कोविड गाइडलाइन की सही जानकारी न होने पर खबर प्रसारित न करेंः राजेश कुमार

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा सोशल मीडिया में यह प्रचारित किया जा रहा है कि उत्तराखंड में पर्यटकों का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि ऐसी कोई गाइडलाइंस जारी नहीं की गई है। राज्य में आने वाले यात्रियों के लिए वर्तमान मे कोविड-19 जांच की कोई बाध्यता नहीं है हालांकि किसी भी प्रकार के लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य सेवा केंद्र में संपर्क किया जाना आवश्यक है। यदि किसी भी व्यक्ति को लक्षण होते हैं तो वह अपनी कोविड-19 जांच करवाएं।
पर्यटकों को किसी प्रकार के घबराने व डरने की जरूरत नहीं है। राज्य में स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पर्यटक बिना रोक टोक के राज्य में यात्रा कर सकते हैं।

’भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर मास्क जागरूकता को चलाया जा रहा है अभियान’

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रसाशन की टीमें आम जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही हैं। हम सभी को मास्क पहनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आम जनमानस को मास्क पहनने वह कोविड-19 एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन किए जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने तथा सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

’एयरपोर्ट व राज्य की सीमाओं पर अभी नहीं होगी सेम्पलिंग’

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा प्रदेश के एयरपोर्ट व सीमाओं पर अभी किसी भी प्रकार की सेम्पलिंग के आदेश नहीं दिए गए हैं। सभी पूर्व की भांति चलता रहेगा। यात्री किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।

’राज्य में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में’

राज्य में बूस्टर डोज को लेकर अभियान शुरू कर दिया गया है।
यदि किसी व्यक्ति को कोविड-19 की प्रिकॉशनरी डोज नहीं लगी है तो वह शीघ्र अति शीघ्र यह डोज प्राप्त करें। राज्य में कोविड को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हमारे पास दवाइयों से लेकर सभी संसाधन पूरे हैं। हम भारत सरकार की गाइडलाइंस को देखकर आगे बढ़ रहे हैं।

देहरादून में धौलास परियोजना के 240 लोगों को निकली आवास की लॉटरी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एमडीडीए की धौलास परियोजना के 240 आवासों की लॉटरी पूरी पारदर्शिता के साथ आज निकाली गई। इस मौके पर विभागीय मंत्री व मुख्य अतिथि डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने छोटी कन्याओं के हाथों लॉटरी निकलवाई।

शुक्रवार को नगर निगम सभागार में हुए कार्यक्रम में प्राधिकरण की धौलास परियोजना में कुल 240 आवास की लॉटरी निकाली गई। मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कुल 710 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपना पंजीकरण शहरी निदेशालय में कराया था तथा प्राधिकरण की इस योजना हेतु अपना पंजीकरण भी कराया है। बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ 240 लाभार्थियों को चयनित किया गया है। साथ ही 96 अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची हेतु भी चयनित किया जाएगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड में भी पीएम आवास योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि काशीपुर में 7776 आवास जबकि हरिद्वार में 2464 आवास आवंटित किए गए हैं।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का मानना है कि भारत आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, आज भारत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है, इस क्रम में भारत में निवास कर रहे प्रत्येक भारतीय के पास अपना आवास होना चाहिए। प्रत्येक भारतीय के सिर के ऊपर छत रहे।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ 25 जून 2015 को किया। जिसका लाभ देश की जनता को मिल रहा है। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने नववर्ष की शुभकामनाएं भी दी।

