धामी सरकार की इन योजनओं से मिल रहा स्वरोजगार और आर्थिक मदद भी

उत्तराखंड में होम स्टे के तहत प्रदेश में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना, ट्रैकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना चलाई जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होमस्टे का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को 15 लाख रुपये तक पूंजी सहायता और डेढ़ लाख रुपये तक ब्याज सहायता दी गई है। पांच वर्षों के लिए राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था भी सरकार ने की है। सीएम धामी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3700 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं, जिन्हें 14 करोड़ 53 लाख रुपये पूंजी सहायता वितरित की जा चुकी है। होम स्टे से प्रदेश में आठ हजार से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
सरकार, होम स्टे संचालकों को गांवों में पर्यटन के बुनियादी ढ़ाचे के विकास, निजी वेबसाईट पर होम स्टे विज्ञापित करने, सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार, निशुल्क प्रशिक्षण, ट्रैवल मार्ट में निशुल्क भागीदारी और गुणवत्ता निर्धारण से ग्रेडिंग की सुविधाएं भी दे रही है। सीएम धामी ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने व पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही ट्रैकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना के लिए भी अक्तूबर तक 120 लाभार्थियों को तीन करोड़ 20 लाख का अनुदान दिया जा चुका है।
आपको बता दें कि हाल ही में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए सुशासन सम्मेलन (मुख्यमंत्री परिषद) में उत्तराखंड की होम स्टे योजना छा गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार के लिए इस योजना का प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रभावी प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि किस तरह प्रदेश में स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के मकसद से होम स्टे पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कोविड राहत पैकेज के तहत अब तक जारी हुए 136 करोड़

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा गुरूवार को सचिवालय में कोविड राहत पैकेज के तहत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की विभागवार समीक्षा की गई। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को अविलम्ब पूर्ण करने के भी निर्देश दिये।
कोविड राहत पैकेज के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा बताया गया कि पर्यटन व्यवसाय की विभिन्न गति विधियों से सम्मिलित व्यक्तियों, टूर ऑपरेटर्स वोट संचालकों, आदि कुल 20810 लाभार्थियों को 13.39 करोड़ तथा वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीन दयाल होम स्टे योजना के अन्तर्गत 590 लाभार्थियों को व्याज की प्रतिपूर्ति के रूप में 1.33 करोड़ अवमुक्त की गई है। परिवहन विभाग के अन्तर्गत कुल 32486 सार्वजनिक सेवायानों के चालकों, परिचालक, क्लीनर को आर्थिक सहायता के रूप में 6.68 करोड़ की धनराशि संस्कृति विभाग के 1030 सांस्कृतिक दलों को 21 लाख शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत नौकुचियाताल भीमताल, सातताल आदि में पंजीकृत 420 वोट संचालकों को 42 लाख, महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 2318 लाभार्थियों का 2.79 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है।
समीक्षा के दौरान ग्राम्य विकास विभाग द्वारा बताया गया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 217526 स्वयं सहायता समूहों को ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में 20.58 करोड़, ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 65186 सीएलएफ को एक मुस्त अनुदान के रूप में 7.95 करोड़ तथा 459 ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारियों को रू. 10 हजार की प्रोत्साहन राशि के रूप में 45.90 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की 33297 आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों, मिनी कार्यकर्तियों एवं सहायिकाओं को एक हजार प्रति कार्मिक की दर से 3.33 करोड़, 33297 आंगनवाड़ी कार्यकर्ती एवं मिनी कार्यकर्ती एवं सहायिकाओं को दो हजार प्रति कार्मिक की दर से 6.66 करोड़ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत 12529 आशा वर्कर आदि को दो हजार प्रतिमाह की दर से 5 माह का 12.53 करोड़, रक्षा बंधन पर 11983 आशा कार्यकर्तियों को एक हजार की दर से 1.20 करोड़, युवा कल्याण विभाग के 1087 युवक मंगल दल, महिला मंगल दलों को 6 माह की आर्थिक सहायता के रूप में 1.55 करोड़ तथा राजस्व विभाग के अधीन 1347 पटवारी लेखपाल, राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार को दस हजार की एक मुस्त प्रोत्साहन राशि के रूप में 1.34 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है।
बैठक में सचिव एस.ए मुरूगेशन, रविनाथ रमन, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पांडे आदि उपस्थित रहे।

