सीएस बर्द्धन ने ध्वजारोहण कर अधिकारी व कर्मियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बच्चों को राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएं दी। मुख्य सचिव ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और कहा कि यह देश उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, साहस और समर्पण को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमें आज़ादी का अनमोल उपहार दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, ये केवल संकल्पना नहीं हैं, बल्कि उत्तराखण्ड इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये कठोर परिश्रम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से समृद्ध और सशक्त उत्तराखण्ड की संकल्पना तेजी से साकार हो रही है। उत्तराखण्ड ने विगत वर्षाे में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है, जिसके फलस्वरुप हम सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति और युवा शक्ति की अहम् भागीदारी से हमारा प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी की ओर अग्रसर है।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए उत्तराखण्ड को मैन्युफैक्चरिंग हब, स्किल हब, आयुष प्रदेश और वैश्विक पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने के विजन को साकार करने के लिये हमें कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता हैं। पहाड़ी फसलें, मोटे अनाज और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से उत्तराखण्ड की आजीविका को भी बल दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए यहाँ के छोटे और मझोले किसानों को भी मजबूती देनी आवश्यक है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए गर्वनेंस के रिफॉर्म्स और प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए इसकी शुरूवात राज्य सचिवालय और जनपदों से ही किए जाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बढ़ती हुई प्राकृतिक आपदाओं के बीच शासन-प्रशासन में कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए एक अभियान चलाने की भी आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि ऑन-लाइन अनुश्रवण-मूल्यांकन हेतु राज्य में पी0एम0 गति शक्ति पोर्टल (स्टेट) तैयार कर परियोजनाओं यथा कैपिटल असिस्टेंस योजना, मिसिंग लिंक योजना, डैशबोर्ड, सीएम कॉन्क्लेव पीएमजी, प्रगति, ई-समीक्षा, ई-आंकलन, मुख्यमंत्री घोषणा आदि कार्यक्रमों की समीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य सम्पादित किया जा रहा है। आवास विभाग के ऑनलाईन एप्लीकेशन सिस्टम ऐप को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा स्टेट बेस्ड सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म के लिये बेस्ट प्रेक्टिस की श्रेणी में नामित किया है। उन्होंने कहा कि वाईब्रेन्ट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के बहुमुखी विकास हेतु केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के जनपद उत्तरकाशी, चमोली तथा पिथौरागढ़ के कुल 51 गांवों का चयन किया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ‘अपुणि सरकार‘ परियोजना के अपुणि सरकार पोर्टल को भारत सरकार के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग के छमेक्। फ्रेमवर्क द्वारा देशभर में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल संरक्षण हेतु स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन ऑथोरिटी का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं नदियों का चिन्हीकरण, जल उत्सर्जन में वृद्धि, मापन एवं अनुश्रवण आदि के माध्यम से सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में हाउस ऑफ हिमालय जैसे ब्रांड को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। आज मुझे खुशी है हाउस ऑफ हिमालय और वोकल फॉर लोकल जैसे प्रयासों से ग्रामीण विकास एवं आर्थिक विकास को हासिल करने में राज्य सफल होता हुआ दिख रहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, सचिवालय हमारी प्रशासनिक व्यवस्था का वह केंद्र है, जो न केवल नीतियों को आकार देता है, बल्कि देश और प्रदेश के विकास की दिशा भी निर्धारित करता है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, और समर्पण के साथ करें, ताकि हमारा प्रदेश और समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। हमारा कार्य केवल कागजों और फाइलों तक सीमित नहीं है। हमारी नीतियों और निर्णय इस प्रदेश के लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी हर कार्रवाई में जनता का कल्याण सर्वाेपरि हो। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र और राज्य सरकार की जनहित एवं राज्य हित की महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। आज हम एक ऐसे भारत में खड़े हैं, जो न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, बल्कि सामाजिक समावेशन, शिक्षा, और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

मुख्य सचिव ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपने दायित्वों को और अधिक जिम्मेदारी के साथ निभाना होगा। आइए, हम ईमानदारी, दक्षता और नवाचार की भावना के साथ काम करें, ताकि हम अपने महान राष्ट्र के सपनों को साकार कर सकें। आइए, हम मिलकर प्रयास करें, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा हर निर्णय देश की प्रगति और लोगों के कल्याण में योगदान दे।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण एवं सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब बढ़ायी जाएंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की 5वीं बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट को रोकने के लिए राज्य एवं राज्य के बाहर से आने वाले दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के परीक्षण के लिए संबंधित राज्यों के एफडीए के साथ संयुक्त अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एफडीए से सूचनाएं साझा कर आपसी सहयोग से खाद्य उत्पादों की संयुक्त निगरानी एवं प्रवर्तन कराया जाए।

