सरिता आर्य की भाजपा में ज्वाइनिंग, कांग्रेस को क्या पड़ेगा फर्क

कांग्रेस छोड़ सरिता आर्य की भाजपा में ज्वाइनिंग के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरिता आर्य के आने से भाजपा नैनीताल जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरिता आर्य लम्बे समय से महिला उत्थान के लिए काम कर रही हैं। पूरे प्रदेश में उनका एक नेटवर्क है। उस पूरे नेटवर्क का भाजपा को लाभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि सरिता आर्य लम्बे समय से महिलाओं के लिए काम कर रही हैं। इसी की बदौलत वह राजनीति में मुकाम हासिल कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित रूप से भाजपा को सभी क्षेत्रों में लाभ होगा। उन्होंने सरिता आर्य के भाजपा में आने के लिए उनका आभार जताया और कहा कि महिलाओं की सच्ची हितैशी भाजपा ही है।
सरिता आर्य पिछले पांच सालों से नैनीताल विधानसभा सीट पर कार्य कर रहीं थीं। लेकिन, पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य के ज्वाइन करने के बाद उनके टिकट पर संशय बना हुआ था। 2017 के विधानसभा चुनाव में संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। सूत्रों की मानें तो संजीव 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर नैनीताल विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि सरिता आर्य भाजपा में बिना शर्त आई हैं। लेकिन उनका उपयोग कैसे किया जा सकता है और उनके बारे में सोचना अब पार्टी का काम है। सरिता आर्य को भाजपा नैनीताल सीट से टिकट देगी या नहीं इस सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट को लेकर पार्लियामेंट्री बोर्ड फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि सरिता के आने से भाजपा को मजबूती मिली है। उन्होंने इस दौरान कहा कि कांग्रेस में महिलाओं का सम्मान नहीं होता और इस वजह से उन्हें भाजपा की रीति नितियों के साथ आना पड़ा है।
कौशिक ने कहा कि भाजपा में आने के लिए सरिता ने कोई शर्त नहीं रखी और पार्टी में शामिल होने के लिए पार्टी के अनुसाशन का पालन करना होता है। उन्होंने इस दौरान कहा कि सरिता ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों में भाजपा में आई हैं और इसका विधानसभा चुनावों में बहुत सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरिता के भाजपा में आने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और इससे उनके लड़की हूं, लड़ सकती हूं नारा भी खोखला साबित हो गया है।

धामी की इनस्विंग व हरीश की गुगली से बैकफ़ुट पर विस्फोटक बल्लेबाज

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के भाजपा से 6 साल के लिए बर्खास्त होने के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक यही चर्चा है कि हरक सिंह रावत कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। लेकिन हरक सिंह रावत की कांग्रेस में शामिल होने की राह इतनी आसान नजर नहीं आती। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीधे तौर पर कांग्रेस आलाकमान को कह दिया है कि हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल कराना कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ना जैसा होगा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीधे तौर पर कांग्रेस आलाकमान को कह दिया है कि हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल कराना कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ना जैसा होगा।
हरीश रावत ने कहा है कि हरक सिंह रावत लोकतंत्र के हत्यारे हैं। जो एक चलती हुई सरकार को गिरा कर 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे। आज जब भाजपा में उनकी प्रेशर पॉलिटिक्स नहीं चल रही है तो वह कांग्रेस में आना चाहते हैं। हरीश रावत ने सीधे शब्दों में कांग्रेस आलाकमान से कहा है कि अगर हरक सिंह रावत को कांग्रेस में लिया जाता है तो पार्टी को इसका प्रदेश और देश के कई राज्यों में नुकसान होगा। ऐसे में हरीश रावत के नाराज रहने के चलते हरक सिंह रावत की कांग्रेस में एंट्री इतनी आसान नहीं है।