इस मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, विधायक खजान दास, विधायिका सविता कपूर, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव रजा अब्बास, वित्त नियंत्रक स्मृति खंडूरी, अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा आदि विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्णः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास देहरादून में उत्तराखण्ड स्वास्थ्य रोजगार सृजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सी.एच.ओ) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर 13 जिलों में 604 नए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी नवनियुक्त कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा आम जनमानस के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही वेलनेस सेन्टर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की अहम भूमिका रही। कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर्स इन सेंटरों के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दूर दराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने 10 लाख युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम उसी संकल्प का एक हिस्सा है। वर्तमान में उत्तराखंड में करीब 1790 हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर कार्य कर रहे हैं और अब राज्य को 604 नए सीएचओ मिल गये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। भारत को ’विकसित राष्ट्र“ बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए हर क्षेत्र में नए- नए कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों में जनता के कार्यों के प्रति अधिक तत्परता आई है। “स्टार्टअप इंडिया“ अभियान ने देश के युवाओं के सामर्थ्य को पूरी दुनिया के सामने स्थापित कर दिया है। आज 80,000 से ज्यादा स्टार्टअप भारत में स्थापित किए जा चुके है। देश में रोजगार के कई नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। गाड़ियों से लेकर मेट्रो कोच, ट्रेन के डिब्बे, डिफेंस के साजो- सामान, मोबाइल फोन आदि के निर्यात में तेजी आई है। सभी सेक्टरों में निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। आज का युवा स्वयं कार्य करने के साथ कार्य देने वाला भी बनना चाहता है। राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न कर रही है, “होम स्टे“ इस क्षेत्र एक बड़ा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष लगभग 19 लाख व्यक्ति हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में जांच हेतु आए और 07 लाख लोगों की मुफ्त जांचें की गई है। 5 लाख लोगों को टेली कंसल्टेशन सुविधा के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा “जन आरोग्य अभियान- एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर“ का भी संचालन किया गया, जिसकी भारत सरकार द्वारा भी प्रशंसा की गई। अभियान के अन्तर्गत कार्यरत सी०एच०ओ० द्वारा लगभग 3.50 लाख व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया, जिनकी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख व स्तन कैंसर, नेत्र जांच की गयी, साथ ही टी०बी० रोग से ग्रसित लोगों का उपचार भी किया गया। राज्य सरकार 2024 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि नव नियुक्त सी०एच०ओ० हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों में आम लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी सेवाओं का सफल निष्पादन करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। राज्य सरकार मार्च 2023 तक हेल्थ सेक्टर में 10 हजार लोगों को नौकरी देगी, जिसमें नर्सिंग स्टाफ के 2900 पदों, ए.एन.एम. के 850 पदों, मेडिकल कॉलेजों में 339 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों, एमबीबीएस के 376 पदों, एन.एच.एम. के अंतर्गत 1600 लोगों की भर्ती के साथ ही विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में रिक्त 2000 से अधिक तकनीशियनों के पदों पर भर्ती की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 1800 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं, जिनमें 1200 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात हैं जबकि आज 604 सीएचओ को नवीन तैनाती दी गई है। इसके साथ ही भारत सरकार के मानकों के अनुरूप राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की शत प्रतिशत तैनाती कर दी गई है। सभी सीएचओ वेलनेस सेंटरों में स्थानीय लोगों का चिकित्सा परीक्षण करेंगे साथ गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेंगे। उन्होंने नव नियुक्त सीएचओ को गांवों में जाकर स्वास्थ्य चौपाल लगाकर आम जनता का स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही वेलनेस सेंटर पर आने वाले लोगों को योग के प्रति जागरूक किये जाने की बात भी कही।

इस अवसर मेयर सुनील उनियाल गामा, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 हेम चन्द्र, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

