सीएम ने 528 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को सिडकुल, हरिद्वार में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 42 करोड़ लागत की इन्द्रलोक आवास योजना (भाग-2) में 528 ई.डब्ल्यू.एस. आवासों के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीतापुर पेयजल योजना कुल लागत 75 करोड़, बहादराबाद पेयजल योजना कुल लागत 40 करोड़, रावली महदूद पेयजल योजना कुल लागत 13 करोड़, सलेमपुर महदूद रोशनाबाद की पेयजल योजना लागत 12 करोड़ तथा औरंगाबाद की 4 करोड़ लागत की पेयजल योजना जल्द शुरू होगी। धीरवाली ज्वालापुर में 1 करोड़ 65 लाख की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। तपोवन ज्वालापुर में पेयजल हेतु नलकूप का निर्माण किया जाएगा। जगजीतपुर में 350 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। जगजीतपुर सीतापुर, टिहरी विस्थापित, सुभाषनगर आदि में सीवर लाइन डालने का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। सिडकुल में ईएसआईसी अस्पताल के लिए केन्द्र सरकार से 293 करोड़ रूपये स्वीकृत कराये गये हैं, जिसका निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू कराया जाएगा। सिडकुल सहित सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। नगर पालिका शिवालिक नगर में वार्ड नं 13 के अंतर्गत नवोदय नगर में इण्टर कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। द्वारिका विहार जगजीतपुर में पेयजल हेतु मिनी ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। द्वारिका विहार सीतापुर में पेयजल हेतु मिनी ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। सिडकुल हाइवे के दोनों ओर पानी की निकासी हेतु नाले का निर्माण कराया जाएगा। बहादराबाद में घाट का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। रानीपुर विधायक व शिवालिक नगरपालिका चेयरमैन की मांग पर एक छठ घाट व पार्क विकसित किया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया उनमें राज्य योजना वर्ष 2021-22 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर में सिडकुल फोरलेन के पास महादेवपुरम 2 की आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण व नाली निर्माण कार्य (लम्बाई 1.42 किमी, लागत 94.75 लाख), बीएचईएल रानीपुर में सिडकुल चार लेन से हनुमन्त एन्कलेव व राजपूत विहार की ओर पीसी द्वारा सड़क का नाली सहित निर्माण कार्य (लम्बाई 1.50 किमी, लागत 63.66 लाख), बीएचईएल रानीपुर के सीतापुर में शुभम विहार व द्वारिका विहार की मुख्य सड़क का जमालपुर की ओर तक इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य (लम्बाई 0.86 किमी, लागत 59.17 लाख), जगजीतपुर में सन्ता एन्कलेव से एचईसी कॉलेज तक सड़क का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण कार्य (लम्बाई 0.90 किमी, लागत 54.43 लाख), बीएचईएल रानीपुर में नवोदय नगर की आन्तरिक सड़कों का पीसी द्वारा निर्माण कार्य (लम्बाई 3.00 किमी, लागत 98.21 लाख), नेहरू कॉलोनी में आन्तरिक सड़कों का सीसी ट्रमिक्स द्वारा निर्माण व नाली निर्माण कार्य (लम्बाई 1.32 किमी, लागत 184.21 लाख), बिहारीगढ़ मोटरमार्ग के किमी 4 स्थित ग्राम आन्नेकी में मेन रोड़ से एलन क्लास इण्ड्रस्ट्री तक इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण तथा नाली का निर्माण कार्य (लम्बाई 1.25 किमी, लागत 84.43 लाख), रोशनाबाद में आईएमसी चौक से नवोदय नगर की शिव रतन सिटी तक एसडीबीसी द्वारा निर्माण कार्य (लम्बाई 3.20 किमी, लागत 58.72 लाख), रोशनाबाद से नवोदय चौक की ओर जाने वाले मार्ग का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा नाली सहित निर्माण कार्य (लम्बाई 0.60 किमी, लागत 72.98 लाख), रामनगर कॉलोनी में आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा नाली सहित निर्माण कार्य (लम्बाई 0.70 किमी, लागत 51.76 लाख), ग्राम आन्नेकी की आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण तथा नाली निर्माण कार्य (लम्बाई 0.68 किमी, लागत 54.32 लाख), सिद्धार्थ एन्कलेव से खालसा कालोनी की ओर जाने वाले मार्ग का इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा नाली सहित निर्माण कार्य (1.00 किमी, लागत 73.00 लाख), शिवालिक नगर के एच-कलस्टर व क्यू-कलस्टर की आन्तरिक सड़कों का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य (लम्बाई 4.52 किमी, लागत 70.14 लाख) का शिलान्यास किया शामिल है। मुख्यमंत्री ने नवोदय नगर वार्ड नं 13 गली नं 7 में छठ मईया पार्क के सौन्दर्यीकरण का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि चार महीने के कार्यकाल में उन्होंने अपना प्रत्येक क्षण प्रदेश की जनता को समर्पित किया है। इस अवधि में राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिये लगभग 400 निर्णय लिये हैं।
सिड़कुल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी की उत्तराखण्ड राज्य को उद्योग के क्षेत्र में विशेष पैकेज के अंतर्गत दी गयी सौगात है। उन्होंने कहा कि तब राज्य के मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी थे, जिन्होंने उत्तराखण्ड राज्य के विकास के लिए काफी कार्य किया।
राज्य स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इसे महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। हमने उत्तराखण्ड राज्य की पांच महान विभूतियों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार के लिए चयनित किया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी, सुश्री बछेन्द्री पाल, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, लेखक रस्किन बान्ड, पर्यावरणविद् अनिल जोशी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नई खेल नीति लेकर आ रही है, जिसमें प्रतिभावान खिलाड़ियों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे अपने हर क्षण का उपयोग प्रदेश के विकास में करेंगे। उन्होंने कहा कि सबके सम्मिलित प्रयासों से वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश का नम्बर वन राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जगजीतपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द ही शुरू होगा तथा सिड़कुल क्षेत्र की सड़कों को भी गड्डा मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और सन्तुष्टीकरण के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समस्या कोई भी हो, हम उसका सरलीकरण करके, उसका समाधान व निस्तारण करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। आने वाले समय में उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राज्य के रूप विकसित किया जायेगा। इस अवसर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण के संरक्षण के लिये रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।
इस अवसर पर विधायक रानीपुर आदेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जब से राज्य की बागडोर संभाली है, तब से पूरे प्रदेश में एक नये उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आते ही इस क्षेत्र की जितनी भी योजनाएं पाइपलाइन में थी, उनको अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
राजीव शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका शिवालिक नगर ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने चार माह के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं।