ऋषिकेश विधानसभा में हुए विकास कार्यो को जन-जन तक पहुंचाए-अग्रवाल

भारतीय जनता पार्टी में अभी भले ही विधानसभा के टिकट फाइनल नहीं हुए हो लेकिन स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल अपनी तैयारियों में जुटे है। वे अपने निजी आवास पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर मंथन कर रहे है।
प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रत्येक पार्षद एवं कार्यकर्ताओं से उनके क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की एवं चुनाव की दृष्टि से कौन राजनीतिक दल एवं व्यक्ति कितना प्रभावी होगा इस संबंध में विस्तार से चर्चा वार्ता की।
अग्रवाल ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास के कार्य किए गए हैं। ऋषिकेश में नमामि गंगे, एमडीडीए, विधायक निधि, लोक निर्माण विभाग, पेयजल आपूर्ति विद्युत विभाग आदि सहित व्यापक स्तर पर कार्य हुए हैं जिसके बल पर कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी के लिए वोट मांगेंगे और इसका लाभ सीधे-सीधे पार्टी प्रत्याशी को मिलेगा।
अग्रवाल के निजी आवास पर अलग-अलग चरणों में पार्षदों एवं पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में पार्षदों एवं पार्टी के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि समय का लाभ उठाते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जनकल्याण की जो योजनाएं क्षेत्र में संचालित की गई है और जिन योजनाओं का लाभ आम आदमी को मिल चुका है उन सभी लोगों से नियमित संपर्क बनाए रखना आवश्यक है। चुनावी समर प्रारंभ हो चुका है इसलिए हर दृष्टि से रणनीति व्यापक स्तर पर बनाई जाए ताकि पार्टी को लाभ हो सके।
इस अवसर पर ऋषिकेश भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि शहर के अंदर भारतीय जनता पार्टी को व्यापक स्तर पर समर्थन मिल रहा है अनेक लोग कांग्रेस की कुरीतियों को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी पर अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए तैयार है। उनकी ज्वाइनिंग के लिए योजना बनाई गई है उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की बात भी कही।
दो चरणों में हुई बैठक में मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद विपिन पंत, पार्षद रश्मि, पूर्व पार्षद तेज बहादुर, पार्षद बिजेंदर मोगा, पार्षद धीरेंद्र रमोला, आदि ने प्रतिभाग किया। जबकि दूसरे चरण की बैठक में भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री किशोर शर्मा, सुमित पवार, पार्षद रीना शर्मा, पार्षद सुंदरी कंडवाल, पार्षद लक्ष्मी रावत, पार्षद ऋषि कांत गुप्ता, पार्षद प्रदीप कोहली, जयेश राणा, लव कांबोज आदि ने प्रतिभाग किया।

भाजपा परिवार बड़ा, किसी के जाने से कोई फर्क नही पड़ रहा-निशंक

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित दल है। लिहाजा पार्टी से किसी भी नेता के आने जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। डॉ निशंक ने कहा कि राष्ट्रवादी सोच और समाज के लिए संघर्ष करने वाले ऐसे ही कार्यकर्ताओं के दम से भाजपा उत्तराखंड में इस बार 60 पार के लक्ष्य को पूरा करने जा रही है।
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उनके सवालों का जबाब देते हुए डॉ निशंक ने कहा भाजपा में हर एक कार्यकर्ता का सम्मान होता है और अन्य दलों की भांति यहाँ संभव ही नहीं है कि एक ही परिवार के तीन तीन लोगों को टिकट देकर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जाये। इस अवसर उन्होने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में अफवाह फैलाई जा रही है कि तीन और भाजपा विधायक कॉंग्रेस में जा रहे है वह सरासर झूठ है। उन्होने जानकारी दी कि उनकी रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा और विधायक प्रणव चैंपियन से बात हुई है जिन्होंने बताया कि वह भाजपा में है और रहेंगे, इस संबंध में वह मीडिया के माध्यम से भी अपना पक्ष रख रहे हैं।
कॉंग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उन्होने कहा कि कॉंग्रेस नकारात्मक राजनीति करती है इसलिए देश भर से वह ठुकराये जा रहे हैं। राज्य में भी कॉंग्रेस जनता की लड़ाई के लड़ने के बजाय अपनों से ही लड़ाई में लगे है। वहीं भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ सबका विश्वास सबके प्रयास के विज़न और प्रदेश भाजपा सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच आशीर्वाद लेने जा रही है। हमे पूर्ण विश्वास है कि जनता भाजपा को प्रदेश में पहले से भी अधिक सीटे 2022 विधानसभा चुनावों में जिताएगी। देश भर में अनेक उदाहरण हैं जहां पर आम कार्यकर्ताओ को मह्त्वपूर्ण दायित्व दिए गये है।
इस अवसर पर पूर्व सीएम के साथ प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष अजेंद्र अजय प्रदेश सह आईटी प्रभारी अजीत नेगी, बालकृष्ण चमोली, हरीश चमोली आदि भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे।

