18 प्लस का शत-प्रतिशत टीकाकरण करने वाला पहला जिला बना बागेश्वर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए बताया कि जनपद बागेश्वर एवं जनपद पौड़ी के विकास खण्ड खिर्सू द्वारा 18 वर्ष से अधिक आयु के समस्त नागरिकों का प्रथम डोज कोविड-19 टीकाकरण शत-प्रतिशत किया जा चुका है। जनपद बागेश्वर एवं विकास खण्ड खिर्सू को 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों हेतु दिया गया लक्ष्य (2011 सेन्सस के सापेक्ष 2021 की सम्भावित जनसंख्या) क्रमशः 172210 एवं 29374 है। जिसके सापेक्ष दिनांक 12 अगस्त, 2021 तक जनपद बागेश्वर एवं विकास खण्ड खिर्सू द्वारा क्रमशः 176776 एवं 37789 लाभार्थियों का प्रथम डोज़ टीकाकरण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में दुनिया का सबसे बडा कोविड टीकाकरण अभियान चल रहा है। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड को विशेष सहयोग मिला है। इस महीने अभी तक 17 लाख डोज मिल चुकी हैं। हम दिसम्बर अंत तक उत्तराखंड मे शतप्रतिशत वैक्सीनैशन कर दिया जाएगा।
भारत सरकार के मार्ग दर्शन में 16 जनवरी 2021 से सफलता पूर्वक कोविड-19 टीकाकरण अभियान आयोजित कर रहा है। टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने के लिए लगातार राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दिनांक 17 अगस्त 2021 के कोविड-19 टीकाकरण कवरेज के अनुसार 45 वर्ष और उससे अधिक के लाभार्थियों के टीकाकरण की प्रथम खुराक 2326374 (83 प्रतिशत) एवं द्वितीय खुराक 1336923 (48 प्रतिशत) तथा 18 से 44 वर्ष के नागरिकों के टीकाकरण की प्रथम खुराक 3027666 (61 प्रतिशत) एवं द्वितीय खुराक 211958 (4 प्रतिशत) है।
राज्य में आतिथि तक कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत कुल 7435124 खुराक दी जा चुकी हैं। जिसमें प्रथम खुराक 5661943 (73 प्रतिशत) एवं द्वितीय खुराक 1773181 (23 प्रतिशत) हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर एवं विकास खण्ड खिर्सू को जनपदो से प्राप्त सूचना अनुसार राज्य में कोविड-19 टीकाकरण शत-प्रतिशत पूर्ण करने वाले प्रथम जनपद एवं विकास खण्ड के रूप में प्रमाणित किया गया एवं उपरोक्त उपलब्धियों की सराहना की गयी। इसी के क्रम में उक्त अभियान में जनपद बागेश्वर के जिला अधिकारी (विनीत कुमार मीणा), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डॉ सुनीता टम्टा), जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डॉ प्रमोद सिंह जंगपांगी) एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कार्मिकों तथा जनपद पौडी के जिला अधिकारी (डॉ० के. विजय कुमार जोगडण्डे), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डॉ मनोज शर्मा). जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डॉ गम्भीर सिंह तालियान) एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कार्मिकों को बधाई दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।

धामी सरकार की बड़ी पहल-207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचे अब निःशुल्क

उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास एवं विस्तार के लिये एक नयी योजना अस्तित्व में आ गयी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की उपस्थिति में निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना का शुभारम्भ करते हुए इसे राज्य की जनता को समर्पित किया। देहरादून के जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) अस्पताल) में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता राजपुर विधायक खजान दास द्वारा की गयी।

निशुल्क जांच योजना से आमजन को मिलेगा लाभः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निःशुल्क जांच योजना का लाभ समाज के अन्तिम छोर पर खड़े लोगों तक पहुंचेगा। अभी तक धन के अभाव में जो लोग अपनी जांच नहीं करा पाते थे, अब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे।

