उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों के लिए आगे आया लार्सन एंड टुब्रो, दिए पांच करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नई दिल्ली में लार्सन एंड टुब्रो के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता एवं राहत-पुनर्वास कार्यों में सहयोग हेतु ₹5 करोड़ (पांच करोड़ रुपये) की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एल.एंड.टी. के इस सराहनीय सहयोग के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में कॉर्पाेरेट सेक्टर का यह योगदान राज्य सरकार के लिए बड़ी सहायता साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ कर रही है। ऐसे में निजी क्षेत्र की सहभागिता से इन कार्यों में और तेजी आएगी तथा प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाई जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा संवेदनशील राज्य है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने और राहत तंत्र को और अधिक सक्षम करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

इस अवसर पर एल.एंड.टी. समूह के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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उत्तराखंड में सात जल विद्युत परियोजनाओं के विकास व निर्माण को केंद्रीय मंत्री से मांगा समर्थन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखंड में सात जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 मेगावाट) के विकास एवं निर्माण की स्वीकृति हेतु समर्थन मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता, अविरलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से युवाओं को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने हेतु हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गौलापार क्षेत्र में लगभग 12.317 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से संबंधित अधिकारियों को इस भूमि स्थानांतरण हेतु आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देने का अनुरोध किया।

केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति देते हुए हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

इस अवसर पर सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार तन्मय कुमार, उत्तराखण्ड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

उत्तराखंडः बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च, प्रतिबंधित कफ सिरप के खिलाफ सघन अभियान

प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) उत्तराखंड द्वारा पूरे राज्य में प्रतिबंधित और संदिग्ध कफ सिरप की बिक्री एवं वितरण के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है।

आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेशों के क्रम में प्रदेशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। टीमों द्वारा विभिन्न मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों से सैंपल एकत्र कर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं को भेजा जा रहा है।

एफ.डी.ए. मुख्यालय में अपर आयुक्त ताजवर सिंह जग्गी की पत्रकार वार्ता
इसी कड़ी में सोमवार को एफ.डी.ए. मुख्यालय, देहरादून में अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर (एफ.डी.ए.) एवं ड्रग कंट्रोलर ताजवर सिंह जग्गी ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। पत्रकारवार्ता में उन्होंने प्रदेशभर में संदिग्ध औषधियों की जांच, सैंपलिंग और बाजार नियंत्रण की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप के सेवन से बच्चों के बीमार होने और मृत्यु की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने यह कदम एहतियातन और जनहित में उठाया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रदेश के हर जिले में चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

सभी जिलों में सैंपलिंग और जांच अभियान तेज
अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में औषधि नियंत्रण अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सीएफटीओ, मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों से कफ सिरप के नमूने एकत्र करें और परीक्षण हेतु अधिकृत प्रयोगशालाओं को भेजें। उन्होंने कहा कि निर्माण कंपनियों से भी कच्चे माल जैसे पॉलीइथिलीन ग्लाइकॉल, सॉर्बिटॉल और अन्य रासायनिक तत्वों के सैंपल लेकर गुणवत्ता जांच की जा रही है, ताकि उत्पादन स्तर पर भी किसी प्रकार की कमी या गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।

अब तक प्रदेशभर में 63 औषधियों के नमूने एकत्र किए जा चुके हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया जारी है। विभाग द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बिना डॉक्टरी परामर्श बच्चों को न दें दवा
अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजवीर सिंह जग्गी ने आम जनता से अपील की कि वे बिना चिकित्सक की सलाह के बच्चों को कोई भी कफ सिरप या औषधि न दें। उन्होंने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का जोखिम न लिया जाए। यदि बच्चे में सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो केवल योग्य चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा दें। उन्होंने कहा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि विभागीय टीमें इस अभियान की सतत निगरानी कर रही हैं और प्रत्येक जिले में औषधि दुकानों व थोक विक्रेताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अपर आयुक्त ने यह भी बताया कि आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार की एडवाइजरी को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। साथ ही औषधि दुकानों और निर्माण इकाइयों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

