मृतक आश्रित के शैक्षणिक दस्तावेज जांच में निकले फर्जी

उत्तराखंड परिवहन निगम में मृतक आश्रित के शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी निकले। जांच के बाद ऋषिकेश डिपो के एआरएम नेतराम ने परिचालक की सेवा समाप्त कर दी है।
उत्तराखंड परिवहन निगम में मृतक आश्रित कोटे से राहुल गुप्ता पुत्र स्व. राम बहादुर गुप्ता को 16.08.2014 को ऋषिकेश डिपो में बतौर परिचालक नियुक्ति मिली थी। निगम की ओर से राहुल गुप्ता के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की गई तो उसके प्रमाण पत्र फर्जी निकले। बताया जा रहा कि राष्ट्रीय मुक्त विश्व विद्यालय नोएडा ने अपने पत्र में राहुल गुप्ता के दर्शाए गये अनुक्रमांक को सही नही पाया है। उन्होंने संबधित दस्तावेजों का विवरण अपने कार्यालय में उपलब्ध नही होने और उपलब्ध दस्तावेज भिन्न होने की बात कही है।
सेकेंड्री के प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाये जाने पर निगम की ओर से परिचालक को स्वयं उपस्थित होकर ऑरीजनल दस्तावेज प्रस्तुत करने व अपना पक्ष रखने का मौका दिये जाने के बाद भी परिचालक ड्यूटी से गैर हाजिर रहा। एआरएम नेतराम गौतम ने बताया कि परिचालक 19 जुलाई 2016 से लगातार गैर हाजिर है और अपना पक्ष भी नही रख रहा है। इससे सिद्ध होता है कि वह दोषी है। उन्होंने बताया कि विभाग को गुमराह करने व फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर सरकारी सेवा पाने के आरोपी परिचालक को निगम सेवा से पृथक किया जा रहा है।

 

सीएम ने पुलिस जवानों को सम्मानित किया

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परेड ग्राउंड में हरीश रावत ने ध्वजारोहण कर सांस्कृतिक आयोजन में भी भाग लिया
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड़ ग्राउन्ड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें सराहनीय सेवा के लिए रतन सिंह पंवार, निरीक्षक अभिसूचना देहरादून व महेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी 3159पीएसी, आईआरबी प्रथम राजनगर को सम्मानित किया। विशिष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमति प्रीति प्रियदर्शनी, अपर पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र सिंह गुंज्याल, पुलिस उपाधीक्षक लोकजीत सिंह, निरीक्षक कैलाश पंवार, दल नायक एसडीआरएफ दीवान सिंह मेहता, उपनिरीक्षक राकेश गुंसाई, उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, एचओएम खुशाल राम, आरक्षी अभीसूचना सादाब अहमद, आरक्षी विजेन्द्र चौहान, आरक्षी राजेन्द्र कुमार को सम्मानित किया। अर्द्धकुम्भ मेले में विशिष्ट प्रदर्शन के लिए सुरजीत सिंह पंवार व परमेन्द्र सिंह डोबाल को सीएम ने सराहनीय सेवा मेडल से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री रावत ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे कलाकारों के बीच में जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। ब्रह्म कमल सांस्कृतिक संस्था देहरादून ने मेला नृत्य, जौनपुर लोक कला मंच, टिहरी ने तान्दी नृत्य, नव हिमालय लोक कला केंद्र, अल्मोड़ा ने छपेली नृत्य, जौनसार बावर पौराणिक सांस्कृतिक लोक कला मंच, चकराता ने हारूल नृत्य व रंग कल्याण संस्था, धारचूला ने रंगपा जनजाति के पौराणिक नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का समापन राज्य गीत के साथ किया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने बीजपुर हाउस में भी ध्वजारोहण किया और उपस्थित लोगों को देश के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री कांग्रेस भवन भी गए और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को मिष्ठान्न वितरण किया।