कार्यक्रम में लक्सर विधायक संजय गुप्ता, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ जयपाल सिंह चौहान, महामंत्री विकास तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, सहित संबंधित अधिकारीगण एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम ने किया उतराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार के बहादराबाद स्थित उतराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत शिक्षा को बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों से उनका विशेष लगाव रहा है, उनका काफी समय लखनऊ विश्वविद्यालय में बीता है, जब भी किसी विश्वविद्यालय का कोई कार्यक्रम होता है, तो वे अपने आप को जाने से रोक नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व में सभी भाषाओं की जननी है। पूरी दुनिया में जब शिक्षा अथवा ज्ञान का उजाला नहीं हुआ था तब हमारे भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय विद्यमान थे। उस वक्त पूरी दुनिया को ज्ञान देने का कार्य अगर किसी ने किया तो वह भारत भूमि ने किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को प्रधानमंत्री का मजबूत नेतृत्व मिला है। पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान स्वाभिमान बढ़ाने का कार्य प्रधानमंत्री कर रहे हैं। योग दिवस को आज पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री ने 5 नवंबर को केदारनाथ में 400 करोड़ रुपए के कार्य का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। जल्द ही हम केदारनाथ मंदिर केबल कार द्वारा जा सकेंगे। सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहेब को भी रोपवे से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह आदि गुरु शंकराचार्य ने पूरे भारत को उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया उसी तरह आज प्रधानमंत्री विकास रूपी सूत्र में पूरे देश को एक साथ जोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2025 के लिए राज्य का विजन रखा है, इस विजन को पूरा करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। वर्ष 2025 में 25 साल का राज्य युवा राज्य होने के साथ ही देश का श्रेष्ठ, उत्कृष्ट एंव आदर्श राज्य होगा, इस दिशा में वचनबद्ध एंव दृढ़ संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय के स्टॉफ को सातवे वेतन आयोग के वेतनमान व एरियर भुगतान संबंधी दिक्कत को जल्द समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा में रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक संजय गुप्ता, आदेश चौहान, कुलपति प्रो देवी प्रसाद त्रिपाठी, कुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय डॉ रूप किशोर शास्त्री, कुलसचिव संस्कृत विश्वविद्यालय गिरीश कुमार अवस्थी आदि मौजूद रहे।

सीएम ने की हरिपुर टोंगिया को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मानूबांस, हरिद्वार में “रबी कृषक महोत्सव- 2021“ के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने किसानों को बीज, उर्वरक आदि की जानकारी देने के लिए लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी कृषकों को चेक एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं-
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि हरिपुर टोंगिया को राजस्व ग्राम बनाया जायेगा। ग्राम टांडा हसन में नदी पर पुल का निर्माण किया जायेगा। ग्राम रिठौरा में नदी पर पुल का निर्माण किया जायेगा। लालवाला दाबूबांस में पुल निर्माण किया जायेगा। बुग्गावाला में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जायेगी। मानूबांस में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जायेगी। ग्राम इब्राहिमपुर मसाई में इंटर कॉलेज की स्थापना की जायेगी। बुग्गावाला में विकासखण्ड की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। समाज के हर वर्गों को ध्यान में रखकर जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य के लिए विशेष योगदान देने वाले महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है। हम सम्मानित करने के लिए कोई राजनीति नहीं करते जिसका उदाहरण स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी हैं, जिनको मरणोपरांत उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से नवाजा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड के लिए जो विजन दिया है, उस दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार द्वारा हर क्षेत्र में लोगों को राहत देने का कार्य किया जा रहा है। युवा, महिला सशक्तीकरण, पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मेडिकल छात्रों के शुल्क में बड़ी कटौती की गई है। विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। कोविड के दृष्टिगत राज्य में प्रतियोगी परिक्षाओं में आवेदन के लिए आयु सीमा में एक साल की छूट दी गई है एवं आवेदन शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। राज्य में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए नई खेल नीति लाई जा रही है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि युवा राज्य के युवा मुख्यमंत्री उत्साह और उमंग के साथ प्रदेश के विकास हेतु कार्य कर रहे है। निश्चित रूप से धामी सरकार के कार्यों से पूरे प्रदेश की जनता लाभान्वित हो रही है। केंद्र में मोदी सरकार किसानों की आर्थिकी को मजबूत कर रही है और किसान सम्मान निधि के माध्यम से पूरे देश के किसानों को सहायता मिल रही है।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रदेशवासियों की समस्याओं का समाधान कर रहे है। सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। आने वाले कुछ दिनों में गन्ना किसानों के लिए एक खुशखबरी दी जायेगी।
इस अवसर पर ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, लक्सर विधायक संजय गुप्ता, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, राकेश राजपूत, श्यामवीर सैनी आदि गणमान्य व्यक्ति एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बहादराबाद में 32 करोड़ की लागत की पंपिंग पेयजल योजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बृहस्पतिवार को जनपद हरिद्वार के गैंडीखाता क्षेत्र स्थित बसोचन्दपुर में श्री कृष्णायन देशी गोरक्षाशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में शामिल हुये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड बहादराबाद के विभिन्न ग्रामों के लिए जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्राम गैण्डीखाता में 2.39 करोड़, ग्राम कांगड़ी में 2 करोड़, ग्राम लहाड़पुर में 97 लाख, ग्राम लालढांग में 4.40 करोड़, ग्राम सज्जनपुर पीली में 1.75 करोड़, ग्राम श्यामपुर नौआबाद में 1.71 करोड़, ग्राम नौरंगाबाद में 2 करोड़, ग्राम अहमदपुर चिड़ियापुर में 1.33 करोड़, ग्राम रसूलपुर मिट्ठीबेरी में 3.29 करोड़, ग्राम गाजीवाली में 2.80 करोड़, ग्राम तपड़ोवाली (गुज्जर बस्ती) में 4.37 करोड़, ग्राम जसपुर चमरिया में 2.22 करोड़, ग्राम समसपुर कटेबड़ में 96.2 लाख, ग्राम पीली पड़ाव में 2.84 करोड़ की पम्पिंग पेयजल योजनाओं के निर्माण निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कृष्णायन गौशाला को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया जाएगा तथा तटबन्ध भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णायन गौशाला के लिए जो जमीन देनी शेष है वह भी जल्द ही आवंटित कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 14 नवम्बर को इगास पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की।
