मुख्यमंत्री ने किया यूजेवीएनएल के नये कारपोरेट भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को सायं उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के 23वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को जल विद्युत निगम के एम.डी ने 20 करोड़ 09 लाख 58 हजार 211 रूपये का लाभांश का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल के कारपोरेट भवन का लोकार्पण के साथ ही सी.एम.आर के तहत सरस्वती विद्या इंटर कॉलेज भानियावाला को दी गई बस को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में लक्ष्य से अधिक 3.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव शामिल है। उन्होंने जल विद्युत निगम से 2030 तक विद्युत उत्पादन के लक्ष्य 2200 मेगावाट को और अधिक बढ़ाये जाने पर बल देते हुए अपेक्षा की कि जल विद्युत निगम प्रदेश में स्थापित तथा नये स्थापित होने वाले उद्योगों की विद्युत जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान देना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों एवं संस्थानों से बेहतर वर्क कल्चर के साथ जीरो पेडेंसी का संकल्प लेने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के उपरांत यूजेवीएनएल का गठन उत्तराखण्ड को सही अर्थों में ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए किया गया था। जिसे निगम द्वारा प्रतिवर्ष किए जाने वाले अपने रिकार्ड उत्पादनों के माध्यम से साबित भी किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निगम अपनी बेहतर कार्य संस्कृति और कुशल प्रबन्धन के बल पर इसी प्रकार ऊर्जा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा। राज्य निर्माण के समय ऊर्जा क्षेत्र को हमारी आर्थिकी का मूल आधार माना गया था, परंतु हमारा यह लक्ष्य अभी तक पूर्णरूपेण सफल नहीं हो पाया है। अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर यह विचार करें कि इस दिशा में कैसे तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने में हमें केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।इसका उदाहरण लखवाड़ बहुउद्देश्यीय जल विद्युत परियोजना है जिसमें तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से करीब 475 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो सकेगा, जो हमारे प्रदेश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा। इसके साथ ही जमरानी बांध परियोजना के लिए भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर भी कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
यूजेवीएनएल द्वारा अप्रैल-मई 2022 में व्यासी परियोजना (120 मे.वा.) का कार्य पूर्ण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया गया है, जो देवभूमि के ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना से जहां एक ओर जौनसार बावर के क्षेत्रों को उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, वहीं दूसरी और स्थानीय लोगों के जीवन में आर्थिकी का सुधार भी हो सकेगा। लखवाड़ (300 मे.वा.) जैसी बहुउद्देशीय परियोजना पर कार्य प्रारम्भ होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इससे 05 राज्यों को पीने एवं सिंचाई हेतु जल की आपूर्ति सहित उत्तराखंड को अतिरिक्त 300 मे०वा० की बिजली मिल सकेगी। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 15 मे.वा. की मदमाहेश्वर परियोजना भी सफलतापूर्वक अपना उत्पादन प्रारम्भ करेगी। वृहद परियोजनाओं के अन्तर्गत यमुना घाटी में त्यूनी-प्लासू 72 मे.वा. जल विद्युत परियोजना और आराकोट-त्यूनी की 81 मे.वा. की परियोजना की डी०पी०आर० बनाने की प्रक्रिया भी वर्तमान में चल रही है। राज्य सरकार जीरो पेंडेंसी वर्क कल्चर पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए हर क्षेत्र में सरलीकरण, समाधान, निस्तारिकरण एवं संतुष्टि के मूल मंत्र के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग में 2008 में केंद्र सरकार द्वारा जल विद्युत नीति लायी गयी थी, जिसे लागू नहीं किया गया था, लेकिन हमने कैबिनेट की बैठक में जल विद्युत नीति लाकर उसे लागू करने का प्रयास किया है। उन्होंने यूजेवीएनएल सहित अन्य संस्थानों को अपनी संपत्तियों का भी ध्यान रखने को कहा। ऐसे कई मामले संज्ञान में आ रहे है, जिनमें संस्था की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हुआ है। संस्थानों को सरकार की जमीन मिलती है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनकी है, इसलिए सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र का अवलोकन करें और जमीनों को कब्जा मुक्त करायें। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है और हमारी सरकार संकल्पबद्ध होकर इसे पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। हम अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। इस लक्ष्य को पूर्ण करने एवं उत्तराखंड को विकसित, सक्षम व आदर्श राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार दिन-रात कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल सहित अन्य ऊर्जा निगमों से अपेक्षा की कि वे उपलब्ध संसाधनों का सही प्रयोग कर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए निरंतर अपना योगदान देते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऊर्जा के क्षेत्र में ज्ञान, विज्ञान एवं नवाचार के साथ ग्रीन इनर्जी के क्षेत्र में भी इकोलॉजी तथा इकोनामी का समन्वय बनाकर आगे बढ़ना होगा। हमे राज्य की जीडीपी को दुगना करने की दिशा में कार्य करना है। इस दिशा में प्रधानमंत्री श्री मोदी हमें प्ररेणा देने के साथ कर्तव्य बोध भी कराते है। हमें इस चुनौती का मिलकर सामना करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा में उत्तराखण्ड वेडिंग डेस्टिशन बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री के आदि कैलाश, गूंजी आदि क्षेत्रों के भ्रमण से यहां देश व दुनिया के लोग आने लगे है। मुख्यमंत्री ने सभी से अपेक्षा की कि वे देहरादून शहर की साफ-सफाई एवं सुंदरता के लिए किये गये प्रयासों में सहयोगी बने ताकि साफ सफाई व सुंदरता में देश के प्रमुख शहरों में हमारा शहर शामिल हो।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा निगम की बेहतर कार्यसंस्कृति बनाए रखने तथा निगम के कार्मिकों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 में सराहनीय प्रदर्शन पर विभिन्न विद्युतगृहों एवं परियोजनाओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस कड़ी में आर.एम.यू. के साथ सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह का पुरस्कार खटीमा विद्युत गृह को प्रदान किया गया। इसके साथ ही आर.एम.यू. के बिना सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह का पुरस्कार कुल्हाल विद्युतगृह को तथा द्वितीय पुरस्कार खोदरी विद्युतगृह को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ निर्माणाधीन परियोजनाओं में काली गंगा द्वितीय परियोजना को सर्वश्रेष्ठ निर्माणाधीन परियोजना का पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही इस अवसर पर ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 45वीं ऑल इंडिया पावर बैडमिंटन प्रतियोगिता में रजत पदक विजेता उत्तराखंड पावर स्पोर्ट्स ग्रुप की बैडमिंटन टीम के सदस्यों जी.एस. बुदियाल, गोपाल सिंह, ललित कुमार, आदित्य राठी, रक्षित भंडारी तथा सुमित राणा को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम राधा रतूड़ी ने कहा कि हम पिछले दो वर्षों से प्रदेश को ऊर्जा प्रदेश बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन्वेसमेंट के तहत उद्योगों की स्थापना के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। ऊर्जा इंडस्ट्री में आक्सीजन की भांती होती है। यहां टैरिफ अधिक नही है। उन्होंने ऊर्जा निगमों में इकोलॉजी तथा इकोनामी के समन्वय के साथ 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने पर ध्यान देने को कहा तभी हम उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के मुख्यमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने में सफल होंगे।
अपने संबोधन में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड का गठन उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने तथा राज्य को विद्युत उत्पादन की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने हेतु किया गया था जिसे निगम द्वारा अपने रिकॉर्ड उत्पादनों द्वारा बार-बार साबित भी किया गया है। संदीप सिंघल ने बताया कि निगम की परियोजनाओं द्वारा वर्ष 2022-23 में 5433 मिलियन ऊर्जा का उत्पादन करते हुए 115.64 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया गया। उन्होंने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा लगातार पिछले सात वर्षों से राज्य सरकार को लाभांश प्रदान किया जा रहा है। संदीप सिंघल ने यूजेवीएन लिमिटेड को हनोल त्यूणी जल विद्युत परियोजना एवं लखवाड़ पंप स्टोरेज परियोजना सहित यूजेवीएन लिमिटेड तथा टीएचडीसी के संयुक्त उपक्रम को 489 मेगावाट की तीन जल विद्युत परियोजनाएं तथा 1230 मेगावाट की दो पंप स्टोरेज परियोजनाएं आवंटित करने पर माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद भी दिया।