मुख्य सचिव ने नियमित रूप से मिलावटखोरी में संलिप्त व्यक्तियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावटखोरी से सम्बन्धित न्यायालयों में चल रहे मामलों पर मजबूत पैरवी की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में फूड टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब बढ़ायी जाएं, साथ ही, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स को शीघ्र से शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने ईट राईट कैम्पस सर्टिफिकेशन को और अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात भी कही। साथ ही निर्देश दिए कि मिड डे मील और आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली टेक होम राशन में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने प्रयुक्त खाना पकाने के तेल को फूड चेन से बाहर करने हेतु यूज्ड कुकिंग ऑयल कलेक्शन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कलेक्शन मैकेनिज्म मजबूत नहीं होगा, यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर कर पाना मुश्किल होगा। उन्होंने इसके लिए शीघ्र योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव आर. राजेश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1684 खाद्य पद्वार्थों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 1509 का विश्लेषण किया जा चुका है। इसमें 62 सैंपल असुरक्षित पाए गए एवं 78 सैंपल घटिया अथवा गलत ब्रांड वाले पाए गए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा के दौरान भी यात्रा मार्गों पर सैंपल लिए गए थे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (07 जून 2025) के अवसर पर शुरू किए गए सर्व सेफ फ़ूड कार्यक्रम के अंतर्गत, कुमाऊँ क्षेत्र में कुल 1000 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने के लिए अब तक 18 प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं। रुद्रपुर और काशीपुर में 540 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया गया है। शेष 460 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को चंपावत, रानीखेत, अल्मोड़ा और बागेश्वर में प्रशिक्षित किया जाएगा।

रजत जयंती वर्ष में स्वतंत्रता दिवस का हो भव्य आयोजनः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष में स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य एवं जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन के साथ ही ब्लड डोनेशन कैंप, हाई एल्टीट्यूड साहसिक गतिविधियां, मैराथन, साईकिल, बाईक या कार रैली जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि रन फॉर यूनिटी की तर्ज पर विषय आधारित रन और वॉक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।

प्रदेशभर के मुख्य शहरों में पुलिस, आर्मी, पैरामिलिट्री के बैण्ड द्वारा संगीतमय कार्यक्रम होगा आयोजित

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर के मुख्य शहरों के महत्त्वपूर्ण स्थलों में पुलिस, आर्मी, पैरामिलिट्री और एनसीसी के बैण्ड द्वारा संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी बात कही। कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमें सभी की भागीदारी सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग को भी संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को इस आयोजन में शामिल करने के लिए आगे आना होगा।

मुख्य सचिव ने गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘एक पेड़ माँ के नाम‘, जल संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु निर्मित अमृत सरोवरों में ध्वजारोहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए कि सरकारी एवं गैर-सरकारी भवनों में ध्वजारोहण के दौरान ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002‘ के प्राविधानों का उल्लंघन न हो।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा सचिवालय में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जनपदों के जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रातः 9ः30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून स्थित सभी सरकारी, गैर सरकारी भवनों पर प्रातः 9 बजे विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।

महानिदेशक सूचना ने बताया कि प्रदेश मुख्यालयों/जनपद मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर 14 अगस्त 2025 को सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक और 15 अगस्त को प्रातः 6 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक देशभक्ति के गीत लाउडस्पीकर के माध्यम से बजाए जाएंगे। प्रदेश मुख्यालय पर 14 अगस्त 2025 को कवि सम्मेलन/मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। सरकारी भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को कम वोल्टेज के एलईडी बल्ब से प्रकाशमान किया जाएगा। समस्त शिक्षण संस्थाओं द्वारा प्रातः 07.00 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। तदोपरान्त अपने शिक्षण संस्थानों एवं निर्धारित स्थानों पर झण्डारोहण, राष्ट्रगान, खेलकूद, विचार गोष्ठी प्रदर्शनी, वाद-विवाद एवं निबन्ध प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, वी. षणमुगम, नीरज खैरवाल, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत एवं जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अगस्त माह के अंत तक पेश करें कुम्भ 2027 की सम्पूर्ण कार्ययोजनाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ मेला से संबंधित कार्यों हेतु उच्च अधिकार प्राप्त समिति एवं व्यय वित्त समिति की बैठकें संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि घाटों के निर्माण में गुणवत्ता के साथ ही हरियाली का विशेष ध्यान रखा जाए। जहाँ जहाँ संभव हो हरियाली का प्रावधान रखा जाए।

मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी को अगस्त माह के अंत तक कुम्भ 2027 की सम्पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य जो प्रत्येक स्थिति में किए ही किए जाने हैं, उन कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखते हुए स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के सभी प्रकार के कार्यों की एक व्यापक सूची सहित कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए।

मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र के पुलों की सुरक्षा जांच तत्काल अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे कुम्भ क्षेत्र का सर्क्यूलेशन प्लान भी अनिवार्य रूप से तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि विशेष पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की अधिकतम भीड़ के अनुरूप योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने प्रत्येक बिन्दु पर प्रवेश एवं निकासी के लिए योजना तैयार किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव कहा कि कुंभ क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों के रेलवे स्टेशनों की क्षमता विकास और सौंदर्यीकरण हेतु रेल मंत्रालय से संवाद किया जाए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ के दौरान रेलवे स्टेशनों में होल्डिंग एरिया तैयार किया जाए। मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र में नए पार्किंग एरिया चिन्हित कर अभी से तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कुम्भ के दौरान प्राइवेट भूमि पर पार्किंग स्थल किराए पर लिए जाने हेतु भी अभी से तैयारियां करते हुए भूमि के मालिकों से भी अभी से बातचीत कर ली जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों के पास सीढ़ियों को मानक के अनुरूप रखा जाए ताकि श्रद्धालुओं को सीढ़ियाँ चढ़ने उतरने में परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने घाटों के पास चेंजिंग रूम और बैठने के लिए बेंच आदि का प्रावधान भी रखा जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने घाटों के निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि नहरों के बंदीकरण के दौरान सभी कार्य समय से पूर्ण किए जा सकें।

व्यय वित्त समिति में निम्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई
व्यय वित्त समिति में लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के कार्यों को संस्तुति प्रदान की गयी, जिसमें जनपद हरिद्वार में बहादराबाद सिडकुल चार लेन मार्ग (भाईचारा ढाबा) से बीएचईएल बैरियर नं0-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक (बीएचईएल मध्य मार्ग) तक मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़िकरण का कार्य, दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग सं0 334 पर पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर, दिनारपुर, सुभाषगढ होते हुए पुरकाजी-लक्सर-ज्वालापुर राष्ट्रीय राजमार्ग सं0 334ए पर फेरूपुर तक मार्ग का 1.50 लेन में चौडीकरण एवं सुदृढीकरण का कार्य सहित सिंचाई विभाग के कुल 02 कार्य जिसमें ऊपरी गंगा नहर के बाएँ किनारे पर अमरापुर घाट से ऋषिकुल पुल तक 600 मीटर घाट का निर्माण एवं ऋषिकुल पुल से साक्षी सतनाम घाट तक अपर गंग नहर के बांयें पार्श्व पर घाट निर्माण कार्य शामिल है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी षणमुगम, आयुक्त गढ़वाल विनय कुमार पाण्डेय एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जैविक उत्पादों पर फोकस कर जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन अनिवार्य रूप से प्राप्त होः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में हाउस ऑफ़ हिमालयाज की 5वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के हाउस ऑफ़ हिमालयाज के नए उत्पादों की समीक्षा और वैश्विक विस्तार की रणनीति तय की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि हाउस ऑफ़ हिमालयाज की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा जैविक उत्पादों पर फोकस करते हुए जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित किया जाए। आमजन को इसकी जानकारी हो इसके लिए प्रचार प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्य सचिव ने उत्पादों की गुणवत्ता, ट्रेसेब्लिटी और ब्रांड स्टोरीटेलिंग को वैश्विक स्तर पर ब्रांड उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हाउस ऑफ़ हिमालयाज को अपने उत्पादों में QR कोड के साथ ट्रेसिबिलिटी को शामिल करना होगा।

