अब स्थानीय भाषा में भी दर्ज हो सकेगी शिकायत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में समाधान पोर्टल हेतु स्मार्ट आई.वी.आर.(इंटरैक्टिव वॉयस रेस्पॉन्स) सिस्टम के माध्यम से सार्वजनिक शिकायतों को मोबाईल/दूरभाष पर प्राप्त कर उनका निस्तारण किये जाने सम्बन्धी सेवा का शुभारम्भ किया। जन समस्याओं और सुझावों को और अधिक सुगम बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 1905 पर फोन कर अपनी शिकायत या सुझाव को पंजीकृत करा सकते है। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाईल नम्बर एवं शिकायत का विवरण देना होगा। शिकायत एन.आई.सी. के पोर्टल पर दर्ज हो जायेगी। उसके बाद शिकायत, सम्बन्धित विभाग को भेजी जायेगी। जिसका सम्बन्धित विभाग द्वारा 10 दिन के अन्दर फीडबैक दिया जायेगा। आईवीआर सिस्टम के तहत एक साथ 15 लोग शिकायत/सुझाव दर्ज करा सकते हैं। इसमें लोग स्थानीय भाषा में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिसके लिए अनुवाद की व्यवस्था भी रहेगी। त्रिवेन्द्र ने कहा कि समाधान पोर्टल पर आई.वी.आर. सिस्टम के होने से जनसमस्याओं के निवारण में तेजी आयेगी। समस्याओं के निवारण के लिए सम्बन्धित विभागों की जिम्मेदारी तय रहेगी। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं पहुंचेगी तथा सुझाव भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आई.वी.आर. सिस्टम में स्थानीय बोलियों को भी सम्मिलित किया गया है।

2 लाख कंपनियों के बैंक खाते बंद

नोटबंदी के बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से जिन दो लाख कंपनियों को बंद किया गया था, उनके बैंक खातों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जानकारी वित्त मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी 5 सितम्बर को दी गई।
वित्त मंत्रालय ने एक अधिकारिक बयान जारी करके कहा कि 2,09,032 कंपनियों को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से बंद कर दिया गया था। ऐसी कंपनियों के निदेशकों और अधिकारी अब पूर्व डायरेक्टर और पूर्व अधिकारी बन जाएंगे। इसमें आगे कहा गया है कि जब तक यह मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) से कानून सुलझ नहीं जाता, तब तक इनके बैंक खाते ऑपरेट नहीं होंगे। वित्त मंत्रालय के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी यह जानकारी ट्वीट की गई है। वित्त विभाग ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि इन कंपनियों के खातों को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस कार्रवाई को सरकार की तरफ से फर्जी कंपनियों (शेल कंपनियां) के खिलाफ उठाए गए अगले कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
अन्य कंपनियों को चेतावनी बयान में अन्य कंपनियों को भी चेताते हुए कहा गया है कि बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों से कहें कि ऐसी कंपनियों के साथ व्यवहार करते समय कर्मठता दिखाएं और उन कंपनियों पर नजर रखें, जो फाईनेंशियल स्टेटमेंट और सालाना रिटर्न फाइल करने में गड़बड़ी कर रही हैं।

