अंगदान जैसे पुण्य कार्य से दूसरे लोगों के जीवन को मिलता है सहाराः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 99 वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में अंगदान जैसे पुण्य कार्य से दूसरे लोगों के जीवन को सहारा देने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने कहा अंगदान के क्षेत्र में हम सभी को आगे बढ़ना होगा, जिससे अनेक लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात भी प्रधानमंत्री ने मन की बात में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में भी लगातार कार्य हो रहे है, उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दिशा में और प्रयास किए जाय। राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम हमेशा प्रेरणादाई होता है। 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री के मन की बात का 100वां संस्करण होगा। इससे इस कार्यक्रम की लोकप्रियता को समझा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल भी उपस्थित थे।

राज्य सरकार के एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित किया गया मुख्य कार्यक्रम।

राज्य सरकार के एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर प्रदेशभर में सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘‘एक साल नई मिसाल’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर ग्राम तरला नागल सहस्त्रधारा मार्ग में 12.45 हेक्टेयर में बनने वाले लगभग 37 करोड़ रूपये की लागत के सिटी फोरेस्ट का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये बहुद्देशीय शिविर का अवलोकन किया। प्रदेश के सभी जनपदों में जनपद के प्रभारी मंत्रियों, विधायकगणों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों ने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर आयोजित किये गये कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया।

सरकार के एक साल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशहित में की 16 महत्वपूर्ण घोषणाएं।

मुख्यमंत्री ने की प्रदेश हित में 16 घोषणाएं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में मुख्यमंत्री प्रतियोगी परीक्षार्थी परिवहन योजना शुरू की जायेगी। इस योजना के तहत परीक्षाओं में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को आने-जाने के लिए परिवहन निगम की बसों में किराये में उत्तराखण्ड में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। कक्षा 06 से ही कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की शिक्षा को लागू किया जायेगा। राज्य के सभी 13 जनपदों में लैब ऑन व्हील्स ‘‘चलती-फिरती प्रयोगशाला स्थापित की जायेगी। उत्तराखण्ड राज्य साइंस टेक्नोलॉजी और इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जायेगा। साथ ही राज्य सरकार इस क्षेत्र में शीघ्र ही ‘‘साइंस और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पॉलिसी’’ लायेगी। हल्द्वानी गौलापार में स्थापित अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम को उच्चीकृत कर अन्तरराष्ट्रीय मानकों का खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जायेगा। राज्य में काश्तकारों को सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री औद्यानिकीकरण योजना प्रारम्भ की जायेगी। राज्य में पशुपालकों को सहयोग देने के मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन प्रारम्भ किया जाएगा। राज्य में मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योजना प्रारम्भ की जायेगी। जिसमें स्नातक पास छात्र एवं छात्राओं को आवश्यक रूप से दक्ष बनाया जायेगा। राज्य के 250 की आबादी वाले गाँवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारम्भ की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उपलब्धता एवं उपयुक्तता के आधार पर 01-01 अमृत सरोवर / झील को पर्यटक स्थल एवं वाटर स्पोर्टस के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला सेवायोजन एवं कौशल विकास कार्यालय को स्वरोजगार केन्द्र के नोडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रमिकों के बच्चों को भी उचित स्कूली शिक्षा मिल सके इस हेतु राज्य सरकार मोबाईल स्कूल (चलते-फिरते स्कूल) प्रारम्भ किये जायेंगे। राज्य सरकार द्वारा दिवालीखाल से गैरसैंण तक के सड़क मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया जायेगा। लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु होने पर उनकी पेंशन विधवा पत्नी को दी जाएगी। उत्तराखण्ड के लोकपर्वों उत्तरायणी, फूलदैई, हरेला, ईगास, बूढ़ीदिवाली आदि लोकपर्वों को व्यापक पहचान दिलाए जाने एवं पूर्ण श्रद्धा एवं हर्षाल्लास के साथ मनाए जाने के लिए समेकित नीति बनाई जाएगी।

उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाना राज्य सरकार का लक्ष्य।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन कई अर्थों में विशेष है। आज के दिन देवभूमि की जनता द्वारा अपनी आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए चुनी गई सरकार का एक वर्ष पूर्ण हुआ है। आज हमारा उत्तराखंड ‘‘उत्कृष्ट उत्तराखंड’’ बनने की राह पर अग्रसर है। उत्तराखंड की राजनीति में यह पहला अवसर था जब जनता-जनार्दन ने किसी एक दल को दोबारा सेवा का अवसर प्रदान किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता भली-भांति जानती है कि कौन इस प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकता है? कौन वंचितों को उनके अधिकार दे सकता है? कौन युवाओं के सपने साकार कर सकता है और कौन अंत्योदय की परिकल्पना को सही आकार दे सकता है? जनता ने सत्य को चुना और हर कसौटी पर परख कर हमें एक बार पुनः सेवा का अवसर दिया। इस एक वर्ष के दौरान हर क्षण यह प्रयास किया है कि जितनी भी प्रदेश के सामने चुनौतियां हैं, उन सभी का समाधान निकाला जाए और राज्य को विकास कि राह पर आगे बढ़ाया जाए।

जनता का विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब भी वे जनहित में कोई फैसला लेते हैं, तो सबसे पहले समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों के चेहरों को ध्यान में रखते हैं, इससे निर्णय लेने में आसानी होती है। लोगों का विश्वास ही हमारी प्रेरणा है, उनके इस विश्वास को हमें और अधिक मजबूत करना है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमें पार कर लिए हैं और कई पड़ाव अभी पार करने हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अपेक्षा के अनुसार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। किसी भी सरकार के मूल्यांकन के लिये एक वर्ष का समय बहुत कम होता है, फिर भी इस एक वर्ष में नए उत्तराखण्ड के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। सरकार ने इस एक वर्ष के कार्यकाल को राज्य में संस्थागत सुधारों की दिशा में अनेक कदम उठाये।

एक साल में जनहित में लिए गये अनेक महत्वपूर्ण निर्णय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा मसूरी में ‘सशक्त उत्तराखण्ड/25 थीम पर आयोजित व्यापक चिंतन और विचार-विमर्श द्वारा क्षेत्रवार राज्य के विकास का ना केवल खाका तैयार किया गया बल्कि इस पर तेजी से काम भी शुरू किया जा चुका है। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने की कार्यवाही हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो,नई शिक्षा नीति लागू करना हो,नई खेल नीति लागू करना हो,सख्त नकल विरोधी कानून हो, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देना हो सरकार ने राज्य के लिए आवश्यक इन कार्यों को इतने कम समय में कर के दिखाया है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। उत्तराखंड में पहली बार परीक्षाओं में धांधली करने वाले 80 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है।

प्रदेश के समग्र विकास के लिए मिल रहा है प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखण्ड का तेजी से विकास हो रहा है। पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए ना केवल स्वीकृत की गई हैं बल्कि इनमें से कई पूर्ण होने की कगार पर भी हैं। प्रधानमंत्री ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है और उन्हीं के मार्गदर्शन में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए डबल इंजन की हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जी ने श्री केदारनाथ की भूमि पर का था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। सभी विभागों द्वारा आगामी 10 सालों के रोडमैप पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक साल में राज्य सरकार ने लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय।

कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक साल में जनहित में अनेक निर्णय लिये। गरीबों को साल में मुफ्त में 03 गैस सिलेण्डर दिये जा रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य हुए हैं। स्टार्टप एवं स्किल डेवलपमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किये गये हैं। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, सहदेव सिंह पुंडीर, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा के प्रति सकारात्मक वातावरण बने, इसका ध्यान रखें अधिकारी

आगामी चारधाम यात्रा व्यवस्थित ढंग से संचालित हो इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समय से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रति सकारात्मक वातावरण बने इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन एवं पुलिस के अधिकारियों को चारधाम यात्रा से जुड़े जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक तैयारियों को अन्तिम रूप देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग से जुड़े व्यवसायियों की भावनाओं का भी सम्मान हो यह भी देखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा में इस वर्ष की अपेक्षा और अधिक श्रद्धालु प्रदेश में आयेंगे इस दृष्टि से व्यवस्थायें की जानी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि यात्रा व्यवस्थाओं को 15 अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाए। यात्रा रूट की सड़को के सुधार के साथ यात्रियों की सुविधा से सम्बन्धित व्यवस्थाओं पर प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित खेल विवि के संबंध में अधिकारियों के साथ की बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के सबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि खेल विश्वविद्यालय के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही खेल एवं आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों के सुझाव लिये जाएं। विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के सबंध में अग्रिम आवश्यक कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी स्थित खेल मैदान का बेहतर तरीके से उपयोग हो सके, इसके लिए हल्द्वानी में भी खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था पर भी उन्होंने ध्यान देने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। राज्य में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। 2024 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना है। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल विश्वविद्यालय बनने से राज्य के युवाओं को खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर उपस्थित थे।