बैठक की शुरुआत कंपनी की ब्रांड अवधारणा के साथ हुई — “ब्रांड उत्तराखंड को वैश्विक मंच पर हिमालयी कृषि एवं गैर-कृषि उत्पादों के प्रीमियम पोजिशनिंग के माध्यम से सशक्त बनाना।” दिसंबर 2023 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च की गई हाउस ऑफ हिमालयाज ने कम समय में ₹2.1 करोड़ की बिक्री के साथ एक प्रेरणादायक ब्रांड के रूप में पहचान बनाई है। इससे 3,000 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष आजीविका भी मिली है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डॉ वी षणमुगम, धीरज सिंह गरब्याल, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पाण्डे, पूर्व निदेशक LBSNA संजीव चोपड़ा, कुलपति UPSE रामके शर्मा एवं एमडी हाउस ऑफ़ हिमालयाज झरना कामठान सहित आया वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

🔹 मुख्य उपलब्धियाँ:
कुल बिक्री: ₹2.1 करोड़ (आरंभ से अब तक), ई-कॉमर्स (Amazon, Blinkit, JioMart), मॉडर्न ट्रेड (Nature’s Basket) और 26 प्रीमियम स्थानों पर भौतिक उपस्थिति।
उत्पाद पोर्टफोलियो: 50+ स्टॉक कीपिंग यूनिट्स जिनमें प्राकृतिक, हर्बल और जैविक उत्पाद शामिल हैं।
महिला सशक्तिकरण: 40+ सामुदायिक संस्थाओं से संग्रहण, 3,000+ महिलाओं को सीधा लाभ।

🔹 प्रमुख मील के पत्थर:
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट का उद्घाटन मई 2025 में माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया।
11 प्रीमियम होटलों व यात्रा स्थलों पर रिटेल कार्ट्स की स्थापना।
13 FSUs (फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स) चारधाम यात्रा मार्ग, एयरपोर्ट्स और प्रमुख संस्थानों जैसे LBSNAA में क्रियाशील।

🔹 बोर्ड मीटिंग में चर्चा के केंद्र में:
नए उत्पाद विकास (NPD) पर विशेष फोकस दिया गया, जिसमें निम्नलिखित 15+ नवीन उत्पाद शामिल हैं:

एसेंशियल ऑयल्स: लेमनग्रास, रोज़मेरी, मिंट, लैवेंडर
हर्बल इन्फ्यूजन: कैमोमाइल, बद्री तुलसी, सी-बकथॉर्न
हिमालयी स्पेशलिटी उत्पाद: कनार घी, प्राकृतिक रंगों से तैयार ऊनी stole, सिंहाड़ा कुकीज, बासमती चावल, पहाड़ी अंजीर जैम आदि।

🔹 भविष्य की योजना:
घरेलू विस्तार: दिल्ली-NCR, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों में Reliance Freshpik, Le Marche, Food Square के माध्यम से।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: BigBasket और Zepto पर ऑनबोर्डिंग।

वैश्विक रणनीति:
अमेरिका में Apna Bazaar के माध्यम से लॉन्च
Amazon Global (UAE, USA) पर उपस्थिति
MEA के माध्यम से दूतावासों और उच्चायोगों से सहयोग
Box of India के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में प्रवेश
लक्ष्य: FY 2025–26 तक ₹10 करोड़ और FY 2026–27 तक ₹25 करोड़ की बिक्री।

🔹 शासन और संगठनात्मक मजबूती:
अप्रैल 2024 में कंपनी का गठन और ₹10 करोड़ की पूंजी जुटाई गई।
वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया।
22 प्रमुख पदों की भर्ती हेतु संरचना तैयार, प्रक्रिया प्रगति पर।
22 ट्रेडमार्क्स के लिए पंजीकरण कराया गया, जिनमें से 11 को स्वीकृति मिल चुकी है।
हाउस ऑफ हिमालयाज अपने मजबूत गवर्नेंस, उद्योग विशेषज्ञों से परामर्श (McKinsey, Fab India, Organic India, APEDA) और बहु-चैनल बिक्री रणनीति के माध्यम से राज्य-नेतृत्व वाले उत्पाद ब्रांडिंग के क्षेत्र में देश का एक अनूठा मॉडल बनकर उभर रहा है।

