सीएम ने पौड़ी जिले को दी करोड़ो रुपये की सौगात, की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी के रामलीला मैदान में आयोजित “विकास के साक्षी” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवीन जिलाधिकारी कार्यालय का उद्घाटन समेत 100 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के लगे स्टॉल का भ्रमण किया। इस दौरान महालक्ष्मी किट का वितरण किया और विभिन्न स्वयं सहायता समूह से जुड़े सीएलएफ को 5-5 लाख के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार त्वरित गति से समाधान के फॉर्मूले पर काम कर रही है। बीते चार महीनों में प्रदेश सरकार ने 500 से ज्यादा घोषणाएं की है और अधिकतर के शासनादेश जारी हो गए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में नई खेल नीति को लागू किया है जिसके जरिये प्रदेश के युवा और होनहार खिलाड़ियों को सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की गई है, इसके साथ ही विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं उपनल कर्मचारी, आशा, आंगनवाड़ी वर्कर का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड को लेकर लंबे समय से मांग चल रही थी जिसका निस्तारण कर दिया गया है।
कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना में दी जाने वाली सब्सिडी को भी बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 2025 तक उत्तराखंड को शीर्ष तक पहुंचाया जाए जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के सैनिकों का मान बढ़ा है। सैनिकों की सुविधाओं का विकास किया गया है और वन रैंक वन पेंशन योजना का लाभ भी सैनिकों को दिया गया है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक मुकेश कोहली, विधायक दलीप रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष यशपाल बेनाम समेत बड़ी तादात में स्थानीय जनता मौजूद रही।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा
रामलीला मैदान में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के कालागढ़ क्षेत्र के लिए एक एंबुलेंस देने तथा श्रीनगर में पानी के मीटर लगाने वाले लोगों को जल जीवन मिशन के तहत 20 हजार लीटर पानी फ्री में देने, कोटद्वार में डायलिसिस सेंटर का नाम सरोजिनी देवी के नाम पर रखने की घोषणा की। उन्होंने पौड़ी नगर को हेली सेवा से जोड़ने के लिए काम करने की बात कही।

शिलान्यास एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के मुख्यालय में नवीन कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत लागत 691.81 लाख का विधिवत लोकार्पण किया। वहीं रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में राजकीय चिकित्सालय पौड़ी में 12 चिकित्सा अधिकारियों हेतु ट्रोजिट हॉस्टल के भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत धनराशि रूपये 328.59 लाख, कोला-पातल ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजना स्वीकृत धनराशि रूपये 2908.55 लाख तथा विकास भवन परिसर में जिला योजना के अंतर्गत रूपये 87.92 लाख की लागत से अर्थ एवं संख्या विभाग हेतु अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत रूपये 740 लाख की लागत से विकास खण्ड कोट में वडडा-चमना (अनुसूचित जाति ग्राम) बुरासी मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं पक्कीकरण कार्य तथा रूपये 1161.32 लाख की लागत से मरचुला-सराईखेत-बैजरो-पोखरा-सतपुली-बाँघाट-घंडियाल-कांसखेत-पौड़ी मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य एवं रूपये 650 लाख की लागत से पौड़ी-देवप्रयाग-गजा-जाजल मोटर मार्ग के अंतर्गत सड़क सुरक्षा कार्य तथा रूपये 342.15 लाख लागत की राज्य योजना के अंतर्गत विकासखंड कोट में कार्यालय भवन के नव निर्माण कार्य एवं राज्य योजना के अंतर्गत रूपये 2229.47 लाख की लागत से महावीर चक्र विजेता शहीद राइफलमैन जसवंत सिंह रांसी स्टेडियम के विस्तारीकरण के कार्य तथा रूपये 1736.28 लाख की लागत से एनआरडीडब्ल्यू व जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत सबदरखाल कादेखाल ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजना का शिलान्यास किया।

