गणतंत्र दिवस पर राज्य को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प दोहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान निर्माण का एक पर्व है। आज के दिन हमारे देश में बाबा साहेब अम्बेडकर के दिशा निर्देशन में बनाए गए संविधान को लागू किया गया था। हमारा यह विशिष्ट संविधान हमारे राष्ट्र का निरंतर मार्गदर्शन करता आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे स्वाधीनता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का स्मरण भी कराता है। यह अवसर हमें देशभक्तों के सपनों को साकार करने और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध होने का संकल्प लेने की भी प्रेरणा देता है। संविधान के अंतर्गत ही हम सभी की जिम्मेदारी यह भी है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करते हुए वर्ष 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, केंद्र सरकार के सहयोग एवं प्रदेश की 1.25 करोड़ जनता के आशीर्वाद से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्राण प्रण से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारण और जन संतुष्टि के मूलमंत्र पर चलते हुए अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास, कल्याण और उन्नति हेतु संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति का अनुसरण कर प्रदेश में नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही कर रहे है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोच भी न सके। सख्त नकल विरोधी कानून में दोषी का उम्र कैद की सजा का प्राविधान तो होगा ही उसके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त किये जाने का भी व्यवस्था रहेगी।
भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ की इस विपदा में हम प्रभावितों के साथ खड़े हैं। हम प्रभावितों के हित में उनकी जो भी अपेक्षाएं हैं उन अपेक्षाओं के अनुरूप उनके पुनर्वास और सेटलमेंट के लिए काम कर रहे हैं, प्रधानमंत्री जी भी स्वयं और उनका कार्यालय भी लगातार इस बात की चिंता कर रहा है। प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जायेगी यह पूरे देश के लिए नजीर बने। उत्तराखण्ड एक आपदा संवेदनशील राज्य है। इसलिए हमारी जिम्मेदारियां भी अलग हैं। हम अपने सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता का सर्वेक्षण करवा रहे हैं। हम हमेशा इकॉलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन की बात करते हैं। उत्तराखण्ड पर्यावरणीय सेवा प्रदाता राज्य है। हिमालय, वन एवं वन्य जीव सम्पदा हमारी अमूल्य धरोहर है। इनका संरक्षण एवं संवर्धन हमारा ध्येय है। स्थानीय लोगों का विकास व रिवर्स पलायन भी हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है। इसका हमने चुनाव से पूर्व जनता से भी वादा किया था। इसके साथ ही राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान भी हमारे लिये सर्वोपरि है। महिलाओं के कल्याण के लिये राज्य सरकार द्वारा प्रभावी योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 2025 तक राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश अमृत महोत्सव मना रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का नव भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत तथा आत्मनिर्भर भारत के महा अभियान में सहयोग का आह्वान किया।

बाल युवा समागम को सीएम ने किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय से उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) द्वारा आयोजित ‘द्वितीय बाल-युवा समागम’ कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि के विकास के लिए यूसर्क द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यूसर्क द्वारा राज्य के छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक व तकनीकी क्षेत्रों में एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का मौका मिल रहा है। विद्यार्थियों को विज्ञान प्रदर्शनियों तथा स्किल डेवलपमेंट जैसे कार्यक्रमों से जोड़ कर उनके सर्वांगीण विकास को पूर्णता प्रदान करने के प्रयासों को भी मुख्यमंत्री ने सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से ये प्रयास, राज्य सरकार के ’’आत्मनिर्भर युवा- आत्मनिर्भर भारत’’ के संकल्प को पूर्ण करने में भी सहायक सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व भारत की युवा शक्ति के सामर्थ्य से लाभान्वित होना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को मिली राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने हमारे युवाओं के लिए विशेष अवसरों का सृजन किया है। नई शिक्षा नीति हमारे युवा वर्ग के विकास के लिए नए अवसरों का सृजन कर रही है। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति को प्रभावकारी ढंग से लागू करने का कार्य किया है। राज्य सरकार राज्य के विद्यार्थियों की अभिरुचि के अनुरूप हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए विस्तृत योजना पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर अपनी प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं तथा खेल, वैज्ञानिक अनुसंधान, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर ’’स्टेम लैब’’ का उद्घाटन भी किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे विद्यार्थियों को इस लैब के माध्यम से विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, यूसर्क निदेशक डा. अनिता रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी ललित मोहन चमोला, प्राचार्य डायट श्री देवेन्द्र सिंह भण्डारी, कार्यक्रम समन्वयक एवं संचालक डॉ. ओमप्रकाश नौटियाल उपस्थित थे।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने किया देहरादून स्थित शौर्य स्थल का उद्धाटन