प्रदेशवासियों को गोपाष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने गोपाष्टमी के अवसर पर गौमाता की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय से मिलने वाली हर चीज हमारे लिए उपयोगी है। गाय का दूध स्वास्थ्य व पाचन के लिए सर्वाेत्तम है। मुख्यमंत्री ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग, गाय जब तक दूध देती है, तब तक तो उसका भरण पोषण करते हैं, लेकिन जब वह दूध देना बन्द कर देती है, तब उसको निःसहाय छोड़ देते है, जिसके कारण वह इधर-उधर भटकते हुए प्लास्टिक कचरा आदि खा लेती है, जिससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और कभी-कभी इससे उसकी मृत्यु तक हो जाती है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर शहर में गौशालाएं बनाने का काम तेज गति से करेगी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गौशाला का अवलोकन किया तथा गौमाताओं की पूजा-अर्चना की तथा आशीर्वाद लिया। उन्होंने गौशाला में गौमाताओं को गुड़ का प्रसाद भी खिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने चार माह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में 400 से अधिक निर्णय लिये हैं। उन्होंने कहा कि वे कोई भी फैसला बिना किसी आधार के नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास सीमित संसाधन है, सीमित संसाधनों से ही सरकार को सभी कार्य करने होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने कई घोषणाएं की, जो आज तक धरातल पर नहीं उतर पायी, लेकिन हमने जो भी घोषणाएं की हैं, वह सभी धरातल पर दिखाई दे रही हैं। वे जो भी घोषणा कर रहे हैं, उसका तुरन्त ही शासनादेश जारी हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानंमत्री ने केदारनाथ धाम में 400 करोड़ की योजनाओं का का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें से 225 करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 184 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। जल्द ही केदारनाथ धाम में तीसरे चरण के निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएंगे। बद्रीनाथ धाम के लिए भी 245 करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं, जिसका मास्टर प्लान तैयार हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखण्ड राज्य के विकास हेतु कार्य किया जा रहा है, वर्ष 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्णं हो जाएंगे, उस समय उत्तराखण्ड देश का नम्बर एक राज्य बनेगा। इसके लिए सभी से समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का सांस्कृतिक व आध्यात्मिक राज्य बने इसके लिये हमारे प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न संस्कृति और रीति -रिवाजों को मानने वाले लोग निवास करते हैं, एक तरह से उत्तराखण्ड लघु भारत का रूप है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में तिवारी जी की महत्वपूर्णं भूमिका रही है, चाहे देहरादून का सिड़कुल क्षेत्र हो या हरिद्वार अथवा उधमसिंह नगर का, सबमें श्री नारायण दत्त तिवारी की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हमने पंतनगर सिडकुल क्षेत्र का नाम नारायण दत्त तिवारी के नाम से रखा है। उनके गांव को जाने वाली सड़क का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।
गोपाष्टमी महोत्सव के अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उन्होंने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के लिए गौशाला निर्माण की घोषणा की थी। उन्हांने लोगों का आह्वान किया कि वे पहली रोटी गाय के लिए निकालने की पराम्परा को आगे बढ़ायें।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि आज पूरे देश में गोपाष्टमी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एक गाय, कई लोगों का भरण-पोषण करती है। गाय आर्थिकी का भी आधार है। स्वामी यतीश्वरानन्द ने इस अवसर पर 11 लाख रूपये श्रीकृष्णायन देशी गौ रक्षा शाला को देने की घोषणा की।
इस मौके पर गंगादास महाराज ने भी कृष्णायन गौशाला को 11 हजार का चैक भेंट किया।
गोपाष्टमी महोत्सव पर कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द ने कहा कि गोपाष्टमी का पर्व आज 177 देशों में मनाया जा रहा है। कृष्णायन गौशाला का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की एक मात्र देशी गौशाला हरिद्वार में है। उन्होंने कहा कि गौ, गीता, गंगा तथा साधू-सन्तों से भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि इस गौशाला में तीन हजार गायें हैं तथा सभी गौशालाओं में कुल 15 हजार गायें हैं। उन्होंने कहा कि हमने गौशाला में नन्दीशाला भी बना रखी है। उन्होंने कहा कि गौ के बिना कोई श्राद्ध पूरा नहीं होता है।
स्वामी रामकृष्ण मिशन के डॉ शिवकुमार ने कहा कि उनके द्वारा कनखल हरिद्वार में 200 बेड का चौरिटेबल हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौसेवा करके आप भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
गौरीशंकर गौशाला के संस्थापक बाबा हठयोगी ने कहा कि गाय के दूध के साथ ही उसका संरक्षण करने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर कृष्णायन गौशाला के संरक्षक स्वामी आत्मानन्द महाराज, स्वामी अमृतानन्द, स्वामी कमलानन्द, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एसडीएम संगीता कन्नौजिया, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान मदन सैन, प्रवीण कुमार, अरूण कुमार, रवि शास्त्री, शेखर मेहता सहित संबंधित अधिकारी व पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

मिलावट से संबंधित मामलों की फास्ट ट्रैक में हो सुनवाई-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने गुरुवार को सचिवालय में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए ठोस योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों को एहसास कराना आवश्यक है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने टेस्टिंग लैब निर्माण में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही, खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाए जाएं। यह अभियान सिर्फ त्यौहारी सीजन को देखते हुए न हो, बल्कि इसे नियमित आधार पर चलाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि फूड एडल्ट्रेशन को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक इसके प्रति आमजन जागरूक नहीं होगा तब तक फूड एडल्ट्रेशन को रोकना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों की जानकारी देने वालों को रिवार्ड भी दिया जाना चाहिए ताकि लोग जानकारी देने को प्रोत्साहित हों।
मुख्य सचिव ने मिलावट से संबंधित मामलों की जनपदवार रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह भी बताया जाए कि किस जनपद में कितने मामले कब से पेंडिंग हैं। उन्होंने मिलावट से संबंधित सभी मामलों को फास्ट ट्रैक पर निपटाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावट के गंभीर मामलों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र से शीघ्र फैसला किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित जांच और कठोर कार्रवाई से ही खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोका जा सकता है। उन्होंने इसके लिए ठोस एक्शन प्लान के साथ ही इसके कार्यान्वयन की टाइम लाइन निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव अमित नेगी एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जनजाति के उत्थान के लिए उत्तराखण्ड जनजाति महोत्सव

केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुण्डा एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनजाति कार्य मंत्रालय एवं जनजाति शोध संस्थान एवं संग्रहालय उत्तराखण्ड द्वारा डॉ बीआर अम्बेडकर ओएनजीसी स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय उत्तराखण्ड जनजाति महोत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने महोत्सव परिसर में प्रदर्शनी स्थल पर जनजाति क्षेत्रों के विभिन्न उत्पादों के स्टालों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि उत्तराखण्ड जनजाति महोत्सव के माध्यम से सभी जनजातियों को एक मंच मिला है। इस आयोजन में जनजातियों के लोक जीवन, सांस्कृतिक विरासत, लोक एवं परम्पराओं को भी जीवन्तता मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के साथ ही झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेई ने किया था। हमारे ये प्रदेश विकास की दिशा में निरन्तर आगे बढ़े इसकी जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने प्रदेश के विकास के साथ ही जनजाति कल्याण के लिये उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में जनजाति समाज को सम्मान देने का कार्य किया है। इसी क्रम में भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को गौरव दिवस के रूप में आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जनजाति क्षेत्रों के कल्याण एवं शिक्षा आदि व्यवस्थाओं के लिये योजनायें बनायी जायेगी, जिसके लिये उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रस्ताव भेजने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि देश में जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा की प्रभावी व्यवस्था के लिये 450 स्कूल खोले जायेंगे जिसके लिये 30 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है।
केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास राज्यों के सहयोग से जनजाति समुदाय को देश की मुख्य धारा से जोड़ना है। उन्होंने राज्य के एकलव्य स्कूलों तथा जनजाति शोध संस्थान की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों के विकास से सम्बन्धित मुख्यमंत्री द्वारा जो भी प्रस्ताव भेजे जायेंगे उन पर शीघ्र निर्णय लिये जायेंगे। उन्होंने जनजाति के क्षेत्रों का माइक्रो प्लान बनाने तथा उन्हें आजीविका मिशन कार्यक्रमों से जोड़ने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जहां 5 जनजातियां हैं वहीं झारखण्ड में 32 जनजाति समुदाय हैं। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा से राज्य के सीमांत जनपदों पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय छात्रों के लिए दो नए एकलव्य आवासीय विद्यालय खोले जाने, विभागीय विद्यालयों मे पढ़ रहे जनजाति के 5 हजार छात्र-छात्राओं को टेबलेट उपलब्ध कराए जाने, राज्य में स्वतन्त्रता संग्राम सेनानीयों के जीवन परिचय पर आधारित संग्रहालय की स्थापना करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोंनों का संबध जनजाति संस्कृतियों से रहा है। जहां सूदूर पिथौरागढ़ में भोटिया संस्कृति से उनका लगाव रहा, वहीं कर्मभूमि खटीमा की थारु-बुक्सा जनजाति से भी गहरा रिश्ता रहा है। आज देश दुनियां में ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंतन मनन हो रहा है लेकिन हमारी जनजातियां प्रारंभ से ही पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देती रही हैं। हमारी जनजातीय समूहों का शुरुआत से ही जड़ी-बूटियों को लेकर ज्ञान, उनकी विशेष पहचान रही है। रामायण काल में जब भगवान श्री राम अपने चौदह वर्ष के वनवास को काट रहे थे तब ये वनवासी ही थे जो आगे बढ़कर भगवान श्रीराम की सहायता करने आए थे। उन्ही के सहयोग से भगवान राम ने महाबली रावण की विशाल सेना को परास्त कर लंका पर विजय प्राप्त की थी। महाभारत काल में भी जनजातियों के बारे में विशेष उल्लेख मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कार्य करने वाले बिरसा मुंडा की जन्म जयंती भी है। उनके द्वारा किए गए कार्यों का ही परिणाम है कि वे झारखंड के जनजातीय समूह में विशेष महत्व रखते है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातियों के लिए कई कल्याणकारी कार्य किए गए हैं। ये प्रधानमंत्री की सोच का ही नतीजा है कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। देश में जनजातियों के लिए कार्य करने वाले दर्जनों लोगों को केंद्र सरकार ने सम्मानित किया है। अभी इसी 9 नंवबर को केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय समूह की भूरी बाई और तुलसी गौडा को पद्म श्री से सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां लगे अलग-अगल स्टॉलों में एक से बढ़कर एक हस्तशिल्प उत्पाद हमारे जनजातीय भाईयों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हैं। जहां एक ओर ये उत्पाद इको फैंडली हैं वहीं इनकी गुणवत्ता भी विश्व स्तरीय है। ये सब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व का ही कमाल है कि हम ‘‘वोकल फॉर लोकल‘‘ अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को आगे बढ़ा रहे हैं। अभी हमारी सरकार ने ‘‘एक जिला दो उत्पाद‘‘ योजना की भी शुरुआत की है। इसके तहत हमने हर जिले के दो स्थानीय उत्पादों को सूचीबद्ध किया है।
उन्होंने कहा कि देश के सैनिक इतिहास में जनजातीय समूहों के शौर्य और पराक्रम से सभी भलीभांति परिचित हैं। देश की सेना में विभिन्न पदों पर जनजातीय समूह के लोगों ने अपनी कार्यकुशलता का अभूतपूर्व परिचय दिया है। वीर केसरी चंद का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केसरी चंद्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिंद फौज में शामिल होकर, भारत की आज़ादी में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ऐसे ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन परिचय पर आधारित एक संग्रहालय की स्थापना की उन्होंने जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तीन एकलव्य मॉडल स्कूल, तीन आईटीआई चार जनजाति हॉस्टल और सोलह आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास हेतु अधिनियम बनाकर समस्त विभागों को अपने वार्षिक बजट का 3 प्रतिशत जनजातीय क्षेत्रों में व्यय करने का प्रावधान भी किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने थारू जनजाति के लोक कलाकारों के साथ होली नृत्य भी किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, सांसद नरेश बंसल, विधायक हरवंश कपूर, खजानदास, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मूरत राम शर्मा, जनजाति कल्याण के सलाहकार रामकृष्ण रावत, सचिव एल. फैनई, निदेशक एस.एस. टोलिया आदि उपस्थित थे।

सीएम ने की घोषणा, हल्द्वानी में आईटी अकादमी की होगी स्थापना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वप्रथम नैनीताल रोड स्थित शहीद सैनिक स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरान्त धामी मिनी स्टेडियम हल्द्वानी पहुचे जहां पर उन्होने वृहद रोजगार मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया व मण्डल स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मिनी स्टेडियम हल्द्वानी में मुख्यमंत्री ने राज्य खाद्य योजना के अन्तर्गत आवंटित होने वाले खाद्यान्न पर प्रदेश के राशन विक्रेताओं का लाभांश 18 रूपये से बढाकर 50 रुपये प्रति कुन्तल करने की घोषणा की। इसी तरह राज्य कर्मचारियों की भांति निगम कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी उनके बोर्ड के अनुमोदन के उपरान्त 17 से 28 प्रतिशत करने, मिशन ब्लैकटाप के अन्तर्गत प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए मिशन मोड मे कार्य करेगी इसी को ध्यान में रखते हुए इस मिशन की घोषणा की। हल्द्वानी में आईटी अकादमी प्रारम्भ करने की घोषणा की जिसकी स्थापना उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय मे होगी साथ ही मिनी स्टेडियम हल्द्वानी मे दर्शक दीर्घा में टीन शेड लगाने व बलूटी गांव सड़क मार्ग स्व पं नारायण दत्त तिवारी के नाम रखने की घोषणा की।
