सीएम ने किया खटीमा में सैनिक मिलन केन्द्र और सीएसडी कैंटीन का भूमि पूजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में 162.26 लाख की लागत से बन रहे सैनिक मिलन केंद्र एवं 7 करोड़ 15 लाख की लागत से बन रहे सीएसडी कैंटीन का भूमि पूजन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने खटीमा के ग्राम देवकला बनमुड़िया नाले में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाने, ग्राम देवरी बाबा दरियानाथ प्रांगण में बहुउद्देशीय भवन निर्माण, ग्राम बिगराबाग, देवरी में आन्तरिक सी०सी० मार्ग निर्माण, नगर पालिका क्षेत्र खटीमा एल्केमिस्ट रोड वार्ड न० 12 आन्तरिक सी०सी० मार्ग निर्माण, सितारगंज रोड क्रॉसिंग से 4-। नहर बाई पटरी में 2 किलोमीटर तक मार्ग निर्माण, सितारगंज रोड परिहार मेडिकल स्टोर से आनंद आर्या के घर तक नाली व सी०सी० मार्ग निर्माण, ग्राम मझोला गाँव में झील से लेकर पोलीगंज की ओर 3 कि०मी० बड़े नाले का निर्माण, एवं खेतलखण्डा खाम वार्ड न. 12 पंचधाम कॉलोनी में मंदिर निर्माण किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए तथा निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किए जाएं। उन्होंने कहा कि सैनिक मिलन केंद्र तथा सीएसडी कैंटीन का डिजाइन भव्य व आकर्षक होना चाहिए। सीएसडी कैंटीन के खोलने हेतु स्वर्गीय जनरल विपिन रावत जी द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई थी, हम स्वर्गीय रावत जी को नमन करते हैं। उन्होंने सीएसडी कैंटीन निर्माण की मांग को सहजता और सरलता से स्वीकार करते हुए कार्य किया था। उन्होंने कहा कि जनरल रावत राज्य कि शान व सैनिकों की जान थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आलोचनाओं से आगे बढ़ने तथा लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी को भी आलोचनाओं से घबराए बिना अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उत्तराखंड में सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवलगढ में सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना का शुभारम्भ किया। यह परियोजना पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खण्ड कोटाबाग के पवलगढ में कहा कि देव भूमि उत्तराखंड सम्पूर्ण विश्व में अपने परम पावन चार धाम, माँ गंगा, जिम कॉर्बेट तथा हमारे राज्य की विशिष्ठ परम्पराओं, धार्मिक संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद, उत्तराखंड सम्पूर्ण विश्व में पूर्ण स्वदेशी सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक टरबाइन तकनीक का प्रथम उपयोगकर्ता के रूप में भी जाना जाएगा जो की मेरे साथ-साथ समस्त उत्तराखंडियों के लिए एक गर्व का विषय है। आज रामनगर वन प्रभाग में ऊर्जा उत्पादन की जो तकनीक संचालित हो रही है वो 100 प्रतिशत पर्यावरण प्रदूषण मुक्त है तथा छोटी से छोटी पहाड़ी गूल से लेकर उत्तराखंड से निकलने वाली बड़ी से बड़ी नदियों से बिना कोई बांध बनाए या पानी को रोके चौबीसों घंटे, सातों दिन, बारह महीने सतत विद्युत् उत्पादन, न्यूनतम लागत में करने में सक्षम है। उन्होने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेकलेक पिछले 8 वर्षों से उत्तराखंड में कार्यरत है एवं उनके अनुसार उत्तराखंड की नदियों तथा प्रवाहित जल धाराओं से लगभग 1500 मेगावाट विद्युत का उत्पादन उनके द्वारा निर्मित स्वदेशी सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक तकनीक के माध्यम से किया जा सकता है क्योकि भारत की अधिकांश बारहमासी नदियों का उद्गम उत्तराखंड से ही होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उतराखंड सरकार ने युवाओं को स्वरोज़गार के लिए प्रेरित करने का हर सम्भव प्रयास किया है और ऐसी अनेकों अनुकरणीय योजनाओं का आरंभ किया है उसी के परिणाम स्वरूप उत्तराखंड का युवा आज कुछ अलग करने के जज्बे से मेहनत कर रहा है जिसका ही एक जीवंत उदाहरण आज हमारे बीच में है। उन्होंने कहा कि 15 किलोवाट विद्युत उत्पादन की सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना जिसका संचालन पवलगढ़ के ऐतिहासिक 111 वर्ष पुराने वन विश्राम भवन के प्रांगण में हुआ है, यह कोई साधारण जल विद्युत परियोजना का आरंभ मात्र नहीं है, यह देश के दो युवा वैज्ञानिकों नारायण तथा बलराम भारद्वाज की लगभग दस वर्षों के अथक परिश्रम से निर्मित पूर्णतः स्वदेशी तकनीक के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए युग का आग़ाज़ है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि वन विभाग उत्तराखंड सरकार के सहयोग से प्रारम्भ हुआ यह नवीन ऊर्जा का युग यहाँ रुकने वाला नहीं है। देश के हर राज्य के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व की सरकारें उत्तराखंड सरकार की इस पहल का अनुसरण करते हुए बिना किसी पर्यावरण प्रदूषण तथा नदियों एवं वन्य जीवन को बचाते हुए इस स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर 100 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादित करने की योजना पर कार्य प्रारम्भ करेगी। उन्होने कहा कि पवलगढ़ में ही देख लीजिए, यह जो छोटी सी गूल यहाँ से बैल पड़ाव जा रही है ना जाने कितने किसानो के खेतों से हो कर जा रही है। अगर ऐसी छोटी-छोटी टरबाइन उस हर किसान को दे दी जाए जिसका खेत ऐसी नहर या नदी के आस-पास है तो में आशा करता हूँ वो हर किसान ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर हो जाएगा। हमारी सरकार, देश के यशस्वी प्रधान सेवक नरेंद्र भाई मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के सपने को साकार करने का हर संभव प्रयास उत्तराखंड की जनता के लिए करती आयी है और आगे भी करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड के मेरे किसान भाइयों तथा उन सभी पहाड़ी गावों के लिए इस स्वदेशी टरबाइन तकनीक का उपयोग कर एक ऐसी ऐतिहासिक योजना ले कर आएगी जिस से हर किसान के पास खुद का पावर प्लांट होगा और “हर किसान को पानी, हर घर को बिजली” उत्तराखंड राज्य की स्थापना से ले कर आज तक की सबसे कम दरों पर उपलब्ध होगा। मेरा मानना है कि सस्ती तथा अनवरत ऊर्जा की उपलब्धता हर क्षेत्र के विकास के लिए सबसे अहम संसाधन है। इसलिए आगामी योजनाओं में हमारी सरकार पहाड़ी गावों में भी नवीन उद्योगों का मार्ग प्रशस्त करने और रोज़गार के नवीन अवसर उत्पन्न करने के लिए “हर उद्यम के लिए सुगम ऊर्जा” योजना का प्रारूप तैयार करने के लिए कार्य करेगी जिसमें इस स्वदेशी तकनीक का भी समुचित उपयोग किया जाएगा। उन्होने कहा कि इस स्वदेशी तकनीक से उत्तराखंड वन विभाग को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ पराग मधुकर धकाते की पहल का में स्वागत करता हूँ ओर आशा करता हूँ कि वन विभाग उत्तराखंड इस तकनीक का उपयोग वन विभाग के अंतर्गत उन सभी स्थानो पर करेगा जहां इस तरह की बहती हुई जल धारायें उपलब्ध है। मेने ये अनुभव किया है कि उत्तराखंड के वनों में लगने वाली आग का एक बड़ा कारण जंगलों से हो कर जाने वाली बिजली की खुली तारों से हुए शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है। आस पास की छोटी बड़ी नदियों नहरों से स्थानीय रूप से ही पर्यावरण तथा वन्य जीवों को बिना कोई नुक़सान पहुँचाये विद्युत उत्पादन की उत्तराखंड वन विभाग की यह पहल पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी और जंगलों से जाने वाली बिजली की तारों का उपयोग सीमित करेगी जिस से वन विभाग का राजस्व बचेगा, जंगल आग से बचेंगे और जंगली जानवर तथा वन कर्मी करेंट लगने के ख़तरे से बचेंगे। इस ऐतिहासिक विश्व प्रथम स्वदेशी सूक्ष्म जल विद्युत परियोजना को मूर्तरूप देने की दिशा में अपना सहयोग देने के लिए में समस्त मेकलेक टीम के साथ-साथ मुख्य वन संरक्षक (कुमाऊँ) तेजस्विनी पाटिल, वन संरक्षक (हल्द्वानी सर्कल) दीपचंद आर्या, प्रभागीय वन अधिकारी चंद्र शेखर जोशी, रेंज अधिकारी (देचौरी रेंज) ललित जोशी एंव समस्त वन कर्मियों को बधाई देता हूँ। जनप्रतिनिधियों व जनता द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिए गए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा विश्राम गृह लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया।

रोजगार मेले में मुख्यमंत्री ने 42 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत एवं संसदीय कार्य, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने संयुक्त रूप से वृहद कौशल एवं सेवायोजन रोजगार मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 42 युवाओं एवं युवतियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये।
कौशल रोजगार मेले मे जनपदों से आये युवाओं एवं युवतियों को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी युवा ऊर्जावान हैं। युवा जिन क्षेत्रों में जायें वहां आपका नेतृत्व हो यही हमारी कामना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश के जनपदों में रोजगार मेले का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन मेलों से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे है। रोजगार मेले के लिए प्रदेश के बेरोजगार युवा घर बैठे पंजीकरण करा सकते है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार को बढाना है। उन्होंने कहा प्रदेश मे 3700 होम स्टे पंजीकृत हैं जिसके अन्तर्गत 8000 युवा एवं युवतियों को स्वरोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश मे लम्बे समय से पुलिस विभाग की भर्तियां नहीं निकली थी, सरकार ने 1764 पुलिस की भर्तियां निकाल दी हैं इसके साथ ही सभी विभागों की भर्तियां प्रारम्भ हो चुकी है। उन्होने कहा जिन विभागों में पद रिक्त है जल्दी से जल्दी भरने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए वीर चन्द्र गढ़वाली योजना में धनराशि को 25 लाख तक बढ़ाने का प्रावधान किया है साथ ही होमस्टे में और सब्सिडी बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए एक वर्ष की आयु सीमा बढ़ा दी है तथा प्रदेश में परीक्षा के फार्म के आवेदन शुल्क भरने के लिए आवेदक को कोई शुल्क नहीं देना होगा इसके साथ ही आईएएस, पीसीएस, एमबीबीएस, लोक सेवा आयोग की तैयारियों हेतु जो बच्चे प्री-क्वालीफाई कर देते है उन्हें आगे की तैयारियों हेतु 50 हजार रूपये सरकार द्वारा दिये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा वोकल फॉर लोकल के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। सरकार इसके लिए क्षेत्रीय उत्पादों को बाजार तक लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के द्वारा इसको बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा इसके लिए सरकार कृत संकल्प है।
एचएन इन्टर कॉलेज मे वृहद कौशल एवं सेवायोजन मेले में प्रदेश की 35 कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। रोजगार मेले में विभिन्न जनपदों से आये 1150 युवा एवं युवतियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इस अवसर पर तीन कम्पनियों द्वारा 162 युवाओं का वर्चुअल ऑनलाइन इंटरव्यू कर 7 लोगों की नियुक्ति दी गई।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होटल क्रिस्टल परिसर में बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित करते हुये कार्यक्रम का शुभारम्भ कर प्रान्तीय उद्योग व्यापार मण्डल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। व्यापार मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की जो भी मांग है सरकार उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक वर्ग के हित के लिए कार्य कर रही है। व्यापार प्रदेश के विकास के लिए अहम है। इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष योगेश शर्मा, उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, महामंत्री मनोज,गीता काण्डपाल संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा द्वारा किया गया।
रोजगार मेले में महापौर डॉ जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, जिलाध्यक्ष भाजपा, प्रदीप बिष्ट, ब्लाक प्रमुख रूपा देवी, प्रकाश हर्बाेला, शंकर कोरंगा के अलावा आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आन्नद भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल,एसएसपी पंकज भटट,निदेशक सेवायोजन प्रशिक्षण विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त निदेशक जेएम नेगी, उपनिदेशक चन्द्रकान्ता, स्मिता अग्रवाल, सहायक निदेशक वाई एस रावत, ममता चौहान, जिला सेवायोजन अधिकारी राजेश दुर्गापाल के साथ ही जनपदों से आये हजारों की संख्या में युवा एवं युवती रोजगार मेले में उपस्थित रहे।

ओपन यूनिवर्सिटी के छठें दीक्षांत समारोह में छात्रों को मिली डिग्रीयां

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए स्वायत्तता तथा जवाबदेही दोनों ही जरूरी है। हमें उत्तरदायित्व से भी आगे बढ़कर स्व-उत्तरदायित्व की ओर जाना है। आत्मानुशासन बहुत जरूरी है। हमें अपने सिस्टम को इतना मजबूत बनाना है कि उसमें लीकेज के लिए कोई जगह न बचे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) गुरमीत सिंह, मंगलवार को हल्द्वानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ किया गया।
राज्यपाल ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर 44 मेधावी छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने सोच विचार का स्तर बढ़ाएं, स्वयं पर भरोसा रखें साथ ही टीम वर्क में विश्वास रखें। सभी युवाओं से अपील की कि भारतीय संविधान में बताए हुए मौलिक कर्तव्य को पढ़े, समझे और उनका पालन करें। उन्होने कहा कि विद्यार्थियों का अर्जित ज्ञान तभी सार्थक होगा जब इसका लाभ समाज को मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, डिजिटल भारत, समृद्ध भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को सफल बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राज्यपाल ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय की व्यवस्था एक लचीली, सरल और सुगम व्यवस्था है। उन्होने कहा कि सर्वे के अनुसार देश में उच्च शिक्षा के कुल पंजीकरण में 10 प्रतिशत से अधिक डिस्टेंस एजुकेशन का है। यह शिक्षा पद्धति शिक्षा प्राप्त करने का आदर्श माध्यम है। उन्होने कहा कि कोरोना के दौर ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया है। ऑनलाइन और डिजिटल एजुकेशन का प्रचलन बढ़ गया है, आज यह हमारी जरूरत बन गई है, इससे मुक्त विश्वविद्यालय की अवधारणा को और भी अधिक मजबूती मिली है। शिक्षा तंत्र को डिजिटल और वर्चुअल मोड पर और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्य करना होगा। उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे राज्य के हर कोने तक पहुंचाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों में डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से उच्च शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उत्तराखंड के पर्वतीय तथा सीमांत क्षेत्रों के लिए डिस्टेंस एजुकेशन एक वरदान है।