पुरानी या खुली दवाइयाँ बच्चों को बिल्कुल न दें
अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजवीर सिंह जग्गी ने आम जनता से अपील की है कि अपने घरों में पहले से खुली हुई कफ सिरप या किसी भी प्रकार की दवाई बच्चों को बिल्कुल न दें। उन्होंने कहा कि कई बार पुरानी या खुली दवाइयाँ अपनी प्रभावशीलता खो देती हैं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। इसलिए ऐसी किसी भी खुली बोतल या अधूरी दवाई को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें और घर में दवाइयाँ खुले रूप में न रखें। उन्होंने आम लोगों से आग्रह किया कि दवाइयाँ केवल चिकित्सक की सलाह पर ही उपयोग करें और हर दवा की एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें, ताकि किसी प्रकार की अनचाही स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश-“बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च
अपर आयुक्त ने कहा मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी व आयुक्त महोदय अभियान की लगातार अपडेट ले रहे हैं। उनके सख्त निर्देश हैं कि हर घर की थाली शुद्ध रहे और हर बच्चे का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। औषधि और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही आमजन तक पहुंचें, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।

दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों पर भी सख्त निगरानी
अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजवर सिंह जग्गी ने बताया कि राज्य में दवाइयों के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है। दीपावली पर्व को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत राज्य की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई गई है, और मिठाइयों व खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा त्योहारों के समय मिलावटखोरी पर अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता है। विभाग की टीमें फील्ड में सक्रिय हैं और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एफ.डी.ए. की अपील
प्रेस वार्ता के अंत में अपर आयुक्त ने कहा कि एफ.डी.ए. की यह कार्रवाई सरकार की जनहित प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार जनता के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान प्रदेशव्यापी है और निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता के साथ ही मीडिया के साथियों से भी सहयोग की अपील की। ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।

हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाएंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को राज्य में खेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं युवाओं को खेलों के प्रति और अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार किए गए खेल अवसंरचना का नियमित रख-रखाव और उसके प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि राज्य में खेल गतिविधियों को निरंतर गति मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इन परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में बनने वाले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेज़ी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राज्य खेल क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और भागीदारी बढ़ाने के लिए न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधायक, सांसद एवं मुख्यमंत्री चौंपियनशिप ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को भी आवश्यक सहयोग प्रदान करे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत प्रदेश के खिलाड़ियों को और बेहतर प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को समयबद्ध रूप से पुरस्कार, छात्रवृत्ति एवं बीमा सुरक्षा के लाभ सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेल विभाग द्वारा निजी क्षेत्र एवं कॉरपोरेट जगत की भागीदारी से खेल अवसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि खेल सुविधाओं का विस्तार जन-जन तक हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए तथा राज्य में विभिन्न खेल अकादमियों की स्थापना से संबंधित कार्यों में गति लाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना है।

बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक खेल आशीष चौहान तथा खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने जलवायु लचीलापन व जल स्थिरता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने आज अंतर्राष्ट्रीय जल विज्ञान संघ (आईएएचएस) की बारहवीं वैज्ञानिक सभा का उद्घाटन किया। इस सभा में दुनिया भर के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं नीति निर्माता सतत जल संसाधन प्रबंधन, जल विज्ञान संबंधी नवाचारों एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए। इस सभा में 49 देशों के 627 से अधिक प्रतिभागी और 682 वैज्ञानिक योगदान शामिल हैं, जो इसे आईएएचएस के इतिहास की सबसे बड़ी सभाओं में से एक बनाता है। सप्ताह भर चलने वाला यह कार्यक्रम जल स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक चर्चाओं, कार्यशालाओं व नेटवर्किंग के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा।

मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सचिव उत्तराखण्ड, आनंद बर्द्धन ने सत्र का उद्घाटन किया और जल विज्ञान अनुसंधान और इसके सामाजिक अनुप्रयोगों को आगे बढ़ाने में उनके वैश्विक योगदान के लिए आईआईटी रुड़की एवं आईएएचएस की सराहना की। मुख्य सचिव बर्द्धन ने कहा, जल विज्ञान जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है। आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान वैश्विक ज्ञान को स्थानीय समाधानों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो समुदायों और नीति निर्माताओं दोनों को सशक्त बनाते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं आईआईटी रुड़की कुलगीत के साथ हुई, जिसके बाद प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने अपने संबोधन दिए, जिनमें आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत, आईएएचएस के अध्यक्ष प्रो. साल्वातोरे ग्रिमाल्डी, आईएनएसए के उपाध्यक्ष एवं सीएसआईआर-एनईआईएसटी के निदेशक डॉ. वी.एम. तिवारी, आईएएचएस एसए 2025 के अध्यक्ष प्रो. सुमित सेन तथा संयोजक प्रो. अंकित अग्रवाल शामिल थे।

आईआईटी रुड़की में आयोजित यह आईएएचएस वैज्ञानिक सभा नवाचार, सहयोग एवं ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से वैश्विक जल चुनौतियों के समाधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह जल विज्ञान अनुसंधान एवं सतत जल प्रबंधन में भारत की अग्रणी भूमिका को सुदृढ़ करती है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह छह दिवसीय सभा नए विचारों, दीर्घकालिक साझेदारियों और परिवर्तनकारी नवाचारों को प्रेरित करेगी, जो जल विज्ञान एवं समाज दोनों के लिए सार्थक योगदान देंगी। सत्र के दौरान आईएएचएस वैज्ञानिक सभा 2025 की कार्यवाही का विमोचन भी किया गया, जो एक सप्ताह तक चलने वाले वैज्ञानिक विचार-विमर्श, तकनीकी सत्रों, प्रदर्शनी एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की शुरुआत का प्रतीक है।

भरणपोषण एक्ट में दायर किया था बुजुर्ग दंपति ने डीएम न्यायालय में केस, बेदखल न करने का डीएम ने किया आग्रह

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के सम्मुख एक बुजुर्ग दम्पति ने अपने पुत्र एवं पुत्र वधु को बेदखली करने की फरियाद लगाई कि उनको अपने घर से बेदखल करने का डीएम से अनुरोध किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने 2 सुनवाई में ही कैस समझते हुए परिजनों के आपसी विवाद जो परिवार के विखण्डन का कारण बन रहा था को अपनी सूजबूझ से बुजुर्ग दंपत्ति को समझाते हुए अपने तीन नौनिहालों वाले बेटे बहु को बेदखल न करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को समझाया जिससे परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया है। जहां जिलाधिकारी ने परिजनों को एक-दूसरे के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों का स्मरण कराया वहीं परिजनों को आपस में साथ रहने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने परिजनों को साथ-साथ रहने का अनुरोध किया था निर्धन बेटा-बहु को बुजुर्गों को साथ रखने तथा बुजुर्ग दम्पति को इस अवस्था में पुत्र एवं उसके परिवार का साथ नही छोड़ने के प्रेरित किया। बजुर्ग दम्पति ने बेटे-बहुुुुु से नाराज होकर न्यायालय जिला मजिस्टेªट कोर्ट में भरणपोषण अधिनियम में वाद दर्ज कराया था।
22 अगस्त 2025 को खुड़बुड़ा निवासी बुजुर्ग दम्पति जसंवत सिंह व उनकी पत्नी जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में उनसे मिलकर जिल पुत्र तथा पुत्रवधु द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की तथा पुत्रवधु को बेदखल करने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने दोनो पक्षों को सुना तथा परिजनों का आपसी मनमुटाव दूर कराते हुए आपस में मिलजुलकर रहने की सलाह दी है। जिला प्रशासन की इसकी निरंतर मॉनिटिरिंग करेगा तथा दोनो पक्षों को आपस में मिलजुलकर रहने तथा एक- दूसरे के अधिकारों का अतिक्रमण नही करने का आग्रह किया गया। निर्धन पुत्र व पुत्रवधु एवं बुजुर्ग माता-पिता में सुलह से एक परिवार टूटने से बचने का प्रयास किया।

