टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन की धामी ने मांगी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्य के कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय के स्तर से संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना किये जाने और सामरिक महत्ता को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन के लिये उनके स्तर से रेल मंत्रालय को संस्तुति करने का भी आग्रह किया।

कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश होने के पश्चात भी राज्य के पर्वतीय दूरदराज कुमाऊं मंडल के इलाके, भौगोलिक दूरी होने के कारण सुपरस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। राज्य के कुमाऊ मंडल में एम्स की स्थापना करने से कुमाऊं के नागरिकों के साथ ही उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती जनपदों के लोगों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध होगी। एम्स के लिए भूमि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व में भी एक राज्य में दो एम्स जैसे विश्व स्तरीय संस्थान स्थापित किए गए हैं।

देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार से भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति का अनुरोध किया गया है। इसके लिये जनपद देहरादून में निःशुल्क भूमि की व्यवस्था कर ली गयी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, स्थानिक आयुक्त डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का छात्रों से वर्चुवली संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में ‘‘जब सीएम हो साथ तो बन जाए हर बात’’ कार्यक्रम के तहत जनपद उधमसिंह नगर के विभिन्न स्कूलों के छात्रों से वर्चुवली संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उनसे जीवन में सफलता के लिए अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी युवाशक्ति देश की ताकत है। युवा समय का बेहतर सदुपयोग कर जीवन में सफलता के सोपान प्राप्त कर सकते हैं। बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता है, इसलिये समय के साथ चलकर उसकी उपयोगिता को समझना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को जीवन में सफलता के लिये संकल्प लेने की सीख देते हुए कहा कि जब हम संकल्प में विकल्प की सोच लाते हैं तो सफलता की राह कठिन हो जाती है। हमें किसी भी कार्य के लिये संकल्प लेकर उसे पूरा करने का लक्ष्य बनाना होगा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि साधारण परिवार में जन्मे इन महानुभावों ने देश व दुनिया को नई दिशा देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपने अंदर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए। छात्र स्वयं का आंकलन करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति स्वयं से झूठ नहीं बोल सकता है।
वेबिनार में छात्रों से संवाद के दौरान उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में छात्रों को माध्यमिक शिक्षा के बाद बेहतर शिक्षा व्यवस्था के प्रयास किये जायेंगे। छात्राओं की बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिये महिला विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी संभावनायें तलाशी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की खेल प्रतिभाओं के विकास के लिये प्रदेश की खेल नीति तैयार की जायेगी। खेलों के लिये अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया ने महिला हॉकी में प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता पर 25 लाख का पुरस्कार दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का मस्तक है, सांस्कृतिक केन्द्र है। इस देवभूमि के युवाओं का भविष्य बेहतर हो उन्हें अनुकूल अवसर उपलब्ध हो इसके लिये कारगर प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के हित में कोरोना के कारण पिछले एक वर्ष के दौरान प्रतियोगिता परीक्षा अधिकतम आयु पूरी करने वालों को आयु में एक वर्ष की छूट प्रदान की जाने की व्यवस्था की है। लोक सेवा आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए, सीडीएस आदि प्रतियोगिता की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं को मेन परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि प्रदान किये जाने का निर्णय किया गया है। एमबीबीएस चिकित्सकों का इंटर्न भत्ता 7500 से 17000 किया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगनाओं की पेंशन 8 हजार से 10 हजार की गई है। हल्द्वानी में सैनिकों के आश्रितों के लिये छात्रावास की स्थापना की जायेगी। शीघ्र ही लगभग 24 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जायेगी। 30 अगस्त तक आवेदक युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की योजना तैयार कर जिलाधिकारियों के माध्यम से एक ही स्थान पर कार्यक्रम आयोजित कर ऋण वितरण की कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आहवान किया कि जीवन में सफलता प्राप्त कर जिस क्षेत्र में भी कार्यरत रहें अपने परिवेश, प्रदेश व देश का नाम रोशन कर लोगों की भावनाओं से जुड़कर समाज का बेटा बनने का प्रयास करें।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने भी वर्चुवली प्रतिभाग किया तथा छात्रों से संवाद किया। जिन छात्रों ने मुख्यमंत्री से संवाद किया उनमें इंटर की छात्रा सौम्या शर्मा, छात्र विपिन काण्डपाल, हिमांशु बिष्ट, यश अग्रवाल, अंजली रानी, नवजोत, अंजू, सलोनी बोरा, वंश अग्रवाल, पार्थ अग्रवाल, अरूषा नाथ आदि प्रमुख रही। छात्रों से वर्चुअल संवाद में संगठन महामंत्री अजेय, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रभारी कुलदीप, अध्यक्ष कुंदन लटवाल, प्रदेश संयोजक सोशल मीडिया अमित नारंग भी उपस्थित थे।

