राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर कई शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन

रक्ताधान औषधि तथा रक्तकोष विभाग में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में माह भर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का रविवार को समापन किया गया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वैक्षिक रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में एम्स, ऋषिकेश के रक्ताधान औषधि तथा रक्तकोष विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष डा. गीता नेगी की देखरेख में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी माहभर विभिन्न रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ ही रक्तदान से जुड़े शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनकी शुरुआत माह के प्रारम्भ में पोस्टर तथा स्लोगन लेखन प्रतियोगिता से की गई।
उक्त कार्यक्रमों में एम्स के छात्र-छात्राओं के अलावा स्टाफ मेबरों व स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने भी चढ़कर हिस्सा लिया। रविवार को समापन कार्यक्रम में पोस्टर तथा स्लोगन लेखक प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने संदेश में एम्स निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदाताओं से लिया गया रक्त सर्वश्रेष्ठ होता है। उन्होंने युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान में बढ़चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान भी किया।
संस्थान के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने कहा कि लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर प्रेरित करने के लिए इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने रक्तकोष विभाग के कार्यक्रमों की सराहना की व ऐसे कार्यक्रमों के ज्यादा से ज्यादा आयोजन के लिए प्रेरित किया।
विभागाध्यक्ष डा. गीता नेगी ने बताया कि एम्स प्रतिवर्ष ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता है जिसमें संस्थान के विद्यार्थी, चिकित्सक, कर्मचारियों के अलावा आम नागरिकों का सहयोग प्राप्त होता है। विभाग की फैकल्टी सदस्य डा. दलजीत कौर व डा. आशीष जैन जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन की रक्षा के लिए स्वैच्छिक रक्तदान बेहद जरूरी है, इसके लिए सभी को आगे आने की आवश्यकता है। बताया कि विभाग आगे भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से करेगा।

ऊधम सिंह नगर में स्थापित होगा एम्स ऋषिकेश का सेटेलाइट केंद्र

उधम सिंह नगर जनपद के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध जमीन पर एम्स ऋषिकेश का सेटेलाइट केंद्र संचालित होगा जो कुमायूं मंडल के मरीजों के लिए एम्स की सुविधाएं प्रदान कर उपचार की सेवाओं को उपलब्ध कराएगा। ऊधम सिंह नगर में एम्स ऋषिकेश द्वारा सैटेलाइट केंद्र खोले जाने संबंधित पत्र भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार निलाम्बुज शरण की ओर से एम्स ऋषिकेश के डायरेक्टर को प्राप्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री द्वारा ऋषिकेश (एम्स) की भांति कुमांऊ क्षेत्र में भी एम्स की स्थापना का अनुरोध भारत सरकार से किया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कुमांऊ क्षेत्र की जनता के साथ उप्र के समीपवर्ती जनपदों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री के उपरोक्त अनुरोध के क्रम में भारत सरकार द्वारा तात्कालिक रूप से शीघ्र ही जनपद ऊधमसिंह नगर में राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई जमीन पर एम्स ऋषिकेश के सेटलाइट केन्द्र संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार सरन के पत्र में एम्स भुवनेश्वर द्वारा उड़ीसा के बालासोर में संचालित सेटेलाइट केंद्र की तर्ज पर एम्स ऋषिकेश द्वारा उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में एम्स का सेटेलाइट केंद्र संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने के लिए कहा है। भारत सरकार के पत्र मिलने के बाद अब राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध जमीन की उपयोगिता एवं एम्स के सेटेलाइट केंद्र के रूप में संचालित होने की क्षमता का आकलन स्वास्थ्य मंत्रालय की टेक्निकल टीम द्वारा शीघ्र ही किया जाएगा, जिसमें एम्स निदेशक की अगुवाई में वहां के इंजीनियर तथा चीफ आर्किटेक्ट जमीन का भ्रमण कर उपयोगिता का परीक्षण करेंगे। परीक्षण के उपरांत एम्स की टीम चिन्हित स्थान पर एम्स के सेटेलाइट केंद्र के संचालन हेतु अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को प्रस्तुत करेगी। भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार द्वारा इस प्रकरण को तेजी से निष्पादित करने का अनुरोध भी एम्स निदेशक से किया गया है।

