पीएम-किसान योजना के तहत 17वीं किस्त में राज्य के 771567 किसानों के खाते में आई धनराशि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी से पीएम-किसान योजना की 17वीं किस्त जारी की। जिसमें पूरे भारत के 9.26 करोड़ से अधिक किसानों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ दिया।
इसी क्रम में मंगलवार को नैनीताल क्लब सभागार से सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम किसान कार्यक्रम के अन्तर्गत किसान सम्मेलन और 17 वीं किस्त के हस्तांतरण अवसर पर वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया। 17वीं किस्त में राज्य के 771567 किसानों को 830414 किस्तों में रुपए 166.08 करोड़ की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित की जाएगी। जिसमें जिले अल्मोड़ा के 94122, बागेश्वर के 38132, चमोली के 45566, चंपावत के 34915, देहरादून के 40250, हरिद्वार के 96088, नैनीताल के 49059, पौड़ी गढ़वाल के 59221, पिथौरागढ़ के 55575, रुद्रप्रयाग के 36891, टिहरी गढ़वाल के 102076, यूएस नगर के 72089 और उत्तरकाशी के 47583 के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। राज्य में वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक कुल 2579.16 की धनराशि वितरीत की जा चुकी है। वर्तमान में प्रदेश में योजना के अंतर्गत किसानों की संख्या 9.13 लाख है, जिसमें राज्य के 771567 किसानों को रुपए 166.08 करोड़ की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर पीएम नरेंद्र मोदी का पहला निर्णय किसान के हितों के लिए किया गया। पीएम-किसान योजना से किसानों की आय दोगुनी, बेहतर सिंचाई योजना, नई तकनीक से छोटे-छोटे किसानों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन और खेती को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता है। और क़ृषि में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। कहा कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं से किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। जिससे कृषि के साथ लोगों को रोजगार आदि भी मिल रहा है। जिससे अब पर्वतीय इलाकों के लोगों को रोजगार के लिए शहरों में भटकना नहीं पड़ रहा है। और पलायन भी कम हो रहा है। बता दें केंद्र सरकार पीएम किसान योजना के तहत किसानों को साल में 6,000 रुपए प्रदान करती है, यह राशि साल में तीन किस्तों में 2,000 रुपए में प्रदान की जाती है। साथ ही किसानों को मिलने वाली ये धनराशि सीधे किसानों के बैंक खाते आती है। योजना का मुख्य उद्देश्य कृषकों की आर्थिक स्थिति का सुधार, आत्मनिर्भर और कृषि को बढ़ावा देना है।
इस दौरान क़ृषि एवं कृषक कल्याण विभाग ने माया नेगी पुत्री मोती सिंह नेगी गॉव गिनती विकास खंड कोटाबाग को 2023-24 में राष्ट्रीय क़ृषि विकास योजना के तहत ड्रोन क़ृषि कार्य हेतु प्रदान किया गया। जिसका कुल मूल्य 10 लाख एवं अनुदान 7.50 लाख डी. बी. टी. के माध्यम से कृषक भुगतान किया गया। पूनम दुर्गापाल गांव हिम्मतपुर विकासखंड हल्द्वानी को 2023-24 में इफको योजना के तहत ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रदान किया गया। इसका कुल मूल्य दस लाख एवं अनुदान मूल्य 10 लाख डी. बी. टी. के माध्यम से कृषक को भुगतान किया गया। जबकि अर्जुन सिंह रावत पुत्र सुदर्शन सिंह रावत गांव नंदपुर न्याय पंचायत चिल्किया विकासखंड रामनगर की 2023-24 में योजना युवा स्वरोजगार (इफको) के तहत स्वरोजगार के अंतर्गत प्रदान किया गया। जिसका कुल मूल्य 10 लाख एवं अनुदान मूल्य 10 लाख डी. बी. टी. के माध्यम से भुगतान किया गया। इस दौरान कृषकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विभागों द्वारा कृषि उत्पादों से संबंधित लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर उत्पादों की भी जानकारी ली।

पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार करना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया को त्वरित करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सचिवालय में पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूडी ने उत्तराखण्ड बीज एवं तराई विकास निगम, पतनगर विश्वविद्यालय, लोक निर्माण विभाग, सिडकुल, कृषि विभाग, तराई स्टेट फार्म को अपनी परिसम्पतियों का आकलन कर तत्काल अपने विभागों के माध्यम से शासन को भेजने के निर्देश दिए है।
मुख्य सचिव राधा रतूडी ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। केन्द्र तथा राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। सीमान्त क्षेत्र होने के कारण इसका सामरिक महत्व है तथा पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव सी. रविशंकर सहित कृषि विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय, लोक निर्माण विभाग, सिडकुल, तराई स्टेट फार्म के अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, मुख्य सचिव राधा रतूडी ने विधानसभा गैरसैंण, भराड़ीसैंण में अवंसरचना निर्माण कार्यों की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा के दौरान विधानसभा गैरसैंण की 986.50 लाख लागत धनराशि के बाउण्ड्री वॉल, मेन गेट तथा म्यूरल कार्यों के प्रोजेक्ट को तत्परता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से सिंचाई विभाग, आवास विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने आम लोगों से किया सीधा संवाद