शहीद स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को शहीद स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय के जैनतंवाला स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने इस दौरान शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर सीएम ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विजय दिवस पर मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। विजय दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध एवं कला प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि सैनिक आश्रितों को भर्ती पूर्व दिये जाने वाले प्रशिक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था के लिए प्रतिदिन दी जाने वाली धनराशि 80 रूपये से बढ़ाकर 225 रूपये प्रति प्रशिक्षणार्थी की जायेगी। राज्य के गढ़वाल और कुमांऊ मण्डल में सैनिक आश्रित युवाओं को सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा 56 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का उत्सव मनाने का दिन है। 1971 का युद्ध अमानवीयता पर मानवता, दुराचार पर सदाचार और अन्याय पर न्याय की जीत का युद्ध था। आज ही के दिन वर्ष 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेके थे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था। यह युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ-साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर भूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। इस युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिक विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित हुए थे। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के अनुरूप देहरादून में पांचवे धाम सैन्य धाम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह धाम उन सभी वीरों को हमारी ओर से एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किये बिना तिरंगे की शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल तेजी से बढ़ा है। आज हमारे सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। आज हमारे सैनिकों का मनोबल इतना ऊंचा है कि वो दुश्मन के घर में घुस कर उस पर कार्रवाई करने में समर्थ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में उनका प्रयास रहता है कि सैन्य परिवारों के लिए विशेष योजनाएं बने, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में भी वृद्धि की है। जिसके तहत परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिक को 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गैलेंट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई। उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं एवं वेटरन की पेंशन प्रतिमाह 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये की है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की प्रतिमाह पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की गई है।

बिल लाओ ईनाम पाओ योजना के अक्टूबर और नवम्बर माह के विजेताओं की घोषणा

विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में वित्त मंत्री डाॅ. प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा 1 सितम्बर 2022 से शुरू की गई “बिल लाओ ईनाम पाओ” योजना के बारहवें और तेहरवें लकी ड्रॉ की घोषणा आनलाईन माध्यम से की गई जिसमें अक्टूबर तथा नवम्बर माह में उपभोक्ताओं द्वारा अपलोड किये गये बिलों को शामिल किया गया।
मंत्री ने कहा कि आज का समारोह ऐसे उपभोक्ताओं में से बारहवें और तेहरवें मासिक लकी ड्रॉ के विजेताओं का चयन किये जाने के लिए आयोजित किया गया है, जिनके द्वारा पंजीकृत व्यापारियों से की गयी खरीद पर प्राप्त बिल को BLIPUK App पर अपलोड किया गया था। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं में “बिल लाओ ईनाम पाओ” योजना के प्रति लोकप्रियता दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि नवम्बर माह में 64828 बिलों को शामिल किया गया जिनका मूल्य 26 करोड़ 50 लाख रूपये है जोकि एक रिकाॅर्ड है। मंत्री ने कहा कि योजना की लोकप्रियता को देखते हुए योजना के अंतर्गत मासिक पुरस्कार दिए जाने की अवधि को दिनांक 30 नवम्बर, 2023 से बढ़ाकर दिनांक 31 मार्च, 2024 तक किया गया है।
मंत्री ने कहा कि ग्राहकों को मासिक पुरस्कार के अंतर्गत 1500 पुरस्कार दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के पश्चात भी प्रत्येक माह 31 मार्च, 2024 तक उपभोक्ताओं के पास बिल अपलोड करने पर मासिक पुरस्कार के रूप में 500 मोबाईल फोन, 500 स्मार्ट वॉच तथा 500 ईयर फोन को जीतने का अवसर होगा। वित्त मंत्री ने लकी ड्रॉ की घोषणा करते हुए जनता से प्रत्येक खरीद पर बिल प्राप्त करने की अपील भी की।
