सरकार आमजन को राहत प्रदान करने एवं बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्धः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में खाद्यान्न एवं दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुओं को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने आयुक्त खाद्य बी. एल. राणा से प्रदेश में दैनिक आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं कीमतों की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में आमजन की रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की उचित दरों पर निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सम्बन्धित विभागों को लगातार एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि बाजार में खाद्य सामग्री, डीजल-पेट्रोल, एलपीजी एवं अन्य आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की उपलब्धता एवं मूल्य स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए सम्बन्धित विभागों द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाए जाएं तथा बाजारों, गोदामों एवं थोक विक्रेताओं की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को राहत प्रदान करने एवं बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी जनपदों विशेषकर चारधाम यात्रा से सम्बन्धित जनपदों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं मूल्य नियंत्रण की स्थिति पर विशेष ध्यान दिए जाने एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर आयुक्त खाद्य बी.एल. राणा, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर डॉ. एम.एस. विसेन, रीजनल मार्केटिंग ऑफिसर सी.एम, घिल्डियाल एवं उपायुक्त निधि रावत भी उपस्थित थे।

टेक होम राशन का 100 प्रतिशत वितरण फेस रेकग्निशन सिस्टम के तहत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति से संबंधित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की एवं दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने टेक होम राशन का 100 प्रतिशत वितरण फेस रेकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत किया जाए। उन्होंने इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलास्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से की जाने के निर्देश दिए, ताकि सम्बन्धित विभागों से लगातार समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निस्तारण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भी आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता नहीं है, सम्बन्धित विभागों को ऐसे केंद्रों की सूची उपलब्ध करायी जाए। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए फंड्स भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं हैं, यदि आसपास नए पंचायत भवन बनने के कारण या अन्य कारणों से पुराने पंचायत भवनों का उपयोग नहीं हो रहा है, आंगनवाड़ी केंद्रों के उपयोग हेतु दे दिए जायें। विभाग ऐसे पंचायत भवनों की मरम्मत आदि करा कर उपयोग करे। असुरक्षित पंचायत भवनों को ध्वस्त कर फिर से भवन निर्माण कराया जाए। मुख्य सचिव ने विभाग के अंतर्गत सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं को थर्ड पार्टी ऑडिट करवाए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव चन्द्रेश कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पूरे प्रदेश के लिए एएनपीआर से सम्बन्धित कार्ययोजना प्रस्तुत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की द्वितीय बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा कोष से सम्बन्धित विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति दी गयी। मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को पूरे प्रदेश के लिए एएनपीआर से सम्बन्धित कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्यकर एवं खनन विभाग सभी को एएनपीआर कैमरों के एक्सेस की आवश्यकता है, जिसके लिए प्रदेश में एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा अपने एवं पुलिस विभाग द्वारा किए जाने रहे चालानों की संकलित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को मासिक रूप से प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा कोष की वार्षिक कार्ययोजना तैयार किए जाने की भी बात कही। कहा कि सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं को लेकर सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रोड फर्नीचर रोड और साइनेज जैसे रूटीन कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा ही लगाया जाएगा। सभी विभाग अपने मेंडेट से सम्बन्धित कार्यों को अपने विभागीय बजट से ही कराए जाने को प्राथमिकता दें। सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित ऐसे कार्य जिनके लिए विभागीय बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, उसके लिए सड़क सुरक्षा कोष से बजट का प्रावधान किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने प्रस्तावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने से पूर्व एक उपसमिति गठित कर प्रस्तावों की स्क्रूटिनी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में डुप्लीकेसी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि प्रदीप पंत, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती एवं रोहित मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने की चारधाम यात्रा की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्था चाकचौबन्द किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को दर्शन सुगमता एवं सरलता से हों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी एवं हितधारकों को आपसी सामंजस्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पिछले वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था को सुचारू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों में निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखे जाने के निर्देश देते हुए होल्डिंग एरिया में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी होल्डिंग एरिया को अभी से एक्टिवेट कर लिया जाए। साथ ही, सभी सम्बन्धित जनपद भारी वर्षा और भूस्खलन आदि के दृष्टिगत होल्डिंग एरिया एवं निकासी योजना तैयार रखें। उन्होंने युकाडा को भी अपनी निकासी योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि एयरलिफ्ट कराए जाने की परिस्थिति में पहले से व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें । उन्होंने सम्बन्धित सभी जनपदों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री का भी समुचित स्टॉक रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 वर्ष से अधिक एवं बहुत छोटे बच्चों को लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बीमार लोगों को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार भी किया जाए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल एवं एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