मिनी स्टेडियम में संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने सभी को राज्य स्थापना की बधाई देते हुये उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों व आन्दोलकारियों को जिन्होने प्रदेश के लिए सर्वाेच्च बलिदान किया उन्हे नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य अतुलनीय प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदायें भी समय-समय पर हमारी परीक्षायें लेती रहती है। पिछले दिनों अतिवृष्टि के कारण आयी आपदा एक इसका उदाहरण है। जिसमें कई लोगों ने जान गवाई जो अत्यन्त दुखद है। उन्होने दैवीय आपदा मे मृतकों के प्रति अपनी संवेदनायें व्यक्त करते हुये कहा कि मै ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सम्बन्धित परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। उन्होने आपदा के समय आगे रहकर लोगों की मदद करने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, जिला प्रशासन, स्वयं सेवकों आदि सभी की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक है। मोदी के विजन 2025 को लेकर हमारी सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है कि इस दशक की शुरुआत मे जो विकास की रफ्तार हमने पकडी है उसको हम पूर्ण रूप से गतिमान रखेंगे और उत्तराखण्ड को एक आदर्श मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा जब में जीवन के 21 वे वर्ष मे था और अपने भविष्य और राष्ट्र के लिए सपने देखता था उसी तरह आज में इस प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में हम सभी के 21 वर्ष के युवा उत्तराखण्ड के लिए सपने देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा मैं एक ऐसे उत्तराखण्ड का सपना देख रहा हूं जहां सभी लोग सुखी हों, स्वस्थ हों और मंगल के साक्षी बनें और किसी को भी दुख का भागी ना बनना पडे। उन्होने कहा इस प्रदेश को बनाने में हमारी मातृशक्ति की कितनी बडी भूमिका रही है यह बात किसी से छिपी नहीं है। मैं अपने इस प्रदेश की मातृशक्ति को भी प्रणाम करता हूं। श्री धामी ने कहा हमने आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को मजबूती के लिए 118 करोड का कोविड राहत पैकेज जारी कर दिया है जिससे 7.5 लाख महिलाओं को सीधा लाभ पहुचेगा। उन्होने कहा कार्बेट पार्क में अब तक युवा ही सफारी के दौरान पर्यटकों को गाइड करते थे लेकिन अब पार्क मे महिलायें भी पर्यटकों को सफारी कराते दिख रही हैं। वर्तमान में 8 महिला गाइड व 25 महिला ड्राइवर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पूरे प्रदेश मे और अधिक से अधिक महिलाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोडा जाए। महिलाओ को सशक्त बनाने और उनकी सुरक्षा, मान सम्मान करने की प्रधानमंत्री की सोच और महिला सशक्तिकरण की दिशा में हम लगातार काम कर रहे है। उन्होने कहा हमने विधवा, निशक्त, दिव्यांग महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगारी बनाने हेतु मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना शुरू की है। उन्होने कहा हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारम्भ किया है, तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 51 हजार कर दिया गया है साथ ही नन्दा गौरा योजना के तहत 2015 से 17 तक के वंचित रह गई 30 हजार बेटियों को योजना का लाभ देने के लिए 49 करोड की स्वीकृति हमारी सरकार ने दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। पिछले पांच वर्षाे में केन्द्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड की विभिन्न परियोजनायें प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई हैं जिनमे बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड मे सडक मार्गाे का विकास किया जा रहा है वहीं पहाड में रेल का सपना भी साकार होने की कगार पर है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार ने उत्तराखण्ड के लिए चारधाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की योजनाओं की सौगात दी है। उससे आने वाले समय में उत्तराखण्ड का आवागमन सुगम हो जायेगा। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार ने भौगोलिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 155 किमी के टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग के अन्तिम सर्वे को मंजूरी दे दी है इसके लिए 28 करोड की धनराशि भी अवमुक्त कर दी है। उन्होने कहा प्रधानमंत्री ने दशको से लम्बित तराई भावर की लाइफ लाइन जमरानी बहूद्देशीय परियोजना की स्वीकृति देकर उत्तराखण्ड के विकास मे महत्वपूर्ण योगदान दिया है इस योजना द्वारा तराई भाबर मे पेयजल के साथ ही सिंचाई की समस्या भी दूर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करती है सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व पं नारायण दत्त तिवारी के कार्याे को हमारी सरकार ने सम्मान दिया है। उन्होने कहा पंतनगर सिडकुल का नाम अब पं नारायण दत्त तिवारी के नाम से होगा। उन्होने हमारी सरकार ने 24 हजार खाली पदो ंके सापेक्ष लगभग 12 पदों पर प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है शीघ्र ही शेष पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जायेगी। उन्होने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओपन जिम का शासनादेश जारी कर दिया गया है साथ ही उत्तराखण्ड गौरव व उत्तराखण्ड श्री पुरस्कार प्रारम्भ कर दिया है।
कार्यक्रम मे सम्बोधित करते हुये रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा मुख्यमंत्री युवा हैं व युवाओं के लिए तेजी से काम कर रहे है। उन्होने कहा भारत सरकार ने प्रदेश सरकार को 60 करोड की धनराशि सडक डामरीकरण हेतु जारी कर दी है। उन्होने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व मे देश व मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व मे प्रदेश सुरक्षित है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत व जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट ने सम्बोधित करते हुये सभी को राज्य स्थापना की बधाई दी साथ ही शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को नमन किया व अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व से कार्य तीव्र गति से हो रहे हैं तथा मुख्यमंत्री धामी नया संचार एवं नई ऊर्जा लेकर आये हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शहीद राज्य आन्दोलनकारी स्व धर्मानन्द भट्ट, स्व प्रताप सिंह, स्व रामपाल सिंह, स्व परमजीत सिह, स्व गोपी चन्द्र, स्व भगवान सिह, स्व सलीम कुरैशी व स्व प्रताप सिह नैनीताल के परिजनों को अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। आपदा दौरान राहत बचाव मे उत्कृष्ट कार्य करने वाले कांगो ब्रिगेड के ब्रिगेडियर बिजेश कुमार अवस्थी, 14 डोगरा रेजिमेंट कर्नल आशीष जसवाल, कमाण्डेंट एनडीआरएफ सुदेश कुमार दराल, एसडीआरएफ टीम लीडर गजेन्द्र सिह परवाल के साथ ही पर्वतारोही शीतल राज व साईक्लिस्ट शिवांश साह को सम्मानित किया। उन्होने जनपद के आठ विकास खण्डों के स्वयं सहायता समूहों एवं 40 कलस्टर्स को चेक वितरित किये साथ ही महिला मंगल दलों का सम्मान भी किया। वात्सल्य योजना के अन्तर्गत कृष्णा आर्या, हर्षिता आर्या, रजत जोशी, लाभांशी व बिन्द्रा सिह को चेक अन्तरजातीय विवाह के 6 लाभार्थी को भी चेक वितरित किये गये। इसके साथ ही जनपद मे आपदा के दौरान सराहनीय कार्य करने पर विभागीय टीमों, पुलिस को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आर्मी बैंड,सीआरपीएफ बैण्ड