लोक निर्माण विभाग प्रदेश की सड़कों को क्रैश बैरियर से संतृप्त करेः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिंदुओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि बजट सत्र 2024-25 के दौरान वित्त मंत्री के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिन्दुओं को सम्बन्धित विभाग, शीघ्र समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों एवं महत्त्वपूर्ण पर्यटक स्थलों को हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कार्ययोजना के सभी स्तरों की समय सीमा निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश के असुरक्षित पुलों एवं आवागमन हेतु प्रयोग हो रही ट्रॉलियों का शीघ्र ही जीर्णाेद्धार करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ट्रॉलियां संचालित हो रही हैं, वहां शीघ्र से शीघ्र पुल तैयार कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि प्रदेश में कहीं गैर सरकारी ट्रॉली भी संचालित हो रही है, तो ऐसी ट्रॉलियों का भी सेफ्टी ऑडिट करवा लिया जाए, साथ ही सरकार द्वारा इसे नियमानुसार संचालित कराया जाए एवं ऐसी ट्रॉलियों को लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्णाेद्धार किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को प्रदेश की सड़कों को क्रैश बैरियर से संतृप्त किया जाए। उन्होंने इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू किए जाने हेतु सभी विभागों से सूचना मांगी है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को ई-ऑफिस में शिफ्ट किए जाने और शासन के साथ लिंकेज की प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है। उन्होंने आईटी विभाग को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में थीम बेस्ड विज्ञान एवं नवाचार केन्द्रों की स्थापना की दिशा में तेजी लाते हुए कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जनपद रूद्रप्रयाग में विज्ञान एवं नवाचार केन्द्र के लिए जिलाधिकारी से सम्पर्क कर शीघ्र भूमि चिन्हित किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश के 13 रोजगार केन्द्रों को स्वरोजगार केन्द्रों के रूप में विकसित किए जाने और इन स्वरोजगार केन्द्रों को लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि सुविधाओं से आच्छादित करते हुए केन्द्रीयकृत स्वरोजगार केन्द्र तैयार किए जाएं। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश उद्योग विभाग एवं सेवायोजन विभाग को दिए।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता के साथ ही सभी जनपद मुख्यालयों और 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में शीघ्र से शीघ्र पुस्तकालय की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों का संचालन दून लाइब्रेरी की तर्ज पर सोसाईटी मोड पर किया जाए, ताकि इनके संचालन एवं रखरखाव की समस्या का हल हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सी. रविशंकर, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, रंजना राजगुरू, हिमांशु खुराना एवं गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

सीएस ने जीबी कृषि विश्वविद्यालय को प्रदेश के लिए कार्बन क्रेडिट एजेंसी के रूप में कार्य करने पर दिया बल

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग समिति की बैठक दिसंबर माह एवं राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति की यह बैठक मार्च माह में कराये जाने के निर्देश दिये, ताकि अप्रैल से प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो सके।

मुख्य सचिव ने कृषि विभाग द्वारा मालियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए स्किल इंडिया के एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया को कोर्स और सिलेबस को एडॉप्ट कर इस डिप्लोमा कोर्स की महत्त्व बढ़ाया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जनपद अपने अपने क्षेत्र में फार्म मशीनरी बैंकों का मूल्यांकन कराएं। कहा कि फार्म मशीनरी बैंकों के आने के बाद उत्पादकता में क्या प्रभाव पड़ा इसका आंकलन तैयार कराया जाए।

मुख्य सचिव ने जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय को प्रदेश के लिए कार्बन क्रेडिट एजेंसी के रूप में कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्बन क्रेडिट की दिशा में बहुत कुछ कर सकता है, इसके लिए जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्य सचिव ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार को ग्राफ्टिंग की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वॉलनट के ग्राफ्टेड प्लांट्स की प्रदेश में अत्यधिक मांग है, जिसे बाहर से सप्लाई कराना पड़ता है। उन्होंने विश्वविद्यालय को इस दिशा में शीघ्र कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने इन सभी प्रोजेक्ट्स के आउटकम इंडिकेटर्स निर्धारित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूर्ण हों इसके लिए सभी स्टेज की समयसीमा निर्धारित की जाएं।

इस अवसर पर सचिव श्रीधरबाबू अद्दांकी, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, वीसी वीसीएसजी औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार डॉ. परविंदर कौशल, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, नवनीत पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हरिद्वार में मुख्य सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिए निर्देश

