सीएम ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन

38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। समापन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी धर्मपत्नी गीता धामी ने रात्रि में आयोजित राफ्टिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया तथा विश्व रिकॉर्ड के साक्षी बने। मुख्यमंत्री एवं गीता धामी ने समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए विजेता प्रतिभागियों को मैडल प्रदान का सम्मानित किया।

उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।

कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भारत नेपाल सीमा देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है जहां देवों का वास होता है और यहां के प्रत्येक घर से सेना को सैन्य बलों में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा में योगदान यहां के लोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा टनकपुर के मां शारदा ने जन्म जन्मांतर अपना आशीर्वाद यहॉं के लोगों को दिया है,आने वाले समय में यहॉं राफ्टिंग से अनेक प्रकार से यहॉं के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही माँ शारदा का आशीर्वाद मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा मुक्त उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से यहॉं राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है। उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारी देवभूमि उत्तराखंड में होना बेहद गौरव और सौभाग्य की बात है। साथ ही राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का चंपावत में होना और भी अधिक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए चंपावत का पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है को देश भर में पहचान मिली है। इसके अलावा देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत में आयोजित राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता के आयोजन से जनपद को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। उन्होंने आए सभी प्रतिभागियों को बधाईयां और शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही उन्होंने कहा को प्रतिभागी मेडल प्राप्त नहीं कर सके उनको भी मायूस नहीं होना है, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने कहा कि चंपावत के टनकपुर में देशभर से राफ्टिंग प्रतिभागी आए हैं, सभी ने अपना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विजेताओं बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर चंपावत में राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिता होने से जनपद की पहचान में वृद्धि होगी तथा इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।

इस अवसर पर एशियन फैंसिंग एसोशिएशन के महासचिव राजीव मेहता, राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह,प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी,अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,चंपावत प्रेमा पाण्डे,बनबसा रेखा देवी,खटीमा रामू जोशी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह,अपर जिलाधिकारी जय वर्द्धन शर्मा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा खेल प्रबंधन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक समेत स्थानीय जनता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः अवस्थापना सुविधाओं की तारीफ, संवारने पर जोर

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड में विकसित की गई अवस्थापना सुविधा की सराहना हो रही है। खिलाड़ी हों या उनके कोच, खेलों के लिए तैयार किए गए बुनियादी ढांचे को बेहतरीन बता रहे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि राष्ट्रीय खेलों के बाद इसे संवारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनका यह भी मानना है कि राष्ट्रीय खेलों के लिए बेहतर इंतजाम कर उत्तराखंड ने खेल भूमि बनने की दिशा में लंबी छलांग लगा दी है।

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड में 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इस महा आयोजन की तैयारी के लिए उत्तराखंड को बहुत कम समय मिला, लेकिन फिर भी बेहतर व्यवस्थाएं बना ली गईं। कुल 35 खेलों के लिए देहरादून समेत हरिद्वार, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, रूद्रपुर समेत कई स्थानों पर युद्धस्तर पर काम करते हुए सुविधाएं जुटाई गईं। बेहतरीन उपकरण मंगवाए गए। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर का राष्ट्रीय खेलों की वजह से कायाकल्प हो गया है। देशभर से आए खिलाड़ी और उनके कोच अवस्थापना सुविधाओं से संतुष्ट हैं, लेकिन इस आयोजन के बाद रख-रखाव के लिए ठोस व्यवस्था की पैरवी भी कर रहे हैं।

किसने क्या कहा

मैं सियोल एशियाई गेम्स में भारत की शूटिंग टीम का हिस्सा रही हूं। देश-विदेश में कई जगह शूटिंग रेंज देखने का मेरा अनुभव है। मैं कह सकती हूं कि त्रिशूल शूटिंग रेंज बेहतरीन है। इसकी देख-रेख के लिए अच्छे इंतजाम हो जाएं, तो यहां बडे़ खेल आयोजन हो सकेंगे।

