ओबीसी मोर्चें के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सीएम ने किया सम्बोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित ओबीसी मोर्चे के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने अगर सच्चे मन से ओबीसी समाज के उत्थान का कार्य किया है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ लेने के बाद कहा था कि उनकी सरकार गरीबों व पिछड़ों को समर्पित सरकार है, अपने अद्वितीय कार्यों द्वारा उन्होंने अपने इस संकल्प को चरितार्थ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरेणा से हमारी सरकार भी लगातर प्रदेश की जनता की सेवा में लगी है। आज, चाहे जन धन योजना हो, आवास योजना हो, आयुष्मान भारत योजना हो, उज्जवला योजना हो, किसान सम्मान निधि हो या फिर 80 करोड़ लोगों को राशन देने का कार्य हो मोदी सरकार ने हर योजना को गरीबों और पिछड़ों को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना है कि ओबीसी समाज राष्ट्र की मुख्यधारा में स्थापित हो। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल इंडिया तक विश्वस्तरीय कार्य हो रहा है और देश में निवेश लाने के लिए हाईवे, एयरपोर्ट और पोर्ट की संख्या 2014 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी हैं। एक ओर हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए हमारे साथ खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री द्वारा देश के विकास के लिए दिए गए मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास“ को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। विकास में सभी की भागीदारी होना अत्यंत आवश्यक है। तथा सभी को अपनी क्षमता के अनुसार देश के विकास में योगदान करने का मौका मिले, चाहे वह पिछड़े समाज का हो, दलित समाज का हो, आदिवासी समाज का हो या सवर्ण समाज का हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1955 में कालेलकर कमीशन ने अपनी एक सिफारिश में कहा कि ओबीसी कमीशन को एक संवैधानिक मान्यता दी जाए। तब से न जाने कितनी सरकारें आई। ओबीसी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल प्रयासों से ही न्याय मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अंत्योदय का नारा दिया है तथा अंत्योदय भाव से गरीबों के कल्याण का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने 1.76 लाख अन्त्योदय कार्डधारको को तीन सिलेंडर मुफ्त देकर अपने संकल्प को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने ओबीसी समाज के सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे केंद्र व प्रदेश सरकार के अच्छे कार्यों की जानकारी जनता को देने का भी कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किये गये अपने वायदो के अनुरूप प्रदेश में बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्तर पर भर्ती परीक्षाओं में जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है साथ ही प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने युवाओं के हित में भर्ती घोटालों की प्रारंभिक जांच कराने का दूरदर्शी निर्णय लिया। इसमें अबतक 60 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाए। इसी उद्देश्य से उत्तराखण्ड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। इतना सख्त कानून बनाने का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल रहे। युवाओं को अपनी मेरिट के आधार पर नौकरी मिलें। देश में इतना सख्त कानून किसी भी अन्य राज्य में नही है। अब जो कोई भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ करेगा, उसे उम्र कैद और 10 साल की सजा दी जाएगी। साथ ही संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें आप सबके साथ की जरूरत है।

इस अवसर पर सांसद एवं ओबीसी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के0लक्ष्मण, केन्द्रीय मंत्री बी.एल वर्मा, सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद कल्पना सैनी, ओबीसी मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का सीएम ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में गौलापार हल्द्वानी में बनने जा रहे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं एक अधिवक्ता होने के नाते प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की सबसे बड़ी संस्था के लिये गौलापार हल्द्वानी में बार कांउसिल ऑफ उत्तराखण्ड के प्रदेश कार्यालय के भवन का शिलान्यास करने का उन्हें अवसर मिला है।

उन्होंने बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन एवं सभी सदस्यों एवं प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं को उत्तराखण्ड में स्वयं के भवन निर्माण एवं भूमि क्रय करने एवं उस पर कार्यालय का निर्माण करने की बधाई देते हुए कहा कि कार्यालय के निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से यथा समय पूर्ण हो तथा इसी प्रकार बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी 25 हजार अधिवक्ताओं के हितों का कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसिल के भवन का भविष्य की जरूरतों की दृष्टि से बेहतर ढंग से निर्माण किया जाय, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भवन के बनने के बाद हाईकोर्ट व अन्य कार्यों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिये काफी सुविधा हो जायेगी।

बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन मनमोहन लाम्बा द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की पत्रावलियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में बैठने एवं कार्य करने की सुचारू व्यवस्था नहीं थी इसलिये बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड ने अपने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर गौलापार में कार्यालय के भवन निर्माण की भूमि दिनांक 24 अगस्त, 2022 को क्रय की है तथा बार काउंसिल का नाम उक्त भूमि पर राजस्व अभिलेखों में अंकित हो गया है। चैयरमैन द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि पूरे देश में कुल 21 बार काउंसिल हैं और उत्तराखण्ड बार काउंसिल पूरे देश में पहली बार काउंसिल है जिसने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर बार काउंसिल के कार्यालय के निर्माण हेतु अपनी अपनी भूमि क्रय की है।

इस अवसर पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के वाइस चेयरमैन राव मुनफैत अली, वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र पुण्डीर, चंद्र शेखर तिवारी, योगेन्द्र तोमर, सुखपाल सिंह, अनिल पंडित आदि उपस्थित थे।

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के बच्चों के साथ सीएम ने सुनी मन की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, देहरादून के सभागार में संस्थान एवं समाज कल्याण विभाग के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय अधोईवाला के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात सुनी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने मन की बात में गोवा में 06 से 08 जनवरी 2023 को आयोजित पर्पल फेस्ट का जिक्र किया जिसमें 50 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। जिसमें दिव्यांगजनों के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक सराहनीय कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रस्ताव पर ही संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा हर साल 21 जून को योग दिवस एवं वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष मनाने को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि राज्य में भी जी-20 के तहत जो दो बैठकें होंगी, उनमें मिलेट के व्यंजन भी परोसे जायेंगे। मिलेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह हमारे पास सुनहरा अवसर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ई-कचरा के सही निस्तारण के लिए प्रधानमंत्री जी ने चिंता व्यक्त की है, ई-कचरे को एकत्रित कर उसकी री-साइकिलिंग के लिए ई-बेस टेक्नोलॉजी को हमें राज्य में बढ़ावा देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा ई-कचरे के लिए रूड़की की एटेरो री-साइकिलिंग की ई-बेस टेक्नोलॉजी का जिक्र किया गया। उन्होंने रूड़की की एटेरो री-साइकिलिंग की ई-बेस टेक्नोलॉजी द्वारा ई-कचरे के लिए विकसित की गई तकनीक की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान एवं राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय अधोईवाला के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री की मन की बात सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत कर उनका हौंसला भी बढ़ाया।

पशुओं का अवैध रूप से परिवहन करने पर होगी गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई

उत्तराखंड में पशु तस्करों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सख्त रुख अपना दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद उत्तराखंड पुलिस ने गिरोह बराकर पशुओं का अवैध रूप से परिवहन करने और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की कर दी है।
डीजीपी अशोक कुमार ने सभी जिले के प्रभारियों को गौवंश संरक्षण अधिनियम 2007 से सम्बन्धित अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि गौ तस्करी को लेकर जो लोगों की पेशेवर तौर पर शामिल है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में गौ तस्करी को रोकने एवं उसमें सक्रिय रहे अपराधियों को चिन्हित कर सभी पर सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिए गए थे इसी क्रम में प्रत्येक जिले को गौ तस्करी में संलिप्त लिप्त लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

जोशीमठ प्रभावितों के रहने.खाने एवं ठंड से बचाव को की गई हीटर एवं ब्लोअर की व्यवस्था