2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से तथा आने वाले श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं किए जाने वाले निर्माण कार्यों का आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का स्थलीय किया,निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण, चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं के कैम्पिंग की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र, दक्षद्वीप क्षेत्र में मायापुर स्कैप चौनल के दोनो 15 और नये घाटों के निर्माण कार्य की योजना का निरीक्षण, आईरीस सेतु से श्री यंत्र मन्दिर होते हुए मातृ सदन तक मार्ग के सुदृढ़ीकरण योजना का एवं उक्त मार्ग के मध्य 700 से 800 मी0 की कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने जाने की योजना कार्य का निरीक्षण, नक्षत्र वाटिका के समीप कनखल ऐरिया कैनाल फ्रन्ट डेवलपमेन्ट योजना जिसके अन्तर्गत नक्षत्र वाटिका के पास पार्किंग ऐरिया, लैण्ड स्कैपिंग, पैदल स्थाई पुल चौड़ाई 7.0 मी0 (01 पुल दक्ष मन्दिर को जोडने हेतु एवं 01 पुल बैरागी क्षेत्र से सतीघाट को जोड़ने हेतु) कार्य का निरीक्षण, शमशान घाट कनखल के सामने 01 नग अतिरिक्त स्थाई सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से जान्ह्वी डेल होटल तक सिल्टइजैक्टर के ऊपर सड़क निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से झंडा चौक कनखल है होते दक्ष मन्दिर मार्ग का निरीक्षण एवं झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण,भीमगोड़ा स्थित खड़खड़ी शमशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने हेतु स्थाई सेतु निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाए। इसमें जिस स्तर से जो भी स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने है, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो कार्य किए जाने है उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।

जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्य सचिव का स्वागत किया। मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई चंद्र शेखर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मेला के सफल आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से लिये गए सुझाव

2027 कुंभ मेले को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों,स्टेक होल्डर,श्री गंगा सभा,व्यापार मंडल, प्रेस क्लब एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसमें सभी सुझाव लिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि सभी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को ठीक किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग हर कुंभ मेले में उपलब्ध हो रहा है तथ्य आगामी कुंभ मेले को भी सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है जिससे कि सभी के सहयोग से कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं तथा जो भी व्यवस्थाएं कराई जानी है उसके लिए मेला अधिकारी एवं जिला अधिकारी द्वारा बैठक में आए सभी सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा उन पर जो भी कार्यवाही की जानी है वह कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा तत्परता से कराई जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर किरण जैसल, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, सेक्रेटरी होटल एसोसिशन अमित चौहान, अध्यक्ष धर्मशाला समिति महेश गौड़, अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष राज्य व्यापार मंडल तेज प्रकाश साहू, जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल संजय त्रिवाल, जिलाध्यक्ष महानगर व्यापार मंडल सुनील सेठी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

सीएस ने दिए पर्वतारोहण नीति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार नई नीति बनाए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण उत्तराखंड राज्य में वन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए अभिनव प्रयास किए जाने और ईको टूरिज्म के विकास हेतु चयनित स्थलों के वन विश्राम गृहों को ईको एवं नेचर कैंप के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा है कि नंदा देवी शिखर को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोले जाने के प्रस्ताव के संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राज्य की पर्वतारोहण की नीति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार नई नीति बनाए जाने और ट्रैकिंग के नियमों को शीघ्र लागू कर इससे संबंधित अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को भी आगामी 15 नवंबर तक संचालित करने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ईको टूरिज्म के विकास के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की सचिवालय स्थित सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में ईको टूरिज्म के विकास की बेहतर संभावनाओं को साकार करने के लिए चिन्हित 25 नई योजनाओं पर तेजी से काम किया जाय। इन स्थलों को जबरखेत मॉडल की तर्ज पर विकसित कर इनमें वनों से अनुराग रखने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षक सुविधाएं जुटाई जांय। ताकि फॉरेस्ट टूरिस्ट यहां लंबे समय तक टिके रहें और बेहतर अनुभव के साथ वापस लौटें।

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश के निकट बीटल्स आश्रम के रूप में विख्यात चौरासी कुटिया का पर्यटन के दृष्टिकोण से पुनर्विकास किए जाने की योजना पर भी समयबद्ध ढंग से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस आश्रम से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों एवं अन्य संदर्भों को ऋषिकेश एवं कोलकाता से संकलित कर प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाय।

बैठक में मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो ने ईको टूरिज्म विकास की परियोजनाओं की प्रगति तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी।

बैठक में सचिव वन सी रविशंकर, अपर सचिव विनीत कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) विवेेक पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई डीआरएम मुरादाबाद और प्रदेश सरकार के बीच बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में प्रदेश सरकार और डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य के मध्य सामंजस्य बैठक हुयी। बैठक के दौरान रेलवे और राज्य सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुयी।