नैनीताल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉर्निंग वॉक के दौरान आम लोगों से मुलाकात की। चाय की दुकान पर रुककर खुद अपने हाथ से अदरक कूटकर चाय बनाने में सहयोग किया। इसी बीच मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों के पास जाकर उन्होंने उनकी समस्याएं पूछीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बीडी पाण्डेय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, मरीजों से मुलाकात की। उनकी कुशलक्षेम पूछी और अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं में निरन्तर सुधार के निर्देश दिए।
मॉर्निंग वॉक के दौरान आम लोगों से मिलना, उनकी समस्याओं को पूछना और सरकार के कामकाज का फीडबैक लेना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दिनचर्या का हिस्सा रहा है। वह देहरादून में हों या फिर अन्य स्थानों के भ्रमण पर, हमेशा सुबह की सैर करते हैं और आम लोगों से रूबरू होते हैं। मंगलवार की सुबह धामी नैनीताल में मॉर्निंग वॉक पर निकले। चाय की दुकान पर खड़े लोगों से उन्होंने बातचीत की। उनसे पूछा कि उत्तराखण्ड में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में और क्या कदम उठाए जा सकते हैं। बातचीत के दौरान ही धामी ने चाय के लिए खुद अदरक कूटा। मुख्यमंत्री की सादगी और सहजता को देखकर स्थानीय लोग अचंभित रह गए।
इसके बाद मुख्यमंत्री की नजर पास में स्थित खेल के मैदान में पड़ी, जहां युवा खेल रहे थे। धामी खिलाड़ियों के बीच पहुंचे, उन्होंने खेल और सुविधाओं से सम्बंधित दिक्कतें खिलाड़ियों से पूछीं। मौके पर ही अधिकारियों से बात की और खिलाड़ियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। बाद में मुख्यमंत्री बी.डी. पाण्डेय अस्पताल पहुचें। उन्होंने वार्ड में जाकर मरीजों से मुलाकात की। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

इस बार कैंची धाम में बेहतर रही व्यवस्था, सीएम ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नैनीताल क्लब में विभागीय अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों और विभागीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति हर वर्ग तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इससे लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ बेहतर योजना के साथ कार्य करें।
बैठक लेते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कई बार शिकायत मिलती है,तो अधिकारी आम जन के कार्यों को उलझा देते है, जबकि अधिकारियों को प्रवृत्ति कार्यों को सुलझाने की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आम जन को ध्यान में रखकर कार्य करें। इसके लिए विभागीय अधिकारी को जिम्मेदारी लेनी होगी तभी आम जन के कार्य आसानी से होंगे, यही सरकार की प्राथमिकता और उद्देश्य है कि आम जन के कार्य जल्द से जल्द हो और बेहतर सुविधा मिल सके।
सीएम ने बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आए दिन विभिन्न सोशल मीडिया से जानकारी मिलती है कि जनता की बिजली खपत से ज्यादा उनके बिजली के बिल आ रहे है। इस संबंध में सीएम ने विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर को दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली सुधार के कैंप लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी बिजली घरों में भी आम जन को बिजली बिल सुधार की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए आदि कैलाश में बेहतर सुविधा विकसित की जाए
सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल दुगने यात्री आदि कैलाश यात्रा पर आए हैं। इससे जाहिर है कि भविष्य में और अधिक यात्रियों के आने की संभावना है। हमें आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए सुविधाएं विकसित करनी होगी। इस दिशा में कुमाऊं आयुक्त और एमडी केएमवीएन को कार्य करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि पिछले साल पूरे सीजन में 315 यात्री केएमवीएन से आदि कैलाश गए थे जबकि इस साल अब तक 610 यात्री आदि कैलाश की यात्रा कर चुके है। साथ ही लगभग 15 हजार लोगों को इनर लाइन परमिट जारी की गई है।

मानसून से पहले सभी अधिकारी पूरा करें कार्य
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून की तैयारी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सड़कों का पैच वर्क, चौड़ीकरण आदि का कार्य पूरा कर लें। साथ नगर निगम के अधिकारियों को नालियों के साफ सफाई आदि के कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। कहा कि बरसात के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए। जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। सभी विभाग के अधिकारियों को मानसून में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के निर्देश दिए। साथ ही पौधों को संरक्षण करने की बात कही।

