ई गवर्नेंस पुरस्कार की धनराशि पुलवामा शहीद जवानों को दी

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री जितेंद्र सिंह ने उन्हें नई दिल्ली में प्रदान किया।
सम्मान समारोह में भारत सरकार के मंत्री जितेंद्र सिंह ने एमडीडीए के उपाध्यक्ष डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव को ई गवर्नेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को नेशनल अवॉर्ड फॉर ई गवर्नेंस प्रदान किया। आपको बता दें कि भारत सरकार के कार्य मंत्रणा मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित यह पुरस्कार अखिल भारतीय स्तर पर राज्य के विभागों को प्रदान किया जाता है। केंद्रीय सचिव की अध्यक्षता में 10 सदस्य चयन समिति द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आमंत्रित आवेदनों में से प्रथम पुरस्कार के लिए एमडीडीए का चयन किया गया।

आपको बता दें कि डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव की छवि एक ईमानदार आईएएस और युवा अधिकारी के रूप में जानी जाती है। उत्तराखंड में एमडीडीए के उपाध्यक्ष से पहले उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। प्रशासनिक एवं राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि डॉ श्रीवास्तव एक ईमानदार अधिकारी हैं, जिन्हें आम जनता के द्वारा भी काफी सराहना मिली है। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि इस पुरस्कार के फलस्वरूप उन्हें ₹100000 की धनराशि इनाम में मिली है।उन्होंने बताया कि पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को यह धनराशि देने का निर्णय लिया है। भारतीय स्तर पर मिलने वाला यह सर्वोच्च पुरस्कार उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है, लेकिन एक आईएएस अधिकारी के द्वारा इतनी बड़ी धनराशि इनाम स्वरूप मिलने पर शहीद परिवारों को दान देने का निर्णय लेकर डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कई बड़े अधिकारियों और राजनीतिक दलों को आईना दिखाने का कार्य किया है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने किया 300 बेड के अस्पताल का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को हर्रावाला, देहरादून में 300 बेड के चिकित्सालय का शिलान्यास किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य, पर्यटन, सिंचाई व एमडीडीए की विभिन्न विकास योजनाओं के लगभग 540 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास किया गया। हर्रावाला में बनने वाले जच्चा-बच्चा अस्पताल का नाम ‘‘शंकुतलाराणी सरदारीलाल ओबेराॅय अस्पताल’’ रखा जायेगा। इस अस्पताल के लिये राकेश ओबेराॅय ने 15 बीघा जमीन दान में दी है।
हर्रावाला में बनने वाले यह जच्चा बच्चा व कैंसर अस्पताल 164 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 287 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास किया गया। 5 करोड़ 9 लाख रूपये की लागत के 33 सड़क निर्माण कार्यों, राजपुर पार्क सौन्दर्यीकरण के लिए 7 करोड़, जार्ज एवरेस्ट हेरिटेज पार्क के विकास की योजना हेतु 23 करोड़ रूपये, धौलास आवासीय परियोजना़ व सिंचाई से सम्बन्धित शिलान्यास के विभिन्न कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।

अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना
प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग के माध्यम से 2221 नियुक्तियां
पिछले 22 माह में उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा 36 भर्ती परीक्षाएं कराई गई, जिसमें 2221 नई नियुक्तियां की गई। 2014 से मार्च 2017 तक सिर्फ 06 परीक्षाएं कराई गई जिसमें 819 नई नियुक्तियां हुई। सरकारी सेवाओं में नियुक्तियों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा रहा है।
देहरादून को 60 प्रतिशत ग्रेविटी वाटर उपलब्ध कराने का लक्ष्य
देहरादून को 60 प्रतिशत ग्रेविटी का पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सृदृढ़ व्यवस्था की जा रही ही। सौंग बांध परियोजना का जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा। इस बांध को 350 दिन में बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बजट का प्रावधान किया जा चुका है। इस बांध के निर्माण से प्रतिवर्ष 92 करोड़ रूपये की बिजली बचत होगी। सूर्यधार पेयजल योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना से 43 गांवों को ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा तथा बिजली की भी बचत होगी।
सीपैट
सीपैट आने वाले समय में रोजगार का प्रमुख जरिया बनेगा। इसमें 85 प्रतिशत प्रदेश के युवाओं को दाखिला दिया जायेगा। इस कोर्स में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ाई जायेंगी।
विधि विश्वविद्यालय का जल्द शिलान्यास किया जायेगा
रानीपोखरी में 2 मार्च 2019 को विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जायेगा। इस विश्वविद्यालय को एयरपोर्ट के निकट बनाया जा रहा है। इससे जहां छात्रों को विधि की अच्छी शिक्षा मिलेगी वहीं प्रदेश की आर्थिकी में भी सुधार होगा। यह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय होगा। एयरपोर्ट के निकट इस यूनिवर्सिटी के होने से बाहर से आने वाले विधि विशेषज्ञों को भी सुविधा होगी।