प्राकृतिक खेती कलस्टर एप्रोच को बढ़ावा देकर सहकारिता को प्राकृतिक कृषि से जोड़ेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में सेब एवं कीवी के उत्पादन को मिशन मोड में लिया जाए। इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाए। इनके उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) की मजबूती पर विशेष ध्यान देने के साथ ही पैक्स को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पैक्स के लिए नोडल अधिकारी बनाये जाएं। प्राकृतिक खेती कलस्टर एप्रोच को बढ़ावा देते हुए सहकारिता को प्राकृतिक कृषि से जोड़ने के प्रयास किये जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मिलेट उत्पादन को बढ़ावा देकर अपने इन स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा। सहकारिता से जुड़े लोगों को समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था एवं संगोष्ठियों का आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की ध्वजवाहक योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले सकें। बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में विद्यार्थी क्रेडिट योजना एवं पैक्स के माध्यम से गठित स्वयं सहायता समूहों को लाभान्वित किये जाने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा जो योजना बनाई जा रही है, उसकी कार्यवाही शीघ्र की जाए। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने से महिला सशक्तीकरण एवं किसानों की आय बढ़ाने में यह योजना काफी कारगर साबित होगी। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। कृषि कार्यों के लिए 01 लाख एवं कृषियेत्तर कार्यों के लिए इस योजना के तहत 03 लाख रूपये तक ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम सौर स्वरोजगार योजना को बढ़ावा देने के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाए।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत राज्य के पशुपालकों को सायलेज वितरण किया जा रहा है। यह योजना काफी अच्छी चल रही है। केन्द्र सरकार से भी इस योजना में राज्य को पुरस्कृत किया जा रहा है। राज्य में 670 में से 660 पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा चुका है। इसमें उत्तराखण्ड और तेलंगाना अग्रणी राज्य हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 13 कॉपरेटिव विलेज बनाने पर भी कार्य किया जा रहा है।

सचिव सहकारिता बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 90230 लाभार्थियों को 624.84 करोड़ का ब्याज रहित ऋण दिया जा चुका है। अक्टूबर 2017 में योजना के शुभारंभ से अभी तक 07 लाख से अधिक लाभार्थियों एवं 4347 स्वयं सहायता समूहों को 4050.44 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। मोटर साइकिल टैक्सी योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 116 लाभार्थियों को 136.97 लाख का ऋण दिया गया। “राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना’ के अन्तर्गत ’सहकारी सामूहिक खेती’ के माध्यम से क्षेत्रवार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य के समस्त जिला सहकारी बैंकों की कुल 22 मोबाइल वैन द्वारा अपने समस्त खाताधारकों को सुलभ बैंकिंग सुविधा प्रदान करा रहे हैं। प्रदेश की महिलाओं को विशेष बैंकिंग सेवायें उपलब्ध कराने हेतु समस्त जनपदों के कुल 10 जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से महिला शाखा का सफल संचालन किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, रजिस्ट्रार सहकारिता आलोक कुमार पाण्डेय एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून शहर की यातायात समस्या के समाधान को लेकर मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में देहरादून शहर की यातायात समस्या के समाधान के लिए सभी सम्बन्धित विभागों के साथ विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून में ट्रेफिक कंजेशन को दूर करने के लिए सभी सम्बन्धित विभाग एक टीम बनाकर ट्रेफिक कंजेशन वाली सड़कों के लिए विशेष प्लान तैयार करें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए कि इस सम्बन्ध में टीम गठित कर यातायात की समस्या वाले स्थलों पर मौके पर जाकर क्षेत्रवार विशिष्ट योजना तैयार की जाए। जिला प्रशासन, एमडीडीए, नगर निगम, यातायात पुलिस और लोक निर्माण विभाग और उस सड़क का निर्माणकारी विभाग सभी से एक-एक सदस्य अवश्य शामिल हो ताकि मौके पर सम्बन्धित विभागों से जो भी सुझाव प्राप्त हों वे अमल में लाए जाने योग्य है या नहीं इसका भी मौके पर ही फैसला लिया जा सके।

मुख्य सचिव ने आरटीओ देहरादून द्वारा दिए सुझाव को भी धरातल पर उतारने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों से सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाने चाहिए, इसके लिए बजट की भी कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक वाहनों की सुगम उपलब्धता के साथ ही यातायात का एक ऐसा प्लान तैयार किया जाए कि आमजन को विश्वास हो कि उसे देहरादून में कहीं भी जाने के लिए 100, 200 मीटर से ज्यादा पैदल नहीं जाना पड़ेगा। लोगों को विश्वास हो कि उन्हें कहीं भी जाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा और लोग अपने व्यक्तिगत वाहनों को घर पर छोड़ कर सार्वजनिक अथवा प्राईवेट यातायात सुविधा के माध्यमों पर विश्वास कर सकेंगे। इससे शहर के यातायात पर पड़ने वाला दबाव निश्चित रूप से कम होगा। उन्होंने इसके लिए शहर के ट्रेफिक प्लान को मजबूत करते हुए उस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप वन-वे, डायवर्जन और पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करके ट्रेफिक सिस्टम विकसित किए जाने की भी जरूरत बतायी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र चौधरी एवं जिलाधिकारी देहरादून सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पत्रकार हैं योगेश भट्ट, मुख्य सूचना आयुक्त

