मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई में स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाई वैल्यू फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में बेहतर सुधार हो सकता है। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा प्रदेश के किसानों को डूर स्टेप सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सगन्ध पौधा केन्द्र को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया, ताकि सगन्ध पौधा केन्द्र प्रदेशभर में अपनी गतिविधियों को बढ़ा सके।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में उनकी जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमैटिक फसलों का चयन कर प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को इसमें जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन में अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तैयार किए जा रहे सैटेलाईट सेंटर्स को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परफ्यूमरी एंड ऐरोमैटिक सेक्टर में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अपने पूर्व में दिए निर्देशों को दोहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों में भ्रमण कर समीक्षा कर फीडबैक लेने के लिए लगातार दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा संचालित फल एवं सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान इस सगन्ध पौध उत्पादन और प्रसंस्करण कार्य से जुड़ें इसके लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण हो सकें इसके लिए जनपदों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

इस अवसर पर निदेशक सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि सगन्ध पौधा केन्द्र को खुशबूदार फसलों के वाणिज्यीकरण के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यह एक बिज़नेस इनक्यूबेटर के तौर पर काम करता है, जो किसानों, उद्यमियों और एसेंशियल ऑयल इंडस्ट्री को सपोर्ट देता है, जिसमें खेती, प्रोसेसिंग और डिस्टिलेशन, मार्केटिंग, क्वालिटी एनालिसिस और स्टैंडर्डाइजेशन ट्रेनिंग और खुशबू वाले सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए दूसरी प्रमोशनल स्कीम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 5 नाली तक के किसानों को मुफ्त रोपण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है, जबकि 9 एरोमैटिक फसलों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

निदेशक डॉ. चौहान ने बताया कि डिस्टिलेशन यूनिट और ड्रायर के लिए पर्वतीय जनपदों में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी और मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख) उपलब्ध करायी जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 27 एसेंशियल ऑयल और एरोमैटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल भी उपस्थित थे।

सीएस वर्धन ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून जनपद में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत स्किल हब सहसपुर का दौरा किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी ली एवं प्रशिक्षण पा रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र छात्राओं को भ्रमण कराया जाए। मुख्य सचिव ने क्षमता से कम छात्रों के प्रशिक्षण पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को एक माह में पूर्ण क्षमता का उपयोग किया जाए।

मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में संचालित कोर्स को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की बात भी कही। उन्होंने विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ ही सम्बन्धित देश का लिविंग और वर्किंग कल्चर की जानकारी भी प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण पा रहे छात्र – छात्राओं से बातचीत कर उनके अनुभवों और भावी योजनाओं पर चर्चा की एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन संजय कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून जनपद में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा स्किल हब सहसपुर की स्थापना की गयी है। रिकल हब सहसपुर में राज्य के युवाओं को देश में आईटी०आई० उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने के उददेश्य से उच्च स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने एवं विदेश रोजगार से जोडने के लिये आवश्यक विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्रदान करते हुये विभिन्न आरएएप के माध्यम से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा गो है। स्किल हब सहसपुर के अंतर्गत सेन्टर ऑफ ऐक्सीलेस एवं विदेश रोजगार प्रकोष्ठ है। वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा मुख्यत नर्सिंग, केयर गिवर एव आतिथ्य के क्षेत्र में जापान एवं जर्मनी में राज्य के युवाओं को सेवायोजित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। उक्त युवाओं को डोमेन प्रशिक्षण राज्य के नर्सिंग कॉलेज एव होटल मैनेजमेंट इन्स्टीयूट द्वारा दिया जा रहा है तथा प्रकोष्ठ द्वारा स्किल हब सहसपुर में आवासीय विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन संजय कुमार, संयुक्त निदेशक अनिल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ऐसे स्पॉट चिन्हित कर विकसित करें, जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करें: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वन विभाग के अंतर्गत इको टूरिज्म के संबंध में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का अधिकतर भूभाग वनाच्छादित होने से प्रदेश में इको टूरिज्म की अत्यधिक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म की सम्भावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिन्हित कर विकसित किए जाएं जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करें।

मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग की एक इंटीग्रेटेड पॉलिसी 15 जनवरी तक फाइनल करते हुए शासन को प्रस्तुत किए जाने की बात कही। कहा कि पॉलिसी तैयार किए जाने से पूर्व प्राईवेट स्टैक होल्डर्स से भी संवाद कर लिया जाए, ताकि पॉलिसी बनने के बाद आने वाली व्यवहारिक समस्याओं से बचा जा सके। मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग के लिए नई चोटियां खोले जाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यावरण ऑडिट सहित अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने शीघ्र ही इसकी एसओपी भी जारी किए जाने की बात भी कही है।

