एसआईआर को लेकर 18 जून तक सौ प्रतिशत फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदाडे ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनपद देहरादून के निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विधानसभावार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी आरओ एवं ईआरओ को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल दो बार पोर्टल पर लॉगिन कर एसआईआर कार्यों की समीक्षा करें तथा प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 18 जून 2026 तक शत-प्रतिशत फार्म वितरण का कार्य पूर्ण कर संबंधित विवरण पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। साथ ही जो फार्म पूर्ण रूप से भरकर प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष कार्ययोजना तैयार कर संबंधित आरओ एवं ईआरओ के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। कम प्रगति के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि हाउसिंग सोसायटियों, कार्यालय परिसरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष शिविर आयोजित कर अधिकाधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा मतदाताओं को फार्म भरने हेतु प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि फार्म वितरण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के साथ-साथ डिजिटाइजेशन कार्यों को भी प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संपादित किया जाए। जिन मतदान केंद्रों पर प्रगति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए बीएलओ एवं तकनीकी स्टाफ के साथ समन्वय स्थापित कर विलंब के कारणों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 13,76,813 मतदाता हैं। अब तक 3,27,236 ईएफएस फार्मों का वितरण किया जा चुका है तथा 16,748 फार्मों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हुआ है। शेष 10,49,577 ईएफएस फार्मों का वितरण 18 जून तक किया जाना है, जबकि 13,60,065 फार्मों का डिजिटाइजेशन किया जाना शेष है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा सिंह, उप जिलाधिकारी चकराता, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित संबंधित आरओ एवं ईआरओ उपस्थित रहे। जबकि आरओ मसूरी/संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।

धामी कैबिनेट बैठक में यह रहे फैसले, जानिए…

1. परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंत्रीमण्डल को अनुमोदन।

मंत्रीमण्डल द्वारा परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण को लेकर अनुमोदन प्रदान किया गया, जिसमें अब पुलिस विभाग के चालकों के अनुसार, प्रवर्तन चालकों का भी वर्दी का निर्धारण किया गया है।

2. कुम्भ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में होने वाले स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 01 करोड़ तक के कार्यों को मेलाधिकारी द्वारा तथा 05 करोड़ तक कार्यों को आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा स्वीकृत किए जाने हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। 05 करोड़ से अधिक के कार्यों में पूर्व की भांति शासन से स्वीकृति प्राप्त की जायेगी।

3. उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली (संशोधन) 2026 के अन्तर्गत सैनिकों से संबंधित बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में नामित होंगे। इसके अतिरिक्त विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क सेवा के अन्तर्गत ऐसेड अटैक विक्टिंग को भी शामिल करने का मंत्रिमंडल द्वारा दिया गया अनुमोदन।

4. औद्योगिक विकास विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए पूर्व में खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी की दर ₹7 प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल किए जाने का निर्णय मंत्रीमण्डल द्वारा लिया गया।

5. पूर्व में पारित आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत वैट की दरों का निर्धारण किया गया था। आबकारी नीति के अनुसार ही वाणिज्य कर विभाग द्वारा अपनी नियमावली में 6 प्रतिशत वैट की दरों के संशोधन हेतु प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया।

6. परिवहन विभाग द्वारा 250 बस क्रय करने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल द्वारा दी गई अनुमति।

7. परिवहन विभाग को पूर्व में शासन द्वारा 100 बस खरीदने की अनुमति दी गई थी। वर्तमान समय में जीएसटी के रेट 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते अब परिवहन विभाग को 100 की जगह 109 बस क्रय करने की अनुमति मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई।

8. वन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 के संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।

उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 में संशोधन करते हुए वन दरोगा के पद के लिए शैक्षिक अर्हता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक किए जाने तथा वन दरोगा की आयु सीमा को 21 वर्ष 35 वर्ष करने एवं वन आरक्षी हेतु आयु सीमा 18 वर्ष से अधिकतम 25 वर्ष किए जाने का मंत्रीमंण्डल द्वारा अनुमति दी गई। इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा पूर्व में पारित वर्दीधारी नियमावली के अनुबन्ध भी लागू रहेंगे।

9. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत अक्टूबर 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया गया था, इसमें अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता एवं संस्थानों की शैक्षिक उत्कृष्टता को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने एवं अन्य कार्यों की व्यवस्था इस अधिनियम में की गई थी। इस व्यवस्था में कक्षा 01 से कक्षा 12 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेने का प्रावधान किया गया था।