शौर्य स्थल
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।
साइंस सिटी
उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग
पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए ग्रोथ सेंटर विकसित किये जा रहे हैं। इस बार के बजट में 48 ग्रोथ सेंटर के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग बनाया गया है। पलायन आयेग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने प्रदेश के प्रत्येक गांवों का अध्ययन किया। उन्होंने पलायन होने के विभिन्न कारणों का अध्ययन किया। पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गणेश जोशी, श्री खजान दास आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में 9 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का डिजिटल शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर से किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 11 किसानों को किसान सम्मान निधि की सहायता राशि व 3 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिये। प्रधानमंत्री के हाथों किसान सम्मान निधि की पहली किश्त लेने वालों में उत्तराखण्ड के कृषक जसपाल सिंह भी शामिल हैं। पहली किश्त के रूप में देशभर के 1 करोड़ एक लाख से अधिक किसानों के खातों में डिजिटल पेंमेंट किया गया उसमें उत्तराखण्ड के डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खातों में पहली किश्त के दो-दो हजार रूपय डाले जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के राज्य स्तरीय शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसान सम्मान निधि की पहली किश्त के रूप में आज प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में प्रधानमंत्री का यह एक और सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमान्त किसानों को कृषि से सम्बन्धित विभिन्न कार्यों के लिए प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किये जायेंगे। यह पूर्णतः केन्द्र पोषित योजना है। इस निधि से किसानों को एक स्थाई व्यवस्था मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम किसान निधि के तहत उत्तराखण्ड में कुल 9 लाख 73 हजार 147 किसानों का पंजीकरण हुआ है, जिसमें से 4 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं। इस माह के अन्त तक सभी लाभार्थियों के नाम अपलोड कर लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री जल्द ही अगली योजना का शुभारम्भ करने वाले हैं। श्रमिकों के आकस्मिक मृत्यु पर उनके आश्रितों को 6 लाख रूपये मुआवजा राशि देने का निर्णय केन्द्र सरकार ने लिया है साथ ही असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत 3 हजार रूपये पंेशन देने की शुरूआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में प्रदेश के लघु व सीमान्त कृषकों को मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख तक का लोन दिया गया। जबकि अब प्रदेश के किसानों को अब एक लाख तक का तथा महिला व पुरूष स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज का दिन देश के कृषकों के लिए यह शुभ दिन है। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का शुभारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता है। उत्तराखण्ड में पलायन को रोकने के लिए किसानों को मजबूत करने के लिये निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पिछले दो साल में 70 से अधिक निर्णय किसानों के हित में लिये हैं। फार्म मशीनरी बैंक से कृषि उपकरणों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उत्तराखंड को ऑर्गेनिक स्टेट बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। 2 लाख एकड़ भूमि पर आॅर्गेनिक खेती शुरू करने जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में औद्योगिक सम्भावना की दृष्टि से केन्द्र की ओर से राज्य को भरपूर सहयोग मिल रहा है। खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों की आय को बढ़ाने के लिए कृषि के साथ एलाइड सेक्टरों को भी जोड़ना होगा। चकबन्दी व सामूहिक खेती पर कृषकों को बल देना जरूरी है।
इस अवसर पर विधायक हरबंश कपूर, विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव राजस्व परिषद् उत्तराखण्ड सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून एस.ए.मुरूगेशन, सीडीओ जी.एस. रावत व कृषि विभाग के अधिकारी तथा कृषक मौजूद थे।