स्तन कैंसर जनजागरुकता कार्यक्रम के तहत रैली निकालकर दिया संदेश

एम्स, ऋषिकेश कॉलेज ऑफ नर्सिंग में विभिन्न कक्षाओं के नर्सिंग स्टूडेंट्स की ओर से स्तन कैंसर जनजागरुकता कार्यक्रम के तहत रैली निकाली गई। जिसके माध्यम से महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरुक किया गया। रैली में विद्यार्थियों के साथ ही नर्सिंग फैकल्टी सदस्यों ने भी प्रतिभाग किया।
शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में कॉलेज ऑफ नर्सिंग के बीएससी अंतिम वर्ष व एमएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने असिटेंट प्रोफेसर डा. राज राजेश्वरी व प्रसुन्ना जैली की अगुवाई में स्तन कैंसर जनजागरुकता रैली निकाली। रैली को संस्थान के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली एम्स के गेट नंबर-एक से शुरू हुई और आस्था पथ बैराज, एम्स गेट नंबर-2 होते हुए कॉलेज ऑफ नर्सिंग में संपन्न हुई।
इस अवसर पर एम्स अस्पताल के नॉन कोविड एरिया में बीएससी नर्सिंग की छात्राओं ने स्तन कैंसर जनजागरुकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया और महिलाओं को स्तन कैंसर के कारण, सावधानियां, बचाव व उपचार संबंधी संदेश दिया। उन्होंने महिलाओं को स्तन कैंसर संबंधी स्वास्थ्य शिक्षा के तहत स्वस्थ जीवनशैली एवं पोषक खाद्य पदार्थों के सेवन से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराया, जिसका उद्देश्य स्तन कैंसर से बचाव को लेकर महिलाओं को जागरुक करना था।
इस दौरान महिलाओं द्वारा स्तन कैंसर बीमारी से जुड़े सवाल भी पूछे गए, जिनका नर्सिंग फैकल्टी व स्टूडेंट्स के द्वारा उत्तर दिया गया। इस अवसर पर कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल जेवियर बेलसियाल, फैकल्टी डा. राज राजेश्वरी, प्रसुन्ना जैली, मीनाक्षी, गीतिका, कालेश्वरी, अवधूत, दिव्या, विश्वास आदि मौजूद रहे।

सारी दवा खरीदो, एक नही दूंगा तीमारदार को कहकर लौटा दिया

एम्स रोड पर प्राइवेट मेडिकल स्टोर संचालक पर मरीज के तीमारदारों को दवा नहीं देने और बदसलूकी करने कि शिकायत पर ड्रग्स इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर से संबंधित दस्तावेज आदि की जांच की। बताया कि आरोप साबित होने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
शनिवार को ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती देहरादून से ऋषिकेश एम्स रोड पहुंची। यहां एम्स संस्थान से सटे एक प्राइवेट मेडिकल स्टोर में पहुंचकर स्टोर संचालक से जवाब तलब किया। इस दौरान दवा का स्टॉक, एक्सपाइरी डेट आदि की जांच की। कार्रवाई से एम्स रोड पर मेडिकल स्टोर चला रहे संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि एम्स रोड पर साईं मेडिकल स्टोर संचालक ने एम्स में भर्ती एक मरीज के तीमारदार को यह कहकर दवा नहीं दी कि सभी दवाई यहां से खरीदे। पर्चे में लिखी एक दवा नहीं दूंगा। जबकि तीमारदार पर्चे में लिखी अन्य दवाएं एम्स परिसर में खुले मेडिकल स्टोर से ले चुका था। एक दवा नहीं मिली तब वह बाहर मेडिकल स्टोर पर आया। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि एक दवा नहीं देना नियम विरुद्ध है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। साथ ही मेडिकल स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली जाएगी। आरोप साबित होने पर स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

