मुख्यमंत्री ने किया 20.89 करोड़ रुपये की लागत से खटीमा मेलाघाट सड़क पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा मेलाघाट राज्य मार्ग (राज्य मार्ग संख्या 107) के पुनर्निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। यह परियोजना ₹2089.74 लाख की लागत से बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 11.50 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण, केसी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क सुरक्षा कार्य, रोड साइनएज की स्थापना, तथा टीबीएम एवं बीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल खटीमा क्षेत्र के विकास की धुरी नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमावर्ती संपर्क का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के सुधारीकरण से खटीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को न केवल सुगम यातायात सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती व्यापार, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े अवसरों को भी नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के साथ-साथ भू-कटाव रोकने और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि खटीमा अब शिक्षा का हब बन चुका है, जहाँ से प्रदेश ही नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर क्षेत्र सुगम, सशक्त और समृद्ध बने। विकास की हर परियोजना जनता के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। खटीमा मेलाघाट सड़क परियोजना भी इसी दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी ही विकास की रीढ़” के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। इसी भावना के अनुरूप राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पर्वों के अवसर पर राज्य की सुरक्षा, सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दायित्वधारी फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

वे साइड एमिनिटी बनने से पर्यटन व स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली “वे साइड एमिनिटी परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत ग्राम उत्थान परियोजना तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से स्थापित की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक विश्राम स्थल, स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, जलपान एवं कैफेटेरिया की सुविधा, साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं वन उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन), और सूचना केंद्र भी प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता मिलकर प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ न केवल पर्यटन विकास को नई दिशा देंगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के सहयोग से चम्पावत को सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है।”

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया तथा अंत में मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े विभागों को समयबद्ध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया ग्राउंड ज़ीरो से निरीक्षण कर बोले सीएम, 2026 तक निर्बाध होगा मार्ग यातायात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन से आमजन की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुँचकर भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी, मलबे की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा सड़क की स्थिरता का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री को स्वाला भूस्खलन स्थल की भौगोलिक स्थिति, मलबे की मात्रा, जल प्रवाह की दिशा, भू-संरचना की प्रकृति तथा वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वाला क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए ठोस तकनीकी योजना तैयार की जाए ताकि भविष्य में इस मार्ग पर यातायात बाधित न हो। उन्होंने कहा कि 2026 तक इस मार्ग को पूर्णतः निर्बाध एवं सुचारु बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर मलबा हटाने हेतु पर्याप्त मशीनरी, जेसीबी, और मैनपावर हमेशा तत्पर रखी जाए ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही वैकल्पिक मार्गों को भी पूरी तरह चालू और सुरक्षित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को समय-समय पर अपडेट किया जाए और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसी संवेदनशील स्थलों के स्थायी भू-वैज्ञानिक समाधान पर कार्य कर रही है ताकि राज्य की सड़कें हर मौसम में सुचारु बनी रहें। उन्होंने कहा कि चम्पावत-टनकपुर मार्ग क्षेत्रीय आवागमन और सीमांत इलाकों की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, इसलिए इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ विकसित किया जा रहा है।

खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक मिट्टी के दियों और स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं की खरीदारी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को प्रोत्साहित करें, जिससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी, उत्साह और आनंद का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा “जब हम अपने गाँव-कस्बों में बने दीये या अन्य स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम किसी परिवार की आजीविका, उसकी मेहनत और उसकी उम्मीद को सम्मान देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस दीपावली वह स्वदेशी उत्पादों से ही अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें। “इस दीपावली हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें। हमारी छोटी-छोटी खरीदारी किसी परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन सकती है।”

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

चौखुटिया में 30 बेडेड सीएचसी को 50 बेडेड में बदलने की सीएम ने की घोषणा, शासनादेश की कार्यवाही गतिमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को जन भावना के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही करने हेतु स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 30 बेडेड सी.एच.सी. को 50 बेडेड एस.डी.एच. में बदलने की घोषणा की गई है तथा इसके शासनादेश की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