राज्यपाल ने कहा कि डिस्टेंस एजुकेशन का पाठ्यक्रम नवीनतम, अद्यतन, प्रभावी तथा प्रासंगिक होना जरूरी है, पाठ्य सामग्री उच्च स्तरीय ज्ञान,गुणवत्तापूर्ण व बेहद सरल भाषा में होनी चाहिए।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सच्चिदानंद भारती तथा प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह को मानद उपाधि से सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि सच्चिदानंद भारती राज्य में रिवर्स माइग्रेशन, वन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन उत्तराखंड के लिए ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह ने अपनी उत्कृष्ट फोटोग्राफी के माध्यम से उत्तराखंड के संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्हें सम्मानित करके मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूं। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी व शुभ समृद्धि कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि मैं इस छठे दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर गौरव का अनुभव कर रहा हूॅ। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य चिंतनशील बहुमुखी प्रतिभा वाले रचनात्मक व्यक्तियों का विकास करना होना चाहिए। व्यक्तियो की समग्र विकास के उद्देश्य के लिए यह आवश्यक है कि विद्यालय शिक्षा से उच्चतर शिक्षा तक सीखने के प्रत्येक चरण में कौशल और मूल्यों का एक निर्धारित प्रारूप शामिल हो। इस दिशा में केन्द्र सरकार निरन्तर कार्यरत रही है। उन्होने कहा भारत विश्व का गुरू रहा है गुरू-शिष्य व गुरुकुल की परम्परा सिर्फ भारत में है। विश्व को शिक्षा पद्धति व ज्ञान देने का काम भारत ने किया है। धामी ने कहा कि वर्तमान अच्छा होगा तो निश्चित ही भविष्य भी अच्छा होगा। इसलिए वर्तमान को सक्षम बनाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई खेल नीति बनाई गई है अब किसी भी बच्चे में योग्यता व क्षमता है तो उन्हे सरकार हर तरह से सहायता करेगी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक है जब प्रदेश 25 वर्ष का होगा अपने रजत जयन्ती मना रहा होगा तब हमारा प्रदेश देश में अग्रणी प्रदेश होगा। उन्होंने कहा कि मुक्त विश्व विद्यालय में आईटी अकादमी को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया जायेगा तथा देहरादून में भी मुक्त विश्वविद्यालय का भी सशक्त परिसर बनाने में सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीक्षा समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से बनाई गई नई शिक्षा नीति में सबको अच्छी शिक्षा, रोजगार परक शिक्षा, क्रेडिट बेस शिक्षा, चॉइस बेस शिक्षा,गुणात्मक शिक्षा को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में बच्चों को टेबलेट देने की घोषणा की थी जिसका जीओ हो गया है जनवरी में टेबलेट की धनराशि डीबीटी के माध्यम से बच्चो के खाते डाले जायेगे। बच्चे अपने पसंद अनुसार खरीद सकेगे। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनन्दन किया।
कुलपति ओपी एस नेगी ने विस्तृत रूप से मुक्त विश्व विद्यालय के पाठ्यक्रमों, क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होने बताया कि इन दीक्षांत समारोह में 36 स्नातकों एंव परास्नातकों को स्वर्ण पदक, 3 को कुलाधिपति स्वर्ण पदक व 3 को स्मृति पदक के साथ ही 28432 को पदक वितरित किये गये। उन्होने बताया कि मुक्त विश्व विद्यालय में सरकार के सहयोग से 26 करोड़ धनराशि से अधिक के निर्माण कार्य प्रगति पर है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, महापौर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, विधायक नवीन दुम्का, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह दरम्वाल, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, प्रकाश हर्बाेला, शंकर कोरोंगा, अनिल कपूर डब्बू, सहित मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी निलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी, कुलसचिव प्रो. एचएस नयाल, प्रो. गिरजा पाण्डे, प्रो. पीडी पंत, प्रो. जितेन्द्र पाण्डे,प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. आसी मिश्र सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रही।

सुरई ईकोटूरिज्म जोन में जंगल सफारी और ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल का सीएम करेंगे लोकार्पण