व आईटीबीपी के जवानो द्वारा आत्मरक्षा के लिए जुडो कराटे आदि का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में विधायक नवीन दुम्का, दीवान सिह बिष्ट, रामसिह कैडा, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, महापौर डा जोगेन्द्र पाल सिह रौतेला, अध्यक्ष उत्तराखण्ड कोआपरेटिव बैंक दानी सिह रावत, अध्यक्ष कोआपरेटिव बैक राजेन्द्र सिह नेगी, योगेन्द्र सिह रावत, अध्यक्ष मण्डी समिति राकेश नैनवाल, ब्लाक प्रमुख रूपादेवी, आशादेवी, रेखा रानी, डा हरीश बिष्ट, पीआरओ मुख्यमंत्री दिनेश आर्य, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, जनपद महामंत्री प्रदीप जनौटी, कमल नयन जोशी, दीपक मेहरा, राजेन्द्र सिह बिष्ट, प्रकाश हरर्बाेला, पुष्कर सिह काला, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, शिव अरोडा, दर्जा मंत्री अजय राजौर, भागीरथ लाल चौधरी योगेन्द्र सिह रावत, लक्ष्मण खाती, पूर्व मंत्री गोविन्द सिह बिष्ट, विनीत अग्रवाल के अलावा आयुक्त सुशील कुमार, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल, एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी, मुख्य विकास अधिकारी डा संदीप तिवारी, अपर आयुक्त प्रकाश चन्द्र, सचिव एनडीडीए पंकज उपाध्याय, जीएम केएमवीएम एबी बाजपेयी, सिटी मजिस्टेट ऋचा सिह सहित अनेक अधिकारी गणमान्य, स्कूल छात्र-छात्राये, स्वयं सहायता समूह, जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

दलित मित्र एवं कार्यकर्ता के घर भोजन पर पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक राजपुरा हल्द्वानी में अपने पुराने दलित मित्र एवं कार्यकर्ता के घर भोजन पर पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी कार्यक्रम के तुरंत बाद पार्टी के बहुत पुराने अनुसूचित कार्यकर्ता नंद किशोर आर्य के घर राजपुरा भोजन पर पहुंचे। नंदकिशोर आर्य वर्तमान में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते है। नंदकिशोर आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री वास्तव में गरीबों के मसीहा है। उन्होंने मुझ जैसे गरीब के घर भोजन कर धन्य कर दिया। मुख्यमंत्री ने नन्दकिशोर की आंख के इलाज का वायदा किया। नंदकिशोर के परिजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
वहीं, अचानक राजपुरा में मुख्यमंत्री के आने से राजपुरा के निवासी गदगद हुये। राजपुरा निवासियों एवं महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसके समाधान हेतु मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

विभिन्न विकास कार्यों को सीएम ने दी वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत चनोली से टुण्डी-मैपू से ओखलमो तक मोटर मार्ग एवं सेतु का नव निर्माण हेतु 67.02 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत बन्दरलीमा से हड़खोला होते हुए अजेड़ा तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 270.00 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र खानपुर के अन्तर्गत विभिन्न 7 निर्माण कार्यों हेतु 181.11 लाख रूपये की धनराशि, विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के अन्तर्गत देहलचौरी मोटर मार्ग से चामपानी धौलकण्डी होते हुए काण्डा मंदिर तक मोटर मार्ग के नव निर्माण हेतु 149.42 लाख रूपये की धनराशि की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के अन्तर्गत एनएच 121 से कैन्यूर गांव तक मोटर मार्ग का सुधार एवं डामरीकरण कार्य हेतु 105.20 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 132.17 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अन्तर्गत 04 निर्माण कार्यों हेतु 360.57 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र लैन्सडौन के अन्तर्गत सतपुली-सिसल्डी मोटर मार्ग के कि0मी0 10 से मजकोट तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 37.94 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत-खेतीखान मोटर किमी0 16 से धामीसौन-डिंगडई मोटर मार्ग के अवशेष भाग का पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण/डामरीकरण हेतु 123.37 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र लक्सर के अन्तर्गत ग्राम मुन्डाखेड़ा कलां में इस्माईलपुर वाली रोड तक पी०सी० एवं इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा पुनर्निर्माण कार्य हेतु 157.17 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र टिहरी के अन्तर्गत गेंवली-पातनिया देवी एवं गेंवली लिंग मोटर मार्ग का डामरीकरण हेतु 142.68 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत ग्राम पंचायत अलोजी तल्ली में तोक कपसुली से तोक अजोली तल्ली तक मार्ग के निर्माण हेतु 36.12 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अन्तर्गत अमाऊँ खेतलसण्डा खाम में 4 कि०मी० आंतरिक मार्ग में टाईल (सीसी) मार्ग के निर्माण हेत 240.73 लाख, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के विभिन्न 5 निर्माण हेतु 795.83 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 85.07 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर के अन्तर्गत विभिन्न 21 निर्माण कार्यों हेतु 1011.15 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र गंगोलीहाट के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 679.97 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के अन्तर्गत विभिन्न 3 कार्यों हेतु 281.31 लाख रूपये, विधानसभा खेत्र सहसपुर के अन्तर्गत आन्तरिक मार्गों व नाली निर्माण हेतु 57.17 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत विभिन्न 13 निर्माण कार्यों हेतु 535.28 लाख रूपये, सी0आर0आई0एफ0 (केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि) के अन्तर्गत नन्दप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के कि०मी० 1 से 19 तक रोड सेफ्टी कार्य हेतु 234.81 लाख रूपये, स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र धनौल्टी के अन्तर्गत ज्वारना कन्स्यूड मोटर मार्ग के मध्य टुटई चक से जगतकोल तक मोटर मार्ग का नव निर्माण हेतु 29.66 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की चतुर्थ त्रैमासिक किश्त की धनराशि समस्त नगर निगमों, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों एवं गैर निर्वाचित निकायों को संक्रमित किये जाने हेतु 1,46,80,07,000 रूपये तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 की चतुर्थ त्रैमासिक किश्त सम्बन्धित पंचायतीराज संस्थाओं को आवंटित किये जाने हेतु 90,24,85,000 रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की विकास पुस्तिका का विमोचन किया

राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से.नि) ने मंगलवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
