लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।

कुंभ मेला की समीक्षा कर सीएम ने दिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज कुंभ मेला की समीक्षा की और अधिकारियों अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाय। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाय। स्वच्छता अभियान में स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं एवं जनता का सहयोग भी लिया जाय। कोविड-19 के मानकों का पूर्णतः पालन कराया जाय। जनवरी के अन्त तक स्थाई प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण किये जाए। कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कुंभ के दृष्टिगत व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वच्छ, सुन्दर एवं सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए मेला प्रशासन के साथ सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। मेला क्षेत्र में मास्क एवं सेनेटाइजर की उचित व्यवस्था की जाए। कोविड से सतर्कता के लिए भी मेला एवं जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाय। अस्थाई प्रकृति के अवशेष कार्यों को भी जल्द पूर्ण किया जाय एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य भी समय से पूर्ण किए जाए। आगामी कुंभ पर्वों में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। इसके दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं पहले से ही योजना बनाकर तैयार रखी जाय।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुंभ मेला श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि कुभ मेला में राष्ट्रीय एवं प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आस्था से संबंधित विभिन्न पक्षों को सामने लाया जायेगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये कि दिव्य एवं भव्य कुंभ के आयोजन के संबंध में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाय।
शासन स्तर पर कुंभ मेले की जानकारी देते हुए सचिव नगर विकास शैलेश बगोली ने कहा कि कुंभ मेले से संबधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस संबंध में स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष तत्काल निर्णय लेते हुए बजट आंवटित किया जा रहा है।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि स्थाई प्रकृति के अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं, अवशेष कार्य जल्द पूर्ण हो जायेंगे। सड़क एवं पुलों से संबधित अधिकतर कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी आवश्यक कार्य जल्द पूर्ण किये जायेंगे।

बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, डॉ. पंकज पाण्डेय, एस.ए. मुरूगेशन, आईजी मेला संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

अपने जन्मदिन पर गंगा तट पहुंचे सीएम के सोशल मीडिया कोआर्डिनेटर नितिन रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन सिंह रावत ने अपने जन्मदिवस पर त्रिवेणी घाट स्थित गंगा तट पर आरती की। इससे पूर्व युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका ऋषिकेश पहुंचने पर भव्य स्वागत किया और उनके जन्मदिन पर केक काटकर खुशियां मनाई।

सीएम के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन सिंह रावत अपने तय कार्यक्रम के अनुसार गंगा तक पहुंचे। गंगा सभा द्वारा आयोजित भव्य गंगा आरती में उन्होंने प्रतिभाग किया। आरती से पूर्व उन्होंने गंगा मां का पूजन किया एवं दीर्घायु स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की।

उन्होंने बताया कि उनकी गंगा में अटूट श्रद्धा है इसलिए अपने जन्मदिवस पर वह गंगा आरती में शामिल होने के लिए ऋषिकेश पहुंचे हैं, नितिन सिंह रावत के जन्मदिन पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी खूब जोश दिखाया। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अपने साथ केक लेकर पहुंचे। उन्होंने नितिन सिंह रावत का पहले फूल मालाओं से और बुके देकर स्वागत किया। उसके बाद उन्होंने स्थानीय मंदिर में ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया। जिसके बाद युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने एक शादी समारोह में केक काटकर उनका जन्म दिवस मनाया। गंगा आरती में उनके साथ नमामि गंगे संकल्प के प्रदेश संयोजक कपिल गुप्ता सहित स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आरती से पूर्व भजन संध्या में सीएम के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन रावत ने प्रतिभाग किया।

स्नान, दान, दक्षिणा देकर मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने कमाया पुण्य

तीर्थनगरी में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर त्रिवेणी घाट पर आस्था का सैलाब देखने को मिला। मौके पर श्रद्धालुओं ने स्नान, दान, दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। साथ ही महाकुंभ के आगाज पर गंगा में आस्था की डुबकी भी लगाई।

दरअसल, आज मकर संक्रांति पर्व के साथ महाकुंभ 2021 का प्रमुख पहला स्नान भी था। इसके चलते ऋषिकेश सहित आसपास क्षेत्र मुनिकीरेती, रानीपोखरी, डोईवाला, रायवाला, छिद्दरवाला, नेपाली फार्म, भानियावाला, नरेंद्रनगर, यमकेश्वर आदि आसपास क्षेत्रों से लोग गंगा घाटों पर पहुंचे और गंगा में स्नान कर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया। इसी के साथ श्रद्धालुओं ने कच्चे चावल, उरद की साबुत दाल, घी, मसाले तथा दक्षिणा दान में दी। त्रिवेणी घाट सहित तीर्थनगरी के विभिन्न घाट जैसे 72सीढ़ी, सांई घाट, नाव घाट, पूर्णानंद घाट, शत्रुघन घाट, रामझूला, लक्ष्मणझूला, रामानंद घाट आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहीं। हालांकि आज गुरूवार की साप्ताहिक बंदी रही। मगर, फिर भी भीड़ उमड़ी रही।