वर्ष 2021 के जाते-जाते प्रदेश की धामी सरकार खटीमा विधानसभा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात देने जा रही है। 29 दिसम्बर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा में ’सुरई ईकोटूरिज्म जोन’ और ’ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल’ का लोकार्पण करेंगे। ’सुरई ईकोटूरिज्म जोन’ प्रदेश का पहला ऐसा ईकोटूरिज्म जोन होगा जहां पर्यटक जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। अब तक हमारे प्रदेश में सिर्फ नेशनल पार्क और बायोस्फीयर रिजर्व (संरक्षित क्षेत्र) में ही जंगल सफारी का चलन रहा है। इसके अलावा ’ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल’ देश का पहला क्रोकोडाइल ट्रेल है जहां पर्यटक बेहद नजदीक जाकर मगरमच्छ की खतरनाक प्रजाति ’मार्श’ का सुरक्षित दीदार कर सकेंगे। यह दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पूर्व में घोषित ’सीएम यंग ईकोप्रिन्योर स्कीम’ से जुड़ी हुई हैं जिसके तहत उत्तराखण्ड के स्थानीय लोगों की आर्थिकी को वनों और वन्य जीवों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इस स्कीम के अंतर्गत 1 लाख युवाओं को ईकोप्रिन्योर बनाने का लक्ष्य है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि चारों ओर वन क्षेत्र से घिरे खटीमा के लोगों को पर्यावरण संरक्षण के साथ कैसे स्वरोजगार से जोड़ा जाए इसके लिए एक अभिनव योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। अब तक पर्यटन के लिहाज से पिछड़े रहे खटीमा व आसपास के क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र में ऊंचा स्थान दिलाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि जैव विविधता और वन्य जीवों की मौजूदगी वाले ’तराई पूर्वी वन प्रभाग’ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर उसके सुराई वन क्षेत्र को इको टूरिज्म जोन के रूप में तब्दील किया जाए ताकि यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य का उपयोग स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मुहैया करवाने में किया जा सके। इसी सिलसिले में पूर्व में उन्होंने ’तराई पूर्वी वन प्रभाग’ के सुरई व आसपास के वन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणा (संख्या-359/2021) की थी। उसके बाद से ही वन महकमा उनकी इस घोषणा को साकार करने में जुटा हुआ है। योजना को चार भागों में बांटकर धरातल पर उतारा जा रहा है। इनमें सुरई ईकोटूरिज्म जोन, ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल, खटीमा सिटी फॉरेस्ट और चुका प्रवासी पक्षी केन्द्र की स्थापना शामिल है। उन्होंने बताया कि सुरई ईकोटूरिज्म जोन और ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल योजना का निर्माण और विकास कार्य पूरा हो चुका है। जबकि खटीमा सिटी फॉरेस्ट और चुका प्रवासी पक्षी केन्द्र के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री आगामी 29 दिसम्बर को सुरई ईकोटूरिज्म जोन में जंगल सफारी का शुभारम्भ और ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल का लोकार्पण करने जा रहे हैं।

सुरई ईकोटूरिज्म जोन-
मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि सुरई वनों की समृद्ध जैव विविधता को देखते हुए इसे क्षेत्र को सुरई इको टूरिज्म जोन (सुरई पारिस्थितिकी पर्यटन क्षेत्र) का स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके दो लाभ होंगे पहला यह कि जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए जैव विविधता के धनी इसे क्षेत्र को संरक्षित किया जाएगा और दूसरा, इसके वन मार्गों को जंगल सफारी के लिए विकसित किए जाने से यहां रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। वन महकमे ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर रात-दिन काम करते हुए सुरई वन क्षेत्र के वन मार्गों को जैव विविधता ट्रेल के रूप में विकसित कर दिया गया है। यह क्षेत्र 180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। जिसके सीमा में पूर्व दिशा में शारदा सागर डैम, पश्चिम में खटीमा नगर, उत्तर में मेलाघाट रोड तथा दक्षिण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र सटा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत इस वन क्षेत्र में साल के वृक्षों, चारागाह और पानी की प्रचुर मात्रा में है। इन तमाम वजहों से यहां बाघों की आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा स्तनधारी जानवरों की लगभग 125, पक्षियों की 150 से अधिक और सरीसृपों को तकरीबन 20 प्रजातियां भी इस वन क्षेत्र में पाई जाती हैं। यहां के वन मार्गों को विकसित कर लगभग 40 किलोमीटर का ट्रेल जंगल सफारी के लिए तैयार कर लिया गया है, जिसमें जिप्सी में बैठकर पर्यटक दुर्लभ वन्य जीवों (रॉयल बंगाल टाइगर, भालू, चीतल, सांभर, काकड़, पैंगोलिन, कोरल सांप, पांडा आदि) का दीदार करने के साथ ही सुरम्य जंगलों, घास के मैदानों, प्राचीन शारदा नहर और सुन्दर तालाबों का लुत्फ उठा सकेंगे।

ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल-