राज्यपाल गुरमीत सिंह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस के 12 अधिकारियों/कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, एवं पुलिस पदकों से अलंकृत किया। विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक पूरण सिंह रावत, पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड (स्वतंत्रता दिवस-2019), विमला गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी, प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड (स्वतंत्रता दिवस-2019), अनिल कुमार त्यागी, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, जनपद पौड़ी गढ़वाल (गणतन्त्र दिवस-2020)। सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक नारायण सिंह नपलच्याल पुलिस उपमहानिरीक्षक सीआईडी, सीआईडी मुख्यालय (स्वतंत्रता दिवस-2019) योगेन्द्र सिंह रावत, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार (स्वतंत्रता दिवस-2019) वीरेन्द्र प्रसाद डबराल, सहायक सेनानायक (सेवानिवृत), 40 वीं वाहिनीं पीएसी, भगवान सिंह, प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी (सेवानिवृत), 46 वीं वाहिनीं पीएसी श्याम सुन्दर पाण्ड उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी (सेवानिवृत), जनपद-अल्मोड़ा सुनील कुमार सिंह, फायर सर्विस चालक, जनपद-देहरादून (गणतन्त्र दिवस-2020), राकेश कुमार, लीडिंग फायरमैन, जनपद-देहरादून (गणतन्त्र दिवस-2020), वंश नारायण यादव, लीडिंग फायरमैन,जनपद-चम्पावत (स्वतंत्रता दिवस-2020), खजान सिंह तोमर, लीडिंग फायरमैन, जनपद-टिहरी गढ़वाल (स्वतंत्रता दिवस-2020), उत्कृष्ट थाना-पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मानकों के अनुरुप जनपद अल्मोड़ा के थाना सल्ट को उत्कृष्ट थाना-2021 चुना गया तथा सुशील कुमार, प्रभारी निरीक्षक सल्ट को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से.नि) ने उपस्थित जनसमूह को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने राज्य आन्दोलनकारियों को भी नमन किया। राज्यपाल ने अनुशासित और भव्य पुलिस परेड के लिए पुलिस परिवार को बधाई दी। अपने संबोधन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि राष्ट्र की कानून-व्यवस्था की नींव पुलिस है। समय के साथ पुलिस के कार्य एवं उत्तरदायित्व व्यापक होते जा रहे हैं। आज पुलिस केवल कानून व्यवस्था स्थापित करने तथा अपराधों पर नियंत्रण तक सीमित नही है। पुलिस की भूमिका रचनात्मक भी हो गई है। आज हमारी पुलिस युवाओं को उचित मार्गदर्शन देने, नशा-मुक्ति अभियान चलाने, असहाय लोगों की मदद करने, मानवीय सेवा तथा मुसीबत में पड़े लोगों तक सहायता पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही है, यह सराहनीय है। हमें अपनी संवेदनशीन पुलिस से ऐसी ही अपेक्षा है। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्यव आवश्यक है। आज ईफेक्टिव पुलिसिंग की आवश्यकता बढ़ गई है। पुलिस को नई परिस्थितियों के अनुसार अपनी क्षमता और ट्रेनिंग में निरन्तर सुधार की जरूरत है। आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम एवं सोशल मीडिया क्राइम भी पुलिस के समक्ष बड़ी चुनौती है। इसके लिये पुलिस विभाग में उच्च स्तरीय साइबर सेल के गठन की आवश्यकता है। समाज में अपराधों के नियंत्रण में टेक्नॉलाजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंफोर्ममेशन एण्ड क्युनिकेशन टेक्नॉलॉजी पुलिस के लिये वरदान सिद्ध हो सकती है। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि वास्तव में लॉकडाउन के समय सबसे महत्वपूर्ण पक्ष था पुलिस द्वारा किये गये सामाजिक सेवा कार्य। पुलिस को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने के साथ ही लोगों को आवश्यक सूचनाएं देने तथा अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति का कार्य भी करना पड़ा। पुलिस के अधिकारी तथा जवान तत्काल मदद की गुहार लगाने वाले नागरिकों के सीधे सम्पर्क में आ गए। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पुलिस की भूमिका जरूरतमंदों की सहायता एवं सेवा पर केन्द्रित रही, यह अत्यन्त सराहनीय है। जरूरतमंदों को राशन, दवाईयां, मास्क, सेनेटाइजर, ऑक्सीजन कॉन्सट्रेटर आदि वितरित करके पुलिस अनेक असहाय लोगों के लिए आशा की किरण बनी। हमारे निष्ठावान पुलिस के जवानों ने अपने कर्तव्यों के पालन के साथ मानवता का धर्म भी निभाया तथा निराश्रितों का सहारा बनी, इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस परिवार को विशेष बधाई। राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य ने अपनी स्थापना के 21 वर्ष पूरे कर लिये हैं। आज हम पूरी तरह से युवा हो चुके हैं। एक युवा राज्य से जन अपेक्षाएं भी अधिक होंगी। निश्चित ही हमारी कार्यशैली, विजन और मिशन में और अधिक गम्भीरता की आवश्यकता होगी। हमें राज्य के विकास का रोडमैप उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, सुन्दर परम्पराओं, प्रकृति प्रेम की मान्यताओं एवं स्थानीय लोगों की भावनाओं के आधार पर बनाना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं ही आर्थिक व सामाजिक सरंचना की रीढ़ हैं। हाल ही मैंने राज्य के कुछ पर्वतीय जिलों का दौरा किया। सच में, पहाड़ की महिलाएँ स्थानीय उत्पादों एवं हस्तशिल्पों के माध्यम से क्रान्ति कर रही हैं। महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उनकी आमदनी बढ़ रही हैं। यह किसी चमत्कार से कम नही है। मैं पहाड़ की परिश्रमी एवं स्वाभिमानी नारियों की प्रंशसा करता हूँ।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य के पर्वतीय जिलों में कुछ युवाओं ने रिवर्स माइग्रेशन की बड़ी अच्छी मिसाल पेश की है। बड़े महानगरों से लौटे प्रवासी युवाओं ने अपने गांव-घरों में मशरूम की खेती, मुर्गी पालन, फलों और सब्जियों के उत्पादन से स्वरोजगार के द्वार खोले हैं। कुछ युवा उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांण्ड के रूप में स्थापित करने के लिये प्रयासरत है। वे थिंक ग्लोबली एक्ट लोकली के वाक्य को समझ चुके हैं। बहुत से उच्च शिक्षित युवा मल्टीनेशनल कम्पनियों की नौकरियां छोड़ कर अपने गांवों को पुनः आबाद करने के मिशन में लगे है। आपकी हिम्मत और जुनून प्रंशसनीय है। उत्तराखण्ड के युवाओं का अपने गांव और मिट्टी से जुड़ने का यह जज्बा राज्य के विकास की नई इबारत लिखेगा।
राज्यपाल ने कहा कि देश और दुनियाभर में रहने वाले उत्तराखण्ड के प्रवासी युवाओं से अनुरोध है कि आपके गांव, घर और पहाड़ आपकी राह देख रहे हैं। आप अपनी योग्यता, प्रतिभा और क्षमता का लाभ अपने राज्य को देने का यथासंभव प्रयास करें। राज्यपाल ने कहा कि युवा साथियों से यह भी आग्रह है कि वे ट्रांसफोर्मेशन, मॉर्डननाइजेशन, डिजिटलाइजेशन, इनोवेशन की इस यात्रा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दें। राज्यपाल ने कहा कि वीरों की भूमि उत्तराखण्ड सैनिक राज्य है। लेकिन अब हमें अपने बेटों के साथ ही अधिक से अधिक बेटियों को भी सैन्य सेवाओं हेतु प्रोत्साहित करना होगा। यह प्रसन्नता का विषय है कि अब एनडीए के प्रवेश द्वार भी बालिकाओं के लिये खुल गये हैं। भविष्य में हमारी बेटियां भी सेना के बड़े एवं निर्णायक पदों पर पहुंचेगी। वे राष्ट्र की एकता और अखण्डता की वीर प्रहरी होंगी। मुझे आशा है कि अधिक से अधिक पहाड़ की बेटियां भी सैन्य सेवाओं में आएंगी तथा देश तथा प्रदेश को गौरवान्वित करेंगी। मेरा राज्य में रह रहे भूतपूर्व सैनिकों से आग्रह है कि राज्य की प्रगति विशेषकर रिवर्स माइग्रेशन के लिये कार्य करें। अपनी सेना की टै्रनिंग व अनुभवों का लाभ राज्य को दे। आपके समाज और राज्य को आपसे बहुत सी अपेक्षाएं हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने का सपना है। भविष्य में पूरी दुनिया से लोग यहां आत्मिक शांति के लिए आएंगे। आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बडे़ स्तर पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इक्कीसवी सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा। यह हर उत्तराखण्डवासी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। राज्यपाल ने कहा कि हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिये रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। अब दुनियाभर के सिक्ख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन और अधिक सुविधापूर्वक कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में घोषणा की कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों, जिनको रू. 