सीएम धामी ने चमोली में विकास को नई गति दी, 63 योजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़े के अंतर्गत जनपद चमोली के विकास को नई गति देते हुए विभिन्न विभागों की कुल ₹ 155.36 करोड की 63 विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹ 113.99 करोड़ की 36 विकास योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹ 41.37 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, पशुपालन, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चमोली जनपद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार जनपद के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया उनमें ₹ 4.34 करोड़ से जोशीमठ-नीति मार्ग के जुग्जू में स्टील ट्रस पुल, ₹9.62 करोड़ से लंगसी-द्वींग-तपोवन-लांजी-पोखनी मोटर मार्ग पर 78 मीटर लोह सेतु, ₹85.24 लाख से मैहलचौरी-सिलंगना घनियाली मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण, ₹2.20 करोड़ से चांदनीखाल-रड़वा-काण्डई-रेंसू मोटर मार्ग विस्तार, ₹2.57 करोड़ से विशालखाल-देवीखेत-बांमेश्वर मोटर मार्ग, ₹2.51 करोड़ से नन्दानगर की 13 पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार, ₹3.40 करोड़, ₹4.08 करोड़, ₹4.59 करोड़, ₹2.16 करोड़, ₹1.83 करोड़, ₹3.52 करोड़ एवं ₹6.83 करोड़ की विभिन्न बाढ़ सुरक्षा योजनाएं, ₹2.60 करोड़ से डायट गौचर अनुरक्षण, ₹4.36 करोड़ से मॉडल राजकीय पशु चिकित्सालय नन्दप्रयाग, ₹98.45 लाख से पशु चिकित्सालय तलवाड़ी, ₹3.03 करोड़ से सेम-तोप में सामुदायिक भवन एवं पार्किंग, ₹2.88 करोड़ से राइंका उज्ज्वलपुर भवन, ₹3.20 करोड़ से नन्दानगर पार्किंग, ₹4.05 करोड़ से गोगनापानी-भडूड़ा मोटर मार्ग, ₹4.71 करोड़ से गोपेश्वर-पोखरी-बछेर मोटर मार्ग, ₹3.32 करोड़ एवं ₹2.33 करोड़ से स्टील गर्डर सेतु, ₹6.99 करोड़ से नौटी-चौण्डली-ल्यूथा मार्ग, ₹7.42 करोड़ से हरनीचक-मुन्दोली मार्ग, ₹9.36 करोड़ से थराली-घाट (डुंग्री) मार्ग, ₹3.50 करोड़ से लौहाजंग-वॉक मार्ग तथा ₹1.95 करोड़ एवं ₹2.00 करोड़ से तेलाण मार्ग पर स्टील गर्डर सेतु सहित शिक्षा, सिंचाई, पशुपालन एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी अन्य योजनाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें ₹1.42 करोड़ से गैरसैंण मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, ₹2.71 करोड़ से सेमी-मासों मोटर मार्ग, ₹2.34 करोड़ से हापला-गुड़म-नैल-नौली मोटर मार्ग, ₹1.15 करोड़ से नंदासैंण-मालई मोटर मार्ग का डामरीकरण, ₹50-50 लाख से बीपीएचयू पोखरी एवं जिला चिकित्सालय चमोली में डीआईपीएचएल भवन, विभिन्न विद्यालयों में ₹21.84 लाख से ₹26.77 लाख की लागत से पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशालाएं, ₹3.50 करोड़ से बैरागना ट्राउट इंडोर हैचरी, ₹2.45 करोड़ से स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में दो कोर्ट का बैडमिंटन हॉल, ₹40.50 लाख से कल्पेश्वर पाथवे एवं आर्क ब्रिज, ₹30 लाख से पाण्डुकेश्वर बहुउद्देशीय सहकारी समिति भवन, ₹5.63 करोड़ से तेफना-कण्डारा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, ₹9.32 करोड़ से कुलसारी-गैरवारम मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा ₹7.75 करोड़ से लोल्टी-मालबज्वाड़-पास्तोली मोटर मार्ग शामिल है। इन योजनाओं से जनपद में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, मत्स्य पालन एवं आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

