1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का केंद्रीय मंत्री ने किया लोकार्पण और शिलान्यास

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर 1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया । रुपये 1014.81 करोड़ की 22 योजनाओं का शिलान्यास और 115.10 करोड़ रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

*लोकार्पण*
₹ 14 करोड की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत टी.एम.आर. प्लांट का लोकार्पण।

₹ 18.17 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के पुलिस लाइन में निर्मित 46 आवासीय भवनों का लोकार्पण।

₹ 6.55 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल के पुलिस लाईन में निर्मित बहुउद्देशीय भवन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण।

₹ 5.48 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल में थाना लक्ष्मणझूला, थाना लैंसडाउन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के कुल 18 आवासीय भवनों का का लोकापर्ण।

₹5.40 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढवाल के पीटीसी नरेन्द्रनगर में निर्मित एकेडमिक ब्लॉक एवं राजपत्रित छात्रावास के लोकापर्ण।

₹ 12.75 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल में थाना चोरगलिया, काठगोदाम तथा जनपद टिहरी गढवाल में थाना कीर्तिनगर व मुनि की रेती में टाइप-2 के कुल 48 आवासों का लोकापर्ण।

₹ 14.36 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के आई०आर०बी० द्वितीय में आर०टी०सी० हेतु प्रशासनिक भवन एवं अवसंरचनात्मक कार्यों का लोकापर्ण।

₹ 6.98 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में थाना रानीखेत व द्वाराहाट तथा जनपद बागेश्वर में थाना कपकोट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण।

₹ 7.16 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत में थाना चम्पावत, टनकपुर व लोहाघाट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण।

₹ 9.16 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य का लोकापर्ण।

₹ 4.90 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में 50 बन्दी क्षमता की हाई सिक्योरिटी बैरकों का लोकापर्ण।

₹ 1.80 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के जिला कारागार में वी०सी० क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।

₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।

₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार रूडकी में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का लोकापर्ण।

₹ 0.84 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के उप कारागार, हल्द्वानी में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।

₹ 2.63 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।

₹ 2.48 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ में जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।
———-
*शिलान्यास*

₹ 20 करोड़ की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत निबन्धक कार्यालय सहकारी समितियाँ उत्तराखण्ड, मुख्यालय भवन का शिलान्यास।

₹ 6.13 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में अल्मोड़ा-सैनार-चान मोटर मार्ग में कोसी नदी पर 60 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 11.58 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग, में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली में लंगसी-द्वींग-तपोण-लॉजी-पोखनी मोटर मार्ग में अलकनन्दा नदी पर 78 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 82.37 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ में ड्रेनेज संबंधित कार्य का शिलान्यास।

₹ 516.98 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्रान्तर्गत भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र के स्लोप स्टेबलाइज़ेशन का शिलान्यास।

₹ 155.45 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत पुलिस लाईन देहरादून में टाईप-द्वितीय (ब्लॉक-ए, बी एवं सी) के 360 (G+10) आवासों का शिलान्यास।

₹ 54.04 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग, के अन्तर्गत आई.आर.बी द्वितीय देहरादून में टाईप-द्वितीय के 120 आवासों का शिलान्यास।

₹ 7.07 करोड़ की लागत से गृह (अभियोजन) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जनपदीय कार्यालय भवन एवं सदर मालखाना का शिलान्यास।

₹ 9.29 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में केन्द्रीय कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का शिलान्यास।

₹ 9.97 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जिला कारागार, अल्मोड़ा में आवासीय भवनों का शिलान्यास।

₹ 1.23 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में ट्यूबवैल एवं ओवरहेड टैंक का शिलान्यास।

₹ 2.51 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 4.90 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में बैरक संख्या – 01,02 एवं 06 के प्रथम तल पर बैरकों के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 0.99 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में महिला बैरक प्रथम तल पर नवीन बैरक के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 21.25 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 1.63 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद चमोली के जिला कारागार में वी०सी० हॉल एवं वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 0.28 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के जिला कारागार के वी०सी० हॉल में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 0.57 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के जिला कारागार में वी०सी० हॉल के भूतल पर साउण्डप्रूफ वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 2.24 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 2.74 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 43.25 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग उत्तराखण्ड़ के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत Rodibelwala Area Revitalization (Administrative Road Corridor Development) के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 60.34 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत सती कुण्ड पुनर्विकास के कार्य का शिलान्यास

नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ

गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम —के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराने के लिए उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल, दृश्य एवं इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसमें समयबद्ध जांच एवं चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो FIR एवं ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान सभी सभी प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं। विदित है कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है। प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी।

*प्रदर्शनी के जरिए बयां हो रही है विकास गाथा*
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही हरिद्वार के बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की विकास परख उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने अलग अलग स्टॉल पर जाकर विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। यह प्रदर्शनी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है। इसमें बुनियादी ढाँचे का विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।

7 को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह, सीएम ने तमाम जानकारियां हासिल की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का *केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का 7 मार्च, 2026 को हरिद्वार बैरागी कैम्प में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का उत्तराखण्ड आगमन राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर हरिद्वार किरन जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी शिडकुल सौरव गैहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें। है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर हरिद्वार किरन जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी शिडकुल सौरव गैहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।

सीएम ने गृहमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 7 मार्च को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि भ्रमण के दौरान सुरक्षा, यातायात, जनसुविधाओं तथा समन्वय से संबंधित सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से संचालित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी है, ऐसे में कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, यातायात प्रबंधन के लिए प्रभावी योजना बनाने, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की तैयारियों की प्रगति से अवगत कराया तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए, ताकि केन्द्रीय गृह मंत्री का हरिद्वार भ्रमण सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

रुद्रपुर में आयोजित उत्तराखंड निवेश उत्सव 2025 में केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने, उत्तराखंड में दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद निवेश के रूप में हुए, एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग का उत्सव मनाया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर तारीफ करते हुए, केंद्र सरकार से भरपूर सहायता का आश्वासन दिया।

टीम धामी ने दिखाया पराक्रम

स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव – 2025 को संबोधित करते हुए, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वो जब भी चार धामों और गंगा यमुना की भूमि उत्तराखंड आते हैं तो नई चेतना लेकर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाने का काम किया है। यहां की नदियां आधे भारत की पेयजल, सिंचाई की जरूरतों को पूरा करती हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि तब उन्हांेने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा था कि, राज्य सरकार का असल पराक्रम समिट में हुए तीन लाख 56 हजार करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने का होगा, लेकिन अब उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टीम ने तमाम चुनौतियों के बावजूद, आज एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतार दिया है। इससे 81 हजार नए रोजगार सृजन का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही सहायक उद्योगों के जरिए भी ढाई लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जगी है।

पारदर्शिता, तीव्रता और दूरदर्शिता

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, उत्तराखंड के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में भी उद्योग लग रहे हैं। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, नीति में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और विजन में दूरदर्शिता के साथ विकास का नया खाका खींचने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के रूप में तीन नए राज्य बनाने का काम किया। आज ये तीनों राज्य अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। 2014 के बाद केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से उत्तराखंड में तो लगातार डबल इंजन की सरकार चल रही है।

2027 तक दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में विकास का खाका खींचते हुए हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दस साल में 60 प्रतिशत बढ़ी है, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आठ लाख किमी सड़कें बनी हैं। 333 जिलों में सुविधाजनक वंदे भारत ट्रेन पहुंच चुकी है। दस सालों में 45 हजार किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, 88 नए हवाई अड्डे बने साथ ही इनलैंड वाटर वे कारगो में 11 गुना बढ़ोत्तरी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर पर छोड़ गए थे, मोदी जी इसे चौथे नंबर पर ले आए हैं। अब 2027 में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय में कहा जाता था कि आधारभूत सुविधाएं विकसित करते हुए, देश के गरीबों का कल्याण संभव नहीं है। लेकिन मोदी जी ने इस मिथक को तोड़ते हुए 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर पहुंचा दिया है। मोदी सरकार गरीबों को पांच किलो मुफ्त अनाज देकर खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, साथ ही 55 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। इस दौरान 16 करोड़ घरों में पहली बार नल से जल पहुंचा, 12 करोड घरों में शौचालय, 13 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई। मोदी सरकार के कार्यकाल में तीन करोड़ घरों में पहली बार बिजली पहुंची, चार करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए गए।

विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा मोदी ने 2047 तक विकसित भारत की कल्पना की है, लेकिन विकसित उत्तराखंड के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। देश के समग्र विकास के लिए, छोटे राज्यों सहित उत्तर पूर्व के राज्यों का विकास भी जरूरी है। इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तो वैसे भी ज्योर्तिलिंग, शक्तीपीठ, पर बद्री, पंच केदार और पंच प्रयाग की भूमि है, इस राज्य का विकास कोई नहीं रोक सकता। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ दिन रात काम कर रही है। राज्य में वर्ष भर पर्यटक आएं, इसके लिए 360 डिग्री पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तराखंड के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, यही कारण है कि जब कुछ लोगों ने ऑलवेदर रोड का विरोध किया तो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी कर ऑलवेदर रोड को चारधामों तक पहुंचाने का काम किया। इसी तरह सरकार हेमकुंड साहिब के साथ ही केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजना पर काम कर रही है। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा किस तरह इस छोटे से राज्य में निवेश का बढ़ावा देने के लिए पयर्टन, एमएसएमई, स्टार्टअप, फिल्म नीति सहित कई प्रयास किए गए, जिससे राज्य में निवेश का वातावरण बना है। आने वाले समय में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती उत्तराखंड के विकास का आधार बनेंगे।

चार गुना अधिक सहायता दी

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में उत्तराखंड को साढ़े तीन गुना से अधिक एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए गए। इसके अलावा 31 हजार करोड़ सड़कों के लिए, चालीस हजार रेलवे प्रोजेक्ट के लिए, सौ करोड़ एयरपोर्ट के लिए प्रदान किए, इस तरह कुल केंद्रीय सहायता, पिछली सरकार के मुकाबले चार गुना अधिक हो जाती है। उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि शेष निवेश लक्ष्य को बिना थके जमीन पर उतारने का काम किया जाए, केंद्र सरकार इस काम में पूरा सहयोग देने को तैयार है।

सीएम बोले, निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की ऊंचाइयों को छू रहा उत्तराखंड

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की सफलतापूर्वक ग्राउंडिंग का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का उत्सव केवल आर्थिक निवेश नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध संभावनाओं, उद्यमिता की भावना और जन भागीदारी पर आधारित समावेशी विकास का प्रतिबिंब है, जो राज्य को आत्मनिर्भरता और औद्योगिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। आज 1342 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 के अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौतों में से 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त हुई है। आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए देश में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। ’’वोकल फॉर लोकल’’, ’’मेक इन इंडिया’’, ’’स्किल इंडिया’’ और ’’स्टार्टअप इंडिया’’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति, एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियों को लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की स्थापना की गई है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिये ’’निवेश मित्र’’ की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। करीब 13 सौ करोड़ रूपए की लागत से खुरपिया में स्थापित होने वाली इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी भी उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। प्रदेश में 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड निवेशकों के मध्य, विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धात्मक और भविष्य के लिए तैयार गंतव्य के रूप में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निवेशकों को शांतिप्रिय वातावरण के साथ ही कुशल प्रशासन के जरिए हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

इस मौके पर पतंजलि समूह के संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि उत्तराखंड राज्य भारत माता का मुकुट है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रकृति और पर्यावरण के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है। उत्तराखंड ने वेलनेस की र्स्वश्रेष्ठ नीति घोषित की है। राज्य सौर ऊर्जा, हाइड्रो पावर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। बाबा रामदेव ने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा की।

यूपीईएस शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष डॉ सुनील राय ने कहा कि उत्तराखंड के ज्यादातर शिक्षण संस्थान, किसी ना किसी संस्था से मान्यता प्राप्त हैं, इससे यहां शिक्षण की गुणवत्ता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान, उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब कनेक्टिविटी काफी सुधर गई है, इससे यहां निवेश के अवसर और भी लाभप्रद हो जाते हैं। राज्य में 10 से अधिक रिसर्च संस्थान होने से भी, शिक्षण संस्थानों को इसका फायदा मिलता है।