सरस आजीविका मेला का हुआ शुभारंभ, आप भी कीजिए विजिट…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत के टनकपुर में आयोजित 10 दिवसीय सरस आजीविका मेला 2023 का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं उत्तराखंड राज्य विकास ग्रामीण आजीविका मिशन ग्राम्य विकास विभाग उत्तराखंड के संयुक्त तत्वाधान में टनकपुर में आयोजित सरस मेला 2023 का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शुभारंभ कार्यक्रम में नन्दा कॉवेन्ट स्कूल टनकपुर के बच्चों ने स्वागत गीत से सीएम का स्वागत किया। उसके बाद राजकीय बालिका इंटर कालेज, टनकपुर के बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरस आजीविका मेले में भारी संख्या में आय लोगों का हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सरस आजीविका मेला अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है, वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं और महिलाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है। प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करें। उन्होंने कहा की प्रदेश तभी आगे बढ़ सकता है जब लोग आगे बढ़े इसलिए इस बार गैरसैंण में प्रस्तुत सामान्य बजट को हर वर्ग के उत्थान के लिए रखा है, चाहे किसान हो, बागवानी करने वाला हो, स्वयं सहायता समूह के रूप में कार्य करने वाली महिलाएं हो, चाहे किसी भी क्षेत्र का व्यक्ति हो। इस प्रकार के आजीविका मेलों के माध्यम से जहां एक ओर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका मिलता है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए “आत्मनिर्भर भारत“ मंत्र को भी मजबूती मिलती है। मेले के संचालन से जहां ग्रामीण उत्पादों के विपणन हेतु बाजार उपलब्ध होगा, वहीं देश-विदेश तक इन ग्रामीण उत्पादों के प्रचार प्रसार में सहायता भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले हमारी एकता एवं संस्कृति को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही व्यापारियों, कलाकारों, कारीगरों आदि को परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान में भी सहायता मिलती है। एक और जहां सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न विभागों की जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक महिलाओं को अवसर प्रदान कर विकासात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी हेतु उन्हें प्रेरित व प्रोत्साहित भी किया जा रहा है, जिसके चलते विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों में आज महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि सरस मेले में भी महिला समूहों द्वारा विभिन्न स्टालों का संचालन व गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का विपणन आर्थिक सशक्तता की ओर महिलाओं की रुचि को भी प्रदर्शित करता है। यहां उपस्थित महिला संगठनों की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय उत्पादों से सजे उत्तराखण्ड राज्य के लगभग 100 से अधिक महिला समूहों के स्टालों का प्रदर्शन तथा महिलाओं का विपणन कौशल इस बात का संकेत है कि महिलाओं को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़ने हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाएं कारगर साबित हो रही हैं। इस ओर और अधिक कार्य किये जाने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में प्रत्येक क्षेत्र में महिलायें स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने, उनकी आर्थिक सशक्तता बढ़ाने व उन्हें स्थायित्व प्रदान करने के लिए उत्तराखण्ड राज्य के सभी 13 जनपदों के 95 विकासखण्डों में “ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना“ की शुरुआत की गयी है। इससे निश्चित ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सदस्यों में व्यवसाय संचालन एवं विपणन कौशल के साथ साथ स्वावलंबन की भावना भी विकसित होगी और गरीब परिवार की आय में वृद्धि होगी। हमारे राज्य में 4 लाख 22 हजार परिवारों को संगठित कर 56 हजार 3 सौ 62 समूह तथा 5 हजार 7 सौ 18 ग्राम संगठन तैयार किये गये हैं। इन संगठनों को व्यवसायिक गतिविधियों से निरंतर जोड़े रखने के लिए 350 पंजीकृत सहकारिताओं का गठन किया गया है। जिनमें से आज यहां पर उत्तराखण्ड राज्य के सौ से अधिक तथा अन्य राज्यों के पैंतीस से अधिक स्वयं सहायता समूहों के हैंण्डी क्राफ्ट, हैण्डलूम, जैविक उत्पाद एवं स्थानीय व्यंजन आदि के स्टॉल प्रदर्शित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। ये प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व का ही कमाल है कि आज वैश्विक पटल पर हमारा देश विश्व को एक नई दिशा दिखाने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है और प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व से आज उत्तराखंड राज्य को जी-20 की तीन बैठके आयोजित करने का मौका मिला है, जिसकी प्रथम बैठक 28, 29 और 30 मार्च को रामनगर में होनी है।
प्रधानमंत्री के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2023 को मिलेट वर्ष की संज्ञा दी है और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मिलेट मतलब मोटा अनाज जैसे मंडवा, झंगोरा जैसे आदि अनाजों की पारंपरिक खेती हमारे प्रदेश में होती है, इसे हम मिलेट अनाज ही नहीं पौष्टिक अनाज भी कह सकते है और मोटे अनाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम प्रयासरत हैं। हमारी सरकार हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। युवाओं और महिलाओं को यदि रोजगार के सही अवसर अपने प्रदेश में ही मिलने लग जाएं तो वे अपनी जन्म भूमि को छोड़कर प्रदूषण से भरे हुए अन्य नगरों की ओर पलायन कभी नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री जी ने जो हाल में जो “वोकल फॉर लोकल“ का नारा दिया है, उसे धरातल पर उतारने हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है और इस मेले में प्रदर्शित उत्पाद इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से इकोनॉमी विद इकोलॉजी की बात करता हूँ, इसके अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। आपका यही सहयोग हमें दिन-रात मेहनत कर उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने की प्रेरणा देता है। मेरा मानना है कि एक समृद्धशाली उत्तराखंड के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में प्रत्येक स्थान पर निरंतर होते रहें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकल उत्पादों को बढ़ावा/बाजार देने के लिए 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन अंतर्गत चंपावत नगर में हिमाद्री इंपोरियम केंद्र का जल्द निर्माण किए जाने, लोहाघाट में रामलीला मंदिर के समीप एक सांस्कृतिक मंच का निर्माण किए जाने, सरस मेले में विभिन्न संसाधनों हेतु विधायक निधि से 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आजीविका को मूल बिंदु रखते हुए आज इस मेले का आगाज हुआ है जिसकी सभी को बहुत बहुत बधाई। मेला सामाजिक एकता के प्रतीक ध्वजवाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी पूर्व दर्जा मंत्री हयात सिंह महरा, शिवराज सिंह, शंकर पांडेय, दीपक पाठक, हर्षवर्धन रावत,श्याम नारायण पांडेय, सतीश पांडे, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, विभिन्न विभागीय अधिकारी गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आरजे काव्य एवं हेमंत बिष्ट द्वारा किया गया।