हक की मांग को लेकर तहसील में प्रदर्शन

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16 साल से कर रहे हैं भूमिधरी का अधिकार देने की मांग
25 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं विस्थापित
ऋषिकेश।
मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में टिहरी बांध प्रभावित पशुलोक धरना स्थल पर एकत्रित हुए और रैली के रूप में आईडीपीएल होकर तहसील पहुंचे। यहां विस्थापित समन्वय विकास समिति पशुलोक के अध्यक्ष हरि सिंह भंडारी ने कहा कि टिहरी जनपद के एक दर्जन गांवों के तीन हजार पुनर्वासित परिवार वर्ष 2000 में पशुलोक में बसाए गए थे, लेकिन 16 साल बाद भी विस्थापितों को भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया है। विस्थापित 25 जुलाई से पशुलोक में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सचिव जगदमा रतूड़ी ने कहा कि क्षेत्र को राजस्वग्राम का दर्जा नहीं मिलने से विस्थापित सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। प्रमाण-पत्र ना बनने से उनके बच्चों को रोजगार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा जल्द से जल्द क्षेत्र को भूमिधरी का अधिकार देने की मांग की।

वनभूमि भी है भूमिधरी में रोड़ा
वनभूमि के चलते भी भूमिधरी का अधिकार मिलने में परेशानी आ रही है। पुनर्वास निदेशालय की लापरवाही एवं शासन की अनदेखी के चलते भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया है। जबकि 2005 में मुख्य संरक्षक वन ने पुनर्वास निदेशालय को शासन स्तर पर आदेश जारी करवाने को कहा था, लेकिन शासन की अनदेखी के चलते समस्या का निदान नहीं हो पाया है।

बेटे ने मां के साथ घूम रहे युवक की पिटाई कर डाली

ऋषिकेश।
आवास विकास क्षेत्र की एक महिला को अन्य युवक के साथ घूमना भारी पड़ गया। महिला के बेटे ने युवक की सड़क पर ही पिटाई कर डाली। मारपीट में घायल युवक जब अपना इलाज कराने सरकारी अस्पताल पहुंचा तो महिला की बहू ने अस्पताल में युवक के साथ मारपीट की।
पुलिस के अनुसार एक महिला ढालवाला क्षेत्र में एक युवक के साथ घूम रही थी, इसका पता महिला के बेटे को चला तो उसने मां के साथ घूम रहे युवक की जमकर धुनाई कर डाली। बचाव में युवक ने भी जबाबी हमला किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अस्पताल पहुंचाया। मारपीट में घायल दोनों युवकों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इस दौरान महिला की बहू भी अस्पताल आ धमकी। उसने सास के साथ घूम रहे युवक को खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया। मामला बढ़ने से बहू ने भी युवक पर हमला कर दिया।
अस्पताल में मौजूद पुलिस और अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। इस दौरान अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवायी की जायेगी।

ग्राम समाज की 3 बीघा भूमि पर हटाया कब्जा

ऋषिकेश।
न्याय पंचायत रानीपोखरी के रखवाल गांव में ग्राम समाज की 3 बीघा भूमि पर अतिक्रमण हटाने गयी प्रशासन की टीम पर अतिक्रमणकारी महिला ने पत्थर व पाठल से हमला किया। एसडीएम ऋषिकेश कुश्म चौहान के पांव में भी एक पत्थर लगा। इस घटना में ग्राम प्रधान दीपक चंद भी चोटिल हुए। एसडीएम ने मौके पर पुलिस बुलाई और ट्रेक्टर व जेसीबी से अतिक्रमण हटाया।
पुलिस ने बमुश्किल अतिक्रमणकारी महिला पर काबू पाया। पुलिस ने सख्ती दिखाईं तो महिला के तेवर शांत हुए। प्रशासन की टीम ने ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण हटाकर तारबाड़ करवाई और प्रधान के सुपुर्द कर दिया। पत्थरबाजी में घायल हुए ग्राम प्रधान दीपक चंद ने सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में मेडिकल कराया। उन्होंने महिला के खिलाफ श्यामपुर पुलिस चौकी में प्राथमिकी दर्ज कराई। टीम में कानूनगो व पटवारी भी मौजूद रहे।