नैनी पेपर्स के प्रबंध निदेशक पवन अग्रवाल ने कहा कि उनकी कंपनी अपना नया अत्याधुनिक प्लांट से उत्पादन शुरु कर चुकी है, जिससे 300 नए रोजगारों का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि वो गन्ने की खोई से कागज बना रहे हैं, साथ ही प्लांट में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी भी शत प्रतिशत कृषि उपज है। कृषि उपज के रूप में पेड़ उगाने से ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा पहुंच रहा है, बल्कि किसानों की भी आय बढ़ रही है।

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, महेंद्र भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक उपस्थित हुए। इससे पहले सांस्कृतिक टीमों ने मंगलगान के जरिए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर गृह मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास करने के साथ ही प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा कुल 1342.84 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिसमें 1263.5 करोड़ के 16 योजनाओं का शिलान्यास और 79.34 करोड़ की 04 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

लोकार्पण

01. उत्तराखण्ड गृह विभाग जिला कारागार पिथौरागढ़ (लागत रू0 34.49 करोड़)
02. तकनीकी शिक्षा विभाग जनपद चम्पावत के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक चम्पावत का भवन (लागत रू0 18.00 करोड़)
03. तकनीकी शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड जनपद चम्पावत के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक टनकपुर का भवन (लागत रू0 16.00 करोड़)
04. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के आवासीय भवनों (लागत रू0 10.85 करोड़)

शिलान्यास

01. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में प्रशासनिक भवन सहित बस टर्मिनल सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 378.35 करोड़)
02. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में वर्षाजल प्रबन्धन प्रणाली एवं सड़क निर्माण सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 217.82 करोड़)
03. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत टनकपुर नगर क्षेत्रान्तर्गत पेयजल आपूर्ति प्रणाली सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 171.54 करोड़)
04. महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास निगम उत्तराखण्ड जनपद-ऊधमसिंह नगर में केन्द्र पोषित योजना के अन्तर्गत काम काजी महिला छात्रावास (लागत रू0 126.00 करोड़)
05. उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला देहरादून परिसर में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना (लागत रू0 71.58 करोड़)
06. उत्तराखण्ड गृह विभाग 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर जनपद-ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत टाईप-2 के 108 आवासों (लागत रू0 47.79 करोड़)
07. उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड केन्द्र पोषित योजना च्ड-न्ैभ्। (डम्त्न्) के अन्तर्गत कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल में विभिन्न विभागों के आधुनिकीकरण जीर्णाेद्वार, उच्चीकरण एवं अन्य सुविधाओं आदि के निर्माण (लागत रू0 45.68 करोड़)
08. उत्तराखण्ड आवास विभाग जनपद-नैनीताल के अन्तर्गत मेट्रो पोल होटल परिसर (शत्रु सम्पति) में सरफेस पार्किंग (लागत रू0 42.77 करोड़)
09. उत्तराखण्ड गृह विभाग 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के अन्तर्गत टाईप-2 के 108 आवासों (लागत रू0 42.66 करोड़)
10. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के आवासीय भवनों (लागत रू0 35.66 करोड़)
11. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों (लागत रू0 26.52 करोड़)
12. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के नये कानूनों के क्रियान्वयन हेतु वी०सी० कक्षों (लागत रू0 18.56 करोड़)
13. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों (लागत रू0 14.90 करोड़)
14. उत्तराखण्ड आवास विभाग के अन्तर्गत जनपद-चम्पावत के नगर पालिका परिसर चम्पावत में लकड़ी के टाल के पास की भूमि पर मल्टी लेबल कार पार्किंग एवं कॉपलैक्स (लागत रू0 9.99 करोड़)
15. जिला विकास प्राधिकरण जनपद-ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर शहर के आंतरिक मार्ग के अन्तर्गत एन.एच.-87 में डीडी चौक से इंदिरा चौक तक बांई एवं दायीं ओर सड़क का चौड़ीकरण (लम्बाई 0.900 किमी) कार्य (लागत रू0 8.13 करोड़)
16. जिला विकास प्राधिकरण जनपद-ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत शहर रूद्रपुर में गांधीपार्क का सौन्दर्गीकरण / विकास कार्य (लागत रू0 5.55 करोड़)