एचआईवी के प्रभाव से खुद को समय रहते बचाना जरुरी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एड्स से बचाव के लिए विशेष प्रयास करने एवं जागरूकता लाने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हमें एड्स जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा के लिए प्रेरित करता है। लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सशक्त बनाने की भी आवश्यकता है, ताकि वे एचआईवी के प्रभाव से खुद को समय रहते बचा सकें। इस बीमारी और इसके इलाज में परामर्श एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। एचआईवी के बारे में सटीक, पूर्ण और सुसंगत जानकारी प्रदान करने व इसके इलाज पर जोर देने के लिए लगातार प्रयास होने चाहिए। एड्स के प्रति प्रदेश के गांव-गांव और दूरस्थ इलाकों में भी जागरूकता अभियान लगातार चलते रहने चाहिए। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और हम सभी को मिलकर इसे निभाना होगा। राज्य सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम एक और गंभीर बीमारी कोविड का सामना कर रहे हैं। कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर एवं जागरूकता इसके नियंत्रण के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां होने के बावजूद भी राज्य में निर्धारित लक्ष्य से 02 माह पूर्व शत प्रतिशत कोविड की पहली डोज लग चुकी है। जल्द ही कोविड की दूसरी डोज का लक्ष्य भी पूर्ण किया जायेगा। कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये गये हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में राज्य में काफी प्रयास किये गये हैं। राज्य में निशुल्क जांच योजना के तहत 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत चलाई जा रही है। राज्य में इसके अलावा अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अनेक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एचआईवी-एड्स के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश में हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में लगभग 4800 लोग एचआईवी संक्रमित है, जिनको राज्य में स्थापित 7 एआरटी केन्द्रों में निःशुल्क उपचार एवं परामर्श की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि एड्स के प्रति जागरूकता के लिए आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित करनी होगी और युवाओं के माध्यम से जागरूता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2030 तक ‘‘शून्य नया संक्रमण, शून्य भेदभाव, शून्य कलंक’’ प्राप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में 1 लाख लोगों का मोतियाबिंद का निःशुल्क ऑपरेशन करेंगे एवं उनको चश्मे भी देंगे। डायलिसिस के रोगियों को हॉस्पिटल ले जाने एवं डायलिसिस होने के बाद घर तक ले जाने की व्यवस्था सरकार ने की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। डायबिटीज के मरीजों को अस्पतालों में इंसुलिन के इंजेक्शन फ्री में दिये जायेंगे।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, भाजपा नेता विनय गोयल, सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, परियोजना निदेशक सोनिका, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर परियोजना निदेशक डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सैन्यधाम के लिए शहीद चित्रेश बिष्ट के आंगन की पवित्र मिट्टी ली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नेहरू कॉलोनी, देहरादून में शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के आवास पर उनके चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैन्यधाम के लिए शहीद चित्रेश बिष्ट के आंगन की पवित्र मिट्टी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पिता एस.एस.बिष्ट एवं माता रेखा बिष्ट को शक्ति प्रदान करने की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट एवं उत्तराखंड के सभी शहीदों पर गर्व है, जिन्होंने देश की रक्षा, एकता एवं अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। सभी शहीद सैनिकों के आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्यधाम में लाई जा रही है। देश के लिए अपनी शहादत देने वाले वीर जवान हमेशा हमारे एवं आने वाली पीढ़ियों के स्मरण में रहेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की उत्तराखण्ड में पांचवे धाम के रूप में सैन्यधाम की जो कल्पना है, सबके सहयोग से यह सैन्यधाम भव्य बनाया जायेगा। सभी शहीदों का वहां पर स्मरण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद चित्रेश बिष्ट के माता-पिता ने कठिन दौर देखा है, राज्य सरकार हमेशा उनके साथ है।