जब प्रीतम बोले-ऐसा लग रहा है जैसे विजय जुलूस निकल रहा हो

उत्तराखंड में कांग्रेस मिशन 2022 का आगाज कर चुकी है। कांग्रेस की नई टीम पूरी तरह जोश और जज्बे से लबरेज है। हर कोई अपनी-अपनी भूमिका का बखूबी निर्वाह कर रहा है। नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जहां संगठन मजबूत कर रहे हैं। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह कार्यकर्ताओं का मनोबल बढाने में लगे हैं। संगठन की बारीकियों के जानकार प्रीतम अच्छे से जानते हैं कि बिना सेना के कोई भी युद्व नहीं जीता जा सकता है। अगर 2022 का रण जीतना है तो उसके लिए सेना पूरी तरह जोश, जज्बे, जुनून और नए-नए राजनीतिक हथियारों से लैस होनी चाहिए। सेना के तरकश में मुद्दों के ऐसे तीर होने चाहिए जो जनता के दिलों में जाकर परिवर्तन का तूफान लाने का काम कर सकें, क्यों प्रचंड बहुमत से सत्ता में बैठी भाजपा के खिलाफ इस बार लहर से काम नहीं चलने वाले।

इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रीतम ने राज्य में अपने दौरे की शुरूआत उस कुमांउ मंडल से की जिसको हरीश रावत अपना गढ़ कहते हैं और भाजपा ने सत्ता वापसी के लिए मुख्यमंत्री से लेकर केन्द्रीय मंत्री तक कुमांउ मंडल से ही बनाया है। 2 दिवसीय दौरे में प्रीतम का काफिला जसपुर से होता हुआ काशीपुर, रूद्रपुर, गदरपुर, नानकमत्ता, किच्छा, सितारगंट होते हुआ खटीमा पहुंचा। जगह-जगह प्रीतम का भव्य स्वागत हुआ। हर जगह प्रीतम के पीछे कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। जो खटीमा में जाकर एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। कार्यकर्ताओं के जोश से प्रीतम अभिभूत नजर आये। प्रीतम सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबकी मेहनत जरूर फलीभूत होगी। जनता भाजपा के झूठे वादों से तंग आ चुकी है। चार साल में 3 मुख्यमंत्री देने वाली भाजपा ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से हमेशा खिलवाड़ किया है। दिल्ली में बैठे भाजपा नेताओं को प्रदेश की नहीं अपनी चिंता है। आज स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जैसी सस्यायें पहले से ज्यादा बिकराल हो गई हैं। युवाओं के रोजगार के सपने दिखाकर भ्रमाया जा रहा है। जनता ने मन बना लिया है 2022 में कांग्रेस को लाना है भाजपा के गद्दी से हटाना है। मैं आपसे निवेदन और गुजारिश करने आया हूं कि आपने आज जो जज्बा दिखाया है, इस जज्बे को आप बरकरार रखें और 2022 में आप खटीमा में और संपूर्ण उत्तराखंड में कांग्रेस का परचम लहराने में अपना योगदान दें । आप सभी के इस समर्थन और सहयोग के लिए मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं।

इस दौरान प्रीतम के साथ उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा, चारों कार्यकारी अध्यक्ष के साथ रहने से यह बात साफ हो गई है कि प्रीतम पहले के मुकाबले और ज्यादा मजबूत हुए हैं। कांग्रेस आलाकमान ने भले ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर गणेश गोदियाल की ताजपोशी की हो लेकिन प्रीतम को पहले से और ज्यादा मजबूत करने का काम किया है। इस दौरान कांग्रेस के कई प्रदेश व जिला पादाधिकारी मौदूज रहे।