जोशीमठ आपदा प्रभावित इस समय राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्रभावितों के रहने.खाने से लेकर शीत से बचाने हेतु पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। जहां आपदा प्रभावित परिवारों के सदस्यों के रहने की व्यवस्था होटलों के अलावा राहत शिविरों में की गई है तो ठंड से बचाने के लिए हीटर, ब्लोअर आदि के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि आपदा प्रभावितों को किसी भी तरह की समस्या न होने पाए। जानकारी के अनुसार 76 परिवारों को हीटर और ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा जो लोग होटल में ठहरे हैं उनके लिए होटल के हीटर.ब्लोअर उपलब्ध हैं। 110 लोगों को थर्मल वियरए 175 लोगों को हॉट वॉटर बोतल, 516 लोगों को टोपी, 280 लोगों को मोजे, 196 लोगों को शॉल आदि जरूरत का सामान वितरित किया गया है। इसी तरह अब तक 771 लोगों को खाद्यान्न किटए 601 को कंबल, 114 लोगों को डेली यूज़ किट दी गयी है। 48 लोगों को जूते भी दिए गए हैं। इसके अलावा स्थानीय निवासियों के मवेशियों का भी पूरा ख्याल राज्य सरकार की ओर से रखा जा रहा है। वहीं, आमजन की नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। अब तक कुल 766 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है।
वहीं, जोशीमठ में आपदा प्रभावित 269 परिवारों के 900 सदस्यों को सुरक्षा के दृष्टिगत राहत शिविरों में रूकवाया गया है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा इत्यादि मूलभूत सुविधाएं प्रभावितों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित परिवारों को उनकी सुविधा एवं स्वेच्छा के अनुसार सुरक्षित गेस्ट हाउस, होटल, स्कूल एवं धर्मशाला में ठहराया गया है।
आवास व्यवस्था के नोडल अधिकारीध्जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि नगरपालिका जोशीमठ में 6 कमरों में 6 परिवार के 33 सदस्यों को रूकवाया गया है। नगरपालिका एक बडे हाल में 8 परिवारों के 24 सदस्य रह रहे है। गुरुद्वारा में 7 परिवारों के सात कमरों में 28 सदस्य रह रहे है।
इसी तरह, प्राथमिक विद्यालय जोशीमठ में 4 परिवारों 11 सदस्यए जोशीमठ सिचाई विभाग कॉलोनी में एक परिवार के चार सदस्य, टूरिस्ट हास्टिल औली रोड में दो परिवारो के 8 सदस्यों, राजीव गांधी अभिवि जोशीमठ में एक परिवार के 6 सदस्य, प्राविसिंगधार में 3 परिवारों के 18 सदस्य, होटल शैलजा में 3 परिवारों के 11 सदस्य, होटल श्रीमान पैलैस में 7 परिवारों के 16 सदस्य, विवेक लाज में दो परिवारों के 10 सदस्य, होटल सैफायर में 8 परिवारों के 42 सदस्य, होटल द्रोणागिरी में 10 परिवारों के 34 सदस्य, काली कमली धर्मशाला में 5 परिवारों के 23 सदस्य, मिलन केन्द्र सिंगधार में 1परिवार के 4 सदस्य, होटल तथास्तु में 3 परिवारों के 13 सदस्य, होटल उदय पैलेस में 11 परिवारों के 40 सदस्य, होटल हिमशिखर मे 6 परिवारों के 21 सदस्यों को ठहराया गया है। जबकि होटल ईश्वरी नारायण में 21 परिवारो के 67 सदस्य, शिवालिक कैम्पिंग एंड कार्टज में 7 परिवारों के 22 सदस्य, औली इको नेचर रिजार्ट में 5 परिवारों के 22सदस्य, होटल पथिक में 5 परिवारों के 8 सदस्य, भारत गेस्ट हाउस में 4 परिवारों के 20 सदस्य, संस्कृति महाविद्यालय में 25 परिवारों के 76 सदस्य, होटल आली डी में 1 परिवार के 5 सदस्य, अलकनंदा सदन जोशीमठ में 3 परिवारों के 10 सदस्य, गुंजन गेस्ट हाउस में 2 परिवारों के 7 सदस्य, बलराम गेस्ट हाउस में 11 परिवारों के 49 सदस्य, न्यू सिद्धार्थ होटल में 11 परिवारों के 21 सदस्य, जय मां सरस्वती में 6 परिवारों के 19 सदस्य, हिमालय होटल में 1 परिवार के 3 सदस्य, होटल साईधाम में 5 परिवारों के 12 सदस्य, होटल माणिक पैलेश में 9 परिवारों के 29 सदस्य, होटल ब्रहमकमल में 3 परिवारों के 11सदस्य, होटल महिम रेजीडेंसी में 4 परिवारों के 16 सदस्य, चरक गेस्ट हाउस में 2 परिवारों के 6 सदस्यों को ठहराया गया है।
होटल शिवा पैलेस में 2 परिवारों के 11 सदस्यए होटल शिवलोक में 2 परिवारों के 6 सदस्यए होटल त्रिशूल में 5 परिवारों के 20 सदस्यए अनमोल होम स्टे में 4 परिवारों के 18 सदस्यए एनके होमस्टे में 3 परिवारों के 12 सदस्य, मंदिर समिति गेस्ट हाउस में 1 परिवार का 1 सदस्य, होटल धनेश में 8 परिवारों के 34 सदस्यों को ठहराया गया है।
इसके अतिरिक्त 31 परिवारों के 58 सदस्य अपने रिश्तेदारों के यहां और किराए पर रह रहे हैं।

