उत्पादन संबंधित योजनाओं को लेकर बोले सीएस, कृषि विज्ञान केंद्रों के उपयोग को बढ़ाएं

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट आदि से उत्पादन सम्बन्धित योजनाओं को लेकर जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जनपदों में वर्तमान में उगाई जा रही फसलों की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को किसानों से फीडबैक लेते हुए उन्हें आ रही समस्याओं और सुझावों को साझा किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि योजना में कहीं पर सुधार की आवश्यकता है तो जिलाधिकारी लिखित में अवगत करा सकते हैं, ताकि योजना को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी मिशन के निर्धारित पीरियड के लिए उत्पादन क्षेत्र एवं उत्पादकता बढ़ाये जाने के लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं, ताकि मिशन को फोकस्ड वे लागू किया जा सके। उन्होंने इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों के उपयोग को भी बढ़ाए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के भीतर फलोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इकोसिस्टम विकसित करना होगा। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज चेन, ट्रांसपोर्टेशन, रोपवे सुविधा एवं मार्केटिंग के साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट्स के विकास पर फोकस किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने जिलाधिकारियों को ट्रांसपोर्टेशन, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स के प्रोजेक्ट्स भी शामिल किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन में क्लस्टर आधारित खेती पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सेब एवं कीवी की सघन खेती को बढ़ावा देने के लिए इनकी नई एवं गुणवत्तापूर्ण किस्मों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों से फीडबैक भी लिया जाए एवं उनके सुझावों को गंभीरता से लेते हुए शामिल करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने जनपद विशेष योजनाओं पर फोकस किए जाने की बात कही। कहा कि नए क्षेत्रों को जोड़ते हुए क्षेत्र विस्तार किया जाए। इसके लिए हाई डेंसिटी वैरायटी की अत्याधुनिक नर्सरियों को विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पॉलीहाउस स्थापना के लिए प्रत्येक जनपद के लिए 3-3 वेंडर्स एंपैनल्ड किए गए हैं। किसानों को योजना का अधिक से अधिक लाभ देने के लिए उनको हैंड होल्डिंग करायी जाए। साथ ही कम उत्पादकता वाले पुराने क्षेत्रों को हाई डेंसिटी की नई फसलों से रिप्लेस किए जाए। नए विकसित क्षेत्रों को फलोत्पादन शुरू होने तक इंटरक्रॉप को भी शामिल किया जा सकता है ताकि किसानों को इससे नुकसान ना हो।

पुलिस विभाग मादक पदार्थों की सप्लाई चैन तोड़े जाने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाएंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट की 12वीं बैठक संपन्न हुयी। बैठक के दौरान उन्होंने जनपद स्तरीय एनकॉर्ड बैठकों का निर्धारित समय सीमा पर नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने मादक पदार्थों से सम्बन्धित सभी मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार फॉलोअप किया जाए, ताकि दोषियों पर यथोचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने पुलिस विभाग को मादक पदार्थों की सप्लाई चौन तोड़े जाने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाये जाने की बात कही। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार को रोके जाने को लेकर जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से बात कर जनपदों की स्थिति की जानकारी भी ली।

मुख्य सचिव ने ड्रग डिटेक्शन किट्स के लिए पैरामीटर्स बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश में डी एडिक्शन सेंटर्स की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत ऐसे डी एडिक्शन सेंटर्स जो किसी कारण से ऑपरेशनल नहीं हैं, को उनकी समस्याओं का निस्तारण करते हुए सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में डी एडिक्शन सेंटर्स के लिए बेड डेडिकेट किए जाएँ
साथ ही, सभी मेडिकल कॉलेज और उप जिला अस्पतालों में भी डेडिकेटेड बेड्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी डी एडिक्शन सेंटर खोले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ विकसित करने हैं करें फंडिंग की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने ज़िलाधिकारियों को प्राइवेट डी एडिक्शन सेंटर्स का निरीक्षण कर मानकों को पूरा करने वाले प्राइवेट डी एडिक्शन सेंटर का रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आमजन विशेषकर स्कूली बच्चों में ड्रग्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब बनाने और शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा-तम्बाकू आदि की बिक्री पर रोक को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में मादक पदार्थाे के उपयोग पर एक सर्वे कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि मादक पदार्थों के जाल को जड़ से उखाड़ा जा सके।