गैरसैण नही देहरादून में 9 और 10 दिसम्बर को होगा शीतकालीन सत्र

उत्तराखंड में विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर अब असमंजस खत्म हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया है कि आगामी नौ व दस दिसंबर को सत्र देहरादून में ही आयोजित किया जाएगा। शीतकालीन सत्र को लेकर संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत एवं नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के साथ बातचीत करने के बाद ही यह फैसला लिया गया है।

अमृत महोत्सव को लेकर भी सदन में चर्चा की जाए
प्रेसवार्ता में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि मेरा प्रयास होगा इस सत्र के दौरान आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव के तहत भी एक दिन अतिरिक्त चर्चा के लिए रखा जाए। हालांकि यह सब कार्यमंत्रणा की बैठक में तय होगा, लेकिन मेरी इच्छा है कि अमृत महोत्सव को लेकर भी सदन में चर्चा हो।

पहले गैरसैंण में होना था सत्र
पिछले दिनों मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सत्र कराने का निर्णय लिया था, जिसे बाद में बदल दिया। उसी दिन इस बात के संकेत मिल गए थे कि सरकार गैरसैंण में सत्र कराने को लेकर दुविधा में है।

चुनाव से पहले माहौल भांप गये धामी!

उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चारधाम देवस्थानम बोर्ड पर त्रिवेंद्र सरकार का फैसला पलट दिया। धामी ने बड़ा फैसला लेते हुए देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का एलान किया। दो साल पहले त्रिवेंद्र सरकार के समय चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अस्तित्व में आया था। तीर्थ पुरोहितों, हकहकूकधारियों के विरोध और कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बोर्ड को मुद्दा बनाने से सरकार पर दबाव था। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2019 में श्राइन बोर्ड की तर्ज पर चारधाम देवस्थानम बोर्ड बनाने का फैसला लिया था। तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बावजूद सरकार ने सदन से विधेयक पारित कर अधिनियम बनाया। चारधामों के तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारी आंदोलन पर उतर आए, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार अपने फैसले पर अडिग रही।

चारधाम समेत 51 मंदिर थे शामिल
सरकार का तर्क था कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम समेत 51 मंदिर बोर्ड के अधीन आने से यात्री सुविधाओं के लिए अवस्थापना विकास होगा। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री बने तीरथ सिंह रावत ने भी जनभावनाओं के अनुरूप देवस्थानम बोर्ड निर्णय लेने की बात कही थी, लेकिन उनके कार्यकाल में देवस्थानम बोर्ड पर सरकार आगे नहीं बढ़ पाई। फिर नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थ पुरोहितों के विरोध को देखते हुए उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की घोषणा की।

पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया। इस समिति में चारधामों के तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया। अब समिति की अंतिम रिपोर्ट का परीक्षण कर मंत्रिमंडलीय उप समिति ने भी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।

देवस्थानम बोर्ड पर कब क्या हुआ
– 27 नवंबर 2019 को उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन विधेयक को मंजूरी।
– 5 दिसंबर 2019 में सदन से देवस्थानम प्रबंधन विधेयक पारित हुआ।
– 14 जनवरी 2020 को देवस्थानम विधेयक को राजभवन ने मंजूरी दी।
– 24 फरवरी 2020 को देवस्थानम बोर्ड में मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया।
– 24 फरवरी 2020 से देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों का धरना प्रदर्शन
– 21 जुलाई 2020 को हाईकोर्ट ने राज्य सभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से दायर जनहित याचिका को खारिज करने फैसला सुनाया।
– 15 अगस्त 2021 को सीएम ने देवस्थानम बोर्ड पर गठित उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी को बनाने की घोषणा की।
– 30 अक्तूबर 2021 को उच्च स्तरीय समिति में चारधामों से नौ सदस्य नामित किए।
– 25 अक्तूबर 2021 को उच्च स्तरीय समिति ने सरकार को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी
– 27 नवंबर 2021 को तीर्थ पुरोहितों ने बोर्ड भंग करने के विरोध में देहरादून में आक्रोश रैली निकाली।
– 28 नवंबर 2021 को उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री को अंतिम रिपोर्ट सौंपी।
– 29 अक्तूबर 2021 को मंत्रिमंडलीय उप समिति ने रिपोर्ट का परीक्षण कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी।