सुविधायुक्त घर को लोन का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां एक ओर झोपड़ी और कच्चे घरों में रहकर गुजर-बसर करने वाले परिवारों को आवास बनाने के लिये योजना का लाभ मिल सकेगा। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इस योजना में कुछ नई सौगाते भी दी है। जिसके तहत जहां लाभार्थी पक्का आवास बना सकेंगे, वहीं शौचालय के लिए भी उन्हें अनुदान भी मिलेगा। साथ ही बिजली और गैस कनेक्शन भी मुफ्त मिल सकेगा। इससे गरीब परिवारों को समस्याओं से निजात मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ पाने वाले गरीबों को अब एक साथ कई योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार की ओर से पक्का आवास बनवाने के लिए निर्धारित 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में मिलेंगे। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी में 70 हजार, जबकि अंतिम किस्त 10 हजार की होगी। वहीं, जिला पंचायत राज विभाग से शौचालय के लिए 12 हजार रुपये का अनुदान का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था में लाभार्थियों को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस का कनेक्शन भी दिया जाएगा। दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन मिलेगा। यही नहीं, गरीबों के लिए जिला पूर्ति विभाग से संचालित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्र गृहस्थी में भी शामिल किया जाएगा। इससे उन्हें सस्ते दर में अनाज भी मिल सकेगा।
परिवार के सदस्यों को मिलेगा काम
योजना के तहत जहां आवास का लाभ मिलेगा। वहीं, घर के सदस्य जॉबकार्ड बनवा सकेंगे। साथ ही आवास में स्वयं काम भी कर सकेंगे। इसके तहत मनरेगा से 90 मानव दिवस का लाभ मिल सकेगा। इससे आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
सुविधायुक्त आवास के लिए लोन का भी लाभ
सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख दिए जाएंगे। यदि कोई लाभार्थी आवास को अधिक सुविधायुक्त बनाना चाहेगा और इसके लिए उसे अतिरिक्त धनराशि की जरूरत होगी तो शासन से निर्धारित धनराशि के अलावा बैंक से सस्ते ब्याज दर पर 70 हजार रुपये के लोन की भी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
आपको बतो दें कि इस प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीब परिवारों को दिया जाता है। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शामिल किया जाता है। प्राथमिकता पर उन लोगों को लाभ मिलता है, जो आवास विहीन अथवा कच्चे मकान में रहते हैं। साथ ही इससे पहले परिवार के किसी सदस्य को लोहिया, इंदिरा आवास या अन्य किसी आवास योजना का लाभ न मिला हो।

नीति आयोग करेगा कुपोषण मुक्त भारत बनाने को जोर

मानवीय विकास, गरीबी में कमी तथा आर्थिक विकास के लिहाज से पोषण को महत्वपूर्ण करार देते हुए नीति आयोग ने राष्ट्रीय विकास एजेंडा में इसे ऊपर रखने का सुझाव दिया है। आयोग ने इस संबंध में राष्ट्रीय पोषण रणनीति पर एक रिपोर्ट जारी की।
आयोग के अनुसार, कुपोषण की समस्या का समाधान करने तथा पोषण को राष्ट्रीय विकास एजेंडा के ऊपर लाने के लिए नीति आयोग ने पोषण पर राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है। इसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया के जरिए तैयार किया गया है। इसमें पोषण संबंधी मकसद को हासिल करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में देश में अल्प-पोषण की समस्या के समाधान के लिए एक मसौदे पर जोर दिया गया है। इसके तहत पोषक के चार निर्धारक तत्वों, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य पदार्थ, पेय जल और साफ-सफाई तथा आय एवं आजीविका में सुधार पर बल दिया गया है। पोषण रणनीति मसौदे में कुपोषण मुक्त भारत पर जोर दिया गया है जो स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत से जुड़ा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राज्य स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों के समाधान के लिए राज्य एवं जिला कार्य योजना तैयार करे।
देश में कुपोषण की समस्या से लड़ने के लिए केन्द्र की पूर्व मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल के दौरान 2007 में मिड डे मील की विस्तृत योजना लॉन्च की गई थी। इस योजना के तहत देशभर में कुपोषण के शिकार बच्चों को सीधे फायदा पहुंचाने हुए उन्हें स्कूल लाने की कवायद की गई। इस योजना से फायदे का दावा नीति आयोग के आंकड़ों के साथ-साथ आर्थिक मामलों के जानकार करते रहे हैं।
अब नीति आयोग का मानना है कि यह मानवीय विकास, गरीबी में कमी तथा आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योजना है। आयोग ने पोषण में निवेश की वकालत करते हुए ग्लोबल न्यूट्रीशनल रिपोर्ट 2015 के हवाले से कहा कि निम्न और मध्यम आय वाले 40 देशों में पोषण में निवेश का लागत-लाभ अनुपात 16ः1 है।

