प्रमुख सचिव ने की चम्पावत विधान सभा क्षेत्र की सीएम घोषणाओं की समीक्षा

प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय में चम्पावत विधान सभा क्षेत्र की सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रमुख सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के साथ उनकी प्रभावी निगरानी के लिए विभागाध्यक्षों को प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिवों को 15 दिन में समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने इसके लिये विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने तथा पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने के भी निर्देश दिये हैं।

प्रमुख सचिव ने चम्पावत विधान सभा क्षेत्र की वर्ष 2021 से वर्षवार विभागीय लम्बित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी, सीएम घोषणाओं को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जिन घोषणाओं के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उनके शीघ्र शासनादेश जारी किये जायें। सभी विभाग आपसी समन्वय से जिन घोषणाओं को समायोजित या विलोप्ति किया जाना है, उनकी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाय तथा तत्संबंधित सूचना की प्रति घोषणा सेल को भी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में विधान सभा क्षेत्र चम्पावत के अंतर्गत गोलू देवता, घोडाखाल व चितई को मिलाकर एक विशेष गोल्ज्यू कोरिडोर बनाये जाने की घोषणा के संबंध में अवगत कराया गया कि व्यय वित्त समिति की संस्तुति एवं सीएम के अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। इस पर प्रमख सचिव ने पत्रावली वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिये। अवगत कराया गया कि चम्पावत में जिम कार्बेट ट्रेल बनाने को लेकर पूर्व में नामित कार्यदायी संस्था लोनिवि के स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य अवस्थापना विकास निगम ब्रिडकुल को नामित किया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने जल्द शासनादेश जारी करने तथा एक सप्ताह के अन्दर डीपीआर भेजने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि घोषणा के तहत आंशिक रूप से चूका ट्रेक रूट सुदृढीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी चम्पावत को नगर क्षेत्र चम्पावत में सीवर लाइन के काम का यूयूएसडीए के साथ परीक्षण कर 15 दिन के अन्दर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। प्रमुख सचिव ने जवाहर नवोदय विद्यालय लटौली चम्पावत में क्रीड़ा मैदान विस्तारीकरण हेतु जिलाधिकारी को टी.ए.सी. संस्तृति सहित युवा कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने, हनुमान मंदिर मेला स्थल का सौन्दर्यीकरण के संबंध में प्रकरण वन क्षेत्र से बाहर होने संबंधी रिपोर्ट प्रेषित करते हुए घाोषणा को धर्मस्व/पर्यटन विभाग को भेजने हेतु तथा नारियाल गांव में एबीसी सेंटर श्वान बंधियाकरण की स्थापना को लेकर शीघ्र निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में 220/33 केवी विद्युत स्टेशन स्थापना के संबंध में अवगत कराया गया कि इसका शासनादेश और अनुबन्ध हो चुका है तथा कार्य गतिमान है। प्रमुख सचिव ने पारेषण लाइन हेतु 0.9552 हे. वन भूमि को गैरवानिकी में परिवर्तित किये जाने हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति के लिये अपर सचिव वन एवं पर्यावरण को आवश्यक निर्देश दिये।

बैठक में अवगत कराया गया कि गुरू गोरखनाथ धाम में गोरखनाथ मंदिर सड़क का चौड़ीकरण कार्य एवं चम्पावत में रोजवेज स्टेशन में आधुनिक सुसज्जित मल्टी स्टोरी पार्किंग व शॉपिंग कॉम्पलैक्स निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

बैठक में सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, डॉ. आनन्द श्रीवास्तव, गिरधारी सिंह रावत, मनुज गोयल, कल्याणी, सुरेश चन्द जोशी, एस.एल. सेमवाल, संतोष बडोनी, अपर निदेशक सूचना आशीष कुमार त्रिपाठी सहित अन्य विभागों के उच्च स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