सुरई ईकोटूरिज्म जोन की पश्चिमी सीमा पर ककरा नाला स्थित है। यह नाला क्रोकोडाइल (मार्श मगरमच्छ) का प्राकृतिक वास स्थल है। मीठे पानी के स्रोतों में पाई जाने वाली मगरमच्छ की यह प्रजाति भूटान और म्यांमार जैसे तमाम देशों में विलुप्त हो चुकी है। अंडा देने वाली यह प्रजाति बेहद खतरनाक मानी जाती है। मौजूदा समय में इस नाले में 100 से अधिक मार्श मगरमच्छ हैं। पर्यटक इन मगरमच्छों को आसानी से दीदार कर सकें इसके लिए 4 किलोमीटर लम्बे नाले को चौनलिंग फेंसिंग करके ’ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल’ के रूप में विकसित किया गया है। यह राज्य का पहला क्रोकोडाइल ट्रेल है। ट्रेल में तीन व्यू प्वाइंट और कई वॉच टॉवर बनाए गए हैं ताकि मगरमच्छों का सुरक्षित तरीके से नजदीक से दीदार हो सके।

वन और वन्य जीव बनेंगे आर्थिकी का जरिया-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हमारे प्रदेश में वन बहुतायत में पाए जाते हैं। प्रदेश का 71 प्रतिशत (37999.53 वर्ग किलोमीटर) भूभाग वन क्षेत्र है। इसमें से 24418.67 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र वन विभाग के अन्तर्गत है। वन कानून की जटिलताओं के कारण वनों के आसपास रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमें उनकी खेती भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इस कठिनाई को समझते हुए हमने निर्णय लिया है कि वन और वन्य जीवों को आर्थिकी से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। इसी सोच के साथ हमने बीते 1 अक्टूबर 2021 को ’सीएम यंग ईकोप्रिन्योर योजना’ देहरादून में लॉच की थी। इस योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। शुरुआत के तौर पर खटीमा में ’सुरई ईकोटूरिज्म जोन’ विकसित कर उसमें जंगल सफारी प्रारम्भ की जा रही है। ग्राम समितियों के जरिए इस योजना का संचालन किया जाएगा। जंगल सफारी शुरू होने से जिप्सी मालिक, चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए वन विभाग ने 30 जिप्सी संचालकों के साथ करार किया है। गाइड की भूमिका का सही निर्वहन करने के लिए कई युवकों को वन विभाग इसका प्रशिक्षण दे चुका है। ’सुरई इकोटूरिज्म जोन’ में पर्यटकों की आमद से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पूरे प्रदेश में इस योजना को विस्तार दिया जाएगा ताकि वनों, वन क्षेत्रों और वन्य जीवों को हम अपनी कमजोरी नहीं ताकत बना सकें। उन्होंने कहा कि सीएम यंगईकोप्रिन्योर स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज़्म, वन्यजीव टूरिज़्म आधारित कौशल को उद्यम में परिवर्तित किया जाएगा।

सीएम ने पीएम की रैली की व्यवस्थाओं को जांचा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 30 दिसंबर के हल्द्वानी में जनसभा के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल एमबी इण्टर कॉलेज में की जा रही व्यवस्थाओं का मौका मुआयना किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश मौके पर अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हल्द्वानी भ्रमण के दौरान हजारों करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने प्रधानमंत्री की जनसभा हेतु की जा रही व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा आदि की विस्तृत जानकारियां मौके पर मुख्यमंत्री को दी।
निरीक्षण दौरान प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, डॉ. धन सिंह रावत, महापौर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, संगठन मंत्री अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट, प्रकाश हर्बाेला, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, महामंत्री प्रकाश जनौटी, प्रदेश प्रक्वता प्रकाश रावत सहित मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी निलेश आनन्द भरणे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी आदि मौजूद रहे।

गंगोलीहाट विधानसभा को सीएम ने दी करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ में 21 करोड़ 57 लाख रुपए के 6 कार्यों का शिलान्यास एवं 1 करोड़ 39 लाख की लागत के जीआईसी दशाईथल, गंगोलीहाट का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने विकासखंड बेरीनाग के ग्राम बेलकोट-उपराडा सड़क को शहीद चारुचंद्र और विकासखंड गंगोलीहाट में जरमाल गांव से कनारा सड़क को वीर चक्र विजेता शहीद शेर सिंह के नाम से कराए जाने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त गणाई बनकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण किए जाने, डंगोली सैलानी-दाडिमखेत-धरमघर, कोटमन्या-पाँख, थल-सातशिलिंग मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं हॉटमिक्स का कार्य अवशेष की घोषणा, बासपटान ग्वाल मोटर मार्ग सेतु सहित (5 कि०मी०) की घोषणा, थर्प बडेत बाफिला मोटर मार्ग के कि०मी० 2 से कमदीना बगदोली बजेत मोटर मार्ग का निर्माण (4 कि०मी०) की घोषणा, मधनपुर काकडा मोटर मार्ग (3 कि०मी०) की घोषणा, पाताल भुवनेश्वर से चौडमन्या मोटर