ग्राम समाज की भूमि से कब्जा हटा दिया गया है। मौके पर प्रशासन की टीम का अतिक्रमणकारी महिला ने विरोध किया। पुलिस बल की मौजूदगी में महिला पर काबू पाया जा सका।
— कुश्म चौहान एसडीएम ऋषिकेश।

ग्राम प्रहरियों ने सीखें आपदा के गुर

ऋषिकेश।
मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक गढवाल के निर्देश पर कोतवाल वीसी गोसाईं के नेतृत्व में ग्रामीण चौकिदारों को आपदा बचाव के बारे में जानकारी दी। चौकीदारों को आपदा के समय बचाव व उसके तरीके बताए। पुलिस टीम ने प्रोजेक्टर व टेली फिल्म के अलावा उन्हें प्रैक्टिकली तरीके से बचाव के गुर सीखाए। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान कई लोग संयम खोकर अपने आप को ही मुसीबत में डाल देते हैं। लेकिन ऐसे समय में संयम व साहस से ही बचाव किया जा सकता है। आपदा के समय घायल लोगों का बचाव किया जाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसी स्थिति में रस्सी व प्लास्टिक के कट्टों को स्ट्रैचर नुमा बनाकर घायल को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा सकता है। कोतवाल वीसी गोसाईं ने चौकीदारों को बताया कि बरसात के समय ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा की घटनाएं अधिक होती हैं। जिसमें चौकीदारों को संयम व सूझबूझ के साथ कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर एसएसआई गजेंद्र बहुगुणा, एसआई योगेश कुमार, राजेश सिंह, हरीश सती, का. राजाराम डोभाल, नवनीत सिंह, सचिन मलिक, देवेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे

चलती कार में आग लगने से हड़कंप

देहरादून।
सुबह दून से दिल्ली जा रही कार में अचानक आग लग गई। इसमें तीन लोग सवार थे। अचानक हुए हादसे से तीनों सकुशल तो बच निकले लेकिन घटना अभी भी उनके दिलो-दिमाग में है। जिससे वे घबराए हुए है।
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह एक कार (एचपी 51 एजी 0028) में सवार होकर चालक मोहम्मद शोयब पुत्र मोहम्मद नबी निवासी ए-739, जीडी कॉलोनी मयूर विहार फेज तीन, दिल्ली अपने दो साथियों के साथ दिल्ली की ओर जा रहे थे। आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास कार में अचानक धंुआ निकलने लगा। तीनों आनन-पफानन में बाहर आए। तभी गाड़ी को आग पकड़ गई। तीनों ने आग को बुझाने की कोशिश की लेकिन आग ने विकराल रुप लेकर धमाके के साथ पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि तीनों सुरक्षित बताये जा रहे हैं। हादसा कार में शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।

भुगतान न होने पर ठेकेदारों का पुर्नवास कार्यालय में प्रदर्शन

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ऋषिकेश।
निर्माण कार्य का बकाया भुगतान न मिलने पर ठेकेदार महासंघ ने पुनर्वास कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शनिवार को ठेकेदारों ने कार्यालय में तालाबंदी कर चेताया कि जल्द ही बकाया धनराशि नहीं दी गई तो उग्र आंदोलन होगा।
शनिवार को राजकीय ठेकेदार महासंघ के लोग बैराज स्थित पुनर्वास कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कार्यालय में तालाबंदी कर नारेबाजी की। महासंघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वर्ष 2013 के जून में आई आपदा से पुनर्वास विस्थापित क्षेत्र के आमबाग में सब तबाह हो गया। जिस पर विभाग ने क्षेत्र में आपदा कार्य करवाये, विभाग के कार्य को किए दो साल बीत गए हैं, लेकिन अभी तक ठेकेदारों का 2 करोड़ 41 लाख रूपए का बकाया भुगतान नहीं किया है। जिसकी मांग ठेकेदार लगातार विभाग से करते आ रहे हैं। हर बार बजट का रोना रोया जा रहा है। जबकि शासन से योजना का धन आवंटित कर दिया गया है।
ज्योति सजवाण का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से पिछले दो सालों से ठेकेदारों का बकाया नहीं दिया जा रहा है। जिससे गुस्साएं ठेकेदारों में विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है। विभागीय अधिकारी कमीशनखोरी की नियत से बेवजह ठेकेदारों को परेशान कर रहे हैं। कहा कि जल्द ही ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया गया तो विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे। तालाबंदी करने वालों में रमन रांगड़, गिरीश चंद्र सौंठा, नरेश बिष्ट, गंभीर सिंह राणा, मनोज रावत, देव सिंह दुमोगा, शूरवीर सिंह रावत, विजयपाल सिंह, होशियार सिंह, राजन रांगड़, राजीव भट्ट, अनिल रावत, गिरवर सिंह राणा, सुनील रावत, विजय पंवार, भगवती रतूड़ी, अजय नेगी, सुरेश खरोला आदि उपस्थित रहे।

