मुक्तिधाम ऋषिकेश को मिला एक और वाहन

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा मुक्तिधाम ऋषिकेश को एक (मोर्चरी वैन) शव वाहन श्री जयराम आश्रम के अध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया।
संस्थापक ललित मोहन मिश्र व अध्यक्ष रजत भोला ने बताया कि शहर का विस्तार होने के कारण तथा आबादी घनत्व बढ़ने के कारण नगर में मोर्चरी वैन की आवश्यकता बढ़ गई थी। ऐसे में देखा गया कि कई मर्तबा लोगों को पुराने मोर्चरी वैन के व्यस्त रहने के कारण काफी घंटे तक इंतजार करना पड़ता था, इस वाहन से इस समस्या से निजात मिल जाएगा।
इस अवसर पर जयराम आश्रम के अध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म की यही सबसे बड़ी विशेषता है कि यह परोपकार में सबसे आगे रहता है। लायंस क्लब डिवाइन द्वारा मोर्चरी वाहन उपलब्ध कराना इसी को दर्शाता है, सेवा कार्य करने में लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन का समाज में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने क्लब को इसी प्रकार ने कार्य करते रहने का आशीर्वाद भी दिया।
कार्यक्रम में मोहित गनेड़ीवाला, घनश्याम डंग, पूर्व अध्यक्ष महेश किंगर, पूर्व अध्यक्ष अशोक डंग, कपिल गुप्ता, राजपाल खरोला, दिनेश अरोड़ा, विकास ग्रोवर, मुकेश अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, विनीत चावला, हेमंत सुनेजा, प्रदीप गुप्ता, तरुण प्रभाकर, अंकित कालड़ा, कृष्णा कालड़ा, अमित सूरी, दीप शर्मा, पवन शर्मा, सुनील गुप्ता, नागेंद्र मिश्रा, पंकज गुप्ता, राजेश अग्रवाल, अनिल कक्कड़, दीपक तायल, संदीप खुराना, अभिषेक शर्मा, विक्की पनेसर, अनिरुद्ध गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि हुई घोषित

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार 27 अप्रैल को प्रातः 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन 12 अप्रैल निश्चित हुआ। राजदरबार नरेंद्र नगर में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पंचांग गणना पश्चात विधि विधान से कपाट खुलने की तिथि का विनिश्चय किया तथा महाराजा मनुजयेंद्र शाह ने कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की।
वहीं, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा अर्थात भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए तिलों के तेल तेल पिरोने हेतु 12 अप्रैल की तिथि निश्चित हुई। समारोह में टिहरी राजपरिवार सहित श्री बदरी-केदार मंदिर समिति, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे। इससे पूर्व श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों ने तेलकलश राज महल के सुपुर्द किया। इस अवसर पर महाराजा मनुजयेंद्र शाह, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, राजकुमारी शिरजा शाह, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, स्वामी मुकुंदानंद, नितेश चैहान, मंदिर समिति सदस्य, श्रीनिवास पोस्ती, पुष्कर जोशी, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, भास्कर डिमरी, राजपाल जड़धारी, डिमरी धार्मिक पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी, तथा मंदिर समिति पूर्व सदस्य हरीश डिमरी, मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, अनिल ध्यानी, भुवन चंद्र उनियाल, राधाकृष्ण थपलियाल, आरसी तिवारी, रमेश नेगी, रवीन्द्र भट्ट, प्रमोद नौटियाल, डा. हरीश गौड़, टीका प्रसाद, नरेंद्र डिमरी राजेंद्र डिमरी हेमचंद्र डिमरी अनुज डिमरी, माधव नौटियाल, आचार्य कृष्णानंद नौटियाल आदि मौजूद रहे। मंदिर समिति की ओर से बताया गया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शिवरात्रि 18 फरवरी को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में तय होगी। अक्षय तृतीया इस वर्ष 22 अप्रैल को है श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है। इस संबंध में श्री गंगोत्री तथा यमुनोत्री मंदिर समिति द्वारा कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की जाएगी।

