कुंभ के तहत मेयर अनिता ने किया त्रिवेंणी घाट का निरीक्षण

मेयर अनिता ममगाई ने बंसत पंचमी के महा स्नान को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने अधिकारियों सहित त्रिवेणी घाट का रखरखाव करने वाली गंगा सभा के पद्दाधिकारियों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने शहर की तमाम समाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं से भी शाही स्नान में प्रशासन को हर संभव सहयोग करने की अपील की है।

मेयर अनिता ममगाई ने अपर सहायक अभियंता आशीष बिष्ट को निर्देशित करते हुए कहा कि श्रद्वालुओं के सुरक्षित स्नान के लिए लगवाई जा रही चेनों का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण होना चाहिए, इसके लिए लेबर को भी बढाया जाये। घाट पर जगह-जगह बिखरी निर्माण सामग्री को देख उन्होंने तुरंत गंगा महासभा के अध्यक्ष राहुल शर्मा को फोन कर अपनी नाराजगी जताते हुए शांम तक व्यवस्थाओं को चाकचैबंद करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें कहा कि महिलाओं के स्नान की भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।उन्हें स्नान में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े, यह जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

मेयर अनिता ने उम्मीद जताई कि शाही स्नान पर्वों पर शहर की तमाम संस्थाएं आस्था के महा कुंभ में कंधे से कंधा मिलाकर सफल, सुरक्षित और सुखद बनाने में प्रशासन को अपना अमूल्य योगदान देंगी। महापौर ने बताया कि कुम्भ को लेकर भव्य पैमाने पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस दौरान सिचांई विभाग के अपर सहायक अभियंता आशीष बिष्ट, पार्षद राजेश दिवाकर, अनीता प्रधान, विजय बडोनी, मनीष बनवाल, पंकज शर्मा, पवन शर्मा, राजपाल ठाकुर, हैप्पी सेमवाल, प्रकांत कुमार, अक्षय खेरवाल, प्रिया धक्काल, मनीष मिश्रा, निर्भय गुप्ता, रणवीर सिंह, आकाश कुमार आदि मौजूद रहे।

कुंभ महापर्व में स्नान करेगी बाबा महाकाल की पालकी

हरिद्वार में होने जा रहे कुम्भ महापर्व 2021 में उज्जैन से 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल की दिव्य पालकी भी शामिल होगी।

यह जानकारी देते हुए श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतिय शोभायात्रा समिति प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने बताया कि देवडोली समिति के तत्वावधान में तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय उत्तराखंड सरकार के सहयोग तथा सहभागिता से आयोजित होने वाले भव्य एवं दिव्य कुम्भ स्नान एवं शोभायात्रा में राजाधिराज बाबा महाकाल की दिव्य रजत पालकी प्रथम बार शामिल होने जा रही है।

रमेश चंद्र शर्मा एवं विश्वजीत सिंह राठौर के नेतृत्व में पुजारी सहित 15 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल 24 अप्रैल को हरिद्वार पहुँचेगा।

चैत्र शुक्ल त्रयोदशी सर्वार्थ अमृत सिद्धयोग रविवार 25 अप्रैल 2021 को दक्ष प्रजापति कनखल से हर की पैड़ी तक समस्त डोलियों के साथ सेमनागराजा भगवान श्रीकृष्ण जी तथा परम् वैकुण्ठ धाम श्री बद्रीनाथ जी के ध्वज के नेतृत्व में पर्वतीय क्षेत्र के पारम्परिक वाद्य यंत्र, ढोल-दमाऊ, रणसिंहा आदि के साथ भव्य शोभायात्रा निकलेगी। समिति के परमाध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी के संयोजन में शोभायात्रा ब्रह्मकुंड में स्नानोपरांत पंतदीप के पंडाल में एकत्र होगी। जहां बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का दिव्य दर्शन व पूजन सन्त महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं प्रशासन द्वारा किया जायेगा।

