हल्द्वानी कोविड केयर सेंटर में 375 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था, सीएम ने किया वर्चुअल उद्धाटन


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हल्द्वानी में डी.आर.डी.ओ द्वारा स्थापित 500 बेड के अस्स्थाई कोविड केयर सेंटर (जनरल विपिन चन्द्र जोशी) का वर्चुअल उद्घाटन किया।

10 हजार वर्गफीट में बनाये गये इस आधुनिक सुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर में 375 ऑक्सीजन बेड, 125 आईसीयू एवं वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है। बच्चों के लिए अलग वार्ड के साथ ही उनके अभिभावकों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। इसमें ब्लैक फंगस (म्यूकरमायोसिस) के मरीजों के लिए भी अलग वार्ड बनाया गया है। डीआरडीओ द्वारा यह कोविड केयर सेंटर मात्र तीन सप्ताह में तैयार किया गया है। अब इसका क्लीनिकल मैनेजमेंट डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल द्वारा किया जायेगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों से यह कोविड केयर सेंटर जल्द बनकर तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस कोविड केयर सेंटर की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में इस कोविड केयर सेंटर के बनने से कुमायूं मण्डल के लोगों को ईलाज कराने में काफी सुविधा होगी। देवभूमि उत्तराखण्ड की परम्परा हमेशा सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की रही है। जो भी मरीज यहां ईलाज के लिए आयेंगे, उन्हें उचित ईलाज दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में ऑक्सीजन, आईसीयू, वेंटिलेटर एवं अन्य आवश्यक दवाओं की पूर्ण उपलब्धता है। कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी पुख्ता व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हल्द्वानी में यह एक महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि कुमायूं क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी सौगात है। कोरोना की तीसरी लहर के दृष्टिगत भी यह कोविड केयर सेंटर बहुत मददगार साबित होगा।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि सीएम तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं। राज्य के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी ऑक्सीजन, कन्संट्रेटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने कोविड केयर सेंटर की बहुत कम समय में स्थापना करने पर डी.आर.डी.ओ के अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया।

नेता प्रतिपक्षध्विधायक डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी में इस कोविड केयर सेंटर के बनने से मरीजों को ईलाज करने में काफी सुविधा होगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। हल्द्वानी में कुमांयू एवं उत्तर प्रदेश से अनेक मरीज ईलाज के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल ऐसा क्षेत्र है, जिसमें हमेशा सुधार की गुंजाइश रहती है। उन्होंने कहा कि कोविड लड़ने के लिए सबको मिलजुल कर प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से मेयर हल्द्वानी डॉ. जोगेन्द्रपाल सिंह रौतेला, नैनीताल के भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी जे. सुंद्रियाल, कुमायूं कमश्निर अरविन्द सिंह ह्यांकी, जिलाधिकारी नैनीताल धीराज गर्ब्याल, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, डॉ सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के प्रिन्सिपल डॉ. सी.पी. भैंसोड़ा एवं सीएमएस सुशीला तिवारी मेडिकल अस्पताल डॉ. अरूण जोशी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने चंपावत जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था जान व्यक्त की प्रसन्नता

जनपद चम्पावत के एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा सर्वप्रथम जिला चिकित्सालय चम्पावत के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा के साथ पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर प्रशन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।

मुख्यमंत्री ने विकास भवन सभागार में संचालित कोविड कन्ट्रोल रूम में दूरभाष के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों से वार्ता कर उनका हाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आपदा कन्ट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और वहा किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव गांव में जाकर लोगो को इस महामारी के प्रति सचेत कर जन जागरूकता फैलाये। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच कराएं। लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण को खत्म करने हेतु कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम जनगणना के समय घर घर जाकर प्रत्येक परिवार का डाटा एकत्र करते हैं।उसी तर्ज पर घर घर जाकर प्रत्येक परिवार की टेस्टिंग करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान होने वाले जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति प्रचार प्रसार कर जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी गांव में जाकर लगातार दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें।उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराने पर पुलिस कार्यवाही करें।

बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर की गई पूर्व तैयारियां की भी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाय। मानसून की दस्तक होने से पहले ही नाले व कलमठ आदि की सफाई कर ले ताकि वर्ष के दौरान सड़को में पानी इकट्ठा ना हो और लोगो को असुविधा ना हो। सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सड़क निर्माण विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बन्द सड़कों को तत्काल खोले जाने हेतु आपसी सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग तथा विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। उन्होंने एनएच द्वारा निर्मित चल्थी रोड की तत्काल जांच करा कर रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।

बैठक में सांसद अजय टम्टा एवं विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल व अन्य जनप्रतिनिधियो द्वारा भी जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। बैठक के दौरान जिला प्रभारी मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि इस महामारी के कारण बहुत जनहानि हुई हैं जिसे और नही होने देना हैं। परन्तु इस कोरोना के समय मे भी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपनी जान जोखिम में डाल कर बहुत अच्छा और सरहानीय कार्य किया जा रहा हैं।

बैठक में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम एवं वेक्सीनेसन हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड की तीसरी लहर की तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर ली गयी हैं।

बैठक के दौरान आयुक्त कुमाऊ अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा भी कोविड संक्रमण के नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त अन्य बिंदुओं कोमुख्यमंत्री के सम्मुख रखा गया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को देखते हुए चंपावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जिलों को 100-100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।आगामी मानसून काल के मद्देनजर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में माननीय सांसद अल्मोड़ा अजय टम्टा, दर्जा प्राप्त मंत्री हयात सिंह मेहरा, विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष दीप चन्द्र पाठक, आयुक्त कुमाऊँ मंडल अरविंद सिंह ह्यांकी, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी चम्पावत विनीत तोमर, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ः समीक्षा बैठक में बोले सीएम, लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराएं


पिथौरागढ़ के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच कराएं। जो भी लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण को खत्म करने हेतु कार्य किया जाय। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग,डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, इसके उपरांत सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी गांव में जाकर लगातार दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराने के साथ ही समारोहों में अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति पाए जाने पर पुलिस कार्यवाही करें।

बैठक में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर की गई पूर्व तैयारियां की भी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाय। इस हेतु सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सड़क निर्माण विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बन्द सड़कों को तत्काल खोले जाने हेतु आपसी सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं। कार्य धरातल पर दिखने चाहिए।अधिकारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें। बैठक में माननीय पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल एवं सांसद अजय टमटा एवं विधायक पिथौरागढ़ एवं गंगोलीहाट व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखने कद साथ ही समस्या रखी गई।

बैठक में जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप ने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में आयुक्त कुमाऊं अरविंद ह्यांकी द्वारा भी कोविड संक्रमण के नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त अन्य बिंदुओं को माननीय मुख्यमंत्री के सम्मुख रखा गया।उन्होंने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को देखते हुए पिथौरागढ़, चंपावत एवं बागेश्वर जिलों को 100-100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।आगामी मानसून काल के मद्देनजर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग विशन सिंह चुफाल, सांसद अल्मोड़ा अजय टमटा, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, विधायक पिथौरागढ़ चंद्रा पंत, गंगोलीहाट मीना गंगोला, अध्यक्ष उत्तराखंड भवन सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड शमशेर सत्याल, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आनन्द स्वरूप, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी एचसी पंत, जिलाध्यक्ष भाजपा वीरेन्द्र वल्दिया आदि उपस्थित रहे।

बागेश्वर महाविद्यालय में 100 बेड के कोविड केयर सेंटर का सीएम ने किया निरीक्षण, भर्ती मरीजों से भी की बात