वर्तमान में राज्य में 452 मदरसे है, जिनमें लगभग 400 से अधिक मदरसो में कक्षा 01 से कक्षा 8 तक की ही पढ़ाई कराई जाती है। इन मदरसों के अनुरोध एवं उनकी सुविधा के लिए कक्षा 01 से 8 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति/शासन द्वारा निर्धारित सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाएगा। कक्षा 09 से 12 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी। इस व्यवस्था को लागू करने हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में अध्यादेश लाने का भी अनुमोदन मंत्रीमण्डल द्वारा प्रदान किया गया।

10. कार्मिक विभाग के अन्तर्गत विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए और भविष्य हेतु एक स्पष्ट एसओपी बना ली जाए, ताकि सभी विभागों और आयोगों को इसके संबंध स्पष्टता सुनिश्चित हो सके, जिस पर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया।

11. मा. सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली में रिट याचिका रजनीश कुमार पांडे व अन्य बनाम भारत सरकार में 28 अक्टूबर, 2021 को निर्णय पारित हुआ था। जिसके क्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2022 में माध्यमिक स्तर हेतु विशेष शिक्षा शिक्षकों की शैक्षिक अर्हताएं तय की गई थी, उसी के अनुसार विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर भर्ती हेतु उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली में शैक्षिक योग्यताएं रखी गई है, जिस पर मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन दिया गया।

12. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को कैबिनेट की मंजूरी।

उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई। पूर्व में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक के कुल 62 पद सृजित किए गए थे, परंतु उनकी सेवा नियमावली प्रख्यापित नहीं की गई थी, जिसके कारण अध्यापकों के प्रमोशन आदि प्रभावित हो रहे थे।

13. लोक निर्माण विभाग के अर्न्तगत 2023 में 2010 पदों पर जेई की भर्ती हुई थी, जिसमें दिव्यांग श्रेणी के 07 पदों पर भर्ती की जानी थी, परंतु उस समय उस कैटेगरी के लोग नहीं मिल पाने की वजह से सामान्य श्रेणी से उनकी भर्ती की गई। मा. उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार दिव्यांगजनों के पदों को 2023 से ही रिक्त रखना था। क्यांेकि यह पद रिक्त नहीं रखे जा सके, जिन्हें 2023 से ही सृजित करने के प्रस्ताव को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई।

14. पूर्व में 01 जनवरी, 2026 को मंत्रिमंडल का निर्णयनुसार पेंशन हेतु अर्हकारी सेवा और विधिमान्य अधिनियम के संबंध में 16 जनवरी, 2026 को वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन दिये जाने एवं उनकी सेवा की गणना के संबंध में शासनादेश निर्गत किये गये थे। इसके उपरांत कई कार्मिक द्वारा मा. उच्च न्यायालय में गए थे और मा. उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किये गये। मा. उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को मंत्रीमण्डल के संज्ञानार्थ प्रस्तुत किया गया।

15. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली, 2025 के अंतर्गत सूचीबद्ध ‘डी‘ श्रेणी के ठेकेदारों हेतु निविदा सीमा को 01 करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई।

16. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रम में पूर्व में सरकारी कॉलेज हेतु मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों है, जहां नियमित प्राचार्य है, ऐसे महाविद्यालयों में भी मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई।

17. वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित मौन पालन की नीति को मंत्रीमण्डल द्वारा दी स्वीकृति।

प्रदेश में लोगों की आर्थिकी में वृद्धि करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं मानव और हाथी संघर्ष को कम करने तथा वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना को देखते हुए उत्तराखंड वन सीमांत मौनपालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव हाथी संघर्ष न्यूनीकरण नीति को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई। राज्य का 70 प्रतिशत भूभाग वन अच्छादित है, जिससे वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना अत्याधिक है।