माया, शूटिंग कोच, पश्चिम बंगाल।

उत्तराखंड ने बहुत अच्छे इंतजाम किए हैं। तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होने के कारण मैं कह सकता हूं कि अवस्थापना सुविधाएं विश्व स्तर की तैयार की गई हैं। जिस तरह से गुवाहाटी में राष्ट्रीय खेल होने के बाद वहां पर रख-रखाव बढ़िया से किया गया, अब वैसा ही यहां भी होना चाहिए।
आशीष शर्मा, टेक्निकल ऑफिसर मणिपुर टीम।
राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड ने अच्छी व्यवस्थाएं की हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अब आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी।
कुमालिका, खिलाड़ी आर्चरी, झारखंड।
मैैं एक खिलाड़ी भी रहा हूं और वर्तमान में कोच की जिम्मेदारी निभा रहा हूं। मेरा मानना है कि उत्तराखंड में खेल के लिए बहुत ही अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। इसका आने वाले दिनों में लाभ मिलेगा।

प्रियांक त्यागी, कोच आर्चरी टीम, यूपी।

रखरखाव पर उत्तराखंड गंभीर, कवायद जारी

राष्ट्रीय खेलों के बाद खेल अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव को लेकर उत्तराखंड गंभीर है। राष्ट्रीय खेल शुरू होने से पहले ही इस संबंध में कसरत शुरू कर दी गई थी। खेलों की व्यस्तता के बीच इस संबंध में लगातार कार्य किया जा रहा है। खेल विभाग अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव के लिए अकादमी का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। खेल निदेशक प्रशांत आर्या के अनुसार-इस संबंध में रोजाना बैठक की जा रही है। प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।

देशभर से आए मेहमानों से अवस्थापना सुविधाओं को लेकर सराहना मिलने से उत्तराखंड उत्साहित है। हम चाहते हैं कि ना सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि अन्य राज्यों की खेल प्रतिभाओं के विकास में भी हम मददगार साबित हों। अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय खेलों में नया प्रयोग, ’मौली रोबोट’ लाया विजेताओं के लिए मेडल

राष्ट्रीय खेलों में यह मौका एथलेटिक्स इवेंट की मेडल सेरेमनी का था। खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों की ठीक ठाक उपस्थिति थी। सभी उम्मीद कर रहे थे कि कुछ ही देर में होने वाली मेडल सेरेमनी परंपरागत रूप से ही आयोजित होंगी। मगर अगले पलों में मेडल सेरेमनी का पूरा रूप ही बदला हुआ था। रिमोट कंट्रोलर की कमांड से ’मौली रोबोट’ में हरकत शुरू हुई। वह एक ट्रे में मेडल लेकर विजेताओं के पास पहुंचा। अतिथियों ने मेडल उठाए और विजेताओं के गले में पहना दिए।

राष्ट्रीय खेलों में मेजबान उत्तराखंड ने रोबोटिक तकनीक से जुड़ी पहल कर सभी को सुखद अनुभूति से भर दिया। हालांकि एथलेटिक्स इवेंट को छोड़कर अन्य में परंपरागत रूप से ही मेडल सेरेमनी आयोजित की गई। यानी हाथ में ट्रे लेकर युवतियां ही विजेताओं के लिए मेडल लाई। एथलेटिक्स के करीब 40 इवेंट होने हैं। खेल निदेशक प्रशांत आर्या के अनुसार-एथलेटिक्स के अधिकतर इवेंट में मेडल सेरेमनी के दौरान ’मौली रोबोट’ का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

उत्तराखंड पुलिस की ड्रोन टीम छायी

मौली रोबोट के विचार पर उत्तराखंड पुलिस की ड्रोन टीम ने एक प्राइवेट फर्म डीटाउन रोबोटिक्स के साथ मिलकर काम किया। ड्रोन टीम के विपिन कुमार, दीपांकर बिष्ट, प्रशांत चंद्र, दीपक बिष्ट, अभिषेक कुमार, प्रज्ज्वल रावत ने करीब डेढ़ महीने इस प्रोजेक्ट पर काम किया। मेडल सेरेमनी में जहां ’मौली रोबोट’ ने काम किया, वहीं डिस्कस के इवेंट के दौरान एक अन्य रोबोट ने सहयोग किया।
ओलंपियन मनीष रावत के अनुसार-मेडल सेरेमनी में रोबोट का इस्तेमाल उन्होंने पहली बार देखा है।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश थे कि राष्ट्रीय खेलों में तकनीकी पहल भी होनी चाहिए। इसलिए, रोबोटिक तकनीक की मदद लेकर यह प्रयोग किया गया। हैमर थ्रो, जेवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो जैसी एथलेटिक्स इवेंट में भी हम रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मानव संसाधन पर निर्भरता कम कर रहे हैं।
– अमित सिन्हा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय खेल।