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान हुए एमओयू और ग्राउंडिंग
ऊर्जा – कुल 1,03,459 करोड़ के 157 एमओयू (रोजगार 8,472) में ग्राउंडिंग 40341 करोड़ रुपए
उद्योग – कुल 78,448 करोड़ के 658 एमओयू, (रोजगार 44,663) में ग्राउंडिंग 34086 करोड़ रुपए
आवास – कुल 41,947 करोड़ के 125 एमओयू, (रोजगार 5,172) में ग्राउंडिंग 10055 करोड़ रुपए
पर्यटन – कुल 47,646 करोड़ के 437 एमओयू, (रोजगार 4694) में ग्राउंडिंग 8635 करोड़ रुपए
उच्च शिक्षा – कुल 6,675 करोड़ के 28 एमओयू, (रोजगार 4428) में ग्राउंडिंग 5116 करोड़ रुपए
अन्य- कुल 79,518 करोड़ के 374 एमओयू, (रोजगार 13898) में ग्राउंडिंग 3292 करोड़ रुपए।

गृहमंत्री के आगमन को लेकर सीएस ने की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी 19 जुलाई को जनपद उधम सिंह नगर में गृह मंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गृह मंत्री के आगमन से संबंधित सभी तैयारियों और व्यवस्थाओं को समय से पूरा करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को मौसम को ध्यान में रखते हुए संपादित करें तथा उसका वैकल्पिक प्लान भी तैयार रखें।

संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जिन विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाना है उनकी सूची तैयार करें।

इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विद्युत परिसंपत्तियों को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के तहत क्षतिपूर्ति के दायरे में लाने का आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर राज्य के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के दृष्टिगत केंद्रीय गृह मंत्री से देहरादून में “साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना के लिए 63.60 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति का अनुरोध किया है। यह सेंटर डिजिटल अपराधों की रोकथाम, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, साइबर फोरेंसिक और आधुनिक संसाधनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य की विद्युत अधोसंरचना को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति पर चर्चा करते हुए अवगत कराया कि छोटे हिमालयी राज्यों की भौगोलिक विषमताओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण परिसंपत्तियों को एनडीआरएफ/एसडीआरएफ के तहत क्षतिपूर्ति के दायरे में लाया जाए। इससे राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र और अधिक प्रभावी व सशक्त होगा।

मुख्यमंत्री ने सितारगंज केंद्रीय कारागार के विस्तार के प्रस्ताव पर 150.16 करोड़ रुपये की लागत से शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से सफलतापूर्वक आयोजित उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर समिट-2023 का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य ने 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का विषय बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि इसे उत्सव के रूप में मनाते हुए ‘उत्तराखण्ड निवेश उत्सव’ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसे पंतनगर-रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री के सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘नए भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार का निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग राज्य के विकास को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

