कुंभ महापर्व में स्नान करेगी बाबा महाकाल की पालकी

हरिद्वार में होने जा रहे कुम्भ महापर्व 2021 में उज्जैन से 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल की दिव्य पालकी भी शामिल होगी।

यह जानकारी देते हुए श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतिय शोभायात्रा समिति प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने बताया कि देवडोली समिति के तत्वावधान में तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय उत्तराखंड सरकार के सहयोग तथा सहभागिता से आयोजित होने वाले भव्य एवं दिव्य कुम्भ स्नान एवं शोभायात्रा में राजाधिराज बाबा महाकाल की दिव्य रजत पालकी प्रथम बार शामिल होने जा रही है।

रमेश चंद्र शर्मा एवं विश्वजीत सिंह राठौर के नेतृत्व में पुजारी सहित 15 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल 24 अप्रैल को हरिद्वार पहुँचेगा।

चैत्र शुक्ल त्रयोदशी सर्वार्थ अमृत सिद्धयोग रविवार 25 अप्रैल 2021 को दक्ष प्रजापति कनखल से हर की पैड़ी तक समस्त डोलियों के साथ सेमनागराजा भगवान श्रीकृष्ण जी तथा परम् वैकुण्ठ धाम श्री बद्रीनाथ जी के ध्वज के नेतृत्व में पर्वतीय क्षेत्र के पारम्परिक वाद्य यंत्र, ढोल-दमाऊ, रणसिंहा आदि के साथ भव्य शोभायात्रा निकलेगी। समिति के परमाध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी के संयोजन में शोभायात्रा ब्रह्मकुंड में स्नानोपरांत पंतदीप के पंडाल में एकत्र होगी। जहां बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का दिव्य दर्शन व पूजन सन्त महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं प्रशासन द्वारा किया जायेगा।

हरिद्वार के 32 स्कूलों के अवस्थापना सुविधाओं एवं रुपांतरण के लिए हुए एमओयू हस्ताक्षरित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद हरिद्वार में राजकीय विद्यालय अंगीकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार डॉ. आनन्द भारद्वाज एवं रिलेक्सो फाउण्डेशन के गंभीर अग्रवाल के मध्य जनपद हरिद्वार के 32 स्कूलों के अवस्थापना सुविधाओं एवं रुपांतरण के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढ़ांचे और शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से जनपद हरिद्वार में कॉर्पोरेट सेक्टर गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से राजकीय विद्यालय अंगीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा हरिद्वार जनपद को आकांक्षी जिला घोषित किया गया है। प्रमुख संकेतकों द्वारा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिला प्रशासन हरिद्वार द्वारा स्कूलों में शिक्षा और बुनियादी ढ़ाचे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इस पहल से शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में केपीआई में लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं इसके लिए उठाये जा रहे कदमों पर ध्यान दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंगीकरण कार्यक्रम से स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से प्रारम्भ हो रहा यह अभियान सबको गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में निश्चित रूप से मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की बेहतरी के लिये कार्ययोजना बनायी गयी है। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिये राज्य के प्रत्येक ब्लाक में 2-2 अटल आदर्श विद्यालय स्थापित किये जाने की योजना है।

जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर ने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रथम चरण में जनपद के 939 सरकारी स्कूलों को विभिन्न कॉर्पोरेट समूहों द्वारा अपनाया जाना है। जिसमें जिसमें 666 प्राथमिक, 170 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 68 माध्यमिक और 35 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में बदलने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर के तहत कॉरपोरेट समूहों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर सचिव नीरज खेरवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार डॉ. आनन्द भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एच.पी. विश्वकर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक वी.एस. चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।

महाकुंभ को लेकर केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन, अधिक पढ़ें…

केंद्र सरकार ने महाकुंभ को लेकर अपनी गाइडलाइंस जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मेले में ऐसे हेल्थ केयर वर्कर को ही ड्यूटी पर तैनात करें, जिन्हें वैक्सीन दे दी गई हो। साथ ही कुंभ मेले में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं

करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक महाकुंभ में आने वाले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके साथ ही कोरोना नेगेटिव मेडिकल सर्टिफिकेट लाना भी जरूरी होगा। गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को महाकुंभ में नहीं आने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि, धर्मनगरी हरिद्वार को महाकुंभ के लिए खूब सजाया और संवारा जा रहा है। जगह-जगह दीवारों पर पेंटिंग्स की जा रही हैं, सड़कों का निर्माण हो रहा है। संत-महात्माओं के लिए टेंटों की व्यवस्था की जा रही है और अब ये भी माना जा रहा है कि 27 फरवरी से कुंभ की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में प्रशासन के पास महीने भर का वक्त बचा है और कई काम अधूरे भी पड़े हैं।

देवडोलियों के आयोजन को लेकर हुई बैठक

श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति द्वारा कुंभ महापर्व 2021 में देव डोलियों के दिव्य,भव्य एवं सुरक्षित स्नान व शोभायात्रा के आयोजन को लेकर बैठक हुई। इस दौरान देवी देवताओं के आमंत्रण को लेकर दायित्व बांटे गए।

भरत मंदिर, झण्डा चैक में आयोजित बैठक की शुरूआत स्वस्ति वचन से हुई। महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में मङ्गल गीत प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के परमाध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गॉंववासी ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारी आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। जो हमारी सांस्कृतिक विरास्त एवं लोकपरम्परा को संरक्षित रखें हुए है। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्यक्रम को हमने दिव्य एवं अविस्मरणीय बनाना है। उपाध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल ने सभी प्रतिनिधियों को उनके दायित्व की जानकारी दी।

संजय शास्त्री, दीप शर्मा (पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष) ने कहा कि योगनागरी ऋषिकेश व धर्मनगरी हरिद्वार में होने वाले महा उत्सव को से ऐतिहासिक बनाया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने किया।

बैठक में सभी ने तय किया कि कोविड-19 को देखते हुए मास्क, सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया जायेगा। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों से पधारे प्रतिनिधियों को दायित्व सौपते हुए देवी देवताओं के आमंत्रण हेतु गजेन्द्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़ एवं द्वारिका प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया। जो टिहरी, उत्तरकाशी, प्रतापनगर, पौड़ी, चकरोता, रुद्रप्रयाग, चमोली, कोटद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा आदि के देवस्थानों पर जाकर संपर्क करेगी। मांगलिक गीत की सुंदर प्रस्तुति दर्शनी भंडारी,शशि कण्डारी, सुरेश उनियाल एवं मीना मंदवाण ने दी।

श्रीभरत मंदिर के महंत वत्सल महाराज व हर्षवर्धन शर्मा ने 24 अप्रैल को आगन्तुक देवडोली का श्री भरत मन्दिर परिवार द्वारा मंदिर प्रंगङ्ग में सम्मान व स्वागत की सहमति प्रदान की।
बैठक नागेन्द्र गिरी महाराज, कुँवर ठाकुर भवानी प्रताप, पूर्व राज्यमंत्री उषा रावत, आशाराम व्यास, रंगकर्मी बलदेव राणा, हर्षमणी व्यास, लक्ष्मी प्रकाश सेमवाल,पुष्पा ध्यानी, विजयपाल रांगड़, सुनील कोठियाल, आशीष कुकरेती आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सरोज डिमरी, विमला रावत, बी सी पंत, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल, उषा भंडारी,सूरत सिंह रौतेला, रमेश पैन्यूली, सुरेंद्र भंडारी, निर्मला शर्मा, विनय उनियाल,विशाल मणि पैन्यूली, विजय प्रसाद मैठानी, यतेंद्र कंडियाल आदि उपस्थित थे।

