सीएम धामी ने चमोली में विकास को नई गति दी, 63 योजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़े के अंतर्गत जनपद चमोली के विकास को नई गति देते हुए विभिन्न विभागों की कुल ₹ 155.36 करोड की 63 विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹ 113.99 करोड़ की 36 विकास योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹ 41.37 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, पशुपालन, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चमोली जनपद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार जनपद के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया उनमें ₹ 4.34 करोड़ से जोशीमठ-नीति मार्ग के जुग्जू में स्टील ट्रस पुल, ₹9.62 करोड़ से लंगसी-द्वींग-तपोवन-लांजी-पोखनी मोटर मार्ग पर 78 मीटर लोह सेतु, ₹85.24 लाख से मैहलचौरी-सिलंगना घनियाली मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण, ₹2.20 करोड़ से चांदनीखाल-रड़वा-काण्डई-रेंसू मोटर मार्ग विस्तार, ₹2.57 करोड़ से विशालखाल-देवीखेत-बांमेश्वर मोटर मार्ग, ₹2.51 करोड़ से नन्दानगर की 13 पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार, ₹3.40 करोड़, ₹4.08 करोड़, ₹4.59 करोड़, ₹2.16 करोड़, ₹1.83 करोड़, ₹3.52 करोड़ एवं ₹6.83 करोड़ की विभिन्न बाढ़ सुरक्षा योजनाएं, ₹2.60 करोड़ से डायट गौचर अनुरक्षण, ₹4.36 करोड़ से मॉडल राजकीय पशु चिकित्सालय नन्दप्रयाग, ₹98.45 लाख से पशु चिकित्सालय तलवाड़ी, ₹3.03 करोड़ से सेम-तोप में सामुदायिक भवन एवं पार्किंग, ₹2.88 करोड़ से राइंका उज्ज्वलपुर भवन, ₹3.20 करोड़ से नन्दानगर पार्किंग, ₹4.05 करोड़ से गोगनापानी-भडूड़ा मोटर मार्ग, ₹4.71 करोड़ से गोपेश्वर-पोखरी-बछेर मोटर मार्ग, ₹3.32 करोड़ एवं ₹2.33 करोड़ से स्टील गर्डर सेतु, ₹6.99 करोड़ से नौटी-चौण्डली-ल्यूथा मार्ग, ₹7.42 करोड़ से हरनीचक-मुन्दोली मार्ग, ₹9.36 करोड़ से थराली-घाट (डुंग्री) मार्ग, ₹3.50 करोड़ से लौहाजंग-वॉक मार्ग तथा ₹1.95 करोड़ एवं ₹2.00 करोड़ से तेलाण मार्ग पर स्टील गर्डर सेतु सहित शिक्षा, सिंचाई, पशुपालन एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी अन्य योजनाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें ₹1.42 करोड़ से गैरसैंण मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, ₹2.71 करोड़ से सेमी-मासों मोटर मार्ग, ₹2.34 करोड़ से हापला-गुड़म-नैल-नौली मोटर मार्ग, ₹1.15 करोड़ से नंदासैंण-मालई मोटर मार्ग का डामरीकरण, ₹50-50 लाख से बीपीएचयू पोखरी एवं जिला चिकित्सालय चमोली में डीआईपीएचएल भवन, विभिन्न विद्यालयों में ₹21.84 लाख से ₹26.77 लाख की लागत से पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशालाएं, ₹3.50 करोड़ से बैरागना ट्राउट इंडोर हैचरी, ₹2.45 करोड़ से स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में दो कोर्ट का बैडमिंटन हॉल, ₹40.50 लाख से कल्पेश्वर पाथवे एवं आर्क ब्रिज, ₹30 लाख से पाण्डुकेश्वर बहुउद्देशीय सहकारी समिति भवन, ₹5.63 करोड़ से तेफना-कण्डारा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, ₹9.32 करोड़ से कुलसारी-गैरवारम मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा ₹7.75 करोड़ से लोल्टी-मालबज्वाड़-पास्तोली मोटर मार्ग शामिल है। इन योजनाओं से जनपद में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, मत्स्य पालन एवं आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

