उपचुनाव को लेकर सीएम धामी का रोड शो, जनता ने दिया भरपूर आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल के समर्थन में चन्द्रनगर, रूद्रप्रयाग में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बाबा केदार की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं, जो देवी देवताओं की पवित्र भूमि में आया हूं। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल के पक्ष में समर्थन देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा आशा नौटियाल जी ने हमेशा क्षेत्र की सेवा करते हुए यहां बेहतर से बेहतर विकास कार्य किए हैं। इस क्षेत्र के विकास के लिए हमने स्व. शैला रानी जी के सपनों को पूरा करना है। उन्होंने कहा शैला रानी जी के सपनों को आशा नौटियाल जी पूरा करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष प्रेम है। प्रधानमंत्री जी इस भूमि में विराजमान बाबा केदारनाथ जी के बड़े भक्त हैं। केदारनाथ जी से उनकी भक्ति आस्था और प्रेम किसी से छुपा नहीं है। हर अवसर पर प्रधानमंत्री जी बाबा केदारनाथ जी को अवश्य याद करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य स्वरूप बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा केदारनाथ की समीक्षा करते हैं। इस क्षेत्र में 2 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि से विकास कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में को कंट्रोल रूम, अस्पताल, पुलिस थाना, तीर्थ पुरोहितों हेतु आवास, जैसे अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने कई बड़े और कड़े कदम राज्यहित में उठाए हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता का विधेयक पास कर दिया है, जल्द ही इसे लागू भी किया जाएगा। राज्य में धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून, नकल विरोधी कानून लागू किया है। राज्य में बीते 3 सालों में 18500 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। राज्य में नकल माफियाओं की कमर तोड़ने का काम जनता के आशीर्वाद से सरकार ने किया है। उन्होंने कहा राज्य में लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को माफ नहीं किया जाएगा और राज्य सरकार जल्द ही भू कानून लेकर आएंगे। कांग्रेस पार्टी चुनाव में अपनी हार को देखकर तमाम झूठी अफवाहें उड़ा रही है। उन्होंने कहा कांग्रेस के विधायक ने विकास कार्य में लगने वाले 6 करोड़ रुपए सरकार को वापस कर दिए । यह आकड़ा उनकी विकास के प्रति सोच को दर्शाता है। कांग्रेस के पास विकास के नाम पर एक भी उपलब्धि नहीं है। भाजपा सरकार के पास जनता के आशीर्वाद से गिनाने के लिए सैकड़ों उपलब्धियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जब से कांग्रेस की पोल खुली है तब से इनकी बोलती बंद हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 में कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने मुंबई में बद्रीनाथ मंदिर का शिलान्यस किया था। अब वो इस मुद्दे से बच रहे हैं। अगर कांग्रेसियों में शर्म बची है तो तत्कालीन मुख्यमंत्री और बीकेटीसी के अध्यक्ष को जनता के सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने उत्तराखंड के अंदर लैंड जिहाद, मजारों बनाने वालों को आगे बढ़ाया। कांग्रेस के समय में बनी अवैध मजारों को भाजपा सरकार ने हटाया। हमारी सरकार ने 5 हजार एकड़ जमीन से अवैध कब्जा हटाने का काम किया है। कांग्रेस ने उत्तराखंड की डेमोग्राफी बदलने वाले घुसपैठियों को भी बसाया है। कई क्षेत्रों में ये घुसपैठिए बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ये कांग्रेस के लाए गए घुसपैठिए हमारी देवभूमि में लैंड जिहाद, थूक जिहाद और लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उनके जीते जी कोई भी घुसपैठिया राज्य की बहन बेटियों के साथ गलत सलूक नहीं कर पाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय में वो स्वयं ग्राउंड जीरो में जाकर जनता के साथ खड़े रहते हैं। इस बार भी केदारनाथ में आपदा के दौरान 16 हजार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार ने की है। 2013 आपदा में कांग्रेस सरकार ने जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। मुख्यमंत्री ने कहा केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा हर साल बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता सनातन धर्म को बीमारी बताते हैं। ये कांग्रेस के नेता एक वर्ग विशेष के वोट के लिए नवरात्रों में मीट खाते हैं। कांग्रेस के नेताओं ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा भाजपा सरकार ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा आशा नौटियाल जी को टिकट देकर भाजपा ने महिलाओं के सम्मान को भी दर्शाया है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में भी 30 प्रतिशत आरक्षण माताओं बहनों के लिए किया है। उत्तराखंड के अंदर हमारी माताएं बहनें कठिन परिस्थितियों में कार्य करती हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में यदि महिलाओं का सम्मान होता तो स्व. शैला दीदी भाजपा में नहीं आती। ये कांग्रेस के लोगों की सच्चाई बच्चों बच्चों को पता चल गई है। उन्होंने कहा कांग्रेस प्रत्याशी मेरे मुख्य सेवक रहते हुए कभी विकास योजनाओं को लेकर मेरे पास नहीं आए, पर आशा नटियाल जी सैकड़ो बार केदारनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर आई हैं। कांग्रेस प्रत्याशी बस चुनाव केदारनाथ से लड़ते हैं बाकी हर काम वो इस क्षेत्र के बाहर से करते हैं। उन्होंने जनता से किसी के झांसे में न आकर आने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से कांग्रेस को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल, विधायक भरत चौधरी विधायक महंत दिलीप रावत, विधायक शक्ति लाल शाह, विधायक भोपाल राम टम्टा, चंडी प्रसाद भट्ट, अनिल नौटियाल, ऐश्वर्या रावत आश्रय, दिनेश नौटियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड में प्रत्येक वर्ष आयोजित होगा जनजातीय विज्ञान महोत्सव, सीएम की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओ.एन.जी.सी स्टेडियम, कौलागढ़ रोड देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान द्वारा आयोजित ’आदि गौरव महोत्सव’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान में क्षेत्र में जनजातीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिये प्रतिवर्ष ’जनजातीय विज्ञान महोत्सव’ आयोजित कराए जाने की घोषणा की। जिसके लिये उत्तराखण्ड जनजातीय शोध संस्थान को आवश्कता अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आदि गौरव महोत्सव में विभिन्न राज्य से आए जनजातीय समाज के लोगों से मुलाकात कर उनकी संस्कृति को जाना। देशभर से प्रतिभाग कर रहे विभिन्न जनजातियों के कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुति की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया, एवं जनजातीय समाज के लोक नृत्य में भी सम्मलित हुए।

मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा में पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आदि गौरव महोत्सव के आयोजन हेतु राज्य जनजाति शोध संस्थान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह कार्यक्रम जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर एंव गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत कराने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 24 साल 7 महीने के अपने जीवनकाल में वो किया, जो अनंत समय तक याद रखा जाएगा। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बिरसा मुंडा जी का योगदान अतुलनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी के संघर्ष और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उनके आंदोलन ने अन्य जनजातीय समुदायों को भी संगठित किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी। वो एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जनजातीय समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरुकता फैलाकर जनजातीय समाज को संगठित किया। उन्होंने कहा जनजातीय समाज हमारे भारत देश की मजबूत जड़ के समान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी एवं जनजातीय समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजाति समाज से आने वाली द्रोपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद पर सुशोभित होना केंद्र सरकार की जनजाति समाज के सशक्तिकरण के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने जनजातीय समाज के विकास के बजट को 3 गुना बढ़ाकर इस समाज को विकसित और सशक्त करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकलव्य मॉडल स्कूल के बजट को 21 गुना तक बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। इन चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य सरकार भी प्रदेश के आदिवासी एवं जनजातीय समुदाय को अनेकों सुविधाएं देकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 4 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें जनजातीय समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा मिलती है। जनजातीय समाज के बच्चों को प्राईमरी स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जनजाति की पुत्रियों की शादी हेतु 50 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जनजाति क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव तथा खेल महोत्सव आयोजित किये जा रहे हैं। जनजातीय शोध संस्थान के लिये 1 करोड़ के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज का विकास सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक वर्ष की 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। जिसे हमारी सरकार भी हर वर्ष प्रदेश में अत्यंत धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ मना रही है। उन्होंने कहा जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पूरे हर्षाेल्लास के साथ जन-जन तक भी पहुंचाना है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड में आदिवासी समाज के विकास के लिए सदैव संकल्पित होकर कार्य करते रहेगी।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, सचिव नीरज खैरवाल, अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम से मिले विधायक विनोद चमोली, विकास कार्यों के लिये किया धन्यवाद

धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। चमोली ने अपने विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। चमोली ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा करते हुए सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की गरिमा के अनुकूल आमंत्रित करने, उनके प्रतिभाग करने के साथ ही बैठने के क्रम की व्यवस्था सहित प्रोटोकॉल के संबंध में एसओपी जारी किए जाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को प्रदान किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में एसओपी जारी करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित कर दिया गया है।

अंत्योदय को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं केंद्र और राज्य सरकारः धामी

सड़क किनारे रेहड़ी ठेली लगाकर आजीविका कमाने वाले हजारों छोटे कारोबारियों के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना, वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत उत्तराखंड ने शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करते हुए, 40 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को कारोबार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना, मुख्य रूप से कोविड काल में प्रभावित छोटे कारोबारियों को फिर से स्वरोजगार में मदद के लिए प्रांरभ की गई थी। उत्तराखंड में शहरी विकास विभाग इस योजना के लिए नोडल एजेंसी की भूमिका निभाता है। योजना के तहत छोटे कारोबारियों को बिना किसी गारंटी के सुगम ऋण अवधि में कार्यशील पूंजी के रूप में प्रथम चरण में 10 हजार, दूसरे चरण में 20 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत पहली बार का ऋण तय समय में लौटाने पर ही लाभार्थी दूसरी बार के लिए ऋण ले सकते हैं, इसी तरह दूसरी बार का ऋण चुकाने पर स्ट्रीट वेंडर्स तीसरे चरण का ऋण लेने के लिए अर्ह होते हैं। योजना के तहत उत्तराखंड ने 27330 लाभार्थियों को प्रथम चरण में 10- 10 हजार, 10349 लाभार्थियों दूसरे चरण में 20-20 हजार और 2364 लाभार्थियों को तीसरे चरण के तहत 50- 50 हजार का ऋण उपलब्ध कराया है। इस तरह भारत सरकार की ओर से दिए गए 40005 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष उत्तराखंड ने 40043 को योजना से जोड़ते हुए, कुल 59.64 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्र और राज्य सरकार, हमेशा अंत्योदय को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाती है। इसी तरह छोटे कारोबारियों की मदद लिए पीएम स्वनिधि योजना लाई गई है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। योजना के लिए आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष अधिक लोगों का लाभ पहुंचाने के लिए शहरी विकास विभाग और संबंधित नगर निकायों के अधिकारी कार्मिक बधाई के पात्र हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड ।

लाभार्थी पूनम देवी

पूनम देवी, परिवार सहित बलवीर रोड बस्ती पर रहती हैं, परिवार की आर्थिकी को सहारा देने के लिए, वो रिंग रोड पर रेहड़ी लगाती हैं। पूनम बताती हैं कि उनके पास खुद नगर निगम के कर्मचारियों ने आकर योजना की जानकारी दी, साथ ही फॉर्म भराने से लेकर बैंक में खाता खोलने में मदद की, इसके बाद पूनम देवी योजना तहत प्रथम चरण में दस हजार और दूसरे चरण में 20 हजार रुपए का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं।