राम मंदिर के निर्माण के लिए एक माह का वेतन देकर एम्स निदेशक ने पत्नी सहित पेश की मिशाल

अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एम्स ऋषिकेश में कार्यरत चिकित्सक व अन्य कर्मचारी भी सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। मंदिर निर्माण के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जुटी विभिन्न संगठनों के प्रति​निधियों का कहना है कि ​संस्थान में कार्यरत कर्मचारी उन्हें अपनी सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस अभियान के तहत एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व उनकी धर्मपत्नी वरिष्ठ सर्जन प्रोफेसर बीना रवि ने अपनी एक-एक महीने की तनख्वाह दानस्वरूप भेंट की है।
गौरतलब है कि इन दिनों विभिन्न संस्थाएं भव्य मंदिर निर्माण को लेकर जनसहयोग की अपील कर रही हैं,जिसके तहत विभिन्न इलाकों में लोगों से आर्थिक सहयोग एकत्रित किया जा रहा है। नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन एम्स शाखा इसके लिए आगे आई है।

नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन की शाखा अध्यक्ष डा. मीनाक्षी धर व आरडीए के अध्यक्ष डा. विनोद ने बताया कि संस्थान के फैकल्टी, चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों से सहयोग राशि एकत्रित की जा रही है।

डा. विनोद के अनुसार लोग इस कार्य में अपने स्तर पर भी बढ़चढ़कर प्रतिभाग कर रहे हैं। बताया कि कई लोग अभियान से जुड़े सदस्यों से संपर्क कर अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग राशि प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक काफी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एमबीबीएस व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ ही संस्थान के सुरक्षाकर्मी व अन्य स्टाफ के लोग उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान कर रशीद प्राप्त कर चुके हैं।

इसी क्रम में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व वरिष्ठ शल्य चिकित्सक प्रो.बीना रवि ने अपनी एक- एक माह की तनख्वाह दानस्वरूप भेंट कर सहभागिता की है।
इस अभियान में डा.रविराज, डा.जितेंद्र, डा.आनंद, डा.अजय, डा.शिशिरा,कौशल, संकेत, रवेंद्र,बलराज, नवीन, दिव्यांश आदि सक्रिय रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं।

नगर क्षेत्र में निकली स्वामी रामानंदाचार्य की जयंती पर शोभायात्रा

जगतगुरु स्वामी रामानंन्दा चार्य महाराज की 721 वी जयंती महोत्सव माघ कृष्ण सप्तमी संवत 2077 कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए बड़ी प्रेम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। विरक्त श्री वैष्णव मंडल समिति के तत्वाधान में स्वामी रामानंद संत आश्रम मायाकुंड रामानंद घाट से संत बैरागी एवं विरक्त वैष्णव मंडल के सभी संत महात्माओं की अगुवाई में आज जगतगुरु रामानंन्दाचार्य महाराज की शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए सूक्ष्म रूप में निकाली गई। शोभायात्रा में मेयर अनिता मंमगाई में भी सम्मिलित होकर सभी संतों का आशीर्वाद लिया।

मेयर अनिता ने कहा कि संत समागम से ही हम अपने जीवन को बदल सकते हैं जिस प्रकार आज का युवा कल का भविष्य कहा जाता है उसी प्रकार संतों के आशीर्वाद से हम अपने जीवन में अनेकानेक बदलाव ला सकते हैं उन्हीं के आशीर्वाद के फल स्वरुप हम अपने जीवन में आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना जगाकर जनमानस में वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ आगे बढ़ कर कार्य कर सकते हैं उन्होंने सभी को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए सभी संत महात्माओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि संतों का जन्म नहीं अवतार होता है समाज को एक दिशा दिखा कर वह अपनी दिव्य लोग में चले जाते हैं