उत्तराखण्ड सूचना आयोग के सभागार में मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा द्वारा प्रेस वार्ता की गयी। इस अवसर पर नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट तथा आयोग के सूचना आयुक्तगण विवेक शर्मा, विपिन चन्द्रा, अर्जुन सिंह उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा द्वारा योगेश भट्ट का परिचय देते हुए अवगत कराया गया कि वह उत्तराखण्ड राज्य के एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं तथा उनके द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी गयी है। बताया कि भट्ट एक बेबाक एवं निष्पक्ष पत्रकार के रूप में प्रसिद्ध रहे हैं तथा उनके द्वारा प्रेस क्लब, देहरादून का अध्यक्ष रहते हुये अपने कर्तव्यों का सत्यनिष्ठा के साथ निर्वहन किया गया है। मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा कहा गया कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि श्री भट्ट के द्वारा सूचना आयुक्त के रूप में सूचना का अधिकार अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप पूर्ण मनोयोग से कार्य करते हुये जनसामान्य की सूचना तक पहुंच को सुनिश्चित कराया जायेगा।

मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा द्वारा इस अवसर पर आयोग द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्राप्त अपीलों व शिकायतों के पंजीकरण एवं निस्तारण की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया गया कि माह जनवरी 2022 से माह नवम्बर 2022 तक की अवधि में आयोग द्वारा कुल 3960 सुनवायी की गयी, जिसमें से कुल 2631 वादों को निस्तारित किया गया।

इस अवधि में दोषी लोक सूचना अधिकारियों को दंडित करते हुए 43 प्रकरणों में लगभग 5 लाख रूपये की शास्ति/क्षतिपूर्ति भी आयोग द्वारा आरोपित की गयी।

माह नवम्बर, 2022 में आयोग द्वारा कुल 442 सुनवायी कर कुल 269 वादों को निस्तारित किया गया।

दिनांक 30.11.2022 को आयोग में कुल 2236 प्रकरण सुनवायी हेतु लम्बित हैं।

विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सूचना अनुरोध पत्रों के सापेक्ष 10-12 प्रतिशत प्रथम अपील की गयी है।

इसी प्रकार सूचना अनुरोध पत्रों के सापेक्ष आयोग में मात्र लगभग 4 प्रतिशत द्वितीय अपील ही प्राप्त हुयी हैं।

मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा लोक सूचना अधिकारियों के द्वारा 90 प्रतिशत सूचना आवेदन पत्रों के अपने स्तर पर निस्तारण किये जाने के लिए करे गये प्रयासों की सराहना की गयी।

मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारियों के कार्यों / प्रयासों की भी सराहना की गई जिनके द्वारा अपने स्तर पर प्राप्त 60 प्रतिशत अपीलों का निस्तारण किया गया।

तथापि मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा सभी लोक सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों कि वे सूचना आवेदन पत्रों / प्रथम अपीलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें जिससे कोविड काल के कारण लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो सके।

मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा कहा गया कि आवेदनकर्ता को समय से सूचना दिलाने से उनके विभाग एवं सरकार की छवि और अधिक उज्जवल होगी, साथ ही सूचना आवेदनकर्ताओं को संतुष्टि भी प्राप्त होगी।

मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम का अधिक से अधिक लाभ लेने का भी अनुरोध किया।

श्री भरत मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

श्री भरत मंदिर में ब्रह्मलीन महंत अशोक प्रपन्नाचार्य जी की पुण्य स्मृति मे नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। व्यास पीठ पर काशी विश्वनाथ की पावन धरती से आए पूज्य संत डा रामकमलदास वेदांती जी महाराज के ने कथा का श्रवण कराया।

उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के महत्व बताते हुए कहा कि कथा की सार्थकता जब ही सिध्द होती है, जब इसे हम अपने जीवन में व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल मनोरंजन कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी। भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शंाति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि स्मरण, भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है।