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित शौर्य स्थल का उद्घाटन किया।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शौर्य स्थल का अवलोकन किया एवं शहीदों के परिजनों से मुलाकात भी की।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, जनरल अनिल चौहान सीडीएस, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय एवं मेजर जनरल संजीव खत्री ने भी उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी।

मंत्री की नाराजगी के बाद हरकत में आया वन विभाग

बीते मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जंगल के बाहर हाईवे में गंदगी फैले होने पर डीएफओ देहरादून से नाराजगी जताई थी और कड़े निर्देश दिये थे। अब मंत्री की नाराजगी का असर देखने को मिल रहा है, वनकर्मियों ने हाईवे के दोनों ओर न सिर्फ सफाई अभियान चलाया, बल्कि जागरूकता संबंधी स्लोगन बोर्ड भी लगाए।
शुक्रवार को मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल की नाराजगी का असर देखने को मिला। बड़कोट रेंज में वनकर्मियों ने बड़ी संख्या में हाईवे किनारे स्वच्छता अभियान चलाया। इस मौके पर कई किलो टन कूड़ा एकत्र किया गया। साथ ही प्लास्टिक कूड़ा न फेंकने, वैधानिक चेतावनी जैसे स्लोगन बोर्ड भी लगाए।
बता दें कि मंत्री डॉ अग्रवाल ने बीते मंगलवार को बड़कोट रेंज में स्थित हाइवे किनारे फेंके जा रहे कूड़े के सम्बंध में जानकारी जुटाई थी। इस पर डीएफओ द्वारा जानकारी न दिए जाने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार लगाई गई थी। मंत्री डा. अग्रवाल ने पूर्व में इस संबंध में दिए गए निर्देश का पालन न करने पर भी डीएफओ को फटकारा था।

गन्ने की हाई वैरायटी के उत्पादन पर दिया जाये जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में गन्ना विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि चीनी मिलों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास किये जाएं। गन्ना किसानों का भुगतान समय पर हो जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए। जो चीनी मिलें लगातार घाटे में चल रही हैं, इनके कारणों का विश्लेषण किया जाए। गन्ने की हाई वैरायटी के उत्पादन पर अधिक फोकस किया जाए। चीनी मिलें अपनी आय के संसाधन बढ़ाने एवं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चीनी मिलों के आधुनिकीकरण की दिशा में ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। प्राथमिकता के आधार पर बॉयलर एवं टरबाइन परिवर्तन के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव दिये जाएं। चीनी मिलों की आर्थिकी में सुधार लाने के लिए मोलासिस आधारित इथेनॉल प्लांट की दिशा में भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।
गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा चीनी मिलों के आधुनिकीकरण की ओर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। गन्ना विकास कार्ययोजना के तहत अधिक परते वाली गन्ने की प्रजाति पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान हो, इसके लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि 2022-23 हेतु पेराई सत्र नवम्बर 2022 से शुरू हो चुका है। मिलों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पेराई क्षमता, चीनी परता एवं चीनी उत्पादन में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 2021-22 के सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सभी मिलों का गन्ना भुगतान पूर्ण किया जा चुका है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव विजय कुमार यादव, एस.एन पाण्डेय, अपर सचिव उदयराज, अरूणेन्द्र चौहान एवं सबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मां के संसार से चले जाने से पुत्र को होने वाला दुख सबसे बड़ा घातः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता स्व. हीराबेन की दिवंगत आत्मा की शांति हेतु आर्य समाज द्वारा आयोजित सार्वजनिक श्रद्धांजलि एवं यज्ञ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्व. माताजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के संसार से चले जाने से पुत्र को होने वाला दुःख सबसे बड़ा दुख होता है। हर पुत्र की भांति प्रधानमंत्री का अपनी पूजनीय माता से गहरा लगाव था, जिसे कई अवसरों पर अनुभव भी किया। उनकी स्वर्गीय माता ने असंख्य कष्टों को सहते हुए भी हार न मानने का जो दृढ़ संकल्प लिया था, उसी का परिणाम रहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री जैसे महान व्यक्तित्व को जन्म देने वाली मां का इस संसार से चले जाना न केवल प्रधानमंत्री जी की व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि यह समस्त देशवासियों के लिए भी अत्यंत पीड़ादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में मां के विभिन्न रूपों का वर्णन करते हुए कहा गया है कि पुत्र को गर्भ में धारण करने के कारण माता धात्री है, जन्म देने के कारण माता जननी है, पालन-पोषण करने के कारण माता अम्बा है और सुयोग्य वीर को जन्म देने के कारण माता वीरसू है। प्रधानमंत्री की माता जी का सम्पूर्ण जीवन, मां के इन रूपों का साक्षात प्रतिबिम्ब रहा। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में देवभूमि की सम्पूर्ण जनता प्रधानमंत्री एवं उनके परिवार के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास मौजूद थे।