कुंभ मेला की समीक्षा कर सीएम ने दिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज कुंभ मेला की समीक्षा की और अधिकारियों अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाय। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाय। स्वच्छता अभियान में स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं एवं जनता का सहयोग भी लिया जाय। कोविड-19 के मानकों का पूर्णतः पालन कराया जाय। जनवरी के अन्त तक स्थाई प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण किये जाए। कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कुंभ के दृष्टिगत व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वच्छ, सुन्दर एवं सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए मेला प्रशासन के साथ सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। मेला क्षेत्र में मास्क एवं सेनेटाइजर की उचित व्यवस्था की जाए। कोविड से सतर्कता के लिए भी मेला एवं जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाय। अस्थाई प्रकृति के अवशेष कार्यों को भी जल्द पूर्ण किया जाय एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य भी समय से पूर्ण किए जाए। आगामी कुंभ पर्वों में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। इसके दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं पहले से ही योजना बनाकर तैयार रखी जाय।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुंभ मेला श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि कुभ मेला में राष्ट्रीय एवं प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आस्था से संबंधित विभिन्न पक्षों को सामने लाया जायेगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये कि दिव्य एवं भव्य कुंभ के आयोजन के संबंध में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाय।
शासन स्तर पर कुंभ मेले की जानकारी देते हुए सचिव नगर विकास शैलेश बगोली ने कहा कि कुंभ मेले से संबधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस संबंध में स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष तत्काल निर्णय लेते हुए बजट आंवटित किया जा रहा है।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि स्थाई प्रकृति के अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं, अवशेष कार्य जल्द पूर्ण हो जायेंगे। सड़क एवं पुलों से संबधित अधिकतर कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी आवश्यक कार्य जल्द पूर्ण किये जायेंगे।

बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, डॉ. पंकज पाण्डेय, एस.ए. मुरूगेशन, आईजी मेला संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

हरिद्वार में मकर संक्रांति पर बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगा प्रवेश

हरिद्वार। मकर संक्रांति पर्व पर हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की अवधि की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।

श्रद्धालुओं की भीड़ की संभावना के मद्देनजर मेला पुलिस-प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों का रूट प्लान जारी करने के साथ पार्किंग स्थल भी निर्धारित कर दिए हैं। शहर में वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में रूट डायर्वजन भी लागू किया जाएगा।

भीड़ के सामान्य रहने पर पास धारक एवं गंगा सभा का परिचय पत्र धारक व्यक्ति उपरोक्त प्लान के विपरीत दिशा में भी जा सकेंगे। सामान्य परिस्थितियों में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट प्लान 13 जनवरी दोपहर 12 बजे से 15 जनवरी की दोपहर दो बजे तक लागू रहेगा। आवश्यक सेवाओं में दूध, तेल, गैस आदि के ट्रक एवं टैंकर पर यह प्रतिबंध नहीं होगा।

मकर संक्रांति को लेकर एसओपी जारी

मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की अवधि की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि राज्य सीमा पर श्रद्धालुओं को रोका नहीं जाएगा। बार्डर में पूर्व की तरह केवल रैंडम सैंपलिंग व्यवस्था ही होगी। ऐसे में कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर प्रशासन स्वयं असमंजस से घिरा नजर आ रहा है।

डीएम सी. रविशंकर ने मकर संक्रांति के स्नान पर्व को लेकर एसओपी जारी कर दी। होटल, धर्मशाला, आश्रम गेस्ट हॉउस प्रबंधन को श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग करना अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओें के लिए दो गज की दूरी और मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा।

वहीं कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पूर्व की तरह स्नान पर्व के दिन भी बार्डर पर रैंडम सैंपलिंग की जाएगी।

बताया कि श्रद्धालुओं से कोविड की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपार्ट लाने की अपेक्षा की गई है, जिसकी अवधि पांच दिन निर्धारित होगी। डीएम ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को रोका नहीं जाएगा, लेकिन अगर कोविड रिपोर्ट न लाने का मामला संज्ञान में आता है तो कार्रवाई की जाएगी।