मार्ग (5 कि०मी०) की घोषणा। मडकनाली सुरखाल पाठक मोटर मार्ग का निर्माण, बोगटा से खतीगंव तल्लीसार मोटर मार्ग, चमलेख इंटर कालेज का जीर्णाेद्धार, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेरीनाग में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञ की तैनाती, चौंलेखवसे क्लोन तक मोटर मार्ग का शीघ्र निर्माण, ड्युड हडाकोट से बड़ेना मोटर मार्ग का शीघ्र निर्माण, गंगोलीहाट में अगले सत्र से पशु चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा समेत क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मां हाट कालिका के दर्शन कर उन्हें असीम शक्ति एवं शांति की अनुभूति हुई। मां हाट कालिका से मिले संरक्षण के कारण ही आज हम इतनी लगन और समर्पण के साथ उत्तराखण्ड की सेवा कर पा रहे हैं। इसी सिद्ध स्थान पर आदि गुरू शंकराचार्य जी द्वारा मां देवी की स्तुति करने के लिए देवी अपराध क्षमा स्रोत ’’न मत्रं नो यन्त्रं’’ की रचना की थी। जिसमें वर्णित ’’कुपुत्रो जायेत क्व चिदपि कुमाता न भवति’’ अर्थात पुत्र कुपुत्र हो सकता है, परन्तु माता कुमाता कभी नही हो सकती, जैसी सारगर्भित पंक्ति हमारी संस्कृति का दृष्टि सूत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि जहां वीरों की भूमि रही है, विद्वानों की भूमि रही है, वहीं महान ज्योतिषाचार्यों की भी भूमि रही है। गंगोलीहाट क्षेत्र जहां अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समेटे हैं, वहीं पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार का निरंतर ये प्रयास रहा है कि जनभावनाओं के आधार पर फैसले हों, जन समस्याओं का समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता रही है। हर विभाग से अगले दस साल का रोड मैप मांगा गया है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य के विकास का खाका खींच सकें। सरकार ने बोधिसत्व विचार श्रृंखला कार्यक्रम को भी शुरू किया है जिसके अंतर्गत सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर चुके अनुभवी व्यक्तियों से सुझावों को लेकर योजनाएं बना रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिला है। सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है। कई ऐसे बहुआयामी प्रोजेक्ट हैं जिन पर योजनाबद्ध तरीके से काम जारी हैं और जो भविष्य में उत्तराखण्ड की उन्नति के आधार स्तंभ बनेंगे। वर्ष 2025 में राज्य जब अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण करेगा, तब तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर मंत्री पेयजल ग्रामीण निर्माण विभाग बिशन सिंह चुफाल, विधायक गंगोलीहाट मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, जिलाध्यक्ष भाजपा वीरेन्द्र वल्दिया, ब्लॉक प्रमुख गंगोलीहाट अर्चना गंगोला, बेरीनाग विनीता बाफिला, धारचूला धन सिंह धामी जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।

क्रिकेटर ऋषभ पंत बने उत्तराखंड ब्रांड एंबेसडर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा क्रिकेटर ऋषभ पंत को राज्य ब्रांड एंबेसडर बनाया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के युवाओं को खेलकूद एवं जन स्वास्थ्य के प्रति प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी तथा राज्य में खेलों के लिये और बेहतर वातावरण बनाये जाने की भी राह प्रशस्त होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉल के माध्यम से क्रिकेटर ऋषभ पंत से वार्ता कर शुभकामना देने के साथ ही उन्हें उत्तराखण्ड आने का निमंत्रण भी दिया।

अनुराग ठाकुर ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा

विधानसभा चुनाव 2022 के तैयारियों के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी की विजय संकल्प यात्रा रथ को हरी झंडी दिखाने के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर व मुख्यमंत्री धामी बागेश्वर पहुंचे। उनका कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने विजय संकल्प यात्रा को हरी झंडी दिखाई और बाइक रैली के साथ जनता का अभिनंदन किया।
रैली के माध्यम से नगर क्षेत्र से होते हुए नुमाइश खेत मैदान में हो रही जनसभा हुई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि उत्तराखंड का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान 2जी, 3जी समेत देश में कई अन्य घोटाले हुए। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार ने अपने अब तक के सात के साल के कार्यकाल में देश को विकास के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिय। राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक कोई भी पीएम मोदी पर घोटाले का आरोप नहीं लगा सकता। हमने भ्रष्टाचार मुक्त, विकासोन्मुखी सरकार दी है।