दर्शकों की कसौटियों पर खरी उतरी उत्तराखंड की पहली हिंदी फिल्म कलरव

इंटरनेशनल अवार्ड विनर हिंदी फीचर फिल्म कलरव के पहले शो का समाजसेवी डॉ राजे नेगी ने रिबन काटकर शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की बेटी अम्बिका आर्य ने फिल्म में अभिनेत्री की भूमिका निभाकर तीर्थ नगरी के लोगों को गौरवांवित किया है।

दर्शकों से खचाखच भरे हिंदी फिल्म कलरव के पहले शो का शुभारंभ करते हुवे अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष ड़ॉ राजे नेगी ने कहा कि कलरव फ़िल्म में भारतीय संस्कृति एवं सनातन का पर्व हरिद्वार महाकुंभ को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। साथ ही फ़िल्म में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन चुनोतियों एवं मुद्दों को बड़ी सादकी से दर्शाया गया है।इस अवसर पर फ़िल्म की पूरी कॉस्ट उपस्तिथ थी। फ़िल्म की अभिनेत्री अम्बिका आर्य ऋषिकेश से है इसलिए भारी संख्या में उनके समर्थन में फ़िल्म देखने दर्शक पहुंचे थे।

इस मौके के पर फ़िल्म के निर्माता राकेश धामी, निर्देशक जगदीश भारती, अभिनेता नितिन शर्मा, उत्तराखंड फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता राजेश मालगुडी, उत्तम सिंह असवाल, सिनेमा हाल के मालिक अशोक कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