दिसम्बर तक शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। राज्य में 72 प्रतिशत लोगों को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 23 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। दिसम्बर तक राज्य में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले सात सालों में केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में मदद मिली है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का प्रधानमंत्री का एजेण्डा रहा है। इस माह केन्द्र से राज्य को काविड की 17 लाख वैक्सीन मिली। अगले माह से और अधिक वैक्सीन केन्द्र से मिलेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में निःशुल्क जांच योजना की अच्छी शुरूआत हुई। इस योजना का लाभ सभी को मिलेगा। इस योजना के प्रसार के लिए हर जिले में बड़े आयोजन किये जायेंगे। अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना के तहत सभी परिवारों को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क उपचार दिया जा रहा है। इसस योजना के तहत अभी तक 3 लाख 17 हजार से अधिक लोगों का मुफ्त ईलाज हो चुका है।

मरीजों को जांच संबंधित सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध रहेंगी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से राज्य के प्रमुख जिला, उप जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क जांच योजना आज से लागू हो गयी है। इस योजना के लागू होने से मरीजों को उपचार के दौरान डायग्नोस्टिक एवं जांच संबंधित सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध होगी। यह योजना पूरे वर्ष भर कार्यशील रहेगी, ताकि आईपीडी, ओपीडी एवं इमरजेन्सी में आने वाले मरीजों को पैथोलॉजी जांच के लिए किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।

पहले चरण में 6 जिलों की 38 और दूसरे चरण में शेष जिलों की 32 चिकित्सा इकाइयों पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही योजना
योजना के प्रथम चरण में निःशुल्क जांच की सुविधा राज्य के 6 जनपदों क्रमशः अल्मोड़ा, टिहरी, देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर में स्थित 38 जिला उप जिला चिकित्सालय तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। द्वितीय चरण में राज्य के शेष जनपदों के 32 चिकित्सा इकाईयों पर यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू होगीं।

योजना में 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें शामिल
योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा लोक निजी सहभागिता के अनुसार होगा। निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांच को सम्मिलित किया गया है, जिसके लागू होने से सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी सुविधाओं का सुदृढीकरण होगा।

स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा सुनिश्चित
सेवा प्रदाता के साथ किए गए अनुबंध के अनुसार लैब, प्रयोगशाला हब मॉडल के अनुसार कार्य करेगी, जिसे कलेक्शन सेंटर एंड टेस्टिंग सेंटर या स्पोक कलेक्शन सेंटर मॉडल अनुरूप क्रियान्वित किया जायेगा। लैब द्वारा की जाने वाली समस्त जांचों एवं वहां पर कार्य करने वाले तकनीशियन, पैथोलॉजिस्ट एवं अन्य मानव संसाधन के संबंध में एनएबीएल गाईडलाईन,, एसओपी का अनुपालन करना आवश्यक किया गया है।
पैथोलॉजी सैम्पल जांच रिपोर्ट के संबंध में आन्तरिक एवं बाह्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेवा प्रदाता द्वारा स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त यह लैब समुदाय हेतु प्राइमरी डायग्नोस्टिक टेस्ट की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा इस योजना को संचालित करने के लिए रू० 5 करोड़ का बजट प्राविधान किया गया है। मिशन द्वारा अनुबंधित फर्म के स्तर से लगभग 500 मानव संसाधन का रोजगार सृजन होगा, जिन्हें सेवा प्रदाता की ओर से नियुक्त किया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से उपचार के दौरान मरीजों के अतिरिक्त जेब खर्च में कटौती होगी और जन सामान्य को स्वास्थ्य उपचार लेने में सहायता होगी।
योजना के शुभारम्भ अवसर पर सचिव अमित नेगी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, निदेशक एनएचएम डॉ० सरोज नैथानी, जिला चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिखा जंगपांगी, चन्दन हैल्थ केयर के डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव, एनएचएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण एवं जिला चिकित्सा के समस्त चिकित्सक एवं अन्य स्टॉफ उपस्थित हुए।

सरकार की योजना हर किसी को मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधा-डॉ. धन सिंह

