मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान

राज्य में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत स्वीप के अन्तर्गत वोटर कार्ड बनाने व मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा है।
अधिक से अधिक लोगों को मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि आगामी आने वाले विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक लोग अपने मत का प्रयोग करें। 1 नवम्बर से 30 नवम्बर तक राज्य के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या की उपस्थिति में 29 नवंबर, 2021 को लतिका रॉय फाउण्डेशन में दिव्यांगों के लिये कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सौजन्या द्वारा मतदान शपथ दिलवाकर किया गया, साथ ही स्वीप के विषय में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग की टीम द्वारा पीडब्ल्यूडी मोबाइल एप के माध्यम से वोटर कार्ड बनाने व वोटर कार्ड में किसी भी तरह के संशोधन करने के बारे में चर्चा की गई तथा दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित दिव्यांगों को निर्वाचन के विषय में बताया गया। विशेष तौर पर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1950 आदि की जानकारी दी गई। ईवीएम मशीन का प्रदर्शन कर वोट देने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में व्यवहारिक रूप से समझाया गया तथा मॉक पोल का भी आयोजन किया गया। उपस्थित दिव्यांगजनों से प्रश्न पूछकर जानकारी देते हुए सभी से वोट देने की अपील की गई। म्यूजिकल चेयर खेल के माध्यम से दिव्यांगजनों को मतदान के लाभ समझाये गये। शिविर में पीडब्ल्यूडी मोबाइल एप के द्वारा 27 मतदाता पंजीकरण किये गये।
इस कार्यक्रम में जितेन्द्र कुमार उप निर्वाचन अधिकारी, सुजाता, स्वीप कॉर्डिनेटर, अनुराग गुप्ता स्वीप कन्सल्टेंट, हिमांशु नेगी के साथ ही जो. चोपड़ा निदेशक लतिका रॉय फाउंडेशन, एडवोकेट रिजवान अली, सुमिता नन्दा व डॉ. शुभा नागेश द्वारा प्रतिभाग किया गया।

शांतिकुंज पहुंचे राष्ट्रपति, कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं शांतिकुंज पहुंचे। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद थे। राष्ट्रपति के देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलपति शरद पारधी, कुलसचिव बलदाउ देवांगन ने राष्ट्रपति का पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत अभिनन्दन किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित मृत्युंजय सभागार में राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं उच्च शिक्षा मंत्री के साथ देसंविवि के प्रमुख पदाधिकारियों एवं आचार्यों का सामूहिक छायाचित्र का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने राष्ट्रपति को शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष के गायत्री प्रतिमा स्मृति चिन्ह, गंगाजल, देसंविवि स्वावलंबन विभाग निर्मित जूट बैग एवं पंडित राम शर्मा आचार्य द्वारा प्रतिपादित सार्वभौम प्रज्ञा योग मार्गदर्शिका भेंट किया। तत्पश्चात् राष्ट्रपति ने देसंविवि के प्रांगण में स्मृति स्वरूप रुद्राक्ष के पौधे का भी रोपण किया। राष्ट्रपति ने प्रज्ञेश्वर महादेव मन्दिर में पूजा अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। यहां विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चारण कर विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई।
राष्ट्रपति ने भारत एवं बाल्टिक देशों के संबंधों की मधुरता एवं मजबूती बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित एशिया का प्रथम बाल्टिक सांस्कृतिक अध्ययन केन्द्र का अवलोकन करते हुए इसके माध्यम से किये जा रहे प्रयासों और अनुसंधानों की प्रशंसा की। देव संस्कृति विश्वविद्यालय भ्रमण के दौरान यहां के मूल्यपरक शिक्षण प्रणाली, वैज्ञानिक अध्यात्मवाद, योग-आयुर्वेद, अनुसंधान, स्वावलंबन एवं विभिन्न रचनात्मक व शैक्षणिक गतिविधियों का राष्ट्रपति ने अवलोकन करते हुए विवि द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रपति इसके बाद गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। शांतिकुंज में उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के पवित्र पावन कक्ष का दर्शन किया जहां आचार्य श्री ने विश्व मानवता के लिए साधना एवं साहित्य सृजन का महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किया था। युगऋषि द्वारा 1926 से प्रज्जवलित अखण्ड दीपक का दर्शन किए, जिसके समक्ष युगऋषि ने गायत्री महामंत्र के 24-24 लाख के 24 महापुरश्चरण 24 साल तक अनवरत सम्पन्न किये। यह अखण्ड दीपक गायत्री परिजनों के श्रद्धा का केन्द्र है।

सीएम ने कोरोना के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण के लिए बुलाई बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड के बढ़ते मामलों और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सम्भावित खतरे को देखते हुए समीक्षा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड सैम्पलिंग को बढ़ाने और कान्टैक्ट ट्रेसिंग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोविड के बढ़ते मामलों और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सम्भावित खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की।

हर घर दस्तक अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड वैक्सीन की पहली डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है, परंतु दूसरी डोज के लिए और अधिक तत्परता से काम किए जाने की आवश्यकता है। ‘हर घर दस्तक’ अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए। निश्चित समय में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित किया जाए।

लोगों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए प्रेरित किया जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन लोगों को भी वायरल के लक्षण हैं, उन सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य रूप से करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पेनिक की आवश्यकता नहीं है, परंतु पूरी सावधानी और पुख्ता तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। एक बार फिर से लोगों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाए। इसके लिए अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।

