सीएस ने चंपावत में गोल्ज्यू कॉरिडोर का किया भ्रमण, सौंदर्यीकरण को दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत स्थित ऐतिहासिक गोल्ज्यू मंदिर एवं प्राचीन बालेश्वर मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

गोल्ज्यू मंदिर परिसर में उन्होंने प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवो मोहन पलड़िया ने मुख्य सचिव को परियोजना के सभी घटकों, संरचनाओं और कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति दी।

मुख्य सचिव ने कॉरिडोर परिसर का स्वयं भ्रमण कर प्रस्तावित निर्माण, सौंदर्यकरण एवं सुगमता बढ़ाने वाले कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉरिडोर के समस्त विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में, उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।

इसके उपरांत मुख्य सचिव बर्द्धन ने बालेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर मंदिर एवं नौले के सौंदर्यीकरण की आवश्यकताओं का अवलोकन किया। उन्होंने पुरातत्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मंदिर के प्राकृतिक व सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि गोल्ज्यू मंदिर एवं बालेश्वर मंदिर दोनों ही सांस्कृतिक आस्था और लोक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और बेहतर सुविधाओं के विकास से चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं और अधिक सशक्त होंगी, जिससे स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव बर्द्धन का चम्पावत दौरा, विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा, प्रगति में तेजी के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत एन०एच०पी०सी० बनबसा हेलीपैड पहुँचे, जहाँ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

एन०एच०पी०सी० सभागार बनबसा में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने चम्पावत जिले में संचालित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की प्रगति का व्यापक आकलन किया।

बैठक में शारदा कॉरिडोर, इनलैण्ड पोर्ट अथॉरिटी, टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन, बाढ़ प्रबंधन कार्य, टनकपुर/बनबसा वाटर सप्लाई स्कीम, आई०एस०बी०टी टनकपुर निर्माण, तथा ब्रिडकुल द्वारा बनाए जा रहे पुलों सहित विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने शारदा रिवर फ्रंट एवं एडजॉइनिंग प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और सुदृढ़ बनाने, पूर्णागिरि रोपवे को शारदा कॉरिडोर के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा रोपवे निर्माण कंपनी को प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन के संदर्भ में चम्पावत और लोहाघाट के साथ-साथ अल्मोड़ा को जोड़ने हेतु विस्तृत एलाइमेंट तैयार करने के भी निर्देश दिए।

बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को पारंपरिक तरीकों से हटकर कम लागत में प्रभावी प्रोटेक्शन मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही 5 करोड़ से कम लागत वाले कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा के माध्यम से अनुमोदित करवाकर त्वरित गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने डिप्टेश्वर और कुर्मू झील परियोजनाओं की प्रगति के साथ साथ टनकपुर और बनबसा वाटर सप्लाई योजनाओं, आईएसबीटी टनकपुर तथा ब्रिडकुल के पुलों की प्रगति में और तेजी लाने को भी कहा।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, एन०एच०पी०सी० पावर स्टेशन प्रमुख ऋषि रंजन आर्य, शारदा कॉरिडोर से सत्यजीत राय एवं राजीव रंजन, एनएचएआई के पीडी जोगेंद्र शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

शारदा करिडोर, इको-टूरिज्म व आधारभूत ढांचों की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज टनकपुर/शारदा बैराज, शारदा घाट, किरोड़ा नाला, बूम, बाटनागाड़ एवं श्यामलाताल क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर विकास एवं बाड़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की।

टनकपुर/शारदा बैराज के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने यहां पर्यटन एवं एरो स्पोर्ट्स की संभावनाओं की समीक्षा की।

शारदा घाट, टनकपुर स्थित शारदा कॉरिडोर परियोजना की जमीनी स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्रिडकुल के अधिकारियों से 480 मीटर लम्बे स्पान पुल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बूम व बाटनागाड़ क्षेत्रों में हो रहे भू-कटाव का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्ण चौनलाइजेशन के बाद प्रभावी बाड़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए। शारदा नदी के तट पर पहुंचकर उन्होंने सिंचाई विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा।

माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने बाटनागाड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया और मार्ग सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना अनुसार चम्पावत जनपद में विकसित किए जा रहे Spiritual Economic Zone एवं Eco Tourism को मजबूत करने हेतु मुख्य सचिव ने श्यामलाताल का निरीक्षण किया।

यहां उन्होंने कृषि, उद्यान एवं एनआरएलएम द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा लाल चावल, लाल धान, मधुमक्खी पालन, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और बाजार उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्य सचिव को श्यामलाताल सहित सभी स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने चम्पावत के खेल प्रतिभाओं को किया सम्मानित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद की उभरती खेल प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया।

इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं कोच को मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य सचिव ने चम्पावत की उभरती (नेशनल) प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए प्रिंस खोलिया (ब्रॉन्ज मेडल), दीपांशु जोशी (सिल्वर मेडल), अक्षत बोहरा (ब्रॉन्ज मेडल), अंशिका धामी (नॉर्थ इंडिया गोल्ड मेडल) और हर्षित थापा (जूनियर नेशनल ब्रॉन्ज मेडल) को एक साथ सम्मानित किया।

इसके साथ ही अर्जुन सिंह एवं तुषार भट्ट को विद्यालय स्तर से नेशनल प्रतियोगिताओं हेतु चयनित होने पर सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कोच ललित कुंवर एवं कराटे कोच विजय रावत को भी खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शॉल एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट को भी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु मुख्य सचिव ने बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत हरसिंगार (पारिजात) का पौधा रोपा।

कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने भी इस अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि खेल और पर्यावरण-दोनों ही क्षेत्र समाज को नई दिशा देते हैं, इसलिए युवाओं को स्वस्थ वातावरण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

शारदा कॉरिडोर आस्था, धरोहर और विकास का संगमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर परियोजना हमारी आस्था, सांस्कृतिक, धरोहर और सतत विकास का केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर का उद्देश्य बनबसा से माता रंकोची तक की घाटी को धर्म, प्रकृति और रोजगार के सुंदर संगम के रूप में विकसित करना है। यह भूमि अब केवल आस्था का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि यहाँ के लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और अवसरों की नई धारा भी प्रवाहित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदा नदी के तट को पर्यावरण संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप देने के लिए शारदा घाट पुनर्विकास परियोजना के कार्य को प्रथम चरण के रूप (अनुमानित लागत ₹185.20 करोड़) में प्रारंभ किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत सुरक्षित स्नान घाट, आरती स्थल, स्वच्छता एवं विश्राम की सुविधाएँ, सुंदर घाट, सुगम पहुँच मार्ग, पैदल पथ, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आरती स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से निर्मित होगा, जिसमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। बाढ़ प्रतिरोधी संरचनाओं से नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में नई गति लाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक अद्वितीय मॉडल बताया, जो पूरे क्षेत्र के लिए विकास का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर परियोजना के कुछ क्षेत्र वन भूमि में आते हैं, जिनके भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया वन विभाग के साथ प्रगति पर है। यह परियोजना यूआईआईडीबी के माध्यम से संचालित की जा रही है। डांडा और चूका जैसे राजस्व भूमि वाले क्षेत्रों का हस्तांतरण भी शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिससे कार्यों में विलंब न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि और माता रंकोची क्षेत्र, जो शारदा कॉरिडोर के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे, वहाँ श्रद्धा के साथ-साथ वन, जीव-जंतु और प्रकृति शिक्षा का अनुभव भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यावरण-संवेदनशील विकास का उदाहरण बनेगा, जहाँ नदी की पवित्रता, हरियाली और प्राकृतिक संतुलन सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि शारदा कॉरिडोर का विकास जन-सहभागिता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जाएगा। हर निर्णय में स्थानीय नागरिकों की राय और भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, शारदा कॉरिडोर केवल भौगोलिक विकास नहीं है, यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा उदाहरण बनेगा, जहाँ परंपरा और प्रगति, आस्था और आधुनिकता एक साथ चलें।

गौरतलब है कि शारदा कॉरिडोर के ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत किरोड़ा नाला पारिस्थितिक कॉरिडोर (₹109.57 करोड़)- क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने हेतु पारिस्थितिक कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। सिटी ड्रेनेज योजना- चरण 1 (₹62.11 करोड़)रू शहरी जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ कर बाढ़ की घटनाओं में कमी और वर्षा जल प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाएगा। थाक गाँव तक वैकल्पिक मार्ग (₹5.34 करोड़)-कोर्बेट के अंतिम शिकार मार्ग के रूप में प्रसिद्ध यह मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम पहुँच मार्ग बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी इसमें सम्मिलित हैं।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

महिलाओं ने फूलो और आशीर्वाद से किया स्वागत, सीएम बोले, चम्पावत मेरी प्रेरणा है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत का सड़क मार्ग से दौरा किया। उन्होंने चम्पावत से टनकपुर तक के मार्ग में विभिन्न गांवों में रुककर ग्रामीणों से मुलाकात की और सीधा जनसंवाद स्थापित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने दौरे के दौरान मुड़ियानी, धौन, स्वाला, अमोड़ी, चल्थी, सिंयाड़ी, सूखीढांग और बस्तियां जैसे ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, चल रहे विकास कार्यों, तथा जनसमस्याओं की जानकारी ली।

