गोपेश्वर में जनसंवाद शिविर में ही पूरा हुआ सरिता देवी का इंतजार, मिली झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। साथ ही विभिन्न विभागों की जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र एवं वित्तीय सहायता वितरित कर सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया।

इस अवसर पर आयोजित शिविर में कुल 7,472 लोगों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न विभागों को प्राप्त 1,737 आवेदनों का शिविर के दौरान ही निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त कुल 203 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 172 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। शिविर के माध्यम से 4,632 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विकासखंड नन्दानगर के ग्राम खलतरा की सरिता देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में झंगोरे का भरपूर उत्पादन होता है, लेकिन मंड़ाई एवं प्रसंस्करण की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उनकी झंगोरा मंड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए शिविर स्थल पर ही कृषि विभाग के स्टॉल से उन्हें झंगोरा मड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई।

विकासखंड दशोली के ग्राम रौली ग्वाड़ निवासी श्री नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए अगस्त माह तक बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विकासखंड ज्योतिर्मठ के ग्राम बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए पोल्ट्री हट उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत उनका प्रस्ताव स्वीकृत कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार विकासखंड दशोली के ग्राम कौजपोथनी निवासी जयदीप सिंह ने लोक निर्माण विभाग में मोटर मार्ग एवं पुलिया निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारी पंजीकरण का आवेदन चार दिनों से लंबित होने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने अधिशासी अभियंता को आज ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर पंजीकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। वहीं विकासखंड पोखरी के ग्राम नौली निवासी देवेन्द्र सिंह ने एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के पौधे एवं ओलावृष्टि से फलों की सुरक्षा के लिए एंटी-हेल नेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला उद्यान अधिकारी को उन्हें अनुदान सहित विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहा है, जिससे जनसेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं वित्तीय सहायता भी वितरित की। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से 6 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 3 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति पुत्री विवाह अनुदान प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा तिलक स्वयं सहायता समूह, ग्राम कुण्डी को फार्म मशीनरी बैंक, एक लाभार्थी को झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, दो लाभार्थियों को झाड़ी/घास कटर मशीन तथा ग्राम बैरागना को चौन लिंक्ड फेंसिंग उपलब्ध कराई गई। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर प्राप्त करने वाली रूपकुण्ड फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, हाटकल्याणी (देवाल) तथा उन्नति स्वायत्त सहकारिता एफपीओ, पडेरगांव (नन्दानगर) को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया।

सहकारिता विभाग के माध्यम से 4 लाभार्थियों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के चेक वितरित किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 2 लाभार्थियों को चारा बीज उपलब्ध कराया गया। उद्यान विभाग के अंतर्गत एक लाभार्थी को नाबार्ड पॉलीहाउस योजना हेतु ₹4 लाख, एक लाभार्थी को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत ₹2 लाख, एक लाभार्थी को मशरूम उत्पादन योजना के लिए ₹2 लाख तथा एक लाभार्थी को कीवी मिशन योजना के अंतर्गत ₹4.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 5 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

हर गाँव का यही पैगामः एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य में ‘हर गाँव का यही पैगामरू एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और अधिक से अधिक पौधरोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

चारधाम यात्रा को मिलने जा रही नई मजबूती, रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में बनने जा रहा आधुनिक राज्य अतिथि गृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद रुद्रप्रयाग के रतूड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अतिथि गृह की कार्ययोजना, डिजाइन और निर्माण संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस राज्य अतिथि गृह के निर्माण के लिए रतूड़ा में 0.375 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल है, जिसके चलते इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) शीघ्र तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किया जा सके।

आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला का होगा समावेश
बैठक के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित भवन को आधुनिक पहाड़ी शैली में विकसित किया जाए। भवन के निर्माण में स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक परिवेश और पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए, जिससे यह संरचना उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रतिबिंबित कर सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले उपयोग को देखते हुए पर्याप्त संख्या में कक्ष, बैठक कक्ष, वीआईपी सुविधाएं, पार्किंग, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। इससे राज्य अतिथि गृह केवल सरकारी उपयोग तक सीमित न रहकर राज्य की प्रतिष्ठित आवासीय परिसंपत्तियों में शामिल हो सकेगा।

एनजीटी और पर्वतीय मानकों का रखा जाएगा ध्यान
बैठक में पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव राज्य संपत्ति ने निर्देश दिए कि भवन की नदी से दूरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप निर्धारित की जाए। इसके अलावा भवन की ऊंचाई तथा निर्माण संबंधी सभी मानदंड पर्वतीय क्षेत्रों के निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किए जाएं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। शासन स्तर पर इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी।