एनसीसी वो नर्सरी है, जहां भविष्य के वीर सैनिक तैयार होते हैं-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को 73वें एन.सी.सी. स्थापना दिवस के अवसर पर एन.सी.सी. निदेशालय घंघोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने 15 एन.सी.सी कैडेटों, 6 ऐ.एन.ओ, 4 पी आई स्टाफ (जे.सी.ओ,एन.सी.ओ) एवं तीन सिविल स्टाफ को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी एक संगठन से ज्यादा एक मिशन है, जिसका उद्देश्य है देश की युवाशक्ति में अनुशासन, दृढ़ निश्चय निर्धारण और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को मजबूत करना है। आज यह देख कर बेहद हर्ष की अनुभूति हो रही है कि एनसीसी अपने इन लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। एनसीसी देश के युवाओं को उनकी वास्तविक क्षमता का अनुभव करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान का एक शानदार अनुभव प्रदान करता है। एनसीसी का एक गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। सेनाओं से अलग भी, देश का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां एनसीसी के बहादुर कैडेट्स ने अपनी प्रतिभा का परचम न लहराया हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए एनसीसी कैडेट्स के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश के किसी भी हिस्से में यदि कभी कोई संकट आया, कोई आपदा आई या कभी सामान्य जनजागरण का ही कोई कार्य हो, एनसीसी के कैडेट्स हमेशा पूरे समर्पण भाव से मौके पर मौजूद रहे है। यह न केवल संगठन बल्कि हमारे लिए भी गर्व करने वाली बात है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री दोनों ही एनसीसी कैडेट्स रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री ने एनसीसी के पूर्व छात्र संघ का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री लगातार हमारी सेनाओं के सशक्तिकरण का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी वो नर्सरी है, जहां भविष्य के वीर सैनिक तैयार होते हैं। एनसीसी के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी सरकार की तरफ से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री का प्रयास है कि आने वाले समय में 1 लाख नए कैडेट तैयार किए जाएं, जिनमें से एक तिहाई युवतियां होंगी। सरकार की योजना सीमावर्ती इलाकों में एनसीसी के कार्यक्षेत्र को और अधिक बढ़ाने की भी है। एनसीसी राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देने वाले युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस देश के युवा में अनुशासन हो, दृढ़ इच्छाशक्ति हो, निष्ठा हो, लगन हो, उस देश का तेज गति से विकास कोई नहीं रोक सकता।
एन.सी.सी. के अपर महानिदेशक मेजर जनरल पीएस दहिया ने कहा कि उत्तराखण्ड वीर सैनिकों का प्रदेश है। उत्तराखण्ड के लोगों का सेना में शामिल होना न केवल रोजगार है, इससे भी बढ़कर एक परंपरा है। एनसीसी संगठन भी उनकी वीरता और समर्पण से प्रेरित होते हैं।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर एसएस डड्वाल, रवीन्द्र गुरूंग,एनएस ठाकुर, वीके तोमर, कर्नल रमन अरोड़ा, कर्नल जेबी क्षेत्री, लेफ्टिनेंट कर्नल राहुल चौहान, एल.बी.मल्ल, समीर सक्सेना, हरीश डबराल, श्री एनके उनियाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने से किसान गदगद, किया धामी का स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गन्ना मूल्य बढ़ाये जाने पर मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों के प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की अगेती प्रजाती का मूल्य 355 रुपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 345 रुपये प्रति कुन्तल किया गया है। जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितारगंज किसान सहकारी मिल का शुभारम्भ होने से हजारों किसान सीधे लाभान्वित होंगे। भविष्य में वहां एथेनॉल और बिजली का उत्पादन भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान परिवार से होने के नाते मैं किसानों के दर्द को भली भांति जानता हूं। किसान हमारे अन्नदाता हैं। किसानों के हित में जो सम्भव हो, वे निर्णय लिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन रहा है कि देश का किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो। किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान सम्मान निधि एवं अनेक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री के पद्चिन्हों पर चलकर राज्य में विकास के कार्य आगे बढ़ाये जा रहे हैं। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गन्ना मूल्य बढ़ाने का जो फैसला लिया है। यह प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए सराहनीय कार्य है। उन्होंने प्रदेश के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सीएस का फिर अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के आदेश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने प्रदेश में खनिज के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने हेतु अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक, महानिदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई और समस्त जिलाधिकारियों को जारी अपने आदेश में मुख्य सचिव ने खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की प्रभावी रोकथाम एवं पूर्ण रूप से अंकुश लगाए जाने हेतु पूर्व में जारी आदेश पर की गई कार्रवाई और क्रियान्वयन आख्या अविलंब उपलब्ध कराए जाने हेतु आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की प्रभावी रोकथाम एवं पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