गढ़वाल कुमायूं क्षेत्रवाद के आरोपों का धामी ने दिया करारा जबाव

चंद्रापुरी। केदारनाथ उपचुनाव के मद्देनजर चंद्रापुरी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने भाषण के दौरान पूरी रौ में नजर आए। तकरीबन आधा घंटे के भाषण में उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र के लिए न सिर्फ अपनी और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं बल्कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के आरोपों का दो टूक जवाब भी दिया। क्षेत्रवाद (गढ़वाल-कुमाऊं), केदारनाथ की यात्रा को कैंचीधाम की ओर मोड़े जाने और केदारनाथ मंदिर से दिल्ली शिला ले जाने के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब भी दिया। उन्होंने बाबा केदार की सौगंध खाकर कहा कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया। धामी ने पूरा खम ठोककर अपनी बात कही और तमाम मसलों को लेकर कांग्रेस के नेताओं का नाम लेकर उनको कठघरे में खड़ा किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दे नहीं हैं। कांग्रेस के नेता मुझ पर झूठे आरोप लगाते हुए अफवाह फैला रहे हैं। यह सही है कि उत्तराखण्ड के प्रवासी कुछ भाइयों के आग्रह पर में दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास समारोह में गया था। बाद में जब मुझे पता चला तो मैने तत्काल कैबिनेट बुलाकर चारधाम के नाम से कोई मंदिर न बनाए जाने को लेकर कड़ा कानून बनवाया। लेकिन हरीश रावत और गणेश गोदियाल जवाब दें कि क्या उनके कार्यकाल में उन्होंने मुंबई में बदरीनाथ मंदिर का शिलान्यास किया या नहीं ? उन्होंने क्यों नहीं चारधाम के नाम का इस्तेमाल को लेकर कानून क्यों नहीं बनाया ?

धामी ने कहा कि जब भी राज्य में कोई दैवीय आपदा आती है तो वह तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुंचते हैं। बीते 31 जुलाई को जब केदारनाथ में आपदा आई थी तो सूचना मिलते ही दिन के 12 बजे वह प्रभावितों के बीच पहुंच गए थे। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और कुछ विधायकों के साथ मौके पर मौजूद रहकर उन्होंने पूरे सरकारी तंत्र को बचाव और राहत कार्य में झोंक दिया। 16 हजार से ज्यादा यात्रियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लेकिन क्या कांग्रेस के साथी इस बात का जवाब देंगे कि 2013/14 की आपदा के वक्त उनकी सरकार ने प्रभावितों को उनके हाल पर क्यों छोड़ दिया था ? उनके शहजादे भी विदेश दौरे पर निकल गए थे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोई भी यात्रा जब चारधाम के दर्शन करने आते हैं तो एक साल या छह माह पूर्व अपना कार्यक्रम बना लेता है, ऐसे में कोई उनकी यात्रा की डायवर्ट कर सकता है। यह सिर्फ कांग्रेस का प्रोपेगैंडा है। यहां केदारघाटी के लोग भोले भाले जरूर हैं लेकिन जागरूक हैं, वो कांग्रेस के बईमान नेताओं के कहने पर बंटेंगे नहीं एकजुट रहेंगे। धामी ने कहा कि समाज को बांटने वाली कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के भाइयों के लिए कभी कुछ नहीं किया, ऐसी कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।

राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कचहरी देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। हमारे राज्य आंदोलनकारियों द्वारा राज्य निर्माण के लिए किए गए संघर्षों के परिणामस्वरूप ही उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुआ। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी इस अवसर पर स्मरण किया जिन्होंने उत्तराखंड राज्य की नींव रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और विधायक खजान दास भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के 24 वर्ष पूर्ण होने पर सीएम ने किया अमर शहीदों को नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूर्ण होने और रजत जयंती वर्ष के शुभारम्भ अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र एवं संतुलित विकास की अवधारणा रही थी। इस भावना को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पारदर्शिता, जन सहभागिता और नई कार्य संस्कृति के साथ विकास की नई गाथा लिखने की उल्लेखनीय पहल की गई है। प्रदेश की मातृशक्ति, युवा शक्ति और पूर्व सैनिकों की अहम भागीदारी से सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में हम अग्रसर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य, तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है।वर्ष 2023-24 के एस.डी.जी. इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।उन्होंने कहा कि गत वर्ष जी-20 की तीन बैठकों के आयोजन का अवसर मिलना एक उपलब्धि है, जो प्रधानमंत्री जी का देवभूमि उत्तराखण्ड के लोगों की क्षमता और प्रतिभा पर अटूट विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में 38वें नेशनल गेम्स हमारे राज्य में होने जा रहे हैं। राष्ट्रीय खेल महाकुम्भ के लिये उत्तराखण्ड तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। जल्द ही हम इसे प्रदेश में लागू करने जा रहे हैं। ऊधमसिंहनगर के किच्छा में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हुआ है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य गतिमान हैं। इसी प्रकार मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रो को विकसित किया जा रहा हैं। ऑल वेदर रोड़ से चार धाम यात्रा को सुगम किया गया है। दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर केवल दो से ढ़ाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही पहाड़ में रेल का सपना साकार होने जा रहा है। जौलीग्रान्ट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए कार्य गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोपवे कनेक्टिविटी का भी विस्तार किया जा रहा है। पर्वतमाला परियोजना के तहत राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ा जा रहा है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया है। सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे का शुभारम्भ किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिये हमारी सरकार ने निवेश अनुकूल वातावरण बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिये पर्यटन, आयुष, वेलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। सीमांत क्षेत्रों के लिये मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की गई है। वाईब्रेंट विलेज योजना से उत्तराखण्ड के सीमावर्ती गांवों का विकास हो रहा है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा की नीति लाई गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में आवेदनों के डिस्पोजल में उत्तराखण्ड देश में सबसे आगे है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के प्रति भी लोगों की रूचि बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। पिछले 03 वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 18 हजार 500 भर्तियां की जा चुकी हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। टोल-फ्री नम्बर 1064 भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। अपणि सरकार पोर्टल, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार, ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था से सुशासन की परिकल्पना साकार हो रही है। जनता से जुड़ी योजनाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को बहुआयामी पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर काम किया जा रहा है। आध्यात्मिक, धार्मिक और सामान्य पर्यटन के साथ ही एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और रूरल टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की वेड इन उत्तराखण्ड की अपील के बाद, उत्तराखण्ड की वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बन रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड की पहचान फिल्म शूटिंग के डेस्टिनेशन के रूप में बनी है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरुआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान हमारी परम्परा रही है। प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सहकारी समितियों में भी राज्य की महिलाओं के 33 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना सहित अनेक योजनाएं महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही हैं। हमारी सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन में वृद्धि के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों और पात्र आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का निर्णय लिया है। आंगनबाड़ी और आशा बहनों के मानदेय में बढ़ोत्तरी के साथ ही प्रदेश के लोक कलाकारों का मानदेय भी दोगुना किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये राज्य में जबरन धर्मांतरण के विरूद्ध कठोर कानून बनाया गया है। प्रदेश में अब दंगा करने वाले दंगाइयों से ही सारे नुकसान की भरपाई का कानून लागू किया गया है। राज्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय वाक्य मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास में देवभूमि की देवतुल्य जनता का आशीर्वाद हमें प्राप्त होता रहे, इसके लिये हम निरन्तर प्रयासरत हैं। रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो यह हमारा संकल्प है।

राष्ट्रीय खेलों की तारीख पर आईओए की अंतिम मुहर

देहरादून। उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स के आयोजन की तारीख पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र के माध्यम से यह सूचना दी गई है। आयोजन को सफल बनाने के लिए पांच विभिन्न कमेटियों का गठन भी भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से कर दिया गया है।