किसी तरह की लापरवाही न हो
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को टेस्टिंग टार्गेट को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के संबंध में भारत सरकार द्वारा जो एडवायजरी जारी की गई है, उसके प्रोटोकॉल का अक्षरक्षः पालन किया जाए।

भीड़भाड़ वाले स्थानों और राज्य की सीमाओं पर रेडम टेस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों आदि कोरोना योद्धाओं का आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाए। इसके लिए सामान्य लोगों में भी जिनमें वायरल के लक्षण दिखते हैं, उनका आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों और राज्य की सीमाओं पर रेंडम टेस्ट करवाएं जाएं। आरटीपीसीआर टेस्ट पॉजिटिव आने पर उन्हे जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाए।

कान्टैक्ट ट्रेसिंग सुनिश्चित की जाए
मुख्यमंत्री ने कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर बहुत बल देते हुए उन्होंने कोविड पॉजिटिव के सम्पर्क में आए सभी लोगों की आरटीपीसीआर टेस्टिंग सुनिश्चित करने और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिये। इसमें कोई कोताही न की जाए। कोविड की पहली और दूसरी लहर के दौरान विकसित किए गए कोविड से संबंधित हेल्थ इन्फा्रस्ट्रक्चर जैसे कि आईसीयू, आक्सीजन, वेंटिलेटर आदि की जांच करवा ली जाए। जिलों मे कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय किया जाए। आवश्यक होने पर कोविड प्रबंधन से जुड़ी मेनपावर की ट्रेनिंग करवा ली जाए। दोनों मंडलायुक्त और सभी जिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में कोविड की स्थिति और कोविड प्रबंधन की स्थिति को बारीकी से देख लें, एक सप्ताह बाद फिर से मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी।

सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज पाण्डेय ने राज्य में कोविड और टीकाकरण की वर्तमान स्थितिं और किसी सम्भावित स्थिति के लिए तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में कोरोना वायरस की जांच के लिए एक भी लैब नहीं थी, वर्तमान में 11 सरकारी और 26 प्राईवेट लैब हैं। वर्तमान में आईसोलेशन बैड 31 हजार से अधिक हैं जबकि आईसीयू की संख्या 1655 हो गई है। तीसरी लहर की सम्भावना को देखते हुए हैल्थ सिस्टम के अंतर्गत आईसीयू में 53 प्रतिशत वृद्धि की गई है। मार्च 2020 में 116 वैंटिलेटर थे जो कि अब बढ़कर 1016 हो गई है। आक्सीजन सिलेंडर 22420 हैं। आक्सीजन कन्सेंट्रेटर मार्च 2020 में 275 से बढ़कर से वर्तमान में 9838 हो गये हैं। इसी प्रकार पीएसए आक्सीजन जनरेशन प्लांट के मामले में 91 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उत्तराखण्ड में कोविड जांच दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रहा है। केविड के दौरान पर्याप्त चिकित्सकीय और पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की गई है।