हरवंश कपूर ने हमेशा अभिभावक की तरह मार्गदर्शन किया-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरूवार को जीएमएस रोड़ स्थित फार्म हाउस में आयोजित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक स्व. हरवंश कपूर की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। स्व. हरबंस कपूर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे युवा मोर्चा के अध्यक्ष थे तो उस समय भी स्व. हरबंस कपूर बहुत सारे कार्यक्रमों में एक कार्यकर्ता की भांति हमारे साथ जाते थे, उन्होंने हमेशा अभिभावक की तरह मेरा भी मार्गदर्शन तो किया ही जीवन के विभिन्न पहलुओं में सामंजस्य बैठाना भी उन्होंने उनसे सीखा। उनका अचानक इस तरह से जाना परिवार के साथ ही समाज, पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपूर साहब हमेशा हमारे स्मरण में रहेंगे। उनका व्यक्तित्व बड़ा सहज एवं सरल था। वे हमेशा आने वाली पीढ़ियों के स्मरण में भी रहेंगे, और उनके व्यक्तित्व से हमारी आने वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा लेगी, हम सब उनके बताये मार्ग पर चलकर कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके शोकाकुल परिवार जनों, उनके चाहने वालों, पार्टी कार्यकर्ताओं को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।

सैनिक पुत्र को मुख्यमंत्री बनाना लोकतंत्र की महानता-मुख्यमंत्री

विजय दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सैनिक सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए प्रत्येक पूर्व सैनिक के पास जाकर शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी को विजय दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि वीर सैनिकों के सम्मान से देश का स्वाभिमान एवं सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी भी पूर्व सैनिक नहीं होता वह सदैव वीर सैनिक ही रहता है। उन्होंने सैनिकों के सम्मान की इस परम्परा को आगे भी बनाये रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोकतंत्र की महानता तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं दल के नेतृत्व की शुभकामनाओं का प्रतिफल है कि एक सैनिक के बेटे को मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सैन्य बलों की मजबूती तथा उन्हें आवश्यक सुविधायें एवं साज सामान उपलब्ध कराने, वन रैंक वन पेंशन की सुविधा के साथ ही जवानों को गोली का जवाब तुरंत गोली से देने की छूट देकर सैनिकों को उनका वास्तविक सम्मान एवं श्रेय देने का कार्य किया है। आज हमारी सेना दुश्मन के घर जाकर उनका मुकाबला करती है। हमारी सशक्त एवं मजबूत सेना के कारण दुनिया में हमारे देश का हौसला बुलंद हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सेना को दिये गये सम्मान की परम्परा का प्रतिफल है कि आज सभी सेना का सम्मान करने के लिये मजबूर हैं। आज भारत बदल रहा है। देश का स्वाभिमान बढ़ रहा है। उन्होंने स्वयं को सैनिक का बेटा व भाई बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अनुशासन सेना से सीखा है। सैनिकों के कल्याण के लिये जो भी जरूरी होगा उसके लिये वे सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून में शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने स्व. सी.डी.एस. जनरल विपिन रावत का स्मरण कर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे सैनिकों के कल्याण के हिमायती थे। स्व. विपिन रावत के साथ उन्होंने देहरादून लैंस डाउन, बनबसा एवं रानीखेत में पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रम निर्धारित किया था। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उनसे हुई मुलाकात में भी सैनिकों से जुड़े कार्यक्रमों पर वार्ता हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि 2025 में अपना रजत जयंती वर्ष मनाते समय उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, इसके लिये हम राज्य के समग्र विकास के प्रति प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है। बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण का कार्य भी गतिमान है। प्रधानमंत्री के सफल मार्गदर्शन में देश में हर वो कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है जो पहले मुमकिन नहीं लगते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम अपनी दिव्यता का प्रदर्शन कर रहा है। राम मंदिर का निर्माण प्रगति पर है। कश्मीर से धारा 370 तथा 35 ’ए’ हटा कर देश से दो विधान दो निशान दो संविधान की परिपाटी को समाप्त कर देश का सम्मान बढ़ाया है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है, सैनिकों की भूमि है। देश का हर पांचवा सैनिक उत्तराखण्ड से होता है। भारतीय सेना का सैनिक होना गर्व की बात है। आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में सुरक्षित है। नरेन्द्र मोदी की सरकार और पुष्कर सिंह धामी की सरकार हर पल सैनिकों के हितों के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैनिकों की वन रैंक वन पेंशन की बङी मांग पूरी की। वे अपने त्यौहार बॉर्डर पर सैनिकों के बीच मनाकर उनका मनोबल बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप उत्तराखण्ड में दिव्य और भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शहीदों के घरों से पवित्र मिट्टी लाई गई है। यहां म्यूजियम होगा, लाईट व साउंड शो होगा। शहीद जसवंत सिंह और बाबा हरभजन के मंदिर बनेंगे। राज्य सरकार शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। देहरादून में वार मेमोरियल बॉयज एंड गर्ल्स होस्टल बनाया है। हल्द्वानी में भी बनाया जाएगा। वीरता पदक से अलंकृत के लिए राशि में कई गुना वृद्धि की गई है। हमारी सरकार दिल से सेना और सैनिकों का सम्मान करती है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, से.नि. जनरल सब्बरवाल, ब्रिगेडियर के.जी बहल, कर्नल भण्डारी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी व सैनिक उपस्थित रहे।