बुजुर्ग दंपति के 4 पुत्र है जिनमें दो पुत्र अपने परिवार संग अलग रहते हैं, तथा एक दिव्यांग पुत्र तथा पुत्र बंसी जिसके विरुद्ध दंपति ने भरण पोषण अधिनियम में केस दर्ज किया था, उसके 3 नाबालिग बच्चे हैं, जिनमें 2 बालिका तथा 1 बालक है, बेटे का कपड़े का अल्प व्यवसाय है तथा आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिलाधिकारी ने बुजुर्ग दंपति से आग्रह किया कि अपने बेटे बहु तथा नाबालिग नौनिहालों को अपनी घर कुटिया से ना निकाले साथ ही बेटे बहु को बुजुर्गों के प्रति उनके कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां भी स्मरण कराई।

सीएम धामी ने आपदा में सहयोग वाले कर्मियों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित ’’प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह’’ में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में योगदान देने पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी के कर्मियों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सम्मान ऐसे कर्मियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में अपनी जान की परवाह किए बिना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम उत्तराखंड की बात करते हैं, तो केवल इसके प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता की ही नहीं, बल्कि इसकी भौगोलिक कठिनाइयों और प्रत्येक वर्ष होने वाली आपदाओं की चुनौती भी स्वतः ही सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे हमारे राज्य में भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाएँ आना आम बात हैं। देवभूमि में रहते हुए हम ये जानते हैं कि प्रकृति का सौंदर्य जितना मनोहारी है, उतनी ही यहां चुनौतियाँ भी अप्रत्याशित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम सबने 2013 की केदारनाथ आपदा की त्रासदी को देखा है, जब जय प्रलय में हजारों लोगों की जानें चले गईं थी। इसी प्रकार 2021 में चमोली की ऋषिगंगा और धौलीगंगा घाटी में आई आपदा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 2023 में जोशीमठ का धंसाव भी एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने आया। इस वर्ष भी उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की अनेक घटनाओं का हमने सामना करना पड़ा। इन आपदाओं में कई लोगों की मृत्यु हुई, कई लोग लापता हुए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती मानव जीवन की रक्षा करने की थी, यही समय था जब एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित पुलिस- प्रशासन के लोगों ने आपदा में घायल और मलबे में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ग्राउंड जीरो पर लगातार काम किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा के समय हमारे राहत कर्मियों ने न केवल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, बल्कि पुनर्वास और राहत शिविरों का भी संचालन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिल्क्यारा टनल में फंसे मजूदरों के लिए चलाए गए अभियान को नहीं भूल सकते। तब दिन-रात चलने वाले बचाव अभियान पर पूरे देश की निगाह थी। परंतु बाबा बोखनाग के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन ने हमारे अभियान को सफल बनाया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वो जब भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं, तो बचाव और राहत कर्मियों के जज्बे को देखकर उन्हें विश्वास हो जाता है कि हम प्रत्येक चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कार्यों में सहयोग प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देहरादून आकर आपदा पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द बाँटा, उनकी समस्याएँ सुनीं और समीक्षा बैठक कर त्वरित निर्णय भी लिए। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के लिए 1200 करोड़ रुपये की विशेष राहत राशि की घोषणा भी की, जिससे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में हमें बड़ी सहायता मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा केवल इमारतें या सड़कें ही नहीं तोड़ती, आपदा लोगों के आत्मविश्वास और भविष्य को भी चोट पहुंचाती है। इसलिए राज्य सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि आपदा पीड़ितों को केवल मुआवज़ा ही न दिया जाए, बल्कि उनके पुनर्वास और उनकी आजीविका पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एसडीआरएफ जवानों को ड्रोन, सैटेलाइट आधारित मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक रेस्क्यू गियर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, आपदा मित्र योजना के अंतर्गत गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क और पुल निर्माण में डिजास्टर रेज़िलिएंट तकनीक का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को स्कूल-कॉलेजों में शामिल करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी आपदा के खतरों से और बेहतर तरीके से निपट सके। समारोह में नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए छात्रों द्वारा मुख्यमंत्री धामी का विशेष तौर पर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, कृष्ण गिरी महाराज, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, कार्यक्रम की संयोजक हनी पाठक मौजूद थे।