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार के लोक कल्याणकारी संकल्प कार्य की विकास यात्रा के इस शृंखला में मुख्य वक्ता के रूप में कैबिनेट मंत्री स्वास्थ्य मंत्री डा. धनसिंह रावत ने कहा कि सरकार बुजुर्गों के द्वारा सरकार ने सभी सीनियर सिटीजन के कुशलक्षेम उनके घर पर डा. पहुंचकर लेंगे।

5 सरकारी मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रूद्रपुर व श्रीनगर में कार्य आरम्भ व प्रोसेस में है। जहां असिस्टेंट प्रोफेसर के 40 प्रतिशत नियुक्तियां की जा चुकी है। आज सभी विश्वविद्यालयों में 100 प्रतिशत फेकल्टी के साथ विभिन्न विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड की प्रतिभाओं को संवारने का कार्य कर रहे हैं। हर जिला, ब्लॉक तहसील अस्पताल में पर्याप्त डाक्टर नर्स व अन्य स्टाफ कार्यरत है। जिला चिकित्सालयों के डाक्टरों को सख्त हिदायत दी गयी है कि समस्त जांच व दवाईयां अस्पताल में ही उपलब्ध करायी जा रही है कोई भी बाहर से दवाई नहीं लिखी जायेगी। सभी वर्गों को अटल आयुष्मान योजना अन्तर्गत लाभ के रूप में 5 लाख तक का निःशुल्क इलाज की सुविधा के साथ 156 किस्म की जांचें जिला अस्पताल में निःशुल्क करायी जायेगी।

गर्भवती महिलाओं को प्रसूति के समय आने जाने की व्यवस्था सरकार द्वारा वहन की जा रही है। कन्या का जन्म होने पर उसे महालक्ष्मी योजना को लाभ दिया जा रहा है। लिंगानुपात में उत्तराखण्ड पिछड़े नहीं इसके लिए सख्त कदम सरकार उठा रही है। बड़े कदम के रूप में आशा कार्यकर्तियों को लगभग 5000 प्रतिमाह की सहयोग राशि पर सरकार विचार कर रही है। साथ ही 2000 रूपये प्रतिमाह 5 माह तक सहयोग राशि आशा बहनों को दी जा रही है। साथ ही समिति फोन और टेब सभी को दिये जा रहे हैं। जिनसे वे घर घर जाकर टेलीमेडिसिन के माध्यम से उपचार कर पायेंगी, जिससे मरीज को चिकित्सालय जाने से छुटकारा मिलेगा।

कोरोना काल में डाक्टर व सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने जो सेवा सहयोग से संक्रमितों की प्राण रक्षा की उसके लिए डाक्टर्स व स्टाफ की भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी व साथ ही आने वाली सम्भावित तीसरी लहर के प्रति सरकार की तैयारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की सभी चिकित्सालयों में ऑक्सीजन प्लाट, वैंटीलेटरक, सभी औजार बच्चों के वार्ड के साथ ही उनके तिमारदारों की भी सरकार ने पूर्ण व्यवस्था कर रखी है। साथ ही 38 से 40 लाख बच्चों के लिए दवाई के पैकेट की 100 प्रतिशत व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा चुकी है। वैक्सीन के क्षेत्र में सरकार कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है जहां 30 दिसम्बर तक 100 प्रतिशत उत्तराखण्ड की जनता 18$ को टीका लगाने की बात सरकार द्वारा कही गयी थी, जिस तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है, लगता है यह लक्ष्य नवम्बर तक प्राप्त कर लिया जायेगा। 2 जिलों में पूर्ण वैक्सीन किया जा चुका है।

