आज 73 नए मरीज, अब तक 58 मरीज ठीक, 317 पाॅजीटिव हुए केस

राज्य में आज कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले आए हैं। 32 मामले सबसे ज्यादा नैनीताल जिले में मिले हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 317 पहुंच गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आज प्रदेश में 943 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। जबकि 1120 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 58 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन तीनों की ही मौत का कारण कोरोना नहीं है। अन्य कारणों से मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, आज आए मामलों में अल्मोड़ा में 5, चमोली में 8, चंपावत में 1, देहरादून में 11, नैनीताल में 32, पौड़ी में एक, टिहरी में तीन , बागेश्वर में दो और ऊधमिसंह नगर में 9 मामले सामने आए हैं। वहीं, एक मामला निजी लैब में पॉजिटिव पाया गया है। लगातार दूसरे दिन नैनीताल में 117 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
अब तक देहरादून में 75, हरिद्वार में 14, उत्तरकाशी में 10, अल्मोड़ा में 12, चंपावत में 8, टिहरी में 9, बागेश्वर में 8, पौड़ी में 7, रुद्रप्रयाग में 3, पिथौरागढ़ में 2, चमोली में 9, नैनीताल में 117, ऊधमिसंह नगर में 43 संक्रमण के मामले सामने आ चुके है। कोरोना संक्रमण के मामले में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को संक्रमण में बने नए रिकॉर्ड से नैनीताल जनपद प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में आने से सोमवार को कई जिलों की ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी बदल सकती है।
शुक्रवार तक देहरादून संक्रमित मामलों के आधार पर सबसे आगे था, लेकिन शनिवार को नैनीताल जिले में एक दिन में 57 कोरोना संक्रमित मिलने से देहरादून पीछे छूट गया है। वहीं, आज 32 मामले आए हैं।  नैनीताल में कुल संक्रमितों की संख्या 117 पहुंच गई है, जबकि देहरादून में यह संख्या 71  पर पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रदेश के सात जिले हरिद्वार, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ व चमोली ग्रीन जोन में है। जबकि देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और उत्तरकाशी जिला ऑरेंज जोन में है। प्रदेश का कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है।
कोरोना संक्रमण की दर, डबलिंग रेट, प्रति लाख सैंपल जांच, सर्विलांस के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन तय किया जाएगा। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि सोमवार को जोन को लेकर जिलों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र की ओर से तय मानकों के आधार पर जिलों के जोन तय किए जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19  संबंधी कार्यों, आवश्यकता और तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक 2 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत की वजह कोविड नहीं था, वह दूसरी बीमारियों से मरे।
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी के साथ श्रीनगर मेडिकल पहुंचे। यहां उन्होंने सभागार में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की बैठक ली। बैठक की शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम  रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से  कोविड -19 से बचाव और  कोविड जांच की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि कोविड जांच लैब में 3 मई से अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के 670 नमूनों की जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 सिर्फ बीमारी ही नहीं है। बल्कि इस महामारी का असर धीरे-धीरे समाज में आएगा। इसलिए सभी को हर तरह से तैयार रहना होगा। आज से 5 दिन पहले कम कोरोना पॉजिटिव के चलते उत्तराखंड अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में था। लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व राजस्थान आदि प्रदेशों से प्रवासी आने से चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए  हमारी टीम और  हमारी रणनीति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की बाहर से आने वाले लोगों का मानकों के अनुसार परीक्षण हो। सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। जो कोरोना पॉजिटिव नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।