देव डोलियों ने किया गंगा स्नान
त्रिवेणी घाट पर विभिन्न धामों की देव डोलियां नरेंद्रनगर, रानीपोखरी, देहरादून, डाट काली आदि देवियों की डोलियां पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने नाचती हुई डोलियों के दर्शन भी किए। तो श्रद्धालुओं ने देव डोलियों की परिक्रमा कर आर्शीवाद प्राप्त किया।

खिचड़ी प्रसाद बांटकर की सुख समृद्धि की कामना
नगरभर में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर घाट रोड, त्रिवेणी घाट, बस अड्डा, देहरादून मार्ग, हरिद्वार मार्ग, लक्ष्मणझूला मार्ग, कैंप कार्यालय विधानसभा अध्यक्ष सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही मां गंगा से सुख समृद्धि की कामना भी की गई।

हरिद्वार में मकर संक्रांति पर बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगा प्रवेश

हरिद्वार। मकर संक्रांति पर्व पर हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की अवधि की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।

श्रद्धालुओं की भीड़ की संभावना के मद्देनजर मेला पुलिस-प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों का रूट प्लान जारी करने के साथ पार्किंग स्थल भी निर्धारित कर दिए हैं। शहर में वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में रूट डायर्वजन भी लागू किया जाएगा।

भीड़ के सामान्य रहने पर पास धारक एवं गंगा सभा का परिचय पत्र धारक व्यक्ति उपरोक्त प्लान के विपरीत दिशा में भी जा सकेंगे। सामान्य परिस्थितियों में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट प्लान 13 जनवरी दोपहर 12 बजे से 15 जनवरी की दोपहर दो बजे तक लागू रहेगा। आवश्यक सेवाओं में दूध, तेल, गैस आदि के ट्रक एवं टैंकर पर यह प्रतिबंध नहीं होगा।

मकर संक्रांति को लेकर एसओपी जारी

मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की अवधि की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि राज्य सीमा पर श्रद्धालुओं को रोका नहीं जाएगा। बार्डर में पूर्व की तरह केवल रैंडम सैंपलिंग व्यवस्था ही होगी। ऐसे में कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर प्रशासन स्वयं असमंजस से घिरा नजर आ रहा है।

डीएम सी. रविशंकर ने मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर एसओपी जारी कर दी। होटल, धर्मशाला, आश्रम गेस्ट हॉउस प्रबंधन को श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग करना अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओें के लिए दो गज की दूरी और मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा।

वहीं कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पूर्व की तरह स्नान पर्व के दिन भी बार्डर पर रैंडम सैंपलिंग की जाएगी।

बताया कि श्रद्धालुओं से कोविड की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपार्ट लाने की अपेक्षा की गई है, जिसकी अवधि पांच दिन निर्धारित होगी। डीएम ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को रोका नहीं जाएगा, लेकिन अगर कोविड रिपोर्ट न लाने का मामला संज्ञान में आता है तो कार्रवाई की जाएगी।

20 जनवरी तक कुंभ से संबंधित वित्तीय स्वीकृति आदेश निर्गत किए जाएंः मुख्य सचिव


मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में आज कुम्भ मेले से सम्बन्धित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। उन्होंने सख्त निर्देश दिये कि कुम्भ कार्यो से सम्बन्धित वित्तीय स्वीकृति के आदेश 20 जनवरी तक निश्चित रूप से निर्गत कर दिये जाएं। उन्होंने धीमी गति से चल रहे कार्यों में तेजी लाते हुए जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ, जिन कार्यों के जी.ओ. अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 20 जनवरी तक जारी किए जाने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम हरिद्वार में अपर मुख्य नगर आयुक्त सहित लेखपाल एवं कानूनगो आदि की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में पार्किंग निविदा समिति, भू-आबंटन समिति, आई.सी.टी. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हेतु समिति सहित विभिन्न नगर निकायों हेतु स्वच्छता निविदा समितियों के गठन को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक के दौरान मिल्क एण्ड डेरी प्रोडक्ट, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट, होमगार्ड, सूचना आदि विभागों हेतु आवश्यक बजट को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।

सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली ने बताया कि अब तक कुम्भ मेले से सम्बन्धित 749 करोड़ लागत के कुल 166 कार्यों को अब तक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कुम्भ मेला 2021 में कुम्भ मेला की कहानियों का चित्रण, लाईट एण्ड साउण्ड शो, चंडीघाट में आयोजित होने वाले शो और चिर-परिचित आवाज में वॉयस ओवर और बैकग्राउण्ड म्यूजिक आकर्षण का केन्द्र होंगे।

बैठक में महानिदेशक सूचना डॉ0 मेहरबान सिंह बिष्ट द्वारा कुम्भ मेले-2021 में सूचना विभाग द्वारा किये जाने वाले मीडिया सेन्टर की स्थापना, संचालन, अनुरक्षण एवं प्रचार प्रसार से सम्बन्धित कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, नितेश कुमार झा, सौजन्या, प्रभारी सचिव शहरी विकास विनोद कुमार सुमन एवं आई0जी0 कुम्भ मेला संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

लोस अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गंगा आरती कर की सुख समृद्धि की कामना


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज अपने देहरादून भ्रमण के दौरान ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती कर सुख समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने माल्यार्पण कर लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित महिलाओं एवं स्थानीय क्षेत्रवासियों द्वारा फुल वर्षा कर लोकसभा अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया।ढोल नगाड़ों के साथ लोकसभा अध्यक्ष को त्रिवेणी घाट पर लाया गया जहां पर लोकसभा अध्यक्ष ने गंगा जी का ध्यान कर गंगा आरती में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने ओम विरला को भगवान गणेश का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

अवगत करा दें कि लोकसभा अध्यक्ष देहरादून में आयोजित पंचायती व्यवस्था पर आधारित परिचय सम्मेलन के दौरान बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करने देहरादून पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष के विशेष आग्रह पर लोकसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश में संध्याकालीन आरती में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मेयर अनिता ममगाईं, ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पार्षद प्रदीप कोहली, पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद राजू नरशिमा, पार्षद रीना शर्मा, जयंत शर्मा, विजेंद्र मोगा, श्यामपुर मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, वीर भद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, सतीश सिंह, सुमित सेठी, राज्य मंत्री सुरेंद्र मोगा, कमला नेगी, वीरभद्र महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी बिष्ट आदि उपस्थित थे।

कुम्भ से सम्बन्धित स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्यो को समय से पूर्ण करने के सीएम नेे दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ ही मेलाधिकारी एवं आईजी कुम्भ मेला के साथ कुम्भ के कार्यो के व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले के सफल आयोजन एवं श्रद्धालुओं को सुविधा का ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने सड़क, पुलों, पार्किंग स्थलों आदि के निर्माण पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने इसकी व्यवस्थाओं को 2010 कुम्भ के अनुरूप किये जाने की बात कही। उन्होंने प्रमुख अखाड़ो के प्रमुखों से समन्वय कर उनसे सुझावानुसार भी व्यवस्थाएं करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढ़ंग से कुम्भ स्नान की व्यवस्था की जाय। इसके लिये सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में परिस्थिति के अनुकूल यथासमय एडवाइजरी जारी करने की व्यवस्था की जाय। कुम्भ मेले में आने वालो के लिये पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था, इन्ट्री प्वाइंट पर थरमल स्क्रीनिंग के साथ ही एन्टीजन टेस्टिंग की व्यवस्था किये जाने पर ध्यान दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले के अवसर पर क्राउड मैनेजमेंट की कार्ययोजना बनायी जानी चाहिए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी विचार विमर्श किया जाय। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से भीड नियन्त्रण आदि के लिए कन्टिजेंट प्लान तैयार करने पर ध्यान देने को कहा।

बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नीतेश झा, शैलेश बगोली, राधिका झा, सचिव एसए मुरूगेशन, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

नजरियाः अब श्रद्धालु आसानी से जा सकेंगे बदरीनाथ धाम

डोबराचांटी पुल के बाद त्रिवेन्द्र सरकार ने एक और ऐसे प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया है जो बीते ढाई दशकों (26 वर्ष) से अटका हुआ था। बदरीनाथ धाम की यात्रा में नासूर बने ‘लामबगड़ स्लाइड जोन’ का स्थायी ट्रीटमेंट कर लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की इच्छाशक्ति और सख्ती की बदौलत यह प्रोजेक्ट महज दो वर्ष में ही पूरा हो गया। तकरीबन
500 मीटर लम्बे स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट 107 करोड़ की लागत से किया गया। अब बदरीनाथधाम की यात्रा निर्बाध हो सकेगी, जिससे तीर्थयात्रियों को परेशानियों से निजात मिलेगी।