युवक व महिला मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में एक हजार रूपये की बढ़ोतरी करेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 2023 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस पर 12 जनवरी को भारत सरकार की भांति राज्य एवं जनपद स्तर पर भी युवा दिवस मनाया जायेगा। युवक एवं महिला मंगल दलों को जिला योजना से दी जाने वाली प्रोत्साहन धनराशि 04 हजार रूपये से बढ़ाकर 05 हजार रूपये की जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर 2021-22 के उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर युवक मंगल दलों एवं महिला मंगल दलों को राज्य स्तरीय विवेकानन्द यूथ अवॉर्ड से सम्मानित किया। जिन तीन युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया गया। उनमें युवक मंगल दल मनकटिया, विकासखण्ड मूनाकोट, पिथौरागढ़ को प्रथम, युवक मंगल दल धुरा, नन्दानगर, विकासखण्ड घाट, चमोली को द्वितीय एवं युवक मंगल दल खेड़ाजट, विकासखण्ड नारसन, हरिद्वार को तृतीय पुरस्कार मिला। जिन महिला मंगल दलों को पुरस्कृत किया। उनमें महिला मंगल दल, नन्दानगर, विकासखण्ड घाट, चमोली को प्रथम, महिला मंगल दल किसमिला, विकासखण्ड कपकोट, बागेश्वर को द्वितीय एवं महिला मंगल दल बड़ोवाला, विकासखण्ड डोईवाला तथा महिला मंगल दल हसनपुर विकासखण्ड भगवानपुर को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार मिला। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले युवक एवं महिला मंगल दलों को क्रमशः 01 लाख, 50 हजार एवं 25 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा महोत्सव में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव हमारी संस्कृति एवं पंरपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव से चयनित होकर जो प्रतिभागी 12 जनवरी को धारवाड़, कर्नाटक में राष्ट्रीय स्तर के युवा महोत्सव में राज्य की समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अपनी कला एवं संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे, वे राज्य के ब्राण्ड एम्बेस्डर के रूप में हमारी सांस्कृतिक विरासत का परिचय करायेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की पहचान उसकी संस्कृति, भाषा, बोली एवं परिवेश से होती है। इनको बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि इस राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में भाग लेने के लिये ब्लॉक स्तर से भी युवा प्रतिभाओं को अवसर मिले हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को विशेष लाभ हुआ है। यह एक सराहनीय प्रयास है। इससे हमारे प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर गया है। भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आने वाले 25 साल देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम सभी को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन पूरे सामर्थ्य के साथ करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा तेजी से बढ़ी है। भारत दुनिया की पांचवी सबसे बढ़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। आज वैश्विक स्तर पर भारत से भेजे गये प्रस्तावों पर फैसला होता है। इसका ही परिणाम है कि इस वर्ष भारत को जी 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता मिली है। भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहा है। राज्य में भी लोगों को आत्मर्निर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे है। रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में लोक गीत, लोक नृत्य एवं हमारी सांस्कृतिक पंरपराओं से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। इसमें से बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कर्नाटक में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव की प्रेरणा स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन से मिलती है। वे सभी युवाओं के आदर्श थे। युवाओं को उनकी जीवन शैली से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जीवन के जो मंत्र दिये वो आज भी प्रासांगिक है। हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की युवाओं पर विशेष जिम्मेदारी होगी।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, बृज भूषण गैरोला, निदेशक प्रान्तीय रक्षक दल जितेन्द्र सोनकर आदि उपस्थित थे।
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नाबार्ड ने राज्य के लिए संभावित ऋण प्रतिशत में 6.22 प्रतिशत की वृद्धि की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सुभाष रोड, देहरादून स्थित एक होटल में नाबार्ड द्वारा आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2023-24 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने नाबार्ड द्वारा तैयार किये गये स्टेट फोकस पेपर 2023-24 का विमोचन किया। नाबार्ड द्वारा वर्ष 2023-24 हेतु उत्तराखण्ड राज्य के लिए प्राथमिकता क्षेत्र में 30301 करोड़ रूपये की ऋण संभाव्यता का आंकलन किया गया है। जो विगत वर्ष की तुलना में 6.22 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाबार्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में कृषि, बागवानी तथा लघु और मध्यम क्षेत्र के उद्योगों के विकास हेतु इस वर्ष करीब तीस हजार करोड़ रूपये से अधिक की ऋण योजना तैयार की है। जो पिछले साल की तुलना में 6.22 प्रतिशत अधिक है। यह हमारे किसानों, बागवानी तथा छोटे-छोटे उद्योगों में लगे लोगों की आजीविका बढ़ाने में कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस ऋण व्यवस्था की सही प्रकार से निगरानी एवं पारदर्शिता की आवश्यकता होगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को ऋण लेने में कोई परेशानी न हो। आम जन योजनाओं का पूरा लाभ ले सकें। ऋण को सही, जरूरतमंद और योग्य लोगों तक सरलता से पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका बैंकों की है। बैंकों को ध्यान देना होगा कि जरूरतमंद और योग्य लोगों को ऋण सम्बन्धित औपचारिकताओं के लिए अनावश्यक न भटकना पड़े। इसके लिए बैंकों को मिशन मोड पर काम करना होगा। नाबार्ड की इस ऋण योजना के आवंटन के लिए प्रत्येक बैंक ब्रांच को एक निश्चित टारगेट के साथ काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में निवेश और लोन के द्वारा ही विकास और उन्नति संभव है। यह हमारे रिवर्स पलायन मिशन के लिए भी आवश्यक है। सरकार ग्रामीण इलाकों में आधारभूत सुविधाओं, सड़क, कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए नाबार्ड का भी लगातार सहयोग मिलता रहता है। पिछले वर्ष ही नाबार्ड ने उत्तराखण्ड को दस हजार करोड़ रूपये की 4515 परियोजनाओं की मंजूरी दी। इसके लिए उन्होंने नाबार्ड का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के इंफ्रास्टक्चर को मजबूत और आधुनिकतम बनाने पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि राज्य के शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी निवेश बढ़े। उन्होंने कहा कि रूद्रप्रयाग, बागेश्वर और टिहरी ऋण की कमी वाले तीन जिलों में ऋण आवंटन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंको के अलावा राज्य सरकार आम लोगों के लिए भी सब्सिडी, क्रेडिट लिंक्ड योजनाओं और ब्याज अनुदान जैसे योजनाओं को लागू कर रही है। जिसके अंतर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों की भौगोलिक परिस्थितियां अलग-अलग है। भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी योजनाओं का सही क्रियान्वयन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी प्रस्ताव रखे जाते हैं, उन पर गम्भीरता से फैसले भी लिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष जी 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। यह देश के लिए ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर है। जी 20 की 02 महत्वपूर्ण बैठकें उत्तराखण्ड में भी प्रस्तावित हैं। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया है। इससे हमारे मोटे अनाजों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। भारत सरकार द्वारा मण्डुवा को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने की स्वीकृति प्रदान करने पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया।
नाबार्ड द्वारा आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार में जानकारी दी गई कि नाबार्ड ने महिलाओं को सशक्त बनाने तथा उनके लिए सतत आजीविका सृजित करने के 91 लघु उद्यमिता विकास कार्यक्रम व 23 आजीविका उद्यमिता विकास कार्यक्रम के माध्यम से 5280 स्वयं सहायता समूह/जेएलजी को प्रशिक्षित कर उन्हें अपना व्यवसाय करने के लिए प्रेरित किया। नाबार्ड राज्य में एफपीओ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है अभी तक कुल 132 एफपीओ (31 सेंट्रल सेक्टर स्कीम सहित) बनाए गये हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, नाबार्ड के प्रभारी अधिकारी डॉ. सुमन कुमार, क्षेत्रीय निदेशक आरबीआई लता विश्वनाथ, जनरल मैनेजर सुनील कौशिक, डीजीएम निर्मल कुमार, एसएलबीसी के संयोजक नरेन्द्र रावत, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, बीवीआरसी पुरूषोत्तम, दिलीप जावलकर एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने पर दिया जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश में भावी संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को पर्यटन प्रदेश में आर्थिकी और रोजगार का महत्त्वपूर्ण साधन है। चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के पर्यटक स्थल इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सप्ताहांत में पूरे सालभर अधिकतम पर्यटक दिल्ली एनसीआर से आते हैं, और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद जब दिल्ली-एनसीआर के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, उसके लिए हमें अभी से तैयारियां शुरू करनी होंगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए हमें पर्यटकों को नए पर्यटक स्थल और नए साहसिक खेलों को शामिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में अभी पर्यटन के क्षेत्र में क्या-क्या नया हो रहा है, और उन में से उत्तराखण्ड में क्या-क्या किया जा सकता है, इसकी एक लिस्ट तैयार की जाए। प्रदेश में पर्यटन की दृष्टि से यहां की भौगोलिक एवं प्राकृतिक स्थिति के अनुसार पर्यटन गतिविधियों की 02 कैटेगरी तैयार किए जाने के निर्देश दिए, जिसमें कैटेगरी ‘ए‘ में ऐसी गतिविधियों को रखने के निर्देश दिए जिन्हें तुरन्त शुरू किया जा सकता है एवं कैटेगरी ‘बी‘ में ऐसे गतिविधियां रखी जाएं जिन्हें शुरू किए जाने के लिए पहले कई प्रकार के कार्य किए जाने हैं। प्रदेश में हाई-एंड टूरिस्म को बढ़ावा देने के लिए सम्भावनाएं तलाशी जाएं। फाईव स्टार होटल और रिजॉर्ट्स के क्षेत्र में प्राईवेट क्षेत्र को आकृषित किए जाने के लिए कार्य किया जाए। प्रदेश के शुद्ध वातावरण में ऐस्ट्रॉ विलेज की भी काफी सम्भावनाएं हैं। प्रदेश भर में इसके लिए 5, 10 जगहें चिन्हित कर इसे शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स में प्रदेश में अत्यधिक सम्भावनाएं हैं। दिल्ली एनसीआर से अधिकतर पर्यटक राफ्टिंग एवं क्याकिंग आदि साहसिक खेलों के कारण वर्षभर उत्तराखण्ड आते हैं। टिहरी झील में वाटर बाईकिंग, पैरासेलिंग, आदि को तुरन्त शामिल किया जा सकता है। बंजी जम्पिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, वाईल्ड लाईफ सफारी, पैरा ग्लाईडिंग आदि जैसी तुरन्त शुरू की जा सकने वाली गतिविधियों को तुरन्त शुरू कर लिया जाए। इसके लिए प्राईवेट क्षेत्र से आने वाले लोगों को इंटरेस्ट सबवेंशन देकर बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खूबसूरती को दिखाने के लिए हैलीकॉप्टर, हॉट एयर बलून आदि से प्रदेश के विभिन्न खूबसूरत पर्यटन स्थलों की एरियल व्यू की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए ऋषिकेश हरिद्वार जैसी जगह पर लंडन आई ( स्वदकवद म्लम ) जैसी संरचनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को बड़े शहरों में 5 से 10 जगहों पर स्केटिंग रिंग, आईस हॉकी, लाईट एंड साउंड शॉ आदि के लिए व्यवस्थाएं किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन गतिविधियों के शुरू होने के लिए प्रशिक्षित लोगों की भी आवश्यकता होगी। इसके लिए पर्यटन विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी संचालित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को प्रदेश में होने वाली समस्त पर्यटन गतिविधियों की जानकारी एक जगह मिल सके इसके लिए पोर्टल को लगातार अपडेट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने के लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। यदि पॉलिसी में कुछ परिवर्तन करने की आवश्यकता होगी, वह भी किया जाएगा, ताकि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिले और यहां के युवाओं को रोजगार मिले।
इस अवसर पर सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।