सीएम ने जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि भूधंसाव से प्रभावित क्षेत्र के जिन परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया हैए शीतलहर के दृष्टिगत उन सभी परिवारों को हीटर एवं अलाव की पूरी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र के लोगों को पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता होगीए इसका गहनता से आंकलन किया जाए। जिलाधिकारी चमोली से लगातार समन्वय रखकर एवं स्थानीय लोगों के सुझावों के आधार पर सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखकर आंकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र से जो लोग विस्थापित होंगेए उनको स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग विस्थापित होंगेए उनकी आजीविका प्रभावित न हो। इसके लिए अभी से योजना बनाकर आगे कार्य करें। जिन स्थानों पर प्रभावितों को विस्थापित किया जायेगाए उनको सरकार द्वारा हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं भी निकट हैंए प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई एवं परीक्षा देने में किसी भी प्रकार से परेशानी न होए इसके लिए भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ीए सचिव आरण्मीनाक्षी सुंदरमए शैलेश बगोलीए डॉण् रंजीत कुमार सिन्हा एवं एसण्एनण् पाण्डेय उपस्थित थे।

बागेश्वर में उत्तरायणी मेला में वर्चुअल माध्यम से जुड़े सीएम, गरूड़ में की खेल मैदान बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। सौर ऊर्जा के सही उपयोग एवं इसे बढ़ावा देने हेतु जल्द ही राज्य में सौर ऊर्जा नीति लाई जाएगी। जिस परियोजना में सबसिडी भी प्रदान की जाएगी। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा बागेश्वर को रेलवे के मानचित्र में जोड़ने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार मिलकर तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से बागेश्वर में उत्तरायणी मेला-2023 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने बागेश्वर जिले हेतु बालीघाट – धरमघर सड़क का जीर्णाेद्धार किए जाने, गोलू मार्केट गरुड़ का विनियमितीकरण किए जाने एवं बागेश्वर में खेल मैदान निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि के लोक पर्व उत्तरायणी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुमाऊँ की काशी, बागेश्वर में बाबा बागनाथ के मंदिर की छांव तले, सरयू गोमती और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम तट पर आयोजित होने वाले उत्तरायणी मेले की भी आप सभी को बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा मकर संक्रांति एकमात्र पर्व है, जिसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टियों से व्यापक महत्व है। हम सभी मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के साथ-साथ भीष्म पितामाह के देह त्याग के दिन के रूप में भी जानते हैं। संक्रान्ति का अर्थ है “परिवर्तन“ इस दिन सूर्य भगवान धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे पुण्यकाल और संक्रमण काल के रूप में स्वीकार किया जाता है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पतित-पावनी सरयू नदी खासकर त्रिमाधी स्नान के साथ पौराणिक बागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना का पौराणिक काल से ही विशेष धार्मिक महत्व रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता को समाहित करने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन, हम सभी को अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के संकल्प की भी याद दिलाता है। इस तरह के सांस्कृतिक मेले हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान कर रहा है और आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने का कार्य कर रहा है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह सांस्कृतिक मेला, निश्चित रूप से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड का ही नहीं बल्कि पूरे देश का भी सांस्कृतिक वैभव बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड की डबल इंजन की सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास को सार्थक करने हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प लिया है। इस संकल्प की पूर्ति हेतु हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में विकास कार्यों की एक नई श्रृंखला स्थापित करने का कार्य किया है, जिसमे बागेश्वर जिला भी शामिल है। राज्य सरकार के सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में जनता से अपने दायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा करता हूँ। सरकार के इस पावन पुनीत लक्ष्य को पूरा करने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे और उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे।