इंजेक्शन लगाने के बाद झोलाझाप मौके से फरार, युवक की मौत

मुनिकीरेती के शीशम झाड़ी क्षेत्र में स्थित एक झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद एक युवक की कुछ ही देर में मौत हो गई। पेट में दर्द की शिकायत लेकर यह युवक क्लीनिक पहुंचा था।
सूचना पाकर मौके पर भीड़ जमा हो गई और क्लीनिक में लोगो ने तोड़फोड़ कर दी। झोलाछाप मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूछताछ की। मृतक के घर जमा भीड़ ने ऐसे झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, शीशम झाड़ी मुख्य मार्ग गली नंबर-12 निवासी सुनील पाल (35 वर्ष ) पुत्र घसीटू पाल को सोमवार की सुबह पेट में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद वह बगल में स्थित एक क्लीनिक में गया, जहां स्वयं को डाक्टर बता कर श्री हरि मेडिकल एंड क्लीनिक के नाम से क्लीनिक का संचालन कर रहे मृत्युंजय ने उसका इलाज किया।
स्वजन के मुताबिक मृत्युंजय ने सुनील को दो इंजेक्शन लगाए।इंजेक्शन लगवाने के बाद जैसे ही सुनील 50 कदम की दूरी पर स्थित अपने घर पहुंचने को निकला तो सड़क पर ही गिर गया। उसे राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोग ने झोलाछाप की क्लीनिक पर तोड़फोड़ की। झोलाछाप मृत्युंजय मौके से फरार हो गया। कैलाश गेट पुलिस चौकी को सूचना दी गई, जिसके बाद चौकी प्रभारी योगेश पांडे मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता घसीटू पाल ने बताया कि सुनील शादीशुदा है, उसके दो बच्चे हैं, वह आटो चलाता है। गुस्साए लोग झोलाछाप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सभी पात्र लोग बूस्टर डोज जरुर लगवाएं-अग्रवाल

कोरोना से बचाव की एहतियाती खुराक लगाने की शुरुआत होने पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बूस्टर डोज लगवाई। बूस्टर डोज लगवाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने अपील की है कि कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए सभी पात्र वरिष्ठ नागरिक, स्वास्थ्य कर्मी और कोरोना योद्धा बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।
साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने 16 जनवरी को विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को 1 वर्ष पूर्ण होने पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान सबके प्रयास के साथ आज दुनिया का सबसे सफल टीकाकरण अभियान है। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मियों, वैज्ञानिकों व देशवासियों को बधाई दी है। उन्होनें कहा की इस एक साल के दौरान टीके की करीब 156.76 करोड़ खुराकें दी गई हैं, टीकाकरण अभियान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का वह आभार व्यक्त करते है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी पात्र व्यक्तियों से अधिक से अधिक कोरोना टीकाकरण करवाने का आह्वान किया। सब से अनुरोध किया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, सावधानी बरतें। साथ ही जिनके दोनों डोज पूरे हो चुके हैं। वह बूस्टर डोज जरूर लगवाएं। अग्रवाल ने कहा की भारत इस बात पर गर्व महसूस करता है कि हमारा देश टीकों के माध्यम से महामारी से लड़ने में योगदान देने में सक्षम है। हमारे डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका असाधारण है।

हरक सिंह भाजपा और मंत्रिमंडल से बर्खास्त

भाजपा ने बड़ा कदम उठाते हुए काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर दिया। साथ ही छह साल के लिए पार्टी से भी निष्कासित कर दिया। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आज यह कार्रवाई की गई। हरक पिछले काफी दिनों से विधानसभा चुनाव में मनमाफिक टिकट के लिए दबाव की राजनीति कर रहे थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को देखते हुए आज भाजपा ने यह कदम उठा लिया। अपनी बहु अनुकृति रावत के लिए लैंसडौन सीट से टिकट की मांग खारिज होने से नाराज हरक आज दोपहर दिल्ली रवाना हो गए थे। माना जा रहा था कि हरक कांग्रेस में शामिल हो सकते है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी के नेताओं ने हरक से बातचीत का प्रयास भी किया, लेकिन उनके बढ़ते कदमों को थमते न देख भाजपा ने कड़ा फैसला लेने का निर्णय कर लिया। देर रात संपर्क करने पर सीएम कार्यालय ने हरक की मंत्रीमंडल से बर्खास्तगी की पुष्टि की।