उत्तराखण्ड केविड वैक्सीनेशन अभियान में अग्रणी राज्य है। शत प्रतिशत पहली डोज लगाई जा चुकी है। 65 प्रतिशत से अधिक दूसरी डोज दी जा चुकी है। इसमें तेजी लाई जाने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। वैक्सीनेशन के लिए 331 मोबाईल टीमें बनायी गई हैं। केविड की सम्भावित तीसरी लहर से संबंधित सभी तैयारियां की गई हैं। सभी पीएचसी, सीएचसी और प्रमुख हेल्थ व वैलनेस सेंटरों पर आक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर की व्यवस्था कर दी गई है। 2097 आक्सीजन बेड, 475 एन.आईसीयू, 465 पी.आईसीयू बच्चों के लिए क्रियाशील बना दिये गये हैं। सम्भावित तीसरी लहर पर सघन निगरानी और नियंत्रण संबंधी तैयारियों व व्यवस्थाओं के लिए स्टेट टास्क फोर्स गठित की गई है। दून मेडिकल कालेज की लैब में प्रत्येक कोविड पॉजिटिव की जी-नॉम सिक्वेंसिंग किये जाने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डा. एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव अमित नेगी, एस ए मुरूगेशन, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव सी रविशंकर, सूचना महानिदेशक डा. रणवीर सिंह चौहान, सहित शासन व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जबकि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों मंडलायुक्त, सभी जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोमवार को सितारगंज में लम्बे समय से बन्द पड़ी किसान सहकारी चीनी मिल्स लि के पेराई सत्र का विधिवत पटला पूजन व कनवेयर में गन्ना डालकर शुभारम्भ किया गया। साथ ही सरकडा के गन्ना किसान प्रकट सिंह व तरसेम सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होने गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 345 रू प्रति कुन्तल किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज सितारगंज के लिए ऐतिहासिक दिन है। सितारगंज किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र के शुभारम्भ से विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। भविष्य में इस चीनी मिल से बिजली व एथेनॉल का उत्पादन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार हमेशा किसानों को आधुनिक व सम्पन्न बनाये जाने हेतु कार्यरत है। हम हमेशा किसानो के साथ थे और भविष्य में भी किसानो के साथ खडे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड की विशेष चिंता रहती है, जल्द ही उत्तराखण्ड में दूसरा एम्स खुलने जा रहा है ताकि लोगो एम्स की तरह सारी चिकित्सा सुविधाएं मिल सके। उन्होने कहा केन्द्र सरकार के सहयोग से किच्छा से खटीमा रेल लाईन व टनकपुर से बागेश्वर रेल लाईन की मंजूरी मिल गई है साथ ही जमरानी बांध परियोजना भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होने बताया कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पहाडी और मैदानी किसानों के लिए अलग-अलग कृषि योजनाएं बनाई जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ग, हर क्षेत्र के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जायेगा इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। अभी तक 400 से अधिक फैसले लिए है, जिनका शासनादेश भी जारी हो चुका है। उन्होने बताया आशा, आंगनबाडी, उपनल, राज्य आंदोलनकारी, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, भोजन माताओं, पी.आर.डी. जवानों आदि की मांगो पर विचार कर इनका मानदेय बढाया गया। उन्होने कहा जिनकी मांगे छूट गई है, उनको भी शीघ्र पूरा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के अन्तर्गत ऐसे खिलाडी जिसमे योग्यता और क्षमता है, उनका सारा खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होने बताया महामारी में जो बच्चे अनाथ हो चुक है उन्हे वात्सल्य योजना के अन्तर्गत 3000 रू प्रतिमाह की राशि दी जा रही है तथा शिक्षा का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। नवजात बच्चों की माताओं को जरूरी सामान की महालक्ष्मी किट दी जा रही है। रोजगार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है तथा रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है ताकि बेरोजगारों को रोजगार के लिए भटकना न पडे। नई खनन नीति बनाने के लिए पब्लिक डोमेंन के माध्यम से लोगो के सुझाव मांगे गए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बंगाली समुदाय के नमो शुद्र के कारपस फंड तथा संत केसर सिंह छात्रवृति के कारपस फंड को 2 करोड से बढाकर 4 करोड किये जाने की भी घोषणा की।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने बताया कि लम्बे समय से बन्द पड़ी इस चीनी मिल को चलाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया था वो संकल्प आज पूरा हुआ। उन्होने कहा हमारी सरकार किसानों के साथ है। उन्होने बताया इस चीनी मिल के खुलने से सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के गन्ना किसानों को फायदा होगा। उन्होने बताया प्रदेश सरकार ने गन्ना का भुगतान समय से किया है और आगे भी समय से किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 317 प्रति कुण्टल था तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 327 प्रति कुण्टल था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार अब सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 345 प्रति कुण्टल तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 355 प्रति कुण्टल हो गया है, जो उत्तर प्रदेश की तुलना में 5/- रू० प्रति कुण्टल अधिक है। गत वर्षाे में क्रय केंद्रों से गन्ना खरीद पर 11 रुपये प्रति कुंटल का गन्ना भाड़ा किसानों को चुकाना पड़ता था जो आज की घोषणा के 9.50 रुपये मात्र प्रति कुंटल देना होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद करते हुए क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा ने किसानों को बधाई दी। उन्होने कहा सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के लिए आज बहुत शुभ दिन है। उन्होने कहा इस चीनी मिल को भविष्य में और आधुनिक बनाये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र के किसानो की भावनाओं का ख्याल रखा। उन्होने कहा जो भी कार्य सम्भव है वे कार्य किये जा रहे है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह, जीएम चीनी मिल आरके सेठ, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि उपथित रहे।

ऋषिकेश में राष्ट्रपति ने परिवार सहित गंगा आरती की

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द रविवार सायं को भारत की पहली महिला सविता कोविंद तथा अपनी पुत्री के साथ परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के पावन सान्निध्य में ऋषिकुमारों और आचार्यों ने तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा और शंख ध्वनि से सभी का दिव्य स्वागत किया।
स्वामी चिदानंद मुनि ने पवित्र रुद्राक्ष का पौधा और इलायची की माला से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत किया। आरती के पश्चात राष्ट्रपति और प्रथम महिला सविता कोविंद और उनकी बेटी ने गंगा में दीप प्रवाहित किये तत्पश्चात भारत के राष्ट्रगान के गायन के साथ गंगा आरती समारोह का समापन हुआ।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सायंकाल परमार्थ निकेतन की विश्व विख्यात मां गंगा जी की आरती में सहभाग कर वैश्विक परिवार को सम्बोधित किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि काफी वर्षों से उनकी काफी इच्छा थी कि वह गंगा आरती में शामिल हो सकें, फिर कोरोना महामारी के कारण भी कार्यक्रम टलता गया, आज उन्हें अपार खुशी है कि उनकी अधूरी इच्छा पूर्ण हुई है, यह हद्वय को स्पर्श करने वाला क्षण है। राष्ट्रपति ने कहा कि मां गंगा के बारे में जितना भी कहा जाए वह कम है, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मां गंगा भारत की अस्मिता है, गंगा मां के बिना भारत वर्ष अधूरा है व भारत के बिना मां गंगा अधुरी है। यह मिश्रण अथवा एक दूसरे के पूरक रूपी वरदान सृष्टि कर्ता ने केवल और केवल भारत मां को दिया है।
कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के साथ चर्चा करते हुये राष्ट्रपति ने स्वामी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा कार्याे पर विस्तृत चर्चा की।
स्वामी मुनि ने माननीय राष्ट्रपति का स्वागत करते हुये उनके जीवन की अविश्वसनीय जीवन यात्रा, राष्ट्र की सेवा के लिए उनकी प्रतिबद्धता और उनके अद्भुत नेतृत्व के साथ कुम्भ मेला प्रयागराज यात्रा की स्मृतियों को ताजा किया। यह यात्रा स्वयं से वयं की यात्रा है, अनेकता से एकता की यात्रा है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने बताया कि वर्ष 1953-54 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद और डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णन के अभिनन्दन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वर्ष 2019 प्रयागराज कुम्भ मेला में परमार्थ निकेतन शिविर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिनन्दन और सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
आज के दिव्य कार्यक्रम में मां गंगा, सभी जल निकायों और हमारी प्रकृति, पर्यावरण के संरक्षण और संवर्द्धन हेतु पूज्य स्वामी से प्रेरित होकर विश्व प्रसिद्ध ग्रैमी पुरस्कार नामांकित, भक्ति गायिका स्नातम कौर द्वारा लिखित और उनके साथ ही ग्रैमी पुरस्कार नामांकित देवा प्रेमल और मितेन, कृष्णा दास, सीसी व्हाइट और अन्य साथियों द्वारा गाया गया एक दिव्य गान ‘गंगा गान’ (गंगा एंथम) गंगा आरती के दौरान प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री/सांसद गढ़वाल तीरथ सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत आर्य, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव डॉ. साध्वी भगवती सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

