मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जेसिस पब्लिक स्कूल, गंगापुर रोड़, रुद्रपुर में उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा आयोजित ’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पाञ्चजन्य द्वारा विभाजन की विभीषिका पर आधारित खून के आसूं नामक पुस्तक का विमोचन एवं विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले 400 सेनानियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया एवं उनकी दीर्घायु की कामना की। सेनानियों को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि वह खुद को गौरवान्वित, भाग्यशाली एवं स्वयं को सम्मानित होते महसूस कर रहे हैं। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को आने वाले सालों में और भव्य रूप दिए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए विभाजन विभीषिका सेनानियों का अभिनंदन किया, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लाल किले से विभाजन विभीषिका दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी, यह दिवस उन सभी सेनानियों एवं विभाजन के दौरान अपने परिवार जनों से बिछड़े लोगो के बलिदान को याद करने का दिवस है। उन्होंने बताया हाल ही में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों को विभाजन की विभीषिका दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम किए जाने एवं विभाजन के दौरान मौजूद लोगों से बात किए जाने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका के दौरान कई परिवारो ने अपनी जान हथेली में लेते हुए रेलगाड़ी बैलगाड़ी एवं अन्य माध्यमों से पलायन किया। विभाजन विभीषिका में लंबे संघर्ष के बावजूद लोगों ने समाज के विकास में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने उत्तराखण्ड के तराई क्षेत्र को बसाने में अहम योगदान दिया। आज भी यह लोग उत्तराखंड के विकास में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा की आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है। जल्द ही हम अमृत काल में प्रवेश करेंगे, ये काल भारत का स्वर्णिम काल होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने भी यह संकल्प लिया है कि जब हमारा राज्य 25वें साल में प्रवेश करेगा, तब हमारा प्रदेश देश का श्रेष्ठ राज्य होगा। इसके लिए हम सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा किच्छा में एम्स खुलने जा रहा है, हमारा प्रयास है कि हम काठगोदाम एवं रुद्रपुर से अमृतसर के लिए सीधे ट्रेन चलाए, रुद्रपुर में बाईपास का काम किया जाएगा एवं गदरपुर में कुछ ही दिनों में बाईपास बनकर तैयार होने वाला है जिससे लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा उत्तराखंड की जनता को हर प्रकार से सरकार सुविधा पहुंचाएं इसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मानवता के दुश्मन कट्टर पंथियों से मानवता एवं धर्म की रक्षा करने वाले विभाजन विभीषिका सेनानियों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि ये सेनानी वास्तव में हमारे व आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मोडल हैं, जिन्होंने अपना सब कुछ खोकर भी बिना किसी के आगे हाथ फैलाएं, अपनी हिम्मत के बल पर स्वयं को खड़ा किया और आज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के चहुंमुॅखी विकास हेतु लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृतसर का पानी अमृत तुल्य है। उन्होंने कहा कि काठगोदाम से अमृतसर तक रेल संचालन शीघ्र शुरू किये जाने की कौशिश की जा रही है।
सैनिक कल्याण एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हमारा देश आजाद तो हुआ, लेनिक देश को आजादी की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि विस्थापन एवं विभाजन के दर्द को भुलाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में इस समाज का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने विभाजन का दर्द झेलने वाले सभी व्यक्तियों को नमन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान विधायक शिव अरोड़ा, विधायक अरविन्द पाण्डे, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक सरिता कपूर, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व सांसद बलराज पासी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जुनाथ टीसी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