एक दिवसीय भ्रमण पर जनपद बागेश्वर में पहुंचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं उपचार हेतु कोविड चिकित्सालय एवं कोविड केयर सेंटर में की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय महाविद्यालय में 100 बेड का बनाया गया कोविड केयर सेंटर निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके पश्चात ट्रामा सेंटर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, तथा भर्ती मरीजों से दूरभाष कर वार्ता कर उनसे स्वास्थ के संबंध में जानकारी ली। जिला चिकित्सालय में बच्चों हेतु बनायें गयें वार्ड का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिहं रावत ने पीपीई किट पहनकर चिकित्सालय में भर्ती कोविड मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्टॉस नर्स सहित अन्य कार्मिको से वार्ता कर मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधा के संबंध मे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी डॉक्टरों एवं अन्य स्टॉफ द्वारा पूर्ण मनोयोग से कार्य किया जा रहा है। उन्होने यह भी निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी लोंगो को मिलजुल कर कार्य करने की जरूरत है, तथा चिकित्सालय में भर्ती मरीजो की किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाय। इसमें विशेष कर सभी चिकित्सालयों में ऑक्सीजन व दवा आदि की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। इसके साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान देने के निर्देश दियें। मुख्यमंत्री ने कोविड चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को बेहतर स्वास्थ सुविधायें उपलब्ध कराया जाने पर प्रशंसा व्यक्त की।

निरीक्षण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा विकास भवन सभागार में जनपद में कोविड संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कियें जा रहें कार्यो की संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की गई। उन्होंने कोविड संक्रमण में लगे अधिकारियों को निर्देश दियें कि संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए ग्राम स्तर पर गठित निगरानी समिति को और अधिक बेहतर ढंग से कार्य करने की जरूरत है तथा किसी व्यक्ति में किसी प्रकार के लक्षण आने पर उसे तत्काल स्वास्थ परीक्षण हेतु प्रेरित एवं जागरूक किया जाय तथा अधिक से अधिक लोंगो की सैंपलिंग करायी जाय तथा लोंगो के मन से भय की भावना को हटाने के लिए उन्हें स्वास्थ परीक्षण कराने हेतु लगातार प्रेरित किया जाय। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सभी को संकट की इस घडी में बेहतर से बेहतर स्वास्थ सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है, जिसके लिए प्रदेश के सभी चिकित्सालय में आई0सी0यू0 एवं वेंटीलेटर के साथ-साथ ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट भी बढायें गये है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर संचालित पीएचसी एवं सीएचसी सेंटरों में भी सभी आवश्यक व्यवस्थायें उपलब्ध कराये जाने हेतु कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दियें यदि किसी व्यक्ति में किसी प्रकार के लक्षण पाये जाते है तो उसे आवश्यक दवा किट उपलब्ध करायी जाय, इसके साथ ही आईवरमेक्टिन दवा को भी प्राथमिकता के साथ सभी लोगो को उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी लोगो का वैक्सीनेशन किया जाय, इस संबंध में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाय। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पर सभी के सहयोग से काबू पाया जा सकता हैं, जिसके लिए सभी जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारी व कार्मिकों को आपसी समन्वय से मिलजुल कर कार्य करने की आवश्यकता है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण के साथ-साथ आगामी मानसून के दृष्टिगत सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दियें, तथा सड़क मार्ग से जुडें विभागों, खाद्यान्न, विद्युत, जल संस्थान, पेयजल, सिंचाई आदि विभागों को समय रहते सभी अवश्यक व्यवस्थायें तत्काल करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने आपदा के उपयोग मे लाये जाने वाले उपकरणो को भी दूरस्थ क्षेत्रों में रखने के निर्देश दियें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद में संचालित विकास कार्यो समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में जो भी विकास योजनायें संचालित हो रही हैं, उसका लाभ आमजनता तक उपलब्ध हो, इस दिशा में कार्य किया जाय। इस दौरान मुख्यमंत्री जी द्वारा जनपद में कोविड संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए बेहतर ढंग से कार्य कियें जाने पर जिलाधिकारी सहित उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से अभी तक इस संक्रमण के रोकथाम के लिए कार्य किया गया है आगे भी इसी मनोयोग से कार्य करने की आवश्यकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जो भी सुझाव व मांग की गई है उन सभी पर सकारात्मक ढंग से विचार किया जाएगा।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनीत कुमार ने अवगत कराया कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए जनपद में सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी गयी है। जनपद में बढते संक्रमण के दृष्टिगत कोविड चिकित्सालय में 26 बेड के स्थान पर 44 और ऑक्सीजन बेड तैयार कियें गये है, इसी के साथ कोविड केयर सेंटर में 100 ऑक्सीजन बेडो की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा बैजनाथ पर्यटन आवास गृह में 20 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा जनपद में तीन सौ से अधिक जंबो सिंलिडरों, 135 बी-टाईप सिंलिडर तथा 194 ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर उपलब्ध है। इसके अलावा जनपद में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट भी स्वीकृत हो गया है, जिस पर कार्य जल्द ही शुरू किया जायेगा। इसके साथ ही दूरस्थ क्षेत्र कपकोट में भी सीएचसी में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने की कार्यवाही की जा रही है। कौसानी में 85 बेड का कोविड केयर सेंटर संचालित किया जा रहा हैं तथा कपकोट एवं काण्डा में भी कोविड केयर सेंटर तैयार कियें जा रहें है। उन्होंने कहा कि जनपद मे आने वाले व्यक्ति की निगरानी ग्राम निगरानी समिति के अलावा सीआरटी एवं बीआरटी टीमों द्वारा भी किया जा रहा है, तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराये जा रहे है। तथा सभी आशा एवं आंगनबाडी कार्यकर्ती को चार-चार ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर तथा पीपीई किट के साथ मॉस्क एवं सेनेटाईजर भी उपलब्ध करायें गये हैं। इसके साथ ही जनपद में वैक्सीनेशन का कार्य सफलता पूर्वक किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून के दृष्टिगत सभी अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर ली गयी है तथा सभी को की जाने वाली तैयारियो एवं व्यवस्थाओ के संबंध में भी दिशा निर्देश दिये गये है।

