अचानक पहुंचे सीएम अपनी विधानसभा, लोगों से मुलाकात कर समस्यायें जानीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को अपराह्न में खटीमा पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन आश्रम पद्धति जनजाति विद्यालय खटीमा के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया तथा संबंधित कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने खटीमा कृषि उत्पादन मंडी में धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां रखे नमी यंत्र की गुणवत्ता को भी देखा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कांटे में रखकर धान तोल यंत्र का भी निरीक्षण किया व मंडी में किसानों से वार्ता कर उनकी समस्यायें भी सुनी तथा उसके निराकरण के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने खटीमा में नवनिर्मित एकलव्य स्कूल भवन का अवलोकन किया नागरिक चिकित्सालय खटीमा में पहुंच कर उन्होंने आयुष विभाग की आकस्मिक सेवाओं का औचक निरीक्षण किया। वहां भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे हालचाल पूछा उन्होंने नागरिक चिकित्सालय में स्थापित हो एक हजार क्षमता वाले गैस प्लांट का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माणाधीन शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का अवलोकन भी किया तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश देते हुए कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पुराना अस्पताल खटीमा में अस्थाई सैनिक कैंटीन के निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया तथा कर्नल चंद्रा से फोन पर वार्ता कर 9 नवंबर से पहले कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों से भी बातचीत की तथा लोगों का हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय मार्केट खटीमा में ठेले पर मूंगफली का भी स्वाद लिया तथा मूंगफली विक्रेता चिरौंजी से उनका हाल-चाल भी पूछा। उन्होंने कहा कि इस दुकान पर आने से पुरानी यादें ताजी हो गई। मुख्यमंत्री ने हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की भी कामना की।

लोनिवि व संस्कृति विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा की गई लोक निर्माण विभाग तथा संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा की।
अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने घोषणाओं से सम्बन्धित प्रस्तावों पर जो भी औपचारिकताएं होनी है, उन्हें शीघ्रता से पूरा किया जाय। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता तथा पारदर्शिता का विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान बताया गया कि लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित माह जुलाई, 2021 से अब तक मुख्यमंत्री द्वारा कुल 181 घोषणायें की गई है जिसमें 1 घोषणा राज्यस्तरीय तथा 180 घोषणाएं जनपद स्तरीय है। 3 योजनाओं के शासनादेश निर्गत किये जा चुके हैं, शेष पर कार्यवाही गतिमान है। 55 घोषणाओं का आगणन प्राप्त हो गया है, जबकि शेष की डीपीआर तैयार की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिये कि जिन 55 घोषणाओं के आगणन शासन को प्राप्त हो चुके है। उनके शासनादेश एक हफ्ते के अन्दर निर्गत कर दिये जाय, तथा शेष के आगणन 10 नवम्बर तक तैयार हो जाय इसकी व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि 10 नवम्बर तक प्राप्त होने वाले आगणनों के शासनादेश 17 नवम्बर तक जारी हो जाय यह भी सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि 15 दिसम्बर तक की गई घोषणाओं की योजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिये जाएं।
संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा में बताया गया कि संस्कृति विभाग की कुल 16 घोषणाएं जिसमें 1 घोषणा मंत्रिमंडल द्वारा लिये गये निर्णय, 3 घोषणा राज्य स्तरीय तथा 12 घोषणा जनपद स्तरीय है। धर्मस्व में कुल 24 घोषणाओं में से 1 राज्य स्तरीय घोषणा तथा 23 जनपद स्तरीय घोषणाएं सम्मिलित हैं। जिन पर कार्यवाही गतिमान है।
संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत की गई घोषणाओं के सम्बन्ध में बताया गया कि जागेश्वर धाम श्रावणी मेले को राज्य मेला घोषित किये जाने एवं सोबन सिंह जीना के जन्मदिवस पर उनके पैतृक ग्राम सुनोली में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले उत्सव को राजकीय मेला घोषित किये जाने, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के चनौदा शहीद दिवस को राजकीय मेला घोषित किये जाने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत बग्वाल मेले को भी राजकीय मेला घोषित करने के साथ ही विभागीय मेला सूची में सम्मिलित किये जाने की कार्यवाही कर दी गई है। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद चन्द्र शेखर आजाद के बलिदान दिवस पर दुगडडा में आयोजित होने वाले शहीद मेले को विभागीय मेला सूची में शामिल कर दिया गया है।
लखुडियार चित्रित शैलाश्रय, ग्राम दिंगोली, अल्मोड़ा के सौन्दर्यीकरण, बग्वालीपोखर मे रामलीला मैदान का विस्तारीकरण चाहरदीवारी व मंच निर्माण, विधानसभा क्षेत्र खटीमा के नेपाल बार्डर पर आकर्षक भव्य गेट निर्माण, नौगवानाथ के गुरू गोरखनाथ के स्थान पर गुरू गोरखनाथ भव्य द्वार बनाये जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है।
इस दौरान बैठक में सचिव अमित नेगी, प्रभारी सचिव एस.एन.पाण्डेय, अपर सचिव सोनिका तथा अतर सिंह, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्री हेमकुण्ड साहिब पैदल मार्ग सहित रैलिंग व सतह मरम्मत का कार्य को 1 करोड़ 92 लाख रूपये मंजूर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के अन्तर्गत विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत खैरना-रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग के किमी 93 से ग्राम सौराल के तोक बगडिया तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 22.50 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत कैहड़गांव जगोई शिव मंदिर होते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र तक मोटर मार्ग का पुल सहित निर्माण कार्य हेतु 11 करोड़ 30 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र रामनगर के अन्तर्गत रामनगर रिंग रोड का पुनः निर्माण एवं सुधार कार्य हेतु 7 करोड़ 51 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र ज्वालापुर के अन्तर्गत ग्राम हद्दीपुर ग्रांट से शेखवाला ज्योतिगढ़ तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 1 करोड़ 76 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के अन्तर्गत एनएच-74 से विकासखण्ड कार्यालय रूद्रपुर होते हुए एचनएच-87 तक मार्ग का हॉटमिक्स द्वारा निर्माण हेतु 72 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अन्तर्गत घांघरिया से श्री हेमकुण्ड साहिब पैदल मार्ग सहित रैलिंग व सतह मरम्मत का कार्य हेतु 1 करोड़ 92 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 69 लाख रूपय, विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अन्तर्गत विभिन्न 04 निर्माण कार्यों (1) अंजनिया होते हुऐ 17 मि चौराहे तक नवनिर्माण/डामरीकरण (2) राज्यमार्ग संख्या 70 के किमी 48, 49 एवं 50 में नवीनीकरण का कार्य (3) छिनकी से गाजो होते हुए जंगल की ओर इण्टर लॉकिंग टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण (4) ग्राम श्रीपुर बिछुवा होते हुए नालापार वनकटिया से देवरी तक मार्ग के निर्माण हेतु 2 करोड़ 17 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के अन्तर्गत हवालबाग में सांई मंदिर से धार की तूनी तक मार्ग में डामरीकरण एवं सुधारीकरण हेतु 66 लाख 31 हजार रूपये, विधानसभा क्षेत्र प्रतापनगर में विभिन्न 3 कार्यों (1) ढुंग पंजारगांव मोटर मार्ग (2) खलेंटी से राजू की सारी खुड्डे से तहसील तक सड़क (3) ग्रामसभा गैरी से बैथाण नामे तोक के लिए मोटर मार्ग का निर्माण हेतु 1 करोड़ 20 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के अन्तर्गत विभिन्न 02 कार्य (1) वार्ड नं0-70 लक्खीबाग के आंतरिक मार्गों का निर्माण (2) क्लेमनटाउन स्थित बुद्धा मंदिर के समीप तासीकिल मोनेस्ट्री की आंतरिक मार्गों का निर्माण हेतु 1 करोड़ 20 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत सांगू धिंघारूकोट मोटर मार्ग का बांस बसवाड़ी तक विस्तार कार्य हेतु 48 लाख 70 हजार