सीएस ने दिए सहस्त्रधारा एवं सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल शीघ्र स्थापित करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में केदार वैली में हेली सेवाओं के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने युकाडा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों को सहस्त्रधारा एवं सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल शीघ्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि सितंबर माह के प्रथम सप्ताह तक एटीसी स्थापित कर लिया जाए। इसके लिए राज्य सरकार से जो भी आवश्यकताएं होंगी, पूरी की जाएंगी। उन्होंने युकाडा को प्रत्येक हेलीपैड पर हेलीपैड-इन-चार्ज तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शटल सेवाओं की समयबद्धता सुनिश्चित किया जाना हेलीपैड-इन-चार्ज की जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने युकाडा से कहा कि प्रत्येक हेलीपैड में प्रशिक्षित मैन पावर लगायी जाए। हेलीपैड के संचालन के लिए एसओपी को 100 प्रतिशत प्रवर्तन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर हेली का टाइम टेबल के साथ ही उड़ान संख्या निर्धारित कर बोर्डिंग पास पर अंकित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि युकाडा प्रदेश में हेली सेवाओं के लिए नियामक संस्था है। हेली कंपनियां नियमों का अनुसरण करें, इसकी जिम्मेदारी युकाडा की है। उन्होंने कहा कि मौसम सम्बन्धी जानकारी मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाए, जिसके लिए मौसम विभाग द्वारा मौसम अधिकारी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उपकरणों एवं सैलरी का व्यय भार युकाडा द्वारा वहन किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने ऑटोमेटेड वैदर ऑब्जर्वेशन सिस्टम चिन्हित स्थानों पर शीघ्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने युकाडा को भी अपने स्तर से चिन्हित स्थानों पर AWOS एवं Ceilometer शीघ्र स्थापित किए जाने हेतु निर्देशित किया।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली एवं सचिन कुर्वे सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग के मध्यान नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सभी विभाग अपने विभागीय कार्यों का आउटपुट इंडिकेटर तैयार करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी सचिवों के साथ सचिव स्तर की समीक्षा बैठक आयोजित करते हुए संबंधित विभागों को विभिन्न मुद्दों के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों की ऐसी सभी बड़ी परियोजनाओं का विवरण तैयार करें जिनका अतिशीघ्र लोकार्पण अथवा शिलान्यास किया जाना हो।

उन्होंने भारत सरकार से साझा किए जाने वाले विभिन्न विभागीय प्रकरणों का स्टेटस तैयार करने तथा उसको भारत सरकार को प्रेषित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने विभागों के आउटपुट इंडिकेटर की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने विभागीय कार्यों का आउटपुट इंडिकेटर तैयार करें।

विभागीय कार्यों में नई तकनीक का समावेश अथवा किसी अभिनव प्रयोग से कितना सुधार हुआ है, इसका तुलनात्मक विवरण तैयार करने को कहा।

उन्होंने सभी सचिवों को अपने विभागीय कार्यों का वर्क प्लान बनाते हुए उसका अनुमोदन करवाने के भी निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि जो विभाग कार्बन क्रेडिट का लाभ लेने की स्थिति में हैं वे अपने क्रियान्वयन में कार्बन क्रेडिट का लाभ लेने का प्रयास करें तथा इससे संबंधित विवरण भी तैयार करें।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व एल एल फैनई, शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, दिलीप जावलकर, डॉ रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. श्रीधर बाबू अद्यंकी, चंद्रेश यादव, डॉ आर राजेश कुमार, एस एन पांडेय, दीपेंद्र कुमार चौधरी, दीपक कुमार, वी षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, सी रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, नीरज खैरवाल, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गबर्याल, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की वित्तीय और भौतिक प्रगति का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।

प्रेजेंटेशन में अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में पीएसजीएसवाई योजना का चौथा चरण गतिमान है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- 4 में 2645 गांव को आच्छादित करते हुए 9500 किलोमीटर की सड़क बनाने का लक्ष्य है। इसके प्रथम फेज में 1370 किलोमीटर की 212 सड़कों की डीपीआर का अनुमोदन किया गया है। जिन पर कार्य चल रहा है।

बताया कि विभाग द्वारा इंस्पेक्ट टू परफेक्ट एप डेवलप किया गया है जिससे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

मुख्य सचिव ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के कार्यों की गुणवत्ता बेहतर रखें तथा उसकी प्रगति भी तेजी से बढ़ाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पिथौरागढ़ के दुर्गम क्षेत्र में कुछ गांव ऐसे हैं जहां पर इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जानी है तथा उसके लिए सड़क की एप्रोच होना जरूरी है, उन्होंने रिमोट एरिया के सड़क से वंचित इन गांवों को भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए होमवर्क करने तथा इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव राधिका झा, सी. रवि शंकर व श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