सीएम हेल्पलाइन से सभी को मिलेगी हर संभव मदद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में सी.एम. हेल्पलाईन 1905 का शुभारम्भ किया। इस हेल्पलाईन नम्बर से जन समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा। शिकायतकर्ता 1905 पर काॅल कर, पोर्टल के माध्यम से अथवा मोबाईल एप द्वारा अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए यह काॅल सेंटर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक उपलब्ध रहेगा। इस हेल्पलाईन नम्बर से राज्य सरकार के सभी विभागों से सम्पर्क किया जा सकता है तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जन समस्याओं के समुचित समाधान के लिए इसके तहत ब्लाॅक स्तर से शासन स्तर तक के अधिकारी उत्तरदायी रहेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सीएम हेल्प लाईन से जन समस्याओं के समाधान में तेजी आयेगी। इससे विभागीय कार्यों में गति के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी। जन समस्याओं का समाधान तेजी से होने के साथ ही शिकायतों व समस्याओं के समाधान के साथ ही उनका मूल्यांकन भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्प लाईन की सुविधा होने से लोगों के समय व धन दोनों की बचत भी होगी। आने वाले समय में इसके बहुआयामी परिणाम भी सामने आयेंगे। वर्तमान में इस सेंटर में 10 लोग कार्य कर रहें हैं, भविष्य में आवश्यकतानुसार इसका विस्तार किया जायेगा। सीएम हेल्पलाईन की प्रतिमाह समीक्षा की जायेगी। इसकी समीक्षा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे विभागों व अधिकारियों की कार्य प्रणाली में भी तेजी आयेगी। विभागों की परर्फोमेंस की रेटिंग भी इससे की जायेगी। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को गुड गवर्नेंस अवार्ड के लिए चुनने में भी मदद मिलेगी। इस एप पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही समस्या का समाधान माना जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसफर एक्ट व सीएम एप के बाद जनसमस्याओं का तेजी से समाधान हुआ है, सीएम हेल्पलाईन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हेल्पलाईन के सिस्टम को आसान व सुविधाजनक बनाया जाए। काॅलसेंटर के कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने के साथ ही ऐसे दक्ष कार्मिकों की इसमे सहभागीता सुनिश्चित की जाये जो विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की जानकारी से भिज्ञ हो।
मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि समस्याओं के त्वरित निस्तारण व गुणवत्तापरक कार्यों के लिए सीएम हेल्पलाईन सक्षम माध्यम होगा। इस हेल्पलाईन पर शिकायतकर्ता की शिकायत सीधे सम्बन्धित विभागीय अधिकारी को भेजी जायेगी। समय पर शिकायत का निस्तारण न होने पर प्राप्त शिकायत उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जायेगी। इससे विभागों में भी प्राप्त डाटा के आधार पर कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

इस व्यवस्था के तहत यदि किसी नागरिक का प्रशासन या विभाग स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है तो सीएम हेल्पलाईन 1905 पर काॅल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। समाधान, मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय आदि स्तर पर की जाने वाली शिकायतों को भी इसमें समन्वित किया जाएगा। एक इंटीग्रेटेड सिस्टम होने से डुप्लीकेसी को भी रोका जा सकेगा। इस हेल्पलाईन के तहत बनाए गए सिस्टम से नागरिकों की शिकायतों का फाॅलोअप आसानी से हो सकेगा। काॅल सेंटर द्वारा शिकायत सीधे उस अधिकारी को फारवर्ड की जाएगी जहां से उस शिकायत का निस्तारण किया जाना है।
इसके संचालन के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा अधिकरण बनाया गया है। प्रभावी निदान व अनुश्रवण के लिए नागरिकों की शिकायतें cmhelpline.uk.gov.in पर पंजीकृत होंगी। न्यायालय में विचाराधीन मामले, सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले, शासकीय कर्मचारियों के उनकी सेवा से संबंधित मामले इसमें दर्ज नहीं किए जाएंगे। परंतु रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन, मेडिकल आदि के मामले इसमें लिए जाएंगे।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, राधा रतूड़ी, उत्तराखण्ड लोक सेवा अभिकरण के सीईओ अरूणेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।

5555 करोड़ की योजनाओं से उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग का होगा कायाकल्प