सरकार जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने जानकारी दी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौखुटिया में वर्तमान में 30 बैड का अस्पताल संचालित है तथा चिकित्सालय में प्रतिदिन 150 से 200 की ओ०पी०डी० रहती है इसके साथ ही प्रतिमाह 30 से 35 गर्भवती महिलाओं के प्रसव महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराये जा रहे हैं एवं वर्तमान में चिकित्सालय में 07 चिकित्सक कार्यरत हैं जिसमें 03 महिला एवं 04 पुरुष चिकित्सक हैं जिसमें डेंटल चिकित्सक भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सप्ताह में 03 दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल जिसमें फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं को जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा एवं उप जिला चिकित्सालय रानीखेत से भेज दिया गया है जो कि निरन्तर अपनी सेवाए सी०एच०सी० चौखुटिया में दे रहे हैं तथा चिकित्सालय में सभी सुविधाएं जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउन्ड, डेन्टल चियर एवं 108 ऐम्बुलैन्स की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सौजन्य से चन्दन डायग्नोस्टिक द्वारा प्रतिदिन लगभग 70 से 80 डायग्नोस्टिक परीक्षण निःशुल्क प्रदान किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने किया हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ

हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में सीएम ने ली सोशल मीडिया पदाधिकारियों की बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी और संगठन पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “स्वदेशी अपनाओ अभियान” को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया टीम को सक्रिय रूप से जनता से जुड़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों में कमी कर स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया टीम से कहा कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं, ताकि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का संदेश आम जनता तक पहुंच सके।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष राज्य में चारधाम यात्रा ऐतिहासिक और व्यवस्थित रही। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की मदद से नई हेलीकॉप्टर सेवा नीति तैयार की गई है, जिससे हवाई सेवाओं को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन की सुविधा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रही है और “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

सप्ताह में तीन बार चलेगी देहरादून से टनकपुर जाने वाली वीकली ट्रेन, केंद्रीय रेल मंत्री ने दी सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल अवसंरचना के विकास पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देहरादून एवं हरिद्वार रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किए जाने के लिए दोनों रेलवे स्टेशनों के विस्तार/सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण व्ययभार वहन करते हुए पूर्ण कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार व देहरादून रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किये जाने पर सहमति देते हुए कहा कि हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण के कार्य का पूर्ण व्ययभार केन्द्र सरकार द्वारा किये जाने के संबंध में परीक्षण कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना में संरेखण में अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों को भी जोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने और टनल के साथ-साथ सड़क का प्रावधान करने का अनुरोध केन्द्रीय रेल मंत्री से किया। रेल मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को पूर्णतः बंद करते हुए इस भूमि के सभी अधिकार राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जाने के लिए भी केन्द्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने रेलवे स्टेशन के बंद होने के कारण यदि योग नगरी रेलवे स्टेशन पर सुव्यवस्थित संचालन के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार इस पर सकारात्मक विचार एवं सहयोग करेगी। रेल मंत्री ने इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दी।

केन्द्रीय रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर देहरादून-टनकपुर वीकली ट्रेन को सप्ताह में तीन बार किये जाने पर भी सहमति दी।

हेली सेवाओं से दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को सुगम परिवहन उपलब्ध होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के अंतर्गत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुरू होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश और दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हेली सेवा शुरू होने से अब पर्यटक अल्मोड़ा और मुनस्यारी तक और भी आसानी से पहुँच सकेंगे। इन सेवाओं से हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुँचने का समय 3 से 4 घंटे से घटकर महज़ कुछ मिनटों का रह जाएगा। हेली सेवाओं के प्रारंभ होने से दोनों क्षेत्रों में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उड़ान योजना जैसी दूरदर्शी योजना प्रारंभ की थी। इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के कई हिस्सों में हवाई पट्टियों और हेलीपोर्ट्स का विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाओं से अब तक गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के लिए विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ -मुनस्यारी -पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 7 दिन तथा प्रत्येक दिन दो बार संचालित होगी। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए यह हेली सेवा सुबह 10रू30 बजे एवं दोपहर 1रू50 बजे चलेगी। वहीं मुनस्यारी से पिथौरागढ़ के लिए यह सेवा सुबह 10रू50 बजे एवं दोपहर 2रू10 बजे चलेगी।

हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए हेली सेवा सुबह 11रू50 बजे एवं दोपहर 3रू10 बजे चलेगी। जबकि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए यह सेवा दोपहर 12रू50 बजे एवं सायं 4रू10 बजे चलेगी। इन हवाई सेवाओं का किराया ₹2500 है, जिसे यात्री https://airheritage.in/ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

कार्यक्रम में सचिव युकाडा सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा आशीष चौहान एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

काठगोदाम से सीएम का सख्त संदेश, बोले हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, वरना होगी जवाबदेही

सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गाे, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कम-ेपसजपदह कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के upnl कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।