सीमांत जनपद चमोली में 26 साल पहले ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पाण्डुकेश्वर के पास लामबगड़ में पहाड़ के दरकने से स्लाड जोन बन गया। हल्की सी बारिश में ही पहाड़ से भारी मलवा सड़क पर आ जाने से हर साल बदरीनाथधाम की यात्रा अक्सर बाधित होने लगी। लगभग 500 मीटर लम्बा यह जोन यात्रा के लिए नासूर बन गया। पिछले ढाई दशकों में इस स्थान पर खासकर बरसात के दिनों मे कई वाहनों के मलवे में दबने के साथ ही कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। करोड़ों खर्च होने पर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। पूर्व मे जब लामबगड़ में बैराज का निर्माण किया जा रहा था, तब जेपी कंपनी ने इस स्थान सुरंग निर्माण का प्रस्ताव रखा, लेकिन उस वक्त यह सड़क बीआरओ के अधीन थी और बीआरओ ने भी सुरंग बनाने के लिए हामी भर दी थी। दोनों के एस्टीमेट कास्ट मे बड़ा अंतर होने के कारण मामला अधर मे लटक गया था। इसके बाद वर्ष 2013 की भीषण आपदा में लामबगड स्लाइड जोन में हाईवे का नामोनिशां मिट गया। तब सडक परिवहन मंत्रालय ने लामबगड स्लाइड जोन के स्थाई ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी एनएच पीडब्लूडी को दी। एनएच से विदेशी कम्पनी मैकाफेरी नामक कंपनी ने यह कार्य लिया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत तमाम अड़चनों की वजह से ट्रीटमेंट का यह काम धीमा पड़ता गया।

वर्ष 2017 में त्रिवेन्द्र सरकार के सत्ता में आते ही ये तमाम अड़चनें मिशन मोड में दूर की गईं और दिसम्बर 2018 में प्रोजेक्ट का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ। महज दो वर्ष में अब यह ट्रीटमेंट पूरा हो चुका है। अगले 10 दिन के भीतर इसे जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इसे त्रिवेन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

उत्तराखंड की झांकी को इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर मिला स्थान

इस वर्ष राजपथ नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड-2021 के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य की झांकी का अंतिम रुप से चयन कर लिया गया है। भारत सरकार द्वारा इस हेतु दिनांक 04 जनवरी, 2021 को आयोजित अंतिम बैठक के पश्चात् दिनांक 05 जनवरी, 2021 को आदेश जारी कर दिये गये हैं। महानिदेशक, सूचना, डॉ0 मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि रक्षा मंत्रालय भारत सरकार में छः बार की बैठक के पश्चात उत्तराखण्ड राज्य की झांकी को भी गणतंत्र दिवस परेड में स्थान मिला है। इस वर्ष राज्य की ओर से प्रदर्शित की जाने वाली झांकी का विषय ‘केदारखण्ड’ रखा गया है। झांकी के अग्र भाग में राज्य पशु ‘कस्तूरी मृग‘, राज्य पक्षी ‘मोनाल’ एवं राज्य पुष्प ‘ब्रह्मकमल’ तथा पार्श्व भाग में केदारनाथ मन्दिर परिसर एवं ऋद्धालुओं को दर्शाया गया है।

झांकी के चयन हेतु रक्षा मंत्रालय भारत सरकार में आयोजित पांच स्तर की बैठकों में विभाग के उपनिदेशक, श्री के.एस.चैहान द्वारा झांकी के थीम, डिजाइन, मॉडल तथा संगीत आदि का सफल प्रस्तुतिकरण किया गया जिसके फलस्वरुप राज्य की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड-2021 में अन्तिम रुप से चयनित किया गया है। झांकी डिजाइन के चयन की एक बहुत जटिल प्रक्रिया होती है, इस वर्ष प्रारम्भ में 32 राज्य एवं केन्द्रशासित प्रदेशों ने प्रतिभाग किया था जिसमें से अंतिम रुप से केवल 17 राज्यों का चयन किया गया है।

इससे पूर्व उत्तराखण्ड राज्य द्वारा वर्ष 2003 में ‘फुलदेई’, वर्ष 2005 में ‘नंदाराजजात’, वर्ष 2006 में ‘फूलों की घाटी’, वर्ष 2007 में ‘कार्बेट नेशनल पार्क’, वर्ष 2009 में ‘साहसिक पर्यटन’, वर्ष 2010 में ‘कुम्भ मेला हरिद्वार’, वर्ष 2014 में ‘जड़ी बूटी’, वर्ष 2015 में ‘केदारनाथ’, वर्ष 2016 में ‘रम्माण’, वर्ष 2018 में ‘ग्रामीण पर्यटन’ तथा वर्ष 2019 में ‘अनाशक्ति आश्रम (कौसानी प्रवास एवं अनाशक्ति)’ विषयों पर आधारित झांकियों का सफल प्रदर्शन राजपथ पर किया जा चुका है।