38 वें राष्ट्रीय खेल में खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के अलावा कई अभिनव पहल भी पूरे देश को दिखाई दे रही है। तकनीकी पहल भी अब राष्ट्रीय खेलों के साथ जुड़ गई है। हमारी कोशिश ये ही है कि नई तकनीक का पूरा लाभ लेते हुए खेल विकास के लिए कार्य किया जाए।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम धामी ने साइकिलिंग पदक विजेताओं को मेडल देकर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 38वें राष्ट्रीय खेल के अंतर्गत रुद्रपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम वेलोड्रोम में साइकिलिंग पदक विजेताओं को मेडल प्रदान कर शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने मनोज सरकार स्पोर्टस स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत शिवालिक वेलोड्रम मे ट्रैक साइकिलिंग प्रतियोगिता को दर्शक दीर्घा से देखा। उन्होंने वेलोड्रम पहुंचकर खिलाड़ियो से परिचय प्राप्त कर ट्रैक पर साइकिलिंग भी की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुरूष वर्ग के टीम परस्यूट डिस्टेंस 4000 मीटर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता सर्विसेज स्पोर्टस कंट्रोल बोर्ड, रजत पदक विजेता पंजाब व कांस्य पदक विजेता राजस्थान को मैडल व पहाड़ी टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ भोजन किया व खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं के बारे में खिलाड़ियों से जानकारी ली जिस पर खिलाड़ियो ने सभी प्रकार की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों का देहरादून से शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि खेल के शुभारम्भ होने के दिन से ही पूरे प्रदेश में एक उत्साह का माहौल है। इस राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिताओं के संचालन के लिए लगभग 20 हजार लोगों द्वारा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान दिया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हो रही प्रतियोगिताओं की व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री अधिकारियों से लगातार अपडेट ले रहे हैं और स्वयं जाकर भी व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि खिलाड़ियों के लिए हर संभव सुविधाएं उपलबध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहतर देखने को मिल रहा है, अभी तक लगभग 33 मैडल उत्तरखण्ड के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हासिल किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर बने वेलोड्रम की सराहना देशभर से आने वाले खिलाड़ी कर रहे है। प्रदेश में अनेक स्थानों पर बहु उद्देशीय हॉल का भी निर्माण किया गया है, खटीमा के चकरपुर में भी मलखम्ब, टनकपुर में राफ्टिंग की प्रतियोगिता आयोजित होनी है। पूरे प्रदेश में 11 विभिन्न स्थानों पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं, जो अपने आप में बहुत शानदार आयोजन है। उत्तराखण्ड में हो रही ये खेल प्रतियोगिताएं निश्चित रूप से हमारे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेंगी और खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में अपना शानदार भविष्य बनायेंगें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा इस राष्ट्रीय खेल का शुभारम्भ हुआ था और 14 फरवरी को हल्द्वानी में गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के द्वारा इसका समापन किया जायेगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने 46वीं वाहिनी पीएसी में पहुंचकर शॉटगन और स्कीट प्रतियोगिता का विधिवत फीता काटकर व पूजा अर्चना कर खेल शुभारम्भ की घोषणा की। उन्होने शॉटगन से टैप शूटिंग भी की। इस दौरान उन्होने खिलाड़ियों से मिलकर अग्रिम शुभकामनाऐं दी।

इस दौरान विधायक शिव अरोरा, दर्जामंत्री अनिल कपूर डब्बू, उत्तम दत्ता, नवनिर्वाचित मेयर विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिन्दल, जिला महामंत्री अमित नारंग, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार उपस्थित थे।