नरेन्द्रनगर विधानसभा से पीएम की रैली में 3 हजार कार्यकर्ता जायेंगे

आगामी चार दिसंबर को देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर आयोजित रैली की तैयारियों को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नरेंद्रनगर विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य जनप्रतिनिधियों के संग बैठक की। इसमें उन्होंने बताया कि रैली को भव्य बनाने के लिए नरेंद्रनगर विस से करीब तीन हजार से अधिक भाजपा कार्यकर्ता रैली में शिरकत करेंगे।
मंगलवार को नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आगामी चार दिसंबर को देहरादून परेड ग्राउंड में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मेें रैली आयोजित की गई है। इसको लेकर कार्यकर्ताओं व क्षेत्र की जनता में जबरदस्त उत्साह है। रैली को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस दौरान बैठक में रैली हेतु आवागमन सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।
मौके पर नरेंद्रनगर विस प्रभारी रोशन लाल सेमवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, ऋषिकेश मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती, ब्लाक प्रमुख राजेंद्र भंडारी, हुकुम सिंह भंडारी, द्वारिका प्रसाद, भगवती प्रसाद, अनिल भट्ट, भगवती काला, गोपाल चौहान, राकेश कुमार, रेखा राणा, राजेश राणा, शैला खंडूड़ी, अरविंद उनियाल, ओमप्रकाश, धूमन थलवाल, मनोज बिष्ट, बीना जोशी, शशि कंडारी, हर्षपाल कोहली, नरेंद्र चौहान, बांकेलाल पांडे, राकेश भट्ट, त्रिलोक भंडारी, शंकर नौटियाल, जगवीर नेगी, सतीश चमोली आदि उपस्थित थे।

देवस्थानम बोर्ड भंग करने से तीर्थ पुरोहितों में खुशी की लहर

धामी सरकार के देवस्थानम बोर्ड भंग करने के साथ ही उत्तराखंड के समस्त मंदिरों के लिए अधिनियम को रद्द किए जाने की घोषणा से तीर्थ पुरोहितों में खुशी की लहर है। चारधाम हक हकूक धारी महापंचायत तीर्थ पुरोहित समिति ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।
मंगलवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे श्री केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती, सदस्य राजेश बागड़ी, किर्तेश्वर कपरूवाण का हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला और तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री ने फूलमाला से स्वागत किया। कांग्रेस नेता खरोला ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग करने की घोषणा दर्शाती है कि सरकार की नीतियां गलत दिशा में जा रही थी। वहीं, पुराने बदरीनाथ मार्ग पर जयराम आश्रम में भी देवस्थानम बोर्ड भंग करने की घोषणा पर श्री केदार समिति के पदाधिकारियों का आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने स्वागत किया। मौके पर पार्षद मनीष शर्मा, विनोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।