उमेश शर्मा काऊ ने बनाए रखा अपना दबदबा

देहरादून। रायपुर विधानसभा सीट पर भाजपा से उमेश शर्मा काऊ का दबदबा बरकरार है। रायपुर विधानसभा क्षेत्र देहरादून में आता है, यहाँ भारतीय जनता पार्टी से उमेश शर्मा काऊ ने 30052 वोटों से जीत हासिल किया है। उत्तराखंड में काऊ दूसरी बार सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले विधायक बने। वहीँ दूसरे नंबर पर कांग्रेस के हीरा सिंह विष्ट रहे। यहां उमेश के सामने कांग्रेस से हीरा सिंह बिष्ट, आप से नवीन पिरशाली, बसपा से सर्मिष्ठा प्रालियम और सपा से नरेन्द्र सिंह वर्मा भी मैदान में थे।

पत्रकारों से बात करते हुए विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि मुझे मिटाने वाले आज खुद ही मिट गए। जनता जानती है लंबे समय तक मेरा उत्पीड़न किया गया। अगर मेरी सीट पर भितरघात न होती तो जीत का मारजन 45 हजार से अधिक होता। विरोधी ताकतों ने पूरा प्रयास किया लेकिन उनके नापाक मंसूबे कामयाब नहीं हुए। आने वाले पांच सालों में अधूरे कामों को पूरा करेंगे। युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास करेंगे। हर वर्ग का विकास करेंगे।

आपको बता दें कि यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्‍तित्‍व में आई थी। इस सीट पर उमेश शर्मा काऊ का दबदबा है। अब तक हुए दोनों चुनाव उन्‍होंने जीते हैं। 2012 में कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे, तब भाजपा के दिग्‍गज नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हराया था। 2017 में पाला बदलकर भाजपा से चुनावी मैदान में कूदे और दोबारा जीत दर्ज की। 2017 विधानसभा चुनाव में उमेश शर्मा काऊ को रिकॉर्ड 59764 वोट मिले थे। उन्‍होंने कांग्रेस के प्रत्‍याशी प्रभु लाल बहुगुणा को 36771 वोट से हराया था। बहुगुणा को 22993 वोट ही मिल सके थे। वहीं 2012 में उमेश शर्मा काऊ को 29900 वोट मिले थे। भाजपा के त्रिवेंद्र सिंह रावत को मात्र 474 वोट से पीछे रह गए थे, उन्‍हें 29426 मत प्राप्‍त हुए थे।

होली में सप्लाई को आ रही 12 लाख की अवैध शराब पुलिस ने की जब्त

देहरादून के थाना सेलाकुई पुलिस ने होली पर्व के लिए अवैध रूप से सप्लाई होने जा रही 12 लाख रूपये की अवैध शराब को जब्त किया है। पुलिस ने एक आरोपी तस्कर को भी अरेस्ट किया है। पुलिस के अनुसार करीब 212 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई है।

थानाध्यक्ष सेलाकुई ऋतुराज सिंह ने बताया कि त्यौहारी सीजन के तहत अवैध शराब की तस्करी व बिक्री के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज भी चेकिंग अभियान चलाया गया। मुखबिर से सूचना के आधार पर एक वाहन पिकअप की चेकिंग की गई, तो उसमें अंग्रेजी शराब की अवैध 212 पेटी बरामद हुई। गाड़ी चालक से वाहन के कागजात मांगे जाने पर वैध कागजात प्राप्त नहीं हुए। पुलिस ने अवैध शराब सहित वाहन को जब्त किया है।

थानाध्यक्ष ने आरोपी की पहचान गोविन्द पुत्र जयपाल निवासी निरंजनपुर नई शब्जी मण्डी कोतवाली पटेलनगर जनपद देहरादून के रूप में कराई है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक विकेंद्र कुमार, कांस्टेबल चन्द्रपाल, कांस्टेबल योगेश सैनी शामिल रहे।

बौद्ध मठ में पहुंची बाल आयोग अध्यक्ष, पीड़ित बच्चों से पूछताछ पर प्रबंधन को लगाई फटकार

एक बौद्ध मठ में शिक्षा ले रहे नेपाली मूल के बच्चों को भोजन की शिकायत करना इतना महंगा पड़ गया। वहां के प्रबंधन ने इन बच्चों के साथ न सिर्फ अमानवीय व्यवहार किया बल्कि पांव के नाखून तक उखाड़ दिए। मामला देहरादून के थाना राजपुर क्षेत्र का है। 47 बच्चों के साथ हुई घटना के बाद से सात बच्चे लापता हो गए हैं। वहीं, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने मठ पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने मठ प्रबंधन को फटकार लगाई।