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास, पोत परिवहन, गंगा संरक्षण व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चण्डीघाट, हरिद्वार में 5555 करोड़ रूपये की 291.19 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग की विभिन्न परियोजनाओं व नमामि गंगे परियोजना के तहत विभिन्न कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग में शिलान्यास की गई योजनाएं
राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत जिन कार्यों का शिलान्यास किया गया उनमें हरिद्वार से लालतपड़ तक 350 करोड़ रूपये के 14.95 किमीे का कार्य, लालतप्पड़ से मोहकमपुर तक 244 करोड़ रूपये के 22.20 किमी के का कार्य, पुरकारजी-लक्सर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर 93 करोड़ के 2 लेन, पेव्ड शौल्डर में चौड़ीकरण का 46 किमी का कार्य, हरिद्वार में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर 45 करोड़ की लागत के 1.05 किमी के मायापुरी स्कैप चैनेल के ऊपर मुख्य पुल सहित एलिवेटेड संरचना का निर्माण, हरिद्वार नगीना राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर 827 करोड़ रूपये के 71.61 किमी पर चारलेन चैड़ीकरण का कार्य, रूड़की से गणेशपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग 73 एवं 72ए पर 942 करोड़ रूपये की लागत के 53.30 किमी का कार्य व हरिद्वार शहर में प्रस्तावित 3 हजार करोड़ की सम्भावित लागत के 49.4 किमी रिंग रोड के निर्माण हेतु परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के कार्य का शुभारम्भ शामिल हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग में लोकार्पित की गई योजनाएं
जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें रोशनाबाद-बिहारीगढ़ में 13 .97 करोड़ रूपये की लागत के 32.30 किमी मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण व जौली ग्रान्ट-थानो-रायपुर-सहस्त्रधारा मार्ग पर 40.10 करोड़ की लागत के तीन पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
नमामि गंगे
नमामि गंगे के तहत कुल 1354 करोड रूपए की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। जिसमें चण्डीघाट रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना, 36 घाटों, 14 नये एसटीपी व 04 एसटीपी उच्चीकरण तथा 60 करोड़ की लागत से रिस्पना एवं बिन्दाल नदियों के आई. एण्ड डी. कार्य शामिल है।
नमामि गंगे के लोकार्पित की गई योजनाएं
जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें हरिद्वार में 20.68 करोड़ के सीवरेज पम्पिंग स्टेशन कास्वान एवं पी.ब्ल्यू.डी. का निर्माण, 9.88 करोड़ के संयुक्त राईजिंग मेनजोन के कार्य, 31.44 करोड़ रूपये की लागत के 16 सीवरेज पम्पिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि व उच्चीकरण के कार्य 2.86 करोड़ की लागत के अरिहन्त विहार सीवर लाईन व अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा स्वर्गाश्रम में 4.16 करोड़, तपोवन में 2.2 करोड़, श्रीनगर में 7.3 करोड़ व उत्तरकाशी में 4 करोड़ रुपये के सीवेज शोधन संयत्र के उच्चीकरण व कीर्तिनगर में 1.9 करोड़, श्रीनगर में 8.1 करोड़, रूद्रप्रयाग में 3.5 करोड़, कर्णप्रयाग में 3.1 करोड़, नन्दप्रयाग में 2.1 करोड़ एवं गोपेश्वर में 11.1 करोड़ रुपये के सीवेज शोधन संयत्र के निर्माण कार्य शामिल हैं। हरिद्वार में 69.18 करोड़ की चण्डीघाट रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना के लोकार्पण व उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, चमोली में 83.40 करोड़ रुपये के कुल 38 स्नान व मोक्ष घाटों के निर्माण कार्य व कार्य शामिल हैं।
नमामि गंगे के तहत जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 60 करोड़ की लागत के रिस्पना व बिन्दाल नदियों के आई. एण्ड डी. कार्य व हरिद्वार शहर में गंगा नदी के किनारे स्थित 72 घाटों के सफाई कार्य शामिल हैं।

महत्वपूर्ण घोषणाएं-
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस अवसर पर अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।
हरिद्वार में इकबालपुर नहर के निर्माण की घोषणा की जिससे हरिद्वार के 74 गांव व सहारनपुर के 85 गांव कुल 33 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
हरिद्वार की सोलानी नदी की सफाई करना।
हरिद्वार की बाणगंगा का पुनर्जीवीकरण करना।
हरिद्वार के आस्था पथ का निर्माण करना।
40 करोड़ रूपये की लागत से हरकी पौड़ी का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
देहरादून व हल्द्वानी में रिंग रोड बनाई जायेगी।
मेरठ-नजीबाबाद फोरलेन को कोटद्वार से जोड़ा जायेगा।
एनजीटी की स्वीकृति मिलने पर कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर कंडी मार्ग का निर्माण भी किया जायेगा।
नगर निगम कोटद्वार में सीवर लाईन की स्वीकृति।

नमामि गंगा में हो जनता की भागीदारी
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गंगा जी के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है, परंतु कम से कम 1 करोड़ लोग अगर अंशदान करें तो उनका गंगा की अविरलता व निर्मलता से सीधा जुड़ाव हो सकेगा। उन्होंने आम जनों से भी अनुरोध किया कि गंगा को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। गंगा में सीधे गंदा पानी डालने वालों को रोकना होगा।

गंगोत्री से गंगासागर जल मार्ग का हो विकास
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि वे गंगोत्री से गंगासागर तक जलमार्ग से जा सकें और ऐसा करना असम्भव नहीं है। उत्तराखण्ड में नदियों को जलमार्ग के रूप में विकसित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रिवर पोर्ट की सम्भावनाओं पर काम किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड में पर्यावरण व विकास के लिए ट्रांसपोर्ट के नए कंसेप्ट पर विचार किया जाना चाहिए। राज्य को बायो फ्यूल एवियेशन का हब बनाया जा सकता है। वेस्ट टू वेल्थ की ओर बढ़ना होगा।
उत्तराखण्ड में चल रहे हैं लगभग 50 हजार करोड़ के काम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में उनके मंत्रालय के अंतर्गत लगभग 50 हजार करोड़ के काम चल रहे हैं। वर्ष 2014 में 2522 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग था जबकि अब 3 हजार किमी हो गया है। चारधाम योजना में 11700 करोड़ की लागत से 889 किमी का निर्माण होगा। भारतमाला योजना के तहत 11400 करोड़ के काम हो रहे हैं। केंद्रीय सड़क निधि से उत्तराखण्ड को 580 करोड़ की राशि दी गई है।