राज्य स्थापना दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों की भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 09 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर इस अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में जन सामान्य की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने नन्दा राज जात यात्रा मार्गों के रख रखाव तथा यात्रा के रात्रि पडावों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास से संबंधित कार्य योजना भी शीघ्र तैयार किये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में हाल ही में आई आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सभी संबंधित संस्थानों एवं अधिकारियों द्वारा किये गए प्रयासों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने शहरों में बढते यातायात के दबाव को कम करने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने, साफ सफाई के साथ खाद्य सामग्री में मिलावट खोरी रोकने के लिये जांच अभियान सघनता से संचालित किये जाने के साथ प्रदेश में पूर्ण होने वाली फ्लैगशिप योजनओं व कार्यक्रमों का भी पूर्ण विवरण तैयार किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्माण और नव निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों से बार-बार सड़क संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की कार्य प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा 31 अक्टूबर तक पैच वर्क पूर्ण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण के भी निर्देश दिये हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम धामी विजयदशमी पर आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विजयदशमी के अवसर पर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदू नेशनल स्कूल देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लक्ष्मण चौक पर हर वर्ष होने वाला यह आयोजन हमारे लिए विशेष है, क्योंकि इस आयोजन के प्रणेता राज्यसभा सांसद ,भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल हैं। मैं, उन्हें साधुवाद देता हूं कि उन्होंने इस कार्यक्रम को जनजागरण और सांस्कृतिक चेतना का एक माध्यम बनाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के भी सौ वर्ष पूर्ण हुए हैं। मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए संघ की विचारधारा और प्रेरणा ही राष्ट्र कार्य करने की शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा एक पर्व मात्र नहीं है, बल्कि ये हमारे जीवन में एक पाथेय का कार्य करता है। यह हमें सिखाता है कि चाहे असत्य कितना भी बलवान क्यों न हो, उसकी पराजय निश्चित है। यह हमें बताता है कि शक्ति और ज्ञान का दुरुपयोग अंततः पतन की ओर ही ले जाता है। भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मर्यादा, धर्म और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। एक आदर्श पुत्र, आदर्श पति और आदर्श राजा के रूप में उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। भगवान राम ने यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा के लिए कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, विजय सदैव धर्म की ही होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर हमारे युग का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव बन गया है। हमारे मंदिर, मेले और पर्व न केवल सनातन संस्कृति में हमारी अटूट आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि ये हमारे लिए पर्यटन और रोजगार का भी सशक्त माध्यम हैं, इसी को देखते हुए, हम इन आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार ने लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद, धर्मांतरण जिहाद सहित कई अन्य बुराइयों को प्रदेश से समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया है द्यआज प्रदेश में दंगारोधी कानून द्वारा दंगाइयों की संपत्ति जब्त कर उनसे ही नुकसान की भरपाई कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नक़ल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून भी लागू किया है। जिसका परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त हुई है। परंतु कुछ लोगों को पारदर्शिता के साथ हमारे युवाओं का सरकारी नौकरियों में जाना रास नहीं आ रहा है। जैसा कि आप सभी भलीभांति जानते हैं कि हाल ही में एक नकल का मामला सामने आया था, प्रकरण की जानकारी मिलते ही हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए ैप्ज् का गठन किया। लेकिन विपक्षी दलों ने इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक षड्यंत्र कर प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए और इस प्रकरण की सीबीआई जाँच के लिए युवाओं को उकसाने का प्रयास कर रहे थे। इसलिए मैंने स्वयं युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले की सीबीआई जांच कराने के साथ ही हम उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा करेंगे। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ही हमारी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून बनाया है और युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जो भी निर्णय लेना पड़ेगा, मैं, बिना किसी हिचकिचाहट के वो निर्णय लूंगा। इसके अलावा, हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। हमारा प्रयास है कि राज्य में ऐसे शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए,न कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को 500 साल पुरानी कबीलाई मानसिकता की ओर धकेला जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए हमारी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार रूपी रावण को भी जड़ से समाप्त करने के लिए ‘’ज़ीरो टॉलरेंस’’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज की नींव रखेंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता से की अपील, अधिक से अधिक अपनाएँ स्वदेशी उत्पाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने का आग्रह किया था। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के चकराता रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन से सामान खरीदा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र या उत्पाद नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान और महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया गया स्वदेशी अभियान और वोकल फॉर लोकल आज देशभर में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि खादी और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे त्योहारों के अवसर पर विशेष रूप से स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ और अधिक से अधिक खादी एवं स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा और यह प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने परेड ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयदशमी पर्व के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में प्रतिभाग किया।