बुआ ने छोड़ा भतीजे का साथ, फिर क्यों कहा कि अच्छे है संबंध

कॉमेडियन कपिल शर्मा की मुश्किलें दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। सुनील ग्रोवर और सिद्धू के शो से चले जाने के बाद अब कपिल की बुआ उपासना सिंह भी शो से विदा ले चुकी हैं। उनका जाना कपिल के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो रहा है। बता दें कि उपासना ने कपिल का शो छोड़कर कृष्णा अभिषेक का शो जॉइन कर लिया है। खबरों की मानों तो उपासना के शो से जाने का असली कारण अपने कैरेक्टर को बताया है। उन्होंने बताया कि वह अपने किरदार से ऊब गई थी, इसलिए शो छोड़ दिया। उन्हें कुछ नया करने का मौका नहीं मिल रहा था।
उपासना ने बताया कि मेरे किरदार में कुछ नया नहीं था। एक ही डायलॉग मैं बार-बार बोल रही थी। मुझे कुछ नया करने को नहीं मिल रहा था। दरअसल, मैं कुछ नया करना चाह रही थी। कृष्णा के शो पर मुझे कुछ नया करने का मौका मिला तो मैंने कपिल के शो को अलविदा कह दिया। कपिल के साथ दोबारा काम करने के लिए उपासना का कहना है कि कपिल से मेरी कोई लड़ाई नहीं है। अगर कुछ अच्छा लिखा जाएगा और मेरे किरदार में कुछ नया जोड़ा जाएगा, तो मैं जरूर शो का हिस्सा बनूंगी। कपिल के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं।

भारत सरकार की नजर में होगा नैनी झील का संरक्षण

पर्वतीय क्षेत्र नैनीताल यूं तो देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिये जाना जाता है। हों भी क्यों ना? आखिर यहां नैनी झील ने सबको अपनी ओर आने पर विवश जो कर रखा है। आप यहां कभी भी आकर नैैनी झील में बोटिंग का लुफ्त उठा सकते है, परंतु इस बार नैैनी झील का जलस्तर घटने से जहां नैैनीताल की जनता के सम्मुख पेयजल की समस्या बनी हुयी है, तो वही पर्यटकों को आकर्षित करने वाली नैनी झील अब कम आकर्षित कर रही है और इसका प्रभाव यह देखने को मिला कि यहां पर्यटकों की संख्या अन्य वर्षों की तुलना में कम आंकी गई। लेकिन अब नैैनी झील के जलस्तर की डोर केद्र सरकार की अमृत योजना से दूर होगी।
भारत सरकार की अमृत योजना से नैनी झील में गिरने वाले क्षतिग्रस्त नालों को दुरुस्त करने, नालों की कवरिंग, पार्किंग आदि के लिए सात करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। झील का स्वामित्व सिंचाई विभाग को सौंपने के बाद लोक निर्माण विभाग ने यह प्रस्ताव भी सिंचाई विभाग को सौंप दिया है। दरअसल, ब्रिटिश शासनकाल में नैनी झील के संरक्षण-संवर्धन के लिए शहर की पहाड़ियों पर 62 नाले बनाए गए थे। इनमें से सात नाले झील के जलागम क्षेत्र सूखाताल में गिरते हैं, जबकि छह बलियानाला में। टूट-फूट व अन्य वजहों से इनमें से तीन नालों का अस्तित्व खत्म हो चुका है। 44 नाले सीधे नैनी झील में गिरते हैं। बारिश में इन्हीं नालों के माध्यम से झील रीचार्ज होती है। अतिक्रमण, कूड़ा-कचरा आदि की वजह से नालों का अस्तित्व खतरे में पड़ा तो हाईकोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा। झील में गिरने वाले नालों के किनारे से अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया। इसके बाद हरकत में आई मशीनरी द्वारा अतिक्रमण की वजह से बंद किए गए नालों को खोला गया। इसी साल गर्मियों में झील का जलस्तर रिकार्ड स्तर पर नीचे चला गया तो पूरी सरकार और शासन तंत्र हिल गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद झील का निरीक्षण करने व स्थानीय विशेषज्ञों से बात करने नैनीताल पहुंचे तो राज्यपाल ने उच्चस्तरीय बैठक कर कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई।
नालों के ऊपर जाली लगाने का प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एमपीएस कालाकोटी के अनुसार अमृत योजनांतर्गत नालों को कवर करने का भी प्रावधान है, ताकि अतिक्रमण और कूड़ा-करकट से उनको बचाया जा सके। 23 नंबर नाले के दोनों ओर घनी आबादी है। इसलिए नाले के ऊपर जाली लगाने का भी प्रावधान किया गया है। मल्लीताल मस्जिद के पीछे तथा बीडी पांडे अस्पताल के समीप पार्किंग का भी प्रस्ताव है। झील के समीप के खुले नाले पर स्कवर बनाने की योजना है, ताकि अत्यधिक बारिश में पानी सड़क के बजाय सीधे झील में जाए।