सीएम ने राष्ट्रीय खेल के समापन समारोह से पूर्व तैयारियों का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी स्थित गौलापार स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित हो रहे 38 वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में उत्तराखंड एवं दिल्ली के मध्य खेले गए फुटबॉल सेमीफाइनल मैच में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फुटबॉल मैच का अवलोकन भी किया। साथ ही खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने 14 फरवरी को हल्द्वानी में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह की पूर्व तैयारियां का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अधिकारियों के साथ बैठक कर समापन समारोह की तैयारियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है इस समापन कार्यक्रम को भव्यता से सम्पन्न करना है। ताकि लोग हमेशा इसे अपने दिलों में याद रखे। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम को आमजन की सहभागिता से सफल बनाया जाए। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, दर्शक दीर्घा, और अन्य सभी सुविधाओं के विशेष ध्यान रखा जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है जिस तरीके से खेलों का भव्य शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है, उसी प्रकार भव्य समापन समारोह भी आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त कर चुके महानुभाओं, साहित्यकारों, समाजसेवियों, मीडिया जगत से जुड़े बुद्धिजीवियों आदि को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या न हो इस हेतु सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद हों। उन्होंने कहा हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए भी राष्ट्रीय खेल मील का पत्थर साबित होने वाली है। उन्होंने कहा राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रतिभागी खिलाड़ी व खेलों से जुड़े हर एक व्यक्ति देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। सभी आयोजन स्थलों में खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं।

बैठक में निदेशक खेल प्रशांत कुमार आर्या द्वारा खेल विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह हेतु की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं व कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कुमार डब्बू, दिनेश आर्या विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना, पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा सहित विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी, प्रशिक्षक, दर्शक जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने किया देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 के अन्तर्गत आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 के अन्तर्गत आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाडियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

38वें राष्ट्रीय खेल के अंतर्गत उत्तराखंड के सूर्यांश रावत एवं तमिलनाडु के सतीश कुमार के बीच मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता का फाइनल मैच खेला गया। जिसमें 21/21 , 21/17 से तमिलनाडु के सतीश कुमार ने विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता तमिलनाडु के सतीश कुमार को गोल्ड, दूसरे स्थान पर आए उत्तराखंड के सूर्यांश रावत को सिल्वर मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने जाने, खिलाड़ियों के अनुभव

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से बातचीत कर 38वें राष्ट्रीय खेलों के बारे में उनके अनुभव भी जाने। खिलाड़ियों ने उत्तराखंड के नैसर्गिक सौंदर्य की जमकर तारीफ की।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर , खुश नजर आए खिलाड़ी

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिलाड़ी एवं अन्य वालंटियर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री का गरजोशी से स्वागत किया।

38वें राष्ट्रीय खेल आयोजित करना राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सौभाग्य की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वे राष्ट्रीय खेलों का आयोजित करना, हमारे राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सौभाग्य की बात है। हमारा राज्य अब देवभूमि के साथ खेल भूमि के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलों को लेकर राज्य भर में खेलों की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। कई खेल मैदानों को विकसित किया गया है। इससे भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से राष्ट्रीय खेलों का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हम युवाओ को अधिक से अधिक खेलों की ओर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारम्परिक लोक संस्कृति, खानपान से भी देश भर के खिलाडी परिचित हो रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने नेशनल गेम्स की तैयारियों की जानकारी लेकर खिलाड़ियों को परोसा भोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून आते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को भोजन परोसा और खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे अनेक राज्यों खिलाड़ियों से बात कर उनका हौंसला भी बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने शूटिंग रेंज का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की अच्छी शुरुआत हुई है राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल का अनुभव राज्य के लिए काफी कारगर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य के खिलाड़ियों को वहां के खानपान के हिसाब से भोजन व्यवस्था देने के प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री राष्ट्रीय खेल की हर पल अपडेट अधिकारियों से ले रहें हैं और स्वयं विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह मौजूद थे।

उत्तराखंड हरित पहल की ओर, राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं के नाम पर रूद्राक्ष के 1600 पेड़ लगेंगे