पतंजलि के प्रथम दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति, छात्रों को दी उपाधि

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रथम दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, संकाय अध्यक्षा डॉ. साध्वी देवप्रिया उपस्थित थे।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि आधुनिक विज्ञान के साथ हमारी परंपरा की प्रासंगिक ज्ञान-राशि को जोड़ते हुए भारत को नॉलेज सुपर पावर बनाने का जो लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने निर्धारित किया है उस मार्ग पर पतंजलि विश्वविद्यालय अग्रसर है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं तथा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हरिद्वार की पावन धरती पर रहने का और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना बड़े सौभाग्य की बात है। पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव जी ने योग की लोकप्रियता को बढ़ाने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। भारत सरकार के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2015 में प्रतिवर्ष 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। ऐसे प्रयासों के परिणामस्वरूप सन 2016 में ‘योग’ को यूनेस्को द्वारा‘विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ की सूची में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति ने क्यूबा का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को विश्व के हर क्षेत्र और विचारधारा के लोगों ने अपनाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैं उनसे भारतीय ज्ञान-विज्ञान, विशेषकर आयुर्वेद तथा योग को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में विश्व-पटल पर गौरवशाली स्थान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि पतंजलि समूह के संस्थानों में भारतीयता पर आधारित उद्यमों और उद्यम पर आधारित भारतीयता का विकास हो रहा है।
राष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आलस्य और प्रमाद को त्याग कर आप सब योग-परंपरा में उल्लिखित ‘अन्नमय कोष’, ‘मनोमय कोश’ और‘प्राणमय कोश’ की शुचिता हेतु सचेत रहेंगे। और ‘विज्ञानमय कोश’ और ‘आनंदमय कोश’ तक की आंतरिक यात्रा पूरी करने की महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ेंगे। करुणा और सेवा के आदर्शों को आप अपने आचरण में ढाल कर समाज सेवा करते रहेंगे। करुणा और सेवा के अद्भुत उदाहरण हमारे देशवासियों ने कोरोना का सामना करने के दौरान प्रस्तुत किए हैं। आज हम गर्व के साथ यह कह सकते हैं कि हमारा देश विश्व के उन थोड़े से देशों में से है जिन्होंने न सिर्फ कोरोना के मरीजों की प्रभावी देखभाल की है अपितु इस बीमारी से बचाव हेतु वैक्सीन का भी उत्पादन किया है। हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। सृष्टि के साथ सामंजस्यपूर्ण जुड़ाव ही आयुर्वेद एवं योग-शास्त्र का लक्ष्य है। इस सामंजस्य के लिए यह भी आवश्यक है कि हम सभी प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली को अपनाएं तथा प्राकृतिक नियमों का उल्लंघन न करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब हम आज़ादी का अमृत महोत्सव बना रहे हैं, तब हमें अपने ऐसे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को और भी अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए जो हमारी संस्कृति को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय तथ्य है कि पतंजलि विश्वविद्यालय में छात्रों की अपेक्षा बेटियों की संख्या अधिक है। यह प्रसन्नता की बात है कि परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा का विस्तार करने में हमारी बेटियां अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी छात्राओं में से आधुनिक युग की गार्गी,मैत्रेयी, अपाला, रोमशा और लोपामुद्रा निकलेंगी जो भारतीय मनीषा और समाज की श्रेष्ठता को विश्व पटल पर स्थापित करेंगी।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने कहा कि आज हम सभी देवभूमि वासियों के लिये सौभाग्य और प्रसन्नता का क्षण है। महामहिम राष्ट्रपति जी की उपस्थिति से आज यह विद्या और ज्ञान का मन्दिर पंतजलि विश्वविद्यालय तथा हमारा पूरा उत्तराखण्ड परिवार गरिमामय हो गया है। देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती, यहां के सुन्दर पर्वत, नदियां और सभी लोग महामहिम राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग एवं आयुर्वेद को दुनियाभर में एक नई पहचान दी है। वे बधाई के पात्र है। स्वामी रामदेव जी ने आयुर्वेद व योग का महत्व पूरी दुनिया को बताया। वे योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से हेल्थ सेक्टर में क्रांति लाए हैं। भविष्य में विश्व के 7 बिलियन लोग इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने इसे जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया है। आज बच्चे, बुजुर्गाे सहित सभी लोगों में योग लोकप्रिय हो चुका है। प्राणायाम और योगासनों की शक्तियों को पूरा विश्व पहचान चुका है। राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद तथा योग ने भारत को कोविड काल की चुनौतियों के लिये भी तैयार किया। जहां पूरा विश्व कोविड के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा। योग एवं आयुर्वेद के कारण भारत ने इस चुनौती का सामना बेहतर ढंग से किया। राज्यपाल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज इस दीक्षांत समारोह में डिग्रीयां लेने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। आप अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव कल्याण के लिये करेंगे। आशा है कि हमारे यह स्वास्थ्य योद्धा आने वाली चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अर्थ शिक्षा की समाप्ति नही है। शिक्षा तो जीवनभर निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। आज पूरा विश्व असीमित संभावनाओं और अवसरो से युक्त है। युवा पीढ़ी से अपेक्षाएं है कि आउट ऑफ द बाक्स थिकिंग और अपनी नई कल्पनाओं के साथ प्रत्येक क्षेत्र में असीमित परिणाम देंगे। मुझे यह देखकर खुशी होती है कि आज बड़ी संख्या में युवा संस्कृत भाषा, योग, आयुर्वेद, नैचुरोपेथी तथा प्राचीन भारतीय विधाओं को पढ़ना और सीखना चाहते हैं। ऐसे युवा यदि इन्फोर्ममेशन टेक्नॉलॉजीए डिजिटिजेशन, सोशल मीडिया एवं मास मीडिया में भी विशेषज्ञता प्राप्त कर लेते हैं तो यह हमारी प्राचीन विधाओं को नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगा। युवाओं के द्वारा सोशल मीडिया तथा मास मीडिया का सदुपयोग इन समृद्ध विधाओ के प्रचार प्रसार किया जा सकता है। मेरा मानना है कि योग और आयुर्वेद के विद्यार्थी हमारी सभ्यता, संस्कृति के ब्राण्ड अम्बेसडर भी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि योग और आयुर्वेद हमारी सरल, सहज एव शाश्वत तथा सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान है। हमे जन-जन तक इस बात को पहुंचाना है। योग और आयुर्वेद को विश्व की एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित करना है। यह महान उत्तरदायित्व भी आपके ऊपर ही है। राज्यपाल ने कहा कि आज हमारे समक्ष सतत विकास के साथ ही संतुलित विकास की भी चुनौती है। विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि यदि आपकी शिक्षा, प्रतिभा और विजन का लाभ हमारे देश के पिछडे़ क्षेत्रों, दूरस्थ गांवों, समाज के वंचित और निर्धन तबकों को मिले तो यह आपके जीवन को एक नया अर्थ देगा। विशेषकर उत्तराखण्ड के संदर्भ में यहां की शिक्षित युवाओं को स्थानीय उत्पादों, शिल्पों, संस्कृति और सोच विचार पर आधारित उद्यमों के लिये कार्य करना चाहिये। निश्चित ही आप राज्य में रिवर्स माइग्रेशन का नया अध्याय लिखेंगे। राज्यपाल ने कहा कि आशा है कि भविष्य में आप अपने सेवा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों, मानवीयता, विश्व कल्याण और सेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे। आप सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की सोच के साथ कार्य करेंगे। आप प्रोफेशनल एथिक्स के साथ ही अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट से उत्कृष्ट प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का देवभूमि और गंगा नगरी में आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि हमारे महामहिम राष्ट्रपति जी का जीवन एक प्रेरणा पुंज के समान है। ये हमें बताता है कि व्यक्ति में यदि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास, साहस और इच्छाशक्ति हो तो वो बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जहां एकत्रित हुए हैं ये वो स्थान है जिसने दुनिया भर योग के प्रचार-प्रसार को एक नया आयाम और एक नया विस्तार दिया है। जिस प्रकार महर्षि दधीचि के तप का उपयोग कर वज्र का निर्माण हुआ उसी प्रकार स्वामी रामदेव अपने संघर्ष और तप से योग, प्रणायाम, अध्यात्म और स्वदेशी चिंतन की पताका को पूरे विश्व में फहरा रहे हैं। साथ ही इस अवसर पर मैं आभार प्रकट करना चाहुंगा आचार्य बालकृष्ण का भी जो कि अपने प्रबंधन कौशल तथा आयुर्वेद के ज्ञान से इस भारतीय चिकित्सा पद्धति और योग क्रांति को पूरे विश्व में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग भारतीय संस्कृति के ध्वजारोहक के रूप दुनिया भर में इस सत्य को पुर्नःस्थापित कर चुका है कि भारतीय परम्पराएं, भारतीय दर्शन और हमारे ऋषि मुनियों द्वारा अपनाई और तय की गई जीवन पद्धति कितनी वैज्ञानिक और हितकारी थी। योग केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक और भावनात्मक विकारों को भी दूर करता है। यूं तो योग सदियों से विश्व में अपना डंका बजा रहा है लेकिन जो ख्याति प्रधानमंत्री के प्रयासों से इसने हासिल की है वो अभूतपूर्व है। ये आदरणीय मोदी की ही पहल थी कि 21 जून 2015 को दुनिया में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यशश्वी प्रधानमंत्री का कथन है कि हमें खुद भी योग का संकल्प लेना है और दूसरों को भी इस संकल्प से जोड़ना है। “योग से सहयोग“ तक का मंत्र हमें भविष्य का नया मार्ग दिखाएगा और मानवता को सशक्त करेगा। उत्तराखंड में हम लगातार उनके इस मंत्र पर चलने और इसे सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पथ प्रदर्शक दीनदयाल उपाध्याय जी ने जो ’अंत्योदय’ का जो मन्त्र हमें दिया है लगातार उसको अपना कर हम अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दिशा में हमें सफलता भी मिली है और हमारी ये यात्रा निरंतर जारी है। उत्तराखंड उन सपनों को साकार करने की राह पर आगे बढ़ रहा है जो सपने इसके निर्माण के दौरान देखे गए थे। एक सैनिक पुत्र होने के नाते, मैं उत्तराखंड के सैनिक परिवारों की अपेक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए भी प्रयत्नशील हूँ। हम निरंतर उन कामों को कर रहे हैं जिनका सीधा सरोकार जनता से है, उनकी भलाई से है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि वर्ष 2025 में जब हम राज्य स्थापना के 25 वर्ष का जश्न मना रहे होंगे तब तक हम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में नंबर वन बना लेंगे। प्रधानमंत्री ने भी कहा है और मैं भी उनके ही कथन को दोहरा रहा हूं कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इस दशक में हम आप सभी के सहयोग से नई बुलंदियों को छुएंगे। प्रदेश की जनता ने हमेशा हम पर विश्वास जताया है और मुझे पूरी आशा है कि उनका ये विश्वास हम पर आगे भी यूं बना रहेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, मेयर रूड़की गौरव गोयल, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपाधि प्राप्तकर्ता विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