रूपये, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अन्तर्गत विभिन्न 2 कार्यों हेतु 1 करोड़ 20 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र चमोली के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 1 करोड़ 44 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत विभिन्न 4 निर्माण कार्यों (1) दोबाडकर्मी बघर ढोक्टीगांव मोटर मार्ग से रिखाड़ी बाछम तक मिलान (2) ग्राम फुलवारी चीराबगड़ तक 8 किमी० मोटर मार्ग (3) ग्राम मल्ला वाछम सरनी पिण्डरपुल से वाछल मल्ला गांव तक मोटर मार्ग (4) ग्राम सकन्यूडा तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 78 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र झबरेड़ा के अन्तर्गत विभिन्न 21 कार्यों हेतु 11 करोड़ 67 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत ग्राम रतूड़ा गांव से धार से झलमंगरा तक लिंक रोड का निर्माण कार्य हेतु 19 लाख 68 हजार रूपये, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत मुख्यमंत्री की घोषणान्तर्गत कोट से चौठारा होते हुए हूण तक मोटर मार्ग के नव निर्माण हेतु 73 लाख 55 हजार रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बालगंगा महाविद्यालय केमर, टिहरी गढ़वाल में संचालित स्ववित्त पोषित 5 विषयों को अनुदान सूची में सम्मिलित किये जाने व 7 पदों के सृजन की भी स्वीकृति प्रदान की है।

लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा दे रही सरकार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के कलाकारों के दल ने भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखंड में लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक परम्परा को आगे बढ़ाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी क्षेत्र की पहचान में वहां की लोक संस्कृति, बोली एवं लोक परम्परा का अहम योगदान होता है। जन चेतना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता में हमारे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कलाकारों के दल में कमल भंडारी, जितेंद्र पंवार, पदम गुसाईं, रवि गुसाईं एवं अन्य कलाकार मौजूद थे।

देवस्थानम बोर्ड पर उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट सरकार को मिली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को सचिवालय में देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष मनोहर कान्त ध्यानी ने भेंट की।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मनोहर कान्त ध्यानी ने देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में उच्च स्तरीय समिति द्वारा तैयार की गई अन्तरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कई बिन्दुओं पर तीर्थ पुरोहित समाज व पंडा समाज से वार्ता के बाद संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। जिन बिन्दुओं पर आपत्ति है वे बिन्दुओं पर सरकार अब क्या एक्शन लेगी ये तो सरकार ही तय करेगी।

बलूनी ने भी दिए थे संकेत
तीर्थ पुरोहितों से जुड़े हुए कुछ पदाधिकारियों ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से भेट की थी। जिसके बाद तीर्थपुरोहितों की ओर से ये दावा किया गया था कि अनिल बलूनी ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के संकेत दिये है। हालांकि सांसद की ओर से ऐसा कोई बयान नही आया था। सूत्र बतातें है कि चुनावी वर्ष में अब सरकार इसके नफा नुकसान का आंकलन करके ही आगे की रणनीति के तहत कार्य करेगी।

सीएम की, आपदा में राहत कार्यों के लिये सहयोग करने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में हाल ही में आयी आपदा में राहत कार्यों के लिये सहयोग के लिये केन्द्र सरकार के साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा गुजरात आदि राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ही अन्य संस्थानों का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के इस कठिन दौर में राज्य सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पीड़ितों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि संकट के समय यदि सभी लोग सहायता के लिये आगे आयेंगे तो निश्चित रूप से इस आपदा में हम आपदा प्रभावितों की बेहतर मदद कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने औद्योगिक संस्थानों, स्वयं सेवी संस्थाओं, अन्य विभिन्न संस्थाओं सहित सभी से अपील की है कि दैवीय आपदा के दृष्टिगत प्रदेश को इस समय आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हेतु सभी की मदद की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से यथा सम्भव सहयोग की भी अपील की है।