समस्त प्रदेशवासियो को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान श्रीराम से सभी प्रदेशवासियों के लिए स्वस्थ जीवन, उज्ज्वल भविष्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरे का पर्व न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है बल्कि यह पर्व हमें मानव जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा के महत्व का बोध भी कराता है। यह हमें रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। दशहरे का पर्व हमें ये संदेश देता है कि अधर्म, अन्याय और अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः उसकी हार निश्चित है। रावण के पास अपार बल, सोने की लंका और शक्तिशाली सेना थी, लेकिन वह अपने अहंकार और अधर्म के कारण पराजित हुआ। यह त्योहार हमें सिखाता है कि अहंकार की ज्वाला स्वयं उस व्यक्ति का नाश करती है, जिसके भीतर अहंकार होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमें यहां सिर्फ पुतला दहन नहीं करना है, बल्कि इस त्योहार से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। दुनिया भर के करोड़ों सनातन प्रेमियों के आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम ने सद्गुण और धर्म के महत्व को रेखांकित करने के लिए ही इस संसार में जन्म लिया। उनके द्वारा स्थापित मानव मूल्यों ने न केवल सनातन भारतीय संस्कृति को आकार दिया, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को प्रेरित करने का कार्य भी किया। उनका आदर्श जीवन हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन अवश्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी पर्व हमें हर वर्ष यह भी याद दिलाता है कि अभी भी समाज में कई ’’रावणों’’ का संहार करना बाकी है। क्योंकि, समय बदल गया है, लेकिन रावण आज भी अलग-अलग रूपों में हमारे बीच मौजूद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीएसटी के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक निर्णय से उत्तराखंड सहित पूरे देश के व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार प्रकट करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय प्रदेशवासियों के लिए एक सुखद और लाभकारी तोहफा है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी प्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर लिए जा रहे ऐसे फैसले देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आमजन को सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर सभी उत्तराखंडवासी यह संकल्प लें कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे। साथ ही देश को विश्व गुरु बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए भी हम सब मिलकर कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ धाम से यह संकल्प व्यक्त किया था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकल्प को पूर्ण करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक यदि अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देगा तो यह लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त होगा। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, पर्यटन, उद्योग, कृषि या स्वरोजगारकृहर क्षेत्र में उत्तराखंडवासियों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस विश्वास और आशीर्वाद को पूरा करने के लिए राज्य सरकार निरंतर संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमारी कोशिश है कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित हो।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर प्रधानमंत्री के सपनों और संकल्प को साकार करने में अपना सक्रिय योगदान दें, ताकि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में पूरे देश और विश्व के लिए एक आदर्श राज्य बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं और सुधारात्मक कदमों से आम नागरिकों के जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेशवासियों के जीवन को सुखद, समृद्ध और उज्ज्वल बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज की नींव रखेंगे और अपने राज्य और देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सविता कपूर सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।