इस अवसर पर डीजी इंटेलीजेंस अभिनव कुमार, सचिव शैलेष बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भारणे, अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित जनपदों से जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।

सीएस बर्द्धन ने की प्रदेश में वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इसके तहत् पूर्ण हो चुकी, गतिमान एवं भावी परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए। उन्होंने वाह्य सहायतित परियोजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं भारत सरकार में अपने लाइन डिपार्टमेंट को अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने प्रोजेक्ट्स को समय से पूर्ण किए जाने हेतु मैनपावर और मशीन बढ़ाते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मसूरी एवं नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट में तेजी लाए जाने के लिए डेडिकेटेड पीएमयू स्थापित किए जाने की बात कही। कहा कि डेडिकेटेड पीएमओ और लगातार निगरानी करते हुए प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जाए।

मुख्य सचिव ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेषकर तकनीकी शिक्षा में सिस्टम को मजबूत किए जाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के में इंजीनियरिंग कॉलेज पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधारभूत संरचना विकास पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा इसके लिए ईएपी वित्तपोषित प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, साथ ही रिवर रेज्युविनेशन, पशुपालन, डेरी और फिशरीज के उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने आयुष मंत्रालय के सचिव से की मुलाकात, उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का रखा मजबूत पक्ष

उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने नई दिल्ली में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जनपद में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य की ओर से संस्थान की स्थापना के लिए सभी आवश्यक तैयारियों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देते हुए उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है तथा राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा का मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ऊधम सिंह नगर में संस्थान की स्थापना के लिए सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप विवाद रहित एवं उपयुक्त भूमि चिन्हित कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क सुविधाओं से युक्त है। साथ ही, निकट भविष्य में विकसित होने वाले एम्स सैटेलाइट सेंटर के समीप स्थित होने के कारण यह क्षेत्र समेकित चिकित्सा (इंटीग्रेटिव मेडिसिन) के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होने की व्यापक संभावनाएं रखता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि, सड़क, विद्युत, पेयजल, ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने आयुष मंत्रालय से उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्य सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, उपचार एवं चिकित्सा पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, उत्तराखण्ड देश में समेकित स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष आधारित चिकित्सा के अग्रणी केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशभर में हो भव्य आयोजनः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए, स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने पर भी जोर दिया। कहा कि राज्य एवं जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन के साथ ही ब्लड डोनेशन कैंप, हाई एल्टीट्यूड साहसिक गतिविधियां, मैराथन, साईकिल, बाईक या कार रैली जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने प्रदेशभर के मुख्य शहरों के महत्त्वपूर्ण स्थलों में पुलिस, आर्मी, पैरामिलिट्री और एनसीसी के बैण्ड द्वारा संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी बात कही। उन्होंने प्रदेशभर में जल संरक्षण संवर्द्धन के साथ ही पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा सचिवालय में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जनपदों के जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रातः 9ः30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून स्थित सभी सरकारी, गैर सरकारी भवनों पर प्रातः 9 बजे विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।