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के समीप स्थित वन विभाग की 2.77 हेक्टेयर जमीन को जल्द नई पहचान मिलने जा रही है। यह पहचान खेल वन के रूप में होगी। राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 1600 खिलाड़ियों के नाम से यहां पर रूद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय खेल सचिवालय की दस फरवरी को यहां पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर ग्रीन गेम्स का प्रभावी संदेश देने की तैयारी है।

38वें राष्ट्रीय खेलों की थीम ग्रीन गेम्स की रखी गई है। उत्तराखंड सरकार ने हरित पहल करते हुए राष्ट्रीय खेलों में कई कदम ऐसे उठाए हैं, जिनकी पूरे देश में चर्चा हो रही है। इस क्रम में पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में उनके नाम से पौधा रोपने का कार्यक्रम भी शामिल है। राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड सरकार की हरित पहल की सराहना की थी।

खेल वन जिस जगह पर विकसित किया जाना है, उसे आज-कल तैयार किया जा रहा है। दस फरवरी को यहां पर आयोजित कार्यक्रम में खेल वन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। आज-कल इस पूरे इलाके की तारबाड़ की जा रही है, ताकि जब यहां पर पेड़ लगा दिए जाएं, तो उसकी सुरक्षा भी हो सके।

चौंपियन हमें प्रेरित करते हैं
खेल वन के लिए जो बड़ा बोर्ड तैयार कराया जा रहा है, उसमें यह लाइनें खास तौर पर उकेरी जा रही है-चौंपियनस इंस्पायर अस, दियर लेगेसी ब्लूम्स इन एवरी ट्री वी प्लांट। राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा का कहना है कि यहां लगाए जाने वाले हर पेड़ से हमारी स्मृतियों में विजेताओं का सुनहरा प्रदर्शन ताजा रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से हम ग्रीन गेम्स की थीम पर राष्ट्रीय खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहे हैं। हमने हरित पहल करते हुए कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे दूर-दूर तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाएगा। खेल वन इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

उत्तराखंडः मास्टर्स एथलीटों का कुन्नमकुलम केरल में शानदार प्रदर्शन लगातार जारी

छठी राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक मीट का कुन्नमकुलम केरल में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें पूरे देश से 22 राज्यों के 35 वर्ष से 85 साल से अधिक तक के लगभग 1500 मास्टर्स पुरुष और महिला खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।

आज की प्रतियोगिता में देवभूमि मास्टर्स एथलेटिक एंड स्पोर्ट्स डेवलपमेंट एसोसिएशन के 45 सदस्य दल ने 11 गोल्ड, 5 सिल्वर एवं 03 कांस्य पदक प्राप्त किए।

विभिन्न आयु वर्ग में सुमित शाह, घनानंद पांडे, घनश्याम पांडे, सतीश चंद चौहान, ललित चन्द्र जोशी, राजेंद्र प्रसाद जोशी, दीपक नेगी, भावना गढ़िया, मीना कंडारी, नीमा बिष्ट, स्वाति पोखरियाल, माला शर्मा ने स्वर्ण पदक तथा सिल्वर पदक प्राप्त करने वालों में दीपक नेगी जीएन पंत, यशोदा कांडपाल, सबल सिंह बिष्ट, तथा कांस्य पदक अर्चना बिष्ट, घनानंद पांडेय, सुभाष चंद्र भट्ट ने प्राप्त कर उत्तराखंड राज्य का नाम रोशन किया।

इस अवसर पर देवभूमि मास्टर्स एथलीट एंड स्पोर्ट्स डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सूद, संरक्षक धर्मेंद्र कुमार भट्ट, राष्ट्रीय कोच गुरुफूल सिंह, मीडिया प्रभारी जितेन्द्र कुमार गुप्ता टीम के साथ गए महासचिव सतीश चंद्र चौहान, सचिव ललित चंद जोशी सहित अनेक खेल प्रेमियों बधाई प्रेषित की है।

उत्तराखंडः राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों को पसंद आ रही रही फैन पार्क और मौली संवाद पहल