ग्रीन टैक्स लगाकर आय बढ़ायेगा देहरादून नगर निगम

देहरादून नगर निगम क्षेत्र में प्रवेश करने पर अब प्रवेश शुल्क देना होगा। मनाली जैसे शहरों की तर्ज पर देहरादून नगर निगम ने शहर में प्रवेश करने पर बाहरी वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी की है। महापौर सुनील उनियाल गामा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। टैक्स कितना होगा, कौन से वाहन इसके दायरे में आएंगे और किन्हें छूट रहेगी, इसका प्रारूप तैयार कर शासन को भेजने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।
महापौर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि देहरादून में पंजीकृत वाहनों को छूट रहेगी। कोरोना संक्रमण के चलते ठप पड़े कार्यो को शुरू करने और नगर निगम को फिर से पटरी पर लाने के लिए कसरत शुरू हो गई है। इसी के मद्देनजर गुरुवार को महापौर ने निगम कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। निगम की कार्यकारिणी के जनवरी में चुने जाने के बाद यह पहली बैठक रही। निगम के सभा हॉल में हुई बैठक में शारीरिक दूरी के साथ महापौर और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई।
इसमें मुख्य एजेंडा निगम की आय बढ़ाने का रहा। इस दौरान महापौर ने प्रस्ताव रखा कि मनाली व कुछ अन्य शहरों में बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूला जाता है। मसूरी में भी ऐसी व्यवस्था है। ऐसे में देहरादून में भी ये टैक्स लगाया जाना चाहिए। इसे पार्षदों की ओर से हरी झंडी दे दी गई। महापौर गामा ने बताया कि निगम अधिकारी इस बारे में प्रारूप तैयार करेंगे और शासन से मंजूरी के बाद नगर निगम क्षेत्र में सभी सीमाओं पर टोल-बैरियर लगाकर टैक्स की वसूली की जाएगी। वहीं, बैठक में तय हुआ कि नए ग्रामीण वार्डों में सफाई की व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए एक जून से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ऐसे 29 ग्रामीण वार्ड हैं, जहां मौजूदा समय में महज पांच-आठ सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में शहर की तर्ज पर बस स्टैंड भी बनाए जाएंगे।

देहरादून की निरंजनपुर मंडी बंद, कोरोना संक्रमित मरीज की हुई थी पुष्टि

राज्य में आज सात और कोरोना से संक्रमित मरीज मिले हैं। जिसमें देहरादून जनपद में तीन और ऊधमसिंह नगर जनपद के जसपुर में दो व हरिद्वार जनपद में दो और संक्रमित मरीज शामिल हैं। प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा डेढ़ सौ के पार हो गया है। प्रदेश में कुल संक्रमित मरीज 153 हो गए हैं।
कल प्रदेश में 16 नए संक्रमित मरीज और बुधवार देर रात देहरादून और टिहरी में चार संक्रमित मरीज मिले थे। अकेले देहरादून जनपद में आंकड़ा 54 पहुंच गया है। जबकि राज्य में 56 मरीज सही हो चुके हैं। आज कोरोना संक्रमित मिलने पर प्रशासन ने देहरादून की गुरु रोड को सील कर दिया है। यहां अग्रिम आदेश तक लोग पूरी तरह से कॉलोनी के अंदर ही रहेंगे। इस दौरान क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस इलाके में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रशासन कराएगा। परिवार का एक सदस्य खरीदारी के लिए बाहर निकल सकता है। मोबाइल वैन के जरिए दूध की सप्लाई की जाएगी। नगर निगम को क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर कोई इमरजेंसी है तो कॉलोनी के लोग पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, कल कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद देहरादून की निरंजनपुर मंडी बंद कर दी गई है। पूरी मंडी को सैनिटाइज करने की प्रक्रिया चल रही है। सभी दुकानों और गोदामों को सैनिटाइज किया जा रहा है।
गुरुवार को मंडी में एक व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। मंडी अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार तक के लिए मंडी को बंद किया जा रहा है। पहले पीड़ित की दुकान के दोनों तरफ की पांच-पांच दुकानों को बंद किया गया। इसके अलावा अन्य सभी दुकानों को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। इस दौरान बाजार में फल सब्जियों की कमी न हो, इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी अब मंगलवार से ही खुलेगी।

आयुष रक्षा किट के लिए 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और आयुष मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने सचिवालय में आयुष रक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष रक्षा किट के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रथम चरण में आयुष रक्षा किट का वितरण सचिवालय, राजभवन, विधानसभा के अतिरिक्त आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के माध्यम से राज्य के ऑरेंज जोन के जनपदों में सभी कोविड वाॅरियर्स, हाई रिस्क व्यक्तियों सहित जन सामान्य में किया जाएगा। इस आयुष किट का निर्माण ऋषिकुल फार्मेसी, हरिद्वार द्वारा किया जा रहा है, जिस हेतु राज्य सरकार द्वारा ऋषिकुल फार्मेसी को 5 लाख किट के निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। प्रत्येक किट में एक व्यक्ति के लिए 15 दिनों के लिए गिलोय, वासा, त्रिकूट, तुलसी व मुलेठी से निर्मित आयुष रक्षा क्वाथ, संशमनी वटी व अश्वगंधा वटी रखी गई है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव अमित नेगी, अपर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा आनंद स्वरूप, स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आयुर्वेद) डॉ वाईएस रावत, ऋषिकुल फार्मेसी अधीक्षक देवेंद्र सेमवाल, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी देहरादून सुरेश प्रसाद बडोनी, वरिष्ठ चिकित्सक जेएन नौटियाल आदि उपस्थित थे।