मंत्री ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि “बिल लाओ ईनाम पाओ” योजना के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में यह इस तरह की यह एक मात्र योजना है। उन्होंने कहा कि पूर्णतः पारदर्शी तरीके से लकी ड्रा निकाले जा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने जीएसटी विभाग का भी आभार व्यक्त किया।
लकी ड्रा आयोजन में डॉ0 अहमद इकबाल, आयुक्त राज्य कर सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के रूप में अनिल सिंह, अपर आयुक्त राज्य कर, अमित गुप्ता, अपर आयुक्त राज्य कर, अनुराग मिश्रा, संयुक्त आयुक्त राज्य कर तथा एस0एस0तिरुवा, संयुक्त आयुक्त राज्य कर उपस्थित रहे।

शीत लहर के प्रकोप से बचाव हेतु जारी की गई 1.35 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले मंगलवार को देर सायं देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण के साथ आईएसबीटी के समीप स्थित मलिन बस्ती में रह रहे लोगो का हालचाल जाना तथा वहां की व्यवस्थाओं को परखा तथा लोगों को कंबल आदि वितरित किये। मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी की व्यवस्थाओं का भी़ जायजा लिया तथा वहां भी बेसहारा लोगों को कंबल वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को प्रदेश में बेसहारा एवं बेघर लोगों को सर्दी से बचाव की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। मुख्यमंत्री ने तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर यह व्यवस्था बनाये जाने को भी कहा था। इसके लिए उपजिलाधिकारियों को जिम्मेदारी दिये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को दिये। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस कार्य को मानवता की सेवा के भाव से सुनिश्चित किये जाने को कहा। उन्होंने जन सेवा के इस कार्य में आम जन का भी सहयोग लेने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये थे कि सर्दी के मौसम में विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के साथ बेसहारा लोगो को आवश्यकतानुसार गर्म कंबल व कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थिति में और सुधार किये जाने के साथ ही शहर में जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को 1.35 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। डॉ. सिन्हा द्वारा इस सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश में जिलाधिकारियों से अपेक्षा की है कि राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निःशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने हेतु इस धनराशि का उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निशुल्क कम्बल वितरण, रेनबसेरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने हेतु रू. 15.00 लाख की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुरोध किया गया था।
इसी क्रम में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निःशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में राज्य आपदा मोचन निधि मद के रिस्पॉन्स और रिलीफ मद से रू. 01 करोड़ 35 लाख की धनराशि सभी जिलाधिकारियों को स्वीकृत की गई है। जिसमें जनपद पौड़ी को 15 लाख तथा अन्य जनपदों को 10-10 लाख की धनराशि शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान निराश्रित एवं असहाय/गृहविहीन व्यक्तियों को ठण्ड के प्रकोप से बचाने हेतु निःशुल्क वितरण सार्वजनिक स्थानों जैसे-धर्मशाला, रैनबसेरा, मुसाफिर खाना, पड़ाव, सराय, चौराहा, रेल एवं बस स्टेशनों आदि पर अलाव जलाने की व्यवस्था के सम्बन्ध में भारत सरकार, गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के पूर्व में निर्गत दिशा निर्देशों का भी अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।

शुभिका अर्पित और नवीन कुमार ने किया राज्य का नाम रोशन

उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वारा आज देहरादून के सुभाष रोड़ स्थित होटल पैसेफिक में Regional Level Quiz Competition का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड राज्य सहित कुल 09 राज्यों (हिमाचल प्रदेश, चण्डीगढ, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर एवं उत्तर प्रदेश) के प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतियोगिता में 9 राज्यों के राज्य स्तर की क्विज प्रतियोगिता के प्रथम विजेता टीम, नोडल अध्यापक एवं राज्यों के SACS Official के साथ-साथ नाको, भारत सरकार के प्रतिनिधि नेशनल कन्सल्टेन्ट आई0ई0सी0 एवं मेनस्ट्रीमिंग बेंजामीन फ्रेंकलीन द्वारा प्रतिभाग किया गया। उत्तराखंडी पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों को पहाड़ी टोपी के साथ केदारनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