उत्तराखण्ड में वाॅटर काॅरपस पर होगा काम- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नमामि गंगे व राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तराखण्ड में तेजी से कार्य हो रहा है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, घाट निर्माण व अन्य कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही देहरादून-मसूरी रोपवे का निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। नीलकंठ, केदारनाथ, यमुनोत्री व मुक्तेश्वर में रोपवे निर्माण के लिये योजना बनाई जा रही है। इसके लिए वैप्कोस के अधिकारियों के साथ सचिव समिति की बैठक की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झाील में सी-प्लेन उतारने के लिए सर्वे किया जा चुका है। अधिकारियों को वाॅटर काॅरपस पर कार्य करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए सबका सहयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे ट्रस्ट को अपने वेतन से एक लाख रूपये देने की बात कही। विधायक सुरेश राठौर ने भी ट्रस्ट को 51 हजार रूपये देने की बात कही।
इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री डाॅ. सत्यपाल सिंह, हरिद्वार सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, डाॅ. हरक सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक आदेश चैहान, यतीश्वरानंद, सुरेश राठौर, संजय गुप्ता, प्रदीप बत्रा, ऋषिकेश मेयर अनीता मंमगई आदि उपस्थित थे।

शहीद की पत्नी ने ऐसे दी विदाई कि सब की आंखें भर आई

जम्मू के पुलवामा में शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद देहरादून निवासी मेजर विभूति शंकर ढोंडियाल का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह उनके निवास डंगवाल मार्ग पर अंतिम दर्शन को रखा गया। शहीद की पत्नी निकिता, मां, दादी और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल। इस दौरान शहीद की पत्नी ने कहा जयहिंद। साथ ही पार्थिव शरीर को सैल्‍यूट किया। बोली आई लव यू विभू। पत्‍नी ने खुद शवयात्रा की अगुआई की। शहीद की पत्‍नी ने कहा कि जो चले गए उनसे कुछ सीखें, दुनिया में जो शहादत देते हैं, उनसे सीखना चाहिए। देश के लिए काम करने के बहुत सारे फील्ड हैं, ईमानदारी से काम करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अद्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई मंत्री, विधायक, सेना, शासन प्रशासन के आला अधिकारी ने शहीद को श्रद्धांजल‍ि दी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। कहा ये देश सदैव हमारे शहीदों का ऋणी रहेगा। सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान हजारों का जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। लोग भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। शहीद विभूति अमर रहे के नारे भी लग गए। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गई।

सैन्‍य सम्‍मान के साथ किया गया अंतिम संस्‍कार

कश्मीर में शहीद उत्तराखंड के मेजर विभूति शंकर धौंडियाल का अंतिम संस्कार खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद के चाचा जगदीश प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के वक्त मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम, पाकिस्तान मुर्दाबाद, मेजर धौंडियाल अमर रहे के नारे लगते रहे। इस दौरान शहीद मेजर के ससुर एमके कॉल, साले मनीष कॉल और सुशांत कॉल, बुआ कुसुम सकलानी और रेखा बहुगुणा मौजूद रहे। इससे पूर्व बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर रघु श्रीनिवासन, सीडीओ विनीत तोमर, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, महापौर अनीता शर्मा, मसूरी विधायक गणेश जोशी आदि ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सैल्यूट किया।

केंद्र सरकार के तर्ज पर चली राज्य सरकार, लोकलुभावन बजट से लोकसभा चुनाव की तैयारी

केंद्र की मोदी सरकार के एजेंडे पर कदमताल करते हुए अन्नदाता किसान को केंद्र में रखकर बजट में खेती-किसानी पर बड़ा दांव खेला गया। बीते वर्षों से किसानों को सस्ता ऋण मुहैया करा रही सरकार अब किसानों को व्यक्तिगत और स्वयं सहायता समूहों में ब्याजमुक्त ऋण देगी। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को बड़े गेम चेंजर के तौर पर देखते हुए 150 करोड़ बजट प्रावधान किया गया है। मतदाताओं के बड़े शहरी वर्ग में नगरों, निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के ढांचे के विस्तार की बड़ी उम्मीदें जगाई गई हैं। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 160 करोड़ और देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो ट्रेन के लिए ढांचे के निर्माण को बजट में जगह दी गई है। यही नहीं, भविष्य में यानी 2021 में होने वाले कुंभ को अविस्मरणीय बनाने के लिए बजट में 155 करोड़ की अच्छी-खासी रखी गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने लगातार तीसरी दफा बजट में मोदी सरकार की केंद्रपोषित योजनाओं की मदद पर ही अधिक भरोसा किया। वहीं, बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री प्रकाश पंत के दो बार अस्वस्थ होकर बेसुध हो जाने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शेष बजट भाषण प्रस्तुत किया।
विधानसभा में सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की गैर मौजूदगी और एकमात्र विपक्षी निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार की मौजूदगी में सूबे की भाजपा सरकार का तीसरा गुलाबी बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कुल 48663.90 करोड़ का करमुक्त बजट पेश किया। इसमें 38932.70 करोड़ राजस्व लेखे और 9731.20 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है।
राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर करीब 14513.79 करोड़ और पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों पर 5942.69 करोड़ का खर्च अनुमानित है। 22.79 करोड़ राजस्व सरप्लस के इस बजट में कर राजस्व 23622.11 करोड़ और करेत्तर राजस्व 15333.38 करोड़ मिलने का अनुमान है। बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। अलबत्ता 6798.16 करोड़ का राजकोषीय घाटा अनुमानित है, लेकिन यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्धारित जीएसडीपी के तीन फीसद के भीतर है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-19 की तुलना में अगले वित्तीय वर्ष का बजट प्रावधान सात फीसद अधिक है।