ग्रामीण क्षेत्रों 15वें राज्य वित्त आयोग से अधिक हिस्सेदारी देने का निर्णय

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कई प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इसकी जानकारी शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दी।

कोविड-19 से सम्बन्धित बाॅर्डर पर काॅरन्टीन किए जाने सम्बन्धी मा0 उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में होने वाले व्यवस्थागत, संस्थागत समस्या की जानकारी न्यायालय को दी जाएगी।
15वें राज्य वित्त आयोग के अनुदान धनराशि का निकायों में वितरण दरों में परिवर्तन किया गया है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में 35ः30ः35 को बदल कर क्रमशः 75ः10ः15 किया जाएगा। कुल 852 करोड़ रूपए की धनराशि में से 575 करोड़ रूपए पंचायती राज एवं 278 करोड़ शहरी निकाय को दिया जाएगा।
उत्तराखण्ड जोत चकबन्दी नियमावली 2020 को मंजूरी दी गयी। इसके अन्तर्गत नाम, परिभाषा, नोटिस भेजना, अधिसूचना जारी करना, इत्यादि को स्पष्ट किया गया है।
पेयजल संस्थान के प्रबन्ध निदेशक पद की चयन प्रक्रिया में वार्षिक प्रविष्टि के लिए समय सीमा 8 वर्ष की जगह 5 वर्ष की गयी।
मदिरा दुकानों के बन्द रहने की अवधि में फुटकर अनुज्ञापी के पिछले वित्त वर्ष मार्च माह में 10 दिन के नुकसान 34 करोड़ एवं 1 अप्रैल से 3 मई के बीच 195 करोड़ रूपए का भार सरकार वहन करेगा।
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना लागू की गयी। इसके अन्तर्गत केन्द्र सरकार के बीच फण्ड के गैप की भरपाई राज्य सरकार करेगी। बीज क्रय हेतु अन्य निगमों के अतिरिक्त कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, टिहरी भरसार विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर के लिए अनुमति दी गयी।
राज्य वन्यजीव अवैध शिकार अपराध रोकथाम के लिए 14 पदों का सृजन किया गया। यह पद विभागीय पद होगा।
स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के लिए बिना अवकाश 5 वर्ष की अनुपस्थिति पर सेवा समाप्त की जाएगी।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में लोक सेवा आयोग के माध्यम से सूचना अधिकारी के पद पर हिन्दी विषय की अनिवार्यता समाप्त की गयी।
सार्वजनिक वाहन व्यवसायियों के परमिट नवीनीकरण की फीस के छूट के अन्तर्गत 14 करोड़ 23 लाख की भरपाइ्र सरकार द्वारा की जाएगी। एवं रोड टैक्स में 3 माह की छूट के पश्चात 63 करोड़ 28 लाख रूपए की भरपाई राज्य सरकार करेगी।
सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा अभियान के एकीकरण के बाद समग्र शिक्षा अभियान चलेगा। जहां पहले कुल 2677 पद थे। अब पदों की संख्या 1959 हो जाएगी।
पर्यटन विभाग के अन्तर्गत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा को संरक्षण देने के लिए पानी पर लिए जाने वाले बिल जल मूल्य कर वृद्धि को 15 प्रतिशत को 9 प्रतिशत लिया जाएगा। इससे 1 करोड़ 87 लाख का व्यय भार राज्य सरकार पर होगा।
श्रम सुधार के अन्तर्गत उद्योगों द्वारा श्रमिकों को दिया जाने वाला मार्च माह का बोनस जो नवम्बर 2020 में देना था, अब इसे 31 मार्च 2021 तक दिया जा सकता है। जो उद्योग फायदे में होंगे उन्हें 8.33 प्रतिशत बोनस देना होगा। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के लिए कैबिनेट मंत्री हरक सिंह एवं मदन कौशिक की समिति बनायी गयी।
पर्यटन औद्योगिक ईकाइयों में कार्यरत् आॅटो रिक्शा चालक इत्यादि को एकमुश्त एक हजार रूपए खाते में दी जाएगी। इससे 25 करोड़ का अधिभार राज्य सरकार पर पड़ेगा।
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, दीनदयाल होम-स्टे योजना में अपै्रल से जून तक ऋण ब्याज पर छूट दी गयी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति की अवधि को एक वर्ष का विस्तार दिया गया जिस पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
आबकारी होटल, रेस्टोरेंट बार शुल्क में 3 माह की छूट दी गयी।
नवीनीकरण, पंजीकरण शुल्क में 1 वर्ष की छूट दी गयी।