क्लीन स्वीप के बाद टीम इंडिया ने कुछ इस तरह मनाया जीत का जश्न

भारतीय टीम ने रविवार को श्रीलंका को पांचवें और आखिरी वनडे मैच में छह विकेट से मात देकर क्लीन स्वीप किया। भारत ने विदेशी जमीन पर दूसरी बार और श्रीलंका के खिलाफ पहली बार क्लीन स्वीप किया है।
यह जीत भारत के लिए वाकई खास थी। इस जीत के बाद का जश्न भी टीम इंडिया ने खास तरीके से मनाया। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टीम के सभी खिलाड़ियों को अपने साथ ड्रिंक्स कार में बैठाकर मैदान का चक्कर लगाया। इस दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, केदार जाधव, मनीष पांडे, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल समेत कई खिलाड़ी भी धौनी की गाड़ी में सवार हुए। दर्शकों ने भी टीम इंडिया के इस जेस्चर का काफी मजा लिया और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इस गाड़ी के अंदर, ऊपर और पीछे जहां भी जगह मिली, वहीं भारतीय खिलाड़ी बैठ गए और इसे ड्राइव करने की जिम्मेदारी संभाली पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने। उन्होंने इस सीरीज में भी टीम इंडिया को जीत की राह पर चलाया था और सीरीज के बाद भी उन्होंने स्टीयरिंग खुद संभाला। कोहली ने भी इस सीरीज में दो शतक जमाए और अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। भारत को इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे और टी 20 सीरीज खेलनी है। इस समय टीम की फॉर्म को देखकर लग रहा है कि उसे यह सीरीज जीतने में भी मुश्किल नहीं होनी चाहिए।

पहला स्थान है भारत का भ्रष्ट देशों में

ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल के हाल में आए सर्वे से यह खुलासा हुआ है कि एशिया के पांच देशों में सबसे ज्यादा भ्रष्ट भारत है। फोर्ब्स ने करप्ट देशों की एक लिस्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि एशिया के पांच सबसे ज्यादा करप्ट देशों की सूची में भारत ने वियतनाम, थाइलैंड, पाकिस्तान और म्यांमार को पछाड़ दिया है।
भारत में 69 फीसदी घूसखोरी पांच सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में होती है। इनमें स्कूल, हॉस्पिटल, पहचान पत्र बनाने, पुलिस और यूटीलिटी सर्विस प्रमुख हैं। और इन संस्थाओं में आधे से ज्यादा लोगों का काम घूसखोरी की वजह से ही होता है। भारत घूसखोरी और भ्रष्टाचार में वियतनाम के बहुत करीब है। वहीं भारत का पड़ोसी पाकिस्तान घूसखोरी में चौथे नंबर पर है। यहां 40 फीसदी घूसखोरी होती है।