शक्तिफार्म में बनाई जायेगी उप तहसील-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उधमसिंह नगर में विस्थापित बंगाली समाज को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से ‘‘पूर्वी पाकिस्तान’’ शब्द हटाये जाने तथा शक्ति फार्म को उप तहसील बनाये जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शक्ति फार्म के साथ ही सितारगंज क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं के त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया है। क्षेत्र वासियों को शीघ्र ही शक्ति फार्म आने का भी आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायक सितारगंज सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आये लोगों ने भेंट की। स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से अवगत कराया। शक्तिफार्म के निवासियों की प्रमुख मांग थी कि विस्थापित बंगाली समाज को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द को हटा दिया जाय जिसकी वे वर्षों से मांग कर रहे हैं। उनके द्वारा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिये शक्तिफार्म में उप तहसील की स्थापना की भी मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने सभी की समस्या सुनते हुए कहा कि विस्थापित बंगाली समाज के लोगों को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाया जायेगा उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में भी लाया जायेगा। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिये मुख्यमंत्री ने शक्तिफार्म में उप तहसील खोले जाने की भी घोषणा की। क्षेत्रीय लोगों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र शक्ति फार्म का भ्रमण करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सितारगंज सहित पूरे क्षेत्र की समस्याओं से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही खनन नीति के साथ ही उद्यमियों की सुविधा के लिये नीतियों में भी बदलाव किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रवासियों को केन्द्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अनावश्यक अपने काम के लिये शासन के चक्कर न लगाने पड़ें इसके लिये जिलाधिकारियों को जनपद की समस्याओं का समाधान जिले में ही किये जाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक दो घंटे नियमित रूप से जनता से मिल कर उनकी समस्याओं को समाधान करें इसके भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये विभागवार लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में 40 हजार स्वयं सहायता समूहों को अलग से पैकेज की घोषणा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने शक्ति फार्म में ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा एजेंडा चुनाव नहीं, प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास है। हम घोषणाओं के साथ शासनादेश भी जारी कर रहे हैं। जिस योजना का शिलान्यास करेंगे, उसका लोकार्पण भी किया जायेगा। हमारा विश्वास कार्यों को उलझाने में नहीं सुलझाने में है। हम बोलेंगे कम और काम ज्यादा करेंगे। उन्होंने सभी से प्रदेश व क्षेत्र के विकास में सहयोगी बनने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तहसील दिवसों का आयोजन सुनिश्चित किया जायेगा। सरकारी कार्यप्रणाली में हमने नो पेडेंसी की कार्य प्रणाली विकसित करने का नियम बनाया है।
विधायक सौरभ बहुगुणा ने क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं के समाधान के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक लोहाघाट पूरन सिंह फर्त्याल, सचिव एल. फैनई सहित अन्य अधिकारी एवं सितारगंज क्षेत्र के लोग उपस्थित थे।

सीएम धामी के जीवन के अनमोल पल जो याद दिलाते है उन्हें संघर्षों की दास्तां

हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे, तुझे तेरा मुकाम मिल जाएगा
बढ़ कर अकेला तू पहल कर, देख कर तुझको काफिला खुद बन जाएगा

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीवनी हर उस व्यक्ति के लिए प्ररेणास्रोत है जो यह सोचता है कि अभावों में जीवन यापन करने वाला व्यक्ति सफलता की ईबारत नहीं लिख सकता है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन की ही तरह उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री धामी का जीवन भी संघर्षों भरा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने अभावों में जीवन यापन करने के बावजूद मुश्किलों को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। मन में विश्वास और मंजिल की तरफ सधे कदमों से चलते रहे।

इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक निजी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान अपने जीवन के संघर्ष के दिनों को याद कर रहे हैं।
साधारण स्कूल में अध्ययन करने के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर मैनेजमेंट और लॉ की डिग्री हासिल की और आज वे मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित कर रहे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि जहां कई नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, वहीं उनके बच्चे आज भी गांव में अध्ययन कर रहे हैं। क्या वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे शहरों के बड़े स्कूलों में पढ़ें। इस सवाल के जवाब में सीएम धामी कहते हैं कि वे अपने बच्चों को सदैव जमीन से जुड़े रहने की सीख देते हैं। वे कहते हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि जो व्यक्ति गांव में रहते हैं, वे उन्नति के सोपानों को नहीं छू सकते हैं। आज जितने भी सफल लोग हैं, वे कहीं न कहीं ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही जुड़े हैं और संघर्षपूर्ण जीवन जीकर आज देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं। उन्होंने साधारण से लेकर असाधारण तक की यात्रा की है और जमीन से आसमान को छूने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिन्होंने अपना जीवन गरीबी में बिताया और आज वे देश के उच्च पद पर हैं।