Regional Level Quiz Competition का शुभारम्भ डॉ0 विनीता शाह, महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया एवं अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट किये गये। कार्यक्रम में डॉ0 आषुतोष स्याना एवं डॉ0 भागीरथी जंगपांगी, निदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड द्वारा विषिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। इसके पष्चात सांस्कृतिक दल हंसा नृत्य एवं नाट्य संस्था द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गयी तथा नन्दा देवी राजजात यात्रा की आकर्षक प्रस्तुति दी गयी। अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति डॉ0 अजय कुमार, द्वारा मुख्य अतिथि तथा राज्यों से उपस्थित प्रतिनीधियों एवं प्रतिभगियों का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि आज इस बात की आवष्यकता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एच0आई0वी0/एड्स के प्रति इतना जागरूक किया जाय कि हम इसे जड़ से खत्म कर सके।
डॉ0 विनीता शाह, महानिदेषक, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति का प्रयास है कि एच0आई0वी0 संक्रमण किसी भी व्यक्ति को न हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवहार में परिवर्तन लाये। संयमित व्यवहार करे एवं भावी पीढ़ी के लिए आदर्ष बने। श्री बेंजामीन फ्रेंकलीन, कन्सल्टेन्ट आई0ई0सी0 एवं मेनस्ट्रीमिंग, नाको भारत सरकार द्वारा रीजनल लेवल क्विज प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दी गयी। तत्पश्चात रीजनल लेवल क्विज प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया। प्रतियोगिता 04 चरणों में प्रारभ की गयी। प्रत्येक चरण एच0आई0वी0/एड्स विषय पर 18 प्रष्न पूछे गये। अपर परियोजना निदेषक, उत्तरखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति डॉ0 अजय कुमार, कर्नल आलोक गुप्ता, एस0एच0ओ0 कैण्ट एवं अन्य अतिथियों द्वारा विजेता टीम को ट्राफी एवं प्रमाण पत्र दिये गये।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान उत्तराखंड की कु0 शुभिका अर्पित, नवीन कुमार, दूसरा स्थान जम्मू कश्मीर की कु0 समाइम प्रभा एवं अभिषेक शर्मा और तीसरा स्थान राजस्थान के कु0 भूमिका कुमारी एवं कु0 श्रेया अग्रवाल ने प्राप्त किया। प्रोत्साहन पुरूस्कार उत्तर प्रदेश के आयुष कुमार भारती एवं मानस निगम द्वारा प्राप्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन योगेम्बर पॉली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ0 नरेश चौधरी, महेन्द्र कुमार, उप निदेशक, वित्त, अनिल सती, संयुक्त निदेशक, आई0ई0सी0 सहित यूसैक्स के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना, भूतपूर्व सैनिकों, एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होने कहा कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर भारतीय सशस्त्र सेनाओं के साहस, समर्पण और बलिदान को याद करने का ऐतिहासिक दिन है। इस दिन भारतीय सैनिकों के साहस व बहादुरी के सामने नतमस्तक होकर पाकिस्तानी सेना के हजारों सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते है जिस पर हमें गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते हैं। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने सैनिकों की वीरता पर नाज है और पूरा देश उनकी बहादुरी को नमन करता है।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रामनिवास बाग जयपुर, राजस्थान में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुये। मुख्यमंत्री ने भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान सर्वांगीण विकास के पथ पर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान का नया नेतृत्व राजस्थान को डबल इंजन की तेज गति से सर्वांगीण विकास के नये आयाम स्थापित करने में भी सफल होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. प्रेम चंद बैरवा एवं दिया कुमारी को भी राजस्थान के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिला रही विकसित भारत संकल्प यात्रा

खैरीखुर्द व खदरी में विकसित भारत संकल्प यात्रा को क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों को मंत्री डॉ अग्रवाल ने सम्मानित भी किया। साथ ही कृषि विभाग की ओर से ड्रोन के माध्यम से खेतों में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव का मंत्री डॉ अग्रवाल ने निरीक्षण भी किया।