वंसतोत्सव कार्यक्रम का आगाज, छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

वसंतोत्सव का आगाज मंगलवार को श्री भरत मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस दौरान रंगोली, समूह गान, मेहंदी आदि प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतिभागियों को कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सम्मानित किया।
पांच दिवसीय वसंतोत्सव के तहत मंगलवार को एसबीएम इंटर कॉलेज, संस्कृत विद्यालय सहित अन्य स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रंगोली और समूह गान प्रतियोगिताएं हुईं। रंगोली में स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल प्रथम, हैपी होम मोंटसरी द्वितीय, मदर मिरेकल स्कूल और केवीएस आईडीपीएल तीसरे स्थान पर रहे।
प्राइमरी ग्रुप डांस में गंगोत्री विद्या निकेतन पहले, एसबीएम पब्लिक स्कूल दूसरे, सनशाइन पब्लिक स्कूल तीसरे स्थान पर रहे। मेहंदी जूनियर ग्रुप में जीजीआईसी प्रथम, एसबीएम इंटर कॉलेज द्वितीय, एनडीएस श्यामपुर तृतीय स्थान पर रहा। सीनियर वर्गमेंगंगोत्री विद्या निकेतन प्रथम, पंजाब सिंध क्षेत्र द्वितीय, हरीशचंद्र गुप्ता आदर्श कन्या विद्यालय तीसरे और सामूहिक गायन में श्री भरत मंदिर पब्लिक स्कूल प्रथम, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज द्वितीय और श्री दर्शन महाविद्यालय तीसरे स्थान पर रहे। अंत्याक्षरी जूनियर में एसबीएम पब्लिक स्कूल ने बाजी मारी। वाद विवाद प्रतियोगिता में आरपीएस की निधि शर्मा अव्वल रहीं। वहीं, साईकिल रेस में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के संयम सिंह पहले, करण जायसवाल दूसरे और उत्तम यादव तीसरे स्थान में रहे। कार्यक्रम में शिक्षाविद बंशीधर पोखरियाल, प्रधानाचार्य धीरेंद्र जोशी, कमला प्रसाद भट्ट, डा. सुनील दत्त थपलियाल, सुजाता श्रीधर, संगीता नवानी श्रीलता, अन्विता डबराल, सोनिया यादव आदि मौजूद रहे।
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जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में किसी भी प्रकार की धन की कमी नही आने दी जाएगी

सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा ने गुरूवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव, स्थायी/अस्थायी पुनर्वास आदि से सम्बन्धित किये जा रहे कार्यो की मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीबीआरआई द्वारा भवनों की दरारों को नापने के लिए लगाये गये क्रेकोमीटर से गत तीन दिनों में दरारों की चौड़ाई में बढ़ोतरी नही होने के संकेत मिले हैं। यह एक सकारात्मक सकेंत है। डा0 सिन्हा ने जानकारी दी कि आज मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त, शहरी विकास, सचिव आपदा प्रबन्धन के साथ जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों के सम्बन्ध में बैठक की। राज्य सरकार तथा भारत सरकार के विभिन्न तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये कार्यों की अद्यतन स्थिति से माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में पूरी मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में किसी भी प्रकार की धन की कमी नही आने दी जाएगी। बैठक में शहरी विकास विभाग को प्रत्येक जिले में प्रभावी अर्बन टाउन प्लानिंग की तैयारी के निर्देश दिए गये हैं। पर्वतीय नगरों में डै्रनेज एव सीवर सिस्टम की प्रभावी व्यवस्था हेतु भी निर्देश दिए गए हैं। डा0 सिन्हा ने बताया कि चमोली जिला प्रशासन द्वारा जोशीमठ में मुस्तैदी से सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन विस्थापितों से विचार-विमर्श भी कर रहा है।
सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज 150 एल.पी.एम है। अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है। अभी तक 849 भवनों में दरारें दृष्टिगत हुई है। सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। उन्होनें जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र/वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 259 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 867 है।
प्रेस वार्ता में अपर सचिव आपदा प्रबन्धन, निदेशक उत्तराखण्ड भूस्खलन प्रबन्धन एवं न्यूनीकरण संस्थान, निदेशक वाडिया संस्थान, निदेशक आईआईआरएस देहरादून, निदेशक एनआईएच तथा निदेशक आईआईटीआर उपस्थित थे।