चारधाम यात्रा और प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार रुद्रप्रयाग जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है। केदारनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं, वीआईपी आगंतुकों तथा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही को देखते हुए राज्य अतिथि गृह का निर्माण अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक बैठकों तथा राज्य अतिथियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस और सहायक अभियंता ओमप्रकाश चन्द्र उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप राज्य की परिसंपत्तियों को आधुनिक और उपयोगी स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह चारधाम यात्रा तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। हमारा प्रयास है कि इसे आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला, उच्च गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। अधिकारियों को विस्तृत डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू होकर निर्धारित अवधि में पूरा किया जा सके।
– डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव राज्य संपत्ति विभाग

पौड़ी में आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का सीएम धामी ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

नीति घाटी में पर्यटन विकास को नई उड़ान, सीएम ने की कई अहम घोषणाएं

जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के पुरस्कार वितरण समारोह में वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में जनपद चमोली के नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर एवं महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत सामुदायिक होम स्टे निर्माण के साथ ग्रामीण पर्यटन हेतु आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नीति घाटी के विभिन्न गांवों एवं प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनज एवं व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त जनपद चमोली के रिमखिम एवं बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को विकसित करने के उद्देश्य से ‘सीमा दर्शन केंद्र’ का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में साहसिक पर्यटन एवं बड़े आयोजनों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी की इन घोषणाओं से नीति घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 का शुभारंभ कर गजा क्षेत्र के लिए विकास योजनाओं की दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 के अवसर पर क्षेत्र के समग्र विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घंटाकर्ण महादेव मंदिर तक रोपवे निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही नगर पंचायत गजा क्षेत्र में विभिन्न आंतरिक मार्गों के निर्माण, गजा मैदान के विस्तारीकरण एवं मंच निर्माण की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने शहीद विक्रम सिंह नेगी राजकीय पॉलिटैक्निक गजा में फार्मेसी विषय की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोटेश्वर झील के विकास तथा डांडाचली में इको पार्क निर्माण की घोषणा की। साथ ही पावकी देवी एवं चमराड़ा देवी (भरपूर) मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्य कराए जाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने दंदेली, अंदरफीगांव, फलसारी, बिमाण गाँव मोटर मार्ग तथा रणाकोट डांडा जमोला मोटर मार्ग की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।

स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने चाका महिला अस्पताल को PHC में परिवर्तित कर उसके उच्चीकरण तथा चाका में सामुदायिक भवन के सुदृढ़ीकरण की घोषणा की। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंगटाली एवं पजै गाँव को इंटर स्तर पर उच्चीकृत करने तथा नरेंद्रनगर महाविद्यालय को पीजी स्तर पर उच्चीकृत किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री धामी ने गजा तहसील में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान एवं जल निगम के तहसील स्तरीय कार्यालयों/कार्यक्रमों की स्वीकृति देने की घोषणा भी की। इसके अतिरिक्त हेंवल नदी में झील निर्माण तथा गजा बगीद के 33 KV सब स्टेशन की स्वीकृति प्रदान किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी तथा आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा, टिहरी गढ़वाल पहुंचकर “गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026” (द्वितीय संस्करण) का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गजा स्थित प्राचीन घंटाकर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही उन्होंने राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने समस्त क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं एवं धार्मिक आस्थाओं को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गजा आगमन पर माताओं एवं बहनों द्वारा तिलक लगाकर किए गए आत्मीय स्वागत से वे अभिभूत हैं और सभी को हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं। उन्होंने कहा कि केदारखंड में घंटाकर्ण मंदिर का विशेष महत्व वर्णित है तथा यह क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमि है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने अत्यंत शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुतियां दी हैं। उन्होंने कहा कि गजा महोत्सव निरंतर विराट स्वरूप ग्रहण कर रहा है तथा इसका विस्तार तेजी से हो रहा है। इस वर्ष का आयोजन पहले की अपेक्षा अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा, लोक कला, आभूषण एवं खान-पान की अपनी विशिष्ट पहचान है, जिसका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम एवं महाकाल लोक जैसे विकास कार्य देश की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं आह्वान पर राज्य सरकार उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास करने तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नगर पंचायत कार्यालय, गौशाला, मिनी स्टेडियम, क्रिकेट छात्रावास एवं विभिन्न पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा कई योजनाएं प्रगति पर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमस्टे, वेडिंग डेस्टिनेशन एवं हाउस ऑफ हिमालय जैसी योजनाओं को सशक्त बनाने के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित एवं सांस्कृतिक संरक्षण के दृष्टिगत कई महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय लिए हैं। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं रोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राज्य के रूप में नई पहचान दिलाई जाएगी तथा भावी पीढ़ियों के लिए सशक्त उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने गजा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना तथा विकास कार्यों को जनसहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ाना है।

नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गजा क्षेत्र को अनेक विकास योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसके लिए क्षेत्रवासी उनके आभारी हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, लोकगीत, लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लॉक प्रमुख चंबा सुमन सजवाण, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पालिका अध्यक्ष चंबा शोभना धनौला, नगर पंचायत अध्यक्ष मुनि की रेती विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मीना खाती, हुकुम सिंह भंडारी, जसवंत सिंह, खेमे घ. चौहान, मंच संचालक राजेश रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

उत्तराखण्ड बनेगा भारतीय ज्ञान विज्ञान और संस्कृति का वैश्विक केंद्रः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में संस्थान को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल आस्था और अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भी भूमि रही है। ऋषिकुल, हरिद्वार में इस महत्वपूर्ण संस्थान को नई पहचान देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कुंभ शुरू होने से पहले यह कार्य पूर्ण किया जाए। पर्यटन विभाग इसमें नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु को निर्देश दिये कि इस संस्थान के कार्यों की नियमित प्रगति के लिए संबंधित विभागीय सचिवों के साथ पाक्षिक बैठकें की जाएं। इसमें विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी जनपदों की लोक कला पर आधारित गतिविधियां भी इसमें शामिल की जाएं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान तथा जीवन मूल्यों पर आधारित शोध और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित और त्रिकोणमिति जैसे महत्वपूर्ण गणितीय सिद्धांत दिए हैं। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को शोध और शिक्षा से जोड़ा जाए। बैठक में संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत में धातु विज्ञान, जल प्रबंधन, जैविक खेती और मौसम आधारित कृषि ज्ञान अत्यंत विकसित था, जिसे आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन, कर्तव्यबोध और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि संस्थान में डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र, ई-लर्निंग सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाए।

बैठक के दौरान संस्थान में भारतीय विद्या शाखाओं के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटन, आयुर्वेद ज्योतिष और योग शिक्षा के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि ज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं को संस्थान में वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के श्रुति केन्द्र में वेद, उपनिषद और शास्त्रीय ज्ञान की परंपरा, दर्शन केन्द्र में भारतीय दर्शन और चेतना के गहन विचार, आयु केन्द्र में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से जीवन का संतुलन, विज्ञान केन्द्र में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक विज्ञान की विरासत और कला केन्द्र में भारतीय कला, संस्कृति एवं सौन्दर्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में विकसित किया जायेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, डॉ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार, डॉ. आर. राजेश कुमार, रंजना राजगुरू, उपाध्यक्ष हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण सोनिका, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित मौजूद थे।

बद्रीनाथ में सीएम ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्यों की प्रगति का लिया विस्तृत जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज चमोली स्थित बीआरओ गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। इस अवसर पर आयोजित बैठक में पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से धाम में चल रहे निर्माण कार्यों, उनकी वर्तमान प्रगति, तकनीकी पहलुओं तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (पीआईयू) योगेश मनराल ने विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति, अब तक की उपलब्धियों तथा निर्धारित समयसीमा के सापेक्ष प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिनमें आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार, आवागमन व्यवस्था में सुधार तथा आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण को देखते हुए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बद्रीनाथ धाम को एक भव्य, दिव्य, सुरक्षित और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उन्हें एक सुव्यवस्थित एवं सुखद अनुभव प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए तकनीकी दक्षता का पूर्ण उपयोग किया जाए, ताकि कार्यों में तेजी और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सकें।

उन्होंने आगे निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही सभी सुविधाओं में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्री आवागमन, आवास, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए और उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धाम के विकास कार्यों के दौरान पारंपरिक स्वरूप, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास और विरासत के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सकें और बद्रीनाथ धाम का समग्र विकास तेजी से आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों, अधिकारियों की प्रतिबद्धता और केंद्र सरकार के सहयोग से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे और यह धाम भविष्य में एक आदर्श, भव्य और विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

श्रीमद् भागवत भगवान श्री कृष्ण का संजीव स्वरूप: धामी

यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदमों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से चारधाम यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कारण यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है। प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाटों के निर्माण कार्य, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी कार्यशैली के परिणामस्वरूप यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्रवासियों को व्यापक एवं प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर व्यास पीठ से भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था एवं सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव एवं मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।

ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट, टिहरी गढ़वाल में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को पहली बार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य को साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर की 19 टीमों के 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जो कैनोइंग, रोइंग एवं कयाकिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेल आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन रक्षक साबित होती है और आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है और युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। राज्य सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी उभर रहा है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवान, अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी गढ़वाल मोहन सिंह रावत, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एडीजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी नॉर्दन फ्रंटियर आईटीबीपी मनु महाराज, आईजी सीआरपीएफ दिनेश उनियाल, आईजी आईटीबीपी एकेडमी गिरीश चंद्र उपाध्याय, जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खण्डेलवाल और एसएसपी श्वेता चौबे मौजूद थे।