इस मौके पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

सेवा पखवाड़ा जनसेवा शिविरों में 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त, अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा, सुशासन एवं समर्पण तथा श्जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों, जनसमस्या निवारण शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ने गांव-गांव पहुंचकर आमजन को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया तथा प्राप्त जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, राजस्व, शिक्षा, श्रम, सेवायोजन, आयुष, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर नागरिकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया। अनेक स्थानों पर स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, पेंशन, रोजगार, कृषि सहायता, महालक्ष्मी किट, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।

हरिद्वार जनपद के नारसन में आयोजित शिविर में 264 नागरिकों ने सहभागिता की तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। यहां 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। चम्पावत जनपद के रेगड़ू में आयोजित शिविर में 359 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया तथा 51 आवेदन प्राप्त हुए। टिहरी जनपद के प्रतापनगर में महिला, युवा एवं सैनिक कल्याण विषय पर आधारित जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। उत्तरकाशी के पुरोला में 290 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया तथा प्राप्त सभी 5 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। पौड़ी जनपद के थलीसैंण में 169 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। नैनीताल के कोटाबाग में आयोजित विशाल जनकल्याण शिविर में 510 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला तथा 250 शिकायतों में से 190 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। यहां मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 16 लाभार्थियों को लगभग 13 लाख रुपये के चेक तथा पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गई। चमोली के दशोली में 174 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया तथा प्राप्त 26 शिकायतों में से 18 का तत्काल समाधान किया गया। चमोली के ग्वालदम में 42 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। ऊधम सिंह नगर के जसपुर में 54 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 38 का तत्काल निस्तारण किया गया तथा स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, समाज कल्याण एवं अन्य विभागों द्वारा बड़ी संख्या में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 2,366 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों के दौरान 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 257 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, प्रमाण-पत्र निर्माण, कृषि एवं उद्यान सहायता, स्वरोजगार योजनाओं का लाभ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पंजीकरण तथा विभिन्न जनसेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों में सांसदों, विधायकों, राज्य मंत्रियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र नागरिक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि श्जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारश् अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनसेवा शिविर केवल योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं तथा इसी भावना के साथ राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, प्रदेशभर में हजारों नागरिकों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा, सुशासन एवं समर्पण तथा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर, थीम आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम एवं विकास प्रदर्शनी का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करते हुए हजारों नागरिकों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जनपदों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आमजन ने प्रतिभाग किया। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, शिक्षा, राजस्व, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष, सेवायोजन, दुग्ध विकास, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, आधार एवं प्रमाण-पत्र निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महालक्ष्मी किट वितरण, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन एवं डेयरी योजनाएं, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति, किसान योजनाएं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं एवं शिकायतों का बड़ी संख्या में मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

विभिन्न जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जनप्रतिनिधियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से संवाद किया और विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

शिविरों में उद्योग एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने, कृषि एवं पशुपालन में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा किसानों एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित योजनाओं का विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया गया। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया तथा लाभार्थियों ने योजनाओं से प्राप्त लाभ के अपने अनुभव साझा किए।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा भी विभिन्न जनपदों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री एवं ष्मेरी योजनाष् पुस्तिका का वितरण कर नागरिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रदेशभर में आयोजित इन जनसेवा शिविरों के माध्यम से लगभग 5,300 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा 4,470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में 415 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

अल्मोड़ा में लगभग 1300, बागेश्वर में 205, उत्तरकाशी में 185, पौड़ी में 128, चमोली के कर्णप्रयाग में 200 से अधिक, कनोल में 150 से अधिक, चम्पावत में 440, हरिद्वार में 1130 प्रतिभागियों (386 लाभार्थियों), नैनीताल में 510 तथा ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150 प्रतिभागियों (951 लाभार्थियों) ने विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ष्सेवा, सुशासन एवं समर्पणष् केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों का समय, श्रम और धन बच रहा है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