20 जनवरी तक कुंभ से संबंधित वित्तीय स्वीकृति आदेश निर्गत किए जाएंः मुख्य सचिव


मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में आज कुम्भ मेले से सम्बन्धित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। उन्होंने सख्त निर्देश दिये कि कुम्भ कार्यो से सम्बन्धित वित्तीय स्वीकृति के आदेश 20 जनवरी तक निश्चित रूप से निर्गत कर दिये जाएं। उन्होंने धीमी गति से चल रहे कार्यों में तेजी लाते हुए जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ, जिन कार्यों के जी.ओ. अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 20 जनवरी तक जारी किए जाने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम हरिद्वार में अपर मुख्य नगर आयुक्त सहित लेखपाल एवं कानूनगो आदि की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में पार्किंग निविदा समिति, भू-आबंटन समिति, आई.सी.टी. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हेतु समिति सहित विभिन्न नगर निकायों हेतु स्वच्छता निविदा समितियों के गठन को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक के दौरान मिल्क एण्ड डेरी प्रोडक्ट, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट, होमगार्ड, सूचना आदि विभागों हेतु आवश्यक बजट को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।

सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली ने बताया कि अब तक कुम्भ मेले से सम्बन्धित 749 करोड़ लागत के कुल 166 कार्यों को अब तक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कुम्भ मेला 2021 में कुम्भ मेला की कहानियों का चित्रण, लाईट एण्ड साउण्ड शो, चंडीघाट में आयोजित होने वाले शो और चिर-परिचित आवाज में वॉयस ओवर और बैकग्राउण्ड म्यूजिक आकर्षण का केन्द्र होंगे।

बैठक में महानिदेशक सूचना डॉ0 मेहरबान सिंह बिष्ट द्वारा कुम्भ मेले-2021 में सूचना विभाग द्वारा किये जाने वाले मीडिया सेन्टर की स्थापना, संचालन, अनुरक्षण एवं प्रचार प्रसार से सम्बन्धित कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, नितेश कुमार झा, सौजन्या, प्रभारी सचिव शहरी विकास विनोद कुमार सुमन एवं आई0जी0 कुम्भ मेला संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

कुंभ मेला2021ः सर्विलांस सिस्टम व एसडीआरएफ के लिए सीएम ने स्वीकृत किए 20 करोड़

कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत सर्विलांस सिस्टम के अधिष्ठान तथा एसडीआरएफ हेतु मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 20 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही जनरल टैंटेज कार्य हेतु 11 करोड़ 91 लाख की स्वीकृति के साथ ही प्रथम किस्त के रूप में 4 करोड़ 77 लाख की स्वीकृति प्रदान की, तथा नगर निगम ऋषिकेश में सॉलिड वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य हेतु 2 करोड़ 89 लाख की स्वीकृति के साथ ही प्रथम किस्त के रूप में 1 करोड़ 16 लाख की धनराशि निर्गत करने की स्वीकृति दी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत 23 सैक्टरों में प्रस्तावित चिकित्सा व्यवस्थाओं के कार्य हेतु 27 करोड़ 43 लाख की स्वीकृति के साथ ही प्रथम किस्त के रूप में 10 करोड़ 97 लाख की धनराशि निर्गत करने की स्वीकृति दी है।

किसानों के व्यापक हित में है कृषि सुधार कानूनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में किसान सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। सीएम ने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में लाये गये कानून है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने का जो भारत सरकार का लक्ष्य प्राप्त करने की ओर यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून के माध्यम से किसानों को स्वतंत्रता प्रदान की गयी है, अब किसान को जहाँ अच्छा मूल्य मिलेगा, वहाँ अपनी फसल बेचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञानी स्वामीनाथन कमीटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कानून बनाये गये हैं जो किसानों के व्यापक हित में हैं। इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गये हैं, पहले केवल मण्डी ही खरीदारी करती थी, आज उसके लिए ओपन मार्केट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी समाप्त करने के सम्बन्ध में किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास हो रहा है जबकि एमएसपी कही भी समाप्त नही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसानों को बरगलाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है, जिसमें 6000 रूपये प्रतिवर्ष किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके साथ ही, एमएसपी पर खरीद को लगातार सुदृघ्ढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य की ओर राज्य सरकार द्वारा भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। किसानों को मण्डी के साथ ही कहीं भी उत्पादों को बेचने की आजादी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने हेतु उनसे लगातार वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी गन्ना मिलों द्वारा गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। धान मूल्य का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से बिल प्राप्त होने के 24 घण्टे के अन्दर किसानों के खाते में जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बन्द पड़ी इकबालपुर शुगर मिल को 36 करोड़ की गारन्टी देकर खुलवाया है ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। राज्य में खाद्य की सब्सिडी दो साल पहले से ही दी जा रही है। किसानों को 03 लाख तक का ऋण बिना ब्याज का दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक यतीश्वरानन्द, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, आदेश चैहान एवं संजय गुप्ता भी उपस्थित थे।