रैली के माध्यम से नगर क्षेत्र से होते हुए नुमाइश खेत मैदान में हो रही जनसभा हुई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि उत्तराखंड का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान 2जी, 3जी समेत देश में कई अन्य घोटाले हुए। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार ने अपने अब तक के सात के साल के कार्यकाल में देश को विकास के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिय। राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक कोई भी पीएम मोदी पर घोटाले का आरोप नहीं लगा सकता। हमने भ्रष्टाचार मुक्त, विकासोन्मुखी सरकार दी है।
प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कांग्रेस पर जमकर हमला किया। कांग्रेस को जनता को झूठ बोलने वाली पार्टी बोला। आम आदमी पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। कहा कि आप केवल जनता को धोखे में रखने का काम करती है। विजय संकल्प यात्रा बीजेपी को दुबारा से सत्ता में आएगी और विकास की एक नई परिभाषा भी स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि विजय संकल्प यात्रा हरिद्वार व बागेश्वर से शुरू हो रही है। आज जनता की भारी भीड़ बता रही है कि बीजेपी भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी। घोषणाएं जितनी भी की है सब पूरी करने का काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर से विकास कार्याे को किया जा रहा है। देश और उत्तराखंड विकास की और अग्रसर हो रहा है। लगातार काम किया जा रहा है। महालक्ष्मी किट योजना शुरू की गई है। भर्ती प्रकिया मे तेजी से काम किया जा रहा है। 24000 पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा। कोरोना महामारी के वक्त गरीब बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानी सामने आई, उनके अब टेबलेट दिए जाएंगे। बच्चो के खाते मैं पैसे डाले जाएंगे।

खटीमा में 268 करोड़ 92 लाख की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एकलव्य विद्यालय खटीमा मैदान में पहुंचकर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय समेत 45 करोड़ 54 लाख 49 हज़ार की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं 223 करोड़ 37 लाख 82 हजार की 84 योजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है जिसका नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाएगा। खटीमा में कंजाबाग तिराहे का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाएगा। इस चौराहे पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। खटीमा में महाराणा प्रताप प्रशासनिक एकेडमी प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा। खटीमा के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में भूमसेन का निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खटीमा की जनता के समर्थन के बूते मुख्य सेवक के रूप में उन्हें काम करने का मौका मिला और जब भी हुए खटीमा आते हैं भावविभोर हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा का थारू जनजातीय समाज सरल स्वभाव के साथ-साथ ईमानदार व्यक्तित्व का भी धनी है। जनजातीय समूहों का जीवन संस्कृति का एक विशेष दर्शन है जो प्रकृति के साथ समन्वय बिठाकर जीवन जीते हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा की धरती स्वतंत्रता संग्राम की धरती रही है यहां से अनेक वीरों ने जन्म लिया है, चाहे राज्य गठन का आंदोलन हो या स्वतंत्रता संग्राम की घटना इस धरती का इतिहास वीरता के उदाहरणों से भरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका हमेशा से सपना था कि खटीमा में कोई ऐसा संस्थान होना चाहिए जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चे बहुत शानदार तरीके से आगे बढ़ें। अब वो सपना एकलव्य आवासीय विद्यालय के रूप में साकार हो रहा है जो जनजातियों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों का सम्मान बढ़ा है। चार दशक पुरानी वन रैंक वन पेंशन की मांग को केन्द्र सरकार ने पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में चार धाम ऑल वेदर रोड, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन, कुमाऊं क्षेत्र में एम्स का सेटेलाइट सेंटर की स्थापना जैसे एक लाख करोड़ के विकास कार्य प्रदेश में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारा युवा आत्मनिर्भर बने जिसके लिए हम स्वरोजगार से जुड़ी अनेक योजनाओं को संचालित कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में खटीमा में बाईपास की सुविधा मिलेगी, साथ ही जल्द खटीमा को नए बस अड्डे के निर्माण भी होगा।
इस दौरान अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, विधायक नानकमत्ता प्रेम सिंह राणा, विधायक चंपावत कैलाश गहतोड़ी, कुमायूँ आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी कुमायूँ निलेश आनंद भरणे, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, गीता धामी समेत जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय से जुड़े लोग मौजूद रहे।