चंपावत में सीएम धामी ने किया 123.79 करोड़ रूपए की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कुल ₹123.79 करोड़ की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹27.79 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹96 करोड़ की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 349.98 लाख रूपए की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के तहत जनपद के विभिन्न स्थानों में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्य, सुधारीकरण कार्य किये जा रहे है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा बस स्टेशन रोडवेज़ में निर्मित किये जा रहे सिटी सेन्टर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न मंदिरों के पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि गण, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी तथा बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों, मीडियाकर्मियों समेत विभिन्न समूहों तथा लोगों से संवाद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि चम्पावत नगर में लगभग ₹62.33 करोड़ की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या का समाधान होने के साथ स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। साथ ही व्यापारिक भवनों के निर्माण, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केन्द्र, ओपन जिम तथा युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा लगभग ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केन्द्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएँ केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं। ये युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देने वाली योजनाएँ हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई देते हुए विकास यात्रा में निरंतर जनसहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जन प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी की सीमांत क्षेत्र के लिए करीब 40 करोड़ से अधिक रूपए की स्वास्थ्य योजनाओं की दी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र मेंअभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सोच केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम भविष्य की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्यंत सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ही लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत व आधुनिक बनेंगी।अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 470.05 लाख रुपये की लागत से 129 बेड वाले विशाल व आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जो प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जनपद चंपावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष पैरामेडिकल मानव संसाधन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वस्थ जीवन का अधिकार सहजता से उपलब्ध हो, क्योंकि जब हमारा नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा प्रदेश समृद्ध होगा और विकसित उत्तराखंड का हमारा साझा संकल्प साकार होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, प्रदेश मंत्री भाजपा अध्यक्ष निर्मल महारा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

वे साइड एमिनिटी बनने से पर्यटन व स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली “वे साइड एमिनिटी परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत ग्राम उत्थान परियोजना तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से स्थापित की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक विश्राम स्थल, स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, जलपान एवं कैफेटेरिया की सुविधा, साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं वन उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन), और सूचना केंद्र भी प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता मिलकर प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ न केवल पर्यटन विकास को नई दिशा देंगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के सहयोग से चम्पावत को सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है।”

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया तथा अंत में मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े विभागों को समयबद्ध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

वरिष्ठजन के अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला पंचायत सभागार, चंपावत में प्रबुद्ध नागरिकों एवं वरिष्ठजनों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के अनुभव, ज्ञान और मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा हमारे वरिष्ठजन समाज के मार्गदर्शक स्तंभ हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगा, और आदर्श चंपावत से ही आदर्श उत्तराखंड का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिले के केवल सिप्टी क्षेत्र में ही ₹100 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि समूचे जनपद में इससे कहीं अधिक कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी ओर से की गई 306 घोषणाओं में से 196 पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत केवल एक जिला नहीं, बल्कि “आदर्श उत्तराखंड” के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में साइंस सेंटर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का नया परिसर आरंभ हो चुका है और चंपावत को स्मार्ट सिटी मिशन में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि रोपवे परियोजना, शारदा कॉरिडोर और वेडिंग डेस्टिनेशन उत्तराखंड योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।

सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि चंपावत ने जिस विश्वास के साथ उन्हें 93 प्रतिशत से अधिक मत देकर विधायक बनाया था, वही विश्वास अब विकास कार्यों के रूप में धरातल पर दिख रहा है। उन्होंने कहा आने वाले समय में यह समर्थन 100 प्रतिशत तक पहुँचेगा।