इस अवसर पर सांसद अल्मोंड़ा अजय टम्टा, पेयजल मंत्री व कोविड प्रभारी बिशन सिंह चुफाल, अध्यक्ष जिला पंचायत बंसती देव, विधायक बागेश्वर चंदन राम दास, कपकोट बलवंत सिंह भौर्याल, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष जिला पंचायत नवीन परिहार, शेर सिंह गढिया, ब्लॉक प्रमुख कपकोट गोविन्द सिंह दानू, गरूड हेमा बिष्ट, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी डीडी पंत, अपर जिलाधिकारी चन्द्र सिंह इमलाल, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 बीडी जोशी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, उपजिलाधिकारी बागेश्वर योगेन्द्र सिंह, काण्डा राकेश चन्द्र तिवारी, गरूड जयवर्द्धन शर्मा, कपकेट प्रमोद कुमार, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह आदि मौजूद रहे।

पिथौरागढ़ में सीएम ने आक्सीजन जसनरेस हाल का शिलान्यास, मरीजों से भी जाना हाल

दो दिवसीय जनपद पिथौरागढ़ के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिले में कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु किए गए प्रबंधन एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री जनपद मुख्यालय पंहुचते ही सीधे जिला बेस चिकित्सालय गए। जहाँ उन्होंने कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण करने के साथ ही ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भवन एवं एवं आरटीपीसीआर लैब के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बेस चिकित्सालय में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। बेस चिकित्सालय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा 26 लाख 92 हजार रुपये की बेस चिकित्सालय में बनने वाले ऑक्सीजन जसनरेस हॉल का भी शिलान्यास किया गया गया।

बेस चिकित्सालय के निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री वहॉ से जिला चिकित्सालय पंहुचे। जहाँ उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण करने के साथ ही चिकित्सालय में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में तथा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में प्रमुख चिकित्साधीक्षक से जानकारी ली गई। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिला चिकित्सालय में नव निर्मित ऑक्सीजन जनरेशन भवन का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़ ने अवगत कराया कि आगामी 25 मई से ऑक्सीजन जनरेशन यूनिट स्थापित करने का कार्य संबंधित फर्म द्वारा किया जा रहा है। जो अगले सप्ताह तक सुचारू हो जाएगा।

जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री व सांसद अजय टमटा ने पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की तथा उनके स्वास्थ्य का हाल जाना एवं उन्हें साहस दिलाते हुए शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दी ।

मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कार्य कर रहे है वह उल्लेखनीय व महान कार्य हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।

जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री विकास भवन पंहुचे जहां उन्होंने 7 करोड़ 7 लाख 45 हजार रुपये की लागत से निर्मित 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 4 करोड़ 52 लाख 61 हजार रुपये की लागत के कुल 3 कार्यों का शिलान्यास किया गया। जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उसमें 98.02 लाख की गड़वालखोली पेयजल योजना,107.22 लाख से निर्मित डिगरा मुवानी पेयजल योजना,87.92 लाख से निर्मित रई इन्फिल्टरेशन वेल पेयजल योजना,166.95 लाख से निर्मित राजकीय इंटर भवन का निर्माण, 43.38 लाख से निर्मित रॉक क्लाइम्बिंग साईट भाटकोट में एडवेंचर पार्क, 48.69 लाख से विकास खण्ड विण में निर्मित वन स्टॉप सेंटर, 13.11 लाख से जिला महिला चिकित्सालय में निर्मित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरगोविंद पंत की स्थापित मूर्ति, 142.16 लाख से मसमोली से तड़ीगांव तक मोटर मार्ग में डामरीकरण के द्वितीय कार्य का लोकार्पण किया गया। शिलान्यास कार्यों में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 309.04 निर्मित गोगना मोटर मार्ग में द्वितीय चरण का कार्य, 66.71 लाख की लागत से निर्मित होने वाले आपदा प्रबंधन प्राधिकरण केन्द्र तथा 76.86 से अल्मोड़ा-हाट-जाख-धौलेत मोटर मार्ग में सुधारीकरण का कार्य सामिल है।

भ्रमण के दौरान मंत्री पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग विशन सिंह चुफाल, सांसद अल्मोड़ा अजय टमटा, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, विधायक पिथौरागढ़ चंद्रा पंत,विधायक गंगोलीहाट मीना गंगोला, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सत्याल, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत,आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी,पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आनन्द स्वरूप, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह,मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, प्रभागीय वनाधिकारी विनय कुमार भार्गव,अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी एच सी पंत जिलाअध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र वल्दिया आदि उपस्थित रहे।

रानीखेत में संयुक्त सिविल मिलिट्री कोविड केयर अस्पताल का वर्चुअल उद्धाटन सीएम ने किया

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देहरादून कैंप कार्यालय से अल्मोड़ा जिले के रानीखेत स्थित संयुक्त सिविल मिलिट्री कोविड केयर अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन किया। महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, रानीखेत विधायक करण माहरा, सचिव अमित नेगी व जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

रानीखेत में 50 बेड क्षमता वाले संयुक्त अस्पताल में 10 बेड ऑक्सीजन युक्त बनाए गए हैं। यह अस्पताल कुमाऊँ रेजीमेंट सेंटर एवं जिला प्रशासन अल्मोड़ा के संयुक्त प्रयास से शुरू किया गया है। अस्पताल के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि सेना एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शुरू किए गए इस अस्पताल का लाभ रानीखेत व आसपास के इलाकों के लोगों को मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन अल्मोड़ा को निर्देश दिए कि इस अस्पताल में ऑक्सीजन बैड की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं। ’मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेरणा से लगातार कोरोना संक्रमण को रोकने के प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीआरडीओ के सहयोग से अगले कुछ दिन में हल्द्वानी और ऋषिकेश में बनाए जा रहे अस्थाई कोविड अस्पताल भी तैयार हो जाएंगे जिससे प्रदेशवासियों को उपचार में लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय के लिए हमें अभी से तैयार होना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत से पहले ही हमें सीएचसी, पीएचसी स्तर के अस्पतालों को मजबूत करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को जागरूक करना बेहद जरूरी है। दवाई के साथ- साथ कड़ाई भी करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को और बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक लोगों को टेस्टिंग के लिए प्रेरित किया जाए। आशा, आंगनवाड़ी और ग्राम समिति के माध्यम से डोर टू डोर कोविड किट, होम आइसोलेशन में उपचार करवा रहे संक्रमितों तक समय से पहुंचा दी जाए।

महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विधायक निधि का इस्तेमाल जनप्रतिनिधि अपने विवेक अनुसार कोविड के लिए कर रहे हैं जिसका फायदा प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र को मिल रहा है। इस दौरान सांसद अजय टम्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रयास सराहनीय है मुख्यमंत्री द्वारा बेस अस्पताल अल्मोड़ा और मेडिकल कॉलेज को जोड़कर कोविड अस्पताल बनाने से बड़ा लाभ आम जनता को हो रहा है। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान ने कहा कि सरकार का सार्थक प्रयास धरातल पर नजर आ रहा है। कार्यक्रम में रानीखेत विधायक श्री करण माहरा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग के बिना यह अस्पताल संभव नहीं था। इस दौरान जिला अधिकारी अल्मोडा नितिन भदौरिया, कुमायूँ रेजिमेंट सेंटर के ब्रिगेडियर आइएस सौमयाल एव जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

हल्द्वानी पहुंच सीएम ने किया 500 बेड फ्रेबीकेटेड चिकित्सालय का निरीक्षण


मुख्यमंत्री तीरथ सिह रावत ने हल्द्वानी के एमबीपीजी काॅलेज में कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का फीता काटर शुभारंभ किया। सीएम ने युवाओं से कहा कि शतप्रतिशत कोविड वैक्सीन लगायें तथा औरों को भी कोविड बचाव, वैक्सीनेशन आदि हेतु जागरूक करें। उन्होने कहा प्रदेश मे सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाई जा रही है। जिसमें 400 करोड से अधिक व्यय होगा, उन्होने कहा सरकार जनता के साथ खडी है सभी को स्वास्थ्य सुविधायें दी जायेंगी। उन्होने कहा कोविड से लडने के लिए सभी सुविधायें, उपकरण चिकित्सालयों में उपलब्ध कराये जायेंगे। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा मीडिया को हमने फं्रट लाइन वकर्स घोषित किया है उन्हें प्राथमिकता से कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। उन्होने अपील करते हुये कहा कि सावधानी बरतें तथा सामाजिक दूरी का पालन करें तथा मास्क पहनें। उन्होने कहा प्रदेश में कोविड कर्फ्यू चल रहा है इसलिए बहुत जरूरी हो तो ही घर से बाहर निकलें।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मिनी स्टेडियम हल्द्वानी में 150 बैड का संचालित कोविड चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का मुआयना किया। उन्होने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊ का मुख्य द्वार है जहां पर पर्वतीय क्षेत्रों से कोरोना के मरीजो का दबाव है। कोविड संक्रमित लोगों को तत्परता से उपचार देने के लिए मिनी स्टेडियम में आक्सीजन युक्त चिकित्सालय लाभप्रद होगा। जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने मुख्यमंत्री को बताया कि मिनी स्टेडियम में आक्सीजन युक्त 150 बैड का चिकित्सालय बनाया गया है। सुशीला तिवारी चिकित्सालय में बैड न होने की दशा में मरीजों को यहां रखकर उनका उपचार किया जायेगा। उन्होने बताया कि निजी चिकित्सालयों को भी अधिग्रहण किया है साथ ही उन्हे भी बैड संख्या बढाने को कहा गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय में चिकित्सालय स्टाफ की बैठक ली। बैठक मे उन्होने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी लेते हुये चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोडा ने बताया कि सुशीला तिवारी कोविड चिकित्सालय में आक्सीजन युक्त बैड की संख्या 500 से बढाकर 600 कर दी गई है।

जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने बताया कि सांसद निधि से क्रय किये जाने वाले 300 आक्सीजन सिलेन्डर सुशीला तिवारी अस्पताल को दिये जायेंगे। उन्होने बताया कि कुमाऊ का सबसे बडा चिकित्सालय होने की वजह से यहां बडी संख्या मे कोविड पॉजेटिव मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे मे आक्सीजन सिलेन्डरो की खपत भी यहां ज्यादा है। ऐसे मे सांसद निधि से क्रय किये जाने वाले 300 आक्सीजन सिलेन्डर सुशीला तिवारी चिकित्सालय को दिये जायेंगे जो कोविड मरीजों के काम आयेंगे। उन्होने बताया कि सांसद निधि से क्रय किये जाने वाले 2000 पल्स आक्सीमीटर जिले भर के सभी सरकारी चिकित्सालयों को वितरित किये जायेगे। उन्होने बताया कि 45 लाख की धनराशि से जिले में एक नया आक्सीजन प्लांट भी लगाया जायेगा।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय मेडिकल कालेज परिसर में डीआरडीओ द्वारा बनाये जा रहे 500 बैड के फ्रैब्रीकेटेड चिकित्सालय निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। डीआरडीओ के प्रोजेक्ट मैनेजर ने फैब्रीकेटेड चिकित्सालय लेआउट के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। उन्हांने बताया कि इस 500 बैड फैब्रीकेटेड कोविड चिकित्सालय में 100 बैड आक्सीजन युक्त तथा 125 आईसीयू बैड भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है इसलिए सभी सम्बन्धित अधिकारी चिकित्सालय निर्माण एवं व्यस्थाओं में प्राथमिकता से सहयोग करें तथा निरंतर आपसी समन्वय बनाकर कार्य को पूर्ण करें।

निरीक्षण के दौरान सांसद अजय भट्ट, शहरी विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत, कृषि एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल, पशुपालन एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, विधायक संजीव आर्य, रामसिंह कैडा, माहपौर डॉ. जोगेन्दर पाल सिह रौतेला, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनन्द सिह दरम्वाल, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट, महामंत्री सुरेश भटट, पूर्व दर्जा मंत्री प्रकाश हरर्बोला, हेमन्त द्विवेदी, गजराज बिष्ट, सभासद प्रमोद तोलिया,उपाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, लक्ष्मण खाती, विनीत अग्रवाल, नवीन पंत, भूपेन्द्र क्वीरा, गणेश पंत, मुकेश बोरा सहित आईजी अजय रौतेला, मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र सिह भण्डारी, एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, एसीएमओ डा0 रश्मि पंत, एसटीएच पीएमएस डा0 अरूण जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी विवेक राय आदि उपस्थित थे।

बच्ची दा को स्पीकर ने दी श्रद्धांजलि, बोले प्रदेश को हुई अपूरणीय क्षति

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बच्ची सिंह रावत के निधन पर बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय मे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने स्व. बच्ची सिंह रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा है कि उनके निधन से प्रदेश को अपूर्णीय क्षति हुई है।

श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के आधार स्तंभ एवं पूर्व विज्ञान और प्रोद्यौगिकी केंद्रीय राज्य मंत्री, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ क्षेत्र से चार बार के सांसद बच्ची सिंह रावत ने इस देश और प्रदेश की सेवा की है। उन्हें जीवन पर्यंत सादगी, सौम्यता, सरल व्यवहार के कारण जाना जाएगा ।

कहा कि बच्ची सिंह रावत ने जीवन पर्यंत राष्ट्रहित के कार्य में अपना संपूर्ण योगदान दिया उन्होंने अनेक लोगो के जीवन यापन के लिए मार्गदर्शन किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

इस अवसर पर रमन रांगड, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, राजवीर रावत, महिला मोर्चा की अध्यक्ष रजनी बिष्ट, सरदार कुलवंत सिंह, सरदार प्रीत पाल सिंह, रोशन कुड़ियाला, हरी सिंह, गीता रावत, एके मजूमदार, रोशन थलवाल आदि उपस्थित थे।