सचिव शिक्षा को सीएस ने मिले उत्तराखंड के विद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालयों की व्यवस्था करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश की सभी शासकीय विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिव शिक्षा को स्कूलों में बुक बैंक बनाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बुक बैंक्स में कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत बुक्स को वापस रखा जा सकेगा एवं अगले सत्र में छात्रों को वितरित किया जा सकेगा। जो बुक्स खराब हो गई या बच्चे किसी भी कारण से वापस नहीं कर पाए एवं नई डिमांड के अनुरूप बुक्स छपवाई जाएं। इससे प्रत्येक वर्ष हज़ारों बुक्स छपवाने का करोड़ों का खर्च बचेगा।

मुख्य सचिव ने क्लस्टर विद्यालयों में कक्षा कक्षों एवं हॉस्टल आदि के भवन निर्माण कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए नाबार्ड से फंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विद्यालयों में बिजली पानी के साथ ही शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शौचालयों की साफ़-सफाई का एक स्थायी समाधान निकाले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालयों में शौचालयों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए, इसके लिए अलग से फंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालयों की व्यवस्था भी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुस्तकालयों से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पुस्तकों को पढ़ने और ज्ञान अर्जित करने का अवसर प्राप्त होगा।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन एवं निदेशक माध्यममिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम दून अंडरग्राउण्ड केबलिंग की प्रगति की साप्ताहिक मॉनिटरिंग करेंगे, सीएस ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून में विद्युत लाईनों की अंडरग्राउण्ड केबलिंग को लेकर ऊर्जा विभाग एवं जिलाधिकारी देहरादून के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्य सचिव ने पिटकुल को निर्देश दिए कि सड़कों की खुदाई एवं अंडरग्राउण्ड केबलिंग और ब्लैक टॉपिंग का कार्य जून माह तक पूर्ण कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पिटकुल को सभी फ्रंट पर एक साथ कार्य खोलने के बजाय कुछ फ्रंट पर कार्य खोलकर अपनी सभी लेबर को एक ही जगह कंसंट्रेट करते हुए कार्य को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूरे शहर की सड़कें खुदने के बजाय कुछ हिस्सों में अधिक लेबर लगाने से कार्य ज्यादा तेजी से होगा। इससे शहरवासियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी देहरादून के साथ लगातार सम्पर्क बनाते हुए अपने कार्य को तय समय सीमा के साथ पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को भी अंडरग्राउण्ड केबलिंग की प्रगति की साप्ताहिक मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक जगह कार्य पूर्ण होने के बाद ही आगे के कार्य शुरू किए जाने की परमिशन दी जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं पिटकुल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ब्रिडकुल करेगा रोपवे के लिए रेगुलेटरी बॉडी का कार्यः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रोपवे प्रोजेक्ट के लिए नियामक प्राधिकरण के रूप में ब्रिडकुल को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। इसके रोल और रेस्पोंसिबिलिटी का ड्राफ्ट शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जागेश्वर धाम योजना में रोपवे प्रोजेक्ट को शामिल किए जाने भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने रोपवे बनाने के लिए प्राथमिकता तय करने हेतु उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में सचिव पर्यटन, सचिव आवास, सचिव लोक निर्माण विभाग एवं नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को उपसमिति में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह उपसमिति प्रदेश में बनाए जाने वाले रोपवे की प्राथमिकता तय करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर में बनने वाले रोपवे में किन स्थानों को शामिल किया जाना है, किनको नहीं, इसको लेकर शहर की आवश्यकता के अनुरूप पर्यटन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को तय करना होगा

मुख्य सचिव ने मसूरी रोपवे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल के पास सार्वजनिक सड़क मार्ग से सम्बन्धित मामले को अगले तीन दिन में निस्तारण कर निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब और केदारनाथ रोपवे की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा की केदारनाथ रोपवे के लिए लोजिस्टिक्स ड्राई रन करते हुए असुरक्षित स्थानों का चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कुंड ब्रिज और नई बाई पास को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। कहा कि जहाँ भी नए ब्रिज और बाई पास की आवश्यकता है उसका समय से सर्वे एवं निर्माण आदि का कार्य भी साथ साथ किया जाए।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे के लोअर टर्मिनल में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए भूमि चिन्हीकरण एवं भूमि हस्तांतरण आदि की प्रक्रिया को भी साथ -साथ शुरू किया जाए। उन्होंने हेमकुंड और केदारनाथ रोपवे निर्माण कार्य का पर्ट चार्ट तैयार कर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कार्यों को समय से पूर्ण कराने के लिए पर्टचार्ट का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का एग्रीमेंट साइन हो चुका है, एलओए जारी हो चुका है। बताया गया कि प्रोजेक्ट का लिडार सर्वे पूर्ण हो गया है, तकनीकी सर्वे गतिमान है। स्टेशन एवं टावर्स के लिए विस्तृत टोपोग्राफी सर्वे गतिमान है। हेमकुंट साहिब का एलओए जारी हो चुका है, भूमि सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई एवं मुख्य सचिव द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों एवं जनपदों के प्रवेश मार्गों पर ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए अतिरिक्त फंड्स उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों एवं चारों धामों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अतिरिक्त फण्ड का उचित उपयोग किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित जल को ग़ैर पेयजल कार्यों में उपयोग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, उनसे उपचारित जल को आसपास के क्षेत्रों में ग़ैर पेयजल कार्यों में 100 प्रतिशत उपयोग में लाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रदेश के भीतर सभी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स को शीघ्र तैयार कर संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को भी शीघ्र से शीघ्र शुरू क्या जाए, ताकि डोर टू डोर कूड़ा उठान कार्य की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान एवं डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में एलपीजी गैस वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक को लगातार गैस एजेंसियों और वितरकों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने के लिए आपूर्ति बढ़ाये आने पर भी जोर दिया। उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए कमर्शियल गैस आपूर्ति बढ़ाये जाने हेतु केंद्र सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नैनीताल एवं कुछ और मैदानी जनपदों को अंश निर्धारण में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अंश निर्धारण के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सभी जिलाधिकारियों को तेजी लाए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कुंभ – 2027 की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी आवश्यक जीओ शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की टीएसी एवं ईएफसी होनी हैं, शीघ्र करवा ली जाए। उन्होंने कह कि कार्यों में डुप्लीकेसी ना हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फेनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनोद कुमार सुमन एवं श्री आनन्द स्वरूप, मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, मंडलायुक्त कुमाऊं दीपक रावत सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