इस बार कैंची धाम में बेहतर रही व्यवस्था
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष कैंची धाम में जिला प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था की। मेले में भक्तों को जाम का सामना नहीं करना पड़ा, साथ ही स्वास्थ्य सुविधा भी बेहतर रही। भवाली और गरमपानी में स्थाई और अस्थाई पार्किंग छोटी छोटी बनने से लोगों को सुविधा मिली। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण-समाधान और निस्तारण के साथ बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने 2025 में होने वाले कैंची धाम मेले से पहले कैंची में सौंदर्यीकरण और अन्य कार्य पूरा करने की बात कही। उन्होंने सेनिटोरियम बाईपास का पुल निर्माण, डामरीकरण, कैंची धाम के पास अमृत सरोवर आदि के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने से रामनगर से कैंची धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने की बात कही।

भीमताल में पार्किंग बनाने के निर्देश
भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने बताया भीमताल में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से पर्यटकों को परेशानी और जाम की स्थिति बनी रहती है। जिस पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भीमताल समेत आस पास के इलाकों में स्थाई और अस्थाई पार्किंग के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश और इंटर कालेज से समन्वय कर स्कूल की भूमि में छोटी पार्किंग बनाकर जाम की समस्या का समाधान हो सकता है।

बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, एपीसीसीएफ विवेक पांडेय, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एस एस पी पी एन मीणा, जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर, दिनेश आर्य, विधायक नैनीताल सरिता आर्य, भीमताल राम सिंह कैड़ा, डायरेक्टर कॉर्बेट डा धीरज पांडेय, एम डी के एम वी एन डा संदीप तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, डीएफओ टी आर बीजूलाल, हिमांशु बागड़ी, यू सी तिवारी, पी सी आर्य, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, शिव चरण द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बड़ी कार्रवाई-दो अधिकारी निलंबित, एक मुख्यालय अटैच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पी.के पात्रो मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं को तत्काल प्रभाव से प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ), उत्तराखण्ड देहरादून के कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है तथा कोको रोसे, वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त, अल्मोड़ा, ध्रुव सिंह मर्ताेलिया, प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है जब कि हेम चन्द्र गहतोड़ी, सहायक वन संरक्षक नैनीताल को स्थानान्तरित कर सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा में तैनात किया गया है।
सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगतों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घटना में चार घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि उन्हें बेहतर से बेहतर ईलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि एयर एम्बुलेंस से घायल कर्मचारियों को बेहतर इलाज हेतु एम्स, दिल्ली भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटना पर उनके द्वारा पूर्व में ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपने दायित्वों के निर्वाह में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अधिकारियों को धरातल पर उतरने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। पूर्व में जारी किए गए आदेश अनुसार प्रत्येक वन कर्मी और फायर वॉचर का बीमा कराए जाने का फैसला लिया गया है, यदि इस कार्य में भी कोई लापरवाही बरती गई होगी तो आगे भी करवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी को यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसी भी तरह की लापरवाही में अब सीधे कठोर कार्यवाही होगी।

घायल वनकर्मी को एयर एम्बुलेंस से एम्स दिल्ली में कराया भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि की चपेट में आकर झुलसे चार वन कर्मियों को हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी बेस अस्पताल से दिल्ली एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती किया जा रहा है। अब तक तीन घायलों को भर्ती किया जा चुका है, जबकि चौथे घायल की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने एम्स में भर्ती किये गये घायलों के परिजनों के दिल्ली में ठहरने आदि की व्यवस्था के भी निर्देश स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा को दिये हैं।
केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा तथा एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने भी भर्ती घायलों का हाल-चाल जाना तथा उनके उपचार की जानकारी भी प्राप्त की।

वन कर्मियों को तत्काल एयरलिफ्ट कर हल्द्वानी बेस अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश

बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि से 4 वनकर्मियों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने इस घटना में झुलसे चार अन्य वनकर्मियों को तत्काल हल्द्वानी बेस अस्पताल में एयरलिफ्ट किये जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद हृदय विदारक है और दुःख की इस घड़ी में पूरी उत्तराखंड सरकार वनकर्मियों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने इस हादसे में झुलसकर घायल होने वाले चार वन्य कर्मियों को तत्काल हल्द्वानी बेस अस्पताल में एयरलिफ्ट करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। गंभीर घायलों को आवश्यकतानुसार उपचार हेतु हल्द्वानी से एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री धामी ने दिए। इसके साथ-साथ मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए की अनुग्रह धनराशि दिए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री धामी के द्वारा दिए गए।
मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने बताया कि घटना पर शासन पूरी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार घायल कर्मियों को एयरलिफ्ट कर हल्द्वानी अस्पताल लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मृतकों का आज ही पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है ।
विदित हो कि यह दुर्घटना आज दोपहर में 3.30 बजे के करीब बिनसर वन्यजीव विहार, अल्मोड़ा के सिविल सोयम वन प्रभाग में घटित हुई। बताया गया कि बोलेरो वाहन में 8 वनकर्मी सवार थे। वनाग्नि से बोलेरो वाहन में सवार 4 वन कर्मियों की आग में झुलसने से मृत्यु एवं 4 अन्य वन कर्मियों के आग से झुलसने से घायल होने की सूचना प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने रीठा साहिब, चम्पावत में कार पार्किंग निर्माण हेतु प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूतपूर्व सैनिकों आश्रितों को शैक्षिक सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य के भूतपूर्व सैनिकों आश्रितों को इंजीनियरिंग, मेडिकल व पी.एच.डी. की शिक्षा ग्रहण करने हेतु शैक्षणिक सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के तहत 91 विद्यार्थियों को 11 लाख 6 हजार की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए स्वीकृत छात्रवृत्ति के तहत इंजीनियरिंग के 83 छात्रों को 9,96,000, मेडिकल के 6 छात्रों को 90,000, पी.एच.डी. के 2 छात्रों को 20,000 की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के रीठा साहिब में कार पार्किंग निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 89 लाख की धनराशि की भी स्वीकृत प्रदान की है।

आदर्श जनपद बनाने के लिए लिए बनाई जा रही कार्ययोजना और गतिमान कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में जनपद चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने के लिए लिए बनाई जा रही कार्ययोजना और गतिमान कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए जनपद चम्पावत को मॉडल जनपद के रूप में लिया जा रहा है। चम्पावत ऐसा जनपद है जिसमें राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से मैदान, तराई, भाबर और पर्वतीय क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आदर्श जनपद चम्पावत के लिए बनाई जा रही कार्य योजना पर तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ विरासत को भी आगे बढ़ाना है। अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विकास कार्यों में पारिस्थितिकी और पर्यावरण में समन्वय बनाकर कार्य करें। प्रकृति द्वारा हमें प्रदान की गई विरासतों के संरक्षण के साथ विकास कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि अभी तक बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार कार्यों को धरातल पर तेजी से उतारा जाए। चरणबद्ध तरीके से कार्यों में तेजी लाई जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यों के परिणाम जल्द धरातल पर दिखें। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत के लिए नोडल अधिकारी जनपद के अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ नियमित बैठकें करें। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत के लिए और क्या बेहतर कार्य हो सकते हैं, इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों के सुझाव भी लिये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जनपद में धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। चम्पावत जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटक की सुविधा के दृष्टिगत तीन से चार दिन की यात्रा के लिए सर्किट बनाए जाएं। पूर्णागिरी में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि शारदा कॉरिडोर और चम्पावत के आईएसबीटी को भी विस्तारित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निर्माण संबधी कार्यों में पारिस्थितिकी से संबंधित पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गई कि चम्पावत जनपद में पर्यटन, कृषि और बागवानी, हेल्थकेयर, शिक्षा, दुग्ध और उससे संबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। चम्पावत को आदर्श राज्य बनाने के लिए 2030 तक के लिए लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जनपद में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने, एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने, डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने, किवी और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। आदर्श चम्पावत के लिए जिन योजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं, भविष्य में स्थानीय स्तर पर ये लोगों की आर्थिकी को तेजी से बढ़ाने में काफी कारगर साबित होंगी।
जिलाधिकारी चम्पावत नवनीत पाण्डेय ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनपद में प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चम्पावत जनपद में सैलर एनर्जी के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं, इस दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में पलायन बढ़ रहा है, इसको ध्यान में रखते हुए टाउन प्लानिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, एस.एन.पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव जगदीश चन्द्र कांडपाल एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

ई-केवाईसी ना होने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं ले पा रहे थे अल्मोड़ा के धर्म सिंह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आने के बाद अल्मोड़ा के लमगड़ा ब्लॉक अंतर्गत तुलेड़ी गांव में रहने वाले बुजुर्ग धर्म सिंह को दो वर्ष के लंबे समयांतराल के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेटिना और अंगूठे का स्कैन न होने की वजह से धर्म सिंह की ई-केवाईसी नहीं हो पा रही थी। जिस कारण वह इस योजना से वंचित चल रहे थे।
सोमवार को प्रधानमंत्री ने दिल्ली से सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करी तो स्थानीय लोगों ने धर्म सिंह के मामले को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई की मांग की।
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को बुजुर्ग की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद सचिव शैलेश बगोली ने मामले को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बुजुर्ग की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए। सचिव के आदेश मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी बुजुर्ग के घर पहुंचे और उनकी ई-केवाईसी करवाई गई। अब जल्द ही धर्म सिंह को भी अन्य किसानों की भांति किसान सम्मान निधि मिलनी शुरू हो जाएगी।
केवाईसी होने और उनके मामले का त्वरित संज्ञान लेने पर बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों के कल्याण के लिए पूरी तरह से समर्पित है। हमारा प्रयास डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित करना है।