सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर सीएम ने परिजनों से व्यक्त की संवेदनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।

आपदा प्रबंधन को लेकर डीएम सक्रिय, संवेदनशील इलाकों में आपदा न्यूनीकरण कार्यो को मिली मंजूरी

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सर्शत अनुमोदित किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य सुधारात्मक प्रकृति के होते हैं, जिन्हें जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग से संबंधित प्रस्तावों को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विभागों को निर्देशित किया गया कि जनहित से जुड़े सभी आपदा न्यूनीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभागों के पास अतिरिक्त प्रस्ताव या सुझाव हों तो उन्हें शीघ्र प्रस्तुत किया जाए तथा भविष्य में समिति की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएंगी।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने जानकारी दी कि पूर्व में आपदाग्रस्त एवं आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए गए थे, जिनमें नदी चैनलाइजेशन, रिवर ड्रेसिंग तथा आरक्षित वन क्षेत्रों में भूस्खलन उपचार से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में ही इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, ताकि विभागों को कार्य पूर्ण करने हेतु पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग के प्रस्ताव शेष हैं, तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे निरीक्षण के उपरांत उन्हें समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके।

बैठक में हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट निर्माण के लिए नदी चैनलाइजेशन, सहिया क्षेत्र के अंतर्गत कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड स्थान पर क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन में संरचनात्मक भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य तथा जनपद के विभिन्न नदी तटों के 28 संवेदनशील स्थलों पर मानसून के दौरान संभावित क्षति को देखते हुए चैनलाइजेशन कार्यों को अत्यंत आवश्यक मानते हुए सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-507 के किमी 13-14 पर यमुना नदी स्थित सेतु पर एबटमेंट स्कप्पर निर्माण, नदी प्रवाह चैनलाइजेशन, दोनों तटों पर कर्टेन वॉल एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य, किमी 24 बोसाना और किमी 26 व्यासी में भूस्खलन उपचार, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग तथा जाखन ब्रिज के अपस्ट्रीम में संचित मलबा हटाने जैसे कार्यों के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं समिति की सह-अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कौर, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर, क्षेत्राधिकारी विवेक कोटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

सीएम धामी से की बार एसोसिएशन देहरादून के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं एवं राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण, न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार एवं न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान नई आपराधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नई संहिताओं के लागू होने से न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिवक्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने में बार और बेंच के बीच समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्यायिक अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। न्यायालय परिसरों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, ई-कोर्ट प्रणाली को बढ़ावा तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु बार भवनों के निर्माण, पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं एवं बार संगठनों के सुझावों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा तथा न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

सामूहिक कन्या पूजन कर सीएम ने लिया माताओं का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर, देहरादून स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्र केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति एवं संस्कारों के माध्यम से शक्ति उपासना का महापर्व है। उन्होंने 1100 कन्याओं के पूजन को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नारी सम्मान को सुदृढ़ करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है। शास्त्रों में भी कन्याओं को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिया गया है। बेटियां अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन के इस पावन अवसर पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि, तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह हेतु 61 हजार रुपये तथा व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, पोषाहार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिवस केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कन्या पूजन हमारी परंपरा के साथ-साथ सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें, जिससे कन्या पूजन की भावना वास्तविक रूप से सार्थक हो सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, उपाध्यक्ष छावनी परिषद देहरादून विनोद पंवार, भाजपा नेता विनय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

देहरादून डीएम ने 136 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा को किया पुनर्जीवित

ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। नवंरात्र के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने नंदा-सुनंद देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर की देवियों की स्तुति। नंदा-सुनंदा देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा 2.03 लाख के चैक वितरित किए गए। जिला प्रशासन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से जनपद अंतर्गत अब तक 136 से अधिक असहाय जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सकंल्प है कि जनमानस के विकास, शिक्षा आदि के लिए संचालित योजना के क्रियान्वयन में जिले स्तर पर यदि कहीं कोई गैप रह जाते हैं तो उनको भरते हुए जरूरममंदो को योजना से लाभान्वित किया जाना है।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’ का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि नंदा-सुनंदा देवी रूपी बालिकाओं को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से ऐसी बालिकाओं को चिन्हित किया जा रहा है जिनके परिवार में किसी दुर्घटना/घटना से परिवार आर्थिक से शिक्षा बाधित हो गई है ऐसी होनहार बालिकाओं जिनमें शिक्षित होकर आगे बढने की ललक है उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाना है।