श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है।

भागवत पुराण हिन्दुओं के अट्ठारह पुराणों में से एक है। इसे श्रीमद् भागवत या केवल भागवतम् भी कहते हैं। इसका मुख्य विषय भक्ति योग है, जिसमें श्रीकृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। इस पुराण में रस भाव की भक्ति का निरूपण भी किया गया है। भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमद्भागवत मोक्ष दायिनी है। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और कलियुग में आज भी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। श्रीमदभागवत कथा सुनने से प्राणी को मुक्ति प्राप्त होती है

सत्संग व कथा के माध्यम से मनुष्य भगवान की शरण में पहुंचता है, वरना वह इस संसार में आकर मोहमाया के चक्कर में पड़ जाता है, इसीलिए मनुष्य को समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। बच्चों को संस्कारवान बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करें। भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला के दर्शन करने के लिए भगवान शिवजी को गोपी का रूप धारण करना पड़ा। आज हमारे यहां भागवत रूपी रास चलता है, परंतु मनुष्य दर्शन करने को नहीं आते। वास्तव में भगवान की कथा के दर्शन हर किसी को प्राप्त नहीं होते। कलियुग में भागवत साक्षात श्रीहरि का रूप है। पावन हृदय से श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी मात्र का कल्याण संभव है।

कथा के प्रथम दिवस पर श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य जी महाराज, श्री हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा जी, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारीजी महामंडलेश्वर स्वामी ललिता नंद जी महाराज, हरी चेतनानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर ईश्वर दास जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास जी महाराज, महामंडलेश्वर अरुण दास जी, सतपाल ब्रह्मचारी जी आदि संत महात्मा की उपस्थिति में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।