वरिष्ठजनों ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की। उन्होंने पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और अपेक्षा जताई कि सरकार इसी संवेदनशीलता के साथ आगे भी कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बाराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल सहित जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राज्य के सभी विकासखंडो में स्थापित होंगे स्टेम लैबः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग करते हुये 55 करोड़ 53 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले चम्पावत साइंस सिटी का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने इस मौके पर नशा मुक्ति केंद्र का भी शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने चंपावत में विज्ञान केंद्र के शिलान्यास की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विज्ञान केंद्र हमारे आदर्श चंपावत के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट राज्य बने इसके लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा राज्य में विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार के प्रचार-प्रसार हेतु राज्य की नोडल संस्था, यूकॉस्ट के माध्यम से लगातार कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान, विकास का मूल आधार है तथा विज्ञान, संवेदनशील तरीकों से समस्याओं का समाधान करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि चम्पावत का विज्ञान केन्द्र राज्य में देहरादून, अल्मोड़ा के बाद तीसरा विज्ञान केंद्र होने जा रहा है तथा देश की 5वीं साइंस सिटी, देहरादून में बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अल्मोड़ा में बने मानसखण्ड विज्ञान केन्द्र का लोकापर्ण किया गया है तथा आज, लंबे समय से चम्पावत में विज्ञान केंद्र की स्थापना की जो मांग थी, वह पूरी हो रही है और यह शिलान्यास समारोह चम्पावत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र के माध्यम से चम्पावत ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऊँची छलाँग लगाई है, जिसका गुणात्मक प्रभाव हम सबको शीघ्र दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में हमारा देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा भारत की नेतृत्व क्षमता को पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचारी प्रवृति से ही देश एवं राज्य में विकास की रफ्तार तेज होगी। राष्ट्रीय स्तर की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में आम जनमानस की भागीदारी सुनिश्चित करने में विज्ञान केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत सहित प्रदेश भर के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक क्रांति की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु निरन्तर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के द्वारा राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी व नवाचार के प्रचार-प्रसार हेतु “मुख्यमंत्री लैब ऑन व्हील्स“ परियोजना के तहत प्रत्येक जिले के लिए चलती फिरती विज्ञान प्रयोगशाला ’’मुख्यमंत्री मोबाइल साइंस लैब’’ की भी मंजूरी दी गयी है, जो प्रथम चरण में राज्य के चार जिलों में जल्द ही स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक ब्लाक में स्टेम एजुकेशन सिस्टम के द्वारा विज्ञान, तकनीक, प्रौद्योगिकी तथा गणित विषय को विद्यार्थियों की योग्यता एवं रुचि के अनुसार रोचक तरीकों से सिखाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) राज्य के 95 विकासखंडो में स्टेम लैब को स्थापित करने हेतु प्रयासरत है। इसके प्रथम चरण में राज्य के सीमांत जनपदों सहित देहरादून में यूकॉस्ट द्वारा विकास खंडो में स्टेम लैब स्थापित करके राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है तथा अगले चरण में स्टेम लैब प्रदेश के सभी ब्लाकों में स्थापित किये जाएगे। बजट सत्र में राज्य के सभी जिलों में विज्ञान केन्द्र बनाने के लिए बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व नवाचार पर उत्कृष्ट कार्य किए जाने पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत और उनकी टीम को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा विज्ञान केन्द्र राज्य के छात्र-छात्राओं, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए उत्साह और उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नशा मुक्ति केंद्र का शुभारम्भ करते हुए युवाओं से प्रत्येक नशे से दूर रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय टम्टा ने प्रतिभाग करते हुये कहा कि चम्पावत कुमाऊं की राजधानी रही है। उन्होंने कहा कि चम्पावत में विज्ञान केन्द्र के खुलने से बच्चों के मानसिक विकास में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी, क्योंकि किसी भी कार्य की प्रवीणता के लिये प्रैक्टिल की बहुत बड़ी भूमिका होती है तथा निश्चित ही यहां के बच्चों को इस विज्ञान केन्द्र के संचालित होने पर काफी बड़ा फायदा होगा। उन्होंने विज्ञान केन्द्र की विशेषताओं का उल्लेख करते हुये बताया कि इस विज्ञान केन्द्र में कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अत्याधुनिक इंटरैक्टिव गैलरी, फन साइंस पर इण्टरैक्टिव और सहभागी प्रदर्शनी, अन्तरिक्ष एवं खगोल विज्ञान पर इमर्सिव प्रदर्शन, डिजिटल तारामण्डल, साइंस पार्क आदि की सुविधायें होंगी, जिससे इस क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्यागिकी के लोकव्यापीकरण तथा विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर0के0 सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विशेष सचिव डॉ0 पराग मधुकर धकाते महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत सहित संबंधित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

विभिन्न विकास कार्यों को सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अंतर्गत ब्यानधुरा बाबा मंदिर तक पेयजल आपूर्ति एवं सड़क निर्माण कार्य हेतु 3.58 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा चम्पावत के अन्तर्गत पंचमुखी गौशाला धाम बनाये जाने हेतु 1 करोड़, घटोत्कच मंदिर परिसर में चाहरदीवारी व दो कक्षों के निर्माण कार्य एवं मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु 1 करोड़ एवं टनकपुर में मीडिया सेंटर एवं गेस्ट हाउस हेतु भूमि एवं भवन उपलब्ध कराने के लिये प्रथम चरण के कार्य हेतु 11 लाख 86 हजार धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अन्तर्गत वार्ड खटीमा शहीद स्थल पर तिरंगा निर्माण कार्य हेतु 47 लाख 82 हजार की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है।

एसीएस ने सीएम द्वारा विधान सभा क्षेत्र चम्पावत में की घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए त्वरित कार्यवाही एवं प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर बल दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों को घोषणाओं के क्रियान्वयन/पूर्ति की अद्यतन स्थिति घोषणा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए।

सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा विधान सभा क्षेत्र चम्पावत हेतु की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान एसीएस रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास, पर्यटन, विद्यालयी शिक्षा, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ग्रामीण निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, वन, राजस्व, गृह, आपदा प्रबन्धन, ऊर्जा, आवास, उच्च शिक्षा, कृषि एवं कृषक कल्याण, परिवहन, समाज कल्याण, सूचना, सैनिक कल्याण, युवा कल्याण, नागरिक उडडयन, खेल, औद्योगिक विकास विभाग के तहत की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने औद्योगिक विकास विभाग को चम्पावत के बनबसा एवं आसपास के स्थानों पर सिडकुल निर्माण हेतु, सैनिक कल्याण विभाग को बनबसा में सैनिक स्मारक निर्माण, कृषि एव कृषक कल्याण विभाग को जिले में नाबार्ड मद से औद्योगिक विकास, खेल विभाग को बनबसा में स्टेडियम निर्माण, आपदा प्रबन्धन विभाग को चम्पावत में मल्टी पर्पस डिजास्टर रिलीफ सेंटर बनाने, समाज कल्याण विभाग को मुख्यालय चम्पावत में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी की मूर्ति एवं अम्बेडकर भवन बनाने, टनकपुर, ऊर्जा विभाग को बनबसा क्षेत्र में 132 के0 वी0 विद्युत स्टेशन स्थापित करने, युवा कल्याण विभाग को हिडिम्बा मंदिर के समीप खेल मैदान का निर्माण करने जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाओं की गतिमान कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, डा. रंजीत कुमार सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

चंपावत के सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर थपथपाई अधिकारियों की पीठ

देहरादून। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा डेंगू के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए आज दिनांक 08.10.23 को उप जिला चिकित्सालय टनकपुर, जिला चिकित्सालय चम्पावत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलथी चंपावत, उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू बीमारी को रोकने के लिए अस्पताल में डेंगू वार्ड, मच्छरदानी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। चिकित्सालय में पानी की निकासी, साफ़ सफाई और दवा के छिडकाव की उचित व्यवस्था करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में एमरजेंसी दंत रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब महिला वॉर्ड में अती महिलाओं एवं प्रसव से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं व भर्ती मरीजों का हाल जाना। राजेश कुमार ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से वार्ता करने के साथ ही अस्पताल से उन्हें दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली।

उत्तराखंड सरकार की ओर से मरीजों को निशुल्क जांच सुविधा के लिए संचालित चंदन लैब का भी निरीक्षण करते हुए पंजिका में जांच से संबंधित विवरणों और बीमारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सालयों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला चिकित्सालय में प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य सचिव ने स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी साथ ही उनसे योजनाओं का फीडबैक भी लिया। स्वास्थ्य सचिव ने वैलनेस सेंटरों में जाकर अवस्थपना सुविधाओं आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, औषधियों एवं विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कार्मियों की स्थिति का अवलोकन किया। स्वास्थ्य सचिव के साथ विभागीय अधिकारियों ने आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी बनाने के लिए आम लोगों को प्रेरित किया साथ ही टीबी मुक्त उत्तराखंड की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अब तक किये गये प्रयासों की भी जानकारी दी।
इस दौरान सीएमओ केके अग्रवाल ने स्वास्थ्य सचिव से टनकपुर उप जिला हॉस्पिटल में ब्लड बैंक और एचआईवी से ग्रसित लोगों के लिए लिंक एआरटी सेंटर की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव ने पत्रकारों से बात करते हुए स्पेशलिस्ट डॉक्टर की जल्द न्युक्ति करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि टनकपुर हॉस्पिटल में ट्रामा सेंटर संचालित करना उनकी प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग चम्पावत की बैठक ली। जिसमें उन्होंने जिले के सभी लोगों की आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनाने को कहा। उन्होंने कहा, पहाड़ों में लोगों की आर्थिक स्थिति इतनी नहीं होती की वो महंगा इलाज करवा सकते। सरकार आयुष्मान आप के द्वार योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ग्रामसभा में कैंप लगाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं मंडल डॉ0 तारा आर्यां, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डेय, सीएमओ डॉ0 केके अग्रवाल, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमन्त वर्मा, सीएमएस डॉ घनश्याम तिवारी, एसीएमओ डॉ0 इंद्रजीत पांडे, डॉ0 कुलदीप यादव, सीएमएस जिला हॉस्पिटल चंपावत पी एस खोलिया, खाद्य निरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा डीपीएम गौरव पांडे, सहित अन्य मौजूद रहे।

चंपावत विधानसभा में सीएम घोषणाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरूवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी घोषणाओं के लिए समय सीमा निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा के लिए क्रमबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण होने की तिथि निर्धारित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी घोषणाओं का साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाए, ताकि घोषणाएं समय से पूर्ण हो सके। जो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं अथवा चल रही हैं, उनकी अद्यतन जानकारी सीएम घोषणा पोर्टल पर अवश्य अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों द्वारा घोषणाओं के प्रस्ताव अभी तक नहीं भेजे गए हैं, वे विभाग प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराएं।
बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 132 घोषणाएं की गयी थी। जिनमें से 46 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 71 घोषणाओं पर कार्य गतिमान है एवं 15 घोषणाएं अपूर्ण हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, हरिचन्द्र सेमवाल, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।