जिलाधिकारी ने चयन समिति एंव ग्रांउड स्तर पर कार्य कर ही टीम के कार्यों की सराहना भी की। यदि हम किसी बेटी को सशक्त करते हैं तो पूरा कुल सशक्त होता है।

बनियावाला निवासी आराध्या सिंह जिनके पिता की मृत्यु होने के उपरान्त कक्षा 4की शिक्षा बाधित हो गई थी। ग्राम सुद्धोवाला निवासी मान्यता ठाकुर जिनके पिता लापता हैं तथा 05 भाई-बहन है तथा बड़ी बेटी विकलांग है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है बेटी की 10वीं शिक्षा बाधित हो गई है। मोलाराम कालोनी सहस्त्रधारा निवासी माही चौहान जिनके पिता की मृत्यु 2021 में हो गई है परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एमडीडीए कालोनी डालनवाला निवासी नियति वासुदेव जिनके पिता नशे के आदी है नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती है परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है तथा कक्षा 06 की शिक्षा बाधित हो गई थी। नई बस्ती गुरूरोड पटेलनगर निवासी सोफिया अल्वी पिता की मृत्यु हो चुकी है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है।

झंडाबाजार निवासी अनुष्का शर्मा पिता की मृत्यु 2022 में हो गई चुकी माता कपड़े की दुकान काम करती है परिवार की आर्थिक स्थिति रूप से अत्यंत कमजोर होने से कक्षा 9 की शिक्षा बाधित हो गई है। ओगल भट्टा सुभाषनगर निवासी नंन्दनी व नंदिता जिनके पिता 01 वर्ष से अलग रह रहे है तथा माता घरों मे साफ-सफाई कर घर का खर्चा चलाती हैं, माता हार्ट पेंशेंट है तथा नंदनी की कक्षा 6 व नंदिता की कक्षा 4 की शिक्षा बाधित हो गई है। हरिपुर रायवाला निवासी हर्षिता की जिनके पिता की मृत्यु हो गई है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बीकॉम की शिक्षा बाधित हो गई है। हर्रावाला निवासी त्रिशा जिनकी माता की कैंसर से मृत्यु हो गई है माता के उपचार पर अत्यधिक खर्चा होने के उपरान्त आर्थिक स्थिति खराब हो गई है पिता फीस देने में असमर्थ है तथा कक्षा 5 की शिक्षा बाधित हो गई थी सभी बालिकाओं की शिक्षा को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित कर दिया है। पारिवारिक घटनाओं से आर्थिक संकट में फंसे परिवार की बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनदां से शिक्षा पुनर्जीवित सशक्त बनाने बेड़ा उठाया है अब तक 136 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाएं अपनी पढाई पर ध्यान दें प्रशासन आपकी आगे भी सहायता करता रहेगा। उन्होंने अपेक्षा की सफल होकर अपने जैसे अन्य जरूरतमंदो को आगे बढाएं। पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सराहनीय है बालिकाओं एवं उनके परिजनों को पुलिस की सहायता की आवश्यकता है तो पुलिस सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने पर राज्य सरकार का जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस योजना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।

एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी इंस्टालेशन प्रक्रिया प्रारम्भ

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” के अंतर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत कुल 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत रू0 3.67 करोड़ है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट टीवी की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है तथा इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तेजी से जारी है।
स्मार्ट टीवी के माध्यम से कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्îसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इस पहल से विद्यार्थियों को दिक्षा पोर्टल, पीएम ई-विद्या, शैक्षिक वीडियो एवं वर्चुअल कक्षाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।

परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार 43 इंच एवं 55 इंच के स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं। इस हेतु स्वीकृत धनराशि जिला खनन निधि से उपलब्ध कराई गई है। इससे पूर्व भी जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों को रू0 5 करोड़ के सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के तहत किया गया। निविदा प्रक्रिया में 12 फर्मों ने प्रतिभाग किया, जिनमें तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन के उपरांत पात्र न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन किया गया।

जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी जिला प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

डीएम के आदेशों की अहवेलना, गैस एजेंसी के सिलेंडर जब्त, मुकदमा दर्ज

एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। जिलाधिकारी जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण बैकलॉक की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है।

जिला प्रशासन के आदेशों की नाफरमानी पर शहीद हीरा गैस एजेंसी शिमला बाईपास रोड के सिलेंडर जिला प्रशासन ने जब्त कर लिए तथा गैस एजेंसी स्वामी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया है। जिलाधिकारी को शिकायत प्राप्त हुई कि हीरा गैस एजेंसी द्वारा जिला प्रशासन के होमडिलिविरी सम्बन्धी आदेश की अहवेलना करते हुए उपभोक्ताओं को ऐजेंसी से ही गैस सिलेंडर वितरित किये जा रहे हैं, जिससे भारी भीड़ लग गई है तथा कानून व्यवस्था पर विपरित असर पड़ने की संभावना है। जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल गैस एजेंसी पर कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार क्यूआरटी टीम सहित मौके पर पंहुचे।

हीरा गैस सर्विस, नया गांव पेलियो, देहरादून द्वारा होम डिलीवरी न करते हुये घरेलू गैस सिलेण्डर का वितरण गैस गोदाम में ट्रक के माध्यम से किया जा रहा था। तत्काल प जिलाधिकारी, विकासनगर, तहसीलदार विकासनगर एवं जिला पूर्ति कार्यालय के पूर्ति निरीक्षकों कि संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जांच की गई।

जिलाधिकारी द्वारा विगत दिवस सभी गैस एजेंसियों को गैस की होम डिलीवरी के निर्देश दिये गये है किन्तु गैस एजेन्सी द्वारा गोदाम से उपभोक्ताओं को गैस वितरित की जा रही थी, जिससे ऐजेंसी पर भारी भीड़ लग गई तथा कानून व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल संभावना बन रही थी। जिला प्रशासन ने सम्बन्धित गैस एजेन्सी के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (यथा संशोधित), आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना पटेलनगर में वाद दर्ज कराया गया तथा गैस सिलेण्डर आदि को जब्त कर लिया गया जिसे जिला पूर्ति अधिकारी एवं सम्बन्धित तेल कम्पनी की सुपुर्दगी में दे दिये गये हैं।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 111 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 18120 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 21 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 75 हजार के लगभग बैकलॉग है।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है।

एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर अब सीधे जेल, डीएम दून ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेट में जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के संबंध में आयल कंपनियों के पदाधिकारियों एवं गैस एजेंसी के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में घरेलू एवं व्यवसायिक गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कन्ट्रोलरूम में आयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों सहित प्रतिदिन 1 घंटा बैठकर वितरण/स्टॉक बैकलॉग की सूचना तथा एलपीजी गैस सम्बन्धी प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करेंगे।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एलपीजी गैस वितरण में प्रथम प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। साथ ही निर्देशित किया कि आनलाईन साफ्टवेयर पर बुकिंग में व्यवधान आने पर गैस एजेंसी अपना सम्पर्क नम्बर तथा एजेंसी में मैन्यूवल बुकिंग करना सुनिश्चित करेंगे। एजेंसी संचालकों द्वारा बताया गया कि एक बार बुकिंग होने पर अगली बुकिंग 25 दिन के उपरान्त ही होगी। इसपर जिलाधिकारी ने कम्पनिंयों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस के माध्यम से तथा एजेसियों पर सूचना हेतु जागरूकता फ्लैक्सी चस्पा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में प्राकृतिक गैस/एलपीजी सिलेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, सूचना अथवा शिकायत के त्वरित समाधान हेतु आपदा कन्ट्रोरूम में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। नागरिकों की सुविधा तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के उद्देश्य से यह कंट्रोल रूम सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यदि किसी नागरिक को प्राकृतिक गैस या एलपीजी सिलेंडर से संबंधित कोई समस्या, सूचना अथवा शिकायत दर्ज करानी हो तो वह कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 1077, 0135-2626066 एवं 0135-2726066 एवं वाट्सएप्प नम्बर 7534826066 पर संपर्क कर सकता है। प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अनावश्यक रूप से चिंतित न हों। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है तथा ईंधन का समझदारी से प्रयोग करें। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है। 72 के 72 गैस एजेंसियों के गोदाम अब जिला प्रशासन के रडार पर हैं।

जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारियों संग अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अवस्थित गैस एजेंसियों का रेंडमली स्टॉक, वितरण, बैकलॉग की जांच करेंगे। एजेसियों पर गैस वितरण में अनियमितता एवं अवैध संग्रहण एवं बाहरी लोगों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर सम्बन्धित गैस एजेंसियों को सील करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत होटल, व्यवसायिक संस्थानों के साथ बैठक कर लें। साथ ही निर्देशित किया कि घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग पाए जाने पर जब्तीकरण की कार्यवाही करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जाए।

उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों तथा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए। यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है तो संबंधित सिलेंडर तत्काल जब्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा बीएनएस के अंतर्गत निर्धारित प्राविधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में चिकित्सालयों तथा छात्रावासों को प्राथमिकता प्रदान की जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देश दिए गए कि जनपद की गैस एजेंसियों को मांग के अनुरूप समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में वर्तमान में कुल 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ताओं तथा 19,624 व्यवसायिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जाती है। जनपद में गैस की आपूर्ति एचपीसीएल को भगवानपुर, बीपीसीएल को लंढौरा तथा इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन को बादराबाद एवं लोनी गाजियाबाद से की जाती है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन, इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लि0, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड तथा गैस एजेंसी एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

असहाय सरिता को रायफल फंड से डीएम ने दी आर्थिक सहायता

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। आज आयोजित जनता दर्शन में कुल 170 शिकायतें प्राप्त हुईं।
जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में आने वाले व्यथित, असहाय, बुजुर्ग, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनता दर्शन में बंजारावाला निवासी कल्पना ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्री विदुषी, जो फाईलफोर्ट पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है, आर्थिक तंगी के कारण स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाई है, जिसके चलते विद्यालय प्रबंधन उसे परीक्षा में बैठने से रोक रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर छात्रा को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा योजना के अंतर्गत उसकी स्कूल फीस जमा कराने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जवाहर कॉलोनी, बल्लूपुर निवासी शमशाद ने बताया कि वर्ष 2023 में एक दुर्घटना में उनका पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था और उनका उपचार चल रहा है। आय का कोई साधन न होने के कारण उन्होंने आर्थिक सहायता की मांग की। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
तहसील चकराता के ग्राम कांडोई निवासी अनिल कुमार ने अवगत कराया कि वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई कालसी द्वारा लाखामण्डल से नाडा मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था, जिससे उनकी कृषि भूमि और नहर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि नहर निर्माण हेतु शेष रू0 5.04 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए समाधान प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों द्वारा 12 मार्च तक समस्या के निस्तारण का लिखित आश्वासन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
खुड़बुड़ा निवासी सरिता गोयल ने भी अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। उनका पुत्र दिव्यांग है, जिसका उपचार कराने में वे असमर्थ हैं तथा उनके पति भी बीमार हैं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सरिता के दिव्यांग पुत्र को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत रू0 4000 प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके और बच्चे का उपचार सुचारू रूप से हो सके।
जनता दर्शन में गढ़ीकैंट डाकरा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और हाल ही में उनका ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने शिकायत की कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण आए दिन घर में हुड़दंग करता है और उन्हें परेशान करता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरण में गुंडा एक्ट के अंतर्गत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार धर्मपुर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले में उनके भरण-पोषण के लिए वाद दर्ज किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजीव नगर निवासी व्यथित विधवा अरूणा ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनके पति की वर्ष 2008 में मृत्यु हो गई तथा मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करती है। उनका पेयजल का बिल रू0 34395 प्राप्त हुआ है जिसका भुगतान करने में असमर्थ है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को बिल सटलमेंट करने के निर्देश दिए तथा सटलमेंट धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन के रायफल फंड से करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।