टीकाकरण अभियान-एम्स ऋषिकेश में 50 हजार डोज लगाई गई

अखिल भारतीय आयुविज्ञान संस्थान, ऋषिकेश के टीकाकरण केंद्र के तत्वावधान में अब तक लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की 50,000 डोज लगाई जा चुकी है। शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की उपस्थिति में 50,000 वीं डोज लगाई गई। शुक्रवार को एम्स,ऋषिकेश कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 50,000 वीं को​विड 19 वैक्सीन की डोज ऋषिकेश निवासी खुशीराम को लगाई गई। इस अवसर पर विशेषरूप से मौजूद भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एम्स ऋषिकेश की इस उपलब्धि पर बधाई दी एवं हैल्थ केअर स्टाफ के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी भी उपस्थित रहीं। इस उपलब्ध के लिए विधायक ऋतु खंडूड़ी के साथ ही एम्स निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने भी एम्स संस्थान के हेल्थकेयर स्टाफ को बधाई दी।
आयोजित कार्यक्रम के दौरान संस्थान के डीन एकेडेमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. अश्वनी कुमार दलाल, वैक्सीनेशन नोडल ऑफिसर तथा कम्युनिटी एवं फैमिली मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना के अलावा अन्य चिकित्सकों व एम्स प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में केक काटा गया। इस अवसर पर कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर, एम्स ऋषिकेश के प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि इस केंद्र पर भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत 16 जनवरी-2021 को कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रारंभ हुआ। जिसके तहत अब तक 50,000 डोज लगाई जा चुकी हैं। इसमें 27,616 प्रथम डोज व 22,384 द्वितीय डोज लगाई गई हैं। इनमें से 10,846 डोज हेल्थ केयर स्टाफ, फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा 39,154 डोज सामान्य जनता को लगाई गई है।
केंद्र प्रभारी ने बताया कि अब तक इस सेंटर पर 223 वैक्सीनेशन सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले 9 महीने से यह केंद्र निरंतर टीकाकरण का कार्य कर रहा है। यहां पर कोविशील्ड तथा को-वैक्सीन दोनों ही कोविड-19 वैक्सीन की डोज सभी आयुवर्ग (18 वर्ष एवं उससे अधिक) के लिए उपलब्ध है। संस्थान के कम्युनिटी एवं फैमिली मेडिसिन विभाग द्वारा संचालित इस केंद्र पर संकायगण, जूनियर डॉक्टर, इन्टर्नस, नर्सिग स्टाफ एवं पैरामेडिकल की टीम चिकित्सा विभाग, उत्तराखंड सरकार के सहयोग से कोविड-19 वैक्सीनेशन के शतप्रतिशत लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सततरूप से कार्यरत है। इस अवसर पर प्रो. कमर आजम, डॉ. अजीत भदौरिया, डॉ. योगेश बहुरूपी, डा. मधुर उनियाल, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत, प्रशासनिक अधिकारी संतोष, पुस्तकालयाध्यक्ष संदीप सिंह, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट घेवर चंद,नर्सिंग इंचार्ज जिमिमा, एएनएस जितेंद्र आदि मौजूद रहे।

धामी की पहल पर मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का पुनः शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना का पुनः शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का पुनः शुभारंभ होना बच्चों के विकास एवं उन्हें पर्याप्त पोषण मिलने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माँ का आंचल बच्चे की धूप-छांव से बचाव करता है, उसी प्रकार आंचल अमृत योजना बच्चों में कुपोषण को दूर करने में निश्चित रूप से सहायक होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया, इससे यह योजना भी कुछ समय तक प्रभावित रही जिसे अब पुनः शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 4 दिन निशुल्क फोर्टीफाइड मीठा एवं सुगंधित दूध मिलेगा। उन्होंने कहा इस योजना से प्रदेश के 1 लाख 70 बच्चों को लाभ मिलेगा ,साथ ही बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार होगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार बच्चों, महिलाओं, बहनों के लिए हर वह जरूरी योजना लाएगी जिससे उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत 1 लाख गर्भवती महिलाओं तथा 85 हजार धात्री महिलाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याओं से अवगत है। वे जिन परिस्थितियों में कार्य करती हैं उससे भी वे परिचित हैं। क्योंकि स्वयं उनके बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़े हैं। जिस प्रकार वे बच्चों की इन केन्द्रों में देखभाल के साथ अन्य कार्य करती हैं वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों से सम्बन्धित प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रक्षाबन्धन पर एक-एक हजार तथा कोरोना प्रोत्साहन 5 माह तक 2-2 हजार रूपये का भुगतान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी की समस्याओं के समाधान के प्रति कटिबद्ध है। ग्राम प्रधानों के मानदेय में भी 1500 रू. की वृद्धि की गई है। 2001 बैच के पुलिस आरक्षियों को 4500 ग्रेड पे स्वीकृत किया गया है। आशा कार्यकत्रियों का मानदेय 1500 बढ़ाया गया है।
उपनल कार्मिकों के मानदेय में 10 साल की सेवा वालों को 2 हजार तथा उससे उपर की सेवा पर 03 हजार की वृद्धि की गई है। बिजली कार्मिकों की समस्याओं का भी समाधान किया गया है। कोरोना महामारी के कारण पर्यटन एवं स्वास्थ्य कार्मिकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिये क्रमशः 200 एवं 205 करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई है। युवाअें को सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों में सेवा के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके शारीरिक दक्षता के लिये स्वस्थ्य युवा, स्वस्थ उत्तराखण्ड योजना के तहत सभी न्याय पंचायतों में ओपन जिम खोलने जा रहे हैं। कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिये वात्सल्य योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में भी तेजी से कार्य हो रहा है। हर क्षेत्र में विकास कार्यों को दुगनी रफ़्तार से किया जा रहा है। उन्होंने कहा हाल ही में आई दैवीय आपदा से निपटने के लिए सरकार ने तेजी से कार्य किया जिसके फलस्वरूप चार धामों की यात्रा पर आये करीब डेढ़ लाख पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ धामों का विकास कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 11 बच्चों को दूध भी वितरित कर योजना का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का संक्षिप्त विवरण देते हुए सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव हरिचन्द्र सेमवाल ने बताया कि प्रदेश में 7 मार्च, 2019 को मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के अर्न्तर्गत राज्य सरकार द्वारा राज्य के समस्त आंगनवाडी केन्द्रों में आने वाले स्कूल पूर्व शिक्षा के 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ में सुधार के साथ-साथ कुपोषण दर कम करना तथा आंगनवाडी केन्द्रों में बच्चों की संख्या में वृद्धि किये जाने के उददेश्य से यह योजना राज्य में प्रारम्भ की गई।
वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत प्रदेश के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों उपयोगार्थ डेरी विकास विभाग, उत्तराखण्ड के माध्यम से सुगन्धित फोर्टीफाइड मिल्क विटामिन ए व डी युक्त दूध सप्ताह में 4 दिन प्रति बच्चा 10 ग्रा दूध पाउडर से 100 मीली दूध तैयार कर किया गया। राज्य में लगभग कुल 1,70,000 लाभार्थी बच्चों को प्रतिमाह लाभान्वित करते हुये योजनान्तर्गत कुल रू0 6.33 करोड़ का व्यय किया गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष के कुल 256199 बच्चों के उपयोगार्थ माह अक्टूबर से दिसम्बर, 2021 हेतु कुल रू० 4,33,33,000/- की धनराशि का अग्रिम भुगतान दुग्ध पाउडर की आपूर्ति हेतु डेरी विकास विभाग, उत्तराखण्ड को किया गया।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी विचार व्यक्त किये, प्रबन्ध निदेशक आंचल जयदीप अरोड़ा के साथ ही कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