इस मौके पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, प्रदेशभर में हजारों नागरिकों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा, सुशासन एवं समर्पण तथा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर, थीम आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम एवं विकास प्रदर्शनी का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करते हुए हजारों नागरिकों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जनपदों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आमजन ने प्रतिभाग किया। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, शिक्षा, राजस्व, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष, सेवायोजन, दुग्ध विकास, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, आधार एवं प्रमाण-पत्र निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महालक्ष्मी किट वितरण, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन एवं डेयरी योजनाएं, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति, किसान योजनाएं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं एवं शिकायतों का बड़ी संख्या में मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

विभिन्न जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जनप्रतिनिधियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से संवाद किया और विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

शिविरों में उद्योग एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने, कृषि एवं पशुपालन में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा किसानों एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित योजनाओं का विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया गया। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया तथा लाभार्थियों ने योजनाओं से प्राप्त लाभ के अपने अनुभव साझा किए।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा भी विभिन्न जनपदों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री एवं ष्मेरी योजनाष् पुस्तिका का वितरण कर नागरिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रदेशभर में आयोजित इन जनसेवा शिविरों के माध्यम से लगभग 5,300 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा 4,470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में 415 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

अल्मोड़ा में लगभग 1300, बागेश्वर में 205, उत्तरकाशी में 185, पौड़ी में 128, चमोली के कर्णप्रयाग में 200 से अधिक, कनोल में 150 से अधिक, चम्पावत में 440, हरिद्वार में 1130 प्रतिभागियों (386 लाभार्थियों), नैनीताल में 510 तथा ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150 प्रतिभागियों (951 लाभार्थियों) ने विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ष्सेवा, सुशासन एवं समर्पणष् केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों का समय, श्रम और धन बच रहा है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

नजरिया: सीएम धामी के नेतृत्व में एक ही दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, त्वरित सेवा-प्रदान और जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मॉडल बनकर सामने आया है। यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शासन को वास्तव में जन-केन्द्रित बना रहा है।

आज 20 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 408 जनसेवा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। केवल आज के दिन 13 नए शिविरों का आयोजन कर सरकार ने अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया। इन शिविरों में अब तक 3,30,461 नागरिकों ने प्रतिभाग किया है, जिनमें आज 7,876 नागरिकों की सीधी भागीदारी रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल को जनता का व्यापक विश्वास और समर्थन प्राप्त हो रहा है।

शिविरों के माध्यम से अब तक 33,529 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 22,675 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल आज के दिन ही 783 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए और 502 मामलों का समाधान मौके पर अथवा संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित किया गया। यह त्वरित निस्तारण सरकार की प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही का प्रमाण है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43,975 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें आज 659 नए आवेदन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 1,79,169 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है, जिनमें आज 3,911 नए लाभार्थी जुड़े। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर वास्तव में जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

जनपदवार आंकड़े बताते हैं कि देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल सहित सभी पर्वतीय और मैदानी जिलों में इस अभियान को समान उत्साह के साथ अपनाया गया है। शिविरों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति इस बात को सिद्ध करती है कि सरकार की यह पहल जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उनका मानना है कि जब सरकार स्वयं जनता के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनती है और समाधान करती है, तो शासन के प्रति विश्वास स्वतः मजबूत होता है।

उत्तराखंड सरकार का यह अभियान राज्य में सुशासन की नई कार्यसंस्कृति को स्थापित कर रहा है, जहां संवाद, समाधान और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आने वाले समय में भी और अधिक व्यापक रूप में जारी रहेगा तथा उत्तराखंड को जनकल्याण और सुशासन के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

