उत्तराखंड में बढ़ी प्रति व्यक्ति आय, वर्ष 2024 -25 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 2,73,921 रुपए

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के बारे में बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ रहा, जो वर्ष 2021-22 में 2.54 लाख करोड़ रुपए थी। 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में डेढ़ गुना से ज्यादा का उछाल आया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 194670 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 हो गई। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस वर्ष यह सर्वेक्षण नेशनल कांउसिल ऑफ एप्लाइड इकोनाॅमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत रहा है। मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स वर्ष 2021-22 में 9.7 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट वर्ष 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था, वर्ष 2024-25 में 64.4 प्रतिशत है तथा यह रोजगार के क्षेत्र में 4.3 प्रतिशत की बढोत्तरी को दर्शाता है। उन्होंने बताया ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स वर्ष 2001 में 0.247, वर्ष 2017 में 0.684, वर्ष 2021-22 में 0.718 जो अब बढ़कर वर्ष 2024-25 में 0.722 हो गया है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की कुल संख्या 59798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79394 हो गई है। उन्होंने एमएसएमई के अंतर्गत रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 343922 थी जो वर्ष 2025 में बढ़कर 456605 हो गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 तक लार्ज इंडस्ट्री की संख्या 107 थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई हैं। इसके साथ राज्य में वर्ष 2017 तक स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 थी तथा वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1750 हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई वर्ष 2021-22 में 50393 किमी थी, जो 2024-25 में बढ़कर 51278 किमी हो गई है। राज्य में 2022 तक 2 हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 7 हो गए। हेलीपेड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विद्यालयों में ड्राॅपआउट का अनुपात वर्ष 2021-22 में 1.64 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गया है, जबकि सेकेंडरी विद्यालयों में यह अनुपात वर्ष 2021-22 में 7.65 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 4.59 प्रतिशत हो गया है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य में शासकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 124 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 139 हो गई है। इसके साथ इजीनियरिंग कॉलेज गवर्नमेंट एवं प्राइवेट की संख्या वर्ष 2021-22 में 20 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52 हो गई है। उन्होंने बताया राज्य में 2021-22 में कुल 5157 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन होता था, जो 2024-25 में यह उत्पादन बढ़कर 16500 मिलियन यूनिट हो गया है। जबकि कंजम्पशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी (विद्युत खपत) में बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2022 में बिजली की खपत 12518 मिलियन यूनिट थी, जो 2024-25 में बढ़कर 17192 मिलियन यूनिट हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि सोलर इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन के क्षेत्र में राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। वर्ष 2021-22 में सौर ऊर्जा के माध्यम से 439 मेगावाट उत्पादन होता था, जो 2025 में बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है। उन्होंने बताया राज्य में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) वर्ष 2021-22 में 22 था, जो 2024-25 में घटकर 20 पर आ गया है। इसके साथ मातृ मृत्यु दर वर्ष 2021-22 में 103 थी, जो 2024-25 में घटकर 91 पर आ गया है। इसके साथ ही राज्य में लाइफ एक्सपेर्टेंसी की उम्र 71.7 साल से बढ़कर 73 साल हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी जो अब शतप्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धान और गेहूं उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। राइस एवं व्हीट प्रोडक्शन वर्ष 2021-22 में 28.23 कुंतल प्रति हेक्टेयर था जो अब बढ़कर 32.47 कुंतल प्रति हेक्टेयर पहुंच गया है। उन्होंने बताया वर्ष 2021-22 में औषधिया एंड एरोमैटिक प्लांट का एरिया कुल 900 हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर पहुंच गया है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 तक 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। वहीं फिश उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। फिश उत्पादन वर्ष 2021-22 में कुल 7325 टन प्रति साल होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 10487 टन प्रति साल हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में 8225 होटल/अदर स्टे थे जो 2024-25 में बढ़कर 10509 हो गए है। वहीं राज्य में 2021- 22 में 3935 होमस्टे थे, जिनकी संख्या 2024-25 में बढ़कर 6161 पहुंच गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि एसडीजी इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में राज्य ने चैथा स्थान प्राप्त किया था, वहीं वर्ष 2023-24 में उत्तराखण्ड एसडीजी इंडेक्स की रेंक में प्रथम स्थान पर रहा। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी 8.2 प्रतिशत अनुमानित है।

7 को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह, सीएम ने तमाम जानकारियां हासिल की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का *केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का 7 मार्च, 2026 को हरिद्वार बैरागी कैम्प में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का उत्तराखण्ड आगमन राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर हरिद्वार किरन जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी शिडकुल सौरव गैहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें। है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर हरिद्वार किरन जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी शिडकुल सौरव गैहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।