हर स्थान पर मुख्यमंत्री का स्वागत अत्यंत गर्मजोशी से किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत फूलों और मंगल गीतों के साथ किया। मातृशक्ति द्वारा दिए गए फूलों और आशीर्वाद को मुख्यमंत्री ने बड़े स्नेह से स्वीकार किया और कहा कि “यह आशीर्वाद ही मेरे कार्यों की सच्ची ऊर्जा है।” उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थानों पर बच्चों से भी संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, सपनों और करियर के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा “आप सभी बच्चे हमारे प्रदेश का भविष्य हैं। जिस दिन आप सभी आत्मविश्वास से अपने सपने पूरे करेंगे, उस दिन उत्तराखण्ड अपने विकास के सर्वाेत्तम शिखर पर होगा।”

मुख्यमंत्री ने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि सरकार लगातार शिक्षा और कौशल विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है।

स्थानीय उत्पादों को दिया बढ़ावा-खरीदी पहाड़ी गडेरी और अदरक
चल्थी में मुख्यमंत्री धामी एक स्थानीय दुकान पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वयं स्थानीय कृषि उत्पाद-गडेरी (पहाड़ी बड़ी अर्बी) और अदरक खरीदी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और हर व्यक्ति को स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत का हर कोना उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा-“मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे चम्पावत की सेवा करने का अवसर मिला है। यहाँ की जनता का स्नेह और विश्वास मेरे लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हम सब मिलकर चम्पावत को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाएँगे।”

उन्होंने ग्रामीणों को दीपावली, धनतेरस और भैया दूज की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह त्यौहार प्रदेश में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाएँ।

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान ग्रामीणों के साथ विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित के सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुविधा, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया ग्राउंड ज़ीरो से निरीक्षण कर बोले सीएम, 2026 तक निर्बाध होगा मार्ग यातायात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन से आमजन की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुँचकर भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी, मलबे की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा सड़क की स्थिरता का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री को स्वाला भूस्खलन स्थल की भौगोलिक स्थिति, मलबे की मात्रा, जल प्रवाह की दिशा, भू-संरचना की प्रकृति तथा वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वाला क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए ठोस तकनीकी योजना तैयार की जाए ताकि भविष्य में इस मार्ग पर यातायात बाधित न हो। उन्होंने कहा कि 2026 तक इस मार्ग को पूर्णतः निर्बाध एवं सुचारु बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर मलबा हटाने हेतु पर्याप्त मशीनरी, जेसीबी, और मैनपावर हमेशा तत्पर रखी जाए ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही वैकल्पिक मार्गों को भी पूरी तरह चालू और सुरक्षित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को समय-समय पर अपडेट किया जाए और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसी संवेदनशील स्थलों के स्थायी भू-वैज्ञानिक समाधान पर कार्य कर रही है ताकि राज्य की सड़कें हर मौसम में सुचारु बनी रहें। उन्होंने कहा कि चम्पावत-टनकपुर मार्ग क्षेत्रीय आवागमन और सीमांत इलाकों की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, इसलिए इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ विकसित किया जा रहा है।

चंपावत में सीएम ने स्वदेशी उत्पादो को अपनाने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद मुख्यालय के मुख्य बाज़ार में जीएसटी जागरूकता रैली का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया, साथ ही केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में कम किए गए जीएसटी स्लैब के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की और उनका फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री धामी ने बाज़ार में विभिन्न प्रतिष्ठानों, जिनमें प्रकाश तिवारी, तिवारी स्वीट्स, मयूख चौधरी की चौधरी वस्त्र भंडार तथा बस स्टेशन स्थित प्रकाश तिवारी के जनरल स्टोर पर पहुँचकर व्यापारियों से मुलाकात की और नए जीएसटी स्लैब पर उनकी राय जानी। उन्होंने व्यापारियों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे घटी हुई जीएसटी दरों के बारे में आम जन को भी पूरी जानकारी दें, ताकि उपभोक्ता को इसका सीधा और पूर्ण लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई आवश्यक उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी स्लैब में कमी की है, जिसे वह नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी बता रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दरों में कमी का सीधा लाभ देश की आम जनता को प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने व्यापारियों और जनता से कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर हमें भारत के लोगों और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सीएम धामी ने तमाम प्रतिष्ठानों में जाकर दुकानदारों से फीडबैक लिया और उन्हें स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा बेचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सभी को स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना केवल आर्थिक मजबूती के लिए ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

जीजीआईसी चंपावत में बालिकाओं के साथ बैठकर सीएम धामी ने किया भोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के विकास के लिए ₹115.23 करोड़ की लागत की 43 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