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश डोईवाला रेलवे बाईपास के लिए राजाजी नेशनल पार्क, रेलवे और डीएफओ की टीम को शीघ्र से शीघ्र संयुक्त सर्वेक्षण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया भी शुरू कर ली जाए। उन्होंने हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण कार्य में तेजी लाए जाने हेतु रेलवे, वन एवं राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि महाकुम्भ 2033 से पहले हरिद्वार-देहरादून डबल लेन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस और फॉरेस्ट क्लीयरेंस आदि की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे से कुंभ मेला के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सर्कुलेशन प्लान भी शीघ्र तैयार कर उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने रेलवे स्टेशंस का फेस लिफ्टिंग में ऋषिकेश एवं हरिद्वार को भी शामिल किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने रेलवे से कुम्भ 2027 से सम्बन्धित बैठकों में कॉर्डिनेशन के लिए एक मेला अधिकारी नामित किए जाने की बात कही। कहा कि कुम्भ की तैयारियों को लेकर होने वाली आगामी बैठक में रेलवे से भी प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने रेलवे और उत्तराखण्ड सरकार के मध्य सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए भी मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि पूरे राज्य के लिए मोबिलिटी प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के यातायात साधनों और विकल्पों को लेकर अगले 50 सालों का प्लान तैयार किए जाने की बात कही।

डीआरएम संग्रह मौर्य ने बताया कि देहरादून मसूरी रेलवे प्रोजेक्ट का प्राथमिक सर्वे हो गया है, फाइनल लोकेशन सर्वे शीघ्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहारनपुर देहरादून प्रोजेक्ट का फाइनल लोकेशन सर्वे गतिमान है। उन्होंने बताया हर्रावाला रेलवे स्टेशन की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। प्रोजेक्ट की स्वीकृति होनी बाकी है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, सी रविशंकर, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ड्रग के खिलाफ लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में स्टेट लेवल नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन (NCORD) मीटिंग सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जनपदों से उनके द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारियां ली। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को जनपद स्तरीय NCORD बैठकों को नियमित रूप से प्रत्येक माह आयोजित किये जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत एंटी ड्रग के लिए बनी समितियों एवं नोडल अधिकारियों की सूची विशेष सचिव गृह से साझा किए जाएं। उन्होंने ड्रग के खिलाफ लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सरकारी नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने नारकोटिक्स रूट मैप पर विशेष अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों के आसपास एवं नशा के लिए ऐसे संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जहां इस प्रकार की गतिविधियां अधिक होती हैं। लगातार गिरफ्तारियां की जायें एवं केस फाइल किए जायें। ड्रग्स की गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसपी देहरादून को देहरादून में एंटी ड्रग्स के तहत प्रभावी एक्शन के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने PITNDPS एक्ट के तहत मामलों को मजबूती से तैयार किया जाए। उन्होंने नेटवर्क आइडेंटिफिकेशन पर सभी सम्बन्धित एजेंसियों मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव गृह शैलेश बगौली, डॉ. आर. राजेश कुमार, एडीजी जेल अभिनव कुमार, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी नीलेश आनंद भरणे, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आपदा जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान हेली सेवाओं के प्रयोग के लिए एसओपी तैयार करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान समिति द्वारा पुलिस महानिदेशक को एसडीआरफ दल को प्रशिक्षण हेतु इस मद हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 की अवशेष धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025 – 26में व्यय किए जाने, जनपद चंपावत एवं पौड़ी को क्रमशः पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण एवं राहत एवं बचाव कार्यों को दूसरी किश्त आबंटित किए जाने पर सहमति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव वन्यजीव संघर्ष सहित आपदा प्रभावितों को अनुमन्य अनुग्रह अनुदान सहायता तत्काल वितरित की जाए। इसमें लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित किया जाए।

मुख्य सचिव ने आपदा विभाग को आपदा जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान हेली सेवाओं के प्रयोग के लिए एसओपी तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने देहरादून में रिस्पना नदी के चौनलाइजेशन और ड्रेजिंग आदि कार्यों के लिए सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ प्रस्ताव तैयार कर कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी बड़ी नदियों का अध्ययन कर सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही। कार्यों को उनकी प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने खतरे की जद वाली सभी बड़ी बस्तियों के बाढ़ सुरक्षा कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में बायो इंजीनियरिंग और बायो फेंसिंग का प्रयोग पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में वन विभाग द्वारा जाइका के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी के लिए सम्बन्धित विभागों के साथ वर्कशॉप आयोजित किए जाने की बात भी कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, अपर सचिव विनीत कुमार, आनन्द स्वरूप सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने पर कार्य करेंः बर्द्धन

उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से शिष्टाचार भेंट की और परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में फ़िल्म निर्माण से जुड़े इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके साथ ही दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में लो-कॉस्ट (कम लागत) सिनेमा हॉल की संभावनाओं पर विचार करने और स्थानीय युवाओं एवं कलाकारों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाए।