शोभा यात्रा नगर भ्रमण करने के पश्चात पुनः रामानंन्द संत आश्रम मायाकुंड में पहुंचकर संत महात्माओं द्वारा संत सम्मेलन मैं सभी आए हुए संत महामंडलेश्वर ने अपने-अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर कार्याध्यक्ष महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज, महामंत्री महामंडलेश्वर महंत ईश्वर दास महाराज ईश्वर आश्रम, कोषाध्यक्ष महंत डॉ नारायण दास महाराज, महंत जय राम महाराज महंत प्रभु दास महाराज, महंत हरी चरण दास महाराज, मुरारी दास महाराज, संचालन एवं व्यवस्था पुजारी वृन्दावन दास महाराज, रामानुजाचार्य गोपालचार्य महाराज, शंकराचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री, संगठन मंत्री महंत सुरेश दास महाराज, महंत निर्मल दास महाराज, महंत भारत भूषण दास महाराज, महंत सीताराम दास महाराज, महंत कृष्ण मुरारी दास महाराज, महंत ह्रयग्रिवाचार्य महाराज, महंत शांताराम दास, मौनी बाबा, चेतन शर्मा, विनोद शर्मा, पंकज शर्मा, संजय भट्ट, घनश्याम भट्ट, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, विवेक गोस्वामी, अभिषेक शर्मा, राम चैबे, रमाकांत भारद्वाज, रामकृपाल गौतम, महंत दीपक दास महाराज, महावीर दास परमानंद महाराज आदि उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति सांसद नरेश बंसल ने की शिष्टाचार भेंट, कुंभ में उत्तराखंड आने का दिया निमंत्रण

दिल्ली में सांसद राज्य सभा नरेश बंसल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से शिष्टाचार भेंट की। करीब 1 घंटे चली इस मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसद ने उन्हें कुंभ में हरिद्वार आने का निमंत्रण दिया। मौके पर सांसद ने नवसंवत्सर व हिन्दू नव वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं और बधाई दी गई। साथ ही उत्तराखंड के विकास कार्यों को लेकर भी वार्ता हुई। बंसल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनके संयुक्त संसदीय सत्र के अभिभाषण के लिए बधाई देते हुए उसे भारत की प्रगति का पाथेय बताया। साथ ही कहा कि विषम परिस्थितियों में भारत सरकार द्वारा पेश एतिहासिक बजट भारत की प्रगति मे मील का पत्थर साबित होगा। उससे सभी क्षेत्रों में सर्वागीण विकास होगा।

सांसद नरेश बंसल ने उत्तराखंड में केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चल रहे विकास कार्यो की जानकारी राष्ट्रपति को दी। राष्ट्रपति कोविंद से राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद किया।दोनों के बीच उत्तराखंड व देश से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुईं।

सासंद ने राष्ट्रपति को मां भगवती की प्रशाद स्वरुप चुनरी व श्री वाल्मिकी रामायण भेंट की। सासंद बंसल ने कुंभ मेला पर भी एक पुस्तक राष्ट्रपति महोदय को भेंट की व उन्हे सपरिवार देवभूमि उत्तराखंड के पुण्य क्षेत्र हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ में आने का निमंत्रण दिया।

इस मौके पर राज्य सभा में निर्वाचन पर बधाई और शुभकामनाएं दी। साथ ही सांसद ने राष्ट्रपति का मार्गदर्शन लिया। इस अवसर पर आईटी प्रकोष्ठ युवा मोर्चा उत्तराखंड के सह संयोजक सिद्धार्थ बंसल भी उपस्थित रहे।

स्वच्छता अभियान चला गंगा ने निकाली गंदगी

ओम विश्व शांति सद्भावना समिति की ओर से त्रिवेणी घाट मां गंगा के तट पर सदस्यता अभियान चलाया गया। इस दौरान गंगा नदी में पड़ी गंदगी को बाहर निकाला गया।

राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज के सानिध्य में समिति के सदस्यों ने त्रिवेणी घाट परिसर में एकत्रित होकर मां गंगा के तट पर स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने गंगा में पड़े फूल पॉलिथीन और पुराने कपड़ों को एकत्रित कर मौके पर ही उसका निस्तारण किया। इस मौके पर संत दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहा कि मां गंगा हमारी आस्था का केंद्र ही नहीं अपितु जीवनदायिनी भी है। मां गंगा के जल पर पूरी दुनिया के जीवो का जीवन निर्भर है।

इसकी स्वच्छता के लिए हम सब को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। मां गंगा का अस्तित्व बचा रहेगा तो इस धरती पर सभी जीवो का जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने गंगा तट पर मौजूद सभी गंगा भक्तों से मां गंगा को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर एडवोकेट राकेश सिंह पार्षद, एडवोकेट स्वरूप सिंह खरोला, राम सिंह नेगी, पंडित कृष्णा मिश्रा, धीरजनी ध्यानी, सरला भट्ट, बीना बहुगुणा, सरला नेगी, बैसाखी रावत, सुशीला रावत, अनिल भट्ट, आशीष भट्ट, पुष्पा नेगी, चंद्रमा भट्ट, सुलोचना खरोला, मंजू भट्ट, सुनीता सकलानी, सुनीता खरोला, मोनिका भट्ट, शोभा कोठियाल, बिरोजनी भट्ट, रेनू रावत, गुड्डी नेगी, शौकती रावत, दीपिका कोठारी, बृज बहुगुणा, निर्मला बर्थवाल, जगदीश कुकरेती, विनोद शर्मा, चित्रा शर्मा, बिंदु पैनली आदि मौजूद थे।

श्रीराम मंदिर निर्माण में राज्यमंत्री भगतराम ने दी 1.21 लाख की धनराशि

गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड अध्यक्ष भगतराम कोठारी ने अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक लाख इक्कीस हजार का अंशदान दिया।

राज्य मंत्री भगतराम कोठारी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर निर्माण के लिए एक लाख इक्कीस हजार की समर्पण निधि का चेक आरएसएस के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल को सौंपा। राज्य मंत्री भगतराम कोठारी ने कहा कि पूरे देश का जो सपना था कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो वह सपना सच हो रहा है , हम सभी को श्री राम मंदिर निर्माण के लिए बढ़-चढ़कर सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर चारु माथुर कोठारी, गगन देव, राजेश भट्ट आदि उपस्थित थे।

महाकुंभ को लेकर केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन, अधिक पढ़ें…

केंद्र सरकार ने महाकुंभ को लेकर अपनी गाइडलाइंस जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मेले में ऐसे हेल्थ केयर वर्कर को ही ड्यूटी पर तैनात करें, जिन्हें वैक्सीन दे दी गई हो। साथ ही कुंभ मेले में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं

करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक महाकुंभ में आने वाले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके साथ ही कोरोना नेगेटिव मेडिकल सर्टिफिकेट लाना भी जरूरी होगा। गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को महाकुंभ में नहीं आने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि, धर्मनगरी हरिद्वार को महाकुंभ के लिए खूब सजाया और संवारा जा रहा है। जगह-जगह दीवारों पर पेंटिंग्स की जा रही हैं, सड़कों का निर्माण हो रहा है। संत-महात्माओं के लिए टेंटों की व्यवस्था की जा रही है और अब ये भी माना जा रहा है कि 27 फरवरी से कुंभ की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में प्रशासन के पास महीने भर का वक्त बचा है और कई काम अधूरे भी पड़े हैं।

देवडोली कार्यक्रम को लेकर पर्यटन मंत्री से मिला देवभूमि शोभायात्रा समिति का दल

कुम्भ महापर्व 2021 में देवडोली शोभायात्रा की व्यवस्था हेतु मोहन सिंह रावत गॉंववासी के नेतृत्व में देवभूमि लोक संस्कृति विरासतिय शोभायात्रा समिति का एक प्रतिनिधि मंडल ने संस्कृति एवं पर्यटन सतपाल महाराज से भेंट की। बैठक में पर्यटन सचिव दलीप जावलकर, संस्कृति विभाग से महानिदेशक आनंद स्वरूप, निदेशक वीना भट्ट उपस्थित थे।

मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवडोली के कार्यक्रम में कोरोना नियमों तथा सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुये कार्यक्रम को ऐतिहासिक व अविस्मरणीय बनाया जायेगा।
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि कुम्भ महापर्व में उत्तराखंड सहित भारत के सुदूर क्षेत्रो हिमाचल, असम, मुम्बई आदि स्थानों से देवडोलियाँ स्नानार्थ हरिद्वार पधारती हैं, जिसकी व्यवस्था शासन-प्रशासन द्वारा के जाती रही है।

कार्यक्रमानुसार 2021 के कुम्भ महापर्व में 24 अप्रैल को देवडोलियाँ पूर्वाह्न 11 बजे तक ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर एकत्र होकर 2 बजे अपराह्न नगर का भव्य परिभ्रमण करने के पश्चात रात्रि विश्राम हेतु हरिद्वार पहुंचेगी। 25 अप्रैल को हर की पैड़ी तक समस्त डोलियां समूह में दक्ष प्रजापति कनखल से शोभायात्रा के साथ ब्रह्मकुंड में स्नानोपरांत पंतदीप में पंडाल में एकत्र होकर श्रद्धलुओं, सन्त-महात्माओं व शासन द्वारा देवी-देवताओं का पूजन-अर्चना किया जायेगा। तदुपरान्त वे अपने गंतव्य दिशा में प्रस्थान करेगे।

समिति ने जानकारी दी कि उक्त कार्यक्रम में 100 से 150 देव डोलियां, ध्वज तथा उनके साथ पर्वतीय क्षेत्र के पारंपरिक वाद्य यंत्र, ढोल, दमाऊ, रणसिंहा आदि रहेंगे जिनके संख्या 5000 के लगभग होगी।

सामिति ने उक्त कार्यकम हेतु प्रशासनिक एवं अन्य व्यवस्थाये के अपेक्षा शासन से की। जिसमे ऋषिकेश में उचित स्थान पर पांडालादि के सम्पूर्ण व्यवस्थायें जिसमे एक सभा व प्रवचन हाल, चार कक्ष, भोजनालय, जल व शौचालय आदि की व्यवस्था।

हरिद्वार में 24 अप्रैल को 500 व्यक्तियों की भोजन व आवास आदि की व्यवस्था। 24 अप्रैल को ऋषिकेश व 25 अप्रैल को हरिद्वार में शोभायात्रा की सुरक्षा पंतदीप में देवडोली की पूजन सम्मानदि के पश्चात प्रसाद वितरण । पूर्व वर्षों की भांति उत्तराखंड संस्कृति विभाग की और से स्मृति चिन्ह भेंट। तथा पर्यटन विभाग द्वारा 13 जिलों में देवडोलियों के स्वागत के होल्डिंग व बैनर लगवाये जाए।

प्रतिनिधि मंडल में डॉ. धीरेन्द्र रांगड़, गजेंद्र सिंह कंडियाल, ज्योति सजवाण, आशाराम व्यास, शिवप्रसाद चमोली, हर्षमणी व्यास, यतेंद्र कंडियाल आदि थे।