बजट के प्रमुख बिंदु

-गरीब किसानों को एग्रो प्रोसेसिंग व कृषि कार्यों के लिए एक लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

-कृषि को बढ़ावा देने को कृषि संबंधी कार्यकलापों के लिए स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

-वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने को परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 104.12 करोड़

-अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 150 करोड़ की राशि

-महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत चार करोड़ का प्रावधान

-असिंचित क्षेत्रों में नहरों के निर्माण को 121 करोड़ का प्रावधान

-सौंग नदी पर बांध निर्माण व अवस्थापना कार्यों के निर्माण को 170 करोड़

-डोईवाला में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण को 10 करोड़, मानसिक चिकित्सालय सेलाकुई के सुदृढ़ीकरण को 10 करोड़

-राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्थापना को 119.33 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को 76.85 करोड़, दून मेडिकल कॉलेज के लिए 85.65 करोड़

-समग्र शिक्षा के लिए 1073 करोड़, नाबार्ड योजना में विद्यालयों-छात्रावासों के निर्माण को 20 करोड़

-विश्वविद्यालय, सरकारी और अशासकीय डिग्री कॉलेज भवन निर्माण को 38 करोड़

-विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों को स्मार्ट कैंपस के रूप में विकसित करने को वाई-फाई जोन की स्थापना को दो करोड़

-राज्य में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को पांच करोड़

-वनाग्नि से सुरक्षा के लिए 21.31 करोड़, कैंपा निधि के तहत पहली बार 228 करोड़ का प्रावधान

-अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति की छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों की छात्रवृत्ति को 326 करोड़

-किशोरी बालिका के लिए 15 करोड़, नंदा गौरी योजना को 75 करोड़

-मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण व उच्चीकरण को सात करोड़, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना को 10 करोड़

-कौशल विकास योजना के तहत 67 करोड़, महिलाओं व कमजोर वर्गों के कौशल विकास की संकल्प योजना को 3.86 करोड़ का प्रावधान

-पर्यटन में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को बाह्य सहायतित योजना के तहत 70 करोड़, होम स्टे विकास योजना के तहत 11.50 करोड़

-वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 15 करोड़

-आवास व शहरी विकास योजना को 88.6 करोड़, अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के तहत 100 करोड़

-प्रदेश के मार्गों-पुलिया अनुरक्षण को 240 करोड़, लोनिवि की चालू योजना के तहत 450 करोड़ व नाबार्ड के तहत 360 करोड़ का प्रावधान

-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 900 करोड़

-रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन निर्माण को 100 करोड़

-ग्रामीण व नगरीय स्थानीय निकायों के लिए 2182.79 करोड़

-सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण को 2053.63 करोड़

-प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार को एशियन डेवलपमेंट बैंक सहायतित 1400 करोड़ की स्वीकृति

-एडीबी से प्रदेश में अरबन सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 1500 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति

-आईफैड योजना के तहत 175 करोड़ का प्रावधान

स्प्रिंग कार्निवाल से जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा: मुख्यमंत्री