ऐसी नदियां जिसमें कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य होता है, चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान जनपदों से प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तावों को जनपद स्तरीय समिति की सिफारिश पर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग की एसओपी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तावों को सिंचाई विभाग की इस हेतु गठित समिति द्वारा टीएसी के उपरान्त राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नदियों में कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य कराना पड़ रहा है, उन्हें चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सितारगंज में बैगुल नदी के लिए अध्ययन करा लिया जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद नैनीताल के चार्टन लॉज को भू-स्खलन से सुरक्षा प्रदान (लागत रू0 699.98 लाख), जनपद पिथौरागढ़ में खोटिला लैंड और घटधार, धारचुला में हिल का ड्रेनेज का कार्य एवं विभिन्न स्थलों पर भू-स्खलन संबंधी कार्य (लागत रू0 3840.78 लाख), जनपद हरिद्वार के मनसा देवी हिल बाईपास रोड का डेªनेज और भूस्खलन सम्बन्धित कार्य (लागत रू0 4124.83 लाख), जनपद अल्मोडा के दुधौली बैण्ड से पंचायत घर मोटर मार्ग के कि0मी0 2.00 में एच0पी0बैण्ड पर मार्ग सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 34.75 लाख), जनपद उत्तरकाषी के धराली झुला पुल का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 147.13 लाख), जनपद उत्तरकाषी के नगर पालिका परिशद पुरोला में टैक्सी स्टैण्ड के ऊपर से हो रहे भूस्खलन को रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 128.37 लाख), जनपद उत्तरकाषी के हर्षिल मुखवा मोटर मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 472.00 लाख), विकास खण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दॉये एवं बॉये पार्श्व में ग्राम रूदपुर के आबादी क्षेत्रों की बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 146.67 लाख), विकासखण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दांये पार्ष्व में ग्राम बीसर्क्वाटर के आबादी क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा योजना (लागत रू0 148.48 लाख), तहसील जसपुर में फीका नदी की बाढ़ से ग्राम हजीरों की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य (लागत रू0 419.82 लाख), जनपद नैनीताल में कौशल्यापुरी क्षेत्र की जल भराव की समस्या का समाधान कार्य (लागत रू0 84.77 लाख), रामनगर, नैनीताल के कानियॉ नई बस्ती एवं हिम्मतपुर डोटियाल के आबादी क्षेत्र को बरसाती नाले से जल भराव सुरक्षा कार्य (लागत रू0 112.15 लाख), जनपद देहराूदन के विकासखण्ड रायपुर में डिफेंस कालोनी जोगीवाला एवं बद्रीपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 460.45 लाख), जनपद देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में दुल्हनी नदी के विभिन्न स्थानों पर यथा, निर्मल कालोनी, बनसरी पुरम, दिल्ली फार्म, लक्ष्मणसिद्ध मंदिर, नकरोंदा रोड (विवेक विहार, वायु विहार) में सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 412.70 लाख), जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र कैंट के अंतर्गत टोंस नदी के बांये तट पर स्थित स्वर्गाश्रम एवं गोषाला की सुरक्षा दीवार का निर्माण (लागत रू0 186.28 लाख) एवं जनपद देहरादून के विकासखण्ड सहसपुर के टौन्स नदी के बांये तट पर स्थित जलवायु टावर की क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण कार्य (लागत रू0 88.36 लाख) सहित अन्य विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की।

राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन हेतु उपलब्ध कराये गये प्रस्तावों के सापेक्ष कुल रु0 34.00 करोड की वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।