डॉ. उपाध्याय ने मुख्य सचिव को राज्य की फ़िल्म नीति के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में फ़िल्म निर्माण हेतु अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम पहले से संचालित है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश में लगभग 30 क्षेत्रीय फ़िल्मों का निर्माण हुआ है या निर्माणाधीन है। इसके अलावा कई बड़े बैनर और बजट की हिंदी फ़िल्में तथा वेब सीरीज़ भी उत्तराखण्ड में शूट हो रही हैं, जिससे प्रदेश फ़िल्मकारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

सीएस ने दिए गंगोत्री एनएच के अस्थायी झील में डूबे हिस्से के लिये तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में आपदा प्रभावितों क्षेत्रों, विशेषकर धराली आपदा प्रभावितों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सचिव आपदा एवं आयुक्त गढ़वाल से धराली में राहत एवं रेस्टोरेशन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सचिव लोक निर्माण विभाग और सचिव सिंचाई को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के अस्थायी झील में डूबे हिस्से के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के लिए अन्य पैदल और वैकल्पिक मार्गों को भी दुरूस्त किया जाए। उन्होंने सर्च ऑपरेशन्स को निरन्तर जारी रखते हुए नवीनतम तकनीक का उपयोग कर सर्च कार्यों में तेजी लाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए रहने और खाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्य सड़क मार्ग बाधित होने से प्रभावित क्षे़त्र के साथ ही उससे आगे के पूरे क्षेत्र में फल एवं सब्जी उत्पादकों को अपने उत्पादों के लिए बाजार की समस्या खड़ी हो गयी है। उन्होंने सचिव कृषि को निर्देश दिए कि उत्तराखण्ड हॉर्टीकल्चर बोर्ड और मंडी परिषद द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करायी जाए। साथ ही, जीएमवीएन एवं केएमवीएन के बाजार प्रकोष्ठ को भी सक्रिय कर बाजार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने इन क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभावितों की आजीविका की दिशा में भी कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐप्पल मिशन, कीवी मिशन और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम स्टे जैसी विभिन्न योजनाओं को लेकर प्रभावितों की आजीविका में सहायता के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने आपदा में हुयी पशुधन हानि से सम्बन्धित मुआवजा तत्काल वितरित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने प्रभावित क्षेत्र में स्कूल, अस्पताल और आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए तत्काल प्रीफैब भवन तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा से लोगों के प्रमाणपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी नष्ट हो गए होंगे। इसके लिए शीघ्र मल्टीपरपज कैम्प लगाकर तत्काल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्य सचिव ने लापता लोगों के लिए सिविल डेथ के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी लापता लोगों (नेपाली मूल के श्रमिक एवं विदेशी पर्यटक) के लिए भी सिविल डेथ के प्रमाणीकरण की निर्धारित प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर ली जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पत्ति क्षति मुआवजा का आंकलन करने के लिए आधुनिकतम तकनीक और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया जाए। इसके लिए यूकॉस्ट की सहायता से शीघ्र आंकलन किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा पिछले वर्षों में किए गए सभी अध्ययनों एवं संकलित डाटा का विश्लेषण करा कर भी उपयोग में लाया जाए। उन्होंने डीजी यूकॉस्ट को प्रदेश की सभी ग्लेशियरों और ग्लेशियर झीलों और उनके रास्ते में पड़ने वाले मोरेन और बोल्डर्स आदि का तत्काल विश्लेषण करते हुए, उनसे सम्भावित खतरे का आंकलन के लिए मॉड्यूल तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए इससे सम्बन्धित सभी वैज्ञानिक संगठनों को शामिल कर टीम तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, आनन्द स्वरूप, आशीष चौहान एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से फिजिकल डेटा अपलोड होगा पूर्णतः बंद

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि एमपैक्स का कंप्यूटराइजेशन और डेटा माइग्रेशन कार्य को 31 दिसंबर, 2025 तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2026 से फिजिकल डेटा पूर्णतः बंद कर दिया जाए। कंप्यूटराइजेशन और डेटा अपडेशन समय से पूर्ण हो सके इसके लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जनपदों में जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय सहकारिता अधिकारी एवं राज्य स्तर पर सचिव इसकी निगरानी करेंगे। कहा कि डेटा अपडेशन के लिए टाइमलाइन निर्धारित कर सभी को प्रसारित कर दी जाएँ।

मुख्य सचिव ने कहा कि अछूती ग्राम पंचायतों तक सहकारी संस्थाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए नए एमपैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों का गठन किया जाए। साथ ही, आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दूध उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि डेयरी को एक स्थायी आजीविका के रूप में बढ़ावा देकर महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि एमपैक्स के माध्यम से चलायी जा रही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में कुल लेनदेन बहुत ही कम है। उन्होंने इसे बढ़ाये जाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि दिसम्बर 2025 तक इसे 2 करोड़ मासिक तक पहुँचाये जाने के प्रयास किये जायें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल फेनाई, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सीजीएम नाबार्ड पंकज यादव, निबंधक सहकारिता मेहरबान सिंह बिष्ट एवं अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।