ऊधमसिंह नगर स्प्रिंग कार्निवाल के तहत रविवार को हरिपुरा बौर जलाशय में एक सादे समारोह में नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिताएं प्रारम्भ हुई। कार्यक्रम के शुरूआत में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुये जवानों व राजोरी में शहीद हुये मेजर चित्रेश बिष्ट की आत्मा की शान्ति हेतु दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा इस समय आतंकी हमले के कारण शोक का माहोल है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में बाहरी राज्यों से भी छात्र-छात्राएं भी प्रतिभाग कर रहे हैं, उनकी हौशला अफजाई हेतु वे यहां आये है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यहां साहसिक पर्यटन की अपार सम्भावनाये है।प्रदेश में पर्यटन की गतिविधियों को बढाने के लिये 13 जिलों में 13 नए डेस्टिनेशन का विकास किया जा रहा है। इसी योजना के अन्तर्गत जल क्रीडाओं हेतु हरिपुरा बौर जलाशय को चिन्हित कर पर्यटन हेतु विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। टिहरी को भी वाटर स्पोर्टस के डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया गया है। प्रदेश में नैनीताल व मंसूरी का पर्यटन के क्षेत्र में पुराना इतिहास है। राज्य में नये पर्यटन स्थलों का विकास हो इस दिशा में पहल की जा रही है। राज्य में सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के विकास से प्रदेश के प्रति पर्यटकों का रूझान बढा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद उधमसिंह नगर जलाशयों का जनपद है, यहा वाटर स्पोर्टस की अपार सम्भावनाये है। हमारे पास प्रकृति की दी हुई अपार सम्पदा है, उनका उपयोग होना अब शुरू हुआ है। भविष्य में हरिपुरा बौर जलाशय साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में काफी उपयोगी होगा। उन्होने कहा कि हम सभी को नई सोच के साथ भविष्य की परिकल्पनाओं को साकार करना होगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि इस तरह के आयोजनो से इस क्षेत्र में जहां पर्यटकों को आवागमन बढेगा वही इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होने कहा जिला प्रशासन द्वारा नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिता हेतु कम समय में सभी अवस्थापना सुविधा उपलब्ध करायी है।
जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल ने बताया जल क्रीडा प्रतियोगिता में रूची लेने वाले छात्र-छात्रओं को पूर्व में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया। इस नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिता में चंडीगढ, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमांचल प्रदेश, झारखण्ड,इण्डियन आर्मी, दिल्ली, मध्य प्रदेश, गोआ व जनपद उधमसिंह नगर की टीमों द्वारा भाग लिया गया।
इस अवसर पर खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सांसद बलराज पासी, मण्डलायुक्त राजीव रौतेला, भारतीय ओलम्पिक संघ के महासचिव व एशियन खो-खो फेडरेशन के अध्यक्ष राजीव मेहता, उत्तराखण्ड ओलम्पिक संघ के महासचिव डा. डीके सिंह, सिल्वर मेडल विजेता श्वेता सैलिंग, सीडीओ मयूर दीक्षित आदि उपस्थित थें।

जहरीली शराब कांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: बंसल

बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने आज भगवानपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर विगत दिनों जहरीली शराब के कारण मृत लोगो के परिजनों एवं घायलों से भेंट की। बंसल ने प्रभावित परिवारों से मिलकर आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को बक्शा नही जायेगा। उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। राज्य सरकार ने प्रथमदृष्टया दोषी पाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील है। श्री बंसल ने इस दौरान स्थानीय लोगो की समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया।