शहीद अशोक चक्र विजेता गजेंद्र सिंह बिष्ट को सीएम ने दी श्रद्धांजली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार दोपहर देहरादून के नया गांव स्थित गणेशपुर पहुंचकर 26/11 हमले में शहीद अशोक चक्र विजेता स्वर्गीय गजेंद्र सिंह बिष्ट की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद गजेंद्र बिष्ट की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद और सीमा पर शहादत देने वाले वीर जवानों के परिजनों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों और वीरांगनाओं को सम्मानित करते हुए खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य प्रदेश है, यहां की वीरता और शौर्य की चर्चा देश ही नहीं दुनिया में होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ रहा है, जहां एक ओर केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन देकर लाखों पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत पहुंचाई है वहीं दूसरी ओर सैनिकों को दी जाने वाली सुविधाओं में भी इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीद सैनिकों के सम्मान में “शहीद सम्मान यात्रा” आयोजित की जा रही है, इस यात्रा का समापन देहरादून के पुरूकुल गांव में बनने जा रहे भव्य सैन्य धाम में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है बीते 4 महीनों में सरकार ने 24000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जिसमें अब तक 12000 पदों पर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में एनडीए/सीडीएस की तैयारी करने वाले प्रतिभावान युवाओं को मेंस एग्ज़ाम की तैयारी हेतु 50 हज़ार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है इसके अलावा मार्च 2022 तक सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का शुल्क माफ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर वर्ग के कर्मचारियों का ध्यान दे रही है। सरकार ने प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी, आशा कार्यक़त्रीयों और उपनल कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2025 उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, सरकार द्वारा बोधिसत्व कार्यक्रम श्रृंखला चलाई जा रही है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय लेकर प्रदेश को आगे बढ़ाने और 2025 तक देश का नंबर वन राज्य बनाने की योजना बनाई जा रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नया गांव-गणेशपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकरण करने एवं गणेशपुर में मिनी स्टेडियम बनाए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, पूर्व सैनिक और बड़ी तादाद में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