इससे पूर्व बच्ची सिंह रावत के निधन पर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

उत्तराखंड सरकार भी भारत सरकार के साथ डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में बढ़ रही आगे


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पूर्णागिरी धाम में जियो द्वारा संचालित की जा रही 4जी सेवाओं का वर्चुअल शुभारम्भ किया। उन्होंने पूर्णागिरी धाम में 4जी सेवाओं का शुभारम्भ के लिए मुकेश अम्बानी और जियो परिवार का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कोरोना महामारी के वक्त मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी अति महत्वपूर्ण है। छात्रों की पढ़ाई, मध्यम व लघु उद्योग, उत्तराखण्ड में आने वाले पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों के लिए डेटा कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया की परिकल्पना साकार हो रही है। पंचायतों को ऑप्टिकल फाईबर के माध्यम से नेटवर्किंग से जोड़ा गया है। उत्तराखण्ड सरकार भी भारत सरकार के साथ डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार और जियो कम्पनी ने मिलकर उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों तक 4जी मोबाइल कन्क्टिविटी पहुचाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है, यहाँ अनेक धार्मिक स्थल हैं। जियो अधिकतर स्थानों में अपनी 4जी सेवाएं दे रहा है। महत्वपूर्ण मंदिरों और तीर्थक्षेत्रों को अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ चुका है। जियो ने उत्तराखण्ड बॉर्डर एरिया में भी 14 साईटस् प्रारंभ कर दी है जिससे उत्तराखण्ड के बार्डर एरिया में रहने वाले लोग भी अब 4जी डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं। इसी कड़ी के अंतर्गत अब जियो, मॉ पूर्णागिरी धाम को भी अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ने जा रहा है। माँ पूर्णागिरी धाम 108 सिद्धपीठों में से एक है और बङी संख्या में श्रद्धालु यहाँ हर वर्ष दर्शनार्थ आते है।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जियो के उत्तराखण्ड स्टेट हेड विशाल अग्रवाल, पूर्णागिरी मंदिर के चैयरमेन भुवन चन्द्र पाण्डे, गिरीश चन्द्र पाण्डे आदि उपस्थित थे।

पूर्णागिरी मेला हुआ शुरू, कोविड नियमों का करना होगा पालन

टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड के चंपावत में विश्व प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला आज से शुरू हो गया है। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के अगले दिन से तीन माह का मेला लगता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मेला अवधि 30 दिन तय की है। 30 मार्च से शुरू हो रहा मेला 30 अप्रैल तक चलेगा। मेले में कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा।

10 हजार श्रद्धालु ही एक दिन में कर सकेंगे दर्शन, पंजीकरण भी अनिवार्य

मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश, अस्थायी शौचालय, यात्रि विश्राम शेड आदि व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जगह-जगह श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा नोडल अधिकारी सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि कुंभ मेले के कारण फिलहाल जिले का ही फोर्स मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। कुंभ मेले की ड्यूटी में गई फोर्स भी वापस मंगा ली गई है।

रोडवेज चलाएगा दस बसें
पूर्णागिरि मेले में इस बार भी रोडवेज टनकपुर से पूर्णागिरि के लिए दस बसें चलाएगा। एआरएम संचालन केएस राणा ने बाताया कि पूर्णागिरि मार्ग पर चलाने को दस बसों की व्यवस्था की गई है। बसों का संचालन रोडवेज बस स्टेशन से किया जाएगा।

नहीं चलेगी मेला स्पेशल ट्रेन
पूर्णागिरि मेले के लिए फिलहाल मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन नहीं होगा। अलबत्ता एक अप्रैल से त्रिवेणी एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो जाएगा। यात्रियों को रूटीन ट्रेनों, रोडवेज की बसों या फिर निजी वाहनों से ही दर्शन के लिए आना होगा।