प्रदेश में शुरू हुई वाह्य सहायतित जायका परियोजना, 526 करोड़ रूपये की है योजना

प्रदेश के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग द्वारा वाह्य सहायतित जायका परियोजना का शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अथिति के तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ओर वित मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल की उपस्थिति में वाह्य सहायतित जायका परियोजना रू. 526 करोड़ की योजना का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा इस योजना के माध्यम से प्रदेश में वानिकी, औद्यानिकी को बढ़ावा मिलेगा यह योजना राज्य के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। वही मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया। मंत्री जोशी ने कहा प्रधानमंत्री के कुशल निर्देश/नेतृत्व में भारतवर्ष के साथ-साथ उत्तराखण्ड राज्य में भी औद्यानिकी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा आज मुख्यमंत्री के निर्देशन में उत्तराखण्ड राज्य में औद्यानिक का समग्र विकास करते हुए कास्तकारों की आय में गुणात्मक वृद्धि हेतु महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित करने व वाह्य सहायतित जायका परियोजना का शुभारम्भ करने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत देय राजसहायता की धनराशि में भी वृद्धि की जा रही है।
मंत्री जोशी ने कहा उत्तराखण्ड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियॉ एवं कृषि जलवायु विभिन्न कृषि एवं औद्यानिक फसलों के उत्पादन हेतु अत्यधिक अनुकूल हैं। राज्य के तराई/भावर क्षेत्रों में खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, वहीं राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में औद्यानिकी के विकास की अपार सम्भावनाए विद्यमान हैं। राज्य में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा पर्वतीय क्षेत्रों की जनता की आर्थिकी के दृष्टिगत कृषि व औद्यानिक फसलों की अहम भूमिका है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों की जनसंख्या के रोजगार के मुख्य साधन कृषि एवं औद्यानिकी पर आधारित है। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की क्षति तथा खाद्य व ऊर्जा संकट के कारण कृषि एवं औद्यानिकी के समग्र विकास में विभिन्न चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसको दृष्टिगत रखते हुए हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में कृषि एवं औद्यानिकी के विकास हेतु कृषि-औद्यानिकी दृष्टि पत्र तैयार किया गया है, जिसके क्रियान्वयन की जनपद स्तर पर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। वर्तमान में उत्तराखण्ड में औद्यानिकी के अन्तर्गत आच्छादित 2.97 लाख है0 क्षेत्रफल में 17.72 लाख मै0टन उत्पादन किया जा रहा है। सशक्त उत्तराखण्ड /25 के अन्तर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 तक औद्यानिकी के अन्तर्गत 3.45 लाख है0 क्षेत्रफल में 22.517 लाख मै0टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री जोशी ने कहा बागवानी के समग्र विकास हेतु जापान के सहयोग से बाह्य सहायतित परियोजना जायका योजनान्तर्गत रू0 251.71 करोड़ के प्रस्तावित परिव्यय में विशेष प्रयासों के फलस्वरूप दोगुना से अधिक वृद्वि करते हुए रू0 526.00 करोड़ स्वीकृत कराया गया है। प्रदेश की विविधतापूर्ण कृषि जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियॉ औद्यानिक फसलों के उत्पादन हेतु अत्यधिक अनुकूल है। विविध जलवायु के फलस्वरूप प्रदेश में समशीतोष्ण एवं शीतोष्ण फसलों का उत्पादन किया जाता है। इस हेतु जापान अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग एजेन्सी (जायका) के वित्तीय सहयोग से यह परियोजना प्रदेश के 04 जनपदों (टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल) में संचालित की जायेगी। इसके अन्तर्गत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन कर इनके प्रभावों को कम करने हेतु जलवायु के अनुरूप औद्यानिक फसलों एवं तकनीकों का समावेश करते हुए उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की जा सकेगी।
मंत्री ने कहा परियोजना में औद्यानिकी से सम्बन्धित महत्वपूर्ण घटकों को सम्मिलित करते हुए कास्तकारों को 80 प्रतिशत तक राजसहायता से लाभान्वित करने की व्यवस्था की गयी है। साथ ही परियोजना में कीवी को गेम चेजिंग फसल के रूप में सम्मिलित किया गया है, जिससे कास्तकारों की आय में दोगुना से अधिक वृद्वि सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारतवर्ष में कीवी के आयात को भी कम किया जा सकेगा। मंत्री जोशी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जायका परियोजना के क्रियान्वयन से एकीकृत बागवानी को बढ़ावा देकर कृषकों की आय वृद्धि एवं राज्य की आर्थिकी में विशेष योगदान मिलेगा, जो कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में भी सहायक होगा। इसके अलावा मंत्री जोशी ने कहा कि कोई भी योजना बनाई जाए उसके लिए किसानों की राय भी ली जाएगी। मंत्री जोशी ने कह कि शीघ्र ही जायका परियोजना सभी जनपदों में भी लागू की जायेगी। इस अवसर पर मंत्री जोशी ने जापान से पहुंचे जायका के प्रतिनिधियों को पहाड़ी टोपी ओर केदारनाथ मंदिर की मूर्ति का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, सीनियर रिप्रेजेंटेटिव जायका इंडिया जून वातानाबे, रिप्रेजेंटेटिव जायका मारिया कोटा, प्रिंसिपल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट जायका अनुराग सिंह, सचिव बी.वी. पुरुषोत्तम निदेशक उद्यान एचएस बवेजा आदि उपस्थित रहे।