इससे पूर्व उत्तरायणी मेला-2023 में तहसील परिसर से विभिन्न विद्यालयों के बच्चों तथा विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक झांकी का प्रदर्शन किया गया।

उत्तरायणी मेला-2023 में विधानसभा बागेश्वर के अंतर्गत 1085.17 लाख की 12 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। 247.24 लाख की 03 योजनाओं का शिलान्यास तथा 837.93 लाख की 09 योजनाओं का लोकार्पण शामिल रहा। जिसमे लोनिवि विभाग द्वारा 86.61 लाख से बागेश्वर-जौलकाण्डे मोटर मार्ग में पी0सी0 का कार्य, 73.16 लाख की धनराशि से विकास खंड गरूड अंतर्गत कौसानी-भतडिया मोटर मार्ग के किमी. 01 से किमी. 04 तक पी0सी0 द्वारा सुधारीकरण कार्य तथा 87.5 लाख की धनराशि से विकासखंड गरूड अंतर्गत कन्धार-रौल्यान-मजकोट मोटर मार्ग के किमी. 08 से किमी. 11 तक पी0सी0 द्वारा सतह सुधारीकरण कार्यों का शिलान्यास किया गया। पी.एम.जी.एस.वाई विभाग की 278.41 लाख धनराशि से कन्धान-रौल्याना मोटर मार्ग किमी. 01 से सिमखेत मोटर मार्ग के किमी. 02 से 42 मीटर स्पान स्टील गार्डर सेतु, शिक्षा विभाग अंतर्गत 133.14 लाख से राइंका असौ में विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट-क्राफ्ट रूम, कम्प्यूटर कक्ष, पुस्तकालय कक्ष एवं दो कक्षा-कक्ष तथा बालक-बालिका शौचालय का निर्माण, 40.20 लाख से राइंका भटखोला में भौतिक/रसायन/जीवन विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य, 41.70 लाख से राबाइंका बागेश्वर में भौतिक/रसायन/जीवन विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य, 40.75 लाख से राइंका रवाईखाल में भौतिक/रसायन/जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य तथा 69.18 लाख की धनराशि से राइंका अमस्यारी में भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान/जीवन विज्ञान प्रयोगशालाओं एवं दो बालिका शौचालय निर्माण कार्य आदि है। वहीं लघु डाल विभाग अंतर्गत 55.22 लाख की मन्यूडा-गागरीगोल लिफ्ट सिंचाई योजना व 80.00 लाख की बिलौना लिफ्ट सिंचाई योजना तथा सिंचाई विभाग के अंतर्गत 99.33 लाख से अग्निकुण्ड में सरयू नदी के दाये पार्श्व पर हनुमान मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य का लोकार्पण शामिल रहा।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, प्रदेश प्रभारी भाजपा दुष्यंत गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, विधायक सुरेश गढ़िया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, ब्लॉक प्रमुख हेमा बिष्ट, पुष्पा देवी, गोविंद दानू, जिला अधिकारी अनुराधा पाल, पुलिस अधीक्षक हिमांशु वर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जोशीमठ की समस्या के समाधान को सभी को एक छत के नीचे आना जरूरीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार में अग्रणी राज्य बनाना हमारा उद्देश्य है। इसी के तहत बोधिसत्व विचार श्रृंखला के माध्यम से वैज्ञानिकों, समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों के सुझाव राज्य हित में आमंत्रित किये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड @ 25 बोधिसत्व विचार श्रृंखला के अंतर्गत प्रदेश में स्थित विभिन्न केंद्रीय संस्थानों एवं तकनीकि उपक्रमों के प्रमुखों के साथ विचार मंथन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ की समस्या के समाधान के लिये हमें एक छत के नीचे बैठकर कार्य करना होगा, तथा राज्य के शहरों के सर्वेक्षण पर ध्यान देना होगा तथा उनकी धारण क्षमता का आकलन करना होगा। हमें राज्य के विकास के मॉडल को इकोलॉजी तथा इकोनामी के समन्वय के साथ आगे बढ़ाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विचार मंथन सत्र हिमालय की पारिस्थितिकीय विभिनता के दृष्टिगत अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न प्रयोग करने का हमारे लिए एक बेहतरीन मंच है। हम पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र हैं जिस वजह से हमे कई प्रकार की आपदाओं का सामना करना पड़ता है और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति एक चिंतनीय विषय है। जोशीमठ में भू धंसाव की समस्या से हम सब परेशान है इस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैज्ञानिक सुझाव भी आमंत्रित है। राज्य के सतत विकास के लिए समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर ही आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 108वीं राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस में प्राइड ऑफ इंडिया एक्सपो में उत्तराखण्ड के पवेलियन को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस कांग्रेस में देश एवं विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शोध संस्थानों ने प्रतिभाग किया था। अपने उद्घाटन संबोधन में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान के महत्व पर विशेष जोर देकर शोध, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को “लैब से लैंड“ तक लाकर आमजन के जीवन को सहज, सरल और समृद्ध बनाने की बात कही है। उत्तराखण्ड@25 पहल के पीछे भी विज्ञान आधारित सोच के माध्यम से विकास की रूपरेखा तय करना हमारा उद्देश्य रहा है। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए एक सशक्त विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति की नितान्त आवश्यकता है।