उत्तराखंड को डबल इंजन का भरपूर फायदा मिल रहा: पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौसम खराब होने की वजह से रूद्रपुर में आयोजित जनसभा को फोन के माध्यम से संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने जनता से क्षमा मांगते हुए कहा कि मैं उत्तराखण्ड तो पहुंचा लेकिन मौसम की खराबी की वजह से रूद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये विशाल जनसमूह का उन्होंने इस कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कुमाऊंनी भाषा में अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि वो जब भी देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं, उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने बाबा केदार, योग और आध्यात्म, शौर्य और वीरता, मां गंगा, आदिगुरु शंकराचार्य जी की तपस्थली उत्तराखंड आने को अपना सौभाग्य बताया। आज एक बार फिर से इस धरती पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए रुद्रपुर का बड़ा महत्व है। यहां औद्योगिक इकाइयों के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिल रही है, तो यह क्षेत्र किसानों का हब भी कहा जाता है। सिडकुल की स्थापना के बाद रूद्रपुर की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात कि बेहद खुशी है कि चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को निभाने का उन्होंने भरसक प्रयास किया है। उन्होंने अपनी बात का दोहराते हुए कहा कि ये राज्य अटल जी की देन है और हमारी सरकार इसे संवारने की भरसक कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी से लेकर किसानों, युवाओं और महिलाओं की प्रॉस्पैरिटी के लिए पिछले साढ़े चार साल में उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में कई पहल की हैं। अब उत्तराखण्ड में साल के 12 महीने चार धाम यात्रा के श्रद्धालु आ सकते हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में खुशहाली भी ला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 4000 होटल कर्मियों और 1000 टूरिस्ट गाइडों का स्किल डेवलेपमेंट किया जाएगा। यानि 5 हजार युवा स्किल होकर रोजगार सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल नेटवर्क बहुत सीमित है, लेकिन केन्द्र सरकार में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तराखण्ड को तीन गुना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के बन जाने से न केवल चारधाम की यात्रा आसान होगी, बल्कि पहाड़ों पर भी रेल चलाने का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अलावा डोईवाला-गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी रेल लाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के लोगों को जोड़ने के लिए नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस शुरू की गई है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी मजबूत हो, सीमांत क्षेत्रों के लोग देश के अन्य स्थानों से सीधे कनेक्ट हो सकें और यह सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है इसलिए भारतमाला योजना के तहत 628 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में बिछाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिना की भावना के साथ हमने देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को साल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। आज देशभर में इस योजना से 12 लाख लोग निशुल्क उपचार करवा चुके हैं। 5 लाख 37 हजार परिवार इस योजना के दायरे में हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जी द्वारा एक कदम आगे बढा़ते हुए इस योजना को और भी ज्यादा व्यापक रूप दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से उत्तराखंड के समस्त परिवारों को आरोग्य प्रदान करने का बीड़ा उठाया स्वास्थ्य के क्षेत्र में निश्चित रूप से यह क्रांतिकारी कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करते हुए एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति का जन्म हुआ है। कामकाज का बेहतर पारदर्शी माहौल बना है, टॉप से लेकर बॉटम तक अधिकारियों की परफॉरमेंस और क्विक डिलीवरी की जिम्मेदारी तय हो रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले करीब दो साल में त्रिवेंद्र रावत जी एक साफ सुथरी और पारदर्शी सरकार देने में सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में समेकित सहकारिता विकास योजना की शुरुआत से छोटे मंझोले किसानों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े कास्तकारों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। 3340 करोड़ रुपए की इस योजना से कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन से जुड़े लोगों को नया आयाम मिला है। उत्तराखंड में पलायन और रोजगार बड़ी समस्याएं रही हैं। इस योजना के बाद राज्य के 55 हजार युवाओं को रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा। करीब 50 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की जिस व्यवस्था की बात हम करते हैं, वो आदर्श व्यवस्था इस योजना में लागू होगी। कास्तकारों को व्यवसाय शुरू करने या क्लस्टर खेती करने के लिए ऋण मिलेगा, उत्तम बीज मिलेगा, खाद मिलेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से छोटी-छोटी जोत के किसानों के साथ ही बंजर भूमि पर क्लस्टर बनाकर सामूहिक खेती की जाएगी। सहकारी समितियां और मंडिया किसानों के उत्पादों की सीधी खरीद करेंगी। इस तरह योजना से जुड़े लोगों को उचित बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा धान की ऑनलाइन खरीद पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पैसा सीधे किसानों के खाते में गया है। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिल मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 साल में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पहल की और पिछले वर्ष इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करवाया। पर्यटन के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कदम उत्तराखंड सरकार ने उठाए हैं, उससे आने वाले समय में इस राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्र के सहयोग से पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध बनाया जा रहा है। इस बाँध से 5000 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकेगी। साथ ही चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर के तराई क्षेत्रों को न सिर्फ पीने के साफ पानी की सप्लाई होगी बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
इस अवसर पर नेशनल काॅपरेटिव डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने समेकित सहकारी विकास परियोजना की पहली किश्त का 100 करोड़ रूपये का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को सौंपा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सहकारी सदस्यों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण भी वितरित किया। सितारगंज के गुरूबख्श सिंह, खिर्सू (पौडी) के हरिकिशन व मुन्स्यारी के जसवंत सिंह को एक-एक लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया, जबकि शबनम व नई दिशा महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योेजना के तहत प्रदेश के 02 लाख कृषको को 1100 करोड रूपये के अल्पकालीन/फसली ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से अधिक से अधिक महिला समूहो को भी लाभावन्वित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमांत सहकारी सदस्यो को 01 लाख तथा स्वयं सहायता समूहो को ब्याजरहित ऋण दिया जायेगा। 2022 तक किसानो की आय दुगनी करने के प्रधानमंत्रीजी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदेश मे दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की गई थी, इस योजना के तहत 01 लाख 62 हजार 750 लघु एवं सीमांत कृषको को 807 करोड का ऋण मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हमेशा किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा है। इसलिए पहली बार 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुना बढ़ोतरी की है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बीज से लेकर बाजार तक की आदर्श व्यवस्था लागू की है। किसानों की इनपुट कॉस्ट कम करने और उन्हें इनकम सपोर्ट देने के लिए 2 हेक्टेयर तक या उससे कम जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की निश्चित राशि देने की योजना शुरू की है। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि उत्तराखंड के करीब 92 फीसदी किसान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा जमरानी बाँध के सभी बिन्दुओं और तकनीकी पहलुओं की गहन जाँच के बाद जमरानी बाँध के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गयी है। 9 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चैड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल पेयजल योजना का भी तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा अध्ययन कर लिया गया है। आशा है कि शीघ्र ही इस योजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के निर्माण से नैनी झील के जलस्तर को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। नैनी झील के रखरखाव के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी 20 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। 200 करोड़ लागत की मसूरी पेयजल योजना को केन्द्र से सैद्धान्तिक मंजूरी मिल गयी है। उन्होंने कहा कि मसूरी में ग्रीष्मकाल में पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाने से पानी की समस्या बढ़ जाती है, इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद मसूरी क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सकेगी। केन्द्र द्वारा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिलने से इस योजना के निर्माण के लिए शीघ्र ही आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, राज्य मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत, रेखा आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल एवं आदि उपस्थित थे।