डीएफओ और विभागों के साथ वन भूमि स्थानांतरण से संबंधित मामलों के निराकरण की प्रत्येक माह समीक्षा करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के जनपदों से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में जिलाधिकारियों और जनपद के संबंधित अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभाग संबंधित जिलाधिकारियों के समन्वय से अपनी सभी विभागीय परिसंपत्तियों और एसेट्स का सितंबर माह के अंत तक जियो टैगिंग और जिओ फेंसिंग कराना सुनिश्चित करें।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को संबंधित डीएफओ और विभागों के साथ वन भूमि स्थानांतरण से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए।

साथ ही विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक जनपद को पूर्व में लैंड बैंक बनाने के दिए गए निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करने के निर्देश दिए।

वन क्षेत्रों में डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड का विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को भूमि स्थानांतरण से संबंधित सभी प्रकरणों की एसओपी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि पब्लिक ग्रीवांस पोर्टल पर सेवा के अधिकार से संबंधित ऐसी दूसरी सेवाओं को भी शामिल करें जिनकी समय सापेक्ष अधिक प्रासंगिकता है।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों को दो बेस्ट प्रैक्टिसेज (सफलता की कहानियों) का विवरण देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी आयोजन, बैठक, कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों के उपयोग से संबंधित पूर्व में जो निर्देश दिए गए हैं उनका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी हरेला पर्व पर व्यापक वृक्षारोपण के लिए सभी जिलाधिकारी संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल प्लांटेशन प्लान प्रस्तुत तैयार करें।

मुख्य सचिव ने क्लस्टर विद्यालयों के संबंध में शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि संबंधित जिला अधिकारी के समन्वय से ट्रांसपोर्टेशन प्लान बनाना सुनिश्चित करें। प्रथम चरण में जिन माध्यमिक विद्यालयों को क्लस्टर विद्यालयों से जोड़ने का काम हो चुका है उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रेषित करें जिससे अग्रिम चरण की वित्तीय धनराशि जारी की जा सके।

शिक्षा सचिव ने अवगत कराया कि पहले चरण में माध्यमिक विद्यालयों को क्लस्टर विद्यालय से जोड़ने का कार्य चल रहा है और शीघ्र ही प्राथमिक विद्यालयों को भी जोड़ने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने अवगत कराया कि 559 माध्यमिक विद्यालयों में से 68 क्लस्टर विद्यालय इस वित वर्ष संचालित हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत विभिन्न जनपदों से संबंधित पार्किंग के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्किंग के लिए साइट का चयन पार्किंग की आवश्यकता के आधार पर करें ना की भूमि उपलब्धता की सुविधा के आधार पर। उन्होंने कहा कि जहां पार्किंग की डिमांड होती है वहां पर ही पार्किंग बनाई जानी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन जनपदों से पार्किंग निर्माण से संबंधित प्रस्ताव अभी तक अप्राप्त हैं वे तत्काल प्रस्ताव तैयार करके प्रेषित करें।

महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला और बच्चों से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन करें तथा इसके लिए नियमित बैठक करें तथा निगरानी तंत्र को भी मजबूत करें।

इस दौरान सचिव आईसीडीएस ने अवगत कराया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल विकास एवं महिला कल्याण से संबंधित संचालित की जा रही विभिन्न योजना और कार्यक्रमों का थ्त्ै (फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम) से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, रविनाथ रमन, सी रविशंकर, चंद्रेश कुमार यादव, विनोद कुमार सुमन वन विभाग से रंजन कुमार मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी सभागार में उपस्थित थे तथा आयुक्त गढ़वाल व कुमायूं और संबंधित जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में उपस्थित थे।

हरिद्वार के मुख्य धार्मिक केंद्रों का पैदल मार्ग का सर्किट प्लान बनाएंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड औद्योगिक निवेश एवं विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की कार्यकारी समिति (Ex C) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उत्तराखंड नियोजन विभाग के अंतर्गत गठित यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत हरिद्वार शहर के संपूर्ण डेवलपमेंट और 2027 में हरिद्वार कुंभ मेला की आवश्यकता से संबंधित विभिन्न प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