जनता दरबार अभियान से प्रशासनिक व्यवस्था बनी और अधिक सुलभ और पारदर्शी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या एवं शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से आम जन को राहत मिली है तथा प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुगम और पारदर्शी हुई है। इस अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हैली सेवा के विस्तार के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिए है। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टी से हैली सेवा शुरू होगी। दोनों हवाई पट्टी सेना के माध्यम से संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। सरकार ने यात्रा की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ताकि यात्री, श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा शुरू कराने में समन्वयक के रूप में है जबकि असली यात्रा शुरू कराने में स्थानीय हितधारक, तीर्थ पुरोहित, होटल,टैक्सी, मैक्सी स्थानीय लोग है।

मुख्यमंत्री ने कहा की आज पूरी दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है उसमें उत्तराखंड भी अपना महत्वपूर्ण रूप से योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि हमारी बहनों द्वारा उत्पादित उत्पादों की देश ही नही बल्कि दुनिया में पहचान मिल सके जिसके लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं द्वारा जो भी उत्पाद बनाये जा रहे है उसकी देश और दुनिया में मांग बढ़ी है। इस दिशा में राज्य सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक लखपति दीदियों को सशक्त किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की मांग पर सीएचसी चिन्यालीसौड़ एवं महाविद्यालय का उच्चीकरण को सीएम घोषणा में सम्मिलित करने का आश्वसन दिया।

मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जन-जन की सरकार,जन जन के द्वार अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया है। जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा 40 हजार से अधिक नागरिकों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के निस्तारण के लिए संयुक्त टीमें गठित कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। जिनका निस्तारण नही किया जा सका उन्हें ऑनलाइन कर नियमित रूप से फॉलोअप करते हुए उनका निस्तारण किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनन्द वर्द्धन, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, प्रताप पंवार, गीताराम गौड़, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. स्वराज विद्वान, ब्लाक प्रमुख रणबीर सिंह महंत, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार बना उत्तराखंड में सुशासन का मजबूत मॉडल, लाखों शिकायतों का त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सशक्त प्रशासनिक इच्छाशक्ति का परिणाम है कि उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम आज गुड गवर्नेंस का सशक्त और भरोसेमंद मॉडल बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँच रही है और समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 03 फरवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 555 कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें से 548 कैंप पूर्व में तथा 7 कैंप आज आयोजित हुए। इन कैंपों के माध्यम से कुल 4,36,391 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जिनमें 4,33,681 व्यक्ति पूर्व में तथा 2,810 व्यक्ति आज शामिल हुए।

*लाखों शिकायतों का समाधान, सुशासन की मिसाल*

इन जनसुनवाई कैंपों में नागरिकों द्वारा कुल 43,032 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 42,604 पूर्व में तथा 428 आज प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट नीति और प्रशासन की तत्परता के चलते इनमें से 29,042 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जिसमें 28,721 पूर्व में तथा 321 शिकायतें आज ही निस्तारित की गईं।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य सरकार केवल सुनवाई तक सीमित नहीं, बल्कि समाधान की जिम्मेदारी भी पूरी गंभीरता से निभा रही है।

*प्रमाण पत्र, योजनाएं और त्वरित सेवाएं – सरकार आपके द्वार*

कैंपों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं भी तत्काल उपलब्ध कराई गईं। अब तक 61,460 से अधिक प्रमाण पत्र/सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें 61,064 पूर्व में तथा 408 सेवाएं आज दी गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 2,39,766 नागरिकों को लाभान्वित किया गया, जिनमें 2,37,050 पूर्व में तथा 1,816 लोग आज लाभान्वित हुए।

*महिलाओं को विशेष लाभ, पहाड़ की महिलाओं तक पहुँची सरकार*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गुड गवर्नेंस की सोच का सबसे सशक्त प्रभाव महिला सशक्तिकरण के रूप में सामने आया है। दूरस्थ, दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए ये कैंप आशा की नई किरण बने हैं। महिलाओं को प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में इन कैंपों ने अहम भूमिका निभाई।

पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएं, जिन्हें पहले जिला या तहसील मुख्यालय तक पहुँचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, अब अपने ही गांव में सेवाएं प्राप्त कर रही हैं। महिला लाभार्थियों की शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जा रहा है, जिससे उनमें प्रशासन के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

*हर जनपद में प्रभावी क्रियान्वयन*

अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी—राज्य के सभी जनपदों में इस कार्यक्रम का संतुलित और प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है।
हर क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासन ने समाधान उपलब्ध कराए हैं, जो मुख्यमंत्री की “समस्या-केंद्रित शासन प्रणाली” को दर्शाता है।

*गुड गवर्नेंस का मजबूत मॉडल*

‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम यह सिद्ध करता है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में: सरकार जवाबदेह है,
प्रशासन जनता के साथ खड़ा है, नीतियां कागजों से निकलकर जमीन पर उतर रही हैं |

यह कार्यक्रम न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम है, बल्कि लोकतांत्रिक सहभागिता, पारदर्शिता और संवेदनशील शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण भी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल उत्तराखंड को गुड गवर्नेंस के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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“ *उत्तराखंड में हमारी सरकार का संकल्प है कि शासन केवल सचिवालय तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम व्यक्ति के द्वार तक पहुँचे। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है।*

*इन कैंपों के माध्यम से लाखों नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ है और विशेष रूप से दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को सीधी प्रशासनिक सहायता मिली है।*

*महिलाओं को प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराना हमारी गुड गवर्नेंस की प्राथमिकता है।*

*हमारी सरकार संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से उत्तराखंड को सुशासन का आदर्श राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

उत्तराखंड में जनकल्याण अभियानों की बड़ी सफलता, एक ही दिन में 14 कैंप और 6,368 प्रतिभागी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप राज्य में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा एवं जागरूकता अभियानों को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। सरकार की सक्रिय नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के चलते प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे कैंपों के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

आज प्रदेश में 14 कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,368 नागरिकों ने सहभागिता कर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया। यह आंकड़े सरकार की जनहितकारी योजनाओं की स्वीकार्यता और प्रशासन की कार्यक्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

यदि अद्यावधि (अब तक) की बात की जाए तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कुल 474 कैंपों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 3,77,358 नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं, सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ उठाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुँचाना है। कैंपों के माध्यम से न केवल सेवाओं का त्वरित निस्तारण हो रहा है, बल्कि आम जनता को सरकार से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे अभियानों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाया जाए, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से पहुँच सके।

यह उपलब्धि स्पष्ट करती है कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा, पारदर्शिता और सुशासन के संकल्प पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

नजरिया: सीएम धामी के नेतृत्व में एक ही दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंची सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, त्वरित सेवा-प्रदान और जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मॉडल बनकर सामने आया है। यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शासन को वास्तव में जन-केन्द्रित बना रहा है।

आज 20 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 408 जनसेवा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। केवल आज के दिन 13 नए शिविरों का आयोजन कर सरकार ने अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया। इन शिविरों में अब तक 3,30,461 नागरिकों ने प्रतिभाग किया है, जिनमें आज 7,876 नागरिकों की सीधी भागीदारी रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल को जनता का व्यापक विश्वास और समर्थन प्राप्त हो रहा है।

शिविरों के माध्यम से अब तक 33,529 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 22,675 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल आज के दिन ही 783 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए और 502 मामलों का समाधान मौके पर अथवा संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित किया गया। यह त्वरित निस्तारण सरकार की प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही का प्रमाण है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43,975 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें आज 659 नए आवेदन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 1,79,169 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है, जिनमें आज 3,911 नए लाभार्थी जुड़े। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर वास्तव में जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

जनपदवार आंकड़े बताते हैं कि देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल सहित सभी पर्वतीय और मैदानी जिलों में इस अभियान को समान उत्साह के साथ अपनाया गया है। शिविरों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति इस बात को सिद्ध करती है कि सरकार की यह पहल जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उनका मानना है कि जब सरकार स्वयं जनता के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनती है और समाधान करती है, तो शासन के प्रति विश्वास स्वतः मजबूत होता है।