200 ट्रेनें 1 जून से भरेंगी रफ्तार, कराएं बुकिंग, जानिए कैसे

सरकार 1 जून से 200 नॉन एसी ट्रेनें चलाने जा रही है। इनकी बुकिंग 21 मई को सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगी। ये ट्रेनें 1 मई से चल रहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और 12 मई से चल रही स्पेशल एसी ट्रेनों से अलग हैं। इनमें बुकिंग और यात्रा को लेकर रेलवे ने नई गाइडलाइन जारी की है। रेलवे ने कहा है कि ये ट्रेनें मजदूरों के घर पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों से अलग होंगी और इनमें बुकिंग ऑनलाइन ही करवाई जा सकेगी।

ध्यान रखने की बात जो आपके काम आएगी…
इन ट्रेनों में एक भी अनरिजर्व्ड कोच नहीं होगी।
जनरल बोगी में भी सभी यात्रियों को सीट उपलब्ध कराई जाएगी और उनसे टू एस क्लास का किराया लिया जाएगा।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप से ई-टिकट ही बुक किये जा सकेंगे। किसी भी रेलवे स्टेशन पर काउंटर टिकट नहीं बेचा जाएगा।
जिस डेट पर यात्रा करना चाहते हैं उससे अधिकतम 30 दिन पहले ही टिकट बुक कर सकते हैं।
टिकटों में दिव्यांगजनों और मरीजों को छूट दी जाएगी, इसके लिए कुछ कैटेगिरीज तय हैं।
तय सीमा तक आरएसी और वेट लिस्ट टिकटें भी बुक होंगी, लेकिन वेट लिस्ट वाले यात्रियों को स्टेशन में एंट्री नहीं मिलेगी।
इन ट्रेनों के लिए तत्काल या प्रिमियम तत्काल बुकिंग की सुविधा नहीं दी जाएगी।
यात्रियों को ट्रेन के तय समय से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा।
जिन यात्रियों के पास कंफर्म्ड टिकट होगी, केवल उन्हें रेलवे स्टेशनों में घुसने दिया जाएगा।
बोर्डिंग से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी, केवल उन्हें ही स्टेशन के अंदर जाने दिया जाएगा जिनमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं हैं।
यात्रा के दौरान सभी यात्रियों के लिए मास्क और फेस कवर अनिवार्य होगा।
ट्रेन में ब्लैंकेट, पर्दे और चादरें उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।
यात्रा पूरी होने के बाद यात्रियों को उस राज्य के हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
टिकट कैंसिलेशन के सामान्य नियम लागू रहेंगे।
स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी यात्री में बुखार, जुकाम या खांसी जैसे लक्षण मिलते हैं तो उसे यात्रा करने नहीं दिया जाएगा। इस स्थिति में उसकी टिकट कैंसिल करके रीफंड दिया जाएगा। इस स्थिति में उसके साथ यात्रा कर रहे लोग अगर यात्रा करना न चाहें, तो उनकी टिकट का भी पूरा रीफंड मिलेगा।
ट्रेनों में केटरिंग सुविधा नहीं होगी. कुछ ट्रेनों में पीने का पानी और खाने का सामान पेमेंट बेसिस पर दिया जाएगा।
इस बात पर जोर दिया जाएगा कि यात्री घर से अपना खाना लेकर आएं।
स्टेशन प्लेटफॉर्म्स पर लगने वाली दुकानें खुली रहेंगी। फूड प्लाजा में खाना पैक करके खरीदने की सुविधा होगी। वहां बैठकर खाने की मनाही रहेगी।