मुख्यमंत्री धामी बताते हैं कि उनके पिता जब सेना में पदस्थ थे तो वे गांव में रहते थे। पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में उनका जन्म हुआ। उस समय पहाड़ी क्षेत्रों में हालात इतने खराब थे कि उन्हें सरकारी प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के लिए 5-6 किमी पैदल चलकर जाना पड़ता था। आज की तरह तब वहां सड़कें और अन्य सुविधाएं नहीं थीं। स्कूल में लिखने के लिए वे तख्ती यानी स्लेट का इस्तेमाल करते थे, जिसे स्कूल जाने के पूर्व प्रतिदिन तैयार करना होता था। यहां तक कि बैठने के लिए भी उन्हें टाट की बोरी साथ में ले जानी पड़ती थी।

जिस व्यक्ति में आगे बढ़ने की ललक होती है, वह कठिन हालातों में भी अपनी राह बना ही लेता है। इस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में जीवन जीने के बाद भी मुख्यमंत्री धामी अपने हौसले के दम पर निरंतर उन्नति कर रहे हैं। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। युवाओं को उनसे सीख लेनी चाहिए कि चाहे जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हो, उनका हमेशा हिम्मत से सामना करना चाहिए।

उत्तराखंडः मुख्यमंत्री ने सुनी आम जन सहित विभिन्न संगठनों की समस्याएं


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने तीन दिवसीय उधम सिंह नगर भ्रमण के दौरान खटीमा स्थित फाइबर अतिथि गृह में जन समस्या निवारण कार्यक्रम में आम जनता से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सामाजिक, धार्मिक, बार एसोसिएशन, उद्योग बन्धु, पार्टी कार्यकर्ता, किसान, पूर्व सैनिक, व्यापारिक बन्धु व विभिन्न संगठनों से भी संवाद कर उनकी समस्या सुनी।

मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी के प्यार व आशीर्वाद से जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे हम सबको मिलकर निभाना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड को एक अच्छा मॉडल बनाना चाहती है, जहाँ सभी प्रकार का वातावरण अनुकूल हो जिसमे उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार आदि से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य करेगी। जिसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो कार्य जिस स्तर का हो उसका उसी स्तर पर तत्काल निस्तारण करना सुनिश्चित करें, आवेदन पत्र किसी भी दशा में लम्बित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी के स्तर पर कोई लापरवाही प्रकाश में आई तो सम्बन्धित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्तराखंड में उद्योगों को स्थापित करने हेतु जो पैकेज दिए थे उनके कारण ही आज उत्तराखंड में व्यापक स्तर उद्योग स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आम जनता के द्वारा भव्य स्वागत करने पर सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि जिस प्रकार से मेरा स्वागत किया गया है उसके लिए अभिवादन करने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है जिसके लिए मैं सबका आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि 2027 तक उत्तराखंड को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, परिवहन, उद्योग आदि समस्त क्षेत्रों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर लाना है, जिसके लिए आप सबका सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर यह सपना साकार करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक सामान्य परिवार के व्यक्ति को मुख्य सेवक बनाया है उस दायित्व को सबके सहयोग से पूर्ण करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो घोषणाएं व शिलान्यास की गई है उनको प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा। मैं आपका बेटा, भाई हूॅ, उत्तराखंड का चहुमुखी विकास करने के लिए प्रयास करूँगा।

कार्यक्रम भाजपा के जिला अध्यक्ष शिव अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, सीएमडी फाइबर लि0 डॉ आरसी रस्तोगी, विधायक प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी रंजना राजगुरु, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना आदि उपस्थित थे।

सीएम ने किच्छा में बस अड्डे के निर्माण का शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिथि गृह ऐनेक्सी पन्तनगर परिसर में पौधारोपण कर चेस फॉर इण्डिया कार्यक्रम में प्रतिभाग किया व साईकिल चला कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होने खिलाड़ियो को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाऐं दी। तदोपरान्त पं. गोविन्द वल्लभ पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पन्तनगर से स्वागत रथ पर सवार होकर नगला में स्वागत व अभिनन्दन कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने कनकपुर में शहीद अमर देव बहादुर समृति द्वार का लोकार्पण किया व राजकीय इण्टर कॉलेज, कनकपुर का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता शेर बहादुर, माता लक्ष्मी देवी को हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होने अपने स्वागत रथ से आगे बढ़ते हुए नारायणपुर तिराहा पर स्थित स्वतंत्रता संग्राम सैनानी स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्हे नमन किया। इसी क्रम में लालपुर होते हुए किच्छा पहुंचकर आदित्य चैक पर सौन्दर्यीकरण का लोकार्पण व बण्डिया (खुर्पिया फार्म) किच्छा में बस अड्डे के निर्माण का शिलान्यास किया।