राष्ट्रीय खेलों के सबसे प्रमुख केंद्र महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में फैन पार्क और कॉन्क्लेव प्वाइंट आस-पास ही हैं। एक जगह खिलाड़ियों की थकान मिटाने के इंतजाम हैं, तो दूसरी जगह मोटिवेशन की वो धारा है, जो नए खिलाड़ियों को राह दिखाने वाली है। अपने मैच खत्म हो जाने या फिर खाली समय में खिलाड़ी दोनों ही जगह मौजूद दिख रहे हैं। चाहे वो फैन पार्क हो या फिर मौली संवाद कान्क्लेव खिलाड़ी दोनों ही पहल को पसंद भी कर रहे हैं।

फैन पार्क में खिलाड़ियों का धूम धड़क्का
शूटिंग के मैच खत्म होने के बाद फैन पार्क पहुंची छत्तीसगढ़ की श्रुति यादव वहां बज रहे गिटार की धुन को इन्ज्वॉय करती दिखीं। बातचीत में श्रुति ने कहा-उत्तराखंड के इंतजाम अच्छे हैं। वह बताती हैं-छत्तीसगढ़ की शूटिंग टीम पहली बार नेशनल खेल रही हैं। फैन पार्क की पहल को वह अच्छा बताती हैं। वैसे, फैन पार्क में हर समय गिटार की मधुर धुन ही नहीं है, डीजे का धूम धड़क्का भी है, जिसमें खिलाड़ी और उनके साथ आए लोग नाच-झूम रहे हैं। मैच देखने के लिए आने वाले खेल प्रेमियों के लिए भी यहां एंट्री है।

मौली संवाद में खिलाड़ी जान रहे अहम बातें
नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव में 30 सत्रों की श्रृंखला 12 फरवरी तक चलनी हैं। इस कॉन्क्लेव को राष्ट्रीय खेल के शुभंकर मौली से जोड़ते हुए मौली संवाद नाम दिया गया है। यहां पर खिलाड़ियों को खेल विकास और उससे जुड़ी तमाम अन्य बातों की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। 50 विशेषज्ञों का पैनल तैयार है। जानी मानी एथलीट रह चुकीं अंजू बॉबी जार्ज और भारतीय हॉकी की कप्तान रानी रामपाल और संग्राम सिंह के टिप्स से इस सीरीज का आगाज हो चुका है। खिलाड़ियों को मोटिवेशन सपोर्ट, मेडिकल, न्यूट्रिशन, इंजरी से उबरनेे, डोपिंग समेत तमाम अन्य बिंदुओं पर टिप्स देने के लिए रोजाना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पंजाब की वुशु टीम के खिलाड़ी हरप्रीत व शिवम ने कहा-यह आयोजन खिलाड़ियों की बेहतरी से जुड़ा है।

चार जगह और संचालित हो रहे फैन पार्क
राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, हल्द्वानी व रूद्रपुर में भी फैन पार्क संचालित किए जा रहे हैं। इन तीनों ही जगहों पर राष्ट्रीय खेल आयोजित किए जा रहे हैं। नैनीताल में कोई खेल इवेंट नहीं होनी है, लेकिन पर्यटन नगरी में राष्ट्रीय खेल के प्रचार की दृष्टि से वहां भी फैन पार्क चलाया जा रहा है।

कॉन्क्लेव में 12 को आएंगी मुक्केबाज निखत जरीन
कॉन्क्लेव में 12 फरवरी को भारतीय स्टार मुक्केबाज निखत जरीन आएंगी। इसके अलावा, जानी मानी एथलीट रह चुकी अश्विनी नचप्पा, चक दे इंडिया फेम पूर्व हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी समेत कई विशेषज्ञों केे भी कॉन्क्लेव में कार्यक्रम तय किए गए हैं। देहरादून में यह कॉन्क्लेव 12 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। 11 फरवरी को एक दिन हल्द्वानी में भी कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी।

राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि उन्हें हर लिहाज से एक अच्छा वातावरण मिले और वह खेलों में आगे बढ़ सकें।
-नीरज गुप्ता, नोडल अधिकारी, गेम्स ऑपरेशन।

हमारी कोशिश है कि देशभर से आए खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से बहुत अच्छे अनुभव लेकर के जाएं। इसी अनुरूप तमाम तरह की व्यवस्था की गई हैं। हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय खेल सभी खिलाड़ियों के विकास में सहायक साबित हों।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।