प्रत्येक 14 जिलों में आरटीपीसीआर टैस्टिंग लैब स्थापित की जा रही है। वैक्सीन की कोई कमी राज्य में नहीं है। 77 लाख 18 प्लस में से 71 लाख व्यक्तियों को वैक्सीन दी जा चुकी है पर्वतीय अंचलों में डॉक्टर्स व स्टाफ के लिए रहने को भवन, शिक्षा की व्यवस्था व हिल अलाउंस की भी सरकार ने व्यवस्था की है। ताकि वे सहज स्थिति में कार्य कर स्वास्थ्य सेवाएं दे सके। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय ने कहा कि डॉक्टर्स व स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका इस विपरित परिस्थितियों वाले कोरोनाकाल में महत्वपूर्ण हो गयी है। सरकार अपना कार्य कर रही है और बेहतर कार्य कर रही है। सरकार प्राईवेट पाटर्नर व भाजपा कार्यकर्ता जन सेवा के कार्य में जुटे हुए संक्रमितों को कोरोना राक्षस से इस जंग से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस हाई रिस्क वाले कोरोनाकाल में हमारे कार्यकर्ता अपनी जान की परवाह भी नहीं करते हुए संक्रमितों की सेवा में जुटा रहा उसके लिए अस्पतालों की व्यवस्था ऑक्सीजन, ब्लड, दवाईयां, औजारें, राशनकिट की व्यवस्था कार्यकर्ताओं द्वारा सुनिश्चित की गई और जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया।

संगठन मंत्री अजेय ने कोरोनाकाल में डाक्टर्स के अदम्य साहस, जोखिम उठाकर भी सेव भाव में जुटे रहना यह एक जज्बा जो उनमें रहा उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने हेल्थ वर्कर के रूप में 24000 कार्यकर्ताओं का भी आह्वान किया कि सम्भावित तीसरी लहर को मात देने के लिए हर संभव कदम उठाकर जनसेवा के लिए तैयार रहे, और जन संवेदना का परिचय दें। उन्होंने कहा अटल आयुष्मान बन रही जन सुरक्षा का आधार अभी तक 3 लाख लोग इस योजना का लाभ ले चुके हैं। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक ज्योति प्रसाद गैराला ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अभिमन्यु कुमार, डा. अरविन्द शर्मा अध्यक्ष आईएमए, अजय खन्ना, डीडी चौधरी सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर्स उपस्थित रहे।

टी.बी. उन्मूलन एवं जागरूकता संबंधी लघु फिल्म का किया अनावरण

सूबे को क्षय रोग से मुक्त करने एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निर्मित लघु फिल्म का आज सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत द्वारा अनावरण किया गया। लघु फिल्म में टी.बी. के उपचार एवं समाधान के बारे में जानकारी प्रदान की गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक टी.बी. मुक्त भारत की परिकल्पना के क्रम में उत्तराखंड से क्षय रोग के खात्में के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उपचार की अवधि तक क्षय रोगियों को पोषाहार हेतु प्रत्येक माह डी.बी.टी. के माध्यम से रू0 500 उपलबध कराये जा रहे हैं। जिस तहत 1 अप्रैल 2018 से माह जुलाई 2021 तक रू. 16 करोड़ 90 लाख की धनराशि मरीजों के खातों में भेजी जा चुकी है।
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने अपने कैम्प कार्यालय में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य टी.बी. अनुभाग एवं सूचना विभाग के सहयोग से बनाई गई ‘टी.बी. उपचार एवं समाधान’ लघु फिल्म का आनलाइन अनावरण किया। लघु फिल्म लांचिंग अवसर पर डा. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक टी.बी. मुक्त भारत के निर्धारित लक्ष्य से पूर्व उत्तराखंड से क्षय रोग के खात्में के लिए विभागीय अधिकारियों को सघन अभियान संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं। डा. रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा टी.बी. रोगियों को निःशुल्क जांच, उपचार, दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा रोगियों को उपचार अवधि के दौरान पोषाहार हेतु प्रत्येक माह डीबीटी के माध्यम से रूपये 500 की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2018 से माह जुलाई 2021 तक 16 करोड़ 90 लाख की धनराशि डीबीटी के माध्यम से मरीजों को दी जा चुकी है। लघु फिल्म लांचिंग अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका ने बताया कि राज्य में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत क्षय रोग जांच एवं उपचार हेतु 13 जिला क्षय नियंत्रण केन्द्र, 95 टी.बी. यूनिट एवं 154 जांच केन्द्र स्थापित किये गये हैं। जहां भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत क्षय रोगियों का उपचार डेली रेजिमेन पद्धति के द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि डीआरटीबी (ड्रग रेसिस्टेंस ट्यूबरक्लोसिस) रोगियों के निदान हेतु पीएमडीटी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ऐसे रोगियों के ईलाज हेतु हिमालयन इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी मे डीआरटीबी साइट स्थापित हैं। महानिदेशक स्वास्थ्य डा. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि राज्य में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम का लाभ लगातार टी.बी. रोगियों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सूबे में 12289 टी.बी. रोगी चिह्नित किये गये हैं। जिनमें अल्मोड़ा में 355, बागेश्वर में 194, चमोली में 246, चम्पावत में 124, देहरादून में 2824, पौड़ी में 652, हरिद्वार में 2742, नैनीताल में 1975, पिथौरागढ़ में 282, रूद्रप्रयाग में 177, टिहरी में 258, यूएसनगर में 2058, उत्तरकाशी में 402 टी.बी. रोगी है।
इस अवसर पर एसटीओ डा. मयंक बडोला, अनिल सती सहित वर्चुअल माध्यम से मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा, सभी जनपदों के क्षय रोग अधिकारी एवं अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि ने प्रतिभाग किया।