मुरझाए हुए चेहरों पर अब दिखने लगी खुशियां, आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर के बच्चों ने खेली होली

जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील एवं दूरदर्शी प्रयासों से सड़क पर भटकता और भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त बचपन अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर ऐसे बच्चों के जीवन में नई आशा की किरण बनकर उभरा है।
कभी मुरझाए हुए चेहरों पर अब त्योहारों की खुशियां दिखाई दे रही हैं। उनकी आंखों में भविष्य के सुनहरे सपने संजोए जा रहे हैं। आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में न केवल उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है, बल्कि उनके भविष्य की स्पष्ट दिशा भी तय की जा रही है।

जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल के तहत अब तक 174 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। रेस्क्यू अभियान के माध्यम से चिन्हित बच्चों को आधुनिक केयर सेंटर में लाकर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, नियमित शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक संबल प्रदान किया जा रहा है।
हारिश, कक्षा 6, साधुराम इंटर कॉलेज का छात्र है। वह शारीरिक रूप से अत्यंत सक्रिय है और सभी प्रकार की खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है।

वह मई माह 2025 में आईसीसी (ICC) से जुड़ा था। उससे पहले वह किसी भी विद्यालय में नामांकित नहीं था और उसे औपचारिक स्कूली शिक्षा का पूर्व अनुभव भी नहीं था।

आईसीसी से जुड़ने के बाद अगस्त 2025 माह में उसे कक्षा 6 में साधुराम इंटर कॉलेज में मुख्यधारा (Mainstream) में प्रवेश दिलाया गया।

विद्यालय में प्रवेश के पश्चात उसने नियमित उपस्थिति दर्ज कराई है तथा प्रत्येक खेल गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सक्रियता और प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया है।

जिलाधिकारी के निर्देशन में संबंधित विभागों की समन्वित कार्यवाही से इन बच्चों को औपचारिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इसके साथ ही सेंटर में संगीत, योग, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
त्योहारों में शामिल हो रहा है बचपन
हाल ही में सेंटर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक होली का पर्व मनाया। रंगों के साथ खिलखिलाती हंसी यह संदेश दे रही थी कि अब यह बचपन उपेक्षा का नहीं, बल्कि अवसरों का प्रतीक है। तीज-त्योहारों में सहभागिता से बच्चों में आत्मविश्वास एवं सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित हो रही है।

जिला प्रशासन द्वारा निरंतर रेस्क्यू अभियान चलाकर बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की पहचान की जा रही है। ऐसे बच्चे जो पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण इन गतिविधियों में संलिप्त थे, उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान कर शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहां कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शिक्षित जीवन का अधिकार है। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।

आज जो बच्चे कभी सड़कों पर थे, वही अब विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं, खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उनकी बदलती जिंदगी अन्य जरूरतमंद बच्चों और समाज के लिए प्रेरणा बन रही है।
जिला प्रशासन की यह पहल समाज के सहयोग से और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए स्वीकृत की 102 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर के अन्तर्गत उपजिला चिकित्सालय, बाजपुर में 06 नग चिकित्साधिकारियों हेतु आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों हेतु ₹ 4 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत Construction of Proposed Police Command Control Center Building at Haridwar Distt. Haridwar Uttarakhand के नवीन निर्माण कार्य हेतु ₹ 50.27 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के साथ कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के हर की पैड़ी से ललतारों सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 9 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही लोक निर्माण खण्ड, लो०नि०वि०, लक्सर के स्थान पर स्मार्ट सिटी पीआईयू, लो०नि०वि०, देहरादून से कार्य कराये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र खानपुर में असुरक्षित सेतुओं के तहत नारसन-हरजौली-जट मुडलाना-लंडौरा-जौरासी बु‌ढ्ढाहेडी-बजेडी-राजपुताना मोटर मार्ग के कि०मी० 23 में आर०सीसी० सेतु की क्षतिग्रस्त ऐप्रोच का सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 6.67 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.67 करोड़, लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण हेतु की गई मांग ₹ 32.50 करोड़ के सापेक्ष ₹ 25 करोड़ की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद से अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत की तहसील पूर्णागिरी में हुड्डी नदी की बाढ़ से ग्राम छानीगोठ की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.75 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.30 करोड़, जनपद चमोली के विकासखण्ड गैरसैंण में रामगंगा नदी तट पर हो रहे भू-कटाव एवं आवासीय भवनों के बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 6.83 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.74 करोड़, जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड भटवाडी के ग्राम हर्षिल में भागीरथी नदी के दांये तट पर आवासीय एवं अनावासीय भवनों का सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 10.24 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 4.10 करोड़, के साथ ही जनपद देहरादून के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों तटों पर दूधा देवी पुल के डाउनस्ट्रीम में बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु ₹ 4.30 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.72 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर पंचायत, ईमलीखेड़ा की लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु 13.90 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोबरियासार, रिखणीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल का नाम शहीद अनुज नेगी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