जीजीआईसी चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ₹51.37 करोड़ की 22 योजनाओं का लोकार्पण एवं ₹ 63.86 करोड़ की 21 योजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि यह योजनाएं चंपावत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में यह योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिला, उत्तराखंड की आत्मा है और सरकार इसे राज्य का “मॉडल जिला” बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हर क्षेत्र में संतुलित और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनका कार्य समयबद्ध एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं के साथ बैठकर भोजन भी किया। और उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की एवं पढ़ाई के संबंध में फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने जीजीआईसी ऑडिटोरियम में आमनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत आत्मनिर्भर भारत, नशामुक्त समाज, स्वच्छता, जल संरक्षण और आदर्श चंपावत के निर्माण हेतु डिजिटल हस्ताक्षर किए

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग अन्तरिक्ष सम्मेलन 2025 में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विकसित भारत 2047 के निर्माण के लिए हिमालयी राज्यों के परिप्रेक्ष्य में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग अन्तरिक्ष सम्मेलन 2025 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश भर से आए वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत/2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अनुसंधान तक सीमित न रहकर संचार, कृषि, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला द्वारा तिरंगा फहराने पर इसरो समेत समस्त वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांशु शुक्ला का मिशन गगनयान व भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चंपावत को मॉडल जिला बनाने के लिए इसरो और यूकास्ट द्वारा विकसित डैशबोर्ड का शुभारंभ किया तथा इसरो द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार विज्ञान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है और प्रदेश में साइंस सिटी, साइंस एवं इनोवेशन सेंटर, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन व अन्य अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना पर कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन उत्तराखंड को “स्पेस टेक्नोलॉजी फ्रेंडली स्टेट” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रदेश के सतत विकास में सहयोगी सिद्ध होगा।

इसरो चेयरमैन डॉ. वी नारायणन ने कहा कि 1963 में भारत ने पहला रॉकेट लॉन्च किया था। 1963 से अब तक भारत ने 100 से अधिक रॉकेट लॉन्च किए हैं। 1975 तक हमारे पास अपने कोई सेटेलाइट नहीं थे, लेकिन अब भारत के पास अपने 131 सैटेलाइट हैं। टीवी ब्रॉडकास्ट से लेकर हर जगह सैटेलाइट बड़े पैमाने पर मददगार साबित हो रहे हैं। इसरो द्वारा ह्यूमन स्पेस प्रोग्राम पर कार्य किया जा रहा है। उस रॉकेट पर कार्य किये जा रहे हैं, जो पृथ्वी की लोवर ऑर्बिट पर 75 हजार किलो तक के सेटेलाइट को लॉन्च करेगा, जिसे करीब 27 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

इसरो चेयरमैन ने कहा कि एक समय था जब हमारे रॉकेट साइकिल से ले जाए करते थे, पर आज भारत ने कई विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। हमने दुनिया में सबसे पहले चंद्रमा पर पानी के अणु की मौजूदगी का पता से लगाया है। भारत पहला देश है जिसने चंद्रमा के साउथ पोल पर पहली बार लैंड किया है। भारत, आदित्य एल-1 मिशन के साथ सूर्य का अध्ययन करने वाला चौथा देश बन गया है। भारत ने पहले प्रयास में ही मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश किया था और मंगल ग्रह की कक्षा में उपग्रह भेजने वाला चौथा देश है। हमारा लक्ष्य 2030 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने एवं 2040 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने का है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित भारत अवश्य बनेगा।

निदेशक राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र डॉ. प्रकाश चौहान ने कहा कि आज हमारे जीवन में हर समय अंतरिक्ष डाटा का प्रयोग हो रहा है। अंतरिक्ष में सेटेलाइट हमें जीपीएस नेविगेशन के साथ कई तरह के अपडेट देते हैं। उत्तराखंड में हमने पशुधन का डाटा ऑनलाइन किया था। ऋषि गंगा, चमोली आपदा के दौरान हमने सेटेलाइट के माध्यम से मेपिंग की और डेटा तैयार किया, जिसका प्रयोग बाद में राष्ट्रीय नीति में भी किया गया। पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट में इस डाटा का इस्तेमाल किया गया। अर्थ ऑब्जर्वेशन, सेटेलाइट संवाद एवं सेटेलाइट नेविगेशन ने पूरी तरह से हमारे जीवन को बदलने का काम किया है। उत्तराखंड में आपदाओं के दौरान मैपिंग, वन संरक्षण एवं वनाग्नि की मैपिंग के क्षेत्र में सेटेलाइट डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्लेशियर लेक की मॉनिटरिंग, बाढ़, बादल फटने जैसी घटनाओं के पूर्वानुमान का भी काम किया जा रहा है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड में अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी को अपनाने और इसके लिए स्थाई वैज्ञानिक अधोसंरचना को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य सचिव ने इसरो से राज्य के कुछ साइंस सेंटर को गोद लेने तथा से कार्टाेसेट के 50 सेमी या इस तरह के रेजोल्यूशन की उपलब्ध इमेजरी को रियल टाईम व गैर व्यावसायिक आधार पर राज्य को उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं वैज्ञानिक मौजूद थे।