मेगा वैक्सीनैशन कैम्प का शुभारंभ, एक दिन में डेढ़ लाख वैक्सीन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्यागी रोड स्थित संत निरंकारी भवन में मेगा कोविड वैक्सीनेशन कैम्प का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विश्व का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के दूरस्थ आर तक कैम्प लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। चार माह में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड-19 वैक्सीनेशन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने टीकाकरण के लिए आए लोगों से मिलकर उनका हालचाल पूछा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा की संत निरंकारी भवन में आज 1 हजार वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। आज प्रदेश में डेढ़ लाख कोविड वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 750 कैम्प लगाए गए हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

एम्स को विधानसभा अध्यक्ष ने दो एम्बुलेंस दी

विधानसभा अध्यक्ष एवं ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने मरीजों की सुविधा के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश को अपनी निधि से 2 एम्बुलेंस भेंट की हैं। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष व निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने संयुक्तरूप से हरी झंडी दिखाकर उक्त रोगी वाहनों को रवाना किया।
विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने अपनी विधायक निधि से शुक्रवार को एम्स ऋषिकेश को मरीजों की सुविधा के लिए दो एम्बुलेंस प्रदान की। इस अवसर पर आयोजित एक सादे समारोह में विधानसभा अध्यक्ष व एम्स निदेशक ने संयुक्तरूप से एम्स परिसर से एंबुलेंसों को रवाना किया गया।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान विभिन्न परेशानियों को देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में विधायक निधि से एम्बुलेंस देने का निर्णय लिया है,जिससे मरीजों को आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे एम्स संस्थान को भविष्य में भी वह आवश्यक सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
निदेशक प्रोफेसर रवि कान्त ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का आभार जताते हुए कहा कि संस्थान को उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंसों से मरीजों को आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि कई मरीजों को नियमिततौर पर आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवन्त सिंह कोविड केयर सेंटर से एम्स आना-जाना होता है। लिहाजा अतिरिक्त रोगी वाहनों का सीधेतौर पर मरीजों को लाभ मिल सकेगा। इस मौके पर उन्होंने एम्स परिसर में विधायक निधि से एक टीन शैड बनाए जाने के लिए भी अध्यक्ष विधानसभा प्रेमचंद अग्रवाल का आभार जताया।
कार्यक्रम के दौरान डीन एकेडेमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, एमएस प्रोफेसर बीके बस्तिया, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रोफेसर यूबी मिश्रा, डा. अजीत भदौरिया आदि मौजूद रहे।

लखेड़ा, गौचर और गैरसैण में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की मांग को लेकर सीएम से मिले