महानिदेशक सूचना ने बताया कि प्रदेश मुख्यालयों/जनपद मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर 14 अगस्त 2026 को सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक और 15 अगस्त को प्रातः 6 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक देशभक्ति के गीत लाउडस्पीकर के माध्यम से बजाए जाएंगे। प्रदेश मुख्यालय पर 14 अगस्त 2026 को कवि सम्मेलन/मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। सरकारी भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को कम वोल्टेज के एलईडी बल्ब से प्रकाशमान किया जाएगा। समस्त शिक्षण संस्थाओं द्वारा प्रातः 07.00 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। तदोपरान्त अपने शिक्षण संस्थानों एवं निर्धारित स्थानों पर झण्डारोहण, राष्ट्रगान, खेलकूद, विचार गोष्ठी प्रदर्शनी, वाद-विवाद एवं निबन्ध प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रोजेक्ट या प्रोजेक्ट के किसी भाग में लागत में अप्रत्याशित बढ़त के मामलों को गंभीरता से लेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान समिति द्वारा विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने पंपिंग पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को सतत् और किफायती बनाए रखने के लिए सॉलर पावर से संचालित किए जाने की संभावना तलाशते हुए प्रस्ताव में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पंपिंग पेयजल परियोजनाओं के निर्माण में सोलराइजेशन की संभावनाओं को अनिवार्य रूप से तलाश जाए। उन्होंने नियोजन विभाग को इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विभागों द्वारा अभी भी कंसल्टेंट्स को दी जाने वाली फीस, प्रोजेक्ट कॉस्ट के प्रतिशत के रूप में दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कंसल्टेंट्स को फीस लमसम में दिए जाने हेतु पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में किया गया शासनादेश पुनः विभागों को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट या प्रोजेक्ट के किसी भाग में लागत में अप्रत्याशित बढ़त के मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी द्वारा ग़लत आंकलन किए जाने के कारण लागत में बढ़ोतरी हुयी है, उस एजेंसी पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने नियोजन विभाग को, लोक निर्माण विभाग के मार्गदर्शन में कॉस्ट वेरिएशन के लिए गाइडलाइन तैयार किए जाने के निर्देश दिए। इससे परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक बढ़ोत्तरी को रोक जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में आयुष की दृष्टि से काफी संभावना है, इस दिशा में अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, प्रोजेक्ट की लोकेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने गरुड़ (बागेश्वर) में आईटीआई के प्रस्ताव पर आसपास हॉस्टल की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही। कहा कि इससे आईटीआई में एडमिशन लेने वाले छात्रों को काफ़ी सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी एवं सी. रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सभी आपातकालीन हेल्पलाईन सेवाओं को एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाईन 112 से तकनीकी एवं परिचालानात्मक रूप से जोड़ेंः बर्द्धन

सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को त्वरित एवं प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिगत उच्चतम न्यायालय द्वारा सभी राज्यों को जारी किए गए आदेशों के क्रम में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने समन्वित, प्रभावी एवं समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित किए जाने हेतु सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी आपातकालीन हेल्पलाईन सेवाओं को एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाईन 112 से तकनीकी एवं परिचालानात्मक रूप से जोड़े जाने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालय द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए इसका आमजन तक प्रचार-प्रसार किए जाने की बात भी कही। कहा कि सभी आपातकालीन हेल्पलाईनों का एकीकरण हो जाने के बाद हेल्पलाइन 112 पर पुलिस, फायर एवं मेडिकल सुविधा जैसी आपातकालीन सेवाएं तत्काल मिल सकेंगी। उन्होंने इसके लिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप वाला ऑटोमैटिक मैकेनिल्म तैयार किया जाने की बात भी कही, ताकि मेडिकल हेल्प, फायर या पुलिस सहायता के लिए 112 पर कॉल करने वाले व्यक्ति को वांछित सहायता तत्काल उपलब्ध करायी जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र के लिए राज्य स्तर पर डीजी हेल्थ को नोडल आधिकारी एवं जनपद स्तर पर सीएमओ को नोडल अधिकारी नामित करते हुए मासिक बैठकें आयोजित की जाएं एवं बैठकों का कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। उन्होंने सभी सार्वजनिक एवं निजी एम्बुलेंसों में एआईएस-125 मानकों का अनुपालन एवं जीपीएस/वीएलटीडी उपकरणों की स्थापना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसकी प्रभावी निगरानी के लिए हेल्पलाईन 112 से रियल टाईम इंटीग्रेशन किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ट्रॉमा रजिस्ट्री के लिए नोडल विभाग परिवहन विभाग होगा। उन्होंने परिवहन विभाग को राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित करते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों को इससे इंटीग्रेट किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी जोड़ा जाए। उन्होंने पीएम राहत योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने पर्यटन विभाग को अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार प्रसार के लिए विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटन उत्तराखण्ड की आर्थिकी के महत्त्वपूर्ण स्रोतों में से एक है। उन्होंने पर्यटन विभाग को अपने 5 वर्षों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आउटकम इंडीकेटर्स के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

मुख्य सचिव ने अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार प्रसार के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रोडक्ट की पब्लिसिटी के बिना निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करना आसान नहीं होगा। उन्होंने पब्लिसिटी के लिए भी वार्षिक कार्ययोजना तैयार किये जाने की बात कही। कहा कि नीती घाटी में आयोजित की गयी नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन 2026, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल्स और विंटर कार्निवल जैसे इवेंट्स को अन्य स्थानों पर इस प्रकार के अलग-अलग इवेन्ट्स के रूप में प्रत्येक वर्ष एक निश्चित समय पर आयोजित किया जाए। ऐसे इवेंट पब्लिसिटी के साथ-साथ टूरिस्ट्स के लिए आकर्षण का केन्द्र बनते हैं।