सिद्ध पीठ मंशा व चंडी देवी मंदिर मार्ग को किया जाए सुदृढ़ः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मेला नियंत्रण कक्ष, हरिद्वार में स्वच्छ, सुरक्षित, हरित और भव्य, दिव्य हरिद्वार कुम्भ 2021 के आयोजन के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि कुम्भ के कार्य हर हाल में समय पर पूर्णं कर लिये जाएं, यदि आवश्यकता पड़े तो कार्य में लेबर की संख्या बढाई जाए और शिफ्ट की संख्या भी बढ़ा ली जाए।

लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि कुम्भ क्षेत्र के मठ, मन्दिर, आश्रम, धर्मशाल, अखाड़ा और पेशवाई मार्ग को दुरूस्त कर लिया जाए। इसके साथ ही मंशा देवी और चण्डी देवी मार्ग का सुदढ़ीकरण कर लिया जाए। कुम्भ क्षेत्र के साज-सज्जा और सौंदर्यीकरण के कार्य कुम्भ श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा।

कुम्भ कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाएं रखने को गम्भीरता से लेने को कहा तथा कहा कि कुम्भ के बाद और कुम्भ के दौरान किसी प्रकार के प्रश्न चिह्न उठने की सम्भावना को समाप्त करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेले की बैठक के उपरांत यूपीसीएल के 33-11 के.वी. उपसंस्थान जगजीतपुर-ललतारौ का लोकार्पण किया। कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत हरिद्वार क्षेत्र में अस्थायी सैक्टरों एवं पार्किंग में कुम्भ की विद्युत मांग को देखते हुए तथा वर्तमान उपसंस्थानों का बेहतर लोड मैनेजमेंट करने के लिये 2 नये उपसंस्थान ललतारों एवं जगजीतपुर में बनाये गये हैं।

कुम्भ मेला-2021 में प्रस्तावित कनखल, बैरागी कैम्प सेक्टरों को विद्युत आपूर्ति के लिये आवश्यक अस्थायी विद्युत नेटवर्क की विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों बैरागी कैम्प एवं कनखल-प्प् का लोड कम करने के लिये प्रस्तावित जगजीतपुर उपसंस्थान का निर्माण किया गया है। इससे कुम्भ मेला-2021 में प्रस्तावित रोडीवाला, बेलवाला एवं हर की पैडी सेक्टरों में आवश्यक अस्थायी विद्युत नेटवर्क को विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों लालजीवाला एवं मायापुर का लोड कम करने के लिये एवं बेहतर विद्युत आपूर्ति होगी। यह उपसंस्थान 2 अलग-अलग 132 के0वी0 उपसंस्थानों भूपतवाला एवं ज्वालापुर से निकलने वाले 33 के०वी० फीडरों से पोषित होगा, इस प्रकार अलग-अलग सोर्स से कनेक्टिविटी बनी रहेगी। साथ ही लगभग 4000 वर्तमान निवासरत विद्युत उपभोक्ता इस उपसंस्थान से लाभान्वित होंगे। यह उपसंस्थान प्री-फेब्रिकेटेड पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर आधुनिक तकनीक पर आधारित है। यह आधुनिक क्षमता का तकनीक पर आधारित देवभूमि उत्तराखण्ड के कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार में पहला उपसंस्थान है।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चैहान, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रबन्ध निदेशक यूपीसीएल नीरज खैरवाल, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर उपस्थित थे।