उत्तराखंड सरकार का यह अभियान राज्य में सुशासन की नई कार्यसंस्कृति को स्थापित कर रहा है, जहां संवाद, समाधान और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आने वाले समय में भी और अधिक व्यापक रूप में जारी रहेगा तथा उत्तराखंड को जनकल्याण और सुशासन के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

सीएम धामी के नेतृत्व में 3.22 लाख से अधिक नागरिकों को मिला सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसेवा का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सभी 13 जनपदों में लगातार जनसेवा शिविरों का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके द्वार पर सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के तहत आज 19 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में कुल 395 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 3 लाख 22 हजार 585 से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया। इन शिविरों के माध्यम से कुल 32 हजार 746 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 22 हजार 173 मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े राज्य सरकार की संवेदनशीलता, प्रशासनिक तत्परता और जनसमस्याओं के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

शिविरों के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों तथा अन्य शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43 हजार 418 आवेदन प्राप्त हुए, वहीं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से 1 लाख 75 हजार 258 नागरिकों को सीधे लाभान्वित किया गया। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस सोच को साकार करती है, जिसमें शासन को जनता के निकट लाकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है।

जनपदवार आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जनपदों में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई। अकेले देहरादून जनपद में 41,889 नागरिकों ने शिविरों में सहभागिता की, जबकि हरिद्वार में 64,686 लोगों ने इस पहल का लाभ उठाया। उधम सिंह नगर में 24,421 तथा अल्मोड़ा में 24,771 नागरिकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के साथ सरकार के विश्वास का सेतु है। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचती है, तो न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि शासन के प्रति जनविश्वास भी सुदृढ़ होता है।

राज्य सरकार का यह अभियान उत्तराखंड में सुशासन की एक नई कार्यसंस्कृति को स्थापित कर रहा है, जिसमें संवाद, समाधान और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेगा और उत्तराखंड को जनकल्याण के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

सीएम धामी की जनसेवा पहल का लाभ लेने प्रत्येक शिविर में पहुंच रहे सैकड़ों लोग

उत्तराखण्ड सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता के बीच ले जाने का एक विस्तृत और प्रभावी प्रयास शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में 17 दिसंबर 2025 से यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में प्रदान करना और जनसमस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

यह अभियान 45 दिनों तक सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस दौरान सैंकड़ों शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याएँ प्रस्तुत की हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित शिकायतों को संबंधित विभागों द्वारा शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम के तहत नागरिकों को सरकारी प्रमाण पत्रों के लिये आवेदन, सामाजिक सुरक्षा व आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ और रोजगार तथा आजीविका से जुड़ी सेवाएँ सीधे प्राप्त हो रही हैं। अभियान में अब तक लाखों नागरिकों ने भाग लिया है तथा सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ लिया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी अनेक जगहों पर जाकर जनसेवा के इस अभियान का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। सीएम कार्यालय स्तर से पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

*राज्य सरकार की ये पहल सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेही का मॉडल है। सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी को सरकारी सेवाओं के लिये कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार जाए एवं समस्याओं का समाधान करे। इस प्रक्रिया से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है तथा लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और सकारात्मक भावना बढ़ी है। यह अभियान उत्तराखण्ड में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

प्रशासन को ग्रामीणों के द्वार पर भेजकर जन-समस्याओं के निस्तारण एवं सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की मुहिम की मौके पर जाकर की पड़ताल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के क्रियान्वयन की जमीनी पड़ताल के लिए आज देहरादून जिले के अंतर्गत रायपुर ब्लॉक के खैरीमान सिंह में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय शिविर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में जन-समस्याओं के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और अभियान के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर की गई व्यवस्थाओं को परखा। इस अवसर पर 102 दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है, इसलिए इस अभियान को पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रभावशीलता के साथ संचालित किया जाना जरूरी है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा, ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरि गिरि, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।