इसी संदर्भ में बोधिसत्व विचार श्रृंखला के माध्यम से आपसी संवाद के माध्यम से आपके सुझावों के आधार पर इस नीति का एक ऐसा मसौदा तैयार कर सकें जो उसके त्वरित कार्यान्वयन में सहायक हो सके। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों एवं वृहद ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण हमारे समक्ष अलग प्रकार की चुनौतियां हैं जिनका समाधान हमें अत्याधुनिक तकनीकी शोध एवं नवाचारों के माध्यम से स्वयं ढूंढना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के महत्व को समझते हुए हमने इस संदर्भ में प्रदेश में स्थित प्रमुख वैज्ञानिक एवं शोध संस्थानों के साथ-साथ प्रधानमंत्री के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के साथ भी समन्वय स्थापित किया है। इसी क्रम में सीमान्त जनपद चम्पावत को केन्द्र में रखते हुए नोडल एजेन्सी यूकॉस्ट के माध्यम से हम आदर्श चम्पावत का मॉडल विकसित करने के लिए कृतसंकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारा देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जी 20 की मेजबानी कर रहा है। यह अत्यंत गौरव की बात है कि विश्व स्तर पर भारत के नेतृत्व को महत्वता मिली है। हमें उत्तराखण्ड में इस आयोजन में दो महत्वपूर्ण सत्र करने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ जैसे गंभीर प्रश्नों का समाधान भी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीक के माध्यम से ही संभव है, अतः इस हेतु सभी प्रमुख केन्द्रीय शोध संस्थानों को राज्य सरकार के साथ समन्वयन एवं सहभागिता स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करनी है। इसके अलावा राज्य में स्थित सभी वैज्ञानिक संस्थानों को साथ लाकर समग्र एवं सर्वागीण विकास का एकीकृत मॉडल विकसित करना हमारी प्राथमिकता है जिसके माध्यम से हम प्रदेश के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों को विकास की मुख्यधारा के जोड़ते हुए इकोलॉजी एवं इकोनॉमी में बराबर संतुलन बनाते हुए इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने की हमारी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आंकाशाओं को मूर्त रूप दे सकें। विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से उत्तराखण्ड@25 की अवधारणा के अनुरूप एक सशक्त, सक्षम एवं समृद्ध उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए उन्होंने राज्य स्थित सभी प्रतिष्ठित संस्थानों की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा भी की।

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के संस्थान आपसी समन्वय से राज्य हित में बेहतर कार्य कर सकते हैं। आपसी विचार विमर्श नये ज्ञान का सृजन करता है। इससे समस्याओं के समाधान की राह भी प्रशस्त होती है। उन्होंने सभी संस्थानों से राज्य में स्थापित हो रही साइंस सिटी में अपने संस्थानों की प्रदर्शनी के आयोजन की व्यवस्था की भी अपेक्षा की।