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंटकर गौचर और गैरसैण (जनपद चमोली) के अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती के संबंध में मुलाकात की। मुख्यमंत्री धामी ने चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु सचिव स्वास्थ्य को निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैण एवं उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर अस्पतालों पर बहुत बड़ी आबादी के उपचार की जिम्मेदारी है उसके अनुरूप अस्पतालों की उपचार क्षमता नहीं है। गौचर अस्पताल में तो मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है। गैरसैण और कर्णप्रयाग विकासखंड के दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों के यह निकटतम केंद्र हैं। चिकित्सक न होने से नागरिकों को उपचार के लिए अन्यत्र शहरों में जाना पड़ता है जो कि बहुत खर्चीला और असुविधाजनक है।अस्पतालों के मानकों के अनुसार दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती की अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन दोनों केंद्रों में शीघ्र ही चिकित्सकों की तैनाती की जायेगी ताकि नगर क्षेत्र के अतिरिक्त आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत सुविधा होगी विशेषकर गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। लखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली और अनुभव उनके कामकाज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वह प्रमाणिक रुप से कार्य करने वाले मुख्यमंत्री हैं और प्रदेश के हर क्षेत्र में उनके द्वारा विकास कार्यों की निगरानी और समयबद्धता प्रदेश की तस्वीर बदलेगी।

दो माह में 30 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य

प्रदेशवासियों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण करने के साथ ही दो माह के भीतर राज्य के 70 लाख लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करा दी जायेगी। इसके साथ ही 104 हेल्पलाइन नम्बर का विस्तार करते हुए सूबे के वरिष्ठ नागरिकों सहित आम जरूरतमंद को सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से राज्यभर के 3232 एएनएम तथा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को एनएचएम के तहत टैबलेट मुहैया कराये जायेंगे।

यह बात चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य जनता को आयुष्मान कार्ड का अधिक से अधिक लाभ देने के उद्देश्य से कार्ड के बनाये जाने की प्रक्रिया एवं उपयोग के नियमों का सरलीकरण किया जायेगा। अभी तक राज्यभर के 40 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। जबकि आगामी दो माह में 30 लाख और लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने हेतु ब्लॉक एवं न्यायपंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं असहाय लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग के हेल्पलाइन नम्बर 104 के माध्यम से विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में तैनात एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) एवं मिड लेवल हेल्थ प्रोवाइडर्स (एमएनएचपी) को एनएचएम के तहत विशेष टैबलेट मुहैया कराया जायेंगे। अभी तक विभाग 2137 सीएचओ एवं एएनएम को टैबलेट मुहैया करा चुका है जबकि शेष 1095 को शीघ्र टैबलेट उलब्ध कराये जायेंगे ताकि विभिन्न जनपदों में तैनात एएनएम तथा सीएचओ सीधे एनएचएम के पोर्टल से जुड कर आवश्यक डाटा एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकेंगे। इसी प्रकार विभाग द्वारा प्रदेशभर की आशा कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराये गये हैं।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, अपर सचिव एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा सी. रविशंकर, मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, अपर सचिव स्वास्थ्य अरूणेन्द्र सिंह चैहान, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव गरिमा रौंकली, अपर मिशन निदेशक एनएचएम अभिषेक त्रिपाठी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

संभावित तीसरी लहर की तैयारी में जुटी सेवाभाव के लिए तैयार भाजपा

भाजपा के प्रदेश महामन्त्री सुरेश भट्ट ने कहा कि कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान के तहत शुक्रवार 6 अगस्त को देहरादून में प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत सहित दुनियां वैश्विक महामारी कोरोना से ग्रस्त है। भारत अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में इस महामारी का मजबूती से मुकाबला कर रहा है। इस कार्य में हमारे कोरोना यो़द्धा पूरी तत्परता से लगे हुए हैं, साथ ही देश की जनता भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाह्न पर महामारी से लड़नें में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

आज हम कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं, जैसा कि विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर भी आ सकती है, इसलिए हमें किसी भी संभावित तीसरी लहर के सफलतापूर्वक मुकाबले के लिए देश और समाज को तैयार करना है।