शिक्षक युग दृष्टा ऋषियों के समान, जो समाज को बनाते हैं प्रबुद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड देहरादून स्थित पेस्टल वीड स्कूल में प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित International Conference of Principals & Teachers कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समाज के निर्माण में अहम भूमिका होती है। माता-पिता के बाद शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य को बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। शिक्षक युग दृष्टा ऋषियों के समान हैं, जो समाज को प्रबुद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिरीक्षण द्वारा स्वयं को जानने और समझने योग्य बनाना रहा है। विद्यार्थी के लिए आत्म साक्षात्कार अत्यंत आवश्यक है। तभी प्रतिभा का सदुपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि पीपीएसए द्वारा शिक्षार्थियों की प्रतिभा को उभारने के लिए सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। पी.पी.एस.ए. प्रौद्योगिकी, कौशल और स्कूली पाठ्यक्रम पर खुली और रचनात्मक चर्चा द्वारा विचारों के आदान-प्रदान हेतु एक आदर्श वातावरण प्रदान कर रहा है। पीपीएसए द्वारा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पब्लिक स्कूलों और सरकारी स्कूलों के मध्य सहयोग बढ़ाने में भी सरकार को समय समय पर अपना सहयोग प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। भारत दुनिया को हर क्षेत्र में अपने सामर्थ्य का परिचय दे रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत, विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित हो रहा है तथा दुनिया का मार्गदर्शन कर रहा है। उनकी दूरगामी सोच से देश को 34 वर्षों बाद नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास की दिशा में ध्यान दिया जा रहा है। पीपीएसए द्वारा शिक्षार्थियों के जीवन को उन्नति के प्रकाश से आलोकित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को नई शिक्षा नीति को सही प्रकार से लागू करने हेतु समय समय पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए जाते रहे हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का राज्य में सही तरीके से क्रियान्वयन हो इस उद्देश्य से दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विशेषज्ञों द्वारा प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों को नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। उत्तराखण्ड में बाल वाटिकाओं से राष्ट्रीय शिक्षा नीति का शुभारंभ किया गया। उच्च शिक्षा में भी राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शैक्षिक गतिविधियों के लिए प्रदेश के सभी अध्यापकों को डायट के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। अभी तक 27 हजार से अधिक अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया चुका है।

इस अवसर पर पीपीएसए के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, दून इंटरनेशनल स्कूल के चौयरमैन श्री डी.एस. मान, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) जयवीर सिंह नेगी, मेजर जनरल (से.नि) शम्मी सभरवाल, रीजनल ऑफिसर सीबीएसई डॉ. रणवीर सिंह, राकेश ओबेराय एवं विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं अध्यापक उपस्थित थे।

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सर्वे ऑफ इण्डिया, हाथीबड़कला में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रों हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा का शुभारंभ भी किया। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य करने, विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों एवं अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी छात्राओं को इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन भारत की अखण्डता और एकता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत विभिन्न संप्रदायों, भाषा-बोलियों और संस्कृतियों वाला देश है। अनेकता में एकता भारत की विशिष्ट पहचान है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी संप्रदायों का सम्मान करने की रही है। राष्ट्रीय एकता व अखण्डता के लिए धार्मिक-क्षेत्रीय विविधता के अनुरूप साम्प्रदायिक सद्भाव तथा भाई-चारे की भावना को प्रोत्साहन देने जैसे अनेकों कार्य हमारी प्राथमिकता रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास की भावना से देश आगे बढ़ रहा है। अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। दुनिया के पीड़ित समुदाय को अपने देश में शरण देकर ’’वसुधैव कुटुम्बकम’’ भाव का पालन करना भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होना, इसी परंपरा की सार्थकता का पर्याय है। इसी के साथ ही महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से हमारी मुस्लिम माताओं-बहनों के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए देश में तीन तलाक से संबंधित कानून को लागू करना एक ऐतिहासिक फैसला रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा भी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। देश में विभिन्न योजनाओं का समान रूप से लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा भी इस संबंध में कुछ विशेष कदम उठाए गए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु “मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की है। अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए 4 करोड़ रुपये की लागत से अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाइनेंस फाउन्डेशन योजना के अर्न्तगत उत्तराखण्ड राज्य के गरीब अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा हेतु ब्याज मुक्त ऋण दिये जाने का प्राविधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री हुनर योजना से भी राज्य में अल्पसंख्यकों को रोजगार दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार ने कलियर शरीफ में 50 बेड का हॉस्पिटल स्वीकृत किया है, उसकी धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही यह यूनानी मेडिकल कॉलेज कलियर शरीफ में बनेगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी गंभीरता से करना होगा। राज्य के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सभी समुदाय के लोगों को साथ लेकर यह भव्य आयोजन किया गया है। समाज के सभी वर्गों के विकास से ही किसी प्रदेश एवं देश का समग्र विकास संभव है। इस दिशा में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. के जैन ने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए आयोग द्वारा निरन्तर जन जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार की इन वर्गों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मज़हर नईम नवाब, सरदार इकबाल सिंह, उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ.गीता खन्ना, खतीब अहमद, डी.आई.जी पी रेणुका देवी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।