मुख्य सचिव ने पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लाँग टर्म योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सर्किट और डेस्टिनेशन बनाने के साथ-साथ ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, हॉस्पिटैलिटी व पर्यटन प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट सेक्टर के निवेशकों को भी शामिल किया जाए। प्रदेश में लगातार नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएं। कहा कि समावेशी और टिकाऊ पर्यटन विकास को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि पूरे राज्य में संतुलित विकास हो सके।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के युवाओं को गाईड प्रशिक्षण दिए जाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि इसे इंस्टीट्यूशनल किया जाए। आईएचएम को इसके लिए प्रयोग किया जा सकता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल इस प्रकार से तैयार किए जाएं कि प्रशिक्षित युवाओं को प्रदेश के साथ-साथ, पूरे भारत और ओवरसीज में कहीं भी रोजगार मिल सके। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्लैंपिंग प्रोजेक्ट्स की काफी डिमांड है। उन्होंने इसके लिए स्थान चिन्हित कर ग्लैंपिंग प्रोडक्ट विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव धीराज गर्ब्याल एवं अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य में 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में साईबर क्राइम को लेकर सचिव गृह एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर प्रदेश के साईबर अपराधों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर शीघ्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इसे शीघ्र से शीघ्र नोटिफाई किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना से केन्द्र राज्य एवं जनपदों के मध्य आपसी सहयोग में आसानी होगी, पीड़ितों को शीघ्र से शीघ्र राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साईबर पुलिस स्टेशनों को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने 1930 हेल्पलाईन को भी मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाए। उन्होंने प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को भी मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने ई-जीरो एफआईआर को शत-प्रतिशत एफआईआर में परिवर्तन एवं इसका सीसीटीएनएस के साथ एकीकरण कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर फ्रॉड हो जाने के बाद, जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग न तो समय से शिकायत ही कर पाते हैं और न ही मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का लाभ लेते हुए अपनी मनी वापस ले पाते हैं। उन्होंने इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रो-एक्टिव होकर पीड़ितों की सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात कही। कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल और धनराशि वापसी मॉड्यूल के प्रति जनजागरूकता लाए जाने के लिए आमजन के बीच लगातार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद किया जाए, ताकि आमजन साइबर फ्रॉड से बच सकें और फ्रॉड हो जाने पर पीड़ित को क्या-क्या करना है, इसकी जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साईबर क्राइम के दृष्टिगत पुलिस विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कैपेसिटी बिल्डिंग करने के साथ ही, साईबर कमांडो की संख्या बढ़ाये जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह एवं अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट भी उपस्थित थीं।

सीएस की अध्यक्षता में हुई स्प्रिंग एंड रिवर रेज्युविनेशन अथॉरिटी की उच्च स्तरीय समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रेज्युविनेशन अथॉरिटी की उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने भूमिगत जल रिचार्ज पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सारा ग्राउंड वाटर रिचार्ज पालिसी तैयार करे।

मुख्य सचिव ने कहा कि सारा को गैर सरकारी एवं आवासीय सोसाईटी में वर्षा जल संरक्षण के दृष्टिगत भू-जल रिचार्ज की पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। इससे भूमिगत जल रिचार्ज को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने राज्यान्तर्गत पौराणिक व सांस्कृतिक महत्त्व के धारे-नौलों के संरक्षण एवं संवर्धन के जीर्णाेद्वार के कार्याे के प्रस्ताव भी जनपदों द्वारा शीघ्र भेजे जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवीकरण पर कार्य हो रहा है। उन्होंने प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए भी शीघ्र एक एसओपी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। ‘एक जनपद एक नदी‘ प्रोजेक्ट के तहत् आए प्रस्तावों को शीर्घ से शीघ्र शुरू किया जाए। बड़े प्रोजेक्ट्स को विभिन्न विभागों में कन्वर्जेंस के माध्यम से किया जा सकता है।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सारा द्वारा विभिन्न जनपदों में कुल 86 परियोजनाएं गतिमान हैं। सारा के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी, नैनीताल एंव टिहरी की कुल 16 परियोजनाएं पूर्ण हो गयी हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, रणवीर सिंह चौहान, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।