रामविलास ऋषिकेश मंडी समिति के अध्यक्ष

ऋषिकेश।
रामविलास रावत को मंडी समिति ऋषिकेश का अध्यक्ष मनोनित किया गया है। शनिवार को ऋषिकेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर कर मिठाई बांटी।
शुक्रवार को कृषि एवं विपणन अनुभाग ने राम विलास रावत को ऋषिकेश मंडी समिति अध्यक्ष पर मनोनित किया। कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि रामविलास रावत जूझारू व कर्मठ कांग्रेस नेता हैं। उन्हें मंडी समिति की जिम्मेदारी दिया जाना सरकार का अच्छा कदम है। उनके कार्यकाल में मंडी के कार्य व्यवस्थित होंगे। इसके अलावा शासन ने मंडी समिति में पांच लोगों को भी सदस्य बनाया है।
इनमें उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद सेमवाल, सदस्य प्रेम किशोर जुगरान, बर्फ सिंह पोखरियाल, राव मुशरफ अली, गंभीर सिंह गुलियाल शामिल हैं। हर्ष जताने वालों में विधानसभा अध्यक्ष दीपक धमांदा, विक्रम सिंह रावत, राजेश शाह, अजय राजभर, कुंवर सिंह यादव, सावित्री थापा आदि उपस्थित रहे।

अवैध होर्डिंग्स पर कार्रवाई के बाद कंपनियों में मची खलबली

ऋषिकेश। हमारे संवाददाता
नगर पालिका ऋषिकेश की अवैध होर्डिंग्स पर कार्रवाई का असर दिखने लगा है। होर्डिंग्स कंपनियों ने नगर पालिका से पैसा जमा कराने के लिए समय मांगा है।
अवैध होर्डिंग्स पर नगर पालिका ऋषिकेश हरकत में आया है। पालिका को लाखों का चूना लगा रही होर्डिंग्स कंपनियों ने नोटिस को हल्के में लिया। शुक्रवार से जब पालिका ने अवैध होर्डिंग्स हटाने शुरू किए तो कंपनियों में खलबली मच गई। होर्डिंग्स कंपनियों ने पालिका प्रशासन से पैसा जमा कराने को लेकर समय मांगा है। नगर की एक कंपनी ने तो पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये भी जमा कर दिए हैं। अन्य कंपनियां भी पैसा जमा कराने की बात कहकर कार्रवाई नहीं करने की गुहार लगाई है।
गौरतलब है कि पालिका प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार नगर पालिका ऋषिकेश क्षेत्र में 81 होर्डिंग्स बिना अनुमति के लगे हैं। पालिका प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट अपर आयुक्त गढ़वाल को भी सौंपी है। मार्केट रेट के अनुसार इन होर्डिंग्स से कंपनियां तो मालामाल हो रही हैं, लेकिन पालिका को राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत अवैध होर्डिंग्स को लेकर होने वाली कार्रवाई का फीड बैक लेते हैं। उन्होंने होर्डिंग्स से ऋषिकेश पालिका की आय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने अवैध होर्डिंग्स को हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।