गौलापार स्पोर्ट्स स्टेडियम का सीएम ने किया निरीक्षण, शुक्रवार को नेशनल गेम्स का होना है समापन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी गौलापार स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 38 वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर समापन कार्यक्रम हेतु अंतिम रूप से की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने समापन समारोह को भव्यता पूर्वक सम्पन्न कराए जाने हेतु की जा रही विभिन्न तैयारियां मंच निर्माण, साज सज्जा, बैठने की व्यवस्था आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर, की जा रही सभी तैयारियां की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह की पूर्व तैयारियां का स्थलीय निरीक्षण करते हुए स्टेडियम के ऑडिटोरियम में अधिकारियों के साथ बैठक कर समापन समारोह की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है इस समापन कार्यक्रम को भव्यता से सम्पन्न करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, दर्शक दीर्घा, और अन्य सभी सुविधा बेहतर हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत सभी प्रतियोगिताएं उत्तराखंड राज्य के भीतर ही सम्पन्न हुई, राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ा। इस हेतु सभी इंफ्रास्ट्रक्चर यहाँ तैयार किया गया। आने वाले समय में राज्य के युवाओं को इसका बेहतर लाभ प्राप्त होगा और यहाँ के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रौशन करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले उत्तराखंड राज्य 25 स्थान पर था आज पदक जीतकर 7 वें स्थान पर है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या न हो इस हेतु सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने फैनसिंग के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने निशानेबाजी प्रतिभागियों का मनोबल बढाते हुये उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,डा0 अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्य, एशियन फैनसिंग फैडरेशन के महासचिव राजीव मेहता, सचिव खेल अमित सिन्हा, आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी डा. योगेन्द्र रावत, जिलाधिकारी वंदना निदेशक खेल प्रशान्त आर्या, ले. जनरल (सेनि) हरपाल सिंह के साथ ही अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य में मादक पदार्थों की रोकथाम की सीएम ने बैठक में दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में की गई प्रवर्तन कार्रवाई, विशेष अभियानों और लक्ष्यों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि 2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के अपने संकल्प पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा 2047 तक विकसित भारत और नशामुक्त भारत बनाने में सहयोग करने के लिए राज्य में अनेक स्तर पर विविध प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मादक तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं। युवा का नशे की ओर जाना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक विघटन का भी कारण बन सकता है। इसी को देखते हुए राज्य में संस्थागत, प्रवर्तन और जागरूकता तीनों स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी और इसके अवैध व्यापार में लगे हुए पेशेवर अपराधियों पर सक्ति से नकेल कसी जा रही है। एंटी नार्काेटिंग टास्क फोर्स के माध्यम से प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। एन.डी.पी.एस. (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकॉट्रॉपिक पदार्थ, अधिनियम) के अंतर्गत नशे में संलग्न अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नशे की जद में आए हुए लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए जनपद में पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई है। नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं।

नशे के विरुद्ध जन – जागरूकता अभियान के अंतर्गत महिला मंगल दलों और युवा मंगल दलों को भी साथ लेते हुए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। दुरुस्त क्षेत्रों तक जन- जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। कारागारों और विद्यालयों में काउंसलरों की नियुक्ति की गई है। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

विगत वर्ष में 2183 जागरूकता रैली, 1050 गोष्ठियां, 75 नुक्कड़ नाटक और 10 मैराथन इत्यादि का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और लोगों को सीधे तौर पर जागरूक किया गया। सरकार, विभागों और विभिन्न संस्थाओं के संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों तरह के प्रयासों और समन्वय से नशामुक्ति के विरुद्ध वर्तमान समय में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने किया राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में प्रगति पर संतोष

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के उत्तराखंड राज्य में क्रियान्वयन में की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों और त्वरित क्रियान्वयन की प्रशंसा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में बताया कि उत्तराखंड राज्य में तकनीकी एकीकरण जैसे कि ई-साक्ष्य, ई-कोर्ट और ई-समन का सफल एकीकरण किया गया है। इन प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग ने न्याय प्रणाली को तेज, पारदर्शी, और प्रभावी बनाया है।

मेडलीप्र (MedLEaPR) के माध्यम से चिकित्सा और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच तालमेल बनाया गया है। मुकदमों के निस्तारण में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि अदालतों द्वारा मामलों के शीघ्र निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। 41% मामलों का निपटान और दोषसिद्धि दर प्रभावी न्याय प्रणाली का प्रमाण है।

कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण और जनशक्ति विकास के अंतर्गत 23,000 से अधिक पुलिस कर्मियों और अभियोजकों का सफल प्रशिक्षण किया गया है। उत्तराखंड हिंदी भाषा में एआई (Artificial Intelligence) आधारित कोर्स तैयार करने वाला पहला राज्य है। नए तीन कानूनों के संबंध में जन जागरूकता अभियान संचालित किए गए है।सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए नुक्कड़ नाटक, चौपाल, और सेमिनार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार को ऑनलाइन तंत्र के क्रियान्वयन से हुई लागत में बचत का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुविधाओं की संख्या बढ़ाने का भी सुझाव दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय प्रक्रिया को और सुलभ बनाया जा सके।

बैठक के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास में भारत सरकार से समर्थन का अनुरोध किया। गृह मंत्री ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

समीक्षा बैठक में भारत सरकार के गृह सचिव के साथ ही उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (कानून), सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, उपमहानिरीक्षक उपस्थित थे। बैठक में महानिदेशक बीपीआरएनडी (Bureau of Police Research and Development), गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी भी मौजूद थे।