दानपुर महोत्सव में पहुंचे सीएम, क्षेत्र को लोगों को बताया बहुत मेहनती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कपकोट क्षेत्र में कर्मी खेल मैदान में तीन दिवसीय दानपुर महोत्सव का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान सांसद अल्मोड़ा अजय टम्टा, अध्यक्ष जिला पंचायत बंसती देव, क्षेत्रीय विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, ब्लॉक प्रमुख गोविन्द सिंह दानू, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव सिंह, पूर्व विधायक शेर सिंह गढिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थनीय मॉ भगवती के मंदिर दर्शन कर पूजा अर्चना की तथा प्रदेश के खुशहाली के लिए कामना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले और त्योहार हमारे संस्कृति की पहचान है तथा हम सभी को अपनी संस्कृति को बचायें रखने के लिए इस प्रकार के मेले व महोत्सवों का किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण के लिए धरातल पर कार्य करते हुए संचालित योजनाओं को उन तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रही है।
उन्होने कहा कि अपने चार माह के कार्यकाल में पांच सौ से ज्यादा फैसले लिये गये है तथा हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हिकरण के लिए 31 दिसंबर, 2021 तक की तिथि बढायी गयी है, तथा आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी पेंशन की सुविधा दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार विकास की ओर लगातार अग्रसर है। उनके नेतृत्व में प्रदेश 2025 तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्हांने कहा कि सरकार द्वारा हर वर्ग के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर विकास कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 44 लाख लोगों के कार्ड व 3 लाख 40 हजार से अधिक मरीज उपचार करा चुके है। सरकार द्वारा आशा, आंगनबाड़ी, उपनल कर्मचारियों व पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढाने का कार्य किया है। देश में खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये खेल नीति 2021 लागू की है। प्रदेश में कोविड से प्रभावित हर वर्ग को आर्थिक सहायता दी गयी है। सरकार द्वारा 24 हजार पदों को भरा जाना है जिसमें 10 हजार पदों पर विज्ञापन निकल चुके है और प्रक्रिया गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार है हमने शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों को पूरा करने के लिये जरूरी निर्णय लिये। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा लिये गये अनेक फैसले व विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के आर्थिक सहायता के चौक वितरित किये जिनमें स्वंय सहायता समूह को बैंक ऋण ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता 188 समूह के 564 के सदस्यों को 6.14 लाख तथा कलस्टर स्तरीय संगठनों को अनुदान पांच लाख की दर से पांच समूह को 20 लाख तथा स्वयं सहायता समूह को स्वालंबन हेतु आर्थिक सहायता प्रति समूह की दर से 739 समूहो ंको 70.48 लाख चैकों का वितरण किये गये।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के अनेक घोषणायें की गई, जिमसें राजकीय हाईस्कूल उद्यमस्थल को इंटरमीडिएट में उच्चीकरण करने तथा इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी प्रेम सिंह गढिया के नाम से करने, दुग नाकुरी मे गैस गोदाम व गेस्ट हाऊस का निर्माण करने, लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज सनेती में जीव विज्ञान की मान्यता प्रदान करने, मॉ नंदा देवी उद्यमस्थल का जीर्णाेद्धार करने, सनगाड, नौलिंग परिसर का निर्माण कार्य करने, कफनी ग्लेशियर मार्ग पर सुन्दरढुंगा ग्लेशियर से कफली ग्लेशियर की ओर 5 किमी क्षतिग्रस्त मार्ग का नव निर्माण कार्य करवाने, नावार्ड मद के अंतर्गत जनपद बागेश्वर के विकास खंड कपकोट में चार नहरों गूलो के पुनरोद्धार एवं सुदृढीकरण की प्रायोजना बनायी जायेगी, जनपद बागेश्वर के अंतर्गत विकास खंड कपकोट मे गैनाड गधेरे में बाढ सुरक्षा योजना बनायी जायेगी, जनपद बागेश्वर के अंतर्गत विकास खंड कपकोट के ग्राम कपकोट के भुरकुटी नाले में बाढ सुरक्षा कार्य किया जायेगा, एएनएम ट्रेनिंग स्कूल काण्डा के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जायेगी, प्राथमिक स्वास्थ केंद्र बदियाकोट में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जायेगी, विकास खंड कपकोट मे बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया जायेगा, मीनी स्टेडियम बघर, शामा, पोथिंग, फरसाली व खुनौली में निर्माण किया जायेगा, विधानसभा कपकोट के अंतर्गत विद्युतीकरण से वंचित गांवों एवं तोको के विद्युतीकरण का कार्य एवं पुराने लाईनो को सुदृढ करने हेतु मरम्मत के सभी कार्य किये जायेगे, विधान सभा कपकोट के अंतर्गत उरेडा से संचालित लघु जल परियोजनाओं से पोषित गांवो/तोको की विद्युत लाईनो का सुदृढीकरण एवं विद्युत विभाग के ग्रिड से विद्युत आपूर्ति का कार्य की स्वीकृति प्रदान की जायेगी, आर्मी कैंटीन खोलने के लिए सेना के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर इसे जल्दी खोलने का प्रयास किया जायेगा, हरसीला इंटर कॉलेज के बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कार्य करने, पोथिंग चेटाबगड मोटर का निर्माण कार्य करने, कीवी मिशन की शुरूआत किये जाने के प्रयास किये जायेंगे। इसी के साथ ही कपकोट क्षेत्र में ड्रोन वॉटर बनाया जायेगा, कपकोट क्षेत्र में एडवेंचर समिट का भी आयोजन किया जायेगा, ग्राम पोथिंग में स्थित सुकुण्डा जलाशय के सौन्दर्यीकरण एवं संरक्षण कार्य की योजना बनायी जाने सहित कुमांऊ से गढवाल को जोडने वाली सडक का निर्माण कार्य करने की घोषणा की गयी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्रीय विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के पांच साल में किये गये विकास कार्याे की पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर मेला समिति के सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा शिखर वैली मार्डन पब्लिक स्कूल रीमा के नव निर्माण भवन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में सांसद अजय टम्टा ने कहा केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने कार्य किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि देश के विकास के निर्माण में उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है, और कहा कि विकास कार्यों को पूरा करने व क्षेत्रीय जनता को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता में है।
इस दौरान विधायक वलवंत सिंह भौर्याल ने कपकोट विधानसभा क्षेत्र में हुये अनेको विकास कार्यों की जानकारी दी तथा दानपुर महोत्सव मे पहुंचने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र की समस्याओं से भी अवगत कराया। दानपुर महोत्सव में जिला प्रशासन द्वारा बहुउद्देशीय शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाकर विभाग की संचालित योजनाओं की भी जानकारी दी गयी, जिसमें क्षेत्रीय जनता द्वारा 24 समस्याओं पंजीकृत की गयी। शिविर में स्वास्थ विभाग द्वारा 14 दिव्यांग प्रमाण बनाये गये तथा 70 लोगो को स्वास्थ परीक्षण किया गया, बाल विकास विभाग द्वारा 78 लोगो को जानकारी, समाज कल्याण विभाग द्वारा 53 लोगो को पेंशन के आवेदन पत्र उपलब्ध कराये गये, उद्यान विभाग द्वारा 50 लोगो को विभागीय जानकारी दी गयी, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 100 लोगो को विभागीय योजनाओ की जानकारी, उद्योग विभाग द्वारा 15 लोगो के स्वरोजगार आवेदन पत्र प्राप्त किये, उरेडा द्वारा 25 लोगो को विभागीय जानकारी तथा अन्य विभागों द्वारा भी अपने-अपने विभागों की संचालित योजनाओं की जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, दीपा आर्या, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, मुख्य विकास अधिकारी डीडी पंत, पुलिस उपाधीक्षक शिव सिंह राणा सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं आम जनमानस व मेला समिति के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आरजे काव्य द्वारा किया गया।