सीएम ने सड़कों की मरम्मत के लिये 142 करोड़ रुपये और जारी किये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीआरआईएफ (केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि) के अन्तर्गत जनपद देहरादून में जोगीवाला-लाडपुर-रायपुर रोड-सहस्त्रधारा क्रॉसिंग होते हुए मानसिंह के निकट तक सड़क का चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु 77 करोड़ 53 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी के सरदारनगर-बाजपुर-केशोवाला-कोटाबाग कालाढूंगी राजमार्ग संख्या 61 के किमी 41 से किमी 47.800 तक पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य हेतु 20 करोड़ 63 लाख रूपये, मरचुला-सराईखेत-बैजरों-पोखरा-सतपुली-बाणघाट-घण्डियाल कांसखेत पौड़ी राजमार्ग संख्या-32 के किमी 195 से किमी 242 में सुदृढीकरण कार्य हेतु 11 करोड़ 61 लाख रूपये, जनपद पौड़ी के विख रिखणीखाल में स्व जगमोहन सिंह नेगी मोटर मार्ग के किमी 140 से किमी 189 तक सुदृढीकरण कार्य हेतु 20 करोड़ 20 लाख रूपये, कर्णप्रयाग सिमली-ग्वालदम बागेश्वर-चौकोड़ी-थल मुनस्यारी-जौलजीवी मोटर मार्ग का सुदृढीकरण हेतु 12 करोड़ 27 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

सीएम के निर्देश पर आपदा प्रभावितों की सहायता राशि बढ़ाई गई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावितों को विभिन्न मदों में दी जा रही सहायता राशि को बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के मानकों में सम्भव न होने पर अतिरिक्त राशि की व्यवस्था मुख्यमंत्री राहत कोष से की जाए। मुख्यमंत्री ने पुनर्निर्माण व राहत कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये हाईपावर कमेटी बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावितों को यथासंभव सहायता दी जाए। सहायता राशि पाने में लोगों को अनावश्यक परेशान न होना पङे। जरूरतमंदों को हर सम्भव मदद सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में उच्चाधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्णय लिया गया कि प्रभावित परिवारों को कपड़े, बर्तन व घरेलू सामान के लिए दी जाने वाली अहेतुक सहायता राशि को 3800 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया है। पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान के लिये सहायता राशि जो कि मैदानी क्षेत्रों में 95 हजार रुपये प्रति भवन और पहाड़ी क्षेत्रों में 1 लाख 1 हजार 900 रुपये प्रति भवन दी जा रही है, को मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति भवन किया गया है। आंशिक क्षतिग्रस्त (पक्का) भवन के लिए सहायता राशि को 5200 रुपये प्रति भवन से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रति भवन और आंशिक क्षतिग्रस्त (कच्चा) भवन के लिए सहायता राशि को 3200 रुपये प्रति भवन से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति भवन किया गया है। भूमि क्षति के लिए राहत राशि न्यूनतम एक हजार रुपये अनुमन्य की जाएगी। अर्थात भूमि क्षति पर राहत राशि, कम से कम एक हजार रुपये तो दी ही जाएगी। घर के आगे या पीछे का आंगन व दीवार क्षतिग्रस्त होने को भी आंशिक क्षतिग्रस्त में लिया जाएगा। पहले इस पर सहायता नहीं दी जाती थी। जिन आवासीय कालोनियों में बिजली के बिल बाहर लगे थे, 18 व 19 अक्टूबर को आयी प्राकृतिक आपदा में खराब हो गये हैं, ऊर्जा विभाग इन खराब बिजली के मीटरों को निशुल्क बदलेगा।
राज्य आपदा मोचन निधि मानकों से अनुमन्य की गयी अधिक धनराशि का भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा। इसी प्रकार क्षतिग्रस्त भवनों के प्रकरणों में यदि भवन एसडीआरएफ के मानकों की परिधि से बाहर है तो ऐसे प्रकरणों पर सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी।