होली मिलन कार्यक्रम में सीएम आवास में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार

मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को होली के रंगों की बहार नजर आई।
प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों और होल्यारों ने अपनी अपनी धुनों से माहौल को उत्सवमय कर दिया। इस दौरान एक तरफ, हारूल नृत्य करते जौनसारी कलाकार थे तो दूसरी तरफ, अपनी ही धुन में मगन होली गीत गाते कुमांउनी होल्यारों की टीम। इन सबके बीच पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली ने भी अपना रंग जमाया। इस दौरान आम और खास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रंग लगाकर शुभकामनाएं प्रेषित की।
मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण सोमवार को होली के रंगों में सराबोर नजर आया। इस दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भी दर्शन हुए। पूर्वाह्न से ही प्रदेश भर के लोक कलाकारों, संस्कृति कर्मियों की टोलियां होली गायन करते हुए, सीएम आवास पहुंचती रही। एक तरफ गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक का होली गायन था, नृत्य था। इस दौरान होली के गीत गूंजे। पारंपरिक गायन हुआ। ढोल, मंजीरे बजे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली का आह्वान यदि कुमांउ से आए कलाकारों ने किया, तो राठ क्षेत्र के कलाकारों ने गाया-आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार।

इस दौरान जो भी यहां पहुंचा लोक के रंगों में खो गया। लोक संस्कृति का वह प्रभाव भी था, जो उत्तराखंड को सांस्कृतिक तौर पर विशिष्टता प्रदान करता है। लोक कलाकार इस बात से बेहद खुश दिखे कि उन्हें विशेष तौर पर बुलाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लोक कलाकारों के संग होली के रंगों में पूरी तरह से रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री खुद लोक कलाकारों के साथ थिरकने को मजबूर हो गए।

*लोक संस्कृति पर सीएम कर रहे अच्छा काम*
उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने इस मौके पर कहा कि लोक संस्कृति पर सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। राज्य सरकार लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, लोक कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर रही है।

खटीमा होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान, खटीमा में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर जनसमुदाय के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां सभी धर्मों, समुदायों और संगठनों के लोग प्रेम, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी खटीमा में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, सतीश भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने गृहमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 7 मार्च को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि भ्रमण के दौरान सुरक्षा, यातायात, जनसुविधाओं तथा समन्वय से संबंधित सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से संचालित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी है, ऐसे में कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, यातायात प्रबंधन के लिए प्रभावी योजना बनाने, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की तैयारियों की प्रगति से अवगत कराया तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए, ताकि केन्द्रीय गृह मंत्री का हरिद्वार भ्रमण सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

लोक भवन में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का हुआ भव्य समापन

लोक भवन देहरादून में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को समापन हो गया। वसंतोत्सव के इन तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों के प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। वसंतोत्सव-2026 में इस वर्ष की चल वैजंती (रनिंग ट्राफी) आईआईटी रुड़की को मिली।

  इस वर्ष आईआईटी रुड़़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर ओएनजीसी को दूसरा स्थान मिला। वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप श्रेणियों में 161 पुरस्कार वितरित किये गये। राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं, रंगोली तथा बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, फोटो प्रतियोगिता आदि श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

   वसंतोत्सव- 2026 में इस वर्ष पहली बार गवर्नर्स अवार्ड की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कृषकों की श्रेणी में बागेश्वर जनपद के दीपक गडिया को प्रथम, रुद्रप्रयाग जनपद के कपिल शर्मा को द्वितीय तथा पिथौरागढ़ जनपद के शुभम सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कृषकों की श्रेणी में चंपावत जनपद की राधा राणा को प्रथम, अल्मोड़ा जनपद की कविता मेहरा को द्वितीय तथा पौड़ी गढ़वाल जनपद की शांति जुयाल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे अग्रणी युवा कृषकों की श्रेणी में टिहरी जनपद के देवेंद्र सिंह चौहान को प्रथम, नैनीताल जनपद के पंकज मेहता को द्वितीय तथा हरिद्वार जनपद के उज्ज्वल सैनी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

   समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड के मधुर धुनों ने समापन समारोह को और आकर्षक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने जिसका पूरा आनंद लिया और पाइप बैंड की धुनों की सराहना की।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन तीन दिनों में लोक भवन में आई लगभग साढ़े तीन लाख जनता के चेहरे पर जो प्रसन्नता और संतोष दिखाई दिया, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव-2026 की मूल भावना यह रही कि फूलों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार हो। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर उद्यान विभाग द्वारा स्थापित स्टॉलों में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार पुष्प मानव जीवन में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आनंद का स्रोत बन सकते हैं।

   राज्यपाल ने नवाचार को विकसित भारत 2047 की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र बताते हुए कहा कि इस उत्सव में प्रत्येक स्टॉल और प्रस्तुति में नई सोच और रचनात्मकता दिखाई दी। उन्होंने ‘रिद्मिक योगा’, दिव्यांग बच्चों की योग प्रस्तुतियाँ एवं वुशु प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। उन्होंने कहा कि वसंत ऋतु प्रकृति के श्रृंगार के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का संदेश देती है। लोक भवन में सुसज्जित विविध पुष्पों की रंगत और सुगंध राज्य की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में सशक्त कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती की जा रही है, जो कम लागत में अधिक आय का सशक्त माध्यम बन रही है। राज्य सरकार द्वारा समग्र पुष्प नीति, मंडी शुल्क में छूट, विपणन सुविधा एवं मौनपालन अनुदान जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन एवं ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है। इन योजनाओं के अंतर्गत बागवानी को बढ़ावा देने हेतु 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
 
    कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उद्यान एस. एन. पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश जारी किए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेंशन प्रकरणों का निस्तारण पूर्ण तत्परता और समयबद्धता के साथ किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेंशन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक योग्य लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान संचालित किया जाए और वंचित एवं कमजोर वर्गों को योजनाओं से जोड़ने के लिए नवाचार आधारित प्रभावी कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यभर में आयोजित शिविरों का व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, जिसके परिणामस्वरूप पेंशनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशील और प्रतिबद्ध कार्यशैली का प्रमाण बताते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसे विशेष अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करकमलों द्वारा समाज कल्याण विभाग की माह फरवरी 2026 की पेंशन किश्त का वन-क्लिक के माध्यम से सफलतापूर्वक भुगतान किया गया। इस अवसर पर कुल 9,57,651 लाभार्थियों को ₹14,191.61 लाख अर्थात ₹141 करोड़ 91 लाख 61 हजार की धनराशि वितरित की गई। यह राशि मासिक पेंशन के साथ-साथ एरियर भुगतान को भी सम्मिलित करती है, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।

फरवरी माह में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 5,93,184 लाभार्थियों को प्रति माह ₹1500 की दर से ₹8897.76 लाख की धनराशि वितरित की गई, जबकि विधवा पेंशन योजना के तहत 2,31,593 लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह की दर से ₹3473.895 लाख का भुगतान किया गया। दिव्यांग पेंशन योजना में 87,477 लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह के अनुसार ₹1312.155 लाख की राशि हस्तांतरित की गई। किसान पेंशन योजना के अंतर्गत 27,638 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह की दर से ₹331.656 लाख वितरित किए गए। परित्यक्ता पेंशन योजना में 8,096 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह के अनुसार ₹97.24 लाख की राशि दी गई, जबकि भरण-पोषण अनुदान योजना के अंतर्गत 7,409 लाभार्थियों को ₹700 प्रतिमाह की दर से ₹51.86 लाख वितरित किए गए। तीलू रौतेली पेंशन योजना में 2,125 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह के अनुसार ₹25.5 लाख की राशि प्रदान की गई तथा बौना पेंशन योजना के तहत 129 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह की दर से ₹1.55 लाख की धनराशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की संवेदनशीलता, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति हैं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु निरंतर और प्रभावी आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी, अपर सचिव संदीप तिवारी, संजय सिंह टोलिया सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

न्यायालय के निर्णय से 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को मिला रोजगार का संबल

अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को उच्च न्यायालय से चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को राहत एवं संतोष मिला है। लंबे समय से उद्योग बंद होने के कारण प्रभावित परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था |

राज्य सरकार के सतत प्रयासों के फलस्वरूप उद्योग द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से सीटीओ (Consent to Operate) प्राप्त किया गया। इसके उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने उद्योग एवं उससे जुड़े श्रमिकों और परिवारों के व्यापक हित को दृष्टिगत रखते हुए पुनः संचालन की अनुमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन—तीनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर सकारात्मक पहल कर रही है।