उधर, बच्चों के परिचितों ने नेपाल के मानवाधिकार आयोग से मदद की गुहार लगाई है।

यूपी नंबर की बस में भरे क्षमता से ज्यादा यात्री, पुलिस ने बस स्वामी व चालक पर दर्ज किया मुकदमा

थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि सप्त ऋषि बैरियर पर चेकिंग अभियान के दौरान बस संख्या यूपी15-ईटी-2139 को रोककर चेकिंग की गई तो बस के अंदर क्षमता से अधिक यात्री मिले। साथ ही ज्यादातर यात्रियों ने मास्क भी नहीं पहना था।

पुलिस ने चालक से पूछताछ की तो मालूम हुआ कि बस चालक इन यात्रियों को देहरादून से बिहार राज्य के जनपद अरहरिया छोड़ने के लिए जा रहा था। मौके पर सक्षम अधिकारी से जानकारी जुटाई गई तो 28 व्यक्तियों को ले जाने की अनुमति मिली, जबकि बस में 89 सवारी मिली। पुलिस ने वाहन का रजिस्ट्रेशन जांचा तो वह 42 सीटर मिला।

थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने वाहन चालक समीर पुत्र भूरे निवासी ग्राम बांद्रा थाना किठौर जिला मेरठ उत्तर प्रदेश और वाहन स्वामी शबनूर चौधरी पुत्र मोहम्मद असलम निवासी शास्त्री नगर मेरठ उत्तर प्रदेश के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बस को भी सीज किया है।

नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में मकान मालिक गिरफ्तार

रायवाला थाना क्षेत्र में एक मकान मालिक पर किराए में रह रही नाबालिग किशोरी के साथ छेड़छाड़ व दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी मकान मालिक पर मारपीट सहित पोक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया है।

बीते रोज एक व्यक्ति ने रायवाला थाने में आकर तहरीर दी। उन्होंनें बताया कि जगदीश रयाल उनका मकान मघलिक है। तहरीरकर्ता ने बताया कि मकान मालिक की ओर से उनकी 11 वर्षीय पुत्री के साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी पर संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष ने आरोपी की पहचान जगदीश रयाल पुत्र गोविंद रयाल निवासी हरिपुरकलां थाना रायवाला के रूप में कराई।

गैस खरीदने के लिए केन्द्र सरकार उज्ज्वला कनेक्शन धारकों के अकांउट में धनराशि भेजी

लॉकडाउन के कारण केंद्र सरकार ने उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को तीन महीने फ्री में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की है। जिला देहरादून में अभी तक 3330 लोगों के खाते में आईओसी कंपनी (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन) की ओर से सिलेंडर खरीदने के लिए धनराशि पहुंचा दी गई है।
अभी तक उज्ज्वला के तहत 2780 बुकिंग हो चुकी है, जिसमें से 2450 लोगों को गैस सिलेंडर मिल चुका है। केंद्र सरकार उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को तीन महीने अप्रैल, मई और जून फ्री में सिलेंडर उपलब्ध करा रही है। इसके तहत आईओसी कंपनी सिलेंडर धारकों के खाते में पहले धनराशि पहुंचा रही है।
देहरादून जिले में इसकी शुरुआत हो चुकी है। जिले में उज्ज्वला के तहत कुल 17980 कनेक्शन धारक हैं। इनमें से 14870 उपभोक्ताओं के खाते में धनराशि पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आईओसी के मुताबिक 3330 उपभोक्ताओं के खातों में पैसा डिलीवर हो चुका है। इनमें से अभी तक 2780 उपभोक्ताओं ने गैस की बुकिंग की है। जिसमें से 2450 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर मिल भी चुका है। अन्य लोगों को भी गैस की डिलीवरी की जा रही है।
वहीं, लॉकडाउन के दौरान पिछले 15 दिनों में जिला प्रशासन एक लाख 14 हजार से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचा चुका है। इस दौरान जहां करीब एक लाख लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया, वहीं करीब 14 हजार लोगों को अन्नपूर्णा किट वितरित की गई।
जिलाधिकारी डॉ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि 27 मार्च को जिला प्रशासन ने भोजन और राशन वितरण शुरू किया था। इसमें शहर की तमाम सामाजिक संस्थाएं, संगठन और दानदाता सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब पांच से 10 हजार लोगों को पका हुआ खाना दिया जा रहा है। वहीं करीब एक हजार लोगों को राशन की अन्नपूर्णा किट वितरित की जा रही है।