आईएएस अधिकारियों के तबादले, पावरफुल हुए हल्के

मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद बड़े पैमाने पर शासन ने तबादले किये है। कई जिलों के जिला अधिकारियों को भी बदला गया है। कुल 16 आईएएस और 5 पीसीएस अधिकारियों के के तबादले किये गए हैं।

आईएएस अरविंद सिंह ह्यांकी को कुमायूं आयुक्त बनाया गया।
आईएएस दीपेंद्र चैधरी को कमिश्नर परिवहन।
आईएएस मंगेश घिल्डियाल को जिलाधिकारी टिहरी बनाया गया।
आईएएस वंदना को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग का चार्ज।
आर मीनाक्षी सुंदरम से विद्यालयी शिक्षा विभाग का सचिव पद ले लिया गया है।
आर के सुधांशु को पीडब्ल्यूडी दिया गया है।
हरबंस सिंह चुग को वन एवं पर्यावरण विभाग का सचिव बनाया गया है।
नितेश झा को सचिव स्वास्थ्य से हटाकर सिंचाई और लघु सिंचाई तथा पेयजल विभाग के सचिव बनाया गया है।
साथ ही कुछ आईएएस अधिकारियों के दायित्व में फेरबदल भी किया गया है किसी के पर भी काटे गये और किसी का कद बढ़ाया भी गया है।

ज्ञात हो कि उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल में ओमप्रकाश और नितेश झा से बड़े विभाग हटा लिये गये है। माना जा रहा है कि कुछ अधिकारियों पर लगातार आरोप लग रहे थे, मुख्यमंत्री एक्शन को इसी नजर से देखा जा रहा है। उत्तराखंड में हुए अमन मणि त्रिपाठी कांड में पास जारी करने का आदेश देने वाले मुख्यमंत्री के खासमखास अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से पीडब्लूडी विभाग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी हटा दी गई है।
वहीं स्वास्थ्य सचिव नितेश झा को भी विभाग से हटा दिया गया है। उनकी जगह अमित नेगी को नया स्वास्थ्य सचिव बनाया गया है।

5 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किये गये हैं-
अरविन्द पाण्डे को रुद्रप्रयाग से देहरादून का एडीएम प्रशासन व रामजी शरण को रुद्रप्रयाग भेजा गया है। झरना कमठान को एनएचएम का एडीशनल मिशन डायरेक्टर बनाया गया है। जबकि अभिषेक त्रिपाठी और प्रदीप सिंह रावत के भी कुछ विभाग घटाये बढ़ाये गये हैं।

प्रवासियों में संक्रमण मिलने की प्रक्रिया हुई तेज, 146 हुए पाॅजीटिव केस

आज प्रदेशभर में 16 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए है। जिसके बाद अब राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 हो गई है। वहीं इनमें से 54 मरीज ठीक हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि आज 16 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन उत्तरकाशी, दो हरिद्वार, एक अल्मोड़ा, चार बागेश्वर, दो ऊधमिसंहनगर, तीन नैनीताल और एक देहरादून में सामने आया है।

बाजार बंद, सैनिटाइज कराया
जाखणीधार ब्लॉक के ढुंग में एक युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने से पूरे ढुंगमंदार क्षेत्र में दहशत फैल गई है। कस्बे के बाजार बंद हो गए। प्रशासन ने पूरे गांव को सैनिटाइज कराया है।
ढुंगमंदार पट्टी में अभी तक बाहरी राज्यों से करीब चार सौ प्रवासी पहुंचे हैं। इनमें से कई रेड जोन से आए हैं। ग्राम पंचायतों ने उन्हें गांव में क्वारंटीन किया हुआ है। मुंबई से आए युवक के कोरोना पॉजिटिव आने से लोग डरे हुए हैं। बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे प्रशासन की टीम ने युवक को गांव से जिला मुख्यालय में बनाए गए कोविड-19 के केयर सेंटर में भर्ती करा दिया है।

पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश…
आज पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी पुलिस कप्तानों, सेनानायकों और परिक्षेत्र प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फेंसिंग कर कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों और लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा की। डीजी अपराध अशोक कुमार ने निर्देश दिए कि लॉकडाउन चार के नियमों और निर्देशों का अनुपालन्र विनम्रता और दृढ़ता के साथ कराना है। होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्वारंटीन उल्लंघन के संबंध में डायल 112 की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा डायल 112 से प्राप्त घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों को किसी तरह की छूट ना दी जाए। पुलिसकर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षित करने और संक्रमण से बचाव हेतु उन्हें डबल प्रोटेक्शन दिया जाए। डीजी ने कोरोना ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मी तथा उल्लेखनीय कार्य करने वाले जनता के एक व्यक्ति को कोरोना वॉरियर्स के रूप में प्रतिदिन सम्मानित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, ऑड-ईवन की व्यवस्था हुई समाप्त

प्रदेश सरकार ने आठ शहरों में निजी वाहनों के संचालन के लिए बनाई ऑड-ईवन (सम-विषम) की व्यवस्था को आज समाप्त कर दिया है। बतातें चले कि व्यावहारिक दिक्कतों के कारण व्यवस्था शुरू होने से पहले ही सरकार को अपना फैसला पलटना पड़ा। नई व्यवस्था के तहत अब पहले की तरह सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक वाहनों की आवाजाही हो सकती है।
केंद्र सरकार की लॉकडाउन चार को लेकर जारी गाइडलाइन पर राज्य सरकार ने प्रदेश के आठ निगम क्षेत्र जिनमें देहरादून, ऋषिकेश, रुद्रपुर, काशीपुर, हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की और हल्द्वानी शामिल थे, में निजी वाहनों की आवाजाही ऑड-ईवन नंबर प्लेट के आधार पर करने का निर्णय लिया था।
सरकार ने यह निर्णय इन शहरों में वाहनों की भीड़ कम करने के सोशल डिस्टेंसिंग को कड़ाई से लागू करने के लिए किया था। हालांकि माल वाहक वाहनों, आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों एवं अन्य राज्यों से अनुमति प्राप्त अधिकृत वाहनों पर यह नियम लागू नहीं किया था।
निजी चैपहिया वाहनों में चालक के अतिरिक्त तीन अन्य व्यक्तियों के बैठने की अनुमति थी। सूत्रों के अनुसार अधिकांश जिलों से व्यवस्था बनाने में आ रही दिक्कतों को लेकर शासन को अवगत करवाया गया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका त्वरित संज्ञान लेकर अब वाहनों के लिए लागू की गई ऑड-ईवन की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। शासन की ओर से बताया गया कि इस व्यवस्था से लोगों को हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

डीएम ने ऋषिकेश सहित अन्य कन्टेंमेंट जोन को प्रतिबंध से किया बाहर

जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में शेष 4 कन्टेमेंट जोन में 2 से 3 चरण का एक्टिव सर्विलांस का कार्य पूर्ण हो चुका है। 14 दिन के एक्टिव सर्विलांस कार्य के दौरान उक्त क्षेत्रों में अन्य कोई कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति चिन्हित न होने के फलस्वरूप स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त क्षेत्रों को कन्टेंमेंट जोन से मुक्त करने हेतु की गयी। संस्तुति के फलस्वरूप नगर निगम देहरादून क्षेत्रान्तर्गत कन्टेंमेंट जोन चमन विहार, लेन नम्बर 11 तथा नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत कन्टेंमेंट जोन बीस बीघा कालोनी गली न0 3, शिवा एन्कलेव वार्ड नम्बर 24 एवं आवास विकास वार्ड नम्बर 25 को कन्टेंमेंट जोन से मुक्त घोषित कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि हमारे द्वारा लगातार जनता को अकारण हो रही परेशानी व कोविड 19 को दृष्टिगत रखते हुये प्रतिबन्धित की तिथि बीत जाने के बाद भी जिले के कन्टेनमेंट जोन क्षेत्र को मुक्त न किये जाने को लेकर समाचार प्रकाशित कर डीएम का ध्यान आकर्षित किया था, जिस पर आज इन जोन में चल रहे प्रतिबन्धों को हटाकर मुक्त कर दिया गया।