सीएम धामी के नेतृत्व में 3.22 लाख से अधिक नागरिकों को मिला सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसेवा का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सभी 13 जनपदों में लगातार जनसेवा शिविरों का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके द्वार पर सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के तहत आज 19 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में कुल 395 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 3 लाख 22 हजार 585 से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया। इन शिविरों के माध्यम से कुल 32 हजार 746 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 22 हजार 173 मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े राज्य सरकार की संवेदनशीलता, प्रशासनिक तत्परता और जनसमस्याओं के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

शिविरों के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों तथा अन्य शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43 हजार 418 आवेदन प्राप्त हुए, वहीं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से 1 लाख 75 हजार 258 नागरिकों को सीधे लाभान्वित किया गया। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस सोच को साकार करती है, जिसमें शासन को जनता के निकट लाकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है।

जनपदवार आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जनपदों में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई। अकेले देहरादून जनपद में 41,889 नागरिकों ने शिविरों में सहभागिता की, जबकि हरिद्वार में 64,686 लोगों ने इस पहल का लाभ उठाया। उधम सिंह नगर में 24,421 तथा अल्मोड़ा में 24,771 नागरिकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के साथ सरकार के विश्वास का सेतु है। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचती है, तो न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि शासन के प्रति जनविश्वास भी सुदृढ़ होता है।

राज्य सरकार का यह अभियान उत्तराखंड में सुशासन की एक नई कार्यसंस्कृति को स्थापित कर रहा है, जिसमें संवाद, समाधान और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेगा और उत्तराखंड को जनकल्याण के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

सीएम ने ताड़ीखेत में किया 77.25 करोड़ रुपये की 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता से संवाद करने के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया। इस शिविर में पात्र लोगों को सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये की लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें रू. 47.85 करोड़ की लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास तथा रू. 29.40 करोड़ की लागत की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में विकासखण्ड भिकियासैंण में गगास नदी तथा रामगंगा नदी पर तटबन्ध निर्माण एवं पैदल पथ के नव निर्माण कराने सहित देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत एवं भुजान स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराने, सनणा सिंचाई लिफ्टिंग योजना का उच्चीकरण करने, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने, रानीखेत स्थित रानीझील के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराने, रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत हैलीपैड निर्माण कराने की घोषणा सम्मिलित हैं।
शिविर में हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रशासन से जुड़े सभी कार्य और सेवाएँ जनता को उनके ही क्षेत्र में सुलभ कराने हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए सरकार की अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन करने के साथ ही समय-समय पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं को मौके पर ही त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू कर शासन-प्रशासन को सीधे आमजन के बीच ले जाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को निःसंकोच साझा करें, ताकि शासन-प्रशासन उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिकता एवं पावनता को संरक्षित रखने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रतिबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में मातृशक्ति के कल्याण के लिए भी समर्पित होकर कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में की महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित कर सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कारगर कदम उठाए गए हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवानी देवी पेयजल योजना तथा 5 करोड़ रुपये की लागत से भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, अनिल शाही, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट भी उपस्थित रहे।

हर न्याय पंचायत में बहुद्देशीय शिविर, कोई पात्र लाभार्थी ना छूटे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में “प्रशासन गाँव की ओर अभियान” के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजन से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएँ और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का संचालन किया जाए तथा बड़ी न्याय पंचायतों में आवश्यकता अनुसार एक से अधिक शिविर आयोजित किए जाएँ। शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी दी जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के उपरान्त निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों से आवेदन भरवाए जाएँ तथा योजनाओं से वंचित लोगों की पहचान कर कमियों को दूर किया जाए। शिविरों के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और न्याय पंचायत के सभी निवासियों को कम से कम 3–4 दिन पूर्व सूचित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक शिविर में जिलाधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जबकि अन्य शिविरों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। नामित विभागों के अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की शिविरों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठनात्मक नेतृत्व और प्रतिनिधि नेतृत्व जनसमस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम का विधिवत पंजीकरण किया जाए, लाभार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यक्रमों की साप्ताहिक प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट सहित अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।