प्रस्तुतीकरण में हरिद्वार शहर का सुगम मोबिलिटी प्लान, सौंदर्यीकरण, सैनिटेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, तीर्थ यात्री फ्रेंडली एक्सेस डेवलपमेंट, ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, पब्लिक सुविधाओं का विकास, भीड़ प्रबंधन, कल्चरल हब डेवलपमेंट, पार्किंग, सती कुण्ड डेवलपमेंट, 10 जंक्शंस का ज्यामितीय इंप्रूवमेंट, मल्टी मॉडल टूरिज्म एक्टिविटी, सीसीटीवी कैमरा व पब्लिक ऐड्रेसिंग सिस्टम, तीर्थ यात्री फ्रेंडली सुविधाओं, चंडी देवी, मनसा, देवी, माया देवी व विलकेश्वर मंदिर से जुड़े डेवलपमेंट कार्यों पर आगामी 2027 के कुंभ मेला के दृष्टिगत व्यापक विचार- विमर्श किया गया।

हरिद्वार के मुख्य लैंडमार्क (धार्मिक केंद्रों) का पेडेस्ट्रियन वे (पैदल मार्ग) सर्किट प्लान बनाएं

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मनसा देवी, चंडी देवी, माया देवी, दक्ष मंदिर, हर की पैड़ी, भारत माता मंदिर, दक्षिणेश्वर काली इत्यादि हरिद्वार के मुख्य धार्मिक केंद्रों का पेडेस्ट्रियन वे सर्किट प्लान बनाएं।

उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों का पैदल मार्ग ऐसा हो जिसमें उनको कहीं पर भी थोड़े समय के लिए भी रुकना ना पड़े (कोई भी अवरोध ना हो) तथा ऐसा पेडेस्ट्रियन मार्ग वन वे हो जिसमें सुरक्षा के भी सभी वैकल्पिक इंतजाम हो।
उन्होंने मेलाधिकारी, स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, संबंधित कंसल्टेंट एजेंसी और संबंधित स्टेकहोल्डर को आपसी समन्वय से 15 दिवस के भीतर इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

हर की पैड़ी में आरती पॉइंट पर व्यवस्थित एंट्री – एग्जिट प्लान बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने मेला अधिकारी, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरकी पैड़ी का आरती पॉइंट सबसे अधिक भीड़ – भाड़ वाला स्थान रहता है तथा यहां पर क्राउड मैनेजमेंट करना सबसे बड़ी चुनौती भी रहती है। इसको दृष्टिगत रखते हुए व्यवस्थित प्रवेश और निकासी का दुरुस्त प्लान बनाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

हरिद्वार में फॉरेस्ट से सटे क्षेत्रों में डेवलपमेंट हेतु राजाजी पार्क प्रशासन होगी कार्यदाई एजेंसी

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि विभिन्न धार्मिक केंद्रों, पब्लिक सुविधाओं के विकास और अन्य डेवलपमेंट से संबंधित ऐसे कार्य जो राजाजी पार्क प्रशासन के क्षेत्र के निकट हैं अथवा आंशिक रूप से उनके क्षेत्र से संबंधित हों उन कार्यों के क्रियान्वयन के लिए राजाजी पार्क प्रशासन को कार्यदाई एजेंसी बनाया जाए ताकि डेवलपमेंट से जुड़े कार्य तेजी से पूरे हो सके।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सैनिटेशन, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा प्रबंधन को रखें उच्च प्राथमिकता में

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जो कार्य अधिक महत्वपूर्ण प्रकृति के हैं और शीघ्रता से पूरे किए जाने हैं उनको उच्च प्राथमिकता में रखें।

उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सैनिटेशन, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के आपातकालीन उपाय इत्यादि कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए।

जहां जरूरी हो तो संबंधित स्थानीय निकाय, ट्रस्ट, गंगा सभा, स्थानीय प्रतिनिधि आदि हितधारकों को विश्वास में लेकर कार्य संपादित करें

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि विभिन्न कार्यों को संपादित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि जहां पर स्थानीय लोकल बॉडी, प्रतिनिधि अथवा स्थानीय ट्रस्ट आदि का इन्वॉल्वमेंट जरूरी हो वहां पर उनके समन्वय से कार्य करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और स्टेकहोल्डर को हरिद्वार के डेवलपमेंट के संबंध में संयुक्त रूप से संपूर्ण शहर का विजिट करने के निर्देश दिए और डेवलपमेंट प्लान में जहां पर कुछ और प्रावधान किए जाने की आवश्यकता हो तो उनको भी प्लान में शामिल करने हेतु प्रस्ताव बनाने को कहा।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव एल एल फैनई व आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर व डॉ पंकज कुमार पांडेय, विशेष सचिव अजय मिश्रा, कुंभ मेला अधिकारी हरिद्वार श्रीमती सोनिका सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।