भू-धसांव के कारणों का पता चलने पर आगे की योजना में तेजी से कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जोशीमठ में भू-धसांव के कारणों को लेकर सभी तकनीकी संस्थानों एवं वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आते ही आगे की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए। जोशीमठ के भूधंसाव क्षेत्र के अध्ययन की फाइनल रिपोर्ट के बाद ट्रीटमेंट के कार्य तेजी से सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन के लिए वहां के लोगों से मिलकर सुझाव लिये जाएं। जिलाधिकारी चमोली स्थानीय लोगों से सुझाव लेकर शासन को रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र से जिन लोगों को विस्थापित किया जायेगा, उनको सरकार की ओर से बेहतर व्यवस्थाएं की जायेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के जिन शहरों में समुचित ड्रेनेज प्लान एवं सीवर सिस्टम नहीं हैं, उनमें ड्रेनेज एवं सीवर सिस्टम के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना बनाई जाए। शहरों को श्रेणी वार चिन्हित किया जाए।
सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय जल विज्ञान (एनआईएच) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में जोशीमठ में रिस रहा पानी और एनटीपीसी परियोजना के टनल का पानी अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि अन्य केन्द्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट एवं एनआईएच की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पायेगी। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र के 258 परिवारों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में पानी का डिस्चार्ज एवं सिल्ट दोनों काफी तेजी से कम हुआ है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव सविन बंसल, आनन्द श्रीवास्तव एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कर्तव्य पथ पर दिखेगी मानसखण्ड झांकी, सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला पर गणतंत्र दिवस-2023 परेड के लिये उत्तराखण्ड राज्य की चयनित “मानसखण्ड” की झांकी का निरीक्षण किया तथा झांकी में सम्मिलित उत्तराखण्ड के कलाकारों को कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाने वाली उत्तराखण्ड की कला एवं संस्कृति के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने झांकी के संबंध में निर्देश दिये कि झांकी का निर्माण उच्च कोटि का किया जाय, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य की कला एवं संस्कृति की झलक गणतंत्र दिवस परेड में देखने का मिले। गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष उत्तराखण्ड की झांकी में मानसखण्ड के अंतर्गत जागेश्वर धाम, कार्बेट नेशनल पार्क तथा उत्तराखण्ड की प्रसिद्व ऐपण आर्ट को दिखाया जा रहा है।
मानसखण्ड का उल्लेख स्कन्द पुराण में वर्तमान कुमाँऊ क्षेत्र से है। राज्य सरकार गढ़वाल मण्डल में होने वाली चारधाम यात्रा की भांति मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के रूप में कुमाऊँ क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों का चिन्हीकरण करते हुए इनमें आवश्यकतानुसार अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर रही है। इससे देशी विदेशी पर्यटकों को क्षेत्र की समृद्ध पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित भी कराया जा सकेगा, जिससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
इस अवसर पर स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, उत्तराखण्ड झांकी के टीम लीडर/संयुक्त निदेशक के0 एस0 चौहान, विशेष कार्याधिकारी राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, रवि पाण्डे, गुजरात झांकी की टीम लीडर पंकज मोदी उपस्थित रहे।