भट्ट ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा जी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता सेवा ही संगठन के मंत्र का अनुपालन करते हुए कोरोना के खिलाफ जंग में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं, लेकिन यह कार्य अभी समाप्त नहीं हुआ है। हमें आगे की तैयारी भी करनी है, जिससे की तीसरी लहर को रोका जा सके। यदि तीसरी लहर आती भी है तो उसका मुकाबला करने और कोरोना को पराजित करने में देश सफल हो इस दृष्टि से भाजपा द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर से ग्रामध्बूथ स्तर की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इसके निमित्त राष्ट्रीय, प्रान्तीय, जिला व मण्डल स्तर पर समितियों के गठन के साथ ही प्रत्येक बूथ से दो कार्यकर्ता के नाम वालिंटियर (स्वयंसेवक) के नाते तय किये जा रहे हैं।
अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण प्रारम्भ किये गये हैं। जिस क्रम में पिछली 28 जून का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिल्ली में सम्पन्न हो चुका है, अब यह प्रशिक्षण कार्य प्रदेश, जिला व मण्डल स्तर पर किया जाना है। प्रशिक्षण के इसी क्रम में शुक्रवार को देहरादून में प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण होगा जिसमें अपने राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के मार्गदर्शन के साथ ही विशेषज्ञों द्वारा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षिण दिया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चलेगा। प्रशिक्षण का यह क्रम प्रदेश के सभी जिलों व मण्डलों में अगस्त माह में पूर्ण कर लिया जायेगा।
सुरेश भट्ट ने कहा कि भाजपा देश का एक जिम्मेदार राजनैतिक दल होने के नाते देश व समाज के प्रतिअपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण संजीदगी के साथ समझते हुए उसका बखूबी से निर्वहन करता है। देश व समाज के प्रति अपनी इसी जिम्मेदारी को निभाने के लिए हम प्रत्येक बूथ से कम से दो कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे जो कि अपने गांव व बूथों पर समाज को जागरूक व सजग रखते हुए किसी भी कोरोना की संभावित तीसरी लहर का मुकाबला कर उस पर विजय प्राप्त करेंगे। भाजपा का कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, समाज सजग व जागरूक रहेगा, कोरोना पराजित होगा। देश इस कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त करके रहेगा।

देश में लगातार पांचवें दिन कोरोना के 40 हजार मामले

देश में रविवार को रात ग्यारह बजे तक कोरोना विषाणु संक्रमण के 40,715 मामले सामने आए जबकि 419 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हुई। देश में लगातार पांचवें दिन 40 हजार से अधिक कोरोना के मामले सामने आए। ये आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए।
वहीं, केरल में भी लगातार पांचवें दिन 20 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए। पांच राज्यों में एक हजार से अधिक और सात हजार से कम मामले सामने आए जबकि 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सौ से कम मामले दर्ज किए गए। देश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमण के मामले केरल में दर्ज किए गए। केरल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कोरोना के 20,728 मामले सामने आए जबकि 56 लोगों की मौत हुई। केरल में 27 जुलाई को 22,129, 28 जुलाई को 22,056, 29 जुलाई को 22,064, 30 जुलाई को 20,772 और 31 जुलाई को 20,624 मामले दर्ज किए गए थे।
रविवार को महाराष्ट्र में 6,479, आंध्र प्रदेश में 2,287, तमिलनाडु में 1,990, कर्नाटक में 1,875, ओड़ीशा में 1,437, मिजोरम में 861, मणिपुर में 832, असम में 754, पश्चिम बंगाल में 701, मेघालय में 589, तेलंगाना में 455, अरुणाचल प्रदेश में 266, त्रिपुरा में 222, छत्तीसगढ़ में 214, सिक्किम में 206, जम्मू कश्मीर में 145, हिमाचल प्रदेश में 134, पुदुचेरी में 90, दिल्ली में 85, नगालैंड में 73, गोवा में 59, बिहार में 45, उत्तर प्रदेश में 36, झारखंड में 32, हरियाणा में 29, पंजाब में 26, गुजरात में 23, उत्तराखंड में 22, मध्य प्रदेश में 17, राजस्थान में 10 मामले आए। लद्दाख में 10, लक्षद्वीप में छह, अंडमान निकोबार में दो और चंडीगढ़ में एक मामला दर्ज किया गया।