इस्लामिक राष्ट्र गाम्बिया से सीख लें भारतवासीः स्वामी आनंद

भरत मन्दिर सभागार में हिन्दू पंचायत आज सम्पन्न हुई। शंकराचार्य परिषद द्वारा आयोजित इस पंचायत की अध्यक्षता करते हुए परिषद के अध्यक्ष श्री स्वामी आनन्द स्वरूप महाराज ने कहा कि दुनिया में जहां-जहां मुस्लिमों की जनसंख्या 50 प्रतिशत से ऊपर हुई, वह देश इस्लामिक राष्ट्र बन गए। अभी कुछ महीने पहले ही गाम्बिया नाम का गैर-इस्लामिक देश 52 प्रतिशत मुस्लिम जनसंख्या होते ही विश्व का 56वां इस्लामिक राष्ट्र बन गया है। भारतवासियों को इससे सबक लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हिन्दू पंचायतों का आयोजन भारत को हिन्दू गणराज्य बनाने के लिए किया गया है। हम चाहते हैं कि यह राष्ट्र हिन्दू राष्ट्र बने जिसका संविधान भगवदगीता बने। उन्होंने भारतीय धर्मतन्त्र को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इसके पूर्व उन्होंने विशिष्ट अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर पंचायत सभा का उद्घाटन हुआ। मेयर अनिता ममगाई और पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का अभिनन्दन किया। मेयर ममगाई ने कहा कि किसी अभियान को जब मजबूत नेतृत्व मिल जाता है तब आधा कार्य पहले ही हो चुका होता है। आज स्पष्ट बोलने वाले व्यक्ति बहुत कम मिलते हैं, उन्होंने स्वामी आनन्द स्वरूप की गणना देश के मुखर, स्पष्टवादी व बहादुर संन्यासियों में की।

प्रख्यात साहित्यकार एवं इस्लाम विशेषज्ञ विनय कृष्ण चतुर्वेदी ‘तुफैल’ ने इस्लाम की विस्तृत व्याख्या की और कहा कि कुछ सदी पहले भारत के आसपास के अनेक देश भारत (हिन्दुस्थान) का अंग थे। लम्बे संघर्ष के बाद आजाद भारत में साल 1947 में पुनः हम बंटे, और हमारा हिस्सा इस्लामिक राष्ट्र बन गया, जिसका नाम पाकिस्तान रखा गया। उस समय पश्चिम पाकिस्तान में हिन्दुओं की संख्या 24 प्रतिशत थीं, आज वहां हिन्दू जनसंख्या मात्र 1 प्रतिशत रह गई है। इसी तरफ पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांगलादेश की जनसंख्या 29.7 से घटकर 8 प्रतिशत रह गई है। दुःख है कि हमारे भारतवासी इस पर चिन्ता व चिन्तन नहीं करते। आज लोकतन्त्र इस्लाम को बढ़ाने और अत्याचार करने का टूल बना हुआ है।

भाग्योदय फाउण्डेशन के अध्यक्ष व संस्थापक आचार्य राम महेश मिश्र ने मुगलकाल से लेकर अंग्रेजों के काल तक के प्रमुख क्रांतिवीरों को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हीं के समर्पण एवं बलिदान के कारण आज हम भारतवासी आजादी की सांस ले रहे हैं। उन्होंने सभी हिन्दू जातियों व समूहों के एकीकरण पर जोर दिया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री भगत राम कोठारी, संदीप गुप्ता, कृष्ण कुमार सिंघल, राजपाल खरोला, भरत मन्दिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, वरुण शर्मा, हर्षवर्धन शर्मा, मधु जोशी, रीना शर्मा, विजय लक्ष्मी शर्मा, नर्मदा सेमवाल, एडवोकेट संजय दरमोड़ा, उत्तराखण्ड उद्योग व्यापार संघ के अध्यक्ष इन्द्र प्रकाश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

पंचायत सभा का समापन शंकराचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रवि शास्त्री के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोनिका आनन्द, शंकराचार्य परिषद के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर यादव, परिषद के न्यासी व उद्योगपति नरेन्द्र खड़का, शंकराचार्य गुरुकुल संभाग के प्रतिनिधि डाॅ. सूरज शुक्ल, भाग्योदय फाउण्डेशन के न्यासी सचिव दिलीप कुमार नायक, एडवोकेट सुनीता शर्मा आदि उपस्थित रहे।