सीएम आवास में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट ’बोधिसत्व’ का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट बोधिसत्व में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन, पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन मंच पर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के विजन पर किया जा रहा उत्तराखण्ड का विकासः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को विजन दिया है। इस विजन को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

विकास और प्रकृति में संतुलन आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक संपदा है। इस प्राकृतिक संपदा के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिमालय को बचाने एवं प्रकृति के साथ संतुलन के लिए सभी को आगे आना होगा। प्राकृतिक संपदाओं एवं अन्य स्रोतों से राज्य की आय बढ़ाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

केन्द्र सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य होने के नाते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। किसी भी चुनौती से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार का राज्य को हर संभव सहयोग मिलता रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा सबकी सामूहिक यात्रा है। राज्य के विकास के लिए जो भी जन सुझाव प्राप्त होंगे उन सुझावों पर पूरा विचार किया जायेगा। प्रदेश के समग्र विकास के लिए अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा हाई वैल्यू एग्रीकल्चर और प्राकृतिक खेती पर फोकस हो
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी युवा राज्य है। उत्तराखण्ड के पास अनेक प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उत्तराखण्ड के बहुमुखी विकास के लिए नये सिरे सोचना होगा। सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को शिक्षा का हब बनाना होगा। माध्यमिक शिक्षा का हब तो उत्तराखण्ड है, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और प्रयास करने होंगे। उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रयासों की जरूरत है। हाई वैल्यू एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रयास करने होंगे। एरोमैटिक एवं मेडिसनल प्लांट, फ्लोरीकल्चर, हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में विशेष प्रयास होने चाहिए। उत्तराखण्ड में महिलाएं लगनशील हैं। महिलाओं को अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाय। उत्तराखण्ड को स्वयं प्राकृतिक खेती की ओर जुटना चाहिए। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिये कि उत्तराखण्ड में जितने भी साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन हैं, वे मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करें। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले दस सालों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन से चार गुना बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राज्य के विकास के लिए नया ब्लू प्रिंट बनाकर दिया जायेगा।

साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरीः डॉ के विजनराघवन
केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास हिमालय के रूप में बड़ी संपदा है। हिमालय देश एवं दुनिया को प्रभावित करता है। हिमालय को सस्टनेबल तरीके से प्रोटक्ट करना एवं इसके लिए डैवलपमेंट के कार्य करना एक बड़ा कार्य है। इसमें अनेक सांइंटिफिक इंस्टीट्यूट काफी कार्य कर चुके हैं। इसके लिए साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरी है।

हिमालय के प्रति सबकी जिम्मेदारीः डॉ अनिल जोशी
पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि बोधिसत्व के माध्यम से राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। हिमालयी राज्यों को आपस में लगातार चिंतन एवं मंथन करने की जरूरत है। हिमालय सबका है, इसके प्रति सबकी भागीदारी होनी चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए अपनी कमजोरी एवं ताकत का नये सिरे से विश्लेषण करना जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि भौगोलिक विषमताओं के बावजूद भी इन्फ्रास्ट्रक्चर में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में कई क्षेत्रों में मजबूतियां भी हैं, तो कुछ क्षेत्रों में चुनौती भी हैं। हिमालय, गंगा, जलवायु एवं शांतप्रिय समाज यहां की मजबूती हैं। रोजगार, कनेक्टिविटी, पलायन को रोकना, आपदा एवं बोर्डर ऐरिया से संबंधित मामले राज्य के समक्ष चुनौतियां भी हैं। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन चुनौतियों को कम करने के लिए राज्य में प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से संवाद कर सुझाव लिये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, नीति आयोग से डॉ. नीलम पटेल, सचिव नियोजन बीवीआरसी पुरूषोत्तम, मुख्यमंत्री के चीफ कॉर्डिनेटर दुर्गेश पंत, शासन से प्रमुख सचिव, सचिव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थानों के निदेशक एवं गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोरोना के नए वैरिएंट के दृष्टिगत प्रदेश वासियों से अपील की है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पूरा पालन करें। कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य में पूरा जन सहयोग मिला है। राज्य सरकार द्वारा कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी तैयारियां की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों का अभी दूसरा टीका नहीं लगा है, समय होते ही टीकाकरण करा लें। मास्क का उपयोग जरूर करें एवं एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी एवं सचिव स्वास्थ्य को कोरोना के नए वैरिएंट की दृष्टिगत कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन सुनिश्चित कराने एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाय कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं हो।