बदला लेने का यह कैसा तरीका? अधिक पढ़े

बदले की आग में जल रहे एक इंसान ने हैवान बनकर ऐसी वारदात को अंजाम दे डाला जिसे सुनकर किसी का भी सिर शर्म से झुक जायेगा। तीन साल की खुद की बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले को सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों की मदद से आरोपित की नाबालिग बहन का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस मुख्घ्य आरोपी को हिरासत में लेकर उसके साथियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापे मार रही है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में छह महीने पहले एक युवक ने तीन साल की बच्ची के साथ रेप कर दिया था। तब पुलिस ने पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपित युवक को जेल भेज दिया था। लेकिन तीन साल की बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद से उसका पिता प्रतिशोध की आग में जल रहा था। उसने दुष्कर्म को अंजाम देने वाले युवक को सबक सिखाने के नाम पर खुद एक और कुकर्म की साजिश रच डाली।
वह रेप के आरोपित युवक की नाबालिग बहन पर नजर रखने लगा। 28 अगस्त की शाम शौच के लिए खेत की ओर गई किशोरी को नशीला पदार्थ सुंघा कर बेहोश कर दिया। इसके बाद दो अन्य लोगों की मदद से वह उसे लेकर गोरखपुर चला गया। गोरखपुर में उन तीनों ने मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदो ने 29 अगस्त की भोर में अर्द्धबेहोशी की हालत में किशोरी को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। वहां जीआरपी ने किशोरी को उठाया। पूछताछ में किशोरी से उसके गांव का पता चलने पर जीआरपी ने उसे सलेमपुर भिजवा दिया। घर पहुंची किशोरी ने अपने परिवार के सदस्यों को रो-रोकर अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी कहानी बता दी। इसके बाद किशोरी की मां ने थाने पर तहरीर दी और पुलिस ने मुख्घ्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। कोतवाल विजय सिंह गौर ने दावा किया कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जायेगा।

खुशखबरी! भारत में जल्दी ही टिल्टिंग ट्रेन दिखेगी

स्विटजरलैंड के सहयोग से भारत में टिल्टिंग ट्रेन चलाने की योजना बन रही है। ये ट्रेन घुमावदार रास्तों में अपने आप ही मोटर बाइक की तरह झुक जाएगी। ट्रेन के अपने आप झुकने से यात्रियों को सहूलियत होगी। इस संबंध में भारत सरकार ने स्विट्जरलैंड सरकार के साथ समझौता किया।
टिल्टिंग ट्रेन अभी सिर्फ दुनिया के 11 देशों में चल रही है। टिल्टिंग ट्रेन अभी इटली, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, फिनलैंड, रूस, चेक गणराज्य, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, चीन जर्मनी और रूमानिया में है।
एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि ट्रेन जब तेज घुमाव या ढाल से गुजरती है कि तो ट्रेन घुमाव के विपरीत दिशा में झुक जाती है। इससे यात्रियों को का बैलेंस बना रहता है, उन्हें झुकना नहीं पड़ता। जैसे कि ट्रेन बाईं ओर मुड़ेगी तो अपने आप ही बाईं ओर कुछ उठ जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी ट्रेनें चलाने के बारे में दोनों देशों में समझौता हो चुका है। इस समझौते का लक्ष्य ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक, ईएमयू एवं ट्रेन सेट, ट्रैक्शन प्रणोदन उपकरण, माल और यात्री कारें, टिलटिंग ट्रेन, रेलवे विद्युतीकरण उपकरण आदि क्षेत्रों में सहयोग करना है।
गोवा में विकसित होगी तकनीक
दूसरे समझौते में कोंकण रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड और स्विट्जरलैंड की कंपनी स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीच हुआ तो गोवा में स्घ्थापित सुरंग बनाने वाली तकनीकी संस्थान के विकास में मदद मिलेगी।