जीएसटी के दायरे से बाहर के छोटे व्यापारियों को दुकान में पानी भर जाने आदि से नुकसान होने पर 5 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। एसडीआरएफ के मानकों में कवर न होने पर की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 नवम्बर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करना है। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को इसकी लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनंद बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एसए मुरूगेशन, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, आयुक्त कुमाऊं सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एक जनपद दो उत्पाद योजना का शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड में “एक जनपद दो उत्पाद” (वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट्स) योजना संबंधी शासनादेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की विशेष प्राथमिकता के आधार पर राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत बाजार में मांग के अनुरूप कौशल विकास, डिजाइन विकास, रॉ मैटेरियल के ज़रिए नई तकनीक के आधार पर प्रत्येक जिले में दो उत्पादों का विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस योजना पर लागू करने के पीछे उद्देश्य उत्तराखण्ड के सभी 13 जिलों में वहां के स्थानीय उत्पादों को पहचान के अनुरूप परंपरागत तथा शिल्प उद्योग का विकास करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रॉडक्ट्स” से स्थानीय काश्तकारों एवं शिल्पकारों को जहां एक ओर स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे वहीं दूसरी ओर हर जिले में स्थानीय उत्पाद की विश्वस्तरीय पहचान बन सकेगी।
सचिव अमित नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि अल्मोड़ा में ट्वीड एवं बाल मिठाई, बागेश्वर में ताम्र शिल्प उत्पाद एवं मंडवा बिस्किट, चंपावत में लौह शिल्प उत्पाद एवं हाथ से बने उत्पाद, चमोली में हथकरघा-हस्तशिल्प उत्पाद तथा एरोमेटिक हर्बल प्रोडक्ट को एमएसएमई विभाग द्वारा एक जिला दो उत्पाद के तहत चिन्हित किया गया है। सचिव ने बताया कि देहरादून में बेकरी उत्पाद एवं मशरूम उत्पादन, हरिद्वार में जगरी एवं शहद उत्पाद, नैनीताल में ऐपण कला एवं कैंडल क्राफ्ट, पिथौरागढ़ में ऊन के उत्पाद एवं मुनस्यारी राजमा को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया है। इसी प्रकार पौड़ी जिले में हर्बल उत्पाद एवं लकड़ी के फर्नीचर संबंधित उत्पाद, रुद्रप्रयाग में मंदिर कलाकृति हस्तशिल्प एवं प्रसाद सम्बंधी उत्पादों, टिहरी जिले में नेचुरल फाइबर प्रोडक्ट्स एवं टिहरी नथ, ऊधम सिंह नगर में मेंथा आयल एवं मूँज ग्रास प्रोडक्ट, उत्तरकाशी में ऊन हस्तशिल्प एवं एप्पल बेस्ड प्रोडक्ट को इस योजना के तहत चयनित किया गया है।

विशेषज्ञों के 25 सदस्यों का दल चारधाम ट्रैक पर पुराने मार्गों की खोज करेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से चारधाम के पुराने मार्गों को खोजने के लिए 25 सदस्यों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) ने ट्रैक द हिमालय के साथ मिलकर यह अभियान शुरू किया है। इसके तहत विशेषज्ञों के 25 सदस्यों का दल चारधाम ट्रैक पर पुराने मार्गों को खोजने के लिए 1200 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करेगा। दल द्वारा यह अभियान लगभग 50 दिनों तक चलाया जायेगा। दल पुराने चार धाम और शीतकालीन चार धाम मार्ग को खोजने का काम करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्रेकर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गर्व का क्षण है कि हमारे पास उत्तराखंड की पुरानी पगडंडियों का पता लगाने के लिए एक युवा बल है। यह पहल हमारी सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इस अभियान से उत्तराखंड में साहसिक खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण जागरूकता फैलाने, होमस्टे, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अपर सचिव युगल किशोर पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अश्विनी पुंडीर, अपर निदेशक विवेक सिंह चौहान, अपर निदेशक पूनम चंद मौजूद थे।