सीएम ने 2025 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की बात कही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष, भारत सरकार सर्वानन्द सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को अलकनन्दा घाट, हरिद्वार में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ’’आयुष संवाद’’-उत्तराखण्ड आयुषः संसाधन एवं संभावनायें’’-कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का चहुमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि जब हम उत्तराखण्ड का 25वां स्थापना दिवस मनायेंगे, उस समय हमारा राज्य उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में हिन्दुस्तान का अग्रणी राज्य होगा, इसके लिये हम कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष, भारत सरकार से उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उत्तराखण्ड राज्य से जो भी अपेक्षायें होंगीं, उन्हें हम पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम विश्व में रोशन किया है। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अद्भुत कॉरिडोर बना है। अहिल्याबाई होल्कर के बाद प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ के स्वरूप को संवारा है। उन्होंने केदारनाथ धाम व बद्रीनाथ धाम का उल्लेख करते हुये कहा कि केदारनाथ में 400 करोड़ रूपये की योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास हुये है तथा अप्रैल में केदारनाथ में तीसरे चरण के कार्यों की शुरूआत हो जायेगी। इसके अलावा बद्रीनाथ धाम के लिये 250 करोड़ रूपये की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसके लिये टेण्डर की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गयी है।
सर्वानन्द सोनोवाल, केन्द्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये घोषणा की कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 10 बेड का आयुष हॉस्पिटल उत्तराखण्ड में स्थापित किया जायेगा, राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल आयुष यूनिट (आयुष रथ) संचालित किये जायेगे, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्य में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जायेगी, राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत 50 बेड का यूनानी हॉस्पिटल स्थापित किया जायेगा, 100 आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से 200 स्कूलों में हर्बल गार्डन की स्थापना की जायेगी, नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से उत्तराखण्ड के तेरह जिलों में तेरह नर्सरियों की स्थापना की जायेगी, मेडिकल प्लांट आदि की अवस्थापना के लिये प्रत्येक वन पंचायत को 15 लाख की सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में मर्म चिकित्सा की व्यवस्था होगी तथा यह देश का प्रमुख केन्द्र बनेगा।
केन्द्रीय आयुष मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को आयुष क्षेत्र के विकास के लिये सहायता दी जा रही है तथा उत्तराखण्ड को महत्वपूर्ण प्रदेश के रूप में विकसित करेंगे। प्रधानमंत्री जी दिन-रात कड़ी मेहनत व ईमानदारी से देश की सेवा में लगे हुये हैं, जिससे हमें भी प्रेरणा व मार्गदर्शन मिलता रहता है। उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली से हिन्दुस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री हमेशा एक भारत श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं तथा उन्होंने हर वर्ग को साथ लेकर देश को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री धामी का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि वे मेहनत व लगन से उत्तराखण्ड की जनता की सेवा में लगे है तथा उन्होंने अल्प समय में ही उत्तराखण्ड की जनता के दिलों में अपना स्थान बना लिया है।
उत्तराखण्ड के वन, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम, कौशल विकास एवं सेवायोजन, आयुष, आयुष शिक्षा, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड महर्षि चरक ऋषि की धरती है। उत्तराखण्ड योग, आयुर्वेद, मां गंगा की धरती है। प्रधानमंत्री ने योग को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया तथा आयुष मंत्रालय का गठन किया, जिसकी वजह से आज आयुष के क्षेत्र में काफी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय में लोगों ने आयुष के महत्व को समझा। उन्होंने बताया कि आज 19 आयुर्वेदिक कॉलेज हैं, जिनमें 11 सौ सीटें हैं।
समारोह को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय भारत सरकार, डी0 सैन्थिल पाण्डियन, संयुक्त सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा, भारत सरकार, प्रो0 सुनील कुमार जोशी, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय ने भी संबोधित किया।
मंच का संचालन डॉ0 नरेश चौधरी, सचिव, रेडक्रॉस ने किया। इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय की छात्राओं ने धन्वन्तरि वंदना प्रस्तुत की। इसके अलावा डी0ए0वी0 पब्लिक की छात्राओं एवं देव संस्कृति संस्था ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों आदि को मंत्रमुग्ध कर दिया। अलकनन्दा घाट परिसर में आयुष से सम्बन्धित भव्य स्टॉल लगाये गये थे।

भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है।
मुख्यमंत्री ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि हमारे इन जवानों की वजह से सभी चैन की नींद सोते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।

नमामि गंगे के तहत खटीमा और ऋषिकेश को मिली 6 करोड़ की दो योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3.62 करोड़ के दो स्नान घाटों के निर्माण तथा ऋषिकेश में 2.50 करोड़ लागत वाली घाट क्लीनिंग परियोजना की स्वीकृति प्रदान किये जाने पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार जताया है।
ज्ञातव्य है कि राजीव रंजन मिश्रा, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में सम्पन्न बैठक में उत्तराखण्ड राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3 करोड़ 62 लाख की लागत से स्नान घाट परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है, इस परियोजना के अन्तर्गत 40-40 मीटर के दो स्नान घाटों का निर्माण किया जायेगा। गौरतलब है कि भारत-नेपाल सीमा से लगे होने के चलते यह घाट का सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश में घाटों की सफाई हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान हुई है। लगभग 2.5 करोड़ की लागत से ऋषिकेश में 2 वर्षों हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना क्रियान्वित की जायेगी, जिसमें केन्द्र से 70 प्रतिशत एवं राज्यांश 30 प्रतिशत रहेगा।

लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना को केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की स्वीकृति दिये जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय महत्व की परियोजना जल्द पूरी होगी। वर्षों से लम्बित परियोजना पर प्रधानमंत्री की इच्छा शक्ति से राष्ट्र हित में निर्णय लिया गया है। 90 प्रतिशत केन्द्रीय वित्त पोषण की इस परियोजना से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान राज्य लाभान्वित होंगे। इससे इन राज्यों को जलापूर्ति होगी। परियोजना के जल घटक का लाभ 6 राज्यों को मिलेगा तथा विद्युत घटक का लाभ उत्तराखंड को मिलेगा। जलघटक का 90 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान सहायता के रूप में दिया जाएगा।

भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता और पराक्रम का ऐतिहासिक दिन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना, भूतपूर्व सैनिकों, देश एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है। इसी दिन मात्र 13 दिन में भारतीय सैनिकों के साहस व बहादुरी के सामने नतमस्तक होकर पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा था। हमारे सैन्य इतिहास की यह सबसे बड़ी विजय थी।
मुख्यमंत्री ने 1971 भारत-पाक युद्ध के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों के पराक्रम से पाकिस्तानी सैनिकों का मनोबल टूट गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा सैनिकों के प्रति श्रद्धा का भाव है। प्रदेश में सैनिकों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में भारतीय सेना को समर्पित भव्य सैन्य धाम का भूमि पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्ण मनोयोग से इस सैन्यधाम का निर्माण कर रही है। इसके लिये 1734 शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी लायी गई है। उन्होंने कहा कि यह सैन्य धाम युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिये प्रेरित करने के साथ ही भारतीय सेना के गौरवमय इतिहास की जानकारी भी देश व दुनिया को प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते हैं। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने सैनिकों की वीरता पर नाज है और पूरा देश उनकी बहादुरी को नमन करता है।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण के निर्देश

केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण कराने के लिए रेल मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल मंत्री से धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के लिए अनुरोध किया था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन का शीघ्र परीक्षण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।