आयुर्वेद मात्र बीमारियों का इलाज ही नहीं बल्कि शरीर को बीमार होने से भी रोकता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ऋषिकुल के सभागार में आयोजित प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय पशु चिकित्सा एवं आयुर्वेद संगोष्ठी में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत वैदिक काल से ही आयुर्वेद द्वारा पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारंपरिक ज्ञान को लागू करने वाला प्रमुख देश रहा है। उन्होंने कहा कि ’’सर्वे संतु निरामया’’ का संदेश देने वाला पंचम वेद अर्थात आयुर्वेद हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ’’पंचप्राण’’ विकास रणनीति में देश के विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी इसी समृद्ध प्राचीन विरासत और पारंपरिक ज्ञान को सहेजने पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति ही नहीं अपितु आदर्श जीवन जीने का तरीका भी है। यह मात्र बीमारियों का इलाज नहीं करता बल्कि आयुर्वेद को अपनाकर हम अपने शरीर को बीमार होने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन हमारे देश की बड़ी ताकत है, जिन्हें बचाना हमारा प्रमुख कर्तव्य है और मानव संसाधन के साथ ही आयुर्वेद के प्रयोग द्वारा हम अपने पशुधन को भी रोगमुक्त रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक पशु चिकित्सा द्वारा पशुओं के रोग निवारण और रोग नियंत्रण के लिए प्रदेश में मौजूद हर्बल संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोराना काल में हम आयुर्वेद का महत्व अच्छी तरह समझ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में मनुष्यों से भी अधिक पशुओं में एंटीबॉयोटिक्स का इस्तेमाल करने पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि यह स्थिति पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे लिए भी अत्यंत हानिकारक है, जिसे हम आयुर्वेद को अपनाकर ही नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियों का भण्डार होने के कारण यहां आयुर्वेद का और भी अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति का वरदान है। यहां अनेकों नदियां बारहों महीने बहती हैं तथा 71 प्रतिशत भू-भाग वनों से अच्छादित है तथा हर क्षेत्र में अब पहाड़ का पानी व जवानी दोनों काम हा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आयुष और आयुर्वेद के क्षेत्र में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं और आयुर्वेद से होने वाले लाभों को आमजन तक पहुंचाने के लिए भी प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 300 आयुष हैल्थ व वेलनेस केन्द्रों के संचालन एवं 150 पंचकर्म केन्द्रों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। आयुर्वेद, होम्योपैथी व नेचुरोपैथी के विकास द्वारा रोजगार व आर्थिकी को भी व्यापक विस्तार देते हुये, इसके लिए हम प्रयासरत हैं।

उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने प्रदेश में राज्य पशुधन मिशन शुरू किया है, इसके तहत 60 करोड़ का निवेश किए जाने की योजना बनाई गई है। इससे सात हजार पशुपालकों को प्रत्यक्ष और दस हजार पशुपालकों को अप्रत्यक्ष रोजगार का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गांवों में दुनिया की सबसे समृद्ध और सबसे कुशल पशु स्वास्थ्य परंपरा मौजूद है। यह ज्ञान पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पशु चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूती प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कार्य भी किये जा रहे हैं और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिये पशु चिकित्सालयों में आयुर्वेद से संबंधित औषधियों की आपूर्ति बढ़ाने का कार्य निरन्तर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम जहां एक ओर अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रहे हैं वहीं ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ ही सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर पशुधन विकास और आयुष सहित अनेकों क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने इस बार के बजट में स्थानीय निकायों में पशुधन, गौ सदन के निर्माण के लिए 14.15 करोड़ का प्रावधान किया है वहीं, गौ पालन योजना के लिए 2.79 करोड़ का प्राविधान भी अलग से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण व संतुष्टि के मंत्र के तहत निरन्तर कार्य कर रही है तथा आजादी के अमृत काल में उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होनी वाली है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण के विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति में सभी का सहयोग अपेक्षित है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गंगा, गौमाता व पर्यटन पर विस्तृत प्रकाश डाला।

समारोह में बोलते हुये स्वामी बाबा रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद का जितना महत्व है, उतना ही गौमाता का भी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज सम्भव है तथा आयुर्वेद का भविष्य उज्ज्वल है।

इस अवसर पर केएन राघवेन्द्र, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रोफेसर सुनील जोशी, डॉ0 हेमेन्द्र यादव, प्रेम चन्द्र शास्त्री, हरिशंकर शर्मा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने को सीएम ने किया विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि समूहों के साथ संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने के लिये कृषि, बागवानी, उद्योग, व्यापार आदि समूह के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं विचारों से अवगत हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको मिलकर उत्तराखण्ड को सशक्त राज्य बनाने का संकल्प लेना होगा।
उन्होंने कहा कि इस संवाद से प्राप्त होने वाले सुझावों को आगामी बजट में समावेश करने के प्रयास किये जायेंगे। सुझाव देने वालों को अपने अपने क्षेत्रों की क्रीम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में भी निश्चित रूप से मदद मिलेगी।

प्रदेश के विकास में जन सहभागिता को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं इसलिये हमें स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार देने को आंदोलन बनाना होगा। समस्याओं एवं सुझावों का भी हमें मिलकर समाधान ढूंढना है। हमारा प्रयास अंत्योदय की अवधारणा को सर्व स्पर्शी विकास के साथ पूर्ण करने का है। यही हमारा मूल मंत्र भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में अभिनव पहल के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विषय विशेषज्ञों के सुझावों पर भी हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम चौपाल जन समस्याओं के समाधान एवं उनके सुझावों को जानने का माध्यम बन रहे हैं। होम स्टे योजना भी ग्रामीण आर्थिकी एवं स्वरोजगार के माध्यम बन रहे हैं। वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान होम स्टे में निवास कर रहे हैं। इसका अनुभव अविस्मरणीय एवं आत्मीयता के भाव वाला रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास गंगा, यमुना, काली, शारदा जैसी नदियों के साथ 71 प्रतिशत भू-भाग वन व पर्वतों वाला है। देवों की हमारे ऊपर कृपा है। हमारे प्रदेश का हर क्षेत्र एक डेस्टिनेशन है। हम अपनी इन समृद्ध विरासतों के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत के अमृत काल का लक्ष्य भी देश व देशवासियों को विकास के नये शिखर पर पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगतिशील देश के रूप में पहचान बना रहा है। कोरोना के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था विश्व में 10 वीं से 5वें स्थान पर पहुंची है। देश आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। निर्यात बढ़ रहा है, डिजिटल ट्रांजेक्शन 40 प्रतिशत देश में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में नवाचार के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। यह संवाद समस्याओं के समाधान की भी राह प्रशस्त करेगा, इसकी भी उन्होंने उम्मीद जतायी।

वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि बजट से पूर्व विषय विशेषज्ञों से सुझाव एवं विचार आमंत्रित करने के ऐसे प्रयास गत वर्ष भी किये गये थे। यहां प्राप्त सुझावों को बजट का हिस्सा बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के प्रयासों में सरकार के साथ समाज के सभी जिम्मेदार नागरिक एवं विषय विशेषज्ञों की भी बड़ी भूमि रहती है।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपसी संवाद की यह अभिनव पहल की गई है। इससे अर्थ व्यवस्था को मजबूती तथा विकास की गति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, नागरिकों की क्षमता, योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराना तथा नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के प्रयासों में ऐसे आयोजन प्रेरणा का भी कार्य करते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान एवं मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर जिन्होंने अपने सुझाव रखे उनमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, उत्तराखण्ड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, दून स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रो. ममगाई, सीआईआई की अध्यक्ष सोनिया गर्ग, अध्यक्ष व्यापार मण्डल अनिल गोयल, नथुवावाला वार्ड मेम्बर स्वाति डोभाल, प्रधान संघ ऊधम सिंह नगर के अध्यक्ष भास्कर, आंचल समिति के अध्यक्ष दुष्यंत सिंह रावत, एपल फेडरेशन उत्तराखण्ड के अध्यक्ष विपिन पैन्यूली, चम्पावत के वागवान हरीश चन्द्र जोशी, मौन उत्पादक संघ की अध्यक्ष निर्मला नेगी, अध्यक्ष स्वर्णा जैविक बासमती उत्पादक संघ यशपाल सिंह राणा आदि शामिल थे।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ एवं अधिकारी गण उपस्थित थे।

भूधंसाव से प्रभावितों को मुआवजा राशि वितरण शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ नगर क्षेत्र में भूधसांव के कारण प्रभावित भवन स्वामियों को पुनर्वास नीति के अनुसार मुआवजा धनराशि का वितरण शुरू हो गया है।

पुनर्वास पैकेज वितरण के तहत पहले दिन 03 प्रभावितों को 63.20 लाख की धनराशि का वितरण किया गया है। जिन प्रभावितों को मुआवजा राशि वितरित की गई है उनमें गांधीनगर वार्ड के प्रभावित सूबेदार मेजर मंगलू लाल (सेनि) पुत्र बाली लाल, तथा सुनील वार्ड के प्रभावित कृष्णा पंवार पुत्र कल्याण सिंह एवं बलदेव सिंह पंवार पुत्र कल्याण सिंह शामिल है। इन तीनों परिवारों को 63.20 लाख का मुआवजा वितरण किया गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों के अभिलेखों का सत्यापन एवं मूल्यांकन कार्य तेजी से किया जा रहा है। शीघ्र ही अन्य प्रभावितों को भी पुनर्वास पैकेज के तहत मुआवजा धनराशि का वितरण किया जाएगा।

होली त्यौहार को लेकर विशेष सतर्कता बरतें पुलिस विभागः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग तथा पुलिस विभाग को प्रदेश में होली पर्व के दृष्टिगत कानून व्यवस्था पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि होली को लेकर पुलिस विभाग पुख्ता इंतजाम करें। प्रदेश की सीमा से लगे जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होने पुलिस महानिदेशक को सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से इस सम्बन्ध में तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रदेश में होली पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अव्यवस्था या अप्रिय घटना न होने पाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने गृह विभाग तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होली की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा की। पुलिस विभाग होली पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए अपनी तैयारियां समय से पूरी कर लें। पुलिस अधिकारी व्यवस्था पर निरन्तर निगरानी बनाएं रखे। आसामाजिक तत्वों व संदिग्ध लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाय। पुलिस तंत्र फील्ड पर सतर्क एवं सक्रिय रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उल्लास और उमंग का यह पर्व देवभूमि उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए, यह परम्परा आगे भी बनाए रखनी है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार उपस्थित थे।

खटीमा के लोहियाहेड पावर हाउस का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित लोहिया हेड पावर हाउस का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पावर हाउस का निरीक्षण कर विद्युत उत्पादन आदि की स्थिति का जायजा लिया तथा कार्यरत कार्मिकों से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने पावर हाउस को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों एवं अभियन्ताओं को दी है।