इसके बाद सीएम का स्वागत रथ सितारगंज-नानकमत्ता के लिए आगे बढ़ा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता व आम जन में भारी उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह मुख्यमंत्री का ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं, गुलाल आदि से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सबका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता डेरा साहिब पहुंचे, जहां डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह द्वारा उनका मुकुट पहनाकर स्वागत किया इसके पश्चात गुरूद्वारा साहिब में उन्होने माथा टेक कर प्रदेश के अमन चैन व खुशहाली की कामना की। जहां गुरूद्वारा प्रमुख ने मुख्यमंत्री को सरोपा व समृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री यतिश्वरानन्द, अध्यक्ष वन विकास निगम सुरेश परिहार, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, डा. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष शिव अरोड़ा, सचिव मुख्यमंत्री शैलैश बगोली, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चैहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, उत्तराखण्ड ओलम्पिक खेल के सचिव डॉ. डीके सिंह आदि मौजूद थे।

भाजपा सरकार ने जितने शिलान्यास किए, उन सभी का लोकार्पण करना हैः सीएम

मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं में सीएम को देखकर खासा उत्साह नजर आया। मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को विकास के नजरिए से देश में नंबर वन बनाएंगे। राज्य में तेजी से बिजली, उद्योग व पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राजस्व में भी इजाफा होगा। बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने को कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

सीएम ने कहा कि राज्य में 22 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे राज्य के हाईवे बनेगे और विकास कार्य होंगे। भाजपा सरकार ने जितने भी शिलान्यास हुए हैं, उन सभी का लोकार्पण करना है। टनकपुर से बागेश्वर तक नैनोगेज के लिए सर्वे किया गया था, उसे ब्राडगेज के लिए सर्वे कराया जाएगा। कहा कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कार्य सात साल में किए हैं, वह बाकी वर्षों में किए गए कार्यों पर भारी है। नजूल भूमि पर मालिकाना हक व बाजपुर में 20 गांव के मामले का सामधान किया जाएगा। जसपुर से सुल्तानपुरपट्टी तक सड़क निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये मिले हैं। 2340 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने युवाओं में जोश भरा कि मिशन 2022 फतह करने के लिए कार्यकर्ता अभी से एकजुट हो जाएं। सभी कार्यकर्ता सीएम हैं और सभी कार्यकर्ता को काम मिले। कहा कि जल्द वात्सल्य योजना लांच किया जाएगा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने सीएम को तलवार भेंट किया।

इस मौके पर जिला प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, नानकमत्ता विधायक प्रेम सिंह राणा, काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, राजेंद्र बिष्ट, काशीपुर की मेयर ऊषा चैधरी, आशीष गुप्ता, भारत भूषण चुघ, विपिन जल्होत्रा, पूर्व सांसद बलराज पासी, गुरविंदर सिंह चंडोक आदि मौजूद थे।

पिथौरागढ़ः आपदा प्रभावितों को पुनर्वास को स्वीकृत हुए 1.60 करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ के तहसील धारचूला, मुनस्यारी, तेजम एवं बंगापानी के 38 आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु रूपये 1.60 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री द्वारा यह स्वीकृति राज्य स्तरीय पुनर्वास समिति की सहमति के पश्चात् प्रदान की है।

प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत की गई धनराशि में धारचूला के अत्यन्त संवेदनशील ग्राम धारपांगू के 09 परिवारों को कुल रूपये 37.80 लाख, ग्राम बाता के तोक फगुंवाबगड़ व कोट्यूड़ा के एक-एक परिवार को रूपये 8.50-8.50 लाख, ग्राम जम्कू तोक बॉस के 04 परिवारों को कल रूपये 17 लाख, तहसील मुनस्यारी के ग्राम मालूपाती के 11 परिवारों को कुल रूपये 46.75 लाख, सेरासुईधार के 03 परिवारों को कुल रूपये 12.75 लाख, तहसील तेजम के ग्राम लोदीबगड़ के 07 परिवारों को कुल रूपये 29.45 लाख, तहसील बंगापानी के ग्राम मेतली तोक चामी के दो परिवारों के पुनर्वास हेतु कुल रूपये 8.50 लाख की धनराशि सम्मलित है।

तीसरी लहर को देखते हुए सीएम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दी राज्य सरकार की तैयारियों की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में कोविड पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया गया है। अभी भी राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सारी तैयारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड से लड़ाई में इसकी बड़ी भूमिका रही है। राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमायूं मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इसके लिए अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।