चमोली और उत्तरकाशी के लिये आधुनिक एम्बुलेंस रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम (एन.एच.आई.डी.सी.एल.) द्वारा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित दो एम्बुलेंसों को जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के लिये फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंसों में आकस्मिक उपचार की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए एन.एच.आई.डी.सी.एल. के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी की जनता को समर्पित ये एम्बुलेंस इन क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित उपचार प्रदान करने में मददगार होगी।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक एन.एच.आई.डी.सी.एल., कर्नल (से.नि.) सन्दीप सुधेरा, महाप्रबन्धक ले. कर्नल वरुण वाजपेई, विनोद पैन्यूली, वी.एस. खेरा, सीएमओ चमोली उमा रावत आदि उपस्थित थे।

एम्स ने कोडिंग करने की जानकारी दी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यशाला में तृतीयक देखभाल वाले अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आईसीडी-10 की उपयोगिता और इसको बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। बताया गया कि मेडिकल और स्वास्थ्य से संबंधी अनुसंधान के क्षेत्र में हेल्थ रिकॉर्ड का विशेष महत्व होता है।
एम्स ऋषिकेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग लखनऊ के क्षेत्रीय कार्यालय के तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ’प्रमोट टू यूज ऑफ आईसीडी-10 इन टेरटियरी केयर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज’ विषय पर आधारित इस कार्यशाला में मेडिकल स्टूडेट्स और कार्यरत मेडिकल स्टाफ को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई, कि किस प्रकार इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिसीज में मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड की उपयोगिता महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीन एकेडेमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्मित रोग और संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकी वर्गीकरण का दसवां संस्करण ’आईसीडी-10’ चिकित्सीय वर्गीकरण की सूचियों का समूह है।
डीन रिसर्च प्रोफेसर वर्तिका सक्सैना ने बताया कि अभी तक भारत के कुछ बड़े अस्पतालों में ही आईसीडी-10 की ऑनलाइन कोडिंग व्यवस्था है। मरीजों के हित के लिए अब उत्तराखंड में भी इसे शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के तहत इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रोफेसर अश्वनी कुमार दलाल ने कहा कि आईसीडी-10 मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड पर आधारित ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली है, जिससे चिकित्सकों को मरीज की पूरी हिस्ट्री देखने के लिए अलग-अलग कई रिपोर्ट नहीं पढ़नी पड़ेगी। इस सुविधा से सिर्फ आईसीडी-10 कोड की मदद से मरीज की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के उप निदेशक डॉ. सचिन कुमार यादव ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बीमारियों के उपचार के लिए संबंधित रिसर्च, प्रोग्रेस रिपोर्ट अथवा दवा निर्माण आदि में मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड का विशेष महत्व होता है। बताया कि मेडिकल क्षेत्र में जितना बेहतर सूचनाओं का डाटा होगा, उतना ही हमें रिसर्च में मदद मिलेगी। उन्होंने निकट भविष्य में राज्य में आईसीडी-10 के क्रियान्वयन के लिए एम्स ऋषिकेश के सहयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि आईसीडी-10 व्यवस्था में रोग और संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकी वर्गीकरण किया गया है, जिसमें रोगों, उनके लक्षणों, समस्याओं, तथा सामाजिक परिस्थितियों आदि की कोडिंग की गई है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्मित है। इस दौरान कार्यशाला में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के डॉ. वीपी श्रीवास्तव ने आईसीडी-10 के क्रियान्वयन का प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मरीज से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियों को कोडिंग करने की बारिकी से जानकारी दी।
इस बाबत जानकारी देते हुए कार्यशाला के समन्वयक एवं सीएफएम विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेश बहुरूपी ने बताया कि निकट भविष्य में इस कार्यशाला का एम्स ऋषिकेश को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम को राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में सुचारू रूप से लागू करने के लिए एम्स ऋषिकेश पूर्ण सहयोग देगा। कार्यशाला में अस्पताल प्रशासन के प्रोफेसर यूबी मिश्रा, जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी धर, फिजियोलॉजी विभाग की डॉ. सुनीता मित्तल, सीएफएम विभाग के डॉ.महेन्द्र सिंह, डॉ. प्रदीप अग्रवाल, डॉ. मीनाक्षी खापरे सहित 100 से अधिक मेडिकल स्टाफ मेंबर्स मौजूद रहे।

सीएम के निर्देश पर हेली एम्बुलेंस से चमोली के तीन मरीज देहरादून में हुए भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती जलने से घायल तीन लोगों को हेली एम्बुलेंस द्वारा देहरादून लाकर कोरोनेशन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
आज मुख्यमंत्री आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के निरीक्षण व आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए चमोली व पौङी जिलों के दौरे पर थे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चमोली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जान रहे थे। अस्पताल में मैठाणा गांव के 6 मरीज भर्ती थे जो गैस सिलेण्डर फटने के कारण बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि 30 प्रतिशत से अधिक बर्न मरीजों को तत्काल हेली एंबुलेंस से आज ही कोरोनेशन हॉस्पिटल देहरादून भेजा जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अस्पताल में भर्ती 6 मरीजों में से 3 मरीजों को रेफर कर हेली एंबुलेंस से देहरादून भेजा गया। कैलाश पुत्र कृपाल लाल उम्र 35 वर्ष तथा प्रिन्स कुमार पुत्र विजेन्द्र उम 29 वर्ष के घर पर गैस सिलेण्डर की आग में 30 प्रतिशत से अधिक बर्न हुए है। जबकि दृष्टि पुत्री विजेन्द्र कुमार उम्र 18 वर्ष जो की गर्भवती होने के साथ बर्न भी हुई है। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आज रेफर किया गया और हेली एम्बुलेंस द्वारा देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मासिक धर्म के दौरान साफ सफाई को जरुरी बताया

सेतु फाउंडेशन द्वारा स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और अन्य ग्रामीण महिलाओं को सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। इस मौके पर संस्था सचिव सरिता भट्ट ने उपस्थित महिलाओं को उन जरूरी दिनों में साफ सफाई रखने से संबंधित जानकारी दी।
संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों को बताया कि मासिक धर्म के दौरान साफ सफाई का ध्यान नहीं रखने से गुप्तांगों में इंफेक्शन का खतरा रहता है। जो आगे चल कर गंभीर समस्या खड़ा कर सकता है। संस्था ने सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करने पर जोर देते हुए उपयोग करने के बाद सुरक्षित स्थान पर डालने को जरुरी बताया। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं कपड़े का इस्तेमाल करती हैं तो एक दिन में दो बार कपड़े को बदले और धोने के बाद धूप में ही अच्छी तरह से सुखाये। कार्यक्रम में सरिता पाल, रंजना, कविता रानी, गुंजन बिष्ट सहित 30 महिलाओं ने प्रतिभाग किया।