बता दें कि बीते माह मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी उषा से मुलाकात कर राष्ट्रीय खेलों की तारीख घोषित किए जाने का अनुरोध किया था। डॉ उषा ने तभी आयोजन की प्रस्तावित तारीखों को सहर्ष स्वीकृति दे दी थी। अब इस तिथि का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। अगले वर्ष 28 जनवरी से 14 फरवरी तक 38वें नेशनल गेम्स यहां आयोजित होंगे।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पांच विभिन्न कमेटियों का गठन कर दिया गया है। इनमें सुनैना की अध्यक्षता में गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी, मधुकांत पाठक की अध्यक्षता एनएसएफ/एसओए कोआर्डिनेशन कमेटी, विथल शिरगोंकार की अध्यक्षता में प्रोटोकॉल कमेटी, सुश्री सुमन कौशिक की अध्यक्षता में सेफगार्डिंग कमेटी और आईएएस आरके सुधांशु की अध्यक्षता में प्रिवेंशन ऑफ मैनिपुलेशन ऑफ कंपटीशन कमेटी गठित की गई है।

उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राज्य सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखेगी। जिन राज्यों में पिछले राष्ट्रीय खेल हुए हैं, उनके अनुभवों के आधार पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल बेहतर ढंग से आयोजित किए जाएंगे। हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अभी तक हुए राष्ट्रीय खेलों से बेहतर हो।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

दीपोत्सव पर सीएम ने की प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में अपने परिवार के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, दीपावली का यह पावन पर्व हम सबके जीवन में नया प्रकाश, ऊर्जा और उल्लास लेकर आए। हमारी प्रगति के साथ-साथ समाज में शांति और समृद्धि का भी मार्ग प्रशस्त हो।

उत्तराखंड स्थापना सप्ताह होगा भव्य, सीएस ने तैयारियों की समीक्षा की

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य स्थापना सप्ताह के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का राज्य स्तर तथा जनपद स्तर पर भव्य आयोजन किया जाना हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि कहा कि इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य के स्थापना के 24 वर्ष पूरे हो जाएंगे तथा 25वीं रजत जयन्ती की शुरूआत हो जाएगी, इसलिए प्रदेशवासियों के लिए इसका विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड के जनमानस, अन्य प्रदेशों व विदेश में रहने वाले प्रवासियों तथा उत्तराखंड के विकास में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष भागीदार बनने वाले सभी लोगो को देवभूमि रजतोस्तव में भागीदार बनाया जाए। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर 2024 से अगले वर्ष 9 नवम्बर 2025 तक पूरे वर्ष मनाये जाने वाले ‘‘देवभूमि रजतोत्सव’’ की शुरूआत भी हो जाएगी। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का आयोजन लगभग 6 नवम्बर से आरम्भ होकर सप्ताह भर तक किये जाने का प्रस्ताव है, जिसकी शुरूआत नई दिल्ली में उत्तराखण्ड सदन के शुभारम्भ, दिल्ली में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत उत्तराखण्ड मूल के अधिकारियों, कार्मिकों व प्रवासियों की भागीदारी से आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अगले क्रम में प्रवासी उत्तराखण्ड सम्मेलन के आयोजन, भव्य खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिला सशक्तीकरण की थीम पर विशेष उत्सव का आयोजन, जरूरतमंदों के लिए बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन, मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का अयोजन, दिव्यांगों के लिए विशेष कार्यक्रम, विभिन्न सम्मान व पुरस्कार वितरण कार्यक्रमों का आयोजन, राज्य आन्दोलनकारियों व शहीदों की गौरव गाथा जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 24 वर्षों में राज्य की उपलब्धियों एवं विकास की सम्भावनाओं पर स्कूल व कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इसमें युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साल भर आयोजित होने वाले देवभूमि रजतोत्सव प्रदेश के सभी वर्गों, विशेषरूप से महिलाओं, स्कूली बच्चों व युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने मण्डल स्तर तथा जिला स्तर पर भी राज्य स्थापना दिवस को भव्यता से आयोजित किए जाने हेतु विशेष तैयारियों के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव विनय शंकर पांडे, दीपेंद्र कुमार चौधरी सहित सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।