मुख्य सचिव ने चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार का कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को समय से कार्य पूर्ण करने हेतु सभी कार्यों की टाइम लाइन निर्धारित किए जाने की बात कही। कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो सके इसके लिए कार्यदायी संस्था को लक्ष्य दिए जाएं। मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किए जाने की बात कही। कहा कि इनको और ससमय पूर्ण किए जाने के लिए संभागीय वन अधिकारियों (डीएफओ) को टास्क प्रदान किए जाएं कि वे किस प्रकार से अपने क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने 10 चिन्हित साइट्स का प्लान एक माह में तैयार करके शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने वन क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इनके संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसका गठन ही इसी उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इसके लिए इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड को मजबूत करने, मैन पावर बढ़ाने एवं बजट में प्रावधान किए जाने की बात भी कही। उन्होंने अपर सचिव वन को ईटीडीबी के लिए नया हैड खोले जाने के निर्देश भी दिए, ताकि यूटीडीबी की भांति ईटीडीबी को भी ग्रांट दी जा सके। इको टूरिज्म साइट्स के इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड के माध्यम से संचालन हेतु शीघ्र ही एमओयू भी किया जाए।

मुख्य सचिव ने ईको टूरिज्म से सम्बन्धित हाईपावर समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित कराए जाने की बात भी कही। उन्होंने प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेशन को एक ही जगह एंकर किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशिक्षण प्रमाणीकरण के लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही। कहा कि उच्च शिक्षा विभाग से भी इसके लिए सुझाव लिए जाएं।

इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ ईको टूरिज्म पी.के. पात्रो एवं अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने चंपावत में गोल्ज्यू कॉरिडोर का किया भ्रमण, सौंदर्यीकरण को दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत स्थित ऐतिहासिक गोल्ज्यू मंदिर एवं प्राचीन बालेश्वर मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

गोल्ज्यू मंदिर परिसर में उन्होंने प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवो मोहन पलड़िया ने मुख्य सचिव को परियोजना के सभी घटकों, संरचनाओं और कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति दी।

मुख्य सचिव ने कॉरिडोर परिसर का स्वयं भ्रमण कर प्रस्तावित निर्माण, सौंदर्यकरण एवं सुगमता बढ़ाने वाले कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉरिडोर के समस्त विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में, उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।

इसके उपरांत मुख्य सचिव बर्द्धन ने बालेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर मंदिर एवं नौले के सौंदर्यीकरण की आवश्यकताओं का अवलोकन किया। उन्होंने पुरातत्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मंदिर के प्राकृतिक व सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि गोल्ज्यू मंदिर एवं बालेश्वर मंदिर दोनों ही सांस्कृतिक आस्था और लोक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और बेहतर सुविधाओं के विकास से चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं और अधिक सशक्त होंगी, जिससे स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई डीरेगुलेशन को लेकर बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ डीरेगुलेशन (विनियमन मुक्ति) के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में डीरेगुलेशन से संबंधित आवश्यक कदम उठाएं।

उन्होंने निर्देशित किया कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर डीरेगुलेशन की कार्रवाई पूर्ण हो सकती है उसका नोटिफिकेशन जारी करें तथा जिन प्रकरणों को कैबिनेट स्तर से संशोधित किया जाना है उसका विवरण तैयार करें। साथ ही भारत सरकार को प्रेषित किए जाने वाले विवरण को भी प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने डीरेगुलेशन की प्रक्रिया में लंबित प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि राज्य में व्यवसाय और उद्योगों को और अधिक बढ़ावा मिल सके।

विदित है कि डीरेगुलेशन प्रक्रिया के अंतर्गत सरकारी नियमों और नियंत्रण को मिनिमाइज किया जाता है। सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहल के माध्यम से प्रतिस्पर्धा, दक्षता और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाता है ताकि अर्थव्यवस्था में निवेश में तेजी आए तथा व्यापार करने में अधिक सरलता हो।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार, सौरभ गहरवार, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम घोषणाओं की पूर्ण और गतिमान घोषणाओं का वित्तीय और भौतिक अपडेट प्रस्तुत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकी, गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी ऐसी सभी सीएम घोषणाओं तथा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का पृथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें तथा उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाऐं जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण हेतु प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव एस एन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी मेकैनिज्म बनाएं तथा जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक रूटीन से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 777 पर कार्रवाई गतिमान है तथा 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं।

बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर सी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 से सम्बन्धित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने फेज-1 में अति आवश्यक प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता पर लेने की बात कही। कहा कि कार्यों को समय से पूर्ण कराए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएं। जिनके शासनादेश जारी हो गए हैं, और टेण्डर प्रक्रिया हो चुकी है, उन कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए। उन्होंने मनसा देवी मंदिर के फेज-1 का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के अंदर इसका शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने कांगड़ा घाट में महिलाओं के लिए घाट की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास अलग-अलग स्थान पर होता है, जिससे जूते और सामान वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को फिर से वहीं वापस आना पड़ता है, जिससे अनावश्यक भीड़ होती है। उन्होंने घाटों के पास श्रद्धालुओं को जूते और सामान रखने के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किए जाने निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एग्जिट पॉइन्ट पर उनके जूते और सामान मिल जाए। उन्होंने सचिव लोनिवि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।

मुख्य सचिव ने पंतद्वीप और चमगादड़ टापू का ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किये जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग रानीपुर मोड़ और भगतसिंह चौक के जल भराव की समस्या का समाधान निकालते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करे।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी का वेस्ट मैनेजमेंट गंगा सभा करती है। अन्य घाटों के लिए भी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए, मूल्यांकन एजेन्सी से साप्ताहिक रिपोर्ट संकलित की जाए एवं उसका अध्ययन कराया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अद्धांकी, युगल किशोर पंत एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संपूर्ण यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा की ऐतिहासिकता, विशिष्टता और मौलिकता से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने इसकी डॉक्यूमेंट्री भी तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण बहुत से यात्रा मार्ग और पड़ावों की स्थिति की जानकारी के लिए मार्गों और पड़ावों की रेकी करायी जाए। मार्गों एवं पड़ावों को दुरूस्त कराए जाने के लिए तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने टैन्ट आदि की व्यवस्था के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए कराए जाने वाले सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकताएं निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराए जाने वाले बड़े कार्यों को प्राथमिकता में लेते हुए तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक यात्रा पड़ाव एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य अधिकारियों, दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन एवं स्वास्थ्य उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मार्गों का विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन, खाद्य सामग्री की व्यवस्थाएं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता प्रबंधन आदि की समावेशी एसओपी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पूरी यात्रा का वेस्ट मैनेजमेंट प्लान, सेप्टिक मैनेजमेंट और सेनिटेशन मैनेजमेंट प्लान बनाने के भी निर्देश दिए ताकि यात्रा में भागीदारी करने वाले लोगों को सुविधा मिले तथा पर्यावरण को किसी भी तरह की क्षति भी ना पहुंचे।

बैठक में एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने दिए सैनिक कल्याण द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान विभागों को आउटकम इंडिकेटर्स निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों ने अपने कार्य क्षेत्र में विगत वर्षों के सापेक्ष कितना बढ़ोत्तरी की है, इसे आउटकम इंडिकेटर्स में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे विभागीय योजनाओं का मूल्यांकन भी हो सकेगा और विभाग किस दिशा में जा रहा है इसकी भी जानकारी मिलेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि ‘‘की आउटकम इंडिकेटर’’ (केओआई) निर्धारित करने में इन बातों का ध्यान रखा जाए कि विभान द्वारा संचालित योजनाओं का क्या आउटकम रहा, इसका आंकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग अपना आउटकम इंडिकेटर यह रखे कि उन्होंने प्रदेश की कितने प्रतिशत खेती योग्य भूमि को वर्षा आधारित सिंचाई को निश्चित सिंचाई में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किसी योजना से पर्यटकों के औसत फुटफॉल में कितना बढ़ोत्तरी हुई है, या पर्यटकों की संख्या, पर्वतारोहियों और ट्रैकिंग करने वालों की संख्या आदि गतिविधियों में कितने प्रतिशत ग्रोथ प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के तहत् उत्पादकता कितनी बढ़ी है, या एफपीओ का क्रेडिट फ्लो कितना बढ़ा है, इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा गुणवत्ता में सुधार, क्षमता का उपयोग और आय में बढ़ोत्तरी को शामिल किया जा सकता है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को विभाग द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्रीधर बाबू अद्दांकी, धीरज सिंह गर्ब्याल, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीसीसीएफ कपिल लाल, डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विसिल ब्लोअर के इनपुट की प्रतीक्षा न करते हुए प्रोएक्टिव होकर रैंडमली छापेमारी करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ एंटी ड्रग्स कैंपेन अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने कहा कि राजधानी देहरादून में विभिन्न तकनीकी, मेडिकल और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान के तहत की जा रही एनफोर्समेंट की कार्रवाई से संतोष व्यक्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे सभी शैक्षणिक संस्थानों तथा उसके सराउंडिंग स्थित रेस्टोरेंट, ढाबों इत्यादि पर रैंडमली छापेमारी करें। ड्रग लेने के वाले व्यक्ति की सैंपलिंग करें और उनका मेडिकल भी करें।

उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को निर्देशित करने को कहा। साथ ही निर्देशित किया कि जो शैक्षणिक संस्थान एंटी ड्रग कैंपेन में लापरवाही दिखाते हैं उन पर एक्ट के अंतर्गत सख्त वैधानिक कार्रवाई करें।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ड्रग्स से संबंधित विसिल ब्लोअर्स की सूचना पर ही डिपेंड ना रहें बल्कि प्रोएक्टिव होकर औचक छापेमारी करते हुए ड्रग्स पैडलर और यूजर को धर दबोचें।

मुख्य सचिव ने सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई करने के अतिरिक्त सभी शैक्षणिक संस्थानों में सिविल सोसाइटी के सदस्यों, इस क्षेत्र में सक्रिय छळव्, महिला और युवा मंगल दलों के समन्वय से जागरूकता कैंपेन भी निर्देश दिए।

उन्होंने अवेयरनेस कैंपेन के लिए प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया का भी अधिक -से -अधिक उपयोग करने के निर्देश भी दिए।

इस दौरान बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, उप महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी देहरादून सबिन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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एमपीएसीएस को ग्रोथ सेंटर और एनआरएलएम से कनेक्ट करेंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डच्।ब्ै को ग्रोथ सेंटर और एनआरएलएम से कनेक्ट करें। जिससे लाभार्थियों को अधिक विकल्प मिले। कहा कि लोगों को सहकारिता विभाग से संबंधित सभी प्रकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही प्लेटफार्म पर मिले इसके लिए कंप्यूटरीकरण और अन्य इंप्रूवमेंट के किया जा रहे कार्यों के टारगेट को शीघ्रता से पूरा करें।

उन्होंने कहा कि संचालित योजनाओं में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही एमपीएसीएस को एपीओ के रूप में संयोजित करने हेतु नाबार्ड का सहयोग प्राप्त करें।

उन्होंने 672 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों एवं 331 राज्य/जिला सहकारी बैंक की शाखाओं के माध्यम से अल्पकालीन ऋण तथा कृषि एवं इससे जुड़े लाभार्थियों एवं स्वयं सहायता समूह को मध्यकालीन ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभाग में चल रही योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति से अवगत कराया तथा विभाग द्वारा किए जा रहे इन्नोवेटिव प्रयासों की भी जानकारी साझा की।
विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि विभाग के अधीन दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना, स्टेट मिलेटस मिशन योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, मोटर साईकिल टैक्सी इत्यादि योजना संचालित की जा रही है।

दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत योजनारम्भ (अक्टूबर 2017) से अब तक कुल 1109389 लाभार्थियों एवं 6190 स्वंय सहायता समूहों को कुल रूपये 6747.64 करोड का ऋण वितरित किया गया है।

इस वर्ष अल्पकालीन 170600 लाख एवं मध्यकालीन ऋण 44500 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि एमपैक्स के माध्यम से कृषक सदस्यों को उनकी कृषि उत्पादन बढाने हेतु 13513.467 मी0टन रासायनिक/जैविक उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत गेहूं खरीद के लिये इस वर्ष 266.3 मी0 टन का लक्ष्य है।

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के माध्यम से राज्य में संचालित राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अन्तर्गत चार क्षेत्रक सहकारिता, मत्स्य, भेड- बकरी पालन एवं डेयरी विकास के अन्तर्गत जनपदवार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

स्टेट मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ लि०, देहरादून द्वारा मिलेट्स फसलों की खरीद कर कृषकों को उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है।वित्तीय वर्ष 2024-25 में 239 क्रय केन्द्र के माध्यम से कुल 9499 कृषकों से 31716.877 कुन्तल मंडुवा (रागी) खरीदकर कुल रू0 13.59 करोड़ का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत अब तक कुल 60387 मी० टन सायलेज / पशुआहार वितरित कर 52273 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

मोटर साईकिल टैक्सी योजना के अंतर्गत सहकारी बैंकों के माध्यम से वाहन क्रय किये जाने हेतु रू० 60 हजार से 01 लाख 25 हजार तक का 02 वर्षों तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। जिसके तहत योजनारम्भ से कुल 309 लाभार्थियों को कुल रू0 386.04 लाख का ऋण वितरित किया गया है।

इस दौरान बैठक में सचिव वी वी आर सी पुरुषोत्तम, अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।