24 जनवरी से पांच दिवसीय ऋषिकेश बंसतोत्सव का आगाज

पांच दिवसीय वसंतोत्सव का आगाज 24 जनवरी को ध्वजारोहण से होगा। पहले दिन साइकिल दौड़, मटकी फोड़ प्रतियोगिता होगी। 26 जनवरी को हृषिकेश नारायण भरत भगवान की डोली यात्रा निकाली जाएगी।
बुधवार को झंडा चौक स्थित भरत मंदिर सभागार में आयोजित बैठक में वसंतोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। सफल आयोजन के लिए समितियों का गठन कर जिम्मेदारी सौंपी गई। मेला संयोजक हर्षवर्धन शर्मा ने बताया कि 24 जनवरी को सुबह मेला परिसर में ध्वजारोहण से वसंतोत्सव का शुभारंभ होगा। हरिद्वार रोड पर लोनिवि के सामने से साइकिल दौड़ शुरू होगी। भरत मंदिर में मटकी फोड़ प्रतियोगिता और सुबह 11.30 बजे छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम होगा। शाम को गढ़वाली सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। 25 जनवरी गुरुवार को स्व.महंत अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज की स्मृति में रक्तदान शिविर और शाम को समन्वय संस्था की ओर एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 26 जनवरी को हृषिकेश नारायण भरत भगवान की डोली यात्रा निकाली जाएगी। 27 जनवरी को नगर निगम ऋषिकेश कार्यालय परिसर में दंगल प्रतियोगिता होगी। इसका समापन 28 जनवरी को होगा। 28 जनवरी को शाम को कवि सम्मेलन के साथ वसंतोत्सव का समापन होगा। मौके पर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, वरुण शर्मा, बचन पोखरियाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल, मेजर गोविंद सिंह रावत, धीरेंद्र जोशी, रामकृपाल गौतम, भगतराम कोठारी, अशोक अग्रवाल, राजेंद्र बिष्ट, राधा रमोला, शकुंतला शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, संदीप शास्त्री, प्यारेलाल जुगरान, जयेंद्र रमोला, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, रंजन अंथवाल, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, मदन मोहन शर्मा, विमला रावत, प्रवीण रावत, डीबीपीएस रावत, जितेंद्र बिष्ट, धीरज चतरथ, महेश किंगर, कमला प्रसाद भट्ट, विजयलक्ष्मी शर्मा, श्रीकांत शर्मा, शकुंतला शर्मा, राधा रमोला, अशोक कुमार रस्तोगी, चंद्रशेखर, जयप्रकाश नारायण, अंजू रस्तोगी, ललित मोहन मिश्रा, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, चेतन शर्मा, रामकृपाल गौतम, विवेक शर्मा, जितेंद्र बिष्ट, लखविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

टिहरी रियासत की जनक्रांति का केन्द्र रहा है झंडा चौक

हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ऋषिकेश के झंडा चौक का इतिहास गौरवशाली है। टिहरी रियासत की जनक्रांति और पर्वतीय जिलों का ऋषिकेश प्रवेश द्वार होने के कारण झंडा चौक संपूर्ण क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र रहा है।
रविवार को मकर संक्रांति पर्व पर ऋषिकेश झंडा चौक पर नवनिर्मित झंडा स्तंभ का उद्घाटन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक ने यह बात कही। कहा कि आंदोलनकारी झंडा चौक में एकत्र होकर जुलूस की शक्ल में आंदोलन में शामिल होते थे। यहां पर ध्वज फहराने की परंपरा थी। सन् 1929 में नमक सत्याग्रह में देहरादून जिले के 400 लोग जेल गए थे, जिनमें 70 संन्यासी भी थे, जो ऋषिकेश झंडा चौक से एकत्र होकर देहरादून गए थे। निशंक ने कहा कि क्रांतिकारियों का मिलन केंद्र रहा झंडा चौक किसी विश्व धरोहर से कम नहीं है। इस मौके पर श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, हरिनारायणचार्य, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, संजय शास्त्री, जगमोहन सकलानी, दीप शर्मा, विनय उनियाल, प्रतीक कालिया, मनोज पंवार, दीपक धमीजा, विकास नेगी, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, जितेंद्र अग्रवाल, अशोक जैन, अनिकेत गुप्ता, प्रदीप दुबे, गोविंद सिंह रावत, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, रंजन अंथवाल, मदन मोहन शर्मा आदि उपस्थित रहे।