सचिव शैलेश बगोली ने आभार व्यक्त किया तथा यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।

इस अवसर पर जिन्होंने अपने विचार रखे उनमें डा0 आर0पी0 सिंह, निदेशक भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, डा० कलाचंद सैन, निदेशक, वाडिया भूविज्ञान संस्थान, देहरादून। श्री विक्रम सिंह, निदेशक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, कर्नल रजत शर्मा, निदेशक, भारतीय सर्वेक्षण विभाग देहरादून, श्रीमती मीनाक्षी तिवारी, उप निदेशक, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, श्री जे०पी० सिंह, अपर निदेशक, यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान, प्रो. वर्तिका सक्सेना, प्रोफेसर, अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान ऋषिकेश, डा० एस0के0 सिंह, प्रभारी अधिकारी, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण विभाग, डा० गौरव शर्मा, प्रभारी अधिकारी, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग, डा० डी०वी० सिंह, प्रमुख वैज्ञानिक, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, प्रो0 अक्षय द्विवेदी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की आदि के साथ आनलाइन माध्यम से डा० डी०के० असवाल, निदेशक, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण ग्रुप, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र, मुम्बई, प्रो0 दीपांकर बैनर्जी, निदेशक, आर्यभटट् प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान, नैनीताल, डा० प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक, केन्द्रीय औषधीय एवं संगध पौधा संस्थान लखनऊ – एरोमा प्रोजेक्ट, शामिल रहे।

अटल भाषण प्रतियोगिता में शामिल हुए सीएम धामी, कार्यकाल को किया स्मरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित ‘अटल भाषण प्रतियोगिता’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रद्धेय अटल की जन्म जयंती को एक उत्सव के रूप में मनाने का युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा सराहनीय प्रयास किया गया। उनकी जन्म जयंती पर इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के युवा देश के स्वर्गीय अटल जी के जीवन और कृतित्व से निश्चित रूप में प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में देश ने अनेक नये आयाम स्थापित किये। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सर्व शिक्षा अभियान, अंतरिक्ष एवं परमाणु शक्ति के क्षेत्र में स्वर्गीय अटल जी के नेतृत्व में अभूतपूर्व कार्य हुए। उनके द्वारा प्रारंभ किए गए कार्य आज नये भारत की मजबूत नींव का निर्माण का कार्य कर रहे हैं। स्वर्गीय अटल जी के कुशल नेतृत्व की ही प्रेरणा है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का कर्मशील नेतृत्व सम्पूर्ण विश्व में भारत की एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ। राज्य सरकार श्रद्धेय अटल जी के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को अटल जी ने बनाया और अब नरेन्द्र मोदी जी संवार रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव से प्रेरित होकर हमारी सरकार ने वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का “विकल्प रहित संकल्प“ लिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा मोर्चा का प्रत्येक कार्यकर्ता सरकार के इस “विकल्प रहित संकल्प“ को साकार करने में अपना सम्पूर्ण योगदान प्रदान करेगा।

इस अवसर मेयर सुनील उनियाल गामा, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत, शैलेन्द्र बिष्ट उपस्थित थे।

सीएम ने जोशीमठ में प्रभावितों से मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ पहुंचकर शहर के भूधसाव क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित संकटग्रस्त परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रभावित लोगों ने सीएम से अपनी बात साझा की।प्रभावितों के साथ सीएम भी भावुक हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित लोगों के साथ खडी है। जोशीमठ का धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है और हम सबकी आस्था व पर्यटन का केन्द्र है। इस समय हम सबके सामने इस सबसे पुराने ज्योतिर्मठ को प्राकृतिक आपदा से बचाने की बड़ी चुनौती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस स्थिति में जानमाल की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भुधंसाव से प्रभावित संकटग्रस्त परिवारों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। भूधंसाव रोकने के लिए तात्कालिक तथा दीर्घकालीक कार्य योजना पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। खतरे की जद में आए पूरे शहर में सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। जिसके लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। शहर की सुरक्षा के लिए सीवर एवं ड्रेनेज जैसे कार्य को जल्द से जल्द ही कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत इस समय तत्कालिक रूप से जो कार्य हो सकते उन पर फोकस किया जा रहा है। समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाना जरूरी है।