भाजपा के अनुशासन की बार बार मखौल उड़ा रहे थे हरक
कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत पिछले पाँच सालों से बार बार भारतीय जनता पार्टी के अनुशासन की मखौल उड़ा रहे थे। यही कारण रहा कि अब कांग्रेस में जाने की चर्चाओं के बीच भाजपा को उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल डॉ हरक सिंह रावत पिछले पांच सालों में कई बार पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर चुके थे।
डॉ हरक सिंह रावत को लेकर भाजपा के ग्रास रुट कार्यकर्ताओं में पहले से ही नाराजगी थी। उनके साथ ही कॉंग्रेस से आये नेताओ को पार्टी में ज्यादा ही तवज्जो दिए जाने से पार्टी में अंदरखाने खासी नाराजगी थी। आम कार्यकार्ता बाहर से आए नेताओं को कभी भी तवज्जो नहीं चाहते थे।
इसके बावजूद डॉ हरक सिंह रावत और उनके सहयोगी पार्टी को पांच सालों तक चलाते रहे। भाजपा नेतृत्व ने हर सम्भव कोशिश की की हरक सिंह रावत को पार्टी से जोड़ा रखा जाए लेकिन अब पानी सर से ऊपर होने और उनके कांग्रेस में शामिल होने के निर्णय के बाद पार्टी को उनके खिलाफ कदम उठाना पड़ा।

कैबिनेट छोड़ इस्तीफा देकर निकल गए थे
डॉ हरक सिंह रावत कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित हो रही कैबिनेट की बैठक छोड़ निकल गए थे। उनकी नाराजगी का कारण उस समय कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव न आना था लेकिन जानकारों का कहना है कि हरक उस वक्त भी लैंसडाउन सीट से अपनी बहू के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। हरक की नाराजगी की वजह से भाजपा में हडकंप मच गया था और 24 घंटे तक हरक को मानाने के प्रयास किए जाते रहे। मुख्यमंत्री और हरक के बीच वार्ता के बाद उस मामले का अंत हो पाया था।

बहू के लिए टिकट मांग दिखा रहे थे बागी तेवर
अपने साथ लैंसडोन से बहू अनुकृति गुसाईं के लिए टिकट की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत लगातार बागी तेवर अपनाए हुए थे। भाजपा कोर कमेटी की बैठक में पहुंचने की बजाय दिल्ली के चक्कर काट रहे थे। पार्टी पर लगातार दबाव बनाए हुए थे। हरक सिंह रावत हमेशा दबाव की राजनीति के लिए जाने जाते रहे हैं।
वे भाजपा पर लगातार हर बार किसी न किसी चीज के लिए दबाव बनाए हुए थे। पहले उन्होंने कोटद्वार मेडिकल कालेज के नाम पर कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने की धमकी देकी र भाजपा को असहज किया। हालांकि उस दौरान हरक को मना लिया गया। मेडिकल कालेज को मंजूरी देने के साथ 25 करोड़ की स्वीकृति भी दी गई।
इसके बाद भी हरक पार्टी पर दबाव बनाए हुए थे। इस बार दबाव अपने लिए केदारनाथ सीट और बहू अनुकृति गुसाईं के लिए लैंसडोन सीट का बनाया जा रहा था। भाजपा में बात न बनती देख, वो कांग्रेस में बहू के लिए विकल्प तलाशने लगे। उनकी यही तलाश उन पर भारी पड़ी।

भाजपा का कड़ा संदेश
भाजपा के इस फैसले के अनुशासन के लिहाज से कड़ा संदेश माना जा रहा है। पिछले काफी समय से हरक बगावती तेवर अपनाए हुए थे। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में इस्तीफे की धमकी दे चुके रावत लगातार कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी थे। हरक के आगे हर बार घुटने टेकने से खुद भाजपा के भीतर पसंद नहीं किया जा रहा था। हरक को बर्खास्त कर भाजपा ने साफ कर दिया है कि अब वो किसी दबाव में आने वाली नहीं है।

रेड सैंड बोआ दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पांच गिरफ्तार

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक दुलर्भ प्रजातियों के वन्यजीवों की तस्करी रोकने को लेकर एसएसएपी देहरादून जन्मजेय खंडूड़ी की ओर से थाना पुलिस को निर्देश जारी हुए थे। शनिवार रात को थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी को वन्यजीव की तस्करी की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने एक कार चेकिंग के लिए रोक दिया। वाहन के भीतर से रेड सैंड बोआ नाम का सांप मिला। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने मौके वन विभाग की टीम को बुलाया।
थानाध्यक्ष पुजारी ने बताया इस दुलर्भ प्रजाति के सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में हैं। सांप को वन विभाग मोतीचूर रेंज के सुपुर्द कर दिया है। वाहन में सवार पांच लोगों की पहचान अनीस पुत्र रफीक निवासी भोजपुर मुरादाबाद, सलीम पुत्र वकील अहमद, सद्दाम पुत्र फैय्याज, जैदी पुत्र जहीर, जोबिन पुत्र अव्वार हुसैन चारों निवासी रानी नागल भोजपुर जिला मुरादाबाद यूपी के रूप में कराई है। सभी पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सभी को जेल भेजा है। टीम में उपनिरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, कुशाल सिंह रावत, कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे।

20 सीटों पर उम्मीदवार बदलने के मूड में भाजपा

उत्तराखंड विधानसभा के लिए प्रत्याशियों के नाम तय करने में भाजपा नेतृत्व को तगड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि चुनाव समिति की बैठक में 50 विधानसभा क्षेत्रों से आए नामों पर तकरीबन सहमति हो चुकी है। लेकिन 20 विधानसभा सीटों पर माथापच्ची के बाद असमंजस की स्थिति है। अब इसे केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड पर छोड़ा गया है।
प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में विधानसभा वार आए नामों पर विचार हुआ। मंत्रियों, वरिष्ठ विधायकों की सीटों पर एक-एक नाम, ऐसी सीटें जिसमें पार्टी के पास सकारात्मक फीड बैक है पर एक से दो नाम का पैनल बनाया गया है। जिन सीटों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है या कांग्रेस के कब्जे वाली हैं, वहां तीन-तीन नामों के पैनल भेजे गए हैं। इन्हीं सीटों पर पार्टी सहमति के बिंदू नहीं पहुंच पाई है।

गढ़वाल मंडल विधानसभा सीट –
थराली- पूर्व विधायक स्व. मगन लाल शाह की पत्नी विधायक हैं और टिकट मांग रही हैं लेकिन पार्टी वहां ज्यादा मजबूत प्रत्याशी तलाश रही है।
पौड़ी-विधायक मुकेश कोली के खिलाफ पार्टी के खेमा लामबंद है। पार्टी सर्वे के नतीजे भी कोली के लिए सहज नहीं बताए जा रहे।
कोटद्वार-हरक सिंह रावत के कांग्रेस में लौटने के बाद स्थिति बदल गई है।
पुरोला-इस सीट पर कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी माल चंद कांग्रेस में चले गए हैं।
घनसाली-संगठन के सर्वे में विधायक शक्तिलाल शाह की स्थिति बहुत मजबूत नहीं बताई जा रही।
टिहरी-चर्चा है कि पार्टी इस सीट पर कांग्रेस से एक बड़े चेहरे को मैदान में उतार सकती है।
झबरेड़ा-पार्टी की सर्वे रिपोर्ट और कार्यकर्ताओं का फीड बैक विधायक देश राज कर्णवाल के अनुकूल नहीं माना जा रहा।
पिरान कलियर-यह सीट कांग्रेस के कब्जे वाली है और पार्टी अभी तय नहीं कर पा रही है कि किस चेहरे पर दांव लगाया जाए।
राजपुर रोड-इस सीट पर खजानदास विधायक हैं और इस बार पार्टी के भीतर सीट पर नए विकल्प की चर्चा हो रही है।
गंगोत्री-इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस में है। पूर्व विधायक की पत्नी टिकट मांग रही हैं।
भगवानपुर-इस सीट पर पार्टी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुबोध राकेश को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह पार्टी छोड़कर बसपा में चले गए। पार्टी यहां मजबूत प्रत्याशी की खोज में है।

’कुमाऊं मडंल में ये सीटें फंसी’
नैनीताल-इस सीट पर संजीव आर्य विधायक थे, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा को इस सीट पर टक्कर के प्रत्याशी की तलाश है। पार्टी कांग्रेस नेत्री सरिता आर्य को साधने की कोशिश कर रही है।
जागेश्वर-कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर पार्टी को मजबूत प्रत्याशी चाहिए।
अल्मोड़ा-इस सीट पर रघुनाथ सिंह चौहान विधायक हैं। क्षेत्र में पार्टी उनका विकल्प तलाश रही है।
रानीखेत-यहां कांग्रेस के करन माहरा विधायक हैं। भाजपा इस सीट पर मजबूत चेहरे की तलाश में है।
गंगोलीहाट-भाजपा की मीना गंगोला विधायक हैं। यहां भी पार्टी ज्यादा मजबूत विकल्प खोज रही है।
काशीपुर-काशीपुर में भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा अपने बेटे को प्रत्याशी बनाना चाहते हैं। लेकिन पार्टी के अन्य दावेदार भी टिकट मांग रहे हैं।
बाजपुर-विधायक यशपाल आर्य के भाजपा छोड़ देने के बाद परिस्थितियां बदली हैं और पार्टी मजबूत विकल्प खोज रही है।
रामनगर-रामनगर सीट पर भी पार्टी को मजबूत विकल्प की तलाश है।
हल्द्वानी-इस सीट पर भी भाजपा में टिकट को लेकर मारामारी है।

डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र का नाम टॉप पर
सूत्रों के मुताबिक, डोईवाला विधानसभा सीट पर नामों का जो पैनल बनाया गया है उसमें पहले स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री व सिटिंग विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम बताया जा रहा है। लेकिन उनके नाम पर अंतिम फैसला पार्टी की बैठक और संसदीय बोर्ड में ही होगा।

11 जिलों की 30 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम का एलान

समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 11 जिलों की 30 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम का एलान किया गया है। समाजवादी पार्टी उत्तराखंड में अभी तक हुए विधानसभा चुनावों में अपना खाता खोलने में कामयाब नहीं हो पाई है। इस बार सपा बदले हुए तेवरों के साथ मैदान में है। नई हवा है, नई सपा है के नारे के साथ पार्टी इस विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रही है।
इस कड़ी में रविवार को सपा के राष्ट्रीय सचिव और उत्तराखंड प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। इनमें उत्तरकाशी जिले की पुरोला सीट से चयन सिंह, गंगोत्री से पंडित विजय बहुगुणा, बदरीनाथ से वीरेंद्र कैरूनी, थरोली से किशोर कुमार, कर्णप्रयाग से गजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। पौड़ी गढ़वाल जिले की यमकेश्वर विधानसभा सीट से विपिन बडोनी, पौड़ी से राजेंद्र प्रसाद, श्रीनगर से सुभाष नेगी, चौबट्टाखाल से जय प्रकाश टम्टा, लैंसडौन से संदीप रावत को टिकट दिया गया है। पिथौरागढ़ जिले की धारचूला सीट से मनोज प्रसाद, डीडीहाट से सुरेंद्र सिंह गुरुंग, पिथौरागढ़ से रमेश सिंह बिष्ट, गंगोलीहाट से गोपाल दास खुमति को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है।
बागेश्वर जिले के कपकोट से हरी राम शास्त्री, बागेश्वर से लक्ष्मी देवी, अल्मोड़ा जिले की द्वाराहाट सीट से गणेश कांडपाल, सल्ट से मुकेंद्र बंगारी, रानीखेत से सुनीता रिखाड़ी, सोमेश्वर से बलवंत आर्य, अल्मोड़ा से अर्जुन सिंह भाकुनी व जागेश्वर से रमेश सनवाल को टिकट दिया गया है। चम्पावत जिले की लोहाघाट सीट से मो. हारून, नैनीताल जिले की हल्द्वानी सीट से सोएब अहमद, ऊधमसिंह नगर की कालाढूंगी सीट से राजेंद्र कुमार वालिया, काशीपुर से सरदार बलजिंदर सिंह, बाजपुर से मनीषा, हरिद्वार जिले की रुड़की विधानसभा सीट से राजा त्यागी, देहरादून जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट से मो नासिर व कैंट विधानसभा सीट से डा राकेश पाठक को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया गया है।