जोशीमठ प्रकरण पर नवीन जानकारी के साथ ही बचाव कार्यो में तेजी लाने पर जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में जोशीमठ भू-धंसाव के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली से क्षेत्र की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि प्रभावित क्षेत्र को पूर्ण रूप से खाली करवाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि भूस्खलन से किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान न हो इसके लिए सबसे पहले परिवारों को शिफ्ट किया जाए और उस बिल्डिंग को प्राथमिकता के आधार पर ध्वस्त किए जाए जो अधिक खतरनाक साबित हो सकती है। जिन स्थानों पर प्रभावित परिवारों को रखा गया है, उन स्थानों पर उनके रहने खाने की उचित व्यवस्था हो। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि प्रभावित नागरिकों एवं शासन प्रशासन के मध्य किसी प्रकार का कम्युनिकेशन गैप न हो। उच्चाधिकारी भी लगातार प्रभावित परिवारों के संपर्क रहें और परिस्थितियों पर नजर बनाए रखें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-धंसाव के कारण मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हो सकता है। मोबाइल टावर अन्यत्र सुरक्षित स्थान में शिफ्ट कर अथवा नए टावर लगा कर संचार व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को साथ लेकर एक असेसमेंट कमेटी बनाई जाए। प्रतिदिन पूरे क्षेत्र में टीम भेज कर निरीक्षण करवाया जाए कि पिछले 24 घंटे में क्षेत्र में किस प्रकार का और कितना परिवर्तन हुआ हुआ है, जो भवन अधिक प्रभावित हैं उन्हें प्राथमिकता पर ध्वस्त किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जोशीमठ के स्थिर क्षेत्र के लिए ड्रेनेज और सीवेज प्लान पर भी काम शुरू किया जाए। भवनों को ध्वस्त करने में विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाए ताकि ध्वस्तीकरण में कोई अन्य हानि न हो। साथ ही, कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव मोड पर रखा जाए, और आमजन को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में संपर्क करने हेतु प्रचार प्रसार किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ से सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, अरविंद सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत सिन्हा एवं बृजेश कुमार संत सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त गढ़वाल सुशील कुमार एवं जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय गंगा परिषद की दूसरी बैठक का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कोलकाता पश्चिम बंगाल में आयोजित राष्ट्रीय गंगा परिषद की द्वितीय बैठक में प्रतिभाग किया। प्रधानमंत्री ने बैठक को वर्चुअल सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में गंगा स्वच्छता एवं निर्मलता के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2019 में गंगा को आजीविका एवं विकास से जोड़ने के उद्देश्य से जो अर्थ गंगा मॉडल के रूप में दिया गया था उसके तहत उत्तराखण्ड राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किये हैं। गंगा के मैनेजमेंट क्षेत्र में वनीकरण एवं वृक्षारोपण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में गंगा की सहायक नदियों के पुनर्जीवन हेतु नदी के किनारे पुराने बसे हुए शहरों के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से नदी केन्द्रित मास्टर प्लान भी बनाये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एन.एम.सी.जी.) के मार्गदर्शन में पूर्व के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करते हुए गंगा की स्वच्छता, निर्मलता एवं अविरलता को बनाये रखने की दृष्टि से कुछ अन्य परियोजनाओं के प्रस्ताव एन.एम.सी.जी. को प्रेषित किये गये हैं तथा सहायक नदियों को लेकर कुछ प्रस्ताव और भी तैयार कराये जा रहे हैं।