बुधवार को यात्रा का शुभारंभ करते हुए डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर झारखंड से विकसित भारत संकला यात्रा का शुभारंभ किया था। बताया कि सरकार की प्रमुख योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने व उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस यात्रा के माध्यम से पहले जनजातीय व प्रचित समुदायों और उसके बाद प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं की संतृप्ति का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प यात्रा का उद्देश्य सर्वप्रथम उन वचित लोगों के लिए है जो किसी योजना का लाभ लेने से वंचित रहे हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा लोगों के पास जाने, जागरूकता पैदा करने और स्वच्छ सुविधाओं, आवश्यक वित्तीय सेवाओ, बिजली कनेक्शन, एलपीजी सिलेंडर तक पहुँच, गरीबों के लिए आवास, खाद्य सुरक्षा, उचित पोषण, विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ पेयजल जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने पर केंद्रित है। बताया कि इस यात्रा में जनसाधारण को लाभ पहुंचाने वाली शहरी क्षेत्र के लिए कुल 17 योजनाओं के संबंध में प्रचार प्रसार किया जायेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 22 विभागों के माध्यम से संचालित की जाने वाली लाभार्थी परख योजनाओं की जानकारी जनसाधारण को दी जाएगी।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह योजना पात्र व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे और इससे वह लाभान्वित हो। कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अमृत काल में जिन चार स्तभो-नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और मध्यम वर्ग का जिक्र किया गया, वह विकसित भारत, विश्व गुरु भारत और आत्मनिर्भर भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष भाजपा रविन्द्र राणा, जिला उपाध्यक्ष मनोज ध्यानी, कार्यक्रम संयोजक गंभीर सिंह राणा, सह संयोजक प्रदीप धस्माना, प्रधान विजयराम पेटवाल, रोहित नेगी, चंद्रमोहन पोखरियाल, रीना रांगड़, राजवीर रावत सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं, खदरी में जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, मनोज ध्यानी, प्रधान संगीता थपलियाल, मण्डल अध्यक्ष दिनेश पयाल, शांति प्रसाद थपलियाल, कमला नेगी, सोनी रावत, पवन पांडेय, विजय प्रकाश रतूड़ी, जीत राम, मीना कुकरेती आदि सेकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

पूर्व मंत्री गांववासी का भावपूर्ण स्मरण

श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति द्वारा यात्रा बस अड्डा स्थित होटल दिग्विजय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी को पुष्पांजलि अर्पित करते उनके आदर्शों तथा समाज मे उनके द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्याे को याद किया गया।
उत्तराखंड की देव संस्कृति के लिए सदैव भीष्म संकल्पबद्ध रहे बाबा गांववासी को राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षिक, व पत्रकारिता जगत के लोगों ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अत्यंत सरल व आत्मीयतापूर्ण स्वभाव के धनी, संत स्वरुप, देवभूमि की संस्कृति के साथ-साथ धार्मिक तथा आध्यात्मिक परंपरा के महान् संवाहक, विद्वत्श्रेष्ठ, जगद्जननी जगदम्बिका के परमोपासक, राष्ट्रवादी भावना से ओत-प्रोत, सद्गुरुदेव, पर्यावरणविद गांववासी के परलोक गमन से जहां देवभूमि के देवास्तिक जनों को अपूर्णीय क्षति पहुंची है, वहीं उत्तराखण्ड के लिए बहुत ही बड़ी क्षति है।
गांववासी द्वारा तीर्थाटन के क्षेत्र में किये गये महत्वपूर्ण कार्यों में श्रीकृष्ण नागराजा देवरा यात्रा, वरुणावत यात्रा, देवताल यात्रा तथा देवडोलियों की यात्रा का संचालन करते हुये कुंभ के पावन पर्व पर आये निशान व देव डोलियों में आये हुए सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों व विग्रहों का देव-मिलन करवाने के साथ-साथ हरिद्वार गंगा स्नान का ऐतिहासिक कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न करवाया है।
इस अवसर पर वित्तमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बंशीधर पोखरियाल, डॉ. धीरेन्द्र रांगड़, द्वारिका प्रसाद भट्ट, भगवान सिंह रांगड़, द्वारिका बिष्ट, गजेन्द्र सिंह कंडियाल, उषा रावत, रमेश पैन्यूली, संजय शास्त्री, भगवती प्रसाद रतूड़ी, मदन शर्मा, धनसिंह रांगड़, मुकुंद कृष्ण दास, भोपाल सिंह चौधरी, विजयपाल रांगड़, महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य, सुशीला सेमवाल, महिपाल बिष्ट, उषा भंडारी, सुरेन्द्र कैंतुरा, माधवानंद रतूड़ी, भुवन चंद पंत, संपूर्णानंद पैन्यूली, शांति स्वरूप महर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरेंद्र रांगड़ द्वारा किया गया।