3100 पेंशन प्राप्त हो रही है, को बढ़ाकर रू. 4500 तथा जिनको रू. 5000 पेंशन प्राप्त हो रही है, को बढ़ाकर रू. 6000 किया जायेगा। राज्य के प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर अध्ययनरत छात्राओं के शिक्षा को सुगम एवं सुविधायुक्त बनाने हेतु एक-एक महिला छात्रावास का निर्माण किया जायेगा। राज्य में आवश्यकतानुसार जनपद मुख्यालयों पर कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जायेगा। ईजा-बोई शगुन योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के सुरक्षित स्वास्थ्य हेतु अस्पतालों में 48 घण्टे रुकने वाली प्रसूता महिला को रू. 2000 उपहार धनराशि भेंट की जायेगी। जी रैया चेली-जागी रैया नौनी योजना के तहत 11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों को टी.एच.आर. सुविधा प्रदान की जायेगी। 11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों को सेनेटरी नैपकीन उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में सेनेटरी नैपकीन वेण्डिंग मशीन की स्थापना की जायेगी। 11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य परीक्षण यथाः हीमोग्लोबीन इत्यादि की जाँच निःशुल्क की जायेगी तथा हेल्प लाईन नं० 104 के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जायेगा। आरोग्य उत्तराखण्ड क्रोनिक डीजीज (दीर्घकालिक एवं पुरानी बिमारियां) के उपचार में ली जाने वाली दवाइयों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। देहरादून एवं हल्द्वानी में नशामुक्ति केंद्र की स्थापना की जायेगी। राज्य में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन डेवलपमेंट की स्थापना की जायेगी। कोविड-19 में सराहनीय कार्य के दृष्टिगत एनएचएम के कर्मियों को रू. 10,000 एकमुश्त प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी। राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने हेतु राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से संचालित 32 सेवाओं को अद्यतन करते हुए कुल 75 सेवाओं को ’’अपणि सरकार पोर्टल’’ के माध्यम से आम जनमानस को लाभ पहुंचाया जाएगा। सेवा का अधिकार अधिनियिम में अधिसूचित अवशेष 190 सेवाओं को भी शीघ्र ही ’’अपणि सरकार पोर्टल’’ के माध्यम से संचालित कर आम जनमानस को लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रदेश में खेल को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को खेल की विभिन्न विधाओं से जोड़ने के लिए ’’खेल नीति-2021’’ तुरन्त लागू की जाएगी। उत्तराखंड में स्वास्थ्य, पर्यटन से राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने हेतु राज्य को आयुष वेलनैस का हब बनाया जाएगा। जिसके अन्तर्गंत गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक गृहों में आयुष वेलनैस सेन्टर खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों व आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई हैं। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना है कि 2025 तक उत्तराखंड के प्रत्येक गांव को लिंक मार्गों के माध्यम से बड़े राजमार्गों और ऑल वेदर रोड से जोड़ सकें। जिससे पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके और पलायन की समस्या से उत्तराखंड को मुक्ति दिलाकर पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाया जा सके। उन्होंने कहा कि विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र धर्म स्थल हेमकुंड साहब को शीघ्र ही रोपवे से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इसी योजना के अन्तर्गत 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम तक केबल कार द्वारा पहुंचा जा सकेगा। राज्य सरकार नैनीताल में स्थित कैंचीधाम के विकास के लिए भी काम कर रही है जिसके अंर्तगत 60 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्य किए जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य अतुलनीय प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं भी समय-समय पर हमारी परीक्षाएं लेती रही हैं। पिछले दिनों अतिवृष्टि के कारण आई आपदा इसका एक उदाहरण है, जिसमें कई लोगों ने जान गंवाईं, जो अत्यन्त दुखद है। मैं उन सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं। राज्य सरकार आपदाओं का सामना त्वरित गति से करने के लिए संकल्पबद्ध है। इसी के परिणाम स्वरुप गत दिनों में आई आपदा का सामना हम सही प्रकार से कर सके और समय से राहत व बचाव कार्यों को संचालित कर कई लोगों की जान भी बचा सके। उन्होंने आपदा के समय हमेशा आगे रहकर लोगों की मदद करने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ समेत सभी सम्बन्धित विभागों की सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क कोविड वैक्सीनेशन महाभियान संचालित किया जा रहा है। हाल ही में हमारे देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन डोज का पड़ाव पार किया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड, 18 वर्ष से अधिक सभी नागरिकों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाये जाने वाला राज्य बन गया है। शत-प्रतिशत दूसरी डोज का लक्ष्य भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा कार्यकाल दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित रहा है। यह पहली सरकार है जिसने पलायन को गम्भीरता से लिया और रिवर्स पलायन को साकार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष व वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। सीमांत तहसीलों के लिए ’’मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’’ शुरू की है तथा सभी न्याय पंचायतों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ’’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना द्वारा स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने कोशिश की है। सरकार द्वारा शुरू की गई होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार हम वर्ष 2025 तक जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब हम उसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए हम ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं। जिसके द्वारा हम अन्त्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त कर सकें और उत्तराखंड को सच्चे अर्थों में देवभूमि बना सकें।
डी.जी.पी अशोक कुमार ने अपने संबोधन में उत्तराखण्ड पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी दी। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘‘विकल्प रहित संकल्प, नये इरादे, युवा सरकार, उत्तराखण्ड विकास के स्वर्णिम पथ पर’’ का विमोचन किया। इसके साथ ही उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका व उपवा की वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
रैतिक परेड का नेतृत्व जन्मेजय खण्डूरी, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा, द्वितीय कमाण्ड एवं परेड एडजूटेन्ट के साथ किया गया। परेड में उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न शाखाओं जैसे ट्रैफिक पुलिस, नागरिक पुलिस, पीएसी, महिला पीएसी, पुलिस दूरसंचार, दंगा नियन्त्रण, डॉग स्क्वाड, कमाण्डो दस्ता, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, सीपीयू आदि सम्मिलित थे। कार्यक्रम का संचालन उपनिरीक्षक पूनम प्रजापति एवं आरक्षी फायर मनीष पन्त द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्य सचिव एस एस संधु , अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।