नेपाल सीमा पर मंच गांव पहुंचकर सीएम ने ग्रामीणों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 13 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित ’हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत चंपावत जिले के दूरस्थ सीमांत क्षेत्र राजकीय इंटर कॉलेज मंच पहुंचकर तिरंगा अभियान में शामिल हुए।

बाबा गोरखनाथ की पूज्य भूमि से हर घर तिरंगा का दिया गया संदेश
मुख्यमंत्री ने बाबा गोरखनाथ को दोनों हाथ जोड़कर शीश झुकाकर प्रणाम किया और कहा यह क्षेत्र, तल्लादेश का क्षेत्र, बाबा गोरखनाथ की भूमि वास्तव में बहुत पूज्य भूमि है और बाबा गोरखनाथ की कृपा से आपने मुझे उत्तराखंड प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है, जिसके लिये मैं सदैव यहां की जनता का दिल से आभारी रहुंगा। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा घोषणा की थी कि मंच में उप तहसील का संचालन करेंगे और आज बाबा गोरखनाथ की कृपा से उप तहसील का संचालन शुरू हो गया है और हम कोशिश करेंगे उप तहसील का संचालन और प्रभावी तरीके से हो।

सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिये सरकार दृढ़ संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर लोगों की सुविधाओं हेतु अस्पतालों में डाक्टरों की कोई कमी न हो जिसके लिए हमेशा प्रयास किया है और अभी अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती भी होने लगी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की व्यवस्था, संपर्क मार्गों, बिजली, कनैक्टिविटी की यहां जो भी दिक्कत है उसे पूरा करने के लिये प्रस्ताव दिये है और उन पर कार्य हो रहा है। यह मेरा संकल्प है कि आने वाले समय में यहां के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो ईधर-उधर जाना न पड़े इसके लिए सरकार कार्य कर रही है, और आने वाले समय में यह सीमान्त क्षेत्र विकास की धाराओं में आयेगा।

प्रधानमंत्री के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान बना जन आंदोलन
भारत के प्रधानमंत्री के आहवाहन पर आज पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है इसलिए इसे घरों में प्रदर्शित करें। क्योंकि तिरंगा हमारा मान-सम्मान और स्वाभिमान है। इस तिरंगे के लिए, भारत की आजादी के लिए न जाने कितने लोगों ने अपना बलिदान दिया। यह अमृत महोत्सव उन सबको स्मरण करने का समय है। उन्होंने कहा कि आज से 25 साल बाद जब देश आजादी के 100 वर्ष मानायेगा तो इन 25 सालों के कालखण्ड को अमृत काल नाम दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से इन 8 सालों में जो भी सरकार द्वारा योजनाएं चलायी जा रही हैं वह गरीबों के कल्याण एवं उत्थान के लिए चलायी जा रही हैं। उन्होंने कहा देश के गृहमंत्री से इस सीमान्त क्षेत्र में विकास के लिए बजट की धनराशि बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के लिए भारत सरकार को 1200 टावरों मिलने का प्रस्ताव गया है जिसे भारत सरकार ने स्वीकृती दे दी है।

स्थानीय महिलाओं ने सीएम को राखी बांध दीर्घायु की कामना की
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन की सभी को बधाई दी और वहां उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा धागा बांधा और उनके दीर्घायु की कामना की।

क्षेत्र के विकास के लिये मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं
मुख्यमंत्री ने तामली मुख्य मोटर मार्ग से राजकीय इण्टर कालेज मंच में स्थाई हैलीपेड का निर्माण एवं सड़क का निर्माण, राजकीय इण्टर कालेज मंच में फील्ड का विस्तारिकरण, राजकीय इण्टर कालेज मंच में विज्ञान वर्ग की स्वीकृति प्रदान की जायेगी, राजकीय इण्टर कालेज मंच और तामली में एनसीसी की स्वीकृति की जायेगी, गोरखनाथ मंदिर गेट से सौराई भनार मॉ रणकुंची मंदिर क्षेत्र के लिए सड़क प्रस्तावित की जायेगी, तल्लादेश में दूर संचार की व्यवस्था हेतु जो भी जरूरी कदम है उठाये जायेंगे की घोषणा की।

रक्षाबंधन कार्यक्रम में बोले सीएम, तिरंगा अभियान में शामिल हो सभी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गोरलचौड़ मैदान, चंपावत में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आयी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी एवं उनके दीर्घ जीवन की कामना की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबन्धन की बधाई देते हुए कहा कि रक्षाबन्धन कार्यक्रम में आशीर्वाद देने आई बहनों को विशेष धन्यवाद अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा इस बार का यह पर्व हमारे लिये बहुत महत्वपूर्ण है, आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा कि 75 साल के कालखण्ड में देश ने जितनी उपलब्धि हासिल की है, उसे सजोने का पर्व मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। सम्पूर्ण देश में अमृत महोत्सव के हजारों कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह समय देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ज्ञात एवं अज्ञात सेनानियों, के साहस एवं वीरता से परिचित होने एवं उनको स्मरण करने का भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त के बाद हम आजादी के अमृत काल में प्रवेश करेंगे, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत को गढ़ने को नया रूप दिया जायेगा। आज भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर, दिशा देने का कार्य कर रहा है एवं हर क्षेत्र में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आज संपूर्ण विश्व में प्रधानमंत्री का सम्मान किया जाता है, जनता में लंबे समय बाद भारत के स्वर्णिम विकास की आस जगी है। विभिन्न क्षेत्रों में नए कार्यों की शुरुआत हुई है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों की कार्यशैली में बदलाव आया है। हर किसी में पूरे लगन से कार्य करने की इच्छाशक्ति का उदय हुआ है। देश के अंदर नई ऊर्जा का संचार हुआ है, देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, एवं अपनी अलग पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना, जीवन ज्योति योजना, जन धन योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्जवला योजना जैसी तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसका सीधा मकसद अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में जोड़ने का है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हम उत्तराखंड राज्य के 25 वें वर्ष पर राज्य को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाएं। राज्य के विकास की यात्रा अकेले सरकार की नहीं अपितु सामूहिक यात्रा है। उन्होंने कहा चंपावत जिले को एक मॉडल जिले के रूप में विकसित करने हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर अध्यक्ष वन विकास निगम कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, गीता धामी, जिलाध्यक्ष भाजपा दीप पाठक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रदेश के सभी नगर निकायों में हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नगर निकाय के “हर घर तिरंगा“ अभियान के तहत जनपद चंपावत वर्चुअली प्रतिभाग किया गया। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी तेरह जिलों से कार्यक्रम आयोजित किए गए। नगर विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा देहरादून से वर्चुअली प्रतिभाग किया गया। जनपद चंपावत से कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर शुरू किया गया हर घर तिरंगा अभियान जन आंदोलन का रूप ले चुका है। बड़ी संख्या में लोग इसमें स्वतः स्फूर्त होकर प्रतिभाग कर रहे हैं। विशेष तौर पर युवाओं का जोश देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी नगर निकायों में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को चम्पावत से वर्चुअल सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में नगर निकायों में स्वच्छता अभियान भी संचालित किये जाएं। शहीद स्मारकों, सार्वजनिक कार्यक्रम स्थलों, शहीदों और महापुरुषों की मूर्तियों की विशेष रूप से साफ सफाई की जाए। जहां भी तिरंगा फहराया जाए, उन सार्वजनिक स्थलों की भी स्वच्छता सुनिश्चित किया जाए। स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवार जनों, शहीद जवानों के परिवार जनों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवार जनों, पूर्व सैनिकों, पद्म पुरस्कारों से सम्मानित राज्य के विशिष्ट जनों, राज्य व देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी कार्यक्रम से जोङा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देशभर में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव मना रहे हैं। यह अमृत महोत्सव देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों को समर्पित है। हमें उनके बलिदान गाथाओं को सदैव स्मरण में रखना है। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समृद्ध, समर्थ और शक्तिशाली भारत का पूरी दुनिया में मान सम्मान बढा है। हम अमृत काल में प्रवेश कर रहे हैं। आने वाले 25 वर्ष भारत की दशा और दिशा तय करेंगे। अमृत महोत्सव से पूरे देश में उत्साह का वातावरण है।
कार्यक्रम के दौरान नगर विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हम में से अधिकतम लोग आजादी के बाद पैदा हुए हैं। लगभग हम सभी के जीवन में यह पहला ऐसा अवसर है, हम इसे अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। इस अभियान को हम और अधिक हर्षाेल्लास के साथ मनाएं। देश की आन बान और शान का प्रतीक तिरंगे को हर घर से फहराने की अपील की।उन्होंने कहा कि हमारा देश नित नई ऊंचाइयां छू रहा है। हमारी शान तिरंगा हमें हर पल संदेश देता है। जिसमें केसरिया रंग त्याग का सफेद शांति का हरा रंग समृद्धि का संदेश देता है।

बग्वाल मेले में पहुंचे सीएम, हजारों श्रद्धालुओं के साथ देखी पौराणिक परंपरा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चंपावत जिले के देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में लगने वाले प्रसिद्ध बग्वाल मेले में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने माँ वाराही मंदिर में विधि विधान से पूजा कर राज्य की खुशहाली की कामना की एवं मां वाराही धाम में चार खाम सात थोक के बीच खेले जाने वाले प्रसिद्ध पाषाण युद्ध के साक्षी बने। इस अवसर पर उन्होंने देवीधुरा में पुलिस चौकी के निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा की संस्कृति और संस्कार के इस उत्तराखंड प्रदेश के चम्पावत, देवीधुरा में स्थित मां वाराही धाम को शीश झुकाकर कोटिश प्रणाम करता हूं। इस क्षेत्र में अवस्थित भीम शिला, आदि शक्ति गुफा, एवं समस्त देवी-देवताओं के आशीर्वाद से 2021 को बग्वाल मेले को राजकीय मेला घोषित किया गया था। कोरोना काल में दो साल से प्रतीकात्मक बग्वाल आयोजित की जा रही थी। उन्होंने कहा कि रक्षा बन्धन के शुभ अवसर पर बग्वाल युक्त इस मेले से देवीधुरा चम्पावत की प्रसिद्धि, ख्याति पूरे देश भर में ही नहीं अपितु विदेशों में भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा की जोशीमठ के सितूण में स्थित माता सीता के 4 दशक एवं 2 वर्ष बाद हो रहे महायज्ञ में जाने का अवसर प्राप्त हुआ था, जहां माता सीता जी को प्रसन्न किये जाने हेतु उनकी विराजमान पाषाण शिला की अर्चना की जाती है, तो वहीं माँ वाराही देवी को प्रसन्न किये जाने हेतु पाषाण युद्ध अर्थात बग्वाल खेला जाता है। उन्होंने कहा देवीधुरा के बग्वाल पूजन से क्षेत्र में खुशहाली आए, फसलों की अच्छी पैदावार हो, क्षेत्र वासी रोग मुक्त हों, निवासियों को अन्न-धन की प्राप्ति हो, ऐसी मेरी प्रार्थना है। उन्होंने कहा कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरुआत की गई है। इस मिशन के अन्तर्गत ही माँ वाराही धाम देवीधूरा को भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारनाथ मंदिर का भव्य एवं दिव्य निर्माण कार्य हुआ है, साथ ही बद्रीनाथ धाम का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जाएगा। चार धाम यात्रा में इस साल रिकॉर्ड श्रद्धालु आ रहे हैं। उन्होंने कहा ऑल वेदर रोड के निर्माण कार्य से पर्यटक एवं श्रद्धालुओं का सफर सुगम एवं सुरक्षित हुआ है। संपूर्ण देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हम उत्तराखंड राज्य के 25 वें राज्य स्थापना दिवस पर देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य बने।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष वन विकास निगम उत्तराखंड कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, भीमताल राम सिंह कैड़ा, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, पूर्व दर्जा मंत्री हयात सिंह मेहरा, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आर एस रावत, मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया, खाम प्रमुख त्रिलोक सिंह बिष्ट, गंगा सिंह चम्याल, बद्री सिंह बिष्ट, वीरेंद्र सिंह लमगड़िया एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हर घर तिरंगा अभियान में सीएम ने खटीमा में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शहीद स्थल खटीमा पहुंचकर आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए नमन किया। उन्होंने देश की आजादी तथा देश व देश की सीमाओं की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आजादी के महोत्सव के तहत देशभर में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के अंदर राष्ट्र भक्ति का भाव जागृत हुआ है, यह समय जहां हमारे लिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का है, वहीं आने वाले 25 साल अमृतकाल होगा। उसके लिए भी हमें संकल्पबद्ध होना है। उन्होंने कहा कि हमारी नई पीढ़ी अमृतकाल में देश के नए सोपानों को तय करेगी। समृद्ध, समर्थ व शक्तिशाली भारत के रूप में जिसकी कल्पना कर रहे थे, प्रधानमंत्री ने इसको आगे बढ़ाने का काम किया है। देश व राज्य के चहुंमुखी विकास हेतु हम सब संकल्प लें।
इस अवसर पर मंडी समिति अध्यक्ष नन्दन सिंह खड़ायत, जिला महामंत्री अमित पांडे, रमेश जोशी, दान सिंह, गौरव सोनकर, संतोष अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, हरीश जोशी, भगत सिंह बोरा, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी उपस्थित रहे।

मोबाईल टावर बढ़ाने की स्वीकृति मिली, सीएम के अनुरोध पर और कई सौगातें मिलने की उम्मीद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखण्ड में बीएसएनएल के 1206 मोबाइल टावर की स्वीकृति दी। प्रत्येक मोबाईल टावर की लागत 1 करोड़ रुपये आएगी। मुख्यमंत्री ने टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी रेल सेवा शुरू किये जाने का भी अनुरोध किया। रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के सम्बन्ध में राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि 296.67 करोड़ को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कुमाऊँ और गढ़वाल को जोड़ने के लिए देहरादून-काठगोदाम के मध्य चलने वाली एक मात्र रेल सेवा है। नेपाल बॉर्डर होने के कारण वहाँ के लिए लोगों का आवागमन टनकपुर से ही होता है। इसलिए कुमाऊं-गढवाल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए टनकपुर-देहरादून मार्ग पर एक जनशताब्दी रेल को संचालित किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन को नैरोगेज के स्थान पर ब्रॉडगेज बनाये जाने, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल लेन बनाने, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण, ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन के निर्माण हेतु भी अनुरोध किया। जिनके संबंध में रेल मंत्री द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। मुख्यमंत्री द्वारा टनकपुर से दिल्ली के मध्य चलने वाली पूर्णागिरी जन शताब्दी की यात्रा अवधि को कम करते हुए 5-6 घंटों में यात्रा पूर्ण कराने हेतु आवश्यक व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा विगत में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत वहन करने हेतु प्रदत्त सहमति के क्रम में कुल परियोजना लागत रूपये 791.39 करोड़ के सापेक्ष उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अब तक रूपये 296.67 करोड़ का अंशदान रेलवे को दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से उत्तराखण्ड जैसे छोटे एवं पर्वतीय राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का अनुरोध किया।

दुधारू पशुओं की इकाई स्थापना के लिये सरकार दे रही अनुदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यलाय रूद्रपुर में डेयरी विकास विभाग द्वारा आयोजित दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि भुगतान कार्यक्रम में डीबीटी के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को 22 करोड़ की धनराशि वितरित की। कार्यक्रम में 13 जनपदों के 26 सर्व श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादकों को पपुरस्कृत किया गया। जिसमे जनपद नैनीताल के सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादकों मे गंगा देवी को प्रथम, जनपद ऊधम सिंह नगर के गुरू उपदेश देव को द्वितीय व हरपाल कौर को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के दुग्ध उत्पादक सदस्यों को 3 एवं 5 दुधारू पशुओं की इकाई स्थापना के लिये 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। आगामी 5 वर्षों 5300 लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए लगभग 20 हजार दुधारू पशु क्रय कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष वर्तमान तक 600 लाभार्थियों को लाभान्वित कर लगभग 2100 दुधारू पशु क्रय कराये जा चुके है इससे जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादकों की आर्थिकी में वृद्धि हो रही है, साथ ही प्रदेश के दुध उपार्जन में भी लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लघु, सीमान्त भूमिहीन व निर्बल वर्ग कृषकों व दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध सहकारिता के माध्यम से उनके द्वारा उत्पादित दूध की उचित कीमत दिलाते हुए उन्हें अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने तथा ग्राम स्तर पर स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराने में डेरी विकास विभाग महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। विभाग के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को ग्राम स्तर पर तकनीकी निवेश सुविधाएं यथा रियायती दर पर संतुलित पशुआहार, पशु स्वास्थ सेवाऐं, चारा विकास व प्रशिक्षण तथा दुधारू पशु क्रयार्थ ऋण व अनुदान आदि की सुविधाऐं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भोगोलिक परिस्थितियां अलग है, पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की वजह से बहुत समस्या होती है। उन्होंने कहा कि जो भी सिंचाई योजनाएं बनेंगी कृषि विभाग से समन्वय कर सिंचाई योजनाऐं बनाई जायेगी। जल मिलेगा तो बहुत सारी चीजें अपने आप मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं है, उनके लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना शुरू की है, जिसमें 80 प्रतिशत अनुदान तक की सुविधा प्रदान की गई है। हमारी सरकार पूरी ईमानदारी व पूरी शक्ति से पशुपालकों एवं किसानों के साथ साझेदार एवं सहयोगी के रूप में खड़ी हैं। प्रदेश के अन्दर सहकारी दुग्ध संघ एवं डेयरी प्लांट सरकार और सहकार भागीदार का प्रमाण है। दुग्ध समितियां बनाकर, कलेक्शन सेंटर बनाकर दूध के खराब होने की चिन्ता से मुक्ति दिलानें का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता का आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 60 पशुपालक एम्बुलेंस भी अगस्त माह में शुरू की जायेगी, जो घर-घर जाकर डिलीवरी देने का काम करेंगी। उन्होंने कहा कि लालकुआ दुग्ध समिति के लिए 64 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और जल्दी ही एक्सटेंशन का काम शुरू होगा, 7 करोड़ की रूपये की राशि चम्पावत डेयरी के लिए स्वीकृत किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आहवान करते हुए कहा कि स्टार्टअप के माध्यम से अनेकों संभावनाओं पर कार्य किया जा सकता है, जो लोग नेचुरल फार्मिंग के अनेकों संभावनाओं पर कार्य किया जा सकता है। आज हिन्दुस्तान के अन्दर युवा अच्छा कार्य कर रहे है। हमारे यहा 700 स्टार्टअप चल रहे हैं, उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना का लाभ भी सभी किसान भाईयों को मिल रहा है। इसी के साथ साथ गरीब, वंचित, पिछड़ों को विशेषकर गॉव के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को बैंको के ऋण प्राप्त करने में परेशानी न हो यह देखा जाय। सभी की सुविधा, जीवन स्तर उठाने, किसानों की आय दौगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प एवं स्वप्न को उत्तराखण्ड में पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण मंत्र को कार्मिक अपनी मानसिकता में उतार ले। समस्या है तो रोकना नहीं है, उसका समाधान करना है। सरलीकरण भी होगा, समाधान भी होगा और पत्रावली पर काम होने के बाद निस्तारण भी होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत का मान-सम्मान दुनिया के अन्दर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाएं वास्तव में जरूरतमन्दों के लिए बन रहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने कहा था कि 100 रूपये दिल्ली से भेजते हैं, परन्तु जिस व्यक्ति के पास 100 रूपये जाने चाहिए थे, उसके पास 15 रूपये पहुॅचते हैं यानि 85 रूपये बीच में ही खतम हो जाते थे। आज डीबीटी के माध्यम से 22 करोड़ रूपये बटन दबाकर सीधे आपके खातें मे पहुॅच गया, इसमें एक पैसे के कमीशन की भी गुंजाइश नहीं है, यह डिजिटल व्यवस्था से सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया का 40 प्रतिशत डिजिटल ट्रांजेक्शन हमारे देश भारत में हो रहा है। आज कोई ऐंसा क्षेत्र नहीं है, जिसमें हम आगे नहीं बढ़ रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से भी 9 लाख किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से लगभग 1390 करोड़ की धनराशि अभी तक हस्तान्तरिक की जा चुकी है। हमारी सरकार किसानों को 3 लाख रूपये और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये बिना ऋण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि हम जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कलस्टर आधारित खेती को बढ़वा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 3900 जैविक कलस्टरों के काम को शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद नीति आयोग की बैठक में अनुरोध किया जायेगा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितयों का प्रदेश है, हमारे यहॉ की जो योजनाऐं बनाई जाये, जो धन आवंटन किया जाये यहॉ की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का राज्य के साथ विशेष लगाव है, उत्तराखण्ड के लिए उन्होंने हर संभव सहायता का प्रावधान किया है, उसी का नतीजा है कि 100 एकड़ जमीन पर खुर्पिया फार्म में ऋषिकेश एम्स की दूसरी शाखा खुलने वाली है। उन्होंने कहा कि सड़कों के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। रूद्रपुर का बायपास, रामपुर और मुरादाबाद का बायपास बनेगा। आने वाले समय में आपको काशीपुर-दिल्ली के लिए 4-लेन हाईवे मिलने वाला है, यह प्रस्ताव भारत सरकार ने पास कर दिया है। देहरादून जाने के लिए एक घण्टे की दूरी कम होने वाली है। चार धाम यात्रा पर इस बार 30 लाख श्रद्धालु आ चुके हैं, सारे रिकोर्ड टूटने वाले हैं। पीएम ने कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक है, हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे है। कावड़ यात्रा में भी रिकोर्ड तोड़ शिव भक्त कावड़ यात्री आयें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं देते हुए हर घर तिरंगा अभियान के लिए भी सभी को प्रेरित किया। हर घर तिरंगा अभियान पूरे उत्तराखण्ड के अन्दर जोर शोर से चलना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से तिरंगा भेंट किया और हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर हस्ताक्षर भी किये।
इस अवसर पर डेयरी, मत्स्य, पशुपालन, गन्ना विकास, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवा योजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा ने की।
कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर रामपाल, यूसीडीएफ अध्यक्ष मुकेश बोरा, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, अपर जिलाधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः चार गरम पानी के प्याऊ को वित्त मंत्री ने किया रवाना

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा देवभूमि उत्तरांचल विकास समिति की ओर से चार गरम पानी के प्याऊ को रवाना किया।

विधानसभा स्थित कार्यालय से रवाना करते हुए मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि सुगम्य चार धाम मिशन के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा देवभूमि उत्तरांचल विकास समिति का संयुक्त प्रयास सराहनीय है। कहा कि यह चार गर्म पानी के प्याऊ उत्तराखंड में आने वाले देव तुल्य श्रद्धालुओ खासकर ज्यादा उम्र के एवं बच्चों के लिए मददगार होगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि माँ पूर्णागिरी मंदिर चंपावत, माँ दुनागिरी मंदिर द्वाराहाट, भगवान बद्रीनाथ धाम चमोली और माता गंगोत्री धाम उत्तरकाशी में यह गर्म पानी के प्याऊ लगाए जाएंगे। बताया कि इन सभी स्थानों पर ज्यादा ऊंचाई होने से मौसम साल के अधिक समय अत्यंत ठंडा रहता है।

बताया कि यहाँ श्रद्धालुओं को ऊंचाई के चलते सांस लेने में मुश्किल आती है। यह गर्म पानी के प्याऊ मददगार बनेंगे। इससे श्रद्धालुओं को अत्यंत आराम मिलेगा।

इस मौके पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम लोक नाथ साहू, देव भूमि उत्तरांचल विकास समिति के अध्यक्ष आशीष गिरी, विपिन यादव तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने कहा इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन रखना जरूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी का उपयोग करते हुए इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन रखना है। मुख्यमंत्री, सीएम कैम्प कार्यालय में चम्पावत जनपद को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करने के लिए आयोजित बोधिसत्व संवाद कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए पूरे समर्पित भाव से काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पूरे हिमालय क्षेत्र को विकास की राह दिखा सकता है। इकोनोमी और इकोलॉजी में संतुलन रखते हुए सतत विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। चम्पावत जिले को मॉडल के रूप में लिया गया है। चम्पावत में सभी तरह की भौगोलिक परिस्थितियां मौजूद हैं। यह न केवल उत्तराखण्ड बल्कि सभी हिमालयी राज्यों के लिए मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम विभाग और संस्थाएं विभिन्न विकासात्मक गतिविधियां कर रही हैं। इनमें समन्वय की आवश्यकता है। इंटिग्रेटेड एप्रोच अपनानी होगी ताकि विभाग व संस्थाएं एक दूसरे के कामों से लाभान्वित हो जिसका फायदा राज्य को भी होगा। उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जनपद को आदर्श जनपद बनाने के लिए यूकास्ट नोडल एजेंसी के रूप में काम करे। चम्पावत में कार्बेट ट्रेल व आयुष ग्राम पर तेजी से काम किया जाए। हैलीपेड बनाने की सम्भावना का अध्ययन किया जाए। सिडकुल द्वारा छोटे इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित किये जा सकते हैं। आईटीआई में रोजगार परक व बाजार की मांग आधारित कोर्सेज संचालित हों। सडक व रेल कनेक्टिविटी को विकसित करने के लिए राज्य सरकार केंद्रीय मंत्रालयों के सम्पर्क में है। इको टूरिज्म, मत्स्य पालन व औद्यानिकी में भी काफी सम्भावनायें है।
बैठक में हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ अनिल जोशी ने कहा कि हमें सभी की भागीदारी से आगे बढ़ना है। एक दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बोधिसत्व संवाद कार्यक्रम की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति प्रदत्त बौद्धिकता है। यहां ऋषि परम्परा रही है। चम्पावत को विभिन्न क्लस्टरों में विकसित किया जा सकता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करना होगा।
भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान के अधिकारियों ने टोपोग्राफी, भू उपयोग, साईट सूटेबिलिटी एनालिसिस, सॉयल, सिंचाई, जैव विविधता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ड्रैनेज, भूजल, जियोलाजिकल स्ट्रक्चर, लैंडस्लाइड से संबंधित मैपिंग पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान सैटेलाइट कम्यूनिकेशन, टेली एजुकेशन व टेली मेडिसन में सहयोग कर सकता है।
आईआईपी द्वारा बताया गया कि हाल ही में उनकी एक टीम चम्पावत गई थी और विभिन्न सम्भावनाओं का अध्ययन किया है। आईआईपी ने चीड़ की पत्तियों का आर्थिक उपयोग व बायोडीजल के क्षेत्र में काम कराने की बात कही।
मत्स्य संस्थान द्वारा बताया गया कि ट्राउट फिशिंग में काम की काफी सम्भावनायें हैं। वन विभाग की ओर से कहा गया कि इको टूरिज्म के साथ ही वन पंचायतों के माध्यम से हर्बल व ऐरोमैटिक के क्षेत्र में काम किया जा सकता है।
बैठक में यूकास्ट के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, हॉफ विनोद सिंघल, अपर सचिव सी रविशंकर, रंजना, बंशीधर तिवारी, डीएम चम्पावत नरेन्द्र सिंह भण्डारी सहित विभिन्न विभागों व नाबार्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।