तराखंड राज्य महामारी कोविड-19 संशोधन नियमावली 2019 व्यवस्थाओं के अनुरूप ₹500 से ₹1000 तक जुर्माने का प्रावधान किया है उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जिला मजिस्ट्रेट देहरादून आर राजेश कुमार ने जारी करते हुए रिज उप जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर

कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के संबंध में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के संग बैठक की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विशेष तौर पर बेस अस्पताल कोटद्वार में मेडिकल स्टाफ के रिक्त पड़े पदों में शीघ्र तैनाती दिए जाने एवं चिकित्सा व्यवस्था बेहतर रखे जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव सहित विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से सख्ताई से कहा कि कोटद्वार में बेस हॉस्पिटल केवल रेफर सेंटर बन कर रह गया है, प्रत्येक मरीज को वहां से रेफर कर दिया जाता है। बेस हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कमी के कारण स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार से बेस अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती की जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि विज्ञापन निकालकर एवं कैंपस में जाकर डॉक्टर को ऑफर किया जाए। उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं कार्डियोलॉजिस्ट का होना अति आवश्यक है। उन्होंने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में एक और अतिरिक्त 108 सेवा की एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा। साथ ही विभागीय अस्पताल की एंबुलेंस को भी निशुल्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत स्वास्थ्य सेवा दिए जाने के लिए कहा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवम् सब सेंटर की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मरमत्तीकरण एवं बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कहा। उन्होंने अस्पतालों में बायोमेट्रिक व्यवस्था को लागू किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मरीजों को हर संभव सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत सभी कार्ड धारियों का इलाज होना आवश्यक है। एनएचएम के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने बेस अस्पताल में सृजित पदों के सापेक्ष भरे हुए पदों एवं रिक्त पड़े पदों की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ के पद भी भरे जाएं। अधिकारियों ने बताया कि 1325 स्टॉफ नर्स के पदों की विज्ञप्ति जारी की गई है वही 62 एक्स-रे तकनीशियन पदों को भी भरा जाना है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव राधिका झा, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव सोनीका, स्वास्थ्य निदेशक विनीता साह, पौड़ी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रवीण कुमार